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अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के साथ सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र में उपस्थित होने के निर्देश
बिलासपुर. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती के पांच प्रकार के पदों के लिए कौशल परीक्षा 2 एवं 4 नवंबर को आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद मेरिट सूची तथा कौशल परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट पीएडीए एवं ब्लॉक डाटा मैनेजर पदों की कौशल परीक्षा 2 नवंबर 2026 को शासकीय महिला आईटीआई, कोनी, बिलासपुर में होगी। डेंटल असिस्टेंट एनयूएचएम, नर्सिंग ऑफिसर–एनएचएम एवं नर्सिंग ऑफिसर–यूएचएम पदों की कौशल परीक्षा 4 नवंबर 2026 को शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, राजेन्द्र नगर, नेहरू चौक, बिलासपुर में आयोजित की जाएगी।अभ्यर्थियों की उपस्थिति एवं दस्तावेज परीक्षण का समय सुबह 10 से 11 बजे तक निर्धारित किया गया है। कौशल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे तक संबंधित परीक्षा केंद्र में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है। संबंधित पदों की दावा-आपत्ति निराकरण सूची, मेरिट सूची एवं कौशल परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जिले की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। -
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के पहल से ऐतिहासिक स्कूल का होगा संरक्षण
दुर्ग। दुर्ग गांधी चौक स्थित शहर के सबसे पुराने एवं ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल के संरक्षण और शैक्षणिक उन्नयन को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विगत दिनों शिक्षा विभाग एवं आरईएस के अधिकारियों के साथ विद्यालय परिसर का निरीक्षण किये थे। उस पर शासन ने पहल करते हुए जेआरडी में 270 सीटर ऑडीटोरियम बनाने 01 करोड़ 34 लाख की राशि की स्वीकृति प्रदान किया गया है।
देश की आजादी से पूर्व स्थापित इस विद्यालय से दुर्ग शहर की कई पीढ़ियों की भावनात्मक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं। वर्षों से यह विद्यालय न केवल शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है, बल्कि शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत, संरचनात्मक मजबूती तथा उसके मूल स्वरूप एवं ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के विषय में शिक्षक और इंजिनियरो से विस्तृत चर्चा की गई।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जेआरडी स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की विरासत और पहचान है। इस विद्यालय से हजारों विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां से पढ़कर निकले विद्यार्थी आज देश-प्रदेश के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेल, साहित्य, पत्रकारिता, कला, पुलिस, सेना, राजनीति एवं प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने दुर्ग का नाम गौरवान्वित किया है। स्वयं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी इसी विद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं, जिसके कारण इस संस्था से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है।
विद्यालय परिसर स्थित ऐतिहासिक हॉल वर्षों तक दुर्ग शहर की प्रमुख गतिविधियों का केंद्र रहा है। उस समय जब शहर में बड़े सभागारों का अभाव था, तब अनेक महत्वपूर्ण शासकीय प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामाजिक आयोजन इसी हॉल में आयोजित होते थे। शहर के नागरिकों एवं प्रशासनिक व्यवस्था से इस हॉल का गहरा संबंध रहा है। आरईएस विभाग के इंजीनियरों ने जानकारी दी कि प्रशासकीय स्वीकृति के अंतर्गत प्रथम चरण में 82 लाख जारी की गई है, स्कूल में बनने वाला नया ऑडीटोरियम शिक्षा विभाग के अनुरूप सुसज्जित किया जाएगा तथा इसमें अटैच बाथरूम सहित आवश्यक सुविधाओं का निर्माण भी किया जाएगा।
जेआरडी स्कूल में सुपर-30 योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत NEET एवं JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्ग एवं आसपास के विद्यार्थियों को बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है, ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल रहा है।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। जेआरडी स्कूल का संरक्षण एवं विकास न केवल एक भवन का नवीनीकरण होगा, बल्कि दुर्ग शहर की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। -
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेज सकते हैं
दुर्ग। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न भीषण चक्रवात ’अर्नब’ के प्रभाव से जिले में अधिकांश स्थानाें पर भारी वर्षा हो रही है। असामयिक वर्षा से फसलों में नुकसान की संभावना है। बीमित फसल में नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मुआवज़ा देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए जिले में अधिसूचित फसले धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी हैं।
उपसंचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में तीन प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई / रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलप्लावन अतिवृष्टि धान फसल में जलप्लावन से होने वाली क्षति शामिल नहीं) एवं खेत में फसल काटने के पश्चात सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति को शामिल किया गया है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई उपरांत खेत में सूखने रखी फसल में नुकसान होने पर अंतरिम राहत दिए जाने का प्रावधान है। किन्तु इस हेतु किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही चउइिलण्हवअण्पद पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं एवं गूगल प्ले स्टोर से ’क्रॉप इंश्योरेंस ऐप’ डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि अर्नब चक्रवात के वजह से अत्याधिक वर्षा होने पर जो किसान भाई की फसल नुकसान है, तत्काल सूचना देवे। -
