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  छत्तीसगढ़ पहुंचा मानसून- अगले दो दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
-छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए यलो और रेड अलर्ट जारी
-अगले दो दिन में पश्चिम बंगाल और झारखंड के सभी इलाकों तक पहुंच जाएगा मानसून : मौसम विभाग
रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर गया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के आगे बढऩे के लिए इस समय स्थितियां अनुकूल हैं और अगले कुछ दिनों में इसके पूरे छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो जाने की संभावना है। 
 मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि दक्षिण उत्तरप्रदेश के साथ ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती घेरा स्थित है। इसके कारण अगले चौबीस घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। ये जिले हैं - जशपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर और महासमुंद। इसके अलावा अगले अड़तालीस घंटों में राज्य के छह जिलों - गरियाबंद, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा और बीजापुर में भारी से अति भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इन छह जिलों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को बताया कि दक्षिण पश्चिम मानूसून अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है और अगले दो दिन में पश्चिम बंगाल और झारखंड के सभी इलाकों तक यह पहुंच जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार मानसून दक्षिण गुजरात के कुछ और इलाकों, महाराष्ट्र के बचे हुए इलाकों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दक्षिण मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़ और दक्षिण गुजरात भी पहुंच गया है। विभाग ने बताया, ''गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाकी बचे इलाकों, पूरे पश्चिम बंगाल और झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में मानसून के अगले 48 घंटे में पहुंचने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है।'' 
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमोत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिन तक तेज हवाएं (25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना है। विभाग ने बताया कि उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती चक्रण बना हुआ है जिसकी वजह से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाके में अगले 24 घंटे के दौरान कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अगले 24 घंटे में मजबूत होने और ओडिशा के ऊपर पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढऩे की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया, ''इसके (निम्न दाब क्षेत्र) प्रभाव से विस्तृत क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी और पूर्वी भारत के अधिकतर हिस्सों और उससे जुड़े मध्य क्षेत्र में आज (बृहस्पतिवार को)भारी बारिश होने की संभावना है।'' विभाग ने बताया, ''11 और 12 जून को ओडिशा के इलाको में भारी बारिश (20 सेंटीमीटर) बारिश होने की संभावना है। इसी प्रकार 11- 13 जून को छत्तीसगढ़ में, 13 जून को पूर्वी मध्यप्रदेश में और 12-13 जून को विदर्भ में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।'' आईएमडी ने बताया कि तटीय इलाकों में निम्न दाब के साथ पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने की वजह से महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 10 से 15 जून तक और तटीय कर्नाटक में 12 से 15 जून तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। केरल में भी 12 से 15 जून तक भारी बारिश होने की संभावना है जबकि कोंकण में 12 से 15 जून के बीच मूसलाधार बारिश होगी। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम- पश्चिमोत्तर में कम दबाव का क्षेत्र बनने और उसकी वजह से पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में (राजस्थान को छोड़कर) 12 से 14 जून के बीच बारिश की गतिविधि देखने को मिलेगी। वहीं, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी 12 जून को मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।

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