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पुणे. भारतीय ऑलराउंडर प्रेमा रावत ने सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी के मैच में मंगलवार को यहां 14 गेंदों में अर्धशतक जड़कर महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 50 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया। उत्तराखंड की इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पारी में छह चौके और चार छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 357 रहा। उनकी इस पारी के दम पर उत्तराखंड ने हैदराबाद को 89 रन से हराया। महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे तेज अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना के नाम है, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। इंग्लैंड की मैरी केली और ऑस्ट्रेलिया की लौरा हैरिस ने भी घरेलू क्रिकेट में 15 गेंदों में अर्धशतक बनाए हैं। रावत की नाबाद 50 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत उत्तराखंड ने निर्धारित 20 ओवरों में दो विकेट पर 187 रन बनाए। इसके जवाब में हैदराबाद की टीम आठ विकेट पर 98 रन ही बना सकी। प्रेमा रावत ने गेंदबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में 12 रन देकर दो विकेट लिए।
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जालंधर. कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्ट्राइकर सुखजीत सिंह ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने दो-दो गोल किए, जिससे भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट में चीन को 5-2 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। सुखजीत (12वें और 34वें मिनट) ने दो शानदार मैदानी गोल दागे, जबकि हरमनप्रीत (27वें और 31वें मिनट) ने भारत के लिए दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। जुगराज सिंह (47वें मिनट) ने भी ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में मेजबान टीम के लिए पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा। चीन ने अपने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए। उसके लिए पेंग यांग (26वें मिनट) और चोंगकॉन्ग चेन (36वें मिनट) ने यह गोल किए। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में बांग्लादेश को 13-0 से हराया था, जबकि चीन एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया से 4-5 से हार गया था। भारत अपना अगला मैच शुक्रवार को जापान के खिलाफ खेलेगा, जबकि चीन का मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा।
भारतीय टीम ने शुरू से ही खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और उसके खिलाड़ी कई बार सर्कल में पहुंचे, लेकिन 12वें मिनट तक कोई वास्तविक अवसर बनाने में असफल रहे। खेल के 12वें मिनट में जुगराज ने चीन के सर्कल के अंदर अकेले खड़े सुखजीत को गेंद दी जिसे इस स्ट्राइकर ने खूबसूरती से चीन के गोलकीपर हुआन्यु वू के ऊपर से गोल में डाल दिया। चीन को 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में पहला मौका मिला, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने इसे नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने 20वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इनका फायदा उठाने में नाकाम रहा। भारतीय टीम ने लगातार हमले किए लेकिन चीन की रक्षापंक्ति ने अच्छा खेल दिखाकर उसे गोल नहीं करने दिया। चीन की युवा और अनुभवहीन टीम ने पेनल्टी कॉर्नर से 26वें मिनट में बराबरी का गोल किया। तब पेंग यांग ने भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक के दाईं ओर ड्रैग-फ्लिक से गोल दागा। भारत ने जवाबी हमला किया और एक मिनट बाद ही फिर से बढ़त हासिल कर ली। हरमनप्रीत ने भारतीय टीम को मिले तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर फ्लिक शॉट से गोल किया। चीन की टीम ने हाफटाइम से महज 30 सेकंड पहले लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन भारत ने उन्हें इसका फायदा नहीं उठाने दिया। भारत ने दूसरे हाफ शानदार शुरुआत की। हरमनप्रीत ने टीम के चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर एक और शानदार फ्लिक शॉट से गोल करके भारत टीम को 3-1 की बढ़त दिला दी। भारत ने तीन मिनट बाद अपनी बढ़त को और मजबूत कर दिया जब सुखजीत ने आदित्य अर्जुन लालगे के पास को गोल में बदला। चीन के युवा खिलाड़ी हार मानने के मूड में नहीं थे और उन्होंने दो मिनट बाद ही चोंगकॉन्ग चेन के पेनल्टी कॉर्नर पर किए गए गोल से स्कोर 4-2 कर दिया। भारत को जल्द ही अपना पांचवां पेनल्टी कॉर्नर मिल गया, लेकिन इस बार जुगराज सिंह के फ्लिक शॉट को चीन के गोलकीपर वू ने आसानी से रोक दिया। भारत ने चीन की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा और चौथे और अंतिम क्वार्टर के दो मिनट बाद लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। इस बार जुगराज ने कोई गलती नहीं की और दमदार ग्राउंडेड फ्लिक से गोल दाग दिया। भारत को फाइनल हूटर बजने से दो मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार हरमनप्रीत के प्रयास को चीन के गोलकीपर ने नाकाम कर दिया। -
जालंधर/ खिताब का बचाव करने के अपने अभियान का शानदार शुरुआत करने वाली पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम बृहस्पतिवार को यहां एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) ने अपने दूसरे राउंड-रॉबिन मैच में चीन के खिलाफ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने की कोशिश करेगी। एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 से बड़ी जीत हासिल की और वह आत्मविश्वास से भरी हुई है। पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसकी जगह बांग्लादेश को शामिल किया गया। यह एकतरफा मैच था जिसमें अधिकतर समय गेंद बांग्लादेश के पाले में ही घूमती रही। बांग्लादेश भले ही मजबूत टीम नहीं हो लेकिन भारत के लिए उत्साहजनक पहलू रहा कि हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम ने मैदानी और पेनल्टी कॉर्नर दोनों से गोल किए। मंगलवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ आठ मैदानी गोल और पेनल्टी कॉर्नर पर पांच गोल दागे। अनुभवी स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने फॉर्म में वापसी की और हैट्रिक बनाकर आगे भी टीम में बने रहने के लिए अपना मजबूत दावा पेश किया क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार उन्हें तथा जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा को इस टूर्नामेंट के बाद टीम से बाहर किया जाएगा। जहां नीलाकांता ने मंगलवार को घोषणा की कि यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा, वहीं मनदीप और जरमनप्रीत खेलना जारी रखना चाहते हैं। मनदीप के अलावा कप्तान हरमनप्रीत, दिलप्रीत सिंह और उप कप्तान हार्दिक सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा, नीलाकांता और जुगराज सिंह ने भी एक-एक गोल दागा। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन मनदीप के प्रदर्शन से खुश थे।
उन्होंने कहा, ''उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उसने अच्छी दौड़ लगाई तथा वह फुर्तीला और चुस्त था जो महत्वपूर्ण था।'' फुल्टन के लिए हालांकि छोर बदलने के बाद तीसरे क्वार्टर में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है।
उन्होंने कहा, ''हम तेज शुरुआत चाहते थे, जो हमें पहले क्वार्टर में मिली। लेकिन तीसरा क्वार्टर उतना अच्छा नहीं रहा। यह अभी भी एक समस्या है। लेकिन मुझे खुशी है कि हमने अंत में अच्छा प्रदर्शन किया।'' पिंडली की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर हुए मनप्रीत सिंह की अनुपस्थिति में हार्दिक, विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांता ने मध्य पंक्ति में अच्छा प्रदर्शन किया और अग्रिम पंक्ति के यो खिलाड़ियों के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठाया। मनदीप ने अग्रिम पंक्ति में शानदार खेल दिखाए जबकि अभिषेक, दिलप्रीत, शिलानंद और सुखजीत सिंह ने उनका बखूबी साथ दिया। रक्षापंक्ति में हरमनप्रीत, अमित रोहिदास, जुगराज और संजय पर पहले की तरह दारोमदार होगा, जबकि सूरज करकेरा और कृष्ण बहादुर पाठक गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। जहां तक चीन की खिलाड़ियों का सवाल है तो उन्होंने एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह 4-5 से हार गए। चीन ने इस टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से नई टीम उतारी है और उसके युवा खिलाड़ियों ने मलेशिया के खिलाफ अपनी काबिलियत का अच्छा नमूना पेश किया। फुल्टन ने चीन के खिलाफ होने वाले मैच के बारे में कहा, ''हम चीन की इस टीम के बारे में नहीं जानते क्योंकि वह पूरी तरह से नई टीम के साथ यहां आए हैं। उसकी वह टीम नहीं है जो एशियाई खेलों में खेली थी। हम उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते और हमने उन्हें खेलते हुए नहीं देखा है। उनके बारे में सही जानकारी हासिल करने के लिए हमें उनके मैच के वीडियो फुटेज का विश्लेषण करना होगा।'' बृहस्पतिवार को होने वाले अन्य मैचों में मलेशिया का दक्षिण कोरिया से जबकि बांग्लादेश का सामना जापान से होगा।
भारतीय टीम:
गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक
डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा।
मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, नीलाकांता शर्मा, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद।
फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह।
मैचों का कार्यक्रम:
मलेशिया बनाम दक्षिण कोरिया (दोपहर 2.30 बजे)
जापान बनाम बांग्लादेश (शाम 4.45 बजे)
भारत बनाम चीन (शाम सात बजे)। -