-सफलता की कहानी
दुर्ग/शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में सेवा सेतु पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम डीघारी निवासी श्री यशवंत भांडेकर को पाटन के सेवा सेतु केंद्र से अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र मिलने से उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र उन परिवारों के बच्चों को मिलता है जिनके माता-पिता अस्वच्छ व्यवसायों-जैसे चमड़ा रंगना, चमड़ा निकालना, कचरा बीनना इत्यादि कामों में संलग्न होते हैं।
यशवंत भांडेकर का परिवार सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन करता है। इन परिस्थितियों के बावजूद उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ें। जब उन्हें अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों के लिए केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली, तो उनके मन में बच्चों की पढ़ाई को लेकर नई उम्मीद जगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र आवश्यक था। सरकारी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर चिंतित यशवंत भांडेकर को तहसील कार्यालय पाटन स्थित सेवा सेतु केंद्र के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए केंद्र पहुंचे। वहां केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में मार्गदर्शन प्रदान किया। डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत 12 जून 2026 को उनका आवेदन दर्ज किया गया। केंद्र के माध्यम से दस्तावेजों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को उनका अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र सफलतापूर्वक अनुमोदित होकर प्राप्त हुआ। प्रमाण-पत्र मिलने से यशवंत भांडेकर के परिवार को बड़ी राहत मिली। यह दस्तावेज उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जिससे उनकी शिक्षा संबंधी उम्मीदों को नया सहारा मिला है। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए श्री यशवंत भांडेकर ने कहा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मुझे अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों की केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। यह प्रमाण-पत्र मेरे बच्चों की शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सेवा के लिए मैं मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूं। -
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन क्रमांक 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में नगर निगम जोन क्रमांक 4 क्षेत्र के अंतर्गत सदर बाजार स्वामी विवेकानंद वार्ड क्षेत्र में मालवीय मार्ग में रायपुर नगर निगम के पुराने मुख्यालय भवन के समीप खाली भूमि पर फैले भारी गन्दगी, कचरे और मलबे को विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा, गन्दगी और मलबा हटाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करते हुए सीटीयू स्वच्छता लक्षित ईकाई के अंतर्गत रायपुर नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन -जन को सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया.
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बदलाव की कहानी
रायपुर/ राजधानी शहर रायपुर मे ठेला लगाकर अनेक स्थानो पर फेरी करके जूते के सामान का विकय करने वाले लघु व्यवसायी श्री हिमांशु हनवट को जनप्रिय पीएम स्वनिधि योजना ने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता दी है। योजना के अतर्गत 50000 रू का ऋण स्वीकृत होने के बाद हिमांशु ने जूते के सामान के विक्रय हेतु ठेले के स्थान पर एक छोटी दुकान खोल ली है और व्यवसाय के क्षेत्र में अपने सपनो को मेहनत लगन और आगे बढ़ने की इच्छा के साथ साकार करने में जुट गये है। लघु व्यवसायी श्री हिमांशु हनवट की सफलता इस बात का प्रमाण है कि पीएम स्वनिधि योजना किस प्रकार लघु व्यवसायियों के सपनो को उड़ान देने का कार्य कर रही है। ऋण स्वीकृति योजना में होने से पहले उनका ठेला व्यवसाय अनेक चुनौतियों वाला रहा। ठेले में सिमित सामान रखकर ग्राहको को सामानों का विकल्प वे उपलब्ध नहीं करवा पाते थे उनकी आय अनिश्चित थी एवं इससे पारिवारिक आवश्यकताओ को पूरा करने कठिन चुनौती उनके सामने हुआ करती थी। किंतु उन्होने लघु व्यवसाय में लगातार लगन और मेहनत बनाये रखी और अंतत पीएम स्वनिधि से स्वीकृत 50000 रू की ऋण राशि मे उनके स्वप्न को साकार कर दिया और वे जीवन में अब आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ रहे है। -
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 क्षेत्र के अंतर्गत वर्धमान कार एजेंसी भाठागांव के पास के नाले में अचानक गिरी भैंस को स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी पर नगर निगम जोन 5 की टीम द्वारा सम्बंधित थाना क्षेत्र पुलिस प्रशासन की टीम के साथ मिलकर तत्काल सम्बंधित स्थल पर पहुंचकर क्रेन की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला, नाले में अचानक गिरी भैंस को बाहर सुरक्षित निकालने से सम्बंधित उक्त त्वरित कार्रवाई पर स्थानीय निवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रायपुर नगर निगम जोन 5 और स्थानीय थाना क्षेत्र पुलिस प्रशासन की टीम की सराहना की।
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नगर निगम जोन 3 ने वार्ड 29 गोविंद नगर में मुक्कड की सफाई करवाकर उसके स्थान पर सीटीयू के तहत सौंदर्यीकरण करके दिया सुन्दर स्वरूप
