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- पेशावर.। पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस चौकी पर आत्मघाती हमले में कम से कम 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार को बन्नू जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हुई, जहां विस्फोटकों से भरे एक वाहन को पुलिस चौकी की ओर बढ़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने उस पर गोलीबारी की। इसके बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की चपेट में आकर आसपास के कई घरों की छत ढह गईं, पुलिस चौकी की इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई जिससे कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दब गए। विस्फोट के तुरंत बाद उग्रवादियों के एक बड़े समूह ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया और उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से भी गोलीबारी की गई। बन्नू पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस हमले में 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई घायल हैं। हालांकि, हमले में कितने चरमपंथी मारे गए या कोई पकड़ा गया, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी ने इस चरमपंथी हमले की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया। अफरीदी ने कहा कि ''आतंकवाद के विरुद्ध'' यह लड़ाई केवल खैबर पख्तूनख्वा की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने यह भी कहा कि बंद कमरों में लिए गए फैसलों और थोपी गई नीतियों ने देश को असुरक्षा के दल-दल में धकेल दिया है। उन्होंने कहा, ''हम अपने शहीदों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे और आतंकवाद के इस अभिशाप को जड़ से मिटाने तक प्रयास जारी रखेंगे।'' पिछले सप्ताह इसी तरह की एक घटना में, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा के दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र में एक जांच चौकी की ओर विस्फोटक से भरे वाहन में आ रहे एक संदिग्ध चरमपंथी को मार गिराया था। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान सरकार इस क्षेत्र में हिंसा के लिए प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराती रही है.।
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वाशिंगटन. अमेरिका ने अपने राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ''अमेरिकी विदेश मंत्रालय पेशावर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा कर रहा है। खैबर पख्तूनख्वा से राजनयिक संपर्क की जिम्मेदारी अब इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंप दी जाएगी।'' बयान में कहा गया है, ''यह निर्णय हमारे राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'' इसमें यह भी कहा गया है कि पेशावर में प्रत्यक्ष उपस्थिति में बदलाव के बावजूद पाकिस्तान में अमेरिकी प्रशासन की नीतिगत प्राथमिकताएं कायम रहेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका खैबर पख्तूनख्वा के लोगों और अधिकारियों के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक रूप से बातचीत जारी रखेगा। प्रवक्ता ने कहा, ''विदेश विभाग पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास के माध्यम से इस्लामाबाद, कराची और लाहौर में अपने शेष राजनयिक पदों के जरिए अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।''
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बीजिंग. चीन के हुनान प्रांत के लियुयांग शहर में पटाखा कारखाने में विस्फोट में 21 लोग मारे गए और 61 अन्य घायल हो गए। चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, यह विस्फोट सोमवार शाम लगभग पांच बजे गुआंडू टाउनशिप में स्थित 'लियुयांग हुआशेंग फायरवर्क्स एंड मैन्युफैक्चरिंग एंड डिसप्ले कंपनी' में हुआ। विस्फोट के तुरंत बाद आपात एवं अग्निशमन दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इस घटना में घायल हुए 61 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अन्य देशों के पोतों को सुरक्षित निकालने में सोमवार से मदद करेगी। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से सख्ती से निपटा जाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का उद्देश्य उन विदेशी पोतों की मदद करना है जो पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम से किसी भी तरह जुड़े नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि इनमें से कई पोतों में भोजन, पेयजल और अन्य उन सभी आवश्यक चीजों की कमी हो रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने साथ ही कहा कि उनके प्रतिनिधियों की ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है जिससे ''सभी के लिए सकारात्मक'' परिणाम निकल सकता है। 'यूएस सेंट्रल कमांड' (सेंटकॉम) ने एक बयान में कहा, ''राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत उन वाणिज्यिक पोतों की मदद की जाएगी जो इस अहम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग से स्वतंत्र रूप से गुजरना चाहते हैं। दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक-चौथाई हिस्सा और ईंधन एवं उर्वरक उत्पादों की बड़ी मात्रा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है।'' सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, ''क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इस रक्षात्मक अभियान में हमारा सहयोग जरूरी है। इसके साथ ही हम नौसैनिक नाकेबंदी भी बनाए हुए हैं।'' 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में अमेरिका की सैन्य सहायता के तहत निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत, जमीन एवं समुद्र से संचालित हो सकने वाले 100 से अधिक विमान और 15,000 सैन्यकर्मी शामिल होंगे। ओमान और ईरान के बीच स्थित संकरा समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य 28 फरवरी से बंद है। इसी दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था जिसके बाद युद्ध शुरू हुआ। ट्रंप ने कहा, ''पोतों की आवाजाही का मकसद केवल उन लोगों, कंपनियों और देशों को राहत देना है जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। वे परिस्थितियों के शिकार हैं। यह अमेरिका, पश्चिम एशियाई देशों और खासकर ईरान की ओर से एक मानवीय पहल है।'' उन्होंने कहा, ''हमने इन देशों से कहा है कि हम उनके पोतों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित बाहर निकालेंगे ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना कामकाज आगे बढ़ा सकें।'' ट्रंप ने कहा, ''अगर इस मानवीय प्रक्रिया में किसी भी तरह से हस्तक्षेप किया गया तो दुर्भाग्य से उससे सख्ती से निपटना पड़ेगा।'' अमेरिकी समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' ने खबर दी कि अमेरिका ने ईरानी अधिकारियों के नवीनतम प्रस्ताव के जवाब में युद्ध समाप्त करने के समझौते के लिए रविवार को एक और संशोधित मसौदा भेजा। -
वाशिंगटन. अमेरिका ने चीन स्थित एक कच्चे तेल टर्मिनल संचालक पर ईरानी संस्थाओं से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी अन्य ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तेहरान को कोई ''शुल्क'' दिया, तो उसे भी ऐसे ही परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ''अमेरिका ईरान के अवैध तेल व्यापार को बाधित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। यह व्यापार ईरानी शासन की आय का मुख्य स्रोत है, जिससे आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता को वित्तीय मदद मिलती है।'' पिगॉट ने कहा कि मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में शामिल कई संस्थाओं, एक व्यक्ति और एक पोत पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस कार्रवाई के तहत चीन स्थित पेट्रोलियम टर्मिनल संचालक क्विंगदाओ हाइये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड को निशाना बनाया गया है। इस कंपनी ने करोड़ों बैरल प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल का पिछले साल फरवरी से आयात किया है। अमेरिका ने चीनी नागरिक और क्विंगदाओ हाइये के अध्यक्ष शिंगचुन ली तथा दो पोत प्रबंधन कंपनियों-ब्रिटेन स्थित थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल और हांगकांग स्थित ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड-पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
