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- सभी विजेताओं, उपविजेताओं और प्रतिभागियों को खूब बधाई.रायपुर। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी और महासचिव गौरव शर्मा ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई 2 की सफलता पर सभी का आभार जताया है, साथ ही विजेताओं को बधाई दी है। एक संदेश कहा कि दिल की गहराइयों से धन्यवाद खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा जी, सहसंयोजक शंकर चंद्राकर जी और सभी आदरणीय अग्रजों का, जिन्होंने तपती गर्मी में भी पूरे धैर्य के साथ टूर्नामेंट को संपन्न कराया.सभी खिलाड़ियों को भी धन्यवाद, जिन्होंने अपना अमूल्य समय और सहयोग देकर इस कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की.आप सभी के सहयोग, मार्गदर्शन और स्नेह से 'खेल मड़ई 2026' का आयोजन निर्बाध, निर्विवाद और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जिनका भी सहयोग इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मिला, मोहन भइया और हमारी पूरी टीम की तरफ से सभी के प्रति हाथ जोड़कर आभार व्यक्त करता हूं.यह हमारा प्रयास था कि हम अपने पुरोधाओं, दिवंगत अग्रजों और वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाए रखने उनकी स्मृति में आयोजन करें.दिवंगत पत्रकारों के परिजनों ने भी आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. देवेंद्र भइया की माताजी ने जिस तरह हम सभी को आशीर्वाद दिया, वह भावविभोर करने वाला क्षण था. सभी परिवारों के प्रति भी आदरभाव के साथ आभार.आप सभी आदरणीय वरिष्ठजनों, अग्रजों और प्रिय साथियों का सहयोग व मार्गदर्शन आगे भी बना रहे, ऐसी कामना.
- बैडमिंटन डबल में टीकम और सत्येंद्र की जोड़ी विजेतासिंगल में रामेश्वर मिश्रा विजेतारायपुर। प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई 2 के इनडोर गेम में स्वर्गीय देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले सोमवार को हुए। इसमें बैडमिंटन डबल मैच में टीकम वर्मा और सत्येंद्र कर की जोड़ी विजेता रही। इसी प्रकार बैडमिंटन सिंगल मैच के फाइनल रामेश्वर मिश्रा विजेता रहे।
- रायपुर/ भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर राजधानी शहर रायपुर के गोवर्धन नगर परशुराम चौक में रायपुर नगर पालिक निगम के एमआईसी सदस्य श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, रायपुर के पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे विशेष अतिथि के रूप में भक्तजनों, विप्रजनों, महिलाओं, नवयुवकों, बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति में भजन संध्या, महाआरती, महाप्रसाद में सम्मिलित हुए. इस अवसर पर पूजा पण्डित भोला प्रसाद तिवारी ने करवाई.रायपुर नगर पालिक निगम के एमआईसी सदस्य श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, रायपुर के पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे ने समस्त भक्तजनों, विप्रजनों, महिलाओं को भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें दीं और सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शान्ति देने हेतु परमपिता परमेश्वर के दिव्य श्रीचरणों में विनम्र सामूहिक प्रार्थना की. विशेष अतिथियों ने भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के आयोजन के प्रबंधन को सराहा.
- रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के जोन 3 में प्राप्त स्वच्छता सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार निर्देश रायपुर नगर पालिक निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह ने कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में नगर निगम जोन 3 क्षेत्र अंतर्गत शंकर नगर में बालाजी उद्यान के समीप नाला की जेसीबी मशीन बुलवाकर अपने सामने विशेष सफाई करवाई और भारी मात्रा में गन्दगी और कचरा बाहर निकलवाते हुए नाले का निकास जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु सुगम बनाया और कचरा और गन्दगी का तत्काल परिवहन करवाते हुए स्वच्छता कायम करवाते हुए इस सम्बन्ध में प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के विभिन्न मार्गो में ग्रीष्मकालीन ऋतु के दौरान पेयजल संकट की समस्या के त्वरित निदान के लिए व्यवहारिक रूप से आवश्यक होने पर विभिन्न मार्गो को पाईप लाईन वाले हिस्से मे खोदकर तत्काल सुधारकर उसकी प्राथमिकता से मरम्मत करवाने का कार्य नगर निगम रायपुर द्वारा किया जा रहा है ताकि नागरिको को श्रावागमन हेतु किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।आज 20 अप्रैल 2026 को दैनिक समाचार पत्र में अच्छी सडको को पाईप लाईन बिछाने खोदकर कर रहे खराब शीर्षक से प्रकाशित समाचार को तत्काल सज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने संबंधित जोन 4 जोन कमिश्नर श्रीमती दिव्या चंद्रवंशी को लाखे नगर मैदान के पास पाईप लाईन मरम्मत का आवश्यक कार्य होते ही जोन स्तर पर तत्काल प्राथमिकता से सडक सुधारने एवं सभी स्थानो पर पाईप लाईन की आवश्यक मरम्मत उपरात सडके सुधारने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरों को दिये है।
