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- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 10 राज्यों में राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषितरायपुर/ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज अप्रैल-2026 में सेवानिवृत्त होने वाले राज्यसभा सदस्यों की रिक्त सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इसके माध्यम से देश के 10 राज्यों में कुल 37 राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा।छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल 5 सीटों में से 2 सदस्यों, श्री कवि तेजपाल सिंह तुलसी और सुश्री फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूर्ण हो रहा है। इन दोनों सीटों के रिक्त होने के कारण निर्वाचन की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा के द्विवार्षिक निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की गई है।आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी। नाम-निर्देशन पत्र 5 मार्च तक दाखिल किये जा सकेंगे। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। अभ्यर्थी 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 16 मार्च को प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक मतदान होगा तथा उसी दिन सायं 5 बजे से मतगणना प्रारंभ की जाएगी।संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) तक पूर्ण कर ली जाएगी।राज्यसभा निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी अपना नाम-निर्देशन पत्र 26 फरवरी से 5 मार्च तक पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक (सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर) छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में निर्धारित स्थान पर रिटर्निंग ऑफिसर (संचालक, छत्तीसगढ़ विधानसभा) के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन में राज्य के कुल 90 विधानसभा सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 54, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 35 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं। सभी विधायक मतपत्र के माध्यम से मतपेटी में अपना मत प्रदान करेंगे। मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा।स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपादित की जाएगी। अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक ‘A’ में पृथक रूप से संलग्न है।
- किसान संघर्ष समिति ने सीपीएस डा. प्रशांत शुक्ला को सौंपा ज्ञापनरायपुर । लगभग 33 वर्षों पूर्व सफल शराब भट्ठी विरोधी आंदोलन करने वाले ग्राम भानसोज व आंदोलन में सहभागी रहे आसपास के ग्रामों में शासन की नीति व प्रशासनिक रवैय्या के साथ - साथ बिखरते ग्रामीण व्यवस्था के चलते असामाजिक तत्व हावी हो चले हैं । अपवादस्वरूप ग्रामों को छोड़ अधिकांश ग्रामों में अवैध शराब , गांजा व नशीली गोलियों की बिक्री सहित जुआरियों का बोलबाला है ।ज्ञातव्य हो कि सन् 93- 94 के आबकारी सत्र में 9 साल पहले खोले गये शराब भट्ठी के दुष्परिणामों को प्रत्यक्ष देख व भोग भानसोज सहित इससे प्रभावित आसपास के मंदिर हसौद , खरोरा व आरंग थाना क्षेत्र के 30 - 32 ग्रामों ने किसान संघर्ष समिति के अगुवाई में पूरे साल भर तक गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर शासन को इस शराब भट्ठी को बंद करने मजबूर कर दिया था और तत्कालीन आबकारी मंत्री चरणदास महंत ने आंदोलित ग्रामीणों के भावनाओं का सम्मान करते हुये राजिम के एक आमसभा में इस शराब दूकान को बंद करने की घोषणा की थी । राजस्व के नाम पर शासन द्वारा शराब को बढ़ावा देने की नीति व इसके चलते प्रशासन की अवैध शराब बिक्री पर भी रोक लगाने की कथित दिखावा कार्यवाही के चलते अब ग्रामों में शराब कोचियों का बाढ़ आ गया है और ग्रामीण व्यवस्था के बिखरने से तो न केवल अवैध शराब बिक्री वरन् गांजा व नशीली गोलियों भी बेखौफ असामाजिक तत्वों द्वारा बेचे जाने की शिकायतें है । आंदोलन में सहयोगी रहे ग्रामों सहित भानसोज के ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बीते बुधवार 18 फरवरी को पुलिस अधीक्षक रायपुर जिला ग्रामीण से मुलाकात कर उनके निर्देश पर सी पी एस डाक्टर प्रशांत शुक्ला को ज्ञापन सौंप चर्चा की व लिप्त असामाजिक तत्वों के हौसले तोड़ने के साथ - साथ असामाजिक