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 द्वारा जोन 1 क्षेत्र अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड अंतर्गत खमतराई मुक्तिधाम परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वच्छता कायम की एवं मुक्तिधाम परिसर में नागरिको की सुविधा हेतु कुर्सियां लगाने की व्यवस्था जनहित में करवायी गयी। वहीं पूरे मुक्तिधाम परिसर में स्वच्छता कायम करते हुए खमतराई मुक्तिधाम की दीवाल पर पेंटिंग एवं रंगरोगन कराकर उसे सीटीयू स्वच्छता लक्षित ईकाई के अंतर्गत सुव्यवस्थित स्वरूप दिया गया।
इसी प्रकार नगर निगम जोन 3 द्वारा जोन 3 अंतर्गत गुरू गोविंद सिंह वार्ड कमांक 29 अंतर्गत गोविंद नगर में सीटीयू स्वच्छता लक्षित ईकाई का विकास वहां नागरिको द्वारा कचरा डाले जाने से बन गये मुक्कड की सघन सफाई करवाकर एवं मुक्कड के स्थान पर सीटीयू के अंतर्गत सौंदर्यीकरण कार्य उक्त स्थल में करते हुए वहां स्वच्छता जनजागरण स्लोगन लिखवाकर एवं नागरिकों हेतु कुर्सियों की व्यवस्था कर पर्यावरण संरक्षण हेतु गमले रखवाकर उस उक्त स्थल को सुन्दर स्वरूप प्रदान करने का कार्य किया गया। -
निगम लोककर्म विभाग अध्यक्ष दीपक जायसवाल से चर्चा कर जनसमस्याओं से हुए अवगत
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त संबित मिश्रा ने नगर निगम जोन 7 अंतर्गत शहीद चूडामणी नायक वार्ड क्षेत्र अंतर्गत आमातालाब और आमातालाब गार्डन की व्यवस्था का गुरुवार को प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। व्यवस्था की समीक्षा कर जनसमस्याओं की जानकारी लेकर वार्ड पार्षद एवं नगर निगम लोककर्म विभाग अध्यक्ष दीपक जायसवाल से चर्चा कर अवगत हुए एवं निरीक्षण कर जनसमस्याओं का निदान करने के संबंध में आवश्यक निर्देश संबंधित जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही को दिये।
आयुक्त संबित मिश्रा ने आमातालाब की सफाई करवाने आमातालाब गार्डन में आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य करवाकर पेंटिंग एवं रंगरोगन करवाकर उद्यान को जनहित में जनसुविधा हेतु सुव्यवस्थित स्वरूप देकर उसका शीघ्र जोन स्तर पर शीघ्र आवश्यकता के अनुसार सौंदर्यीकरण कार्य सहित गार्डन का कायाकल्प करने के संबंध में निर्देश जोन 7 जोन कमिश्नर को दिये। आयुक्त द्वारा किये गये आमातालाब एवं आमातालाब गार्डन के निरीक्षण के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 7 के अन्य संबंधित निगम अधिकारीगणों एवं कर्मचारीगणों की उपस्थिति रही। -
रायपुर। आल इंडिया डांसर संगठन ने ऑल इंडिया म्यूजिक और डांस कंपटीशन नटवर गोपी कृष्ण नेशनल अवार्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इसमें कथक विधा में विभिन्न प्रतियोगियों के बीच में संत ज्ञानेश्वर की छठवीं की छात्रा पावना लास्या ने जूनियर कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार और समूचे शिक्षण स्टाफ ने अदिति के इस नृत्य प्रदर्शन पर उसे बधाई देते हुए गर्व की अनुभूति बताया। इधर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपनी कार्यकारिणी के साथ पावना को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य का कामना की है। -
- महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में जारी है कोजागिरी उत्सव मनाने का दौर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा महिला केंद्र ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को कोजागिरी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ भुला बाई के गीत गाए।
सड्डू- मोवा केंद्र की संयोजिका शालिनी जोशी ने बताया कि मेट्रो पार्क स्थित माधवी मोघे के निवास पर कोजागिरी उत्सव आयोजित किया गया। विनया करदले, दिप्ती मुक्तिबोध, मंजुषा कालकर के साथ मिलकर सभी ने भुला बाई के गाने गाए। सब अपने घर से भुलाबाई के लिए खाऊ (खाद्य पदार्थ) डिब्बे में लाए थे। बिना खोले डिब्बे में क्या है बताना था। तत्पश्चात भोग लगाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
शालिनी जोशी ने बताया कि फिर एक गेम खेला गया। इसमें एक बोर्ड पर 10 गिलास, चार तीन दो और एक के क्रम में रखे थे। चांद पर गाना गाते- गाते टेबल पर एक टप्पा दे कर ग्लास में गेंद डालना था। नंबर में बॉल के साथ गाने में भी नंबर दिया गया। इसमें प्रथम मंजुषा काळकर, द्वितीय दिप्ती मुक्तिबोध, तृतीय शीतल तलेगाँवकर रहीं। इस अवसर पर उर्वशी उरगांवकर, मनीषा होशंगाबादे, जया चांदवसकर, माणिक आचार्य, मृणालिनी सुरावधनीवार, अर्चना भंडारकर, प्राजक्ता एतुलवार, प्राजक्ता ठाकरे , रेणुका पुराणिक, आरती पोद्दार, सविता अलोणे, माधुरी बर्वे सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। - -सभा के पश्चात पदयात्रा में शामिल होंगे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डादुर्ग। 30 अक्टूबर को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ के संकल्प के साथ दुर्ग आ रहे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने महेश कॉलोनी स्थित सभा स्थल का निरीक्षण किये।निरीक्षण के दौरान केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने सभा स्थल पर की जा रही तैयारियों, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, कार्यकर्ताओं की सहभागिता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।30 अक्टूबर को दुर्ग की महेश कॉलोनी में आयोजित सभा को संबोधित करने के पश्चात केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा पदयात्रा भी करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएं और पदयात्रा के माध्यम से इसके उद्देश्य एवं संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी कल 30 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आ रहे हैं।