- संभागायुक्त कार्यालय ने जारी की सूचनाबिलासपुर/ संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर द्वारा सक्ति जिला के डभरा तहसील के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड, सिंघीतराई में हुई औद्योगिक दुर्घटना के संबंध में साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 29 अप्रैल 2026 को अवसर प्रदान किया गया है । इच्छुक व्यक्ति या संस्था उक्त तिथि को बिलासपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपस्थित होकर साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत कर सकते हैं।कार्यालय आयुक्त, बिलासपुर संभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार उक्त दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप की वाटर सप्लाई लाइन के जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण हुई थी, जिसमें 34 श्रमिक प्रभावित हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निर्धारित तिथि को आयोजित सुनवाई के दौरान कोई भी संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा पक्ष यदि घटना से जुड़े तथ्य, साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। जांच अधिकारी सह संभागीय आयुक्त ने सभी संबंधितों से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करें, जिससे घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
- सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल के समर कैम्प की अनूठी पहलरायपुर। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का समावेश भी आवश्यक है। इसी सोच को साकार करते हुए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने एक प्रेरणादायक पहल की है।विद्यालय में आयोजित समर कैम्प के दौरान कक्षा 12वीं की छात्राओं—छाया, साक्षी और टीना ने मिलकर पक्षियों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक घोंसलों का निर्माण किया। इन घोंसलों को रचनात्मक ढंग से तैयार कर विद्यालय परिसर के पेड़ों पर स्थापित किया गया, जिससे भीषण गर्मी में पक्षियों को आश्रय और सुरक्षा मिल सके।विद्यार्थियों की इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का संदेश दिया है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में सामाजिक सरोकार, सहयोग और प्रकृति के प्रति जुड़ाव की भावना को भी बढ़ावा मिला है।
- महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबलबिलासपुर/ ग्राम तुर्काडीह की सृष्टि पटेल की कहानी सिर्फ एक महिला की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और उम्मीद की एक सशक्त मिसाल है। एक समय था जब सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन जाता था, और भविष्य को लेकर मन में अनिश्चितता बनी रहती थी। इसी बीच महतारी वंदन योजना उनके जीवन में एक नई रोशनी बनकर आई। हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल सहारा दिया, बल्कि कुछ नया करने का आत्मविश्वास भी जगाया। अब सृष्टि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन अपने परिवार को संबल दे रही है , उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता के लिए मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।सृष्टि ने इस राशि को केवल खर्च करने के बजाय एक अवसर के रूप में देखा और सब्ज़ी की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी सीमित संसाधन, मौसम की अनिश्चितता और मेहनत की कठिन राह। लेकिन सृष्टि ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी लगन और परिश्रम से धीरे-धीरे खेती को आगे बढ़ाया। आज उनकी उगाई हुई ताज़ी सब्ज़ियां न केवल उनके परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि बाज़ार में बेचकर वे अपनी आय भी बढ़ा रही हैं।इस बदलाव ने उनके जीवन में आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई भावना पैदा की है। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरक बन चुकी हैयह संदेश देते हुए कि अगर सही दिशा और अवसर मिले, तो कोई भी महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है।सृष्टि पटेल ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को साकार करने का एक मजबूत माध्यम बन रही है।
- *स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं, आज सैकड़ों महिलाओं को दे रही हैं स्वरोजगार का मार्गदर्शन**समूह में कार्य कर सालाना लाखों की हो रही आमदनी*रायपुर/ जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम पंधी की रहने वाली श्रीमती उषा बाई मानिकपुरी कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहतीबती लेकिन अब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” से जुड़कर न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि सैकड़ों महिलाओं के जीवन में भी नई रोशनी लाई है।वर्ष 2014 में स्व-सहायता समूह ‘शिवम’ से जुड़ने के साथ ही उषा दीदी के सफर की शुरुआत हुई। सप्ताहिक 20 रुपये की छोटी बचत से शुरू हुआ यह सफर आज उन्हें एक सफल उद्यमी और ‘मास्टर ट्रेनर’ के रूप में स्थापित कर चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित करना शुरू किया और अब तक 350 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा चुकी हैं।बिहान योजना के तहत मिली 60 हजार रुपये की सहायता और बैंक ऋण से उन्होंने अगरबत्ती निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। आज वे अगरबत्ती, धूपबत्ती, अचार और पापड़ बनाकर हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही खेती और पशुपालन से भी उनकी सालाना आय में अच्छा इजाफा हुआ है।उषा दीदी बताती हैं कि "बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हूं। मैंने अपने कमाई से अब तक आलमारी, कूलर, टीवी सहित बच्चों के लिए सायकल तक ले चुकी हूँ। कल तक मैं सिर्फ अपने घर तक ही सीमित रहती थी लेकिन बिहान योजना में जुड़ने के बाद एक नयी पहचान और आत्मविश्वास मिला है।"उषा दीदी आज अपने परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना भी साकार कर रही हैं।