गतिविधियों पर स्थायी विराम लगाने ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही का आग्रह किया । साथ ही आसन्न होली पर्व को मद्देनजर रखते हुये ग्रामों में शांति व्यवस्था बनाये रखने प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने व थाना में शांति समिति की बैठक की औपचारिकता निबाहने के बदले थाना क्षेत्रों के ग्रामों को सेक्टरों में बांट प्रत्येक सेक्टर मुख्यालय में बैठक आयोजित कराने का आग्रह किया । इस अवसर पर श्री शर्मा ने क्षेत्र में पुलिस - जनता संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जाने का विचार व्यक्त करते हुये आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम में श्री शुक्ला कों आमंत्रित किया जिसे उन्होंने ऐसे आयोजन की आवश्यकता को प्रतिपादित करते हुये आमंत्रण को स्वीकर कर लिया ।
- *हर घर नल, हर घर जल का साकार हुआ सपना*बिलासपुर/जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है।कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था।ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
- बिलासपुर/ जिले के विकासखंड मस्तूरी के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 8 ग्रामों में उचित मूल्य (राशन) दुकानों के संचालन हेतु 13 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें बूढ़ीखार, गतोरा, केवतरा, गोडाडीह, मस्तूरी, मटिया, शिवटिकारी एवं सुकुलकारी ग्रामों में राशन दुकान खोले जाने हैं। इन ग्रामों राशन दुकान के लिए पात्र स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत अथवा सहकारी संस्थाएं निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदकों को अपने आवेदन मस्तूरी स्थित एसडीएम कार्यालय की खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक जमा करना होगा। आवेदन निर्धारित फॉर्मेट में तैयार कर ए-4 आकार के लिफाफे में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। निर्धारित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। खाद्य निरीक्षक ने पात्र संस्थाओं से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। विस्तृत जानकारी एसडीएम कार्यालय मस्तूरी के खाद्य शाखा से प्राप्त की जा सकती है।
- -भिलाई निगम की नई पहल, खेल और सेहत का नया ठिकानाभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के विशेष प्रयासों और निर्देशों के बाद, खुर्सीपार स्थित नवनिर्मित इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन खेल की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इस शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर का अब खेल और स्वास्थ्य लाभ के लिए सदुपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।आयुक्त के निर्देशानुसार, स्टेडियम के संसाधनों को क्रियाशील बनाए रखने और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने स्वयं बैडमिंटन खेलना शुरू किया है। ड्यूटी के बाद खाली समय का उपयोग अधिकारी अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए कर रहे हैं, जिससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि एक स्वस्थ कार्य संस्कृति का भी विकास होगा।इंडोर स्टेडियम के सक्रिय होने से क्षेत्र के स्थानीय निवासियों और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह है। इस स्टेडियम के माध्यम से शहर के आम नागरिको को लाभ मिलेगा। नियमित बैडमिंटन खेलने से हृदय स्वास्थ्य और शारीरिक स्फूर्ति में वृद्धि होगी। युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।संसाधनों का उपयोग के साथ करोड़ों की लागत से बने इस स्टेडियम का लाभ सीधे जनता को मिलेगा।"हमारा उद्देश्य निगम की संपत्तियों का अधिकतम जनहित में उपयोग करना है। खुर्सीपार इंडोर स्टेडियम न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हर नागरिक के लिए एक बेहतरीन सौगात साबित होगा।"— राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाईनिगम प्रशासन आने वाले दिनों में आम नागरिकों के लिए स्टेडियम के उपयोग हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश और समय सारिणी जारी करेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