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा दोपहर 1:00 बजे रायपुर पहुँचेंगे और विमानतल से वे सीधे सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास जाएंगे। श्री नड्डा अपराह्न 3.15 बजे दुर्ग के लिए रवाना होंगे, जहाँ महेश कॉलोनी (पुलगाँव) में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करेंगे। श्री नड्डा अपराह्न 4 बजे भाजपा के "लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ" अभियान के तहत महेश कॉलोनी से गंजपारा चौक (दुर्ग) तक आहूत पदयात्रा में शिरकत करेंगे।केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान शाम 7 बजे रायपुर पहुँचेंगे। श्री चौहान शनिवार 31 अक्टूबर को सुबह 10 बजे राजधानी के आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट के खेत बचाओ अभियान और पौधरोपण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। श्री चौहान दोपहर 1.30 बजे राजधानी के नेताजी सुभाष स्टेडियम से तेलीबांधा मरीन ड्राइव तक आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे। यह पदयात्रा भाजपा के "लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ" अभियान के तहत आयोजित है।भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डॉ. त्रिवेदी का दोपहर 1 बजे रायपुर आगमन होगा। वे राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
- -22.10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे खातों में होगी जमा, प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को जारी करेंगे किस्तबिलासपुर / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले के एक लाख 34 किसानों के बैंक खातों में 22 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गुजरात के बनासकांठा में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन से योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर जिले में भी ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ मनाया जाएगा।उप संचालक कृषि श्री एम.आर. तिग्गा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सरकंडा, बिलासपुर में आयोजित होगा। यहां किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का वेबकास्ट के माध्यम से सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही विकासखंड कार्यालयों, पंचायत मुख्यालयों, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों और मंडियों में भी किसानों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।श्री तिग्गा ने बताया कि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की सहायता राशि दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का भूमि संबंधी विवरण अग्रिष्टेक पोर्टल में पंजीयन होना, बैंक खाते से आधार लिंक होना तथा ई-केवाईसी पूर्ण होना अनिवार्य है। किसान पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध ‘नो योर स्टेटस’ सुविधा से अपनी किस्त की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क कर कार्यक्रम में शामिल होने और योजना संबंधी जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।
- -दोपहर 12:20 से 12:45 बजे के बीच शहर के ऊपर से गुजरेंगे-शहरवासी अपने घरों की छतों से देख सकेंगे भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की रोमांचक झलकरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम रायपुरवासियों को आसमान में रोमांचक नजारे की झलक दिखाने जा रही है। 30 अक्टूबर, शुक्रवार को दोपहर 12:20 बजे से 12:45 बजे के बीच सारंग टीम के हेलीकॉप्टर रायपुर शहर के आसमान में उड़ान भरेंगे। इस दौरान शहरवासी अपने घरों की छतों से हेलीकॉप्टरों को आसमान में उड़ते हुए देख सकेंगे।भारतीय वायुसेना की सारंग टीम अपने अद्भुत उड़ान कौशल, सटीक समन्वय और साहसिक हवाई प्रदर्शन के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों से सुसज्जित यह टीम भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का प्रतीक है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में सारंग हेलीकॉप्टर एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम द्वारा एयर शो का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले 30 अक्टूबर को रायपुर शहर के आसमान में सारंग हेलीकॉप्टरों की उड़ान शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।रायपुर का आसमान कल भारतीय वायुसेना के शौर्य और उड़ान कौशल की झलक से रोमांचित होगा।
- -चार स्पीड बोट से बचाव अभियान में मदद, राहत सामग्री और पेयजल की व्यवस्था में भी दिया साथरायपुर। बस्तर में बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और जनजीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों में एनएमडीसी (NMDC) जिला प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग कर रहा है। सितंबर 2026 में आई बाढ़ से इंद्रावती नदी के आसपास के गांवों में व्यापक जलभराव हुआ था, जिससे कई परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए एनएमडीसी की ओर से करीब एक हजार तिरपाल वितरित किए जा रहे हैं।बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप ने बाढ़ प्रभावितों के लिए आयोजित तिरपाल वितरण कार्यक्रम के दौरान एनएमडीसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय कंपनी ने जिला प्रशासन को तत्काल सहयोग का आश्वासन दिया और प्रभावित ग्रामीणों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाढ़ के दौरान फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए एनएमडीसी ने जिला प्रशासन को चार स्पीड बोट उपलब्ध कराई थीं। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के लिए राशन सामग्री और पेयजल की व्यवस्था में भी सहयोग दिया गया।