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रायपुर। ग्राम में असामाजिक तत्वों द्वारा संचालित किये जा रहे अवैध गतिविधियों से ग्राम में व्याप्त हो रहे अशांति के मद्देनजर ग्रामीणों की मांग पर ग्रामीण सभा ने असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है । इस निर्णय के तहत इन गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर ग्रामीण व्यवस्था अथवा प्रशासनिक कार्यवाही करने / कराने के पहले उन्हें स्वेच्छा से इन गतिविधियों को विराम देने का आग्रह किया गया है । साथ ही दूकानदारो से डिस्पोजल व पानी पाऊच भी नहीं उपलब्ध कराने व पियक्कड़ों को सार्वजनिक स्थलो में नहीं पीने - पिलाने का भी अनुरोध किया गया है । कल सोमवार से इस पर अमल करने का आग्रह करते हुये आसन्न 30 अप्रैल तक इस आग्रह का प्रभाव देखने के बाद आगामी बैठक में इसकी समीक्षा कर इस संबंध में आगामी रणनीति बनाने का निर्णय लिया गया है । इस दरम्यान पुलिस अथवा आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही किये जाने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी इन गतिविधियों में लिप्त तत्वों के ही होने की चेतावनी दी गयी है ।
ज्ञातव्य हो कि पिछले कुछ समय से ग्रामीणों की ढिलाई के चलते कतिपय असामाजिक तत्वों ने ग्राम का माहौल बिगाड़ना शुरू कर दिया है । वे शराब व गांजा ला चोरी - छिपे शराब बेचना शुरू कर दिये हैं । इनमें सर्वाधिक हिस्सेदारी अपने लिये शराब लेने भट्ठी जाने वालों का है जो दूसरों के मंगाने पर शराब लाने की बात कह शराब का जखीरा ला बेचते अथवा किसी माध्यम से बिकवाते हैं । पीने -पिलाने वाले भी खेल मैदान , मंदिरों व पानठेलों व होटलों के पीछे व तालाब पार में बैठ चोरी - छिपे शराब व गांजा पीते - पिलाते हैं । गांजा ने भी गांव का माहौल काफी हद तक खराब कर दिया है और खासकर नौनिहाल इसके चपेट में आ रहे हैं । इसी सब के चलते ग्राम का माहौल खराब हो चला था और ग्रामीणों का आक्रोश बैठक में दिखा । बैठक में सरपंच सहित पंचायत प्रतिनिधियों व जागरूक ग्रामीणों से आग्रह किया गया है कि वे अपने -अपने वार्डों में लिप्त ऐसे तत्वों को ग्रामीण सभा के निर्णय की जानकारी दे उन्हें समझाईश दें और न मानने वालों की जानकारी ग्रामीण सभा को दें ताकि उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनायी जा सके । इसकी मुनादी भी ग्राम में करवाने का निर्णय लिया गया है । - - जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने दिए आवश्यक दिशा-निर्देशराजनांदगांव । आगामी 1 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज सागरपारा राजनांदगांव क्षेत्र में फील्ड प्रशिक्षण का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए प्रगणकों को घर-घर जाकर सही जानकारी संकलित करने का अभ्यास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोग जागरूक हैं और सहयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 1 मई से मुख्य जनगणना कार्य प्रारंभ होगा, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी प्रगणक पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।सागरपारा राजनांदगांव में आयोजित फिल्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बताया गया कि इस बार जनगणना कार्य पूर्णत: डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में परिवार की जानकारी, आवास की स्थिति, संचार सुविधाएं तथा घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय आदि से संबंधित जानकारी को ऐप में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही डेटा प्रविष्टि के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जनगणना देश के विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगामी 15 दिनों के भीतर नागरिक स्व-गणना की प्रक्रिया का भी उपयोग कर सकते हैं तथा प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री प्यारेलाल नाग, नायब तहसीलदार श्री राकेश नागवंशी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- धान, सब्जी छोड़ फूलों की खेती अपनाकर सालाना लाखों की कमाईराष्ट्रीय बागवानी मिशन से बदली सुरेश की तकदीररायपुर/ राजधानी से लगे ग्राम काठाडीह के किसान श्री सुरेश सोनकर ने परंपरागत खेती से हटकर नवाचार की मिसाल पेश की है। शासकीय योजना से मिली सहायता से धान, सब्जी की खेती छोड़ उन्होंने गेंदा की खेती अपनाई और आज सालाना करीब 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।