दुबई. भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बुधवार को जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नवीनतम टी20 अंतरराष्ट्रीय रैकिंग में अपने हमवतन इशान किशन को पछाड़कर दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए। अभिषेक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मंगलवार को महज 38 गेंद में 113 रन की तूफानी पारी खेली जो उनका इस प्रारूप में चौथा शतक है। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने छह विकेट से जीत दर्ज की। इसके एक दिन बाद वह रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गए। आईसीसी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, ''अभिषेक की शीर्ष स्थान पर वापसी की उम्मीद थी। भारत के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मंगलवार को वेलिंगटन में शृंखला के तीसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ तूफानी शतक जड़कर टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।'' इस बीच दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसन ने टेस्ट ऑलराउंडर की सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट शृंखला में अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर भारत के रविंद्र जडेजा को पीछे छोड़ दिया।
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जालंधर. भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सोमवार को कहा कि टीम डिफेंस में सुधार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने अपनी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार बताए जाने को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य यहां रिकॉर्ड छठा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) खिताब जीतना है। भारत मंगलवार को यहां सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद बांग्लादेश को उसकी जगह शामिल किया गया है। हरमनप्रीत ने यहां टूर्नामेंट से पहले आयोजित कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''डिफेंस हमारी प्राथमिकता है। हमारे पास काफी कुशल फारवर्ड हैं जो अच्छे मौके बनाते हैं। अगर हम रक्षात्मक और आक्रामक, दोनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो एक बेहतर टीम बन सकते हैं।'' हरमनप्रीत ने कहा कि रक्षात्मक प्रदर्शन में सुधार से भारत के समग्र खेल में बड़ा अंतर आ सकता है।
उन्होंने कहा, ''मैं अपने रक्षात्मक प्रदर्शन पर ध्यान दूंगा। एक टीम के रूप में हम जिस तरह से बचाव करते हैं उससे हमारे कुल प्रदर्शन पर काफी फर्क पड़ सकता है। कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हमें सुधार करने की जरूरत है लेकिन हम अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करेंगे और टूर्नामेंट के दौरान उन पहलुओं पर काम करेंगे।'' पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है। वह इस प्रतियोगिता में भाग ले रही टीमों में विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान के साथ सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम है। मेजबान भारत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के बाद इस टूर्नामेंट में उतर रहा है। हालांकि हरमनप्रीत ने कहा कि छह टीम की इस प्रतियोगिता में भारत किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेगा। उन्होंने कहा, ''हर टीम यहां प्रतिस्पर्धा करने और टूर्नामेंट जीतने के लिए आई है। सभी टीम मजबूत हैं और हम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेना चाहते। हर टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए यहां आई है।'' भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के मुख्य खिलाड़ियों को बरकरार रखा है। टीम में कुछ मामूली बदलाव किए गए हैं और फारवर्ड आदित्य ललागे तथा डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा जैसे युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। -
वडोदरा. हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शानदार शतक के बाद वैष्णवी शर्मा की फिरकी के जादू से भारत ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे को दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 121 रन से हराकर तीन मैच की शृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली। भारत के 329 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (49), चिपो मुगेरी तिरिपानो (46) और बिलव्ड बिजा (34) की उम्दा पारियों के बावजूद 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से अपना दूसरा एकदिवसीय मैच खेल रही वैष्णवी ने 39 रन देकर चार जबकि ऑफ स्पिनर दीप्ति ने 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए। भारत ने इससे पहले हरमनप्रीत (121 गेंद में 126 रन, 15 चौके) और दीप्ति शर्मा (86 गेंद में नाबाद 106 रन, 15 चौके) के शतक और दोनों के बीच पांचवें विकेट की 153 रन की साझेदारी से छह विकेट पर 328 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हरमनप्रीत ने टीम की खराब शुरुआत के बाद सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल (67 गेंद में 61 रन) के साथ भी तीसरे विकेट के लिए 124 रन जोड़े। लक्ष्य का पीछा करने उतरे जिम्बाब्वे ने शुरुआती 10 ओवर में लॉरिन फिरी (06) का विकेट गंवाकर 47 रन बनाकर सतर्क शुरुआत की। फिरी को नौवें ओवर में श्री चरणी ने मिडविकेट पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। मुपाचिकवा हालांकि अच्छी लय में नजर आईं। उन्होंने सयाली सतघरे की पारी की शुरुआती दो गेंद पर चौका मारा और फिर जिंतिमणि कलीता पर भी लगातार दो चौके मारे। तिरिपानो ने आते ही दीप्ति पर दो चौके मारे और फिर 13वें ओवर में श्री चरणी पर भी तीन चौके मारे।
मुपाचिकवा ने वैष्णवी शर्मा पर चौके के साथ 19वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया।
सतघरे ने तिरिपानो को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने 57 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। वैष्णवी ने इसके बाद मुपाचिकवा को स्थानापन्न खिलाड़ी हरलीन देओल के हाथों कैच कराके अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। वैष्णवी ने इसके बाद बिजा (34) को भी बोल्ड करके जिम्बाब्वे को चौथा झटका दिया और फिर मिशेल मावुंगा (03) को भी बोल्ड किया। जिम्बाब्वे को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 156 रन की दरकार थी लेकिन टीम इस स्कोर के करीब भी नहीं पहुंच सकी। वैष्णवी ने जोसेफिन एनकोमो (22) को पगबाधा करके अपना चौथा विकेट हासिल किया जबकि दीप्ति ने नयाशा ग्वानजुरा (20), नोमवेलो सिबांडा (00) और तेंडाई माकुशा (00) को पवेलियन भेजा। इससे पहले हरमनप्रीत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से मैदान पर मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया। ऑफ साइड में उनके आकर्षक कवर ड्राइव और कट शॉट देखने लायक थे। उन्होंने प्रतिका और ऑलराउंडर दीप्ति के साथ शतकीय साझेदारियां करके भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान स्मृति मंधाना (00) और शेफाली वर्मा (08) सस्ते में पवेलियन लौट गईं। नवनियुक्त कप्तान स्मृति मैच के पहले ओवर में पुल शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठीं जबकि शेफाली ने मिडविकेट पर नयाशा ग्वानजुरा को कैच थमाया। दोनों विकेट नोमवेलो सिबांडा (38 रन पर दो विकेट) के खाते में गए। इसके बाद प्रतिका और हरमनप्रीत ने पारी को संभाला। शानदार फॉर्म में चल रहीं प्रतिका 23वें ओवर में डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठीं। ग्वानजुरा की गेंद पर बिलव्ड बिजा ने उनका कैच लपका। तेजल हसबनीस भी सिर्फ तीन रन बनाने के बाद ओलिंडर चेयर की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में मिशेल नावुंगा के हाथों लपकी गईं। इसके बाद हरमनप्रीत ने अपनी बेहतरीन और संतुलित पारी से मैच पर नियंत्रण बना लिया। हालांकि उन्हें किस्मत का भी साथ मिला और तीन बार उनके कैच छूटे। यह हरमनप्रीत का आठवां एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक था। ऐसा लग रहा है कि कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह अपने खेल का भरपूर आनंद ले रही हैं। हरमनप्रीत अंतत: मावुंगा की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी कुडजाइ चिगोरा के हाथों लपकी गईं।
भारतीय टीम पारी का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं कर सकी। टीम की फिनिशर ऋचा घोष (07) ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं जिससे रन गति पर अंकुश लगा। दीप्ति ने पारी के अंतिम ओवर में स्क्वायर लेग की दिशा में चौका लगाकर अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। -
-चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंचा
-उप मुख्यमंत्री अरुण साव लगातार दूसरे दिन मैच देखने पहुंचे, मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में स्टार परफॉर्मर्स को दिए पुरस्काररायपुर ।पहले क्वार्टर में खराब शुरुआत के बावजूद सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने आज संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 5-3 से हराकर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैच की शुरुआत में ही दो पेनाल्टी कार्नर गंवा दिए, जिससे वे शुरुआत में ही बढ़त बनाने से चूक गए। हालांकि, ओम कुमार यादव ने जीतू हेमला की पास की गई गेंद को डिफ्लेक्ट करके पहला गोल किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई, लेकिन पेनाल्टी कार्नर को गोल में न बदल पाना उनके लिए भारी पड़ा।दूसरे क्वार्टर में न्यायधानी नाइट्स ने सुखवेद निर्मलकर के फील्ड गोल के साथ वापसी की। इसके कुछ ही देर बाद शादाब अहमद खान ने गोल किया, जब संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के गोलकीपर आदित्य कुमार नेताम बुरी तरह गिर गए थे। इसके एक मिनट से भी कम समय बाद चिराग ने एक पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। पहले हाफ के ज्यादातर समय स्ट्राइकर्स का दबदबा होने के बावजूद स्कोर 1-3 रहा।हालांकि, तीसरे क्वार्टर में उनकी किस्मत थोड़ी बेहतर रही। वे फिर से पेनाल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल पाए, लेकिन उन्हें मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को आशीष तानी पूर्ति ने गोल में बदल दिया। इसके जवाब में, चिराग ने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलकर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त को फिर से दो गोल का कर दिया।मैच के अंत में आशीष तानी एक तरह से संस्कारधानी के अकेले योद्धा साबित हुए, जब उन्होंने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। एकतरफा रहे इस मैच का अंत तब हुआ जब सोनू ने न्यायधानी नाइट्स के लिए एक और गोल किया।मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए आशीष को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला, जबकि चिराग को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में लगातार दूसरे दिन मैच देखने और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मैच के स्टार परफॉर्मर्स को पुरस्कार प्रदान किए।लीग में रविवार को शाम 5.30 बजे 'न्यायधानी नाइट्स' का मुकाबला 'बैलाडीला बुल्स' से होगा, और इसके बाद शाम 7.30 बजे 'राजधानी रॉयल्स' का सामना 'मैनपाट टाइटन्स' से होगा।'राजधानी रॉयल्स' पर 4-3 की जीत के साथ 'चक्रधर चैंपियंस' सेमीफाइनल में जगह बनाने के एक कदम और करीबआज के पहले मैच में 'राजधानी रॉयल्स' को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 'चक्रधर चैंपियंस' ने 4-3 से हराया। इस जीत के साथ 'चक्रधर चैंपियंस' ने अपने दोनों मैचों में जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।'चक्रधर चैंपियंस' के लिए परमप्रीत सिंह मैच के स्टार रहे, जिन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए। वहीं, 'राजधानी रॉयल्स' के लिए रौशन ने एक गोल किया। अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए 'राजधानी रॉयल्स' को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे। - -खेल एवं युवा कल्याण विभाग की पहल से रायपुर में हॉकी का रोमांच, सभी मैचों का जियोहॉटस्टार पर सीधा प्रसारण-ओलंपियन और दिग्गज खिलाड़ियों के बीच दम दिखा रहीं टीमें, पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह बढ़ा रहे खिलाड़ियों का उत्साह-राज्य स्थापना दिवस पर 1 नवम्बर को होगा खिताबी मुकाबलारायपुर. । छत्तीसगढ़ की हॉकी अब रायपुर के मैदान से निकलकर दुनिया तक पहुंच रही है। राज्य में हॉकी को बढ़ावा देने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग ने प्रदेश के खेल जगत को नया मंच दिया है। लीग के सभी मुकाबलों का जियोहॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के साथ देश-दुनिया के दर्शक भी यहां खेले जा रहे रोमांचक मुकाबलों का आनंद ले सकते हैं। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 21 अक्टूबर से शुरू हुई लीग 1 नवम्बर तक चलेगी। हॉकी के दिग्गज खिलाड़ियों और ओलंपियनों की मौजूदगी में आयोजित इस प्रतियोगिता के जरिए छत्तीसगढ़ में हॉकी को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस हॉकी लीग का रोमांच केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं है। जियोहॉटस्टार पर प्रत्येक मैच की लाइव स्ट्रीमिंग से प्रदेश में आयोजित इस प्रतियोगिता को वैश्विक स्तर पर देखने की सुविधा मिल रही है। लीग के ब्रांड एम्बेसडर भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान, ओलंपियन और दिग्गज खिलाड़ी श्री सरदार सिंह हैं। वे यहां मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। लीग में ओलंपियन खिलाड़ियों की भागीदारी और उनके नेतृत्व में टीमों के बीच हो रहे मुकाबलों ने प्रतियोगिता को विशेष आकर्षण दिया है।छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का शुभारंभ 21 अक्टूबर को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खड़से के मुख्य आतिथ्य और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा खेल तथा युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में हुआ। प्रतियोगिता में शुरुआती मुकाबलों से ही खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। ओलंपियन सुरेन्द्र सिंह की कप्तानी वाली न्यायधानी नाइट्स ने पहले दिन ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में केतन कुशवाहा को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।लीग के के पहले दिन 22 अक्टूबर को महिला हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शनी मुकाबला भी खेला गया। इसमें इंद्रावती टाइग्रेस ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए महानदी फाल्कन्स को 4-1 से पराजित किया। महिला खिलाड़ियों के इस मुकाबले ने भी प्रतियोगिता में विशेष आकर्षण जोड़ा।29 अक्टूबर तक रोज दो मैच होंगे, 31 अक्टूबर को सेमीफाइनल्स और 1 नवम्बर को फाइनल मैचछत्तीसगढ़ हॉकी लीग में लगातार रोमांचक मुकाबलों का सिलसिला चलेगा। 23 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स आमने-सामने होंगे। इसी दिन शाम 7:30 बजे चक्रधर चैम्पियन्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। 24 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे राजधानी रॉयल्स का सामना चक्रधर चैम्पियन्स से होगा, जबकि शाम 7:30 बजे न्यायधानी नाइट्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स भिड़ेंगे।25 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे न्यायधानी नाइट्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मुकाबला होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे राजधानी रॉयल्स और मैनपाट टाइटन्स आमने-सामने होंगे। 26 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। इसी दिन शाम 7:30 बजे चक्रधर चैम्पियन्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच भिड़ंत होगी।27 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे न्यायधानी नाइट्स का मुकाबला चक्रधर चैम्पियन्स से होगा, जबकि शाम 7:30 बजे राजधानी रॉयल्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स आमने-सामने होंगे। 28 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच मुकाबला होगा। शाम 7:30 बजे राजधानी रॉयल्स और बैलाडीला बुल्स भिड़ेंगे। लीग चरण के 29 अक्टूबर को होने वाले मुकाबलों में शाम 5:30 बजे संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और मैनपाट टाइटन्स तथा शाम 7:30 बजे चक्रधर चैम्पियन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मुकाबले खेले जाएंगे।30 अक्टूबर को सभी टीमों के विश्राम के बाद अगले दिन 31 अक्टूबर को खिताबी मुकाबले में जगह बनाने के लिए चार टीमों के बीच सेमीफाइनल खेले जाएंगे। पहला सेमीफाइनल शाम 5:30 बजे तथा दूसरा सेमीफाइनल शाम 7:30 बजे से होगा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवम्बर को शाम 5:30 बजे लीग का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में हॉकी को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रतियोगिता में भारतीय हॉकी के अनुभवी खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रत्येक मुकाबले के वैश्विक लाइव प्रसारण से छत्तीसगढ़ की हॉकी को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिल रहा है। प्रदेश के खेलप्रेमियों के साथ दुनियाभर के दर्शक जियोहॉटस्टार पर इन मुकाबलों को लाइव देख सकते हैं। राज्य स्थापना दिवस पर होने वाले फाइनल के साथ छत्तीसगढ़ हॉकी लीग-2026 का समापन होगा।
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ओलंपियन सुरेंद्र सिंह की टीम ने ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को दी शिकस्त, केतन कुशवाहा बने स्ट्राइकर एवं प्लेयर ऑफ द मैच
महिला प्रदर्शनी मैच में इंद्रावती टाइग्रेस ने महानदी फाल्कन्स को 4-1 से हराया, कप्तान आंचल साहू ने दागे दो गोल
रायपुर/छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के उद्घाटन मुकाबले में भारतीय हॉकी के दो ओलंपियन खिलाड़ियों की टीमों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली। गुरुवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ओलंपियन सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराकर शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। न्यायधानी नाइट्स की ओर से चिराग और केतन कुशवाहा ने एक-एक गोल किया, जबकि राजधानी रॉयल्स की ओर से रौशन एकमात्र गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।
मैच की शुरुआत से ही न्यायधानी नाइट्स ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले के 12वें मिनट में चिराग ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनके तेज फ्लिक को राजधानी रॉयल्स के पहले रशर और गोलकीपर हिमांशु मलिक रोकने में नाकाम रहे। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में केतन कुशवाहा ने शानदार मैदानी गोल कर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त 2-0 कर दी। केतन ने विपक्षी टीम के कुछ रक्षकों को छकाते हुए गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई।
इसके ठीक एक मिनट बाद न्यायधानी नाइट्स को अपनी बढ़त और मजबूत करने का मौका मिला, लेकिन टीम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। दूसरी ओर, राजधानी रॉयल्स के कप्तान ललित उपाध्याय ने मिडफील्ड में आक्रामकता बढ़ाते हुए टीम को मुकाबले में वापस लाने का प्रयास किया। हालांकि, राजधानी रॉयल्स भी उसे मिले दुर्लभ पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा सकी।
न्यायधानी नाइट्स के सुरेंद्र सिंह ने रक्षापंक्ति में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्षी खिलाड़ियों को डी क्षेत्र में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। न्यायधानी नाइट्स के रक्षकों ने लगातार बेहतरीन ढंग से गेंद को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकाला, जिसका असर स्कोर पर भी दिखाई दिया। दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में राजधानी रॉयल्स के अनिकेत कुजूर के लिए दिए गए पास को रोकने के प्रयास में सुरेंद्र सिंह के चेहरे पर चोट भी लगी।
मुकाबले के दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यायधानी नाइट्स को संजीत तिर्की द्वारा स्टिक चेक किए जाने के कारण पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। इसके बाद मिले अगले मौके पर भी टीम को सफलता नहीं मिली। केतन कुशवाहा ने विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में लगातार गोल करने के प्रयास किए, लेकिन उनके शॉट्स में सटीकता की कमी रही। दूसरी ओर, तीसरे क्वार्टर में राजधानी रॉयल्स के खिलाड़ियों ने भी कई बार विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में प्रवेश किया, लेकिन अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी के कारण ये प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सके।