राहत अभियान के तहत 28 अक्टूबर को जनपद पंचायत बस्तर के कृष्पाल गांव में सांसद श्री महेश कश्यप तथा एनएमडीसी स्टील प्लांट, नगरनार के कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख श्री प्रमोद कुमार ने 200 तिरपाल वितरित किए। वहीं, 29 अक्टूबर को बड़े चकवा ग्राम पंचायत और घाटगनौरा गांव में भी 200 तिरपाल वितरित किए गए। शेष प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए 600 अतिरिक्त तिरपाल वितरित करने की योजना है। वितरित किए जा रहे 18×24 फीट आकार के तिरपाल प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने में मददगार होंगे।इस अवसर पर श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बस्तर के लोगों ने प्राकृतिक आपदा का साहस के साथ सामना किया है और अब वे अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के पुनर्वास और जनजीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों में सहभागी बनना एनएमडीसी के लिए संतोष का विषय है।एनएमडीसी की ओर से राहत एवं पुनर्वास के लिए जारी यह सहयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने और उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों का हिस्सा है।
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रायपुर। भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने 28 अक्टूबर 2026 को रायपुर के जे.एन. पांडेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों से संवाद किया। यह कार्यक्रम राज्योत्सव समारोहों में भाग लेने के लिए टीम के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आयोजित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर, श्री सतीश नायर के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वायु सेना के सदस्यों से सीधे संवाद करने तथा सैन्य विमानन और भारतीय वायु सेना में उपलब्ध करियर के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।संवाद के दौरान टीम के सदस्यों ने भारतीय वायु सेना में प्रवेश के विभिन्न माध्यमों, पात्रता मानदंडों, शैक्षणिक योग्यताओं और करियर विकल्पों से जुड़े विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए। पायलटों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, टीम भावना, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का महत्व समझाया।इस संवाद ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने, उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और सशस्त्र बलों में करियर की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, राष्ट्र की सुरक्षा में भारतीय वायु सेना की भूमिका के प्रति उनकी समझ को भी समृद्ध किया। ऐसी जनसंपर्क पहलों के माध्यम से सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भारतीय वायु सेना और युवा पीढ़ी के बीच जुड़ाव को सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रही है। - -केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन को लेकर आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा-राज्योत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश-सत्य साईं हॉस्पिटल, विकसित भारत संकल्प पार्क (पीपल वन) और तूता गांव क्षेत्र में तैयारियों की ली जानकारीरायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर में राज्योत्सव 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन को लेकर चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने नवा रायपुर स्थित सत्य साईं हॉस्पिटल, विकसित भारत संकल्प पार्क (पीपल वन) तथा तूता गांव क्षेत्र का दौरा कर कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का प्रस्तावित आगमन विशेष महत्व रखता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में पूरी की जाएं, ताकि आयोजन में शामिल होने वाले अतिथियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नवा रायपुर के विभिन्न कार्यक्रम स्थलों पर चल रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने आयोजन स्थलों की साफ-सफाई, आवागमन, पार्किंग, सुरक्षा तथा आगंतुकों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम स्थलों पर नागरिकों के सुगम आवागमन और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्योत्सव प्रदेशवासियों के लिए गौरव और उत्साह का अवसर है। ऐसे में आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तैयारियों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। श्री चौधरी ने कहा कि राज्योत्सव के दौरान प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और विकास की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के साथ आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयासों के माध्यम से आयोजन की तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -तेज हवाओं और लगातार बारिश को देखते हुए लिया गया एहतियाती फैसलारायपुर ।चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण छत्तीसगढ़ में बने प्रतिकूल मौसम के चलते मैदान में खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आज होने वाले दोनों मैचों को स्थगित कर दिया गया है। अब ये मैच शुक्रवार, 30 अक्टूबर को खेले जाएंगे। चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में बिगड़े मौसम और इससे उत्पन्न संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति ने एहतियात के तौर पर मैचों की तारीख बदलने का निर्णय लिया है।लीग के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज शाम साढ़े 5 बजे संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच मुकाबला होना था। वहीं शाम साढ़े 7 बजे से चक्रधर चैंपियन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मैच निर्धारित था। अब ये दोनों मैच कल शुक्रवार को क्रमशः साढ़े 5 बजे और साढ़े 7 बजे खेले जाएंगे।सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में रोज शाम हॉकी का रोमांचखेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पहली बार आयोजित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में 22 अक्टूबर से रोज हॉकी का रोमांच देखने को मिल रहा है। सभी टीमें अपने शानदार खेल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं। कई विशिष्ट और अति विशिष्ट व्यक्ति भी प्रतिदिन मैच देखने और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए स्टेडियम पहुंच रहे हैं।11 अंकों के साथ न्यायधानी नाइट्स पहुंची सेमीफायनल मेंछत्तीसगढ़ हॉकी लीग में राजधानी रायल्स और न्यायधानी नाइट्स ने अपने सभी पांचों मैच खेल लिए हैं। शेष चार टीमों के एक-एक मैच बांकी है। न्यायधानी नाइट्स 3 जीत और 2 ड्रॉ के साथ 11 अंक लेकर अंक तालिका में शीर्ष पर है, और उसने सेमीफायनल में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। वहीं राजधानी रायल्स अपने सभी मैच हार कर सबसे निचले पायदन पर है। मैनपाट टाइटन्स ने अपने 4 मैचों में से 2 मैच जीते और 2 ड्रा खेले हैं। टीम 8 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। चक्रधर चैंपियंस 4 मैच खेल कर 2 जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ 7 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर, बैलाडीला बुल्स 4 मैचों में एक जीत, दो ड्रा और एक हार के साथ 5 अंक लेकर चौथे स्थान पर तथा संस्कारधानी स्ट्राइकर्स 4 मैचों में एक जीत, एक ड्रॉ और दो हार के साथ 4 अंक हासिल कर पांचवें स्थान पर है।1 नवम्बर को होगा फायनलछत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दोनों सेमीफायनल 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे, जबकि फायनल मुकाबला 1 नवम्बर को खेला जाएगा।
- -सरगुजा, जशपुर, कबीरधाम और बस्तर के जनजातीय हितग्राहियों को होम-स्टे संचालन एवं डिजिटल मार्केटिंग का विशेष प्रशिक्षण-जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूतीरायपुर / छत्तीसगढ़ के जनजातीय और ग्रामीण अंचलों में होम-स्टे और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों, युवाओं और महिला समूहों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा नई उद्योग नीति एवं होमस्टे नीति के तहत बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई), नवा रायपुर द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को होम-स्टे संचालन के माध्यम से आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के प्रथम चरण में प्रदेश के चार चयनित जिलों सरगुजा, जशपुर, कबीरधाम और बस्तर के हितग्राहियों को शामिल किया गया है। इसी क्रम में 28 अक्टूबर को टीआरटीआई परिसर में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), रायपुर के तकनीकी सहयोग से एक दिवसीय राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।कार्यक्रम में टीआरटीआई की संचालक सुश्री हिना अनिमेष नेताम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक सौंदर्य देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। होम-स्टे पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने से रोजगार के स्थानीय अवसर विकसित होंगे। इससे जनजातीय परिवार अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए नियमित आय अर्जित कर सकेंगे। प्रशिक्षण के प्रथम तकनीकी सत्र में छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग की विशेषज्ञ डॉ. शुभदा चतुर्वेदी ने होम-स्टे नीति के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया, शासन द्वारा निर्धारित मानकों, आवश्यक दस्तावेजों तथा उपलब्ध अनुदान सहायता के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन किया।द्वितीय सत्र में आईआईएम रायपुर की विशेषज्ञ सुश्री तौशीफ आयशा अंसारी ने होम-स्टे को सफल उद्यम के रूप में विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने पर्यटकों के लिए स्वच्छता, अतिथि सत्कार, कमरों एवं परिसर के रखरखाव तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही सीमित संसाधनों से व्यवसाय प्रारंभ कर उसे नियमित आय के स्थायी माध्यम में बदलने की जानकारी दी।डिजिटल मार्केटिंग पर केंद्रित अंतिम सत्र में विशेषज्ञ श्री ज्योतिर्मय देवांगन ने सोशल मीडिया, ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक की सहायता से हितग्राही बिना बिचौलियों के सीधे पर्यटकों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इससे होम-स्टे की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ाने के साथ व्यवसाय को व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम के समापन पर चारों जिलों से आए प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। उन्होंने प्रशिक्षण को स्वरोजगार की दिशा में उपयोगी बताते हुए अपने क्षेत्रों में होम-स्टे व्यवसाय प्रारंभ करने के प्रति उत्साह व्यक्त किया। यह पहल जनजातीय परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने, स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी ।
- रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में एयर कमोडोर, एवं एयर ऑफिसर कमांडिंग हेड क्वाटर एंटी नक्सल टास्क फोर्स श्री नंदा कुमार बाला ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कैप्टन वैभव विशाल, जीपी कैप्टन अभिजीत कुमार, सीडीआर प्रियांशु, स्क्वा.लीडर अंकिता सिंह, स्क्वा. लीडर विनय पाठक, लेफ्टिनेंट शशांक, लेफ्टिनेट साई अक्षय भी उपस्थित थे।