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लंदन. मैडम तुसाद संग्रहालय ने इस सप्ताह अपने लंदन मुख्यालय में 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' नाम से एक उत्सव की शुरुआत की, जिसमें सिनेमा और क्रिकेट जगत की भारतीय हस्तियों के मोम के पुतलों को एक साथ प्रदर्शित किया गया। सीमित समय के लिए आयोजित यह प्रदर्शनी में भारतीय अभिनेताओं और क्रिकेटरों की मोम की 13 मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। मई और जून के महीनों के लिए, इस क्षेत्र को भारतीय संस्कृति से प्रेरित एक जीवंत स्थान में रूपांतरित किया गया है, जहां आगंतुक अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर सहित कुछ सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों की मोम की मूर्तियों को करीब से देख सकते हैं। मैडम तुसाद लंदन संग्रहालय के महाप्रबंधक स्टीव ब्लैकबर्न ने कहा, ''बॉलीवुड की वैश्विक अपील बहुत बड़ी है और भारतीय सिनेमा और क्रिकेट के प्रति लंदन का प्यार हर साल और मजबूत होता जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' के साथ, प्रशंसकों को उनके पसंदीदा सितारों के और भी करीब लाया जा रहा है। ब्लैकबर्न ने कहा, ''हम मेहमानों को इस जादुई दुनिया में कदम रखने, अविस्मरणीय पलों को कैद करने और वैश्विक मनोरंजन और खेल जगत को आकार देने वाले दिग्गजों का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करते हुए रोमांचित हैं।'' ब्लैकबर्न ने इस प्रदर्शनी को 'वास्तव में एक वैश्विक उत्सव' करार दिया। उन्होंने ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए कुछ मोम के पुतलों को मैडम तुसाद के अन्य संग्रहालयों से विशेष तौर पर लाया गया है, जिनमें बैंकॉक से लाई गई विराट कोहली की और न्यूयॉर्क से लाई गई ऐश्वर्या राय की मूर्ति शामिल हैं। 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' प्रदर्शनी में प्रशंसक दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह से लेकर प्रियंका चोपड़ा जोनास, ऋतिक रोशन, कैटरीना कैफ और माधुरी दीक्षित तक अपने पसंदीदा सितारों की मोम की प्रतिमा देख सकते हैं और उनके साथ तस्वीर खिंचवा सकते हैं। प्रदर्शनी के लिए रणबीर कपूर और तेलुगु सिनेमा की स्टार काजल अग्रवाल के मोम के पुतले क्रमश: न्यूयॉर्क और सिंगापुर के मैडम तुसाद संग्रहालय से यहां लाए गए हैं। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस प्रदर्शनी का समर्थन करते हुए इसे ''दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक जुड़ाव का एक जीवंत उत्सव'' करार दिया। लंदन स्थित मैडम तुसाद संग्रहालय लगभग 200 साल पुराना है। अब इसकी इकाइयां न्यूयॉर्क, शंघाई, एम्स्टर्डम और सिडनी सहित दुनिया के 24 स्थानों पर स्थापित की गई हैं।
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[5/2, 22:19] Prashant Bhaiya: अमेरिका ने ईरानी तेल आयात करने पर चीन स्थित कच्चे तेल टर्मिनल संचालक पर प्रतिबंध लगाए
वाशिंगटन. अमेरिका ने चीन स्थित एक कच्चे तेल टर्मिनल संचालक पर ईरानी संस्थाओं से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी अन्य ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तेहरान को कोई ''शुल्क'' दिया, तो उसे भी ऐसे ही परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ''अमेरिका ईरान के अवैध तेल व्यापार को बाधित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। यह व्यापार ईरानी शासन की आय का मुख्य स्रोत है, जिससे आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता को वित्तीय मदद मिलती है।'' पिगॉट ने कहा कि मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में शामिल कई संस्थाओं, एक व्यक्ति और एक पोत पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस कार्रवाई के तहत चीन स्थित पेट्रोलियम टर्मिनल संचालक क्विंगदाओ हाइये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड को निशाना बनाया गया है। इस कंपनी ने करोड़ों बैरल प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल का पिछले साल फरवरी से आयात किया है। अमेरिका ने चीनी नागरिक और क्विंगदाओ हाइये के अध्यक्ष शिंगचुन ली तथा दो पोत प्रबंधन कंपनियों-ब्रिटेन स्थित थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल और हांगकांग स्थित ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड-पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।[5/2, 22:20] Prashant Bhaiya: एक्सिस बैंक ने अपनी पहली डिजिटल लॉकर-केंद्रित शाखा शुरू कीनयी दिल्ली. निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक ने शनिवार को यहां अपनी पहली डिजिटल लॉकर-केंद्रित शाखा का उद्घाटन किया। एक्सिस बैंक ने बयान में कहा कि यह शाखा सुरक्षित बैंकिंग को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में एक कदम है। इसमें उन्नत स्वचालन, उच्च स्तरीय सुरक्षा और अत्याधुनिक लॉकर सेवाओं के माध्यम से ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने पर जोर दिया गया है। इस शाखा का उद्घाटन वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी और कार्यकारी निदेशक मुनीश शारदा की उपस्थिति में किया। बयान के अनुसार, भारत में सुरक्षित जमा लॉकर की उपलब्धता और मांग के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है, खासकर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में। उद्योग के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2030 तक देश में लगभग छह करोड़ संपन्न लोगों को बैंक लॉकर की आवश्यकता होगी, जबकि वर्तमान में केवल करीब 60 लाख लॉकर ही उपलब्ध हैं। यह अंतर बड़े शहरों में और अधिक स्पष्ट है, जहां शहरी आवास तेजी से 'गेटेड' रिहायशी परिसरों पर केंद्रित हो रहा है। एक्सिस बैंक की यह डिजिटल लॉकर-केंद्रित शाखा इसी बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए विकसित की गई है, जो प्रीमियम आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वचालित लॉकर सेवाएं प्रदान करती है। बैंक ने कहा कि शाखा के डिजाइन और सेवा वितरण को नए सिरे से तैयार कर वह घनी शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में अपनी भौतिक उपस्थिति को मजबूत कर रहा है और ग्राहकों को अधिक नियंत्रण, गोपनीयता और सुविधा प्रदान कर रहा है।[5/2, 22:22] Prashant Bhaiya: लंदन मैडम तुसाद संग्रहालय में 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' प्रदर्शनी की शुरुआत हुईलंदन. मैडम तुसाद संग्रहालय ने इस सप्ताह अपने लंदन मुख्यालय में 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' नाम से एक उत्सव की शुरुआत की, जिसमें सिनेमा और क्रिकेट जगत की भारतीय हस्तियों के मोम के पुतलों को एक साथ प्रदर्शित किया गया। सीमित समय के लिए आयोजित यह प्रदर्शनी में भारतीय अभिनेताओं और क्रिकेटरों की मोम की 13 मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। मई और जून के महीनों के लिए, इस क्षेत्र को भारतीय संस्कृति से प्रेरित एक जीवंत स्थान में रूपांतरित किया गया है, जहां आगंतुक अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर सहित कुछ सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों की मोम की मूर्तियों को करीब से देख सकते हैं। मैडम तुसाद लंदन संग्रहालय के महाप्रबंधक स्टीव ब्लैकबर्न ने कहा, ''बॉलीवुड की वैश्विक अपील बहुत बड़ी है और भारतीय सिनेमा और क्रिकेट के प्रति लंदन का प्यार हर साल और मजबूत होता जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' के साथ, प्रशंसकों को उनके पसंदीदा सितारों के और भी करीब लाया जा रहा है। ब्लैकबर्न ने कहा, ''हम मेहमानों को इस जादुई दुनिया में कदम रखने, अविस्मरणीय पलों को कैद करने और वैश्विक मनोरंजन और खेल जगत को आकार देने वाले दिग्गजों का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करते हुए रोमांचित हैं।'' ब्लैकबर्न ने इस प्रदर्शनी को 'वास्तव में एक वैश्विक उत्सव' करार दिया। उन्होंने ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए कुछ मोम के पुतलों को मैडम तुसाद के अन्य संग्रहालयों से विशेष तौर पर लाया गया है, जिनमें बैंकॉक से लाई गई विराट कोहली की और न्यूयॉर्क से लाई गई ऐश्वर्या राय की मूर्ति शामिल हैं। 'आइकॉन्स ऑफ इंडिया' प्रदर्शनी में प्रशंसक दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह से लेकर प्रियंका चोपड़ा जोनास, ऋतिक रोशन, कैटरीना कैफ और माधुरी दीक्षित तक अपने पसंदीदा सितारों की मोम की प्रतिमा देख सकते हैं और उनके साथ तस्वीर खिंचवा सकते हैं। प्रदर्शनी के लिए रणबीर कपूर और तेलुगु सिनेमा की स्टार काजल अग्रवाल के मोम के पुतले क्रमश: न्यूयॉर्क और सिंगापुर के मैडम तुसाद संग्रहालय से यहां लाए गए हैं। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस प्रदर्शनी का समर्थन करते हुए इसे ''दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक जुड़ाव का एक जीवंत उत्सव'' करार दिया। लंदन स्थित मैडम तुसाद संग्रहालय लगभग 200 साल पुराना है। अब इसकी इकाइयां न्यूयॉर्क, शंघाई, एम्स्टर्डम और सिडनी सहित दुनिया के 24 स्थानों पर स्थापित की गई हैं।