- पीएम जनमन के अमल में छत्तीसगढ़ देश में अव्वलरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करते हुए देश में प्रथम स्थान अर्जित किया है। इस योजना के तहत विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजातियों के 7160 घरों में ग्रिड से बिजली पहंुचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा प्रदेश के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने हितग्राहियों तथा कंपनी कर्मियों को बधाई प्रेषित की है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान योजना की शुरूआत की गई थी जिसे पीएम जनमन के लोकप्रिय नाम से जाना जाता है। इस योजना के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ की सात विशेष पिछड़ी जनजातियों, अबुझमाड़ियांे, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरबा, कमार, अगरिया तथा बिरहोर जनजातियों के आवासों का सर्वेक्षण किया गया था। इस योजना के अंतर्गत 7160 ऐसे आवासों को चिन्हांकित किया गया जहां ग्रिड से बिजली नहीं पहुंची थी। इन घरों को बिजली कनेक्शन देने के लिए 37 करोड़ रूपये की लागत से अधोसंरचना का विकास किया गया जिसके अंतर्गत टॉवर, लाइन, फीडर, ट्रांसफार्मर आदि की स्थापना की गई और इन्हें क्रियाशील किया गया। इस तरह छत्तीसगढ,़ विशेष पिछड़ी जनजातियों के 7160 घरों में बिजली कनेक्शन देने वाला देश का अव्वल राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सबसे कमजोर तबकों को ग्रिड की बिजली की सुविधा प्रदान करने के लिए किये गये कार्याें पर प्रशंसा जाहिर की है। वहीं प्रदेश के ऊर्जा सचिव तथा प्रदेश के छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह तथा काम को अंजाम देने वाले समस्त विद्युत कर्मियों की सराहना की है।प्रदेश के 28 जिलों में अनुसूचित जनजाति बसाहटों तथा इनमें शेष अविद्युतीकृत आवासों में बिजली पहंुचाने के लिए भी संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार द्वारा संचालित यह योजना धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के नाम से जानी जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की 6863 बसाहटों में 65 हजार 711 घरों का चिन्हांकन किया गया है जिनमें से 11 हजार 720 घरों में ग्रिड से बिजली पहंुचाई जा चुकी है तथा शेष कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। एमडी श्री भीमसिंह ने अधोसंरचना के विकास से लेकर घरों में बिजली पहंुचाने तक समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्य करने की अपील बिजली अमले से की।
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*- शिविर में 57 हितग्राहियों ने लिया भाग*
*- परीक्षण उपरांत कुल 88 सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकित*दुर्ग/ एनटीपीसी-सेल कम्पनी लिमिटेड की निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजना के अंतर्गत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (भारत सरकार का उपक्रम) सहायक उत्पादन केन्द्र जबलपुर तथा समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगल भवन, भिलाई-चरोदा में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकन, मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार शिविर में कुल 57 हितग्राहियों ने भाग लिया। परीक्षण उपरांत कुल 88 सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकित किए गए। इनमें 30 बैसाखी, 8 व्हील चेयर, 18 मोटराइज्ड ट्रायसायकल, 2 केलीपर्स, 3 कृत्रिम पैर, 2 कुशन, 1 स्मार्ट केन, 6 कान की मशीन, 10 सामान्य ट्रायसायकल, 5 वॉकिंग स्टिक तथा 3 टी.एल.एम. किट शामिल हैं।कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि श्री प्रवीण वर्मा, पार्षद श्रीमती हेमलता शर्मा, श्रीमती भारती, श्री राम सूर्यवंशी, श्री गुरुमीख सिंह हरमुख, श्री कामता प्रसाद साहू, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग श्री ए.पी. गौतम, श्री जन्तराम ठाकुर सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी क्रम में 19 फरवरी 2026 को नगर पालिक निगम सुपेला भिलाई के सभागार में तथा 20 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत के सभागार में भी दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण हेतु चिन्हांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। -