- -राज्य की महत्वाकांक्षी अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं की हुई समीक्षारायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय महानदी भवन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में अधोसंरचना विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित कई प्रमुख पीपीपी परियोजनाओं के प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई।बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य की सभी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि निवेशकों को बेहतर वातावरण मिले और राज्य के विकास को गति प्राप्त हो सके। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर नवा रायपुर में स्थापित होने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर के लिए निविदा शर्तों तथा रियायत समझौते के संशोधित प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अनुभवी डेवलपर्स को आकर्षित करने के लिए तकनीकी पात्रता मानदंडों और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। ट्रांसपोर्ट नगर बिलासपुर में लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना के न्यूनतम विकास दायित्वों और प्री-बिड बैठक में प्राप्त सुझावों पर चर्चा हुई। रायपुर के पंडरी में कृषि उपज मंडी की भूमि पर स्थापित होने वाले जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के लिए राजस्व विभाग द्वारा जारी भूमि आवंटन शर्तों और प्रावधानों में एकरूपता लाने तथा विकास अवधि के समन्वय के संबंध में विचार-विमर्श हुआ।कमर्शियल टॉवर व फ्लैटेड फैक्ट्री (भिलाई) एवं औद्योगिक क्षेत्र छाती धमतरी के संबंध में जानकारी दी गई कि भिलाई में कमर्शियल टॉवर, फ्लैटेड फैक्ट्री की परियोजनाओं को अब छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन द्वारा स्वयं विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।
- -लोकभवन में 1122 स्काउट्स-गाइड्स को राज्यपाल ने प्रदान किए राज्य पुरस्कार, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्काउटर-गाइडर भी सम्मानितरायपुर / राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। जल और जंगल को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। स्काउट्स एवं गाइड्स पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और वनों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य पुरस्कार अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से चयनित 1122 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को राज्य पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने की।राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ हमें विषम परिस्थितियों का सामना करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। सभी प्रतिभागी समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान दें और अपने आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बनें। राज्यपाल श्री डेका ने राज्य पुरस्कार प्राप्त करने के लिए बस्तर क्षेत्र से आए स्काउट्स एवं गाइड्स की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में शांति स्थापित हुई है और क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय को पहचानना और निरंतर संघर्ष करना आवश्यक है। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के नियम और प्रतिज्ञाएं इसके सदस्यों को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। स्काउटिंग की वर्दी अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग से जुड़ा व्यक्ति जीवनभर सेवा के भाव के साथ कार्य करता है। राज्यपाल के हाथों प्राप्त सम्मान प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय उपलब्धि है और उन्हें आगे भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक स्काउट्स एवं गाइड्स को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।समारोह में प्रदेशभर से चयनित 405 स्काउट्स, 528 गाइड्स, 64 रोवर्स और 125 रेंजर्स को राज्यपाल श्री रमेन डेका के हाथों राज्य पुरस्कार प्रदान किए गए।इस अवसर पर स्काउटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ स्काउटर योगेश्वर प्रसाद गांगुली (बालोद), सर्वश्रेष्ठ गाइडर तनुजा बंजारे एवं लता वैष्णव (महासमुंद), सर्वश्रेष्ठ रोवर राजमणि बंजारे एवं चंद्रशेखर पंकज, सर्वश्रेष्ठ रेंजर कुमारी विभूति वर्मा एवं कुमारी कृति बिजौर, सर्वश्रेष्ठ स्काउट ईश साहू, हरीश कुमार खोटे एवं राजवीर भट्ट तथा सर्वश्रेष्ठ गाइड दिव्या पटेल एवं दीप्ति पटेल को सम्मानित किया गया।स्काउटिंग के क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवाओं के लिए शैलेंद्र मिश्रा, आनंद राम बघेल, पवन कुमार नायक, विनोद कुमार हथेल, शशि बंछोर और रजनी रेड्डी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान पीपिंग सेरेमनी भी आयोजित की गई। इसमें लोकभवन में पदस्थ एडीसी श्री उदित पुष्कर (आईपीएस) को रैंक बैज लगाकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव अमित कुमार क्षत्रिय, कार्यक्रम प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त डॉ. पूनम सिंह साहू, राज्य संगठन आयुक्त (गाइड) जलवती साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) सरिता पांडे सहित संगठन के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रदेश के 24 परीक्षा केंद्रों में शामिल होंगे 34 हजार 604 अभ्यर्थी-लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किए प्रवेश पत्र, 4 नवंबर तक तीन पालियों में आयोजित होगी परीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1812 रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार प्रदेश के विभिन्न 24 परीक्षा केंद्रों में कुल 34 हजार 604 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए रायपुर में सर्वाधिक 6 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त बिलासपुर में 6, दुर्ग में 4, भिलाई में 4, जांजगीर-चांपा (चाम्पा) में एक, सरगुजा में एक तथा बस्तर (जगदलपुर) में दो परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रवेश पत्र के साथ उपलब्ध कराए गए हैं। सीबीटी परीक्षा प्रतिदिन तीन पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 8.30 बजे से 10.30 बजे तक, द्वितीय पाली दोपहर 12.30 बजे से 2.30 बजे तक तथा तृतीय पाली शाम 4.30 बजे से 6.30 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 90 मिनट अर्थात 1.30 घण्टा पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा। प्रथम पाली के अभ्यर्थियों को सुबह 7 बजे, द्वितीय पाली के अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे तथा तृतीय पाली के अभ्यर्थियों को अपरान्ह 3 बजे निर्धारित परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।