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- -श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, “ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री-श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026
रायपुर/आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रायपुर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चन्द्राकर के नेतृत्व में नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 क्षेत्र के अंतर्गत राजधानी शहर रायपुर में जीई रोड के किनारे टाटीबंध एम्स हॉस्पिटल के सामने लगने वाले ठेलों, गुमटियों के संचालकों और आमजनों के मध्य नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 अंतर्गत स्वच्छता जनजागरूकता अभियान चलाकर भजन कीर्तन के माध्यम से सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया.नागरिकों से कूड़ा इधर - उधर नहीं फेंकने और सफाई मित्र को सफाई वाहन में कूड़ा देकर स्वच्छता बनाये रखने की विनम्र अपील नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष और शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 की पार्षद श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर के नेतृत्व और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा,सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, उपअभियंता श्री लोचन प्रसाद चौहान, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा, श्री राकेश बंजारे की उपस्थिति में की गयी.इसके साथ ही खुले में कूड़ा डाले जाने पर सम्बंधित पर व्यवस्था सुधार हेतु जुर्माना करने की कड़ी चेतावनी दी गयी. नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ठेला गुमटी संचालकों को दिनांक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अंतर्गत चार डिब्बा प्रणाली को लेकर जागरूक बनाया. ठेला, गुमटी संचालकों सहित आमजनों से सूखा, गीला, सेनेटरी और विशेष देखभाल कूड़ा पृथक - पृथक करके क्रमशः नीला, हरा, लाल और काला रंग के डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को देकर रायपुर को स्वच्छ राजधानी शहर बनाने में सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की गयी.टाटीबंध एम्स हॉस्पिटल के सामने ठेला -गुमटी संचालकों सहित आमजनों ने नगर निगम जोन 8 के सफाई मित्रों, सफाई कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर के नेतृत्व में सामूहिक स्वच्छता शपथ ली. -
टंकी निर्माण की स्ट्रेन्थ की परीक्षण रिपोर्ट को देखकर संतोष व्यक्त किया,अच्छी तरह तराई कार्य करने वहाँ तत्काल बोर खनन करवाने के जोन 1 जोन कमिश्नर को दिए निर्देश*
शिवानंद नगर में निर्माणाधीन महतारी सदन के निर्माण कार्य को तत्काल गतिमान करने दिए निर्देश*रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े ने नगर निगम जोन क्रमांक 1 क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ियारी दीक्षानगर ठक्करबापा वार्ड में निर्माणाधीन जलागार के निर्माण की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर की उपस्थिति में किया. मुख्य अभियंता ने जलागार निर्माण की स्ट्रेन्थ की परीक्षण रिपोर्ट का निरीक्षण किया और इस पर संतोष व्यक्त किया. मुख्य अभियंता ने जोन 1 जोन कमिश्नर को जलागार निर्माण कार्य में तराई कार्य अच्छी तरह सतत मॉनिटरिंग करके करवाने वहाँ तत्काल बोर खनन कार्य करवाने के निर्देश दिए, ताकि अच्छे तराई कार्य हेतु जल की साइट पर कोई कमी ना होने पाए.मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े ने नगर निगम जोन 1 अंतर्गत शिवानंद नगर में निर्माणाधीन महतारी सदन के निर्माण की प्रगति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और कार्य को साइट पर तत्काल गतिमान करवाते हुए सतत मॉनिटरिंग कर कार्य को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तायुक्त तरीके से पूर्ण करवाना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए. -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, श्री उमेश नामदेव, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में नगर निगम जोन क्रमांक 9 क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7,11, 32,51 क्षेत्र में 29 फेरी वालों के ठेलों, गुमटियों की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण स्वच्छता दीदियों सहित किया गया. इस दौरान कचरा सफाई वाहन में नहीं देने, डस्टबिन नहीं रखने और गन्दगी फैलाये जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने पर सम्बंधित 29 फेरी वालों पर वार्ड क्रमांक 7,11, 32,51 में कुल 4800 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिये कड़ी चेतावनी देते हुए किया गया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- 0- पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए सजेंगे ’सुशासन’ के मंच, शिविर में प्राप्त शिकायतों का मौके पर होगा निपटारा0- जनपद पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर 01 मई से 10 जून तक, सुबह 09 से शाम 04 बजे तक आयोजित होंगे निवारण शिविर0- दुर्ग, धमधा और पाटन में ग्राम पंचायतवार शिविरों की तैयारी पूर्ण, नोडल अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में पारदर्शिता लाने और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से ’सुशासन तिहार-2026’ के आयोजन हो रहा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ’सुशासन तिहार-2026’ के तहत जिले के जनपद पंचायतों में विभिन्न स्थानों पर निवारण शिविर 01 मई 2026 से 10 जून 2026 तक सुबह 09.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। सबसे पहले जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 04 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुथरेल में शिविर लगेगा, जिसमें अण्डा, विनायकपुर, आमटी, मासाभाट, आलबरस, निकुम, चिंगरी, अछोटी, कुथरेल, भरदा, कोनारी, चंदखुरी, भानपुरी, जंजगिरी, मतवारी और रिसामा ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसके पश्चात 08 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला ढौर में शिविर आयोजित होगा, जहाँ सिरसाखुर्द, जेवरा, समोदा, भटगांव, कुटेलाभांठा, खपरी कु., करंजाभिलाई, झेंझरी, कचांदुर, ढौर, खेदामारा, बासीन, बोड़ेगांव, रवेलीडीह, अरसनारा और ननकट्ठी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएँ रख सकेंगे। 18 मई 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पुरई में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें मचांदुर, चिरपोटी, पाउवारा, कोड़िया, कोकड़ी, हनोदा, पुरई, खोपली, डुमरडीह, घुघसीडीह, उमरपोटी, कातरो, मातरोडीह, बोरीगारका और करगाडीह पंचायतें शामिल होंगे। इसके बाद शिविर 22 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में संपन्न होगा, जिसमें ग्राम नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, खुर्सीडीह, अंजोरा ढा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, गनियारी, बेलौदी, मालूद, पीपरछेड़ी, चिखली, कोटनी और मोहलई शामिल होंगे। अंत में 29 मई 2026 शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला थनौद में शिविर आयोजित किया जाएगा, जहाँ ग्राम अंजोरा (ख), धनोरा, महमरा, रसमड़ा, खम्हरिया, खपरी सि, सिलोदा, पीसेगांव, कोलिहापुरी, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, तिरगा, झोला, भोथली, खाड़ा और रूदा सम्मिलित होंगे।इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा के अंतर्गत भी शिविरों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित है। जिसके अनुसार 06 मई 2026 बुधवार को चीचा में शिविर आयोजित होगा, जिसके दायरे में भाठाकोकड़ी, मुडपार, डोड़की, देउरकोना, चीचा, अरसी, सुखरीकला, लिटिया, पुरदा, गाडाडीह, करेली, सेमरिया लि., जोगीगुफा, हसदा, चिखला, बिरेझर, खर्रा, रौता, टेमरी, फुण्डा, सिलतरा, नवागांव (पु), पथरिया (डो), डोमा, पोटिया (से.), सेवती, हिरी और मड़ियापार (परसदापार) ग्राम आएंगे। इसके बाद 13 मई 2026 बुधवार को मलपुरीकला में आयोजित शिविर में मलपुरीकला, अकोला, कपसदा, ओटेबंद, अछोटी, ढौर (हिगनाडीह), बोरसी, खपरी, पंचदेवरी, ढाबा, मुर्रा (सुरजीडीह), साकरा, कडरका और गोढी पंचायतों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। धमधा क्षेत्र में 15 मई 2026 शुक्रवार को राजपुर में शिविर लगेगा, जिसमें साल्हेखुर्द, नवागांव, कोनका, रौंदा, परसकोल, गोरपा, भिलौरी, पेंड्रावन, अकोली, ठेलका, बरहापुर, धरमपुरा, पगबंधी, अगार, राजपुर, पेंड्री, कुटहा, रक्शा, बिरझापुर, परसबोड़, खपरी, घौठा, खैरझिटी, घौटवानी, धूमा, अछोली और हिरेतरा, बिरेभाठ को शामिल किया गया है। इसके उपरांत 20 मई 2026 बुधवार को नारधा में शिविर का आयोजन होगा, जहाँ खेरधा, नारधा, मोंहदी, रिंगनी, नंदौरी, मुडपार, ओखरा, मुरमुदा, चेटुवा, लिमतरा, मलपुरीखुर्द, सण्डी, लहंगा, ढौर, खेरधी, बागडूमर, सेमरिया, अहेरी और बिरेभाठ ग्राम शामिल होंगी। 25 मई 2026 सोमवार को दारगांव में शिविर संपन्न होगा, जिसमें बिरौदा, दारगांव, मोहलई, टठिया, ठेंगाभाट, धौराभाट, छिराही, तरकोरी, मोहरेंगा, खजरी, कंदई, पेंड्रीतराई, कोकड़ी, हरदी, माटरा और गोता ग्राम जुड़ेंगे। 28 मई 2026 गुरुवार को कन्हारपुरी में आयोजित शिविर में परोड़ा, बसनी, दानीकोकडी, करेली, खिलौराकला, खिलौरा, कन्हारपुरी, जातार्घारा, डगनिया, सिरनाभाठा, नंदवाय, भरनी, नंदेली, देवरी, भिभौरी, रूहा, पेन्ड्री, सुखरीखु, गाड़ाघाट, घसरा, सिल्ली, परसुली, बोरी, परसदाखुर्द, दनिया, टेकापार, तुमाखुर्द, तुमाकला, पेंड्री गो, रहटादाह, मोतिनपुर, गोबरा, नवागांव, सोनेसरार, तितुरघाट, महराजपुर ग्राम शामिल होंगे। धमधा जनपद का अंतिम शिविर 03 जून 2026 बुधवार को मेड़ेसरा में आयोजित होगा, जिसमें सगनी, परसदा, कोडिया, मेडेसरा और पोटिया, देवरझाल, पिटौरा, धिकोडिया, गिरहोला, खपरी, घटियाखुर्द, पाहरा, डुमर, करहीडीह, नंदनीखुंदनी, पथरिया, सहगांव, सेमरिया (गि) ग्रामों के ग्रामीण शामिल हो सकेंगे।इसी प्रकार जनपद पंचायत पाटन के लिए भी शिविरों की सूची तैयार है। जिसके अनुरूप जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत पहला शिविर 07 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला घुघवा (क) में लगेगा, जहाँ पचपेडी, खम्हरिया (कु), कोपेडीह, आँधी, सांकरा, उफरा, नारधी, पाहदा (अ), झीट, बटंग और घुघवा (ज) की पंचायतें शामिल होंगी। इसके बाद शिविर 11 मई 2026 सोमवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढौर में होगा। जिसमें ग्राम पंचायत पहंडोर, ढौर, सावनी, करसा, महकाखुर्द, अचाकनपुर, खुडमुडी, घुघवा (क), महकाकला, रवेली, तुलसी, मुडपार, राखी, चंगोरी, पतोरा, लोहरसी, चीचा, चुनकट्टा, तर्रा, अरसनारा, देवादा, फुण्डा, छाटा को सम्मिलित किया गया है। इसके पश्चात 14 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मर्रा में शिविर संपन्न होगा, जिसमें गोडपेन्ड्री, कानाकोट, सोरम, मानिकचौरी, गुढियारी, दैमार, सेलूद, गाडाडीह, बठेनौ, धौराभांठा, मर्रा, गुजरा, फेकारी, मटंग, पंदर, परसाही, सांतरा, कौही, सेमरी, द. मोखली की पंचायतें जुड़ेंगी। 21 मई 2026 गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कौही में शिविर आयोजित होगा। जहाँ सिकोला, खम्हरिया (ड), कुर्मीगुण्डरा, बेलौदी, सिपकोन्हा, तेलीगुण्डरा, बोरीद, कुम्हली, सोनपुर, बेलौदी, खर्रा, तरीघाट, कुम्हली, जरवाय, केसरा, पौधा, बोरेंदा, भनसुली (क), गब्दी, कौही, असोगा पंचायतें शामिल होंगी। 01 जून 2026 सोमवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामगांव (आर) में शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें पाहंदा (झा), भनसुली (आर), गातापार, रानीतराई, औसर, नवागांव बी, बटरेल, डिड़गा, करेला, टेमरी, अरमरीखुर्द, रेंगाकठेरा, बीजाभांठा, बोरवाय, किकिरमेटटा, भरर, धमना, आगोरसरा, जामगांव आर, खोला, बेल्हारी, सुरपा, मुलगहन, निवानी, ओदर्रागहन और अकतई ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए संपूर्ण जिले के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव सहायक नोडल अधिकारी का दायित्व संभालेंगे। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल और छाया-पानी जैसी मूलभूत बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम की तैनाती आवश्यक दवाइयों के साथ रहेगी और सुरक्षा व पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक एवं एसडीएम को सौंपी गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकतानुसार शिविर स्थलों पर हेलीपैड का चिन्हांकन और निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पुलिस और आबकारी विभाग के समन्वय से किया जाएगा। शिविरों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा की जाएगी, जबकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था विद्युत विभाग के साथ लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र, कूलर और पंखों की उचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला स्तरीय एवं विभाग प्रमुख अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने खंड और जोन स्तरीय अधिकारियों के साथ मैदानी स्तर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता लाना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