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा के तहत दुर्ग शहर वृत्त के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगर संभाग पश्चिम भिलाई के वैशाली नगर जोन में एकता चौक, लोहिया रोड और कोहका जोन के तहत मंगल बाजार, पुरानी बस्ती में संपन्न हुए। कार्यक्रम के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, सटीक बिलिंग प्रक्रिया और बिजली खपत में पारदर्शिता के बारे में विस्तार से बताया गया। दोनों ही स्थानों पर आकर्षक नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया, जिसके माध्यम से स्मार्ट मीटर के लाभों को सरल और मनोरंजक तरीके से आम जनता तक पहुँचाया गया। शिविर में उपभोक्ताओं को मोर बिजली ऐप डाउनलोड करवाया गया, ताकि वे अपने मोबाइल पर ही हर आधे घंटे की वास्तविक समय में बिजली खपत की निगरानी कर सकें। कार्यक्रम में उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। वैशाली नगर जोन से 32 और कोहका जोन से 35 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर अपना सकारात्मक फीडबैक दर्ज कराया।
इस अवसर पर नगर संभाग पश्चिम भिलाई के कार्यपालन अभियंता श्री नवीन राठी, कार्यपालन अभियंता स्काडा/डीएमएस सुश्री गीता ठाकुर, सहायक अभियंता श्रीमती सीमा बघेल, सुश्री माया भारती एवं अजय कुमार सिंह, कनिष्ठ अभियंता श्री सुरेश सोनी, श्री प्रकाश रामटेके, श्रीमती सोनम प्रजापति एवं श्री ललित पटेल के साथ जीनस पावर की टीम और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अभियान के तहत उपभोक्ताओं के अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना और स्मार्ट मीटर के अद्वितीय लाभों से परिचित कराकर एवं स्मार्ट मीटर को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए, उन्हें निर्बाध बिजली सेवाओं और सटीक बिलिंग के नए दौर की ओर ले जाना है। - -प्रशासन ने भौतिक सत्यापन के बाद जांच रिपोर्ट सौंपीरायपुर, / प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर आज 18 फरवरी को प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय जांच दल से विस्तृत भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई तथ्य भ्रामक एवं अपूर्ण जानकारी पर आधारित पाए गए हैं। उपायुक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश मामलों में भुगतान नियमानुसार हुआ है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।खबर में बागबाहरा जनपद में 12,366 हितग्राहियों की दूसरी किश्त अटकी होने और केवल 25 हजार रुपए पहली किश्त दिए जाने का उल्लेख किया गया है, जबकि जांच में सामने आया कि योजना शुरू होने से अब तक जनपद पंचायत बागबाहरा में 22,910 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 19,411 मकान पूर्ण हो चुके हैं। शेष 3,499 आवास निर्माणाधीन हैं। प्रशासन के मुताबिक किश्तों का भुगतान निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार किया जा रहा है।गरियाबंद - जिन घरों को अधूरा बताया, वे निर्माणाधीनग्राम तुहामेटा में झुलवती के नाम पर प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में स्वीकृत आवास में दो किश्तों में एक लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं। जांच में पाया गया कि छत ढलाई का कार्य पूरा है। हितग्राही श्रीमती झूलबती के निधन के बाद उनके पति श्री पीलाराम को उत्तराधिकारी के रूप में पोर्टल में दर्ज किया गया है, जो कि पीएफएमएस में लंबित है।इसी तरह राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अडगडी में सुगारो के नाम से वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत है। 40 हजार रुपए की पहली किश्त जारी हो चुकी है। मकान प्लिंथ स्तर पर है और दूसरी किश्त के लिए जियो-टैगिंग पूरी कर ली गई है।ग्राम पंचायत जाड़ापदर में हिरमनी बंजारा के पिता खेतुराम बंजारा के नाम से वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत है। दो किश्तों में 95 हजार रुपए जमा किए जा चुके हैं। मकान चौखट स्तर तक बन चुका है। जांच में फर्जी भुगतान का आरोप सही नहीं पाया गया।जांच रिपोर्ट में इस बात स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि लफंदी में मनरेगा मजदूरी में गड़बड़ी नहीं मिली है। फिंगेश्वर ब्लॉक के लफंदी गांव में मनरेगा मजदूरी में 4 लाख रुपए की कथित गड़बड़ी की शिकायत की भी गहन जांच की गई। मस्टररोल, मांगपत्र और सहमति पत्रों का परीक्षण किया गया। प्रशासन के अनुसार श्रमिकों को नियमानुसार भुगतान हुआ है और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं मिला है।