चौथे क्वार्टर में खेल की गति कुछ धीमी रही। राजधानी रॉयल्स के सामने मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी, लेकिन टीम की अग्रिम पंक्ति प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सकी। गोल करने के कई अवसर गंवाने के कारण टीम पर दबाव बढ़ता गया। इसी क्वार्टर में मुकाबले के दौरान दूसरी बार खिलाड़ियों को चोट लगी। राजधानी रॉयल्स के पहले रशर प्रेमचंद सोय की न्यायधानी नाइट्स के चिराग से जोरदार टक्कर हो गई। दोनों खिलाड़ी मैदान पर गिर पड़े, जिसके कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा।
इसके बाद मुकाबले में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ और न्यायधानी नाइट्स ने 2-1 से जीत दर्ज कर ली। पूरे मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले केतन कुशवाहा को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मुकाबला शाम 5:30 बजे मैनपाट टाइटंस और बैलाडीला बुल्स के बीच होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे चक्रधर चैंपियंस और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की टीमें आमने-सामने होंगी।
महिला प्रदर्शनी मैच में इंद्रावती टाइग्रेस की एकतरफा जीत, महानदी फाल्कन्स को 4-1 से हराया
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के अंतर्गत गुरुवार को खेले गए महिला प्रदर्शनी मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस ने शानदार खेल दिखाते हुए महानदी फाल्कन्स को 4-1 से पराजित किया। इंद्रावती टाइग्रेस की कप्तान आंचल साहू ने दो गोल दागकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की ओर से लीना कोरसे और ममतेश्वरी लहरे ने भी एक-एक गोल किया। वहीं महानदी फाल्कन्स की ओर से रिया खलखो ने एकमात्र गोल किया।
मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस का शुरू से ही दबदबा रहा। टीम ने लगभग 60 प्रतिशत समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। इसके विपरीत महानदी फाल्कन्स के खिलाड़ियों में तालमेल की कमी दिखाई दी। टीम की अग्रिम पंक्ति भी अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा सकी। बेहतर रणनीति, गेंद पर नियंत्रण और आक्रामक खेल की बदौलत इंद्रावती टाइग्रेस ने चार गोल दागकर एकतरफा जीत दर्ज की।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) प्रदेश की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करने और राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला संस्करण 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इनमें राजधानी रॉयल्स, बैलाडीला बुल्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं।
प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 18 खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के तथा चार खिलाड़ी राज्य के बाहर के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के खेल तंत्र को मजबूत बनाना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और प्रदेश में राष्ट्रीय खेल हॉकी के निरंतर विकास को गति देना है।
'चलो रे संगी, हॉकी खेलबो' के आकर्षक ध्येय वाक्य के साथ आयोजित यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में प्रदेश की बढ़ती आकांक्षाओं का उत्सव है। -
नागोया. फर्राटा धाविका सिमरन, ऊंची कूद में प्रवीण कुमार और शॉटपुट में सचिन खिलाड़ी ने नये रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते और ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों ने बुधवार को पांच स्वर्ण समेत 22 पदक भारत की झोली में डालकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया । सिमरन (महिलाओं की 100 मीटर टी12), प्रवीण (पुरूषों की ऊंची कूद टी44.64) और सचिन (पुरूष शॉटपुट एफ46) के अलावा दिलीप गावित (पुरूषों की 100 मीटर टी47) और आयुष वर्मा (पुरूषों की शॉटपुट एफ53) ने भी स्वर्ण पदक जीते । पुरूषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में भारत ने 'क्लीन स्वीप' करते हुए तीनों पदक जीते । पैरा तीरंदाजी, पैरा तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी भारत ने पदक जीते ।
भारत को अब तक मिले 14 में से 13 स्वर्ण पैरा एथलेटिक्स दल ने जीते हैं । भारत ने 22 रजत (14 एथलेटिक्स में) और 26 कांस्य (15 एथलेटिक्स में) समेत कुल 62 पदक अपने नाम किये हैं । सिमरन ने 12.02 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ महिला 100 मीटर टी12 स्पर्धा जीतकर एशियाई पैरा खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने मंगलवार को खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ 200 मीटर स्पर्धा में स्पर्धा पदक जीता था। भुजाहीन कंपाउंड तीरंदाज शीतल देवी ने महिला युगल में पायल नाग के साथ रजत पदक जीता ।
तैराकी में रवि कार्तिक बुदिगिना ने इन खेलों में दूसरा रजत अपने नाम किया जब वह पुरूषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहे । हिमांशु नंदल ने पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता। पैरा बैडमिंटन में कृष्णा नागर और सिवाराजन सोलाइमलाइ ने पुरूष युगल एसएच6 स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि एसएल4 वर्ग में गत चैम्पियन सुहास एल वाई, नवीन सिवाकुमार और अभिजीत सखुजा सेमीफाइनल में पहुंच गए । कृष्णा और सिवाराजन तीन मैचों में एक जीत और दो हार के बाद दूसरे स्थान पर रहे । सिर्फ चार टीमें होने के कारण ग्रुप में स्थिति के आधार पर पदक तय किये गए । पावरलिफ्टिंग में पोलियो से जूझ रही कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलो वर्ग में रजत पदक जीता ।
एथलेटिक्स में भारत 62 स्पर्धाओं में भाग ले रहा है और उसे 60 में पदक जीतने की उम्मीद है । अभी दो दिन की स्पर्धायें बाकी हैं और भारत 41 पदक जीत चुका है । पेरिस पैरालम्पिक 2024 में दो कांस्य जीतने वाली प्रीति पाल समेत तीन खिलाड़ियों ने दो पदक जीते हैं । प्रीति ने महिलाओं की 100 मीटर टी35 स्पर्धा में जत पदक जीता । वह मंगलवार को 200 मीटर टी35 में दूसरे स्थान पर रही थी। सिमरन ने 12.02 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ महिला 100 मीटर टी12 स्पर्धा जीतकर एशियाई पैरा खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने एक बार फिर ईरान की हजार सफरजादेह को पछाड़ा जो 12.30 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। सिमरन ने मंगलवार को खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ 200 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
भारत को दिन का पहला पदक आयुष वर्मा ने दिलाया जिन्होंने पुरुषों की शॉट पुट एफ53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खाते में दूसरा पदक जोड़ा। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया। पुरूषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में सचिन खिलारी ने एशियाई पैरा खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। सुबह के सत्र में बंटी (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64), भाग्यश्री जाधव (महिलाओं के शॉट पुट एफ34), मोहम्मद यासर (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) और मनजीत (पुरुषों के भाला फेंक एफ12/13) ने रजत पदक हासिल किए। अनुभव चौधरी (पुरुषों की 100 मीटर टी35), परवीन (पुरुषों का शॉट पुट एफ46) और राकेशभाई भट्ट (पुरुषों की 100 मीटर टी37) ने कांस्य पदक जीते। दिलीप गावित ने पुरूषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि भारत के ही मोहम्मद मोर्सिंगनाकथ को रजत पदक मिला । टी46 खिलाड़ी गावित ने 10 . 69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण हासिल किया । वहीं टी47 खिलाड़ी मोर्सिंगनाकथ ने 10 . 72 सेकंड का समय निकाला । शरथ माकनहल्ली का पुरुषों की 1500 मीटर टी12 स्पर्धा में जीता कांस्य पदक रजत में बदल गया जब मूल रूप से स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को नियमों के उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित किया गया। माकनहल्ली ने चार मिनट 11.01 सेकेंड के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीता था। सुखचैन ने पुरुष भाला फेंक एफ55 स्पर्धा में 29.94 मीटर के प्रयास से कांस्य पदक जीता। पैरालंपियन करमज्योति दलाल ने महिला चक्का फेंक एफ55 स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। -
रायपुर। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने पुराने तेवरों का शानदार नमूना पेश करके नाबाद 91 रन की जबरदस्त पारी खेली जिससे भारत ने मंगलवार को यहां तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिंबॉब्वे को 92 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हरमनप्रीत के 41 गेंदों में नाबाद 91 रन और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 37 गेंद पर 69 रन की मदद से सात विकेट पर 216 रन बनाए। इसके जवाब में जिंबॉब्वे की टीम सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी। उसकी तरफ से शार्ने मायर्स ने 60 और बिलव्ड बिजा ने 44 रन का योगदान दिया लेकिन इससे केवल हार का अंतर ही कम हो पाया। भारत की तरफ से नंदिनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत ने पहला मैच चार विकेट और दूसरा मैच नौ विकेट से जीता था। अब इन दोनों टीम के बीच तीन वनडे मैच की श्रृंखला खेली जाएगी। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी।
अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा। दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया।