[5/2, 22:23] Prashant Bhaiya: अंडमान निकोबार प्रशासन ने पानी के भीतर सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनायाश्री विजय पुरम. अंडमान निकोबार प्रशासन ने शनिवार को राधानगर बीच पर पानी के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर नया 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया। यह विशाल तिरंगा स्वराज द्वीप (हैवलॉक द्वीप) में समुद्र के भीतर एक जटिल और सटीक समन्वित अभियान के तहत फहराया गया, जिसमें कई एजेंसियों और प्रशिक्षित गोताखोरों ने भाग लिया। इस तिरंगे की लंबाई 60 मीटर है जबकि चौड़ाई 40 मीटर है। कार्यक्रम को देखने के लिए उपराज्यपाल डी के जोशी, मुख्य सचिव चंद्र भूषण कुमार और पुलिस महानिदेशक एचएस धालीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अंडमान निकोबार पुलिस, वन विभाग, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न गोताखारी केंद्रों के गोताखोरों ने पानी के भीतर ध्वज फहराने के इस जटिल अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया। सुबह 10:35 बजे, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक ऋषि नाथ ने औपचारिक रूप से इस उपलब्धि की पुष्टि की और जोशी को प्रमाणपत्र प्रदान किया। सभा को संबोधित करते हुए जोशी ने इस उपलब्धि को द्वीपों की विशिष्ट उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए इसमें शामिल लोगों के समन्वय और समर्पण की सराहना की। प्रशासन रविवार को स्वराज द्वीप के 'लाइटहाउस डाइव साइट' पर 'सबसे ऊंचा मानव पिरामिड' बनाने का एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेगा, जिसमें उपराज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह उपलब्धि अंडमान निकोबार द्वीप समूह को साहसिक पर्यटन, समुद्री गतिविधियों और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त आयोजनों के लिए एक उभरते गंतव्य के रूप में दर्शाती है।[5/2, 22:27] Prashant Bhaiya: सरकार ने रोहित जैन को आरबीआई का डिप्टी गवर्नर नियुक्त कियानयी दिल्ली. सरकार ने रोहित जैन को तीन साल के कार्यकाल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। जैन, टी रबी शंकर का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने तीन मई या उसके बाद पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल के लिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। रोहित जैन इस समय आरबीआई में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए। इनमें से दो आंतरिक रैंक से, एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होना चाहिए जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करे। अन्य तीन डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता और एस सी मुर्मू हैं। टी रबी शंकर को पहली बार सितंबर 2021 में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था। उन्हें 2024 में और उसके बाद 2025 में एक-एक साल का विस्तार दिया गया था।[5/2, 22:51] Bhabhi: उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने माँ बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की-प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीराजनांदगांव । उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान सांसद श्री संतोष पाण्डेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव, समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक श्री विनोद खांडेकर, माँ बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री मनोज अग्रवाल, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के उपाध्यक्ष श्री अनील गट्टानी सहित ट्रस्ट समिति के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।[5/2, 22:55] Bhabhi: नीट-2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई को- राजनांदगांव जिले में कुल 6 परीक्षा केंद्र में 1897 परीक्षार्थी होंगे शामिलराजनांदगांव । राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा नीट-2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई 2026 को किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा के लिए जिले में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 1897 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। सभी केंद्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट्स की नियुक्ति की गई है तथा परीक्षा की निगरानी हेतु जिला प्रशासन द्वारा पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं। डीएससीसी सदस्यों द्वारा परीक्षा के दौरान निरंतर निरीक्षण और समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। परीक्षा दिवस पर सभी केंद्रों में अबाधित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आपात सेवाएं-जैसे एंबुलेंस एवं फायर सर्विसेस व अलर्ट मोड पर रहेंगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए व्हीलचेयर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं भी केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है। परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सभी केंद्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अनधिकृत अधिकारी एवं बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों के फ्रिस्किंग, रजिस्ट्रेशन, प्रवेश पत्र एवं बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया अधिकृत एजेंसियों द्वारा की जाएगी। सभी केंद्रों में मोबाइल जैमर भी स्थापित कर दिए गए हैं।जिला प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचने, एडमिट कार्ड और आवश्यक पहचान दस्तावेज साथ रखने तथा परीक्षा नियमों का पूर्णत: पालन करने की अपील की गई है। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को एनटीए के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। -
दुबई. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस्लामिक गणराज्य अपनी "परमाणु और मिसाइल क्षमताओं" को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में संरक्षित रखेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम को स्थायी बनाने के लिए व्यापक समझौते की कोशिश कर रहे हैं। सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए लिखित बयान में खामेनेई ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह केवल "इसके पानी की तह में" है और क्षेत्र के इतिहास में "नया अध्याय" लिखा जा रहा है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण ईरान के तेल उद्योग पर दबाव बढ़ गया है, जिससे उसके तेल टैंकर समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं। वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के कारण जून आपूर्ति के लिए बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमत बृहस्पतिवार के कारोबार में 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के लगभग पांचवें हिस्से के व्यापार का प्रमुख मार्ग है। इन परिस्थितियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है और अमेरिका के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। खामेनेई ने एक बयान में कहा, ''ईश्वर की मदद से फारस की खाड़ी क्षेत्र का भविष्य अमेरिका के बिना होगा। एक ऐसा भविष्य जो यहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि के लिए होगा।'' उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से जुड़े देशों का साझा भविष्य है और बाहरी शक्तियों का यहां कोई स्थान नहीं है। युद्धविराम के बीच बढ़ा तनाव---
युद्धविराम को लेकर संशय की स्थिति के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव जारी है। अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है, जिससे उसकी आय प्रभावित हो सके। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों पर दबाव बढ़ा है। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता को टालने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता है। ईरान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, हालांकि उसने लगभग 60 प्रतिशत तक हथियार-स्तरीय यूरेनियम का संवर्धन किया है। मुजतबा खामेनेई ने बयान में कहा, ''देश के अंदर और बाहर रहने वाले नौ करोड़ गौरवान्वित और सम्मानित ईरानी, ईरान की पहचान पर आधारित सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को - नैनो तकनीक तथा जैव प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक- राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं। -
वाशिंगटन. ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका की ब्रिटेन से स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों के रिश्तों को ऐतिहासिक बताया और साथ ही नेताओं से 'आत्म-केंद्रित' न होने की अपील की। उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर ''मानव इतिहास के सबसे प्रभावशाली गठबंधनों में से एक'' का निर्माण किया है। चार्ल्स ने अपने संबोधन में अमेरिका-ब्रिटेन के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल पुरानी उपलब्धियों पर टिक नहीं सकता और इसे वर्तमान चुनौतियों के अनुसार मजबूत करना होगा। उन्होंने रूस के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में दृढ़ता दिखाने और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की जरूरत बतायी। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी उन्होंने अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए कहा कि नेताओं को प्रकृति की रक्षा की साझा जिम्मेदारी पर विचार करना चाहिए। उन्होंने धार्मिक विविधता और अंतरधार्मिक संवाद की भी सराहना की। ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य अमेरिकी स्वतंत्रता समारोह में शामिल होना और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करना है। उनके साथ महारानी कैमिला भी हैं। इससे पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप से मुलाकात की। ट्रंप ने बैठक को ''बेहद अच्छी'' बताते हुए चार्ल्स को ''शानदार व्यक्ति'' कहा।