करीब ढाई साल पहले तक सुरेश पारंपरिक धान और सब्जी की खेती करते थे, जहां लागत अधिक और मुनाफा सीमित था। लेकिन उन्होंने जोखिम उठाते हुए गेंदा फूल की खेती अपनाने का निर्णय लिया। इस बदलाव में राष्ट्रीय बागवानी मिशन और जिला उद्यानिकी विभाग का सहयोग उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। आर्थिक सहायता और उद्यानिकी विभाग से मिले गेंदे के छोटे पौधों ने उनकी इस नई शुरुआत को मजबूत आधार दिया।आज सुरेश करीब 3.5 एकड़ भूमि पर गेंदा उगा रहे हैं। उनकी फसल की खासियत यह है कि यह सालभर मांग में रहती है, चाहे शादी-विवाह हो या धार्मिक आयोजन। भांठागांव और डूमरतराई जैसे स्थानीय बाजारों में उनके फूल हाथों-हाथ बिक जाते हैं। फूल की लगातार मांग उन्हें सालभर स्थायी आय प्रदान कर रही है।सुरेश रोजाना लगभग 400 किलोग्राम फूलों की तुड़ाई करते हैं। इस खेती से उनकी कुल सालाना आय करीब 3.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें से लगभग 2 लाख रुपये शुद्ध लाभ है।सुरेश कहते हैं, “पहले खेती में मेहनत ज्यादा और फायदा कम था। अब फूलों की खेती से न केवल अच्छी कमाई हो रही है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पहले सब्जी की फसल में नुकसान था लेकिन अब गेंदे की खेती से अच्छी कमाई हो रही है। अब मैं इस आय को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और बच्चों के बेहतर भविष्य में उपयोग कर रहा हूं। सरकार की ये योजना वाकई में किसानों के लिए फायदेमंद है।"सुरेश की सफलता अब उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में बदलाव की लहर पैदा कर रही है। वे अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती से हटकर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।जिला उद्यानिकी अधिकारी श्री कैलाश पैकरा के अनुसार, “राष्ट्रीय बागवानी मिशन किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इससे किसान फसल चक्रण अपनाकर कम लागत में अधिक आय अर्जित कर रहे हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।”
- स्वरोजगार से बदली जिंदगी, परिवार को मिला सम्मानजनक जीवनरायपुर। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित दीदी ई रिक्शा सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन रही है। इसका प्रेरक उदाहरण रायपुर के मोवा-सड़दू क्षेत्र की निवासी श्रीमती भुनेश्वरी साहू हैं, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार की राह अपनाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।श्रीमती भुनेश्वरी साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की पंजीकृत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि रोजी-मजदूरी से मिलने वाली सीमित आय से परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना कठिन हो रहा था। ऐसे में वे स्वरोजगार के अवसर की तलाश में थीं।श्रम विभाग से जानकारी मिलने पर उन्होंने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उन्हें 1 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा क्रय किया।वर्तमान में भुनेश्वरी साहू स्वयं ई-रिक्शा चलाकर सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है और अब वे अपने बच्चों की शिक्षा एवं परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं श्रमिक वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 से संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना, सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना एवं पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अनुदान प्रदान किया जाता है।इच्छुक अभ्यर्थी योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in या ‘श्रमेव जयते’ मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- बाल विवाह की जानकारी तुरंत देंरायपुर/अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है । शिक्षा का प्रचार प्रसार न होने जागरूकता की कमी , पुरानी परम्पराओ को पालन करने के नाम पर होने वाले बाल विवाहों को रोकना सभी जागरूक नागरिकों का कर्तव्य है,वैसे तो बाल विवाह भी साल भर होते है पर रामनवमी से अक्षय तृतीया के बीच में अधिकाधिक संख्या में बल विवाह संपन्न होते है ,जिनमे कई बार तो वर वधु बने बच्चे अंगूठा चूसते हुए माँ की गोद में बैठे रहते है तो अनेक मामलों में दस ग्यारह वर्ष की उम्र में ही शादी कर जाती है ,इस आयु में बच्चे न तो शारीरिक तथा मानसिक रूप से विवाह जैसी गंभीर जिम्मेदारी निभाने के लायक होते है। बाल विवाह से बालिकाओ की पढाई लिखाई बंद हो जाती है बल्कि उन्हें कम उम्र से ही मातृत्व का बोझ उठाना पड़ता है जिसके लिए वे शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार नहीं होती। बाल विवाह की प्रथा न ही धार्मिक रूप से सही है और न ही सामाजिक रूप से पुरातन भारतीय व्यवस्था में भी व्यक्ति के शिक्षा पूर्ण करने के बाद युवावस्था में ही विवाह कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश को उचित बताया गया है किसी भी धर्मं ने नन्हे बच्चों की शादी को उचित नहीं ठहराया है बल्कि अल्पव्यस्क बालिकाओ की मृत्यु भी प्रसूति के समय हो जाती है।डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने आसपास अगर कोई भी नाबालिग बच्चे की शादी होते देखें तो तुरंत पुलिस प्रशासन एवं समिति को सूचित करें ताकि उस पर समय रहते समझाईश एवं कार्यवाही हो सके।