- 0- नगरीय निकायों में जनसमस्याओं का होगा त्वरित समाधान, विभिन्न वार्डों में लगेंगे विशेष शिविर0- 01 मई से 10 जून तक, सुबह 09 से शाम 04 बजे तक होगा समस्याओं का निराकरण0- नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा सहित नगर पालिकाओं और पंचायतों सहित 44 विभिन्न स्थलों पर लगेंगे शिविरदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में नगरीय क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने और जन समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए ’सुशासन तिहार-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन शिविरों का आयोजन 01 मई 2026 से शुरू होकर 10 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें वार्डवार क्लस्टर बनाकर लोगों की शिकायतों और मांगों का निराकरण किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत 01 मई 2026 शुक्रवार को वार्ड क्र. 01 चंद्रशेखर आजाद उ.मा. विद्यालय पंचशील नगर में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 1 से 13 और 56, 57 शामिल होंगे। इसी तरह 07 मई को वार्ड 60 शा.प्र.शाला कातुलबोर्ड में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड 58 से 60, वार्ड 14 से 19, वार्ड 20 से 24 और वार्ड 47 शामिल होंगे। 13 मई को वार्ड 46 स्वामी विवेकानंद भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 39 से 54 शामिल होंगे। 23 मई 2026 को वार्ड क्र. 37 पुराना गंज मंडी में शिविर का आयोजन होगा जिसमें वार्ड क्र. 25 से 38 और वार्ड 55 के नागरिक शामिल होंगे। इसी क्रम में नगर निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत 05 मई 2026 मंगलवार को सामुदायिक भवन उमदा वार्ड क्र. 06 में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 06 तक के नागरिक शामिल होंगे। 11 मई 2026 सोमवार को मंगल भवन भिलाई-3 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07 से 17 तक के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। 20 मई 2026 बुधवार को सामुदायिक भवन चरोदा में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18 से 29 तक तथा 28 मई 2026 गुरुवार को सामुदायिक भवन सोमनी में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 30 से 40 तक के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिक निगम रिसाली के अंतर्गत 09 मई 2026 (बुधवार) को वार्ड क्र. 39 जगदंबा चौक पुरैना में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 38, 39 और 40 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (बुधवार) को दुर्गा मैदान स्टेशन मरोदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 11 से 21 और 32 से 34 वार्ड के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 25 मई 2026 (शुक्रवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल रिसाली में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 10 और 22 से 31 वार्ड को शामिल किया गया है। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 36 ड़ुंडेरा मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 35, 36 और 37 के लोग अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पालिक निगम भिलाई के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को हाई स्कूल जुनवानी/शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के वार्ड क्र. 01 से 08 (जुनवानी, स्मृति नगर, मॉडल टाउन, नेहरू नगर, कोसानगर, प्रियदर्शिनी परिसर, राधिका नगर और कृष्णा नगर) शामिल होंगे। इसके बाद 08 मई 2026 (शुक्रवार) को निगम मुख्य कार्यालय सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-01 नेहरू नगर के ही वार्ड क्र. 09 से 13, 17 और 18 (राजीव नगर, लक्ष्मी नगर, फरीद नगर, रानी अवंती बाई कोहका, पुरानी बस्ती कोहका, नेहरू भवन और कान्ट्रैक्टर कॉलोनी) के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। इसी क्रम में 14 मई 2026 (गुरुवार) को वैशाली नगर स्थित लोक मंगल परिसर में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 14, 15, 16, 19, 20 और 27 से 29 (शांति नगर, आंबेडकर नगर, सुपेला, राजीव नगर, वैशाली नगर, शास्त्री नगर, प्रेम नगर और वृंदा नगर) को शामिल किया गया है। 19 मई 2026 (मंगलवार) को हाउसिंग बोर्ड सूर्यकुण्ड सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें जोन-02 वैशाली नगर के वार्ड क्र. 21 से 25 (कैलाश नगर, कुरूद बस्ती, घासीदास नगर, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर और हाऊसिंग बोर्ड) शामिल होंगे। इसके बाद 22 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड-37 शीतला मंदिर डोमशेड में शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जोन-03 मदर टेरेसा नगर के वार्ड क्र. 30 से 37 एवं 52 से 56 (प्रगति नगर, मदर टेरेसा नगर, वैकुण्ठधाम, संतोषी पारा, वीर शिवाजी नगर, शारदा पारा, श्याम नगर, संत रविदास नगर और सेक्टर-1 से सेक्टर-3 के विभिन्न भाग) के नागरिक शामिल हो सकते हैं। अंत में 28 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्रमांक 49 डोम शेड श्रीराम चौक ग्राउण्ड में शिविर आयोजित होगा, जिसमें जोन-04 शिवाजी नगर के वार्ड क्र. 38 से 51 (सोनिया गांधी नगर, चन्द्रशेखर आजाद नगर, शहीद चुम्मन यादव नगर, इंडस्ट्रियल एरिया छावनी, गौतम नगर, बापू नगर और शहीद वीर नारायण सिंह नगर, लक्ष्मीनारायण वार्ड, बालाजी नगर, दुर्गा मंदिर खुर्सीपार, जोन-3 खुर्सीपार, सुभाष मार्केट, शास्त्री नगर) के क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। 1 जून 2026 सोमवार को वार्ड 65, सेक्टर 10 गुंड्डीचा मंच डोमशेड में शिविर लगेगा जिसमें वार्ड 57 से 60 अंतर्गत सेक्टर 4-10 के विभिन्न भागों के नागरिक शामिल होंगे।इसी क्रम में नगर पालिका परिषद कुम्हारी, जामुल, अहिवारा और अमलेश्वर में भी निर्धारित तिथियों में शिविरों का आयोजन होगा। नगर पालिका परिषद कुम्हारी के अंतर्गत 06 मई 2026 (बुधवार) को राजीव भवन परसदा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13 एवं 16 शामिल होंगे। इसके बाद 12 मई 2026 (मंगलवार) को बैडमिंटन कोर्ट वार्ड क्र. 15 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09 से 12 एवं 14, 15 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी क्रम में 18 मई 2026 (सोमवार) को सामुदायिक भवन वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 08 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। 25 मई 2026 (सोमवार) को कर्मभवन जंजगिरी में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 17, 19, 23 एवं 24 शामिल होंगे। अंत में 30 मई 2026 (शनिवार) को मानस भवन कुगदा में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 18, 20, 21 एवं 22 शामिल होंगे। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद जामुल के अंतर्गत 08 मई 2026 (शुक्रवार) को हाई स्कूल डोम शेड वार्ड क्र. 06 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04 एवं 06 शामिल होंगे। इसके बाद 14 मई 2026 (गुरुवार) को प्राथमिक शाला रावण भाठा वार्ड क्र. 09 में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 07, 09 एवं 10 के नागरिक शामिल होंगे। इसी कड़ी में 19 मई 2026 (मंगलवार) को ए.सी.सी. मंगल भवन वार्ड क्र. 13 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 08, 11, 12, 13, 14 एवं 15 शामिल होंगे। 