शेफाली के आउट होने के बाद हाल में तीनों प्रारूप की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत ने कमान संभाली। उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया। यह 37 वर्षीय बल्लेबाज एशिया कप में धीमी पिचों पर लय हासिल नहीं कर पाई थी जबकि एशियाई खेलों में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था। यह पूर्व कप्तान इसके बाद काफी भावुक हो गई थी। पिछली 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाने वाली हरमनप्रीत ने कहा, ''मुझे क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं केवल अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी।'' भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 62 रन बनाए। जिंबॉब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने 50 रन देकर तीन विकेट लिए। जिंबॉब्वे की टीम बड़े लक्ष्य के सामने किसी भी समय जीत हासिल करने की कोशिश करती हुई नहीं दिखी। ऐसा लग रहा था कि उसके बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक टिके रहने की कोशिश में हैं जिसमें वह सफल भी रहे। - नई दिल्ली। पैरा एशियन खेल 2026 में भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने सोमवार को महिला कंपाउंड वर्ग की क्वालीफिकेशन स्पर्धा में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और नया एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।शीतल ने पहले स्थापित एशियाई रिकॉर्ड (698 अंक) को छह अंक से पीछे छोड़ दिया। 72 तीरों के इस राउंड में उन्होंने दोनों 50 मीटर राउंड में 352-352 अंक बनाए। उनके नाम 32 एक्स और 25 बारह अंकों के निशाने दर्ज हुए। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम 683 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की शुएकिंग शू ने 680 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। बांग्लादेश की जोमा अख्तर 676 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।भारत की एक अन्य तीरंदाज पायल नाग ने 675 अंक बनाए और क्वालीफिकेशन में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। इंडोनेशिया की तेओदोरा फेरेली ऑडी अयूदिया ने भी 675 अंक हासिल किए। शीतल देवी के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारतीय पैरा खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है। ऐसे में आगे की स्पर्धाओं में उनसे और बेहतर नतीजों की उम्मीद की जा रही है।--
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शंघाई/अलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना ने रविवार को एक सेट और एक ब्रेक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए राफेल जोडार को 1-6, 7-6 (5), 6-4 से हराकर शंघाई मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। यह इस साल उनका तीसरा खिताब और करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब है।
स्पेन के 25वीं वरीयता प्राप्त डेविडोविच फोकिना अपने करियर के पहले पांच फाइनल हार गए थे जिसमें 2022 में मोंटे कार्लो मास्टर्स का फाइनल भी शामिल था। इस साल उनके अन्य दो खिताब जून में मल्लोर्का में ग्रास कोर्ट पर और पिछले महीने चीन में चेंगदू ओपन में आए थे। ये दोनों एटीपी 250 टूर्नामेंट थे। खिताब जीतने के बाद डेविडोविच फोकिना ने शंघाई मास्टर्स की ट्रॉफी को कसकर पकड़ा और चूम लिया। -
रायपुर। भारतीय महिला टीम की कप्तान स्मृति मंधाना ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराकर तीन मैच की श्रृंखला जीतने के बाद अपनी गेंदबाजों और शेफाली वर्मा की बल्लेबाजी की प्रशंसा की। सलामी बल्लेबाज शेफाली (55 रन, 25 गेंद) के साथ कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) ने शानदार पारी खेली जिससे भारत ने दूसरे टी20 में 102 रन का लक्ष्य 8.5 ओवर में हासिल कर लिया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को आठ विकेट पर 102 रन ही बनाने दिए थे। इससे भारत ने तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली।
भारत के लिए निकी प्रसाद ने दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। मंधाना ने मैच के बाद अपनी गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ''आज गेंदबाजों ने पहले मैच की तुलना में बेहतर गेंदबाजी की। आज उन्होंने रणनीति के हिसाब से गेंदबाजी की। '' उन्होंने कहा, ''हालांकि हम कैच लपकने में और बेहतर कर सकते हैं। पिछले मैच में हमने यह चर्चा की थी लेकिन आज हमारे पास बढ़िया रणनीति थी। आज गेंदबाजों ने रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। '' शेफाली ने अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी निभाई। मंधाना ने कहा, ''शेफाली काफी आक्रामक बल्लेबाजी कर रही थीं इसलिए मैं उन्हें स्ट्राइक दे रही थी और मौका बनने पर अपने शॉट्स खेल रही थी। '' 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहीं शेफाली ने कहा, ''पहले मैच में मैं जिस तरह से आउट हुई उसके बाद ठीक से सो नहीं पाई लेकिन आज मैंने अच्छी तरह से गेंद को टाइम किया। मैंने आज स्ट्राइक भी रोटेट किया। '' जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिने एनकोमो ने कहा, ''भारतीय टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी की। हमें पावरप्ले में अच्छी शुरुआत नहीं मिली। काफी कुछ सीखने लायक है, अगर हम थोड़ा बहुत भी आत्मसात कर लें तो बहुत बड़ी बात होगी। -
रायपुर/भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (55 रन, 25 गेंद) और कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) की पारियों से रविवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8.5 ओवर में नौ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी से भारतीय टीम ने 67 गेंद रहते आसानी से 103 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया। इस तरह मंधाना ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली श्रृंखला में जीत से शुरूआत की।
शेफाली की पारी में छह चौके और चार छक्के जड़े थे जबकि मंधाना ने छह चौके और दो छक्के जमाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान मिशेल मावुंगा की लगातार तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया। शेफाली ने बिलव्ड बिजा पर छक्का जड़कर 24 गेंद में अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर वह इस गेंदबाज का शिकार हो गईं। मंधाना ने भी आक्रामक अंदाज बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाज नयाशा ग्वानजुरा की लगातार चार गेंदों पर चौके जड़े। उन्होंने ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच समाप्त किया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही।
तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था। -
रायपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज के पहले मैच में जिम्बाब्वे को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 114 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए डेब्यूटेंट निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा की शानदार साझेदारी की बदौलत 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
जिम्बाब्वे ने 5 विकेट पर बनाए 114 रनटॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। टीम ने 7 रन के स्कोर पर बिलव्ड बिजा का विकेट गंवा दिया। इसके बाद केलिस नधलोवु और मोडेस्टर मुपाचिकवा ने दूसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़कर पारी को संभाला। मुपाचिकवा 16 रन बनाकर आउट हुईं। नधलोवु ने शार्ने मेयर्स के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 रन और न्याशा ग्वानजुरा के साथ चौथे विकेट के लिए 31 रन की साझेदारी की, जिससे टीम 100 रन के पार पहुंचने में सफल रही।शार्ने मेयर्स और नधलोवु ने संभाली पारीजिम्बाब्वे की ओर से शार्ने मेयर्स ने 33 गेंदों में 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 43 रन बनाए। वहीं, केलिस नधलोवु ने 44 गेंदों का सामना करते हुए 6 छक्कों की मदद से 42 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के योगदान से जिम्बाब्वे ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट पर 114 रन का स्कोर खड़ा किया।नंदनी शर्मा ने झटके 2 विकेटभारत की ओर से नंदनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में केवल 11 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। श्री चरणी ने 4 ओवर में 14 रन देकर एक विकेट लिया। इसके अलावा क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।भारत की शुरुआत बेहद खराब, 19 रन पर गिरे 4 विकेट115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत ने 1.1 ओवर में 14 रन के स्कोर पर कप्तान स्मृति मंधाना का विकेट गंवा दिया। वह 9 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद अनुष्का शर्मा केवल 3 गेंदों में 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर की दूसरी गेंद पर हरमनप्रीत कौर भी एक रन बनाकर आउट हो गईं। जल्द ही शेफाली वर्मा का विकेट भी गिर गया, जो 4 रन बना सकीं। इस तरह भारत ने 3.1 ओवर में महज 19 रन पर चार विकेट गंवा दिए।निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने पलटा मैचचार विकेट जल्दी गिरने के बाद भारतीय टीम मुश्किल में नजर आ रही थी। ऐसे में डेब्यू कर रहीं निकी प्रसाद ने दीप्ति शर्मा के साथ पांचवें विकेट के लिए 63 गेंदों में 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय पारी को संभाला और जीत की राह आसान कर दी। दीप्ति ने 37 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 49 रन बनाए और अपने अर्धशतक से केवल एक रन दूर रह गईं।निकी 39 रन बनाकर नाबाद लौटींदीप्ति शर्मा के आउट होने के बाद निकी प्रसाद ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। उन्होंने 35 गेंदों में 6 चौकों की मदद से नाबाद 39 रन बनाए। निकी की संयमित और प्रभावी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 15.4 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 4 विकेट से अपने नाम कर लिया।न्याशा ग्वानजुरा ने लिए 3 विकेटजिम्बाब्वे की ओर से न्याशा ग्वानजुरा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 3 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इसके अलावा मिशेल मावुंगा, ओलिंडर चारे और बिलव्ड बिजा को एक-एक विकेट मिला। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों की साझेदारी ने जिम्बाब्वे की गेंदबाजी के प्रयासों को नाकाम कर दिया।18 और 20 अक्टूबर को होंगे अगले मुकाबलेपहले टी20 में जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज के शेष दो टी20 मुकाबले 18 और 20 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज आयोजित होगी। -
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीमों का ऐलान कर दिया है। पांच मैचों की वनडे सीरीज में शुरुआती तीन मुकाबलों की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे, जबकि अंतिम दो मैचों में श्रेयस अय्यर टीम की अगुवाई करेंगे। वनडे सीरीज के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी टीम में जगह दी गई है। वहीं, टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल कप्तान की भूमिका निभाएंगे, जबकि ऋषभ पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी।
शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा की गई है। शुभमन गिल को कप्तान और श्रेयस अय्यर को उप-कप्तान बनाया गया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल, ईशान किशन और ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल तथा नमन धीर को भी टीम में शामिल किया गया है। अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली पूरी वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे।सीरीज के चौथे और पांचवें वनडे के लिए टीम में बदलाव किया गया है। इन दोनों मुकाबलों में श्रेयस अय्यर कप्तान होंगे, जबकि ईशान किशन को उप-कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस चरण के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा, विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र और तेज गेंदबाज यश ठाकुर को टीम में शामिल किया गया है। कुमार कुशाग्र और यश ठाकुर को पहली बार वनडे टीम में मौका मिला है।विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल, तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए ही उपलब्ध रहेंगे। इसके बाद वे टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए टीम के साथ जुड़ेंगे। अंतिम दो वनडे के लिए घोषित टीम में इन खिलाड़ियों की जगह बदलाव किए गए हैं। वनडे टीम में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज, गुरनूर बरार और कुलदीप यादव को शामिल किया गया है। कुलदीप स्पिन विभाग में अहम भूमिका निभाएंगे, जबकि अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी ऑलराउंड विकल्प प्रदान करेंगे। हालांकि, अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को टीम में जगह नहीं मिली है।टेस्ट सीरीज के लिए शुभमन गिल को कप्तान और केएल राहुल को उप-कप्तान बनाया गया है। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन और रवींद्र जडेजा समेत कई प्रमुख खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है। विकेटकीपर के तौर पर ध्रुव जुरेल को भी जगह मिली है, जबकि ऋषभ पंत के खेलने पर अंतिम फैसला उनकी फिटनेस के आधार पर होगा। टेस्ट टीम में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, प्रसिद्ध कृष्णा और अंशुल कंबोज तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया है। नीतीश कुमार रेड्डी भी टीम को अतिरिक्त ऑलराउंड विकल्प देंगे। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, वनडे सीरीज 4 से 15 नवंबर के बीच खेली जाएगी। इसके बाद 19 नवंबर से 1 दिसंबर तक दो टेस्ट मुकाबलों की सीरीज आयोजित होगी। दोनों प्रारूपों के लिए अलग-अलग संयोजन और वनडे सीरीज के बीच कप्तानी में बदलाव के साथ भारतीय टीम आगामी मुकाबलों की तैयारी करेगी।शुरुआती तीन वनडे के लिए भारतीय टीमशुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीमश्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर/उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी, गुरनूर बरार, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीमशुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उप-कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस के आधार पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज। -
नयी दिल्ली. पंजाब में होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लिये खास मौका है क्योंकि उनके कैरियर में पहली बार उनका परिवार स्टेडियम में बैठकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते देखेगा । कभी हॉकी के गढ रहे पंजाब में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी पुरूष हॉकी टूर्नामेंट के जरिये 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी । पंजाब गोल्ड कप 2009 प्रदेश में आखिरी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट था । भारत के अलावा मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और बांग्लादेश 27 अक्टूबर से दो नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेंगे । लगातार दो एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले कप्तान हरमनप्रीत ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा ,'' पूरी टीम के लिये यह खास मौका है खासकर पंजाब के खिलाड़ियों के लिये जो पहली बार पंजाब में भारत की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलेंगे ।'' उन्होंने कहा ,'' मेरा पूरा परिवार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने पहुंचेगा । मेरे पिता ने कभी मुझे स्टेडियम में बैठकर देश के लिये खेलते नहीं देखा ।'' भारत पांच बार (2011, 2016, 2018, 2023 और 2024) में खिताब जीत चुका है ।
पंजाब के लिये हॉकी महज एक खेल नहीं बल्कि इसकी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है । पंजाब के गांवों से लेकर अकादमियों तक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी में पंजाब का अमूल्य योगदान रहा है । उधम सिंह से लेकर बलबीर सिंह सीनियर तक और मनप्रीत सिंह से लेकर हरमनप्रीत सिंह तक पंजाब ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिये हैं । उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मैच 27 अक्टूबर से दो नवंबर के बीच जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जायेंगे । वहीं चार और पांच नवंबर को सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जायेंगे । गत चैम्पियन भारत को 27 अक्टूबर को जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ पहला मैच खेलना है । -
नयी दिल्ली । पंजाब में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के लिये हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय पुरूष टीम में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को बरकरार रखा गया है लेकिन गोलकीपर कृशन बहादुर पाठक की वापसी हुई है । हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया । एशियाई खेलों और विश्व कप से बाहर रहे पाठक ने वापसी की है जबकि युवा डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा और मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालागे भी टीम में हैं । मिडफील्डर विष्णु कांत सिंह और फॉरवर्ड अंगद बीर सिंह 18 सदस्यीय टीम में दो रिजर्व खिलाड़ी हैं । एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के जरिये पंजाब में दो दशक बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है । इसके मुकाबले जालंधर और मोहाली में खेले जायेंगे ।
भारतीय टीम :
गोलकीपर : सूरज करकेरा, कृशन बहादुर पाठक
डिफेंडर : संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा
मिडफील्डर : राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, नीलाकांता शर्मा, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह
फॉरवर्ड : शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह
रिजर्व : विष्णु कांत सिंह, अंगद बीर सिंह । -
काहिरा. भारत के उदयवीर सिद्धू ने रविवार को यहां आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल विश्व कप की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चौबीस वर्षीय उदयवीर ने फाइनल में 240.6 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उदयवीर ने जर्मनी के क्रिस्टियन रिट्ज (240.1) को 0.5 अंक से पछाड़ा जिन्होंने रजत पदक जीता। इटली के पाओलो मोन्ना (219.8) ने कांस्य पदक जीता। उदयवीर ने अंतिम चरण में दबाव के बीच संयम बनाए रखा। आखिरी दो शॉट से पहले वह रिट्ज से 0.3 अंक पीछे थे लेकिन भारतीय निशानेबाज ने 10.2 और 9.8 अंक के शॉट लगाए। वहीं, रिट्ज के दोनों शॉट में 9.6 अंक के रहे जिससे उदयवीर ने आखिरी शॉट पर जीत दर्ज की। उदयवीर ने इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में 585 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने छह सीरीज में 99, 98, 98, 97, 97, 96 अंक जुटाए। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज जोनाथन गेविन एंटनी क्वालीफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहे लेकिन वह केवल रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। उन्होंने शीर्ष पर रहे पाओलो के समान अंक जुटाए थे। भारत के अजेंद्र सिंह चौहान (580 अंक) और सरबजोत सिंह (574 अंक) क्वालीफिकेशन में क्रमशः 14वें और 31वें स्थान पर रहे और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। केवल रैंकिंग अंक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे कुमार योगेश ने 573 अंक जुटाए।
फाइनल में तुर्की के पेरिस 2024 ओलंपिक पदक विजेता यूसुफ डिकेच ने भी हिस्सा लिया जो 138.0 अंक के साथ सातवें स्थान पर रहे। यूनान के जॉर्जियोस गाम्पिएराकिस 198.7 अंक के साथ चौथे जबकि लातविया के एमिल्स वासरमानिस 177.6 अंक लेकर पांचवें स्थान पर रहे। -
इंदौर. भारत और वेस्टइंडीज के बीच अभी तक बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला है तथा रविवार को यहां होने वाले तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी यह बरकरार रहने की पूरी उम्मीद है जिससे कि गेंदबाजों पर काफी दबाव रहेगा। रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 501 रन बने। वेस्टइंडीज ने भारत के 250 रन के लक्ष्य को लगभग एक ओवर शेष रहते हुए ही हासिल कर दिया था। इंदौर का होलकर स्टेडियम छोटी बाउंड्री और सपाट पिच के लिए जाना जाता है। इसलिए अगर यहां फिर से रनों का अंबार देखने को मिले तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। निश्चित तौर पर मुकाबला दोनों टीम के बल्लेबाजों के बीच होगा लेकिन सभी विभागों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम ही जीत हासिल करेगी। विशेषकर क्षेत्ररक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम का पलड़ा भारी रहेगा। दोनों टीम ने अभी तक महत्वपूर्ण अवसरों पर कुछ कैच छोड़े हैं जो महंगे साबित हुए हैं। पिछले मैच में मयंक यादव ने शेरफेन रदरफोर्ड का आसान कैच छोड़ दिया था जो एक तरह से निर्णायक साबित हुआ। रदरफोर्ड ने इसका पूरा फायदा उठाकर कप्तान शाई होप के साथ मिलकर 54 गेंदों में 120 रन की साझेदारी की। जब मयंक ने शॉर्ट फाइन लेग पर रदरफोर्ड का आसान कैच छोड़ा तब यह बल्लेबाज 38 रन पर खेल रहा था। उन्होंने इसके बाद 37 गेंदों में 84 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और उतने ही चौके शामिल हैं। भारत को होप की शानदार फॉर्म को लेकर भी सतर्क रहना होगा। वेस्टइंडीज के कप्तान ने इस दौरे पर दो शतक जड़े हैं और वह फिर