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- जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
राजनांदगांव । आगामी 1 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सागरपारा राजनांदगांव क्षेत्र में फील्ड प्रशिक्षण का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके लिए प्रगणकों को घर-घर जाकर सही जानकारी संकलित करने का अभ्यास कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोग जागरूक हैं और सहयोग कर रहे हैं, जिससे कार्य को सुचारू रूप से संपादित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 1 मई से मुख्य जनगणना कार्य प्रारंभ होगा, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी प्रगणक पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।
सागरपारा राजनांदगांव में आयोजित फिल्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बताया गया कि इस बार जनगणना कार्य पूर्णत: डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों को मोबाइल ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में परिवार की जानकारी, आवास की स्थिति, संचार सुविधाएं तथा घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे शौचालय आदि से संबंधित जानकारी को ऐप में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही डेटा प्रविष्टि के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जनगणना देश के विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगामी 15 दिनों के भीतर नागरिक स्व-गणना की प्रक्रिया का भी उपयोग कर सकते हैं तथा प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी देकर सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री प्यारेलाल नाग, नायब तहसीलदार श्री राकेश नागवंशी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। - महासमुंद / प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत प्राईस सपोर्ट स्कीम के अतंर्गत रबी वर्ष 2025-26 में दलहन / तिलहन खरीदी का शुभारंभ जिले के 03 उपार्जन केन्द्रों में किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसानों द्वारा तिलहन उत्पाद का उपार्जन किया गया। जिसमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद में कृषक श्री खोरबाहरा निषाद ग्राम घोडारी द्वारा 7 क्विटल सरसों बीज उपार्जन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री जागेश्वर चन्द्राकर, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, जिला नोडल अधिकारी श्री अविनाश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती गणेश्वरी बंजारे, जिला विपणन महासमुंद से प्रोग्रामर श्री प्रशांत जोशी, समिति प्रबंधक एवं कृषकगण उपस्थित रहे।इसी तरह कृषि उपज मंडी बसना के कृषक श्री मोहन नायक ग्राम दलदली द्वारा 15 क्विटल सरसों बीज उपार्जन किया गया। इस अवसर श्री रमेश अग्रवाल, श्रीमती दीपा अरुण साह, बसना सहकारी समिति अध्यक्ष श्री जन्मजय साव उपस्थित रहें। इसके अलावा कृषि उपज मंडी सरायपाली में कृषक श्री पंकज राज पटेल ग्राम कुटेला (1.5 किंव.) एवं श्री सागरचंद पटेल ग्राम केना (01 क्विं.) से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियो ं एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा बड़ी संख्या में कृषक भी उपस्थित होकर योजना का लाभ लेने पहुंचे।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री प्रकाश पटेल, कृषि सभापति श्रीमती बालमोती पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधियो ने सहभागिता करते हुए किसानों को योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मण्डी सचिव, प्रा.कृ.सा. सह. समिति सरायपाली प्रबंधक, कृषि विकास अधिकारी एवं समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा सरसों की गुणवता जांच, तौल प्रक्रिया एवं खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। उपस्थित कृषकों को समर्थन मूल्य पर चना 5875 रु प्रति क्विटल, मसूर 7000 रू प्रति क्विटल एवं सरसों 6200 रू प्रति क्विटल पर अपनी उपज बेचने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओ ं की जानकारी दी गई तथा पारदर्शी एवं सुचारू रूप से खरीदी व्यवस्था का क्रियान्वयन किया जा सके। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा खरीदी केन्द्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचे।ई-समृद्धि पोर्टल में दलहन एवं तिलहन फसलों का पंजीयन तिथि 20 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई है। उपसंचालक कृषि द्वारा महासमुंद जिले के अंतर्गत सभी 06 उपार्जन केन्द्रों पिटियाझर, सिर्रीपठारीमुड़ा, कोमाखान, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक पंजीयन कराकर योजना का लाभ लेने हेतु आव्हान किया गया है। छ.ग. शासन किसानों की आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