सामूहिक गृह प्रवेश पर भी स्पष्टीकरणगरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद में 3817 घरों को कागजों में पूर्ण दिखाने और सामूहिक गृह प्रवेश कराने के आरोपों की भी जांच की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन आवासों को पूर्ण दर्शाया गया है, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न स्तरों पर पूर्ण पाए गए। जियो-टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अपनाई गई है।उपायुक्त प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कहना है कि योजना में भुगतान सीधे लाभार्थियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। निर्माण की प्रगति जियो-टैगिंग के जरिए मॉनिटर होती है। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित समाचार के कई बिंदु अपूर्ण तथ्यों पर आधारित हैं और आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को सुरक्षित पक्की छत उपलब्ध कराना है और इसके क्रियान्वयन में हर स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।
- -बस्तर की बिहान दीदियां घोलेंगी होली में कुदरती रंगरायपुर, / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हर्बल गुलाल बनाने के लिए सब्जियों के प्राकृतिक रंगों से रंगकर और उसमें गुलाब गेंदा, पलाश के फूलों की पंखुड़ियों, गुलाब जल, इत्र आदि मिलाकर हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। पलाश के फूलों से केसरिया गुलाल, पालक भाजी से हरे रंग का गुलाल तथा लाल भाजी से लाल रंग का गुलाल तैयार किया जा रहा है। इस गुलाल में रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं होने से यह गुलाल त्वचा, आंख, बाल आदि के लिये हानिकारक नहीं है। मानव अनुकूल होने से इस हर्बल गुलाल को बिना किसी चिंता के होली के त्योहार में उपयोग किया जा सकता है।बस्तर जिले में इस बार होली का त्यौहार न केवल रंगों भरा होगा, बल्कि सेहत और पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित रहेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों के 9 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्रांतिकारी डेबरीधूर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर में आयोजित इस दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में महिलाएं आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर गुलाल तैयार करना सीख रही हैं। इस अनूठी पहल की सबसे खास बात यह है कि महिलाएं अपनी रसोई और बाड़ी में मिलने वाली प्राकृतिक वस्तुओं जैसे पालक, लाल भाजी, चुकंदर और फूलों का उपयोग कर सतरंगी गुलाल तैयार करेंगी। बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंगों और गुलाल में अक्सर हानिकारक रसायनों का मिश्रण होता है, जो त्वचा में जलन, एलर्जी और आंखों को नुकसान पहुँचाते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए बिहान की दीदियां कॉर्न फ्लावर के आधार (बेस) में चुकंदर और भाजी के अर्क को मिलाकर पूरी तरह चर्म-रोग मुक्त और इको-फ्रेंडली गुलाल का उत्पादन करेंगी।प्रशिक्षण के उपरांत महिलाओं ने इस वर्ष 500 किलो से लेकर एक हजार किलो तक हर्बल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उत्पादित गुलाल की पहुंच जन-जन तक बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत जगदलपुर शहर के प्रमुख स्थानों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही जनपद स्तर के स्थानीय बाजारों में भी इस शुद्ध देशी गुलाल का विक्रय किया जाएगा। बिहान से जुड़ी इन महिलाओं के लिए यह केवल रंग बनाने का काम नहीं है, बल्कि यह उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस प्रयास से न केवल बस्तर की महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी रसायनों के खतरे से दूर एक सुरक्षित और खुशहाल होली मनाने का विकल्प मिलेगा।
- -गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलने की ग्रामीण ने पहलरायपुर / ग्रामीण विकास और जल संरक्षण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं, जो सतत आजीविका, बेहतर स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा जल संचयन, तालाब गहरीकरण, और जल शक्ति अभियान जैसी पहल भू-जल स्तर में सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं। शक्तिगत कूप के निर्माण ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चिड़ौला से एक सशक्त और प्रेरणादायी सफलता की कहानी सामने आई है। यहां शक्तिगत कूप निर्माण कार्य जयबहादुर सिंह के लिए स्