सीबीटी परीक्षा में सभी विषयों के प्रश्नपत्र की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। प्रत्येक प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न होंगे तथा पूर्णांक 100 अंक होगा। सही उत्तर के लिए एक अंक दिया जाएगा, जबकि गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक की कटौती की जाएगी। परीक्षा के बाद उत्तरों का मॉडल उत्तर जारी किया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने तथा आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील की है।
- -29 एकड़ में मखाना की उपज का संग्रहण शुरू, महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा वैज्ञानिक कटाई-पश्चात प्रबंधन का प्रशिक्षण-मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल, ग्रामीण आजीविका और महिला उद्यमिता के नए अवसर विकसित करने पर जोरधमतरी। धमतरी जिले में कृषि विविधीकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में मखाना की खेती नई संभावनाएं पैदा कर रही है। तालाबों में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल अब परिणाम देने लगी है। इसी कड़ी में ग्राम छाती और डांडेसरा में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 29 एकड़ क्षेत्र में उत्पादित मखाना का संग्रहण शुरू हो गया है। साथ ही, महिलाओं को मखाना के संग्रहण और संग्रहण-पश्चात प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। इससे उपज की गुणवत्ता, प्रसंस्करण और बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।केंद्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना के तहत वर्ष 2025-26 में धमतरी जिले को तालाबों में मखाना की खेती के लिए 165 एकड़ का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में 105 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती शुरू की गई। ग्राम राखी, छाती, डांडेसरा और पीपरछेड़ी के साथ नगरी विकासखंड के ग्राम सांकरा में भी इस फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है।ग्राम छाती और डांडेसरा में शैलपुत्री स्व-सहायता समूह तथा नई किरण स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए 26 अक्टूबर को मखाना संग्रहण की शुरुआत और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ग्राम छाती-सेनचुवा की सरपंच श्रीमती दानेश्वरी साहू, श्री जितेन्द्र कुमार साहू, पंचगण, कृषि विज्ञान केंद्र की विशेषज्ञ श्रीमती दीपिका चंद्रवंशी, उप संचालक उद्यानिकी श्रीमती पूजा कश्यप साहू, उद्यान विकास अधिकारी श्री राहुल साहू और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री नर्मदा प्रसाद भारती उपस्थित रहे।उप संचालक उद्यानिकी श्रीमती पूजा कश्यप साहू ने बताया कि महिला समूहों को कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी में आगामी दिनों में मखाना के संग्रहण-पश्चात प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में उपज की उचित देखभाल, प्रसंस्करण और गुणवत्ता बनाए रखने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि महिलाएं इस गतिविधि को आजीविका और उद्यमिता के रूप में आगे बढ़ा सकें।मखाना की कटाई मुख्य रूप से तीन चरणों में की जाती है। पहली कटाई को लहसर कहा जाता है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत मखाना निकाल लिया जाता है। इस काम के लिए श्रमिकों को सामान्यतः प्रति किलोग्राम के आधार पर मजदूरी दी जाती है। इसके बाद दूसरी और तीसरी कटाई मरकट और कर्कट कहलाती है। इन चरणों में बचे हुए लगभग 30 प्रतिशत बीज निकाले जाते हैं, जिसके लिए अधिक मेहनत और समय की जरूरत होती है। तालाब से मखाना के बीज निकालने के बाद उन्हें अच्छी तरह साफ किया जाता है। काले बीजों को धोकर लगभग 2 से 30 दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है, ताकि उनकी नमी कम हो सके। इसके बाद बीजों को भट्ठी या मिट्टी की कढ़ाई में भुना जाता है। भुनाई के बाद लकड़ी की थापी से बीजों को फोड़ा जाता है। इस प्रक्रिया से बीज के अंदर का सफेद और कुरकुरा मखाना बाहर निकलता है, जिसे स्थानीय रूप से लावा कहा जाता है।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप कृषि की नई गतिविधियों को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मखाना की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बन सकती है। इसके लिए उत्पादन के साथ वैज्ञानिक तकनीक, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और बाजार से जुड़ाव पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़े और वे आत्मनिर्भर आजीविका की दिशा में आगे बढ़ें।मखाना उत्पादन की यह पहल धमतरी जिले में पारंपरिक कृषि गतिविधियों के साथ नए विकल्प जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उचित प्रशिक्षण, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण और बाजार से बेहतर जुड़ाव मिलने पर यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और सामूहिक उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगी।









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