- अम्बिकापुर । भाषा के आधार पर बालक को प्रवेश देने से इंकार करने के संबंध में सोशल मीडिया तथा विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से सामने आए मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने तत्काल जांच के निर्देश दिए । कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रकरण की विस्तृत जांच कराई गई।जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ दिनेश कुमार झा ने आदेश जारी किया गया है, जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर द्वारा 04 वर्ष के एक मासूम बच्चे को विद्यालय में प्रवेश देने से इस आधार पर इंकार किया गया कि वह हिन्दी में बातें नहीं कर पाता तथा स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता है। संस्था द्वारा बच्चे के पिता से यह भी कहा गया कि इस विद्यालय में बड़े घर के बच्चे पढ़ते हैं और शिक्षक बच्चे की बातें नहीं समझ पा रहे हैं, इसलिए उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता।इस प्रकार भाषा के आधार पर किसी बालक के साथ किया गया भेदभाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के विपरीत तथा पूर्णतः अनुचित एवं अस्वीकार्य पाया गया। इस संबंध में संस्था से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि संस्था बिना विभागीय मान्यता के संचालित हो रही थी तथा शाला प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा अपनी गलती स्वीकार की गई।प्राप्त शिकायत की जांच हेतु श्रीमती रूमी घोष, वरिष्ठ प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केदारपुर अम्बिकापुर की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा भी समाचारों में प्रसारित घटना की पुष्टि करते हुए संस्था के बिना मान्यता संचालन की जानकारी दी गई।उक्त कृत्य को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। अतः निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-18 (5) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर पर 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) का आर्थिक दण्ड अधिरोपित किया गया है तथा आगामी आदेश तक संस्था का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है कि अधिरोपित आर्थिक दण्ड शासन के खजाने में चालान के माध्यम से जमा कर उसकी प्रति प्रस्तुत की जाए। साथ ही विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर को निर्देश दिए गए हैं कि संस्था में अध्ययनरत बच्चों के पालकों से संपर्क कर उनके बच्चों को अन्य उपयुक्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
- महासमुंद / विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला खुसरूपाली में आज नेवता भोज कार्यक्रम का गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा अपनी माता स्व. संतोष कुमारी जी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। जो सेवा भावना, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने की प्रेरणादायक पहल के रूप में परिलक्षित हुआ। कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर को स्वच्छ, आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप से सजाया गया था। विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामवासियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन में अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया। भोजन की गुणवत्ता उत्कृष्ट रही और वितरण व्यवस्था पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संपन्न हुई।कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे ने उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान डीईओ श्री लहरे ने विद्यार्थियों को खीर, पुड़ी एवं मिठाई परोसा। इस अवसर विद्यालय के वातावरण में उत्साह का माहौल रहा।कार्यक्रम में सरपंच पवन ठाकुर, एसएमडीसी अध्यक्ष, विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। साथ ही एबीईओ रामता मन्नाडे, सीएसी देव सिन्हा, प्रधानपाठक प्रेमचंद डड़सेना सहित शिक्षकों और स्टाफ की उपस्थिति रही। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
- -बकरी पालन बना आजीविका का सशक्त माध्यम, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभाररायपुर प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप ’महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल, बल्कि स्वावलंबन का नया आधार बन रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की श्रीमती करियो के जीवन में आई खुशहाली लेकर आई है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर की रहने वाली श्रीमती करियो ने योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग कर न केवल अपना भविष्य संवारा है, बल्कि अपने पूरे परिवार की स्थिति को बेहतर बनाया है।श्रीमती करियो बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। दैनिक खर्चों के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के लागू होने के बाद, जब उनके खाते में राशि आनी शुरू हुई, तो उन्होंने इसे घरेलू खर्चों में लगाने के बजाय निवेश का रास्ता चुना। उन्होंने इस राशि को सहेज कर बकरियां खरीदीं और पशुपालन शुरू किया।अपनी सफलता साझा करते हुए श्रीमती करियो ने बताया कि मैंने योजना के पैसों से बकरियां खरीदीं और साल भर उनकी देखभाल की। अब मेरे पास छह बकरियां हैं। बकरियां समय-समय पर बच्चे देती हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। अब मुझे इनसे निरंतर लाभ मिल रहा है और मैंने अपना गुजारा इन्हीं के माध्यम से सुरक्षित कर लिया है।आर्थिक स्थिति सुधरने से श्रीमती करियो अब अपने पति और नाती-पोतों की बेहतर देखभाल कर पा रही हैं। वे कहती हैं कि पहले और अब के जीवन में बड़ बड़ा बदलाव आ गया है। अब घर में अच्छा खान-पान है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, यह सब सरकार की मदद से संभव हो पाया है, वरना हमारे लिए यह सब सोच पाना भी कठिन था।अपनी और अपने परिवार की बदलती तस्वीर देख श्रीमती करियो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें समाज में सम्मान से जीने का अवसर दिया है। उनके अनुसार, यह योजना ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
