मंत्रिमंडल ने लेजर इंटरफेरोमीटर गुरूत्वाकर्षण तरंग वेधशाला स्थापित करने को मंजूरी दी
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को लेजर इंटरफेरोमीटर गुरूत्वाकर्षण तरंग वेधशाला (लिगो-इंडिया) स्थापित करने को मंजूरी प्रदान कर दी । इस पर 2600 करोड़ रूपये खर्च आने का अनुमान है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि लेजर इंटरफेरोमीटर गुरूत्वाकर्षण तरंग वेधशाला (लिगो-इंडिया) की स्थापना महाराष्ट्र के हिंगोली में की जायेगी । इस पर 2600 करोड़ रूपये खर्च आने का अनुमान है और इसके वर्ष 2030 तक पूरा होने की संभावना है। लेजर इंटरफेरोमीटर गुरूत्वाकर्षण तरंग वेधशाला (लिगो-इंडिया) उन्नत गुरूत्वाकर्षण तरंग वेधशाला होगी और यह विश्वव्यापी नेटवर्क का हिस्सा होगी। यह इंडियन रिसर्च इंस्टीट्यूशन कंसोर्टियम और लिगो लेबोरेटरी, अमेरिका के बीच गठजोड़ आधारित परियोजना होगा। गौरतलब है कि लिगो-इंडिया को फरवरी 2016 में सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी। अमेरिका से इस प्रयोगशाला के लिए 8 करोड़ डालर राशि के महत्वपूर्ण उपकरण प्राप्त होंगे। लिगो इंडिया परियोजना का निर्माण परमाणु ऊर्जा विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जायेगा और इसके लिए नेशनल साइंस फाउंडेशन एवं कई अन्य संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन होगा।








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