26 मई 2026 (सोमवार) को मंगल भवन वार्ड क्र. 16 में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 16, 17 एवं 18 शामिल होंगे। अंत में 01 जून 2026 (सोमवार) को सांस्कृतिक भवन बाजार चौक सुपेला में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 19 एवं 20 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकेंगे। नगर पालिका परिषद अहिवारा के अंतर्गत 07 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 एवं 04 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में ही दूसरा शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 05, 06, 07 एवं 08 शामिल होंगे। इसी प्रकार 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 09, 10, 11 एवं 12 के लोग शामिल होंगे। अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 12 स्थित मंगल भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13, 14 एवं 15 के नागरिकों को शामिल किया गया है। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के अंतर्गत 04 मई 2026 (सोमवार) को स्वामी आत्मानंद स्कूल अमलेश्वर में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03 और 18 शामिल होंगे। इसके बाद 09 मई 2026 (शनिवार) को शासकीय प्राथमिक शाला खुडमुड़ा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 04, 05, 06 और 07 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। इसी तरह 26 मई 2026 (मंगलवार) को शासकीय प्राथमिक शाला मगरघटा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 13-17 को शामिल किया गया है। अंत में 29 मई 2026 (शुक्रवार) को शासकीय प्राथमिक शाला अमलेश्वर डीह में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें वार्ड क्र. 08 से 12 के नागरिक अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं।नगर पंचायत धमधा, पाटन और उतई में भी शिविरों का आयोजन होगा। जिसमें नगर पंचायत धमधा के अंतर्गत 02 मई 2026 (शनिवार) को डॉ. भीमराव अंबेडकर मांगलिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01 से 05 तक के क्षेत्र शामिल होंगे। इसके बाद 11 मई 2026 (सोमवार) को बजरंग चौक मंगल भवन में शिविर आयोजित होगा, जिसमें वार्ड क्र. 06, 07, 08, 09 और 15 के नागरिक शामिल होंगे। अंत में 22 मई 2026 (शुक्रवार) को सांस्कृतिक भवन तमेर पारा में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 10, 11, 12, 13 और 14 के निवासी शामिल हो सकेंगे। नगर पंचायत पाटन के अंतर्गत 05 मई 2026 (मंगलवार) को वार्ड 09 कार्यालय नगर पंचायत पाटन में शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वार्ड क्र. 03, 08, 09, 10, 11 और 12 शामिल होंगे। इसके बाद 15 मई 2026 (शुक्रवार) को वार्ड क्र. 04 देवांगन समाज भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 04, 05 और 06 के नागरिक शामिल हो सकेंगे। अंत में 23 मई 2026 (शनिवार) को वार्ड क्र. 15 खुबचंद बघेल सामुदायिक भवन में शिविर लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 07, 13, 14 और 15 को शामिल किया गया है। नगर पंचायत उतई के अंतर्गत सभी शिविर कार्यालय नगर पंचायत उतई परिसर में आयोजित होंगे। पहला शिविर 06 मई 2026 (बुधवार) को लगेगा, जिसमें वार्ड क्र. 01, 02, 03, 04, 07 और 08 शामिल होंगे। इसके बाद 16 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित शिविर में वार्ड क्र. 12, 13 और 14 के नागरिक शामिल होंगे। 21 मई 2026 (गुरुवार) को वार्ड क्र. 09, 10 और 11 के लिए शिविर लगेगा और अंत में 02 जून 2026 (मंगलवार) को वार्ड क्र. 05, 06 और 15 के नागरिकों के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा।सुशासन तिहार-2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को मुख्य नोडल अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविरों के व्यवस्थित संचालन के लिए नोडल अधिकारियों को मंच, पंडाल, पेयजल और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शिविर स्थल पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सौंपी गई है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सूचना प्रसार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शहरी क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुँचाना है।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक ’’शुद्ध दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार’’ थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है जिसमें औषधि शाखा द्वारा जिले में कॉस्मेटिक एजेंसीयां, थोक एवं खुदरा औषधि विक्रय फर्म, अस्पताल एवं अस्पतालों से जुडे फार्मेसी में कोल्ड चैन का निरीक्षण निजी एवं शासकीय परिसरों में वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन की जांच, स्वापक औषधियों के थोक एवं खुदरा फर्मों में क्रय-विक्रय संबंधित दस्तावेजों की जांच, सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत् कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान एवं निजी तथा शासकीय अस्पतालों की फार्मेसीयों की जांच/निरीक्षण एवं एडवर्स ड्रग ईवेंट की रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं की जांच औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत की जाएगी। खाद्य शाखा द्वारा चाट, गुपचुप सेंटर्स, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आईसक्रीम, जूस सेंटर, डेयरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिठाई दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, केक एवं ब्रेकरी प्रोडक्ट विक्रेता फर्म, मिड-डे मिल सेंटर्स, हास्पिटल कैंटीन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर्स, आईस्क्रीम विक्रेता, कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान, ढ़ाबा, फल एवं सब्जी विक्रेता प्रतिष्ठान, पेप्सी, आईसगोला, आईस कैण्डी विक्रेता प्रतिष्ठानों की सघन जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् की जाएगी।औषधि शाखा द्वारा - जिले में संचालित मेसर्स जलाराम कॉस्मेटिक इंदिरा मार्केट दुर्ग, वर्ल्ड ऑफ ब्यूटी इंदिरा मार्केट दुर्ग, मेसर्स रेडलिप्स कॉस्मेटिक शॉप, नेहरू नगर, भिलाई, मेसर्स वूमनिया मेकअप स्टोर्स, अग्रसेन चौक, नेहरू नगर, मेसर्स प्रकाश जनरल स्टोर्स, आर.एस.एस. मार्केट, पावर हाउस, भिलाई, मेसर्स हर्षित जनरल एण्ड बैंगल्स स्टोर्स पावर हाउस, जवाहर मार्केट, भिलाई एवं मेसर्स के.जी.एन. ज्वेलर्स, जवाहर मार्केट, कैम्प-2, पावर हाउस, भिलाई ऐसे 07 कॉस्मेटिक विक्रय करने वाले फर्मों का निरीक्षण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत् किया गया जिसमें किसी भी प्रकार की एलोपैथिक औषधियों का संग्रह करना नहीं पाया गया एवं फर्मों के क्रय-विक्रय रिकार्ड की जांच की गई एवं सख्त निर्देश दिये गए कि उनके द्वारा कास्मेटिक सामान का क्रय अधिकृत विक्रेताओं/एजेंसी से क्रय बिल के माध्यम से किया जाए। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।