कुछ ब्रिटिश टिप्पणीकारों ने महाराजा चार्ल्स के 20 मिनट के संबोधन को उनकी अपेक्षा से अधिक राजनीतिक बताया। चार्ल्स ब्रिटेन के दूसरे सम्राट हैं जिन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इससे पहले उनकी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 1991 में ऐसा किया था। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया उनकी मां के समय की तुलना में अधिक अस्थिर और खतरनाक है। हाल में व्हाइट हाउस संवाददाता रात्रिभोज के दौरान ट्रंप पर कथित हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हिंसा के ऐसे कृत्य कभी सफल नहीं होंगे।" -
वाशिंगटन. अमेरिकी मरीन सैनिकों ने अरब सागर में एक वाणिज्यिक जहाज पर धावा बोला क्योंकि उन्हें संदेह था कि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकाबंदी का उल्लंघन कर ईरान जा रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि 'एम/वी ब्लू स्टार 3' नामक इस वाणिज्यिक जहाज की तलाशी ली गई और बाद में उसे छोड़ दिया गया क्योंकि यह पुष्टि हो गई कि वह किसी ईरानी बंदरगाह की ओर नहीं जा रहा था। सेंट्रल कमान ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि सुबह अरब सागर में अमेरिकी मरीन सैनिकों ने 'एम/वी ब्लू स्टार 3' नामक एक वाणिज्यिक जहाज पर धावा बोल कर कार्रवाई की। सेंट्रल कमान ने कहा कि सैनिकों ने जहाज की तलाशी लेने और इस बात की पुष्टि होने पर कि जहाज किसी ईरानी बंदरगाह पर नहीं रुकेगा, उसे जाने दिया। सेंट्रल कमान ने बताया कि नाकाबंदी का पालन सुनिश्चित करने के लिए 39 जहाजों का मार्ग बदला गया है।
ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है और लंबे समय तक आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इस नाकाबंदी के परिणामस्वरूप क्षेत्र के विभिन्न बंदरगाहों पर कई जहाज लंगर डाले हुए हैं।
सेंट्रल कमान ने कहा, ''ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी से पहले औसतन प्रतिदिन पांच जहाज ईरान के चाबहार बंदरगाह पर लंगर डाले रहते थे। वर्तमान में 20 से अधिक जहाज चाबहार में ही हैं क्योंकि अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी के दौरान ईरान से आर्थिक व्यापार को रोक दिया है।'' समुद्री यातायात निगरानी वेबसाइट के अनुसार, 'एम/वी ब्लू स्टार 3' कोमोरोस के ध्वज के तहत चलने वाला एक कंटेनर जहाज है और यह ओमान के सोहार बंदरगाह की ओर जा रहा था। -
न्यूयॉर्क. अक्षय पात्र फाउंडेशन से प्रेरित एक वैश्विक खाद्य पहल ने अमेरिका में कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच खाद्य असुरक्षा की चुनौती से निपटने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है और भारतीय-अमेरिकी प्रवासी समुदाय से अपना समर्थन देने का आह्वान किया है। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने 'वर्ल्ड फूड मूवमेंट' (डब्ल्यूएफएम) के सहयोग से सोमवार को यहां 'नो वन हंगरी' (कोई भूखा ना रहे) शीर्षक से एक विशेष कार्यक्रम किया। अमेरिका स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन डब्ल्यूएफएम ने पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, बोस्टन और कैलिफोर्निया के सामुदायिक कॉलेजों में विद्यार्थियों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पहल शुरू की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक पूरे अमेरिका में सालाना दस लाख थाली परोसना था। वाणिज्य दूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन और डब्ल्यूएफएम के सह-संस्थापक एवं वाइस चेयरमैन श्रीचंचलपति दास ने कहा कि अमेरिका में ऐसा नहीं होना चाहिए कि विभिन्न समुदायों के विद्यार्थियों को भोजन और शिक्षा के बीच चुनाव करने के लिए संघर्ष करना पड़े। दास ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका में कॉलेज परिसरों में लगभग 41 प्रतिशत छात्र खाद्य असुरक्षा का सामना करते हैं। देश के 91 संस्थानों के 74,000 से अधिक छात्रों से जुटाए गए आंकड़े से यह भी पता चला कि संरचनात्मक रूप से वंचित समूहों में से आधे से अधिक छात्र कॉलेज परिसरों में भूखे रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, ''यह सब देखकर, यह सब सुनकर, हमने विश्व खाद्य आंदोलन को एक चैरिटी के रूप में स्थापित किया ताकि मुख्य रूप से कॉलेज परिसरों और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे कुछ समुदायों में खाद्य असुरक्षा को दूर किया जा सके।'' डब्ल्यूएफएम वर्तमान में न्यूयॉर्क शहर और न्यू जर्सी में तीन-तीन सामुदायिक कॉलेज, बोस्टन के उपनगरों में दो सामुदायिक कॉलेज, बे एरिया में सात सामुदायिक कॉलेज परिसरों को सेवाएं प्रदान करता है और वर्जीनिया में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को लगभग 1800 थाली भोजन प्रदान करता है यानी कुल मिलाकर प्रति सप्ताह लगभग 3700 थाली। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत विनय प्रधान ने कहा कि ये आंकड़े एक ''बहुत ही महत्वपूर्ण'' मुद्दे की ओर इशारा करते हैं। पूरे भारत में जरूरतमंद समुदायों की मदद के लिए अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के प्रयासों की सराहना करते हुए, प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि यह ''उचित'' है कि भारतीय मूल के अमेरिकी भी उन देशों के समुदायों की मदद करें जहां वे रहते हैं। इस महीने 'टाइम' पत्रिका द्वारा दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किये गए शेफ विकास खन्ना ने कहा कि भारत में ''भोजन उपासना, देखभाल और उपचार का एक रूप है'' और यह लोगों को एक दूसरे से जोड़ता है।
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' की एक शीर्ष अधिकारी ने वार्षिक पत्रकार रात्रिभोज के दौरान शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा की समीक्षा के लिए इस सप्ताह के अंत में 'यूएस सीक्रेट सर्विस' और गृह मंत्रालय (डीएचएस) की बैठक बुलाई है। 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' (डब्ल्यूएचसीए) के रात्रिभोज स्थल 'वाशिंगटन हिल्टन' होटल में हुए हमले ने राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है क्योंकि कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के कई मंत्री मौजूद थे। ट्रंप को चार जुलाई को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना है। इसके मद्देनजर 'व्हाइट हाउस' की 'चीफ ऑफ स्टाफ' सुसन वाइल्स ने 'सीक्रेट सर्विस' और डीएचएस नेतृत्व की बैठक बुलाई है जिसमें प्रोटोकॉल और अन्य प्रक्रियाओं पर चर्चा होगी। 'व्हाइट हाउस' की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अधिकारियों ने 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' के रात्रिभोज से पहले 'डेजिग्नेटेड सर्वाइवर' (आपात स्थिति में सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए नामित अधिकारी) और उत्तराधिकार क्रम पर चर्चा की थी। लेविट ने कहा, ''लेकिन उत्तराधिकार क्रम में शामिल मंत्रिमंडल के कई सदस्य विभिन्न निजी कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे इसलिए कोई 'डेजिग्नेटेड सर्वाइवर' नामित करना जरूरी नहीं था क्योंकि कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद नहीं थे।'' उन्होंने कहा कि वाइल्स द्वारा बुलाई गई बैठक में इस बात पर ''चर्चा'' होगी कि क्या ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे डी वेंस को एक ही सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद रहना चाहिए। रात्रिभोज में ट्रंप, वेंस, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ मौजूद थे। ये सभी राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम में शामिल हैं। रिपब्लिकन पार्टी के नेता एवं सांसद माइकल मैक्कॉल ने 'केबल न्यूज नेटवर्क' (सीएनएन) से कहा, ''मुझे लगता है कि सीक्रेट सर्विस को इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि ऐसे किसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों को एक साथ मौजूद रहना चाहिए या नहीं।'' अमेरिकी संविधान एवं 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम में राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार क्रम का प्रावधान है। इसके तहत क्रम इस प्रकार है- उपराष्ट्रपति, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष, सीनेट के अस्थायी अध्यक्ष, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, अटॉर्नी जनरल, गृह, कृषि, वाणिज्य, श्रम, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा, आवास एवं शहरी विकास, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, 'वेटर्न्स अफेयर्स' (सेवानिवृत्त सैन्य कर्मचारियों के मामलों से जुड़ा) विभागों के मंत्री आदि.