- 0- 200 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियों का हुआ संग्रहण0- नई पीढ़ी के लिए सुरक्षित हो रही प्राचीन धरोहर0- डाक्टर पंडा से ताड़ पत्र में लिखी पांडुलिपि प्राप्तरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में सेजेज निवेदिता, गुरु नानक चौक रायपुर की व्याख्याता श्रीमती नीतू शर्मा द्वारा लगभग 200 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रहण किया गया। यह पाण्डुलिपियाँ डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा के निवास, विकास विहार कॉलोनी रायपुर में प्राप्त हुईं। इनका मूल निवास ग्राम बिरकोल, तहसील सरायपाली, जिला महासमुंद है। ताड़पत्र पर लिखी इन पाण्डुलिपियों में ज्योतिष एवं कर्मकांड से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।उड़िया भाषा में लिखी ये पाण्डुलिपियाँ पूर्वजों की ज्ञान परंपरा को दर्शाती हैं। ज्ञानभारतम् मिशन के माध्यम से इस प्रकार की धरोहरों का संरक्षण कर उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।--
- 0- पेंटर के बेटे राम ने प्रावीण्य सूची में स्थान पाकर रचा सफलता का नया अध्यायरायपुर. आर्थिक सीमाओं के बावजूद मेहनत और लगन से हासिल की गई सफलता तब और मायने रखती है, जब उसे आगे बढ़ने का सहारा भी मिल जाए। रायपुर के महंत लक्ष्मी नारायण वार्ड निवासी श्रमिक श्री कमल सोनी के पुत्र राम सोनी की कहानी इसी का उदाहरण है। पेशे से पेंटर कमल सीमित आय में अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। राम सोनी ने अपनी मेहनत के दम पर कक्षा 10वीं की छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।राम की इस उपलब्धि पर उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता ने उनके आगे की पढ़ाई के रास्ते को आसान बना दिया है।कमल बताते हैं कि उनकी आर्थिक स्थिति उच्च शिक्षा का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त नहीं थी, लेकिन इस योजना से मिली सहायता ने उनके बेटे के सपनों को नई दिशा दी है। अब राम बेहतर संसाधनों के साथ अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए भविष्य में कुछ बड़ा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 से संचालित इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। यह योजना आज भी निरंतर जारी है और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- 0- रायपुर के गुखेरा गाँव के छात्र टूकेश ने अपनी वाणी, संस्कार और आत्मविश्वास से समानता का संदेश पहुँचाया0- प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में निभा रही महत्वपूर्ण भूमिकारायपुर. जिले के छोटे से गाँव गुखेरा जहाँ कक्षा तीसरी का एक छात्र अपनी प्रभावशाली वाणी और संस्कारों के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। शासकीय प्राथमिक शाला का छात्र टूकेश सोनवानी आज अपनी सहज अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास के कारण एक उभरते बाल वक्ता के रूप में पहचान बना रहा है। कम उम्र में ही टूकेश ने कहानियों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अपनी झिझक को दूर किया और आत्मविश्वास विकसित किया। वह पूज्य गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरित होकर “मनखे-मनखे एक समान” जैसे संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है, जो सीधे लोगों के दिल तक पहुंचते हैं।विद्यालय की प्रार्थना सभा हो, ग्रामीण सामाजिक आयोजन हों या शासकीय मंच हर जगह टूकेश की वाणी श्रोताओं को प्रभावित करती है। यह सकारात्मक बदलाव प्रोजेक्ट “पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर” जैसी अभिनव पहल के माध्यम से संभव हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित की जा रहा है।इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने और बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- 0- नारायणपुर के युवाओं को मिला रोजगार का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र रायपुर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण नारायणपुर जिले के श्री सौनारू राम साहू एवं श्री गोविंद कुमार नाग हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर नई राह बनाई है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार में बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से आए इन दोनों दिव्यांगजनों को रायपुर स्थित संबल केन्द्र में 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें क्षतिग्रस्त सहायक उपकरणों की मरम्मत की तकनीकी जानकारी दी गई।