खाद्य शाखा द्वारा - आज जिले में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित चाट, गुपचुप सेंटर आदि स्ट्रीट वेंडर्स की जांच खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया जा रहा है, जिसमें संचालकों को साफ स्वच्छ पीने योग्य पानी का उपयोग करने हेतु, अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने हेतु परिसर के आस-पास स्वच्छता रखने हेतु एवं डस्टबीन रखने हेतु निर्देशित किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- दुर्ग. नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार उपसंचालक डॉ. मनोज दानी एवं अभिहीत अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार नेले के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन दुर्ग की टीम द्वारा अहिवारा क्षेत्र में निरीक्षण किया गया।उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त जानकारी अनुसार निरीक्षण के दौरान व्यापारियों ने बताया कि ग्राम भिरेभाठ, थाना नंदिनी, जिला दुर्ग में अवैध रूप से स्वास्थ्य को हानि पहुचाने वाला जर्दा युक्त पान मसाला का निर्माण किया जा रहा है। टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जहां “मुसाफिर” ब्रांड नाम से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जर्दा युक्त पान मसाले का निर्माण करते हुए पाया गया। मौके पर विक्रय हेतु तैयार 51 कट्टी जर्दा युक्त पान मसाला बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 3,18,240 रुपये है। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों से उत्पाद के निर्माणकर्ता के संबंध में पूछताछ करने पर वे कोई जानकारी नहीं दे सके। निर्माणकर्ता की अनुपस्थिति के कारण, अभिहीत अधिकारी के निर्देश पर एरिया अधिकारी रिचा शर्मा द्वारा उक्त निर्माण स्थल को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (संशोधित 2011) के तहत तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से “रेबीज की रोकथाम एवं पशु काटने के प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।प्रशिक्षण का उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को रेबीज संक्रमण की पहचान, समय पर उपचार एवं मरीजों की प्रभावी देखभाल के लिए प्रशिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने रेबीज की उत्पत्ति, लक्षणों की पहचान तथा आपातकालीन उपचार की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि संक्रमित पशु के काटने पर वायरस तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचकर गंभीर प्रभाव डालता है, लेकिन समय पर टीकाकरण और सही प्रबंधन से इससे बचाव संभव है।सत्र में नर्सिंग स्टाफ को घाव की तत्काल सफाई, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) एवं इम्युनोग्लोब्युलिन के उपयोग सहित मरीज की निगरानी के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता डॉ. मूर्ति ने कहा कि रेबीज एक जानलेवा लेकिन पूरी तरह रोके जा सकने वाला रोग है, वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर पशु काटने के मामले में सतर्कता बरतने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर सहित अन्य चिकित्सकों और बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न्स व स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।--
- बिलासपुर. एक साधारण सा घर, सीमित आमदनी और अचानक सामने आ गया 40 हजार रुपये का बिजली बिल—ग्राम धौराभांटा निवासी सनत धुव्र के लिए यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि रोज बढ़ती चिंता और बेबसी की कहानी बन गया था। हर दिन यही सोच—“इतना पैसा आएगा कहां से?”—परिवार के सुकून पर भारी पड़ रही थी। घर के छोटे-बड़े खर्चों के बीच इतना बड़ा बकाया चुकाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। हालात ऐसे थे कि उम्मीद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही थी।इसी बीच मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आई।धौराभांटा में आयोजित शिविर में जब सनत धुव्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो यह उनके लिए एक आखिरी कोशिश जैसा था। शिविर में उनके प्रकरण की जांच की गई और योजना के तहत 27 हजार रुपये की छूट स्वीकृत की गई। कुछ ही पलों में 40 हजार का बोझ काफी हद तक हल्का हो गया—और उसी के साथ उनके मन का भार भी। अब बची हुई राशि को भी आसान बना दिया गया है।कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार ने बताया कि शेष रकम केवल 350 रुपये प्रतिमाह की 40 किश्तों में जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि “इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने बकाया का भुगतान कर सकें। अधिक से अधिक लोग इसका लाभ लें, यही हमारी कोशिश है।” इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है। राहत मिलने के बाद सनत धुव्र की आंखों में साफ सुकून झलक रहा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “अब सब ठीक हो गया।” उन्होंने इस राहत के लिए विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी चिंता से मुक्त किया है।धौराभांटा में आयोजित इस शिविर में ऐसे कई और परिवार भी पहुंचे, जिनकी परेशानियां लंबे समय से अनसुनी रह गई थीं। मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल में छूट, सरचार्ज में राहत और किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं, क्योंकि समय पर मिला समाधान न केवल बिल का बोझ कम करता है, बल्कि जिंदगी में उम्मीद और सुकून भी लौटाता है।
- बिलासपुर. “सही दवा - शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित 15 दिवसीय विशेष अभियान के तहत आज शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन जांच अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान कोन्हेर गार्डन चौक, मरीन ड्राइव चौपाटी, अशोक नगर चौक एवं नूतन चौक क्षेत्र में संचालित गुपचुप, चाट एवं अन्य खाद्य सामग्री के ठेलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने हेतु हैंड ग्लव्स एवं हेड कैप वितरित किए गए तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय में स्वच्छता एवं गुणवत्ता के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।इस दौरान अभिहित अधिकारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि आमजन को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।--