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नदजामेना (चाड)/ चाड के पूर्वी हिस्से में जल संसाधन को लेकर दो परिवारों के बीच हुए विवाद के हिंसक झड़पों में बदलने से कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी देश के उप प्रधानमंत्री लिमाने महामत ने दी। महामत ने वादी फीरा प्रांत के इगोटे गांव के दौरे के दौरान बताया कि शनिवार को हुई इस घटना में 42 लोगों की मौत हुई और 10 अन्य घायल हुए। उन्होंने कहा कि घायलों को प्रांतीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि बदले की कार्रवाई का सिलसिला बड़े क्षेत्र में फैल गया था, जिसके बाद सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके अनुसार, सेना की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को काबू में कर लिया गया है और अब हालात नियंत्रण में हैं। उप प्रधानमंत्री ने गांव में पारंपरिक मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करने और आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए न्यायिक कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की। मध्य अफ्रीकी देश चाड में संसाधनों को लेकर अंतर-समुदायिक झड़पें आम हैं। पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिमी चाड में किसानों और पशुपालकों के बीच संघर्ष में 42 लोगों की मौत हो गई थी और कई घर जला दिए गए थे। महामत ने कहा कि सरकार सीमा क्षेत्र में अस्थिरता रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
चाड के पूर्वी प्रांत पिछले कई महीनों से सूडान में जारी युद्ध से भागकर आए शरणार्थियों को शरण दे रहे हैं, जिससे संसाधनों और सुरक्षा पर दबाव बढ़ गया है। फरवरी में चाड ने सीमा को "अगली सूचना तक" बंद कर दिया था, ताकि सूडान के संघर्ष का असर उसके क्षेत्र में फैलने से रोका जा सके।file photo
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वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि शनिवार रात 'व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' के रात्रिभोज के दौरान होटल के बॉलरूम के बाहर हुई गोलीबारी के बाद जब सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर ले जा रहे थे, तब वह खुद देखना चाहते थे कि आखिर क्या हो रहा है। सीबीएस के '60 मिनट्स' कार्यक्रम में एक साक्षात्कार में ट्रंप ने वाशिंगटन हिल्टन होटल में गोलीबारी के बाद फैली अफरातफरी का पूरा घटनाक्रम बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या गोलियों की आवाज सुनकर वह चिंतित थे, तो ट्रंप ने कहा, ''मैं घबराया नहीं था। मैं जिंदगी को समझता हूं। आजकल की दुनिया में कुछ भी हो सकता है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि वह खुद घटनाक्रम को देखना चाहते थे, संभवतः इसी वजह से 'सीक्रेट सर्विस' के कर्मियों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में समय लग गया। उन्होंने कहा, ''मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है। मैं उनके (सीक्रेट सर्विस के) साथ सहयोग नहीं कर रहा था। मैं जानना चाहता था कि क्या चल रहा है। धीरे-धीरे जब बात समझ में आई, तो लगा कि यह बॉलरूम का शोर नहीं, कुछ और ही मामला है, और गंभीर है।'' ट्रंप ने घटना को याद करते हुए कहा, ''मैं एक सजग टीम के मजबूत घेरे में था, लेकिन सच कहूं तो मैंने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। मैं कहता रहा, ठहरो, एक मिनट ठहरो।'' उन्होंने कहा कि जब वह मंच से बाहर निकल रहे थे, तब सुरक्षाकर्मी बार-बार उनसे नीचे झुकने की गुजारिश कर रहे थे। ट्रंप ने कहा, ''मैं चलने लगा और उन्होंने कहा, कृपया नीचे झुकिए, कृपया फर्श की ओर झुकिए। तो मैं झुक गया और मेलानिया भी झुक गईं।'' साक्षात्कार के दौरान कुछ तीखे पल भी आए, जब ट्रंप से हमले से पहले संदिग्ध द्वारा अपने परिवार को भेजे गए एक संदेश में उनके बारे में लिखी बातों पर सवाल किया गया। ट्रंप ने कहा, ''मुझे पहले से पता था कि आप यह पढ़ेंगे, क्योंकि आप लोग ऐसे ही हैं।''
उन्होंने कहा, ''हां, उसने यह लिखा, लेकिन मैं बलात्कारी नहीं हूं। मैंने वह संदेश पढ़ा है, वह एक बीमार आदमी है। '60 मिनट्स' जैसे कार्यक्रम में ऐसी बातें पढ़ना शोभा नहीं देता, लेकिन चलिए साक्षात्कार जारी रखते हैं।'' जब साक्षात्कारकर्ता ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि हमलावर विशेष रूप से उन्हें निशाना बना रहा था, तो ट्रंप ने कहा, ''मैं कोई बच्चों का शोषण करने वाला व्यक्ति नहीं हूं…आप किसी दिमागी रूप से बीमार इंसान की बकवास पढ़ रहे हैं? मुझे ऐसी चीजों से जोड़ा जा रहा है, जिनका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे पूरी तरह बेदाग साबित किया जा चुका है।'' अंत में राष्ट्रपति ने 'व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन' से अपील की कि वे अगले 30 दिन के भीतर यह रात्रिभोज दोबारा आयोजित करें। ट्रंप ने कहा, ''मैं नहीं चाहता कि यह रद्द हो। मुझे लगता है कि किसी कम अक्ल इंसान द्वारा इस तरह के आयोजन को रद्द करवा देना बेहद बुरी बात है।'' उन्होंने यह भी कहा, ''ऐसा नहीं है कि मैं वहां जाना चाहता हूं। मैं बहुत व्यस्त हूं। मुझे इसकी जरूरत नहीं।'' -
नई दिल्ली। ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने कहा है कि अगर अमेरिका पश्चिम एशिया क्षेत्र में अपनी “नाकेबंदी, लूट और समुद्री दखल” जारी रखता है, तो वह इसका जवाब देगा। ईरानी मीडिया में जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है। इससे ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही, पिछले कुछ दिनों में ईरान जा रहे जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उसकी सेना पहले से ज्यादा मजबूत और तैयार है। वह देश की संप्रभुता, हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। बयान में यह भी कहा गया कि हालिया युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ईरान की ताकत और हमले की क्षमता का कुछ हिस्सा देख चुकी है। ईरानी सेना ने कहा कि वह क्षेत्र में दुश्मनों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। अगर अमेरिका और इजरायल फिर से कोई हमला करते हैं, तो ईरान उन्हें और ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार है।वहीं, सऊदी अरब से जुड़े समाचार चैनल ‘अल अरबिया’ ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान अमेरिका द्वारा तय की गई शर्तों पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने युद्ध खत्म करने से जुड़े अपने विचार साझा किए।अराघची शुक्रवार रात एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे थे। वहां उन्होंने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध विराम, युद्ध खत्म करने और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। यह जानकारी अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दी।ईरान ने 28 फरवरी से होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और सख्त कर दिया था। उसने अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के गुजरने पर रोक लगा दी थी। यह कदम इन दोनों देशों द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।करीब 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध विराम हुआ। इसके बाद 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच लंबी बातचीत भी हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिका ने इस जलमार्ग पर अपनी नाकेबंदी लागू कर दी। बताया जा रहा था कि इस हफ्ते पाकिस्तान में एक और शांति वार्ता हो सकती है, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका की लगातार नौसैनिक नाकेबंदी और उसकी “ज्यादा सख्त” शर्तें इसकी मुख्य वजह हैं।( -
लंदन. जयपुर की महारानी गायत्री देवी के संग्रह से प्राप्त 17वीं शताब्दी में पीतल से बने एक दुर्लभ खगोलीय सुपरकंप्यूटर (एस्ट्रोलैब) को अगले सप्ताह लंदन में सोथबी नीलामीघर में नीलाम किया जाएगा। बुधवार को होने वाली नीलामी में यह सुपरकंप्यूटर 'इस्लामिक जगत एवं भारत की कला' का मुख्य आकर्षण है।
इसे इस सप्ताहांत प्रदर्शित किया गया था और इसकी अनुमानित कीमत 15 से 25 लाख पौंड के बीच है।
वर्ष 1612 का यह सुपर कंप्यूटर अपनी तरह का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता था और इसे लाहौर के एक मुगल रईस के लिए दो भाइयों ने बनाया था। यह जटिल उपकरण महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय के शाही संग्रह का हिस्सा था और बाद में उनकी पत्नी गायत्री देव के पास रहा और फिर निजी संग्रह में चला गया। गायत्री देवी जयपुर की राजमाता थीं।
नीलामी के विवरण में बताया गया, "इसे आगा अफजल ने बनवाया था, जो मुगल साम्राज्य के एक बेहद शक्तिशाली सरदार थे और उस समय सम्राट जहांगीर के अधीन लाहौर का प्रशासन संभाल रहे थे। यह वस्तु स्पष्ट रूप से उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप ही बनाई गई थी।" विवरण के मुताबिक, "इसकी कारीगरी वाकई अद्भुत है। इसमें 94 शहरों का देशांतर और अक्षांश सहित विवरण अंकित है, फूलों की नक्काशी से जुड़े 38 तारा चिह्न हैं, पांच प्लेटें हैं और डिग्री का विभाजन बेहद बारीक है।" इस 'एस्ट्रोलैब' पर तारों के फारसी नाम और देवनागरी लिपि में संस्कृत नाम अंकित हैं, साथ ही मक्का, बीजापुर, अजमेर, कश्मीर और लाहौर के स्थानों को दर्शाने वाली पट्टियां भी हैं। संदर्भित आधिकारिक साहित्य के अनुसार, 17वीं शताब्दी के आरंभिक वर्षों में लाहौर मुगल साम्राज्य में 'एस्ट्रोलैब' निर्माण का प्रमुख केंद्र था। 'लाहौर स्कूल' के नाम से प्रसिद्ध यह शिल्प एक ही परिवार के भीतर चार पीढ़ियों तक पिता से पुत्र के बीच ही आगे बढ़ता रहा। इस विशेष उपकरण को बनाने वाले दो भाई, कइम मोहम्मद और मोहम्मद मुकिम इस स्कूल के सबसे प्रसिद्ध निर्माताओं में से थे। उन्होंने मिलकर कई 'एस्ट्रोलैब' बनाए जो आज भी मौजूद हैं लेकिन उन्होंने केवल दो पर ही एक साथ काम किया था और लंदन में प्रदर्शित 'एस्ट्रोलैब' उन्हीं में से एक है। उनके द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित एकमात्र अन्य 'एस्ट्रोलैब' अब इराक के राष्ट्रीय संग्रहालय में है और उसका व्यास मात्र 12 सेंटीमीटर है। अगले सप्ताह नीलामी के लिए प्रस्तुत होने वाला 'एस्ट्रोलैब' एक अलग पैमाने का है, जिसका व्यास 29.5 सेंटीमीटर और ऊंचाई लगभग 50 सेंटीमीटर है। नीलामी की अन्य प्रमुख कलाकृतियों में जहांगीर की एक मुगलकालीन पेंटिंग शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 150,000 से 200,000 पौंड के बीच है और भारत की 19वीं सदी के चित्र लगभग 80,000 पौंड में नीलाम होने की उम्मीद है। - वाशिंगटन. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में कहा कि आरएसएस अमेरिकी श्वेत वर्चस्ववादी समूह 'कु क्लक्स क्लैन' का कोई भारतीय संस्करण नहीं है। साथ ही उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन के कार्यों पर प्रकाश डाला। हडसन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित 'न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस' में संवादात्मक सत्र के दौरान होसबाले ने कहा कि अमेरिका में भारत के बारे में गलतफहमियों की तरह ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में भी गलत धारणाएं हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को लेखक वाल्टर रसेल मीड के साथ चर्चा के दौरान कहा, ''दशकों से जानबूझकर या अनजाने में अन्यथा किसी एजेंडा के तहत इस तरह की धारणा गढ़ी गई है कि आरएसएस एक हिंदू वर्चस्ववादी संगठन है या यह ईसाई विरोधी, अल्पसंख्यक विरोधी, विकास विरोधी और आधुनिकीकरण का विरोधी है।''होसबाले ने कहा, ''इसलिए सकारात्मक कार्यों को कभी उजागर नहीं किया गया। इसके बजाय हमेशा गलत छवि का ही प्रचार किया जाता रहा है... जैसे हम 'कु क्लक्स क्लैन' का कोई भारतीय संस्करण हों, जो कि हम नहीं हैं।'' उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन और संस्कृति पूरे विश्व को एक परिवार की तरह देखती है और यह वर्चस्ववाद का समर्थन नहीं करती। आरएसएस सरकार्यवाह ने कहा, ''हम सजीव और निर्जीव, हर चीज में एकता देखते हैं। जब यही हिंदुओं का मूल दर्शन है, तो श्रेष्ठता का प्रश्न ही नहीं उठता। इतिहास में हिंदुओं ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया है।'' होसबाले ने आरएसएस को भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विचारधारा में निहित एक स्वयंसेवी आंदोलन के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, ''आरएसएस भारत के प्राचीन समाज की सांस्कृतिक नैतिकता और सभ्यतागत मूल्यों से प्रेरित एक जन स्वैच्छिक आंदोलन है जिसे सामान्यतः हिंदू संस्कृति के रूप में जाना जाता है।'' उन्होंने कहा, ''चरित्रवान, आत्मविश्वासी, समाज सेवा का भाव रखने वाले और समाज को संगठित करने में सक्षम स्वयंसेवकों को तैयार करने के लिए आरएसएस एक घंटे की दैनिक और साप्ताहिक शाखाओं का आयोजन करता है। इन एक घंटे की शाखाओं के माध्यम से हम जीवन के मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।'' होसबाले ने कहा कि आरएसएस हिंदू पहचान को धार्मिक नहीं बल्कि सभ्यतागत पहचान के रूप में देखता है।उन्होंने कहा, ''अल्पसंख्यक समूहों और पड़ोसी देशों के साथ तनाव राजनीतिक हितों और इतिहास की गलत व्याख्याओं से पैदा होता है।'' उन्होंने यह भी कहा कि गलतफहमियों को दूर करने के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के साथ निरंतर संवाद महत्वपूर्ण है। होसबाले ने कहा कि पड़ोसी देशों के बीच तनाव के कई कारण हैं, जिनमें वहां का राजनीतिक नेतृत्व भी शामिल है। उन्होंने कहा, ''समस्या सिर्फ एक पड़ोसी देश से है, जो भारत की कोख से जन्मा है। वह पड़ोसी देश तो बन गया है लेकिन कई लोग उस देश के पीछे हैं और समस्याएं पैदा करने में लगे हुए हैं।'' भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने बृहस्पतिवार शाम वर्जीनिया के एक उपनगर में होसबाले के सम्मान में एक सार्वजनिक स्वागत समारोह का आयोजन किया जिसमें ग्रेटर वाशिंगटन क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। होसबाले ने कहा कि आरएसएस सेवा भावना और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 83,000 शाखाएं आयोजित करता है जिनका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, ''जीवन के हर क्षेत्र और हर आयु वर्ग के लोग हमारे संगठन के स्वयंसेवक बन चुके हैं। आरएसएस प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्य करता है और शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मरक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है।''आरएसएस नेता ने कहा कि सांस्कृतिक मूल्य और आधुनिकीकरण परस्पर विरोधी नहीं हैं और साथ-साथ चल सकते हैं, हालांकि कुछ तनाव उत्पन्न हो सकते हैं। होसबाले ने कहा, ''आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक मूल्यों दोनों को समय के अनुसार ढलने की आवश्यकता होती है। आधुनिकीकरण औद्योगीकरण, प्रौद्योगिकी और व्यक्तिवादी प्रवृत्तियों को तो लाता ही है, साथ ही यह संस्कृति और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ-साथ भी चल सकता है।'' उन्होंने कहा कि हाल के दशकों में कई समाजों में संस्कृति और आधुनिकता का सह-अस्तित्व स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। होसबाले ने कहा, ''चाहे वह हिंदू समाज हो, भारतीय समाज हो, जापान हो या चीन, सभी ने अपने सांस्कृतिक और सभ्यतागत मूल्यों को बरकरार रखते हुए आधुनिकीकरण किया है और उनसे प्रेरणा ली है। इसीलिए मुझे नहीं लगता कि सांस्कृतिक मूल्य और आधुनिकीकरण एक दूसरे को विपरीत दिशा में खींचते हैं।''
- मोगादिशु (सोमालिया). अल्जीरिया और स्पेन के बीच समुद्री क्षेत्र में एक नौका के पलट जाने के बाद कम से कम 17 सोमाली प्रवासी मारे गए। अल्जीरिया में सोमालिया के राजदूत ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राजदूत यूसुफ अहमद हसन ने सोमालिया की सरकारी मीडिया को बताया कि अपने परिचितों की तलाश कर रहे लोगों ने उनसे संपर्क किया। यूरोप की यात्रा के दौरान नौका के पलटने के बाद डूबने से 12 पुरुष और पांच महिलाओं की मौत हो गई। उन्होंने कहा, ''मुझसे उन अभिभावकों ने संपर्क किया जो अपने बच्चों की तलाश कर रहे थे और उनके बारे में जानना चाहते थे।'' हसन ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अल्जीरियाई विदेश मंत्रालय से संपर्क किया, जिसने उन्हें सूचित किया कि राजधानी अल्जीयर्स से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में एक तटीय प्रांत में अफ्रीकी प्रवासियों के एक समूह में शामिल लोगों की मौत हो गई है। यूरोप जाने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के लिए उत्तरी अफ्रीका और स्पेन के बीच का मार्ग आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों में से एक है। इन मार्गों पर विशेष रूप से पश्चिमी भूमध्य सागर और अटलांटिक गलियारों में जहाज डूबने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।--
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लंदन. विक्रम दुरईस्वामी ने ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में इस सप्ताह अपना कार्यकाल पूरा किया और अब वह बीजिंग रवाना होंगे, जहां वह चीन में भारत के नए राजदूत के रूप में पदभार संभालेंगे। ब्रिटेन के विदेश कार्यालय में हिंद-प्रशांत मामलों की मंत्री सीमा मल्होत्रा ने लंदन में तीन वर्ष से अधिक के दुरईस्वामी के कार्यकाल के दौरान भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय साझेदारी को ''नयी ऊंचाई'' पर ले जाने में उनकी भूमिका की सराहना की। ब्रिटिश-भारतीय मंत्री ने पिछले वर्ष द्विपक्षीय संबंधों की प्रमुख उपलब्धियों में भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल निष्कर्ष तक पहुंचाने में दुरईस्वामी के ''शांत स्वभाव'' और आकर्षक व्यक्तित्व का विशेष उल्लेख किया। हाल ही में लंदन में आयोजित विदाई समारोह में मल्होत्रा ने कहा, ''आपने (दुरईस्वामी ने) हमारे देशों के बीच साझेदारी को नए स्तर पर पहुंचाया। मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में आपने अहम भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि इस समझौते के रास्ते में आने वाली हर चुनौती का समाधान हो।'' उन्होंने कहा, ''आपके कार्य ने ब्रिटेन-भारत इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग ब्रिज के जरिए नए निवेश के रास्ते खोले हैं। ये मजबूत नींव आने वाले वर्षों में भी हमारी कहानी, हमारे रिश्तों और एक-दूसरे के देशों में निवेश को आगे बढ़ाती रहेगी... बीजिंग का लाभ, लंदन की हानि होगी।'' भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1992 बैच के अधिकारी दुरईस्वामी मंदारिन भाषा में पारंगत हैं। इससे पहले वह सितंबर 1996 से लगभग चार वर्षों तक बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने सांसदों, सरकारी अधिकारियों और प्रवासी भारतीय प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''कुछ भी कभी पूरी तरह समाप्त नहीं होता। यह लगातार प्रगति की प्रक्रिया है और हमेशा ऐसी ही रहेगी।'' उन्होंने कहा, ''मुक्त व्यापार समझौता हमें व्यापार बढ़ाने, निवेश प्रवाह तेज करने और निवेश बढ़ाने का मंच देता है कि भारत की वृद्धि और सफलता में ब्रिटेन की वृद्धि और सफलता निहित है और इसके विपरीत भी। इसलिए यह काम अभी बाकी है और कभी रुकने वाला नहीं है।'' लंदन में 'डिप्लोमैटिक कोर' के मार्शल एलिस्टेयर हैरिसन ने भी इंडिया हाउस पहुंचकर महाराज चार्ल्स तृतीय की ओर से उन्हें विदाई तथा शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह भारत-ब्रिटेन राजनयिक संबंधों की मजबूती, निरंतरता और साझा परंपराओं को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय में सचिव और 1992 बैच के ही आईएफएस अधिकारी पेरियासामी कुमारन को ब्रिटेन में भारत का नया उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है और वह जल्द ही लंदन में अपना कार्यभार संभालेंगे।
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न्यूयॉर्क. बिहार दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष समारोह में बिहार मूल के प्रवासी समुदाय के चार लोगों को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए यहां सम्मानित किया गया। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 'बिहार फाउंडेशन ऑफ यूएसए ईटीजेड' और 'बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका' के सहयोग से इस सप्ताह की शुरुआत में बिहार दिवस मनाया। इस अवसर पर समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों को बिहार विश्व गौरव सम्मान 2026 प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में विश्व बैंक समूह के जल विभाग के वैश्विक निदेशक सरोज कुमार झा, फुलक्रम डिजिटल के अध्यक्ष एवं संस्थापक राजेश सिन्हा, एएमडी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य सूचना अधिकारी हसमुख रंजन तथा सिल्वामो के मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी संजय चौबे शामिल थे। उन्हें उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। बिहार फाउंडेशन ऑफ यूएसए की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान ने राज्य के लोगों के व्यापक प्रभाव और वैश्विक उपस्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ''लगभग हर किसी का एक दोस्त बिहार से है।'' उन्होंने बिहार के ऐतिहासिक अतीत, बदलते वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य पर चर्चा की तथा राज्य और क्षेत्र के प्रवासी संगठनों को सामुदायिक संबंध मजबूत करने के लिए बधाई दी। अपने संदेश में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार परिवर्तन के लिए तैयार है और उन्होंने वैश्विक प्रवासी समुदाय से राज्य के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सांता मिश्रा की पुस्तक 'गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती' का विमोचन भी किया गया। शाम को बिहार की विरासत को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें सम्राट अशोक के युग, नालंदा विश्वविद्यालय की विरासत, महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन से लेकर राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विकास जैसी वर्तमान उपलब्धियों तक बिहार की यात्रा को दर्शाने वाली नाट्य प्रस्तुति शामिल थी।
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वाशिंगटन. अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने बुधवार को अचानक घोषणा की कि नौसेना सचिव जॉन फेलन अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी सैन्य सेवा विभाग के प्रमुख के पद छोड़ने का यह पहला मामला है। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है और युद्धविराम के बीच तेहरान से जुड़े जहाजों को निशाना बना रही है। फेलन के स्थान पर नौसेना के अवर सचिव हंग काओ को कार्यवाहक नौसेना सचिव बनाया गया है। वह 25 वर्ष के युद्ध अनुभव वाले पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और वर्जीनिया से सीनेट व प्रतिनिधि सभा के चुनाव लड़ चुके हैं। फेलन का इस्तीफा पेंटागन में शीर्ष स्तर पर जारी फेरबदल की कड़ी माना जा रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले ही कई वरिष्ठ जनरलों, एडमिरलों और रक्षा अधिकारियों को हटा चुके हैं। फरवरी 2025 में नौसेना की शीर्ष अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी, वायुसेना के उप प्रमुख जनरल जिम स्लाइफ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स ब्राउन जूनियर को भी हटाया गया था। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि फेलन ''तत्काल प्रभाव से प्रशासन छोड़ रहे हैं।'' फेलन ने सेना में सेवा नहीं की थी और न ही नौसेना प्रशासन में पूर्व में कोई भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने उन्हें 2024 के अंत में नौसेना सचिव नामित किया था। वह ट्रंप के बड़े दानदाताओं में से एक रहे हैं। नौसेना इस समय युद्ध के मोर्चे पर तैनात है। उसके तीन विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया में तैनात हैं या वहां जा रहे हैं। साथ ही कैरेबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के अभियान में भी उसकी बड़ी भूमिका है। नए कार्यवाहक सचिव हंग काओ वियतनाम से बचपन में अमेरिका आए थे। उन्होंने कोविड-19 टीकों की अनिवार्यता और सेना में विविधता, समानता एवं समावेशन नीतियों का विरोध किया था। वह अमेरिकी नौसेना अकादमी से पढ़े हैं और इराक, अफगानिस्तान तथा सोमालिया में विशेष बलों के साथ सेवा दे चुके हैं।
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वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ देश पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह कदम तेहरान के बिखरे हुए नेतृत्व को सात सप्ताह से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह घोषणा उस समय हुई, जब आठ अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम कुछ ही घंटों में समाप्त होने वाला था। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा भी प्रभावी रूप से टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी। हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ईरान पर हमला करने से केवल तब तक परहेज करेगा, जब तक उसका नेतृत्व बातचीत के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पेश नहीं करता। उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी। वेंस और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा जेरेड कुशनर को मंगलवार को इस्लामाबाद रवाना होना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की ''पाकिस्तान यात्रा मंगलवार को नहीं होगी।
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वाशिंगटन. अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने यहां आधिकारिक यात्रा पर आए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मेजबानी की। सेना प्रमुख की यह यात्रा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की हालिया अमेरिका यात्राओं के तुरंत बाद हो रही है, जो भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय सैन्य आदान-प्रदान की निरंतरता को दर्शाता है। यहां भारतीय दूतावास ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''इस यात्रा से भारत-अमेरिका रक्षा संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है, जो हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ है तथा स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।'' सेना प्रमुख बुधवार को अमेरिका के शीर्ष रक्षा सेवा अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले, जनरल द्विवेदी को अमेरिकी सेना की एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सैन्य मामलों को संभालने वाली 'यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक' (यूएसएआरपीएसी) कमान की यात्रा के दौरान हवाई स्थित फोर्ट शाफ्टर में सलामी गारद दी गयी। भारतीय सेना ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि जनरल द्विवेदी ने यूएसएआरपीएसी के कमांडिंग जनरल रोनाल्ड पी. क्लार्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इन वार्ताओं में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। पोस्ट के अनुसार, जनरल द्विवेदी ने ओआहू द्वीप का हवाई दौरा भी किया, जहां उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था और बहु-क्षेत्रीय संचालन क्षमता की तैयारियों की जानकारी हासिल की। -
लंदन। ब्रिटिश संसद ने उस विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें 31 दिसंबर 2008 के बाद जन्मे लोगों के सिगरेट खरीदने पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। मंगलवार को पारित 'टोबैको एंड वेप्स बिल' के समर्थन में दशकों लंबा अभियान चलाने वाली संस्था 'एक्शन ऑन स्मोकिंग एंड हेल्थ' की मुख्य कार्यकारी हेजल चीजमैन ने कहा कि धूम्रपान और उससे होने वाले विनाशकारी नुकसान का अंत अब तय है। 'टोबैको एंड वेप्स बिल' को महाराजा चार्ल्स तृतीय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जो महज एक औपचारिकता भर है। इसके कानून की शक्ल अख्तियार कर लेने के बाद सरकार को तंबाकू, ई-सिगरेट और निकोटीन उत्पादों को विनियमित करने की शक्ति मिल जाएगी। ब्रिटेन में अभी 18 साल से कम उम्र के लोगों को सिगरेट, तंबाकू उत्पाद या ई-सिगरेट बेचना गैरकानूनी है। नया कानून दुनिया के सबसे सख्त धूम्रपान-रोधी कानूनों में से एक होगा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन में धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या में 1970 के दशक से दो-तिहाई कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश की 13 फीसदी आबादी यानी लगभग 64 लाख लोग सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं।
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रियाद। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सऊदी अरब के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति तथा परस्पर हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। डोभाल रविवार को रियाद पहुंचे। सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल खान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-सती ने उनका स्वागत किया। डोभाल ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद अल-ऐबान से मुलाकात की। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और परस्पर हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में संभवत: दूसरे दौर की चर्चा होगी। पाकिस्तान में 11 और 12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी।