से बड़ी पारी खेलने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। भारत के लिए गेंदबाजी अब भी चिंता का विषय बना हुआ है और वह इस मैच में इसका हल ढूंढने की कोशिश करेगा। इस मैच में ओस की भी अहम भूमिका रहने की उम्मीद है। मयंक ने पिछले मैच में तीन विकेट लेकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई थी लेकिन बाकी गेंदबाज रनों पर अंकुश नहीं लगा पाए और वेस्टइंडीज ने शुरुआती झटकों के बावजूद जोरदार वापसी करके रिकार्ड लक्ष्य हासिल कर दिया। भारत के लिए इस श्रृंखला का सकारात्मक पहलू कप्तान श्रेयस अय्यर का फॉर्म में लौटना है। उन्होंने पहले मैच में नाबाद 102 रन बनाए और दूसरे मैच में 18 गेंद पर 40 रन की तूफानी पारी खेली। संजू सैमसन ने 41 गेंदों में 82 रन बनाकर अंतिम एकादश में अपनी जगह फिर से पक्की कर दी। इसका मतलब है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को फिर से बाहर बैठना पड़ सकता है। भारतीय कोच गौतम गंभीर ने भी रांची में दूसरे मैच के बाद कहा था कि मध्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है लेकिन शीर्ष क्रम में नहीं। मुख्य कोच ने यह भी स्वीकार किया कि शिवम दुबे के अय्यर से पहले चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के बाद भारत अपने टीम संयोजनों के साथ प्रयोग करना जारी रखेगा। हालांकि दुबे केवल सात रन बनाकर आउट हो गए थे। भारत अपने मुख्य गेंदबाज अर्शदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगा, जिन्होंने दो मैचों में 79 रन देकर एक विकेट लिया है। भारत मयंक से भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद करेगा। होप के शानदार प्रदर्शन और रदरफोर्ड के फॉर्म में वापस आने से वेस्टइंडीज की टीम खुश होगी। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों में रोस्टन चेज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने पिछले मैच में 24 रन देकर चार विकेट लिए। वेस्टइंडीज हालांकि शमर स्प्रिंगर को बदलने पर विचार कर सकता है, जिन्होंने अपने चार ओवरों में 64 रन देकर दो विकेट लिए। टीम इस प्रकार हैं:
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव। वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू (विकेटकीपर), कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे शुरू होगा। -
नयी दिल्ली. भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह "एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं।" सैतीस वर्षीय हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। हाल के दिनों में भारतीय महिला टीम की कप्तानी करने की अपनी इच्छा खुलकर जाहिर करने वाली स्मृति मंधाना अगली कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहीं हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, '' मैं आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं।'' उन्होंने कहा, "यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनगिनत पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।" हरमनप्रीत ने यह भावुक संदेश इंस्टाग्राम पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान की ओर मुंह करके खड़े अपनी तस्वीर भी पोस्ट की। इससे पहले हरमनप्रीत ने कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी। भारत इन खेलों के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुका है। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के एक सूत्र ने 'पीटीआई' को बताया कि अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी जारी रखना चाहती थीं। बोर्ड ने हालांकि उन्हें बताया कि वह तीनों प्रारूपों में नेतृत्व में बदलाव की योजना बना रहा है। ऐसे में स्मृति मंधाना की अगली कप्तान बनने की संभावना है। हरमनप्रीत के योगदान को लेकर जारी अपने आधिकारिक बयान में बीसीसीआई ने उन्हें "भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली खिलाड़ी" बताया। हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम का कप्तान बनाया गया और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी और करीब एक दशक तक इस जिम्मेदारी को निभाया। 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। पंजाब के मोगा की इस खिलाड़ी ने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने का अवसर मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।" हरमनप्रीत हालांकि तीनों प्रारूपों में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी।
उन्होंने कहा, "अब मेरे लिए नया अध्याय शुरू करने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मैंने अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब कुछ इस टीम को दिया है। मैं अब फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी का अंत हुआ है, सफर जारी है।" अपने भावुक बयान में अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखकर टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने लिखा, ''मैंने अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल तथा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी टीम को दिया। ऐसे कई मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपने विकास और अपनी इच्छाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले होनी चाहिए।" हरमनप्रीत को भारत की महानतम क्रिकेटरों में शुमार किया जाता है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक भी हासिल किया। इसके अलावा हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की।
उन्होंने कहा, "एक कप्तान के रूप में मुझे कई कठिन फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।" उन्होंने आगे कहा, "मेरा हर फैसला टीम को बेहतर बनाने के प्रेरित था। इसमें अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना शामिल है।'' इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने और बल्ले से खासकर टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी को लेकर आलोचना बढ़ने लगी थी। पूर्व खिलाड़ी डायना एडुल्जी समेत कुछ लोगों ने स्मृति मंधाना को कप्तानी सौंपे जाने की वकालत भी की थी। हरमनप्रीत ने कहा, "मैंने सब कुछ देखा है। मैंने टीम के सबसे बुरे दौर, निराशा, आलोचना, लोगों के सवाल और ऐसे दिन देखे हैं, जब लगता था कि कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं हो रहा। लेकिन मैंने जीत की सबसे बड़ी खुशियां भी महसूस की हैं—जीत, जश्न, देश के लिए खेलने का गर्व और वे पल, जिन्होंने हमारे हर त्याग को सार्थक बना दिया।" उन्होंने कहा कि वह कप्तानी की जिम्मेदारी "भावनाओं से भरे दिल, लेकिन मन में शांति के साथ" छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, " मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी स्थिति में है। ऐसी टीम, जिसमें प्रतिभा, चरित्र, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य है। मैं उसके आगे के सफर को देखने और उसका हिस्सा बने रहने के लिए बेहद उत्साहित हूं।" -
नयी दिल्ली. एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वह राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। उसने तीरंदाजी में सबसे ताकतवर टीम दक्षिण कोरिया को भी हराया। भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने कहा कि पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदकों की इस उपलब्धि से आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए। रिकर्व तीरंदाजी टीम ने पांच और कंपाउंड तीरंदाजों ने चार पदक हासिल किए। कजिन्स ने भारतीय टीम के स्वदेश लौटने पर कहा, ''आलोचक शुरू से ही हमसे यह अनुमान लगाने को कह रहे थे कि हम कितने पदक जीत सकते हैं। हम केवल इस पर ध्यान दे रहे थे कि हमारे खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।'' उन्होंने कहा, ''जब प्रशिक्षण सही हो, तैयारी सही हो और वातावरण अनुकूल हो, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। इसलिए हम इससे बहुत खुश हैं।
ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। यह हमारे लिए इस समय बहुत बड़ी उपलब्धि है।'' साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। साहिल ने पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी हिस्सा लिया, जिसमें टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चिकिता ने अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। जाधव ने कहा, ''बहुत अच्छा लग रहा है और इस भव्य स्वागत को देखकर हमें और भी अधिक खुशी मिली है। हमने विशेष रूप से ऐसी स्थितियों के लिए अभ्यास किया था। हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। अब दबाव हट गया है।'' चिकिता ने कहा, ''यह सुखद अहसास है। इससे हमें प्रेरणा मिलेगी कि हमें और अधिक जीत हासिल करनी है और अधिक मेहनत करनी है।''
रिकर्व में कुमकुम मोहद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ-साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक हासिल करने में भारत की मदद की। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण पदक ने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया। कुमकुम ने कहा कि यह परिणाम महीनों की तैयारी और टीम वर्क का नतीजा है। उन्होंने कहा, ''जैसा हमने सोचा था, वही हुआ। यह टीम की कड़ी मेहनत, पूरी टीम के उत्साह और भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग का नतीजा था।'' महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रही कीर्ति शर्मा ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया पर 5-3 से जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कीर्ति ने कहा, ''इस स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक। हमने कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, इसलिए यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने यह इतिहास रचा।''
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नागोया. जापान की संस्कृति और मेहमाननवाजी की शानदार झलक के साथ संगीत और रोशनी से सजे भव्य कार्यक्रम के बीच रविवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों का समापन हो गया। दो सप्ताह से अधिक समय तक चली कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद एशिया के 45 देशों के खिलाड़ी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में खेलों के समापन समारोह में शामिल हुए। इन खेलों के दौरान 350 से अधिक रिकॉर्ड बने जिनमें कम से कम 50 विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि खेल आयोजन से पहले लॉजिस्टिक समस्याओं और कुप्रबंधन से प्रभावित रहे। समापन समारोह करीब 90 मिनट तक चला।
भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा जो चीन के हांग्झोउ में हुए पिछले चरण से 21 कम है। चीन लगातार 12वें चरण में तालिका में शीर्ष पर रहा उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते जो विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मेजबान जापान 269 पदकों (83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसके बाद दक्षिण कोरिया के 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदक थे। एशिया ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने खेलों के समापन की घोषणा की। बाद में ओसीए ध्वज 2030 एशियाई खेलों के आयोजन समिति के एक प्रतिनिधि को सौंपा गया। ओसीए ध्वज को दोहा को सौंपने से संबंधित खंड में कतर के ओलंपिक और विश्व चैंपियन मुताज बाशिम शामिल थे। ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा (दो स्वर्ण और एक रजत पदक विजेता) के नेतृत्व में भारतीयों ने भी उत्सवी माहौल में हिस्सा लिया। सफेद और नीले रंग की पोशाक पहने लगभग 30 भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों ने एथलीट परेड में हिस्सा लिया और तिरंगा लहराया। 'वन एशिया' की समापन समारोह की अवधारणा को व्यक्त करने के लिए स्टेडियम के केंद्र में एक षट्भुजाकार मंच बनाया गया था और यह शो का मुख्य आकर्षण था। भव्य समापन के दौरान इसे लालटेन से सजाया गया था जो जापानी गर्मियों का एक विशिष्ट प्रतीक है। ओसीए अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने कहा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों ने एशियाड के लिए मानक ऊंचा किया है। अल थानी ने कहा, ''मैं आइची-नागोया एशियाई खेलों को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित करता हूं। ''
उन्होंने कहा, ''आज रात हम आइची-नागोया 2026 का ध्वज उतारते हुए हम इन खेलों का समापन करते हैं। लेकिन हम एशियाई खेलों के लिए मानक ऊंचा करते हैं। लौ बुझ सकती है, लेकिन इसने जिन उम्मीदों को प्रज्वलित किया है, वे हमारे महाद्वीप में उज्ज्वल रूप से जलती रहेंगी। '' उन्होंने कहा, ''हमने शानदार वापसी, अंतिम सेकेंड में मिली जीत और नाटकीय रूप से मामूली अंतर से मिली हार देखी है। हमने नए किशोर सुपरस्टारों और अनुभवी चैंपियनों के उभरने का जश्न मनाया है जिन्होंने अपनी प्रभावशाली विरासत में और उपलब्धियां जोड़ी हैं। '' उन्होंने कहा, ''हमने खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों और चोटों से जूझते हुए जीत हासिल करते देखा है और प्रतिद्वंद्वियों को अविश्वसनीय खेल भावना और सम्मान का प्रदर्शन करते देखा है। '' उन्होंने कहा, ''पहली प्रतियोगिता से लेकर आखिरी तक, एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से हमें मंत्रमुग्ध किया। 350 से अधिक रिकॉर्ड टूटे हैं जिनमें 50 से अधिक विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं। यह हमारे एशियाई खेलों के लिए एक रिकॉर्ड है। '' परंपरा के अनुसार ओसीए प्रमुख ने एशिया के युवाओं से इस भावना को आगे बढ़ाने और चार साल बाद 2030 में दोहा में होने वाले 21वें एशियाई खेलों में फिर मिलने का आह्वान किया। 19 सितंबर को उद्घाटन समारोह में विभिन्न एशियाई देशों और क्षेत्रों के विविध खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व इंद्रधनुषी रंगों वाले दिलों की कई परतों द्वारा किया गया था। समापन समारोह के लिए दिल के केंद्र में खाली स्थान को भावनाओं और एकता की भावना से खूबसूरती से भर दिया गया। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को एकजुट करना था ताकि वे एशियाई देशों के लिए कई वर्षों तक शांतिपूर्ण वातावरण में मिलकर काम करते रहने के उत्प्रेरक के रूप में काम कर सकें। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'बोन-ओडोरी' नृत्य रहा जिसकी शुरुआत जापान में हुई थी और अब यह एशिया के कई अन्य देशों में भी लोकप्रिय है। यह नृत्य पीढ़ियों और देशों की सीमाओं से परे लोगों को जोड़ता है। इस नृत्य को 'मत्सुकेन सांबा-2' गीत के जरिए पेश किया गया जिसमें नागोया की खास संस्कृति और आकर्षण की झलक देखने को मिली। यह गीत जापान के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। गणमान्य व्यक्तियों के आगमन के बाद एक चमकदार लेजर लाइट शो हुआ जिसमें नागोया के कलाकारों ने 'चेरी ब्लॉसम' से सजी पोशाकें पहनकर प्रस्तुति दी। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड हुई। भारत की नीरू ढांडा सहित केवल ध्वजवाहकों ने मार्च किया। 45 देशों के दल फिर रोशनी और संगीत की संगत में मैदान में प्रवेश कर गए। इसके बाद खेलों के दौरान हुए कुछ यादगार प्रदर्शनों और मुकाबलों के दृश्य दिखाए गए।
ओसीए अध्यक्ष ने पहले एशियाई खेलों की मशाल, ओसीए का झंडा और मौजूदा ओसीए का झंडा कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी को सौंप दिया। कतर के सबसे सफल खिलाड़ी बाशिम ने केंद्र मंच संभाला। उन्होंने ओसीए ध्वज लिया और विशाल स्क्रीन पर उन्हें ऊंची कूद स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए दिखाया गया। उन्हें घोड़े की सवारी करते और कड़ाही जलाते हुए भी दिखाया गया। कतर के घुड़सवार खिलाड़ी जासिम अल कुवारी फिर घोड़े पर सवार होकर स्टेडियम में दाखिल हुए और बाशिम से ओसीए ध्वज ले लिया। बाहर जाने से पहले उन्होंने घोड़े पर सवार होकर मंच के दो चक्कर लगाए। रचनात्मक थीम 'अल मकान मकानुकुम' (यह जगह आपकी है) में मेहमान के आने से पहले उसके लिए जगह तैयार करने की परंपरा को दर्शाया गया। 'हैंडओवर' समारोह में ओसीए का झंडा दोहा 2030 का पहला मेहमान बना जो एशियाई खेलों के आयोजन से चार साल पहले ही वहां पहुंच गया। -
- पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहने की संभावना
नागोया/निशानेबाजी और एथलेटिक्स में मिली निराशा से उबरते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती और हॉकी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी जिससे एशियाई खेलों में खराब शुरुआत के बावजूद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हांग्झोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में भी भारत इसी पायदान पर था लेकिन तब पदकों की संख्या इस बार से काफी ज्यादा थी।
एशियाई खेलों का पहला सप्ताह भारत के लिए निराशाजनक रहा। चीन में सात स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज इस बार व्यक्तिगत राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत सके। भारत एशियाई खेलों का अभियान 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों के साथ समाप्त करने की स्थिति में है। 2023 में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे। भारत तब भी चौथे स्थान पर ही था। इस बार का प्रदर्शन भारत के लिए सम्मानजनक चौथा स्थान हासिल करने के लिए पर्याप्त हो सकता है। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया उससे काफी आगे हैं। चीन तो पदक तालिका में अलग ही स्तर पर है। एथलेटिक्स में कुछ शानदार प्रदर्शन देखने को मिले जिसमें लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने तीन पदक जीते, लेकिन भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या हांग्झोउ में जीते गए छह स्वर्ण से घटकर इस बार केवल एक रह गई। इसके चलते भारत एक समय पदक तालिका में शीर्ष 10 से बाहर बना हुआ था। शुरुआती 10 दिनों की निराशा के बाद हालांकि भारतीय दल के लिए अप्रत्याशित खुशियों का दौर आया।
भारतीय खेमे में सबसे बड़ी खुशियों में से एक निशानेबाज नीरू ढांडा ने दी। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। नीरू की खुशी तब दोगुनी हो गई, जब उन्होंने काइनान चेनाई के साथ मिलकर ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। एशियाई खेलों में कंपाउंड तीरंदाजी भारत के लिए हमेशा पदकों की झड़ी लगाती रही है, लेकिन इस बार रिकर्व तीरंदाजों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। महिला रिकर्व टीम ने मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर इस ऐतिहासिक प्रदर्शन को और यादगार बना दिया। स्वर्ण पदकों की बात करें तो मुक्केबाजी में भी भारत ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम, परवीन ने महिलाओं के 65 किलोग्राम और अंकुश ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। हांगझोउ में कुश्ती में एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत पाने वाले भारत ने इस बार प्रतियोगिता के अंतिम दौर में अमन सहरावत (पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा) और सुजीत कलकल (पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा) के जरिए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। शनिवार के प्रदर्शन के बाद भारत स्वर्ण पदकों की संख्या के मामले में उज्बेकिस्तान के बराबर पहुंच गया। इसमें सबसे अहम योगदान महिला गोल्फर प्रणवी उर्स का रहा, जिन्होंने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा। उनके शानदार प्रदर्शन ने टीम के लिए रजत पदक पक्का किया। इसके बाद पुरुष क्रिकेट टीम ने दबाव से भरे फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एक और स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाल दिया।
पुरुष हॉकी टीम ने उम्मीद के मुताबिक स्वर्ण पदक जीता, लेकिन महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक हासिल कर हॉकी दल के लिए इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह पहली बार था जब एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। क्रिकेट और कबड्डी में भी भारत के लिए नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे और इन दोनों खेलों के खिलाड़ियों ने पदक तालिका में चार स्वर्ण पदक जोड़े। उज्बेकिस्तान रविवार को अपने एशियाई खेलों के अभियान का समापन करेगा लेकिन प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत की तेज वापसी को देखते हुए उसके पदक तालिका में अपना स्थान बरकरार रखने की संभावना है।























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