- बिलासपुर. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के चरण-2 के अंतर्गत जिले की ग्राम पंचायतों में तरल अपशिष्ट (लिक्विड वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए विकेन्द्रित अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली (DEWATS) को प्राथमिकता दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नालियों, नदियों एवं तालाबों में जाने से रोकना तथा उसे उपचारित कर पुनः उपयोग के योग्य बनाना है।यह प्रणाली जल स्रोतों (नदियों/तालाबों) को प्रदूषण मुक्त रखने के साथ-साथ ग्रामीण आबादी को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी। परियोजना का मुख्य लक्ष्य अपशिष्ट जल के उचित उपचार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।DEWATS प्रणाली पारंपरिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की तुलना में किफायती एवं प्रकृति-आधारित तकनीक पर आधारित है। इसमें रासायनिक प्रक्रिया के बजाय सूक्ष्मजीवों एवं पौधों की सहायता से जल का शोधन किया जाता है। इस तकनीक की विशेषता यह है कि अपशिष्ट जल का उपचार उसी स्थान (ऑन-साइट ट्रीटमेंट) पर किया जाता है, जहां वह उत्पन्न होता है।उपचारित जल का उपयोग बागवानी, कृषि कार्य एवं शौचालय फ्लशिंग जैसे कार्यों में किया जा सकेगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार एवं जल संसाधनों का संरक्षण संभव होगा।जिले में वर्तमान में 46 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 25 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष 21 कार्य प्रगति पर हैं।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से न केवल जल की बर्बादी को रोका जा रहा है, बल्कि ओडीएफ प्लस (ODF Plus) लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए टिकाऊ एवं पर्यावरण के अनुकूल समाधान साबित होगी।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में हेडमास्टर सुश्री श्री दुलेश्वरी साहू ने शासकीय प्राइमरी स्कूल ग्राम सोंठ एवं ग्राम संडी की सरपंच श्रीमती हेमलता बंजारे ने आंगनबाड़ी केंद्र में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- 0- अब तक 98 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 3 भरेंगा में 109 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 रीवा में 212 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 अकोली में 116 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नेवरा में 99 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मांझीपारा, भोलानगर एवं धरम नगर में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मठपुरैना बृजनगर में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा अछोली में 200 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 972 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 98 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।--
- 0- परीक्षा के बाद भी शिक्षिकाओं ने निभाई जिम्मेदारी, नियमित देखभाल से बची हरियालीरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने प्राथमिक विद्यालय देवपुरी में प्रेरणादायक रूप लिया है। अभियान के तहत विद्यार्थियों ने अपनी माँ के सम्मान में स्कूल परिसर में पौधे लगाए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगभग नगण्य हो गई और साथ ही भीषण गर्मी का दौर भी शुरू हो गया। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बच्चों द्वारा लगाए गए पौधों के सूखने की आशंका थी।प्रधानपाठक श्रीमती रेखा डहरिया तथा शिक्षिकाएँ श्रीमती सविता शिंदे, श्रीमती जीवनलता टोप्पो, श्रीमती नम्रता कौशल और श्रीमती ऋचा देवांगन ने नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर इन पौधों को पानी दिया और उनकी नियमित देखभाल से बनी रहीं हरीयाली। आज ये पौधे हरे भरे स्वरूप में यह संदेश दे रहे हैं कि अगर इच्छा शक्ति हो तो कोई भी पहल सफल बन सकती है। शिक्षिकाओं की इस पहल ने जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल पेश की है।--
- 0- भीषण गर्मी में पशुओं को लू से बचाएं: जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरीरायपुर। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान एवं लू (हीट वेव) के प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने पशुपालकों एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक सावधानियां जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी में पशुओं को प्रत्यक्ष ताप (डायरेक्ट हीट) के संपर्क से बचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इस मौसम में पशु निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक एवं गर्म सतहों से जलने जैसी समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।जारी निर्देशों में कहा गया है कि पशुओं को दिनभर छाया उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त आश्रय की व्यवस्था की जाए। साथ ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पशुओं को नियमित रूप से स्वच्छ एवं ताजा पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए चौड़े मुंह वाले ऐसे पात्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिन्हें पशु आसानी से पलट न सकें।बोर्ड ने पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के लिए पशुओं के पैदल परिवहन नियम 2001 का पालन करने पर भी जोर दिया है। नियमों के अनुसार 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की स्थिति में तथा सूर्योदय पूर्व एवं सूर्यास्त के पश्चात पशुओं के पैदल परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है।पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर विशेष नजर रखें। यदि पशुओं में अत्यधिक हांफना, सुस्ती, लार टपकना, तेज धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराएं।
- 0- राजधानी की श्रीमती पांडे को योजना से मिली राहत0- बी.पी.एल., अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलेगा इस योजना का लाभरायपुर. लंबित बिजली बिल के भुगतान की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत बी.पी.एल., अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि में विशेष छूट प्रदान की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिल रही है।राजधानी के सुंदर नगर की निवासी श्रीमती नंदिनी पांडे को इस योजना से बड़ी राहत मिली। श्रीमती पांडे पारिवारिक परेशानी के चलते वे पिछले कुछ वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाई थीं, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी। सिलाई कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली नंदिनी के लिए लगभग 3,866 रुपये का लंबित बिल था। तभी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस योजना की जानकारी दी और लाभ लेने का आग्रह किया। श्रीमती पांडे ने इस योजना की विस्तृत जानकारी ली, और जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर लंबित निर्धारित भुगतान सीएसपीडीसीएल को कर दिया।इस योजना के अंतर्गत उन्हें 1,370 रुपये की राहत मिली, जिससे उनका आर्थिक दबाव काफी कम हुआ, साथ ही सरचार्ज में 100 प्रतिशत मुक्ति भी मिली। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद सहायक साबित हो रही है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 के तहत 31 मार्च 2023 तक लंबित बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पुराने बकाया को सरल प्रक्रिया के माध्यम से समाप्त कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है।पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए मोर बिजली एप या संबंधित सीएसईबी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य है, जबकि निष्क्रिय उपभोक्ताओं को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठाएं।-=-