इस प्रशिक्षण से न केवल दोनों हितग्राहियों के कौशल में वृद्धि हुई है, बल्कि वे अब अपने क्षेत्र में अन्य दिव्यांगजनों की सहायता करने के लिए भी सक्षम हो गए हैं। इससे नारायणपुर जिले में इस योजना के सुचारू संचालन में भी मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगजनों को अपने दैनिक जीवन के कार्यों को सुगमता से करने में सहायता मिलेगी तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में स्थापित संबल केन्द्र रायपुर में बैटरी चलित ट्रायसाइकिल, हस्तचलित ट्रायसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यहां कृत्रिम हाथ एवं पैर भी बनाए जाते हैं। ‘दिव्यांग गैरेज’ परियोजना के तहत उपकरणों की मरम्मत कर दिव्यांगजनों को राहत प्रदान की जाती है।शासन के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को प्रत्येक 5 वर्ष में उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, किंतु उपयोग के दौरान उनमें आने वाली खराबियों के समाधान हेतु संबल केन्द्र एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है।यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध हो रही है।
- 0- शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने मंत्री गजेन्द्र यादव ने ली बैठकदुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के सभी शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में शिक्षकीय व्यवस्था, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, संधारण एवं नवनिर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए प्राचार्यों से विस्तृत संवाद किये। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें नैतिक शिक्षा एवं संस्कारों से परिपूर्ण बनाने पर जोर दिया। साथ ही स्कूलों में दर्ज संख्या बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल परिसर में स्वच्छ, अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी सभी की सुनिश्चित करने की बात कही।मंत्रोच्चार से होगी पढ़ाई की शुरुआतबैठक में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि बदलते सामाजिक परिवेश और आधुनिकता के इस दौर में आगामी शिक्षण सत्र से स्कूलों में मंत्रोच्चार के साथ पढ़ाई की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में एकाग्रता, सकारात्मकता और अनुशासन का विकास होगा।साथ ही उन्होंने आगामी सत्र के पूर्व सभी स्कूलों में साफ-सफाई, संधारण, रंग-रोगन एवं आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने हेतु पालकों से सतत संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।नवाचार गतिविधियों पर फोकसबैठक में मंत्री श्री यादव ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षण कार्य में नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा इंस्पायर अवार्ड में विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे NEET और JEE के लिए प्रारंभ से ही लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्कूलों का सतत मॉनिटरिंग कर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।बैठक के दौरान मंत्री श्री यादव ने प्राचार्यों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं और उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन तथा लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व समझाएं। मंत्री श्री यादव ने कहा कि शासन की मंशा है कि शासकीय स्कूल भी गुणवत्ता, संसाधन और परिणाम के मामले में उत्कृष्ट बनें, इसके लिए सभी स्तर पर समन्वय और निरंतर प्रयास आवश्यक है।--
- -’भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा: कांग्रेस ने हमेशा मातृशक्ति का अपमान किया है’-सदन में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करके कांग्रेस व विपक्ष ने मातृशक्ति का घोर अपमान कियारायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस पार्टी ने देश की मातृशक्ति का अपमान किया है। इसके विरोध में देश की मातृशक्ति कांग्रेस सहित समचे विपक्षी दल के लोगों के खिलाफ एक उग्र जन आक्रोश यात्रा निकालेगी।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि कांग्रेस के महिला विरोधी चेहरे को देश की जनता के सामने लाने के लिए प्रदेश, संभाग, जिलों में प्रेसवार्ता की जाएगी। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने पर प्रदेश की महिलाएँ उग्र हो चुकी हैं। श्रीमती अवस्थी ने बताया कि 20 एवं 21 अप्रैल को प्रदेश में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकालकर कांग्रेस की महिला विरोधी चेहरे को उजागर किया जाएगा। इसके साथ ही 23 एवं 24 अप्रैल को जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन रखकर महिला हितैषी बिल का विरोध करने पर कांग्रेस पार्टी एवं समूचे विपक्ष का चेहरा बेनकाब किया जाएगा।रायपुर में निकाला जाएगा नारी जन आक्रोश रैलीमहिला मोर्चा की जन आक्रोश पदयात्रा 20 अप्रैल को दोपहर 03 बजे इंडोर स्टेडियम से शुरू होगा। नारी जन आक्रोश पदयात्रा इंडोर स्टेडियम से लेकर सुभाष स्टेडियम तक होगी। पदयात्रा के बाद सुभाष स्टेडियम में एक बड़ी सभा होगी। सभा में प्रदेश की सभी महिला सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष - उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विभिन्न समाजिक संगठन, सहित महिला मोर्चा की कार्यकर्ता शामिल होगी।

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