- 0- सुशासन तिहार 2025 में टिकेश्वरी का सोनतरा शिविर में तुरंत बना मनरेगा जॉब कार्ड0- काम भी मिला, मिली अच्छी मजदूरी0- 1 मई से शुरू हो रहा सुशासन तिहार 2026रायपुर. टिकेश्वरी बहुत खुश हैं, उन्हें अब काम मिल रहा है, क्योंकि उनका मनरेगा जॉब कार्ड बन गया है। श्रीमती टिकेश्वरी यादव रायपुर जिले के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सोनतरा की रहने वाली हैं। पहले उन्हें दूसरों के घरों में मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करना पड़ता था, वहीं काम की अनियमितता के कारण उनकी आर्थिक स्थिति हमेशा अस्थिर बनी रहती थी।गतवर्ष में मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया गया था जिसके तहत रायपुर जिले में भी सुशासन शिविर लगाए गए थे। ग्राम सोनतरा में सुशासन शिविर लगा जिसके बारे में पता चलने पर टिकेश्वरी ने बिना देर किये ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में अपनी समस्या रखी। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा ) के अंतर्गत जॉब कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया, जल्द प्रक्रिया पूर्ण हुई , कुछ दिनों के भीतर पंचायत कार्यालय से मनरेगा जॉब कार्ड मिल गया। टिकेश्वरी बताती हैं कि करीब दो महीने पहले उन्हें इसके तहत काम भी दिलाया गया और निर्धारित मजदूरी भी मिली। आगे भी उन्हें काम मिलेगा। टिकेश्वरी अब खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि सुशासन तिहार हमारे जैसे ग्रामीणों के लिए यह बहुत अच्छी पहल है जिसमें हमारी कई समस्याओं का समाधान एक जगह पर हो जाता है। इस बार भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 मई 2026 से सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा हैं।
- 0- उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में चयनित होने वाली स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा की होनहार विद्यार्थी कुमारी हिमांशी साहू को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान कुमारी हिमांशी साहू की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके इस उपलब्धि को संपूर्ण बालोद जिले के लिए गौरव बताया।इस अवसर पर कलेक्टर ने कुमारी हिमांशी साहू को प्रशस्ति पत्र के अलावा शाॅल, श्रीफल भेंटकर तथा उनका मुँह मीठा कराकर उनका आत्मीय सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कुमारी हिमांशी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी साहू को कड़ी मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने की सीख भी दी। उल्लेखनीय है कि कुमारी हिमांशी साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कन्नेवाड़ा में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। कुमारी हिमांशी ने 96 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। छात्रा कुमारी हिमांशी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम में पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय तथा संपूर्ण बालोद जिला का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कुमारी हिमांशी के पिता श्री अभय कुमार और माता श्रीमती सहिता साहू को भी सम्मानित कर उनकी सुपुत्री की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।--
- 0- आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने आज जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन मंे आज मरकाटोला की शाम बाई ने नया राशन कार्ड बनाने, ग्राम भेंगारी की यमुना बाई ने ऋण पुस्तिका प्रदान करने, ग्राम पेंड्री के अंजली ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने हेतु आवेदन सौंपे। इसी तरह ग्राम सलोनी के रितु ने आबादी भूमि का पट्टा दिलाने, सिर्राभाठा की सुनीता ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का लाभ दिलाने एवं खेरतराई के पुरूषोत्तम ने पशु शेड निर्माण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।--
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रायपुर । सिंचाई अमला के जीवटता के चलते 14 दिनों बाद सोनपैरी माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव में बीते कल सोमवार को निस्तारी पानी पहुंच गया पर पानी के उतार - चढाव व पहले पड़ने वाले ग्रामों के ग्रामीणों द्वारा अपने - अपने ग्रामों के अधिक से अधिक तालाबों को हेड अप कर भरने की कोशिशों के चलते तालाब भर पाने के चुनौतीपूर्ण कार्य को देखते हुये बड़गांव के कतिपय पंचायत प्रतिनिधि व युवा स्वीकार कर चौकसी करने में लग गये हैं । इधर बड़गांव पानी पहुंचने के साथ ही एक बार फिर रुद्री से पानी का आवक कम हो गया है । जानकारी के अनुसार नहर में किसी के डूबने की वजह से तलाशी के चलते पानी का आवक कम कर दिया गया था जिसे कि शव मिलने के बाद पुनः धीरे - धीरे बढ़ाया जा रहा है । यदि माइनर में नियमित पर्याप्त पानी आया और पहले के ग्रामों में हेड अप नहीं किया गया तो कल तक फिर से बड़गांव पानी पहुंचने की संभावना है ।
ज्ञातव्य हो कि गंगरेल का पानी मांढर शाखा नहर से निकले 13 किलोमीटर लंबे वितरक शाखा 10 के दरबा ग्राम से निकाले गये 5 किलोमीटर लंबी सोनपैरी माइनर के अंतिम छोर के ग्राम बड़गांव डिमांड पर पहुंचता है । इस साल निस्तारी पानी की संकट के मद्देनजर बड़गांव के उपसरपंच बनवारी यादव ने रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा के माध्यम से बीते 13 अप्रैल को सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था । हरकत में आये संबंधित सहायक यंत्री निखिल अग्रवाल ने दूसरे ही श्री शर्मा व श्री यादव तथा डिमांड पर पानी चाहने वाले कुटेसर के सरपंच सुभाष बंजारे आदि के साथ नहर प्रणाली का अवलोकन किया था व इसकी साफ - सफाई तथा उद्योगपतियों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के माइनर पर बनाये गये आवागमन के रास्ते की वजह से पानी के प्रवाह में आने वाले रुकावटों को हटाने का निर्देश अपने अधीनस्थों को दिया था । लगातार 14 दिनों की मशक्कत के बाद जे सी बी व मजदूरों तथा कुटेसर व बड़गांव के जागरूको की मदद से पानी प्रवाह के रुकावटों को दूर कर सोनपैरी व कुटेसर के तालाब भरने के बाद बीते कल सोमवार को पानी पहुचाने में जीवटता से लगे अमीन जीवन लाल साहू , स्थल सहायक मुकेश यादव व कर्मी नरेश पटेल व राजू साहू ने सफलता हासिल की है । इधर शासन द्वारा बनाये गये बड़े ग्रामों के दो व छोटे ग्रामों के एक तालाब को भरने के निर्देश को धता बताते हुये पहले पड़ने वाले ग्रामों द्वारा अपने - अपने ग्रामों के तालाबों को अधिक से अधिक भरने की कोशिश में नहर प्रणाली में अस्थायी हेड अप खड़ा किये जाने की वजह से अंतिम छोर के ग्रामों में पानी पहुंचना मुश्किल होने के पूर्व अनुभवों से सीख लेते हुये बड़गांव के पंच घनश्याम साहू व मदन साहू सहित युवा मिथिलेश वर्मा , रोमन निषाद , रोमांस साहू आदि विभागीय अधिकारियों के सहयोग से दिन रात चौकसी कर माइनर में किये जाने वाले अनाधिकृत हेड अप को हटाने व पानी को तालाब तक पहुंचाने के प्रयास में लगे हुये हैं । श्री शर्मा ने नहर प्रणाली के कमांड क्षेत्र में आने वाले सभी ग्रामों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे प्रत्येक ग्राम में निस्तारी पानी की समस्या को देखते हुये संयम बरत प्राथमिकता के आधार पर हरेक ग्राम के एक - एक तालाब को प्राथमिकता से भरने में विभागीय अमला का सहयोग प्रदान करें । इधर 13 किलोमीटर लंबी वितरक शाखा 10 में पड़ने वाले ग्राम कुरूद , दरबा , गोढ़ी , सिवनी के साथ - साथ अंतिम छोर के ग्राम पिपरहट्ठा में भी निस्तारी पानी पहुंचाने में विभागीय अमला ने सफलता हासिल कर ली है पर बीते कल से पानी का प्रवाह कम होने के कारण तालाब भरने में रुकावट पैदा हो गया है । - 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सभी विभागों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी कार्य है। इसलिए राज्य शासन के मंशानुरूप आम नागरिकों को इसका समुचित लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य की भाँति बालोद जिले में भी सुशासन तिहार 2026 के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर तथा संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले का पहला जनसमस्या निवारण शिविर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पिनकापार में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अलावा शिविर के नोडल अधिकारी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन को सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में आयोजित सभी शिविरों का समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। जिससे कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन के संबंध में समुचित जानकारी मिल सके। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शिविरों में आम नागरिकों के लिए पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था करने तथा उसके अनुरूप पर्याप्त संख्या में शेड एवं विभागीय स्टाॅल लगाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जनसमस्या निवारण शिविरों में दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेषज्ञों की समुचित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के स्टाॅल में पर्याप्त मात्रा में डाक्टरों एवं अन्य स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित कराने को कहा। जिससे कि मौके पर ही दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान की जा सके। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जनगणना 2027 के कार्यों के अंतर्गत जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से स्वघोषणा पत्र में आॅनलाईन जानकारी दर्ज करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जनगणना 2027 के अंतर्गत आॅनलाईन स्वघोषणा पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी भी दी गई।बैठक में कलेक्टर ने आईगोट कर्मयोगी पोर्टल में जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के आॅनबोर्डिंग कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से आॅनबोर्डिंग कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी प्रत्येक कर्मचारियों की सीआर में अंकित की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी को सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने राष्ट्रीय राजमार्ग में अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टी भी लगाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत कृषकों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को खाद, बीज प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य है।बैठक में कलेक्टर ने जिले में बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नियुक्त ग्राम पंचायत सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से शादी के पूर्व वर, वधु का जन्म तिथि का अनिवार्य रूप से जांच कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शादी की तिथि तय होने के पश्चात शादी के पूर्व सभी वर, वधुओं का कक्षा 5वीं एवं 8वीं के अंकसूची के आधार पर वर, वधु की आयु का मिलान अनिवार्य रूप से की जाए। कलेक्टर ने कहा कि अंकसूची अन्य दस्तावेजों से वर, वधुओं के आयु के मिलान के पश्चात् यदि वर की आयु 21 वर्ष से कम एवं वधु की आयु 18 वर्ष से कम होने पर उनकी विवाह को तत्काल रोक लगाई जाए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के जीवनदायिनी तांदुला के पुनरूद्धार कार्य हेतु जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के मध्य सफलतापूर्वक एमओयू होने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस कार्य में विशेष भूमिका के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज निगम कार्यालय में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर विभागवार विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में शहर के विभिन्न वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास और जनहित की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया।आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के मुख्य रूप से रोड निर्माण, सीवरेज लाइन, नाली निर्माण एवं बकाया कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने सभी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करें। मानसून पूर्व के आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान जिन कार्यों की प्रगति धीमी पाई गई, उनके प्रति आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों और उत्तरदायी अभियंताओं को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा को दिए हैं। आयुक्त ने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने पर भुगतान की प्रक्रिया में देरी न की जाए, लेकिन यदि कार्य में सुस्ती बरती गई तो पेनाल्टी लगाने और ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।निगम आयुक्त ने कहा है कि"नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी एजेंसी या अधिकारी कार्य के प्रति उदासीनता बरतेंगे, उन पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" बैठक में निगम के मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, अधीक्षण अभियंता वेशराम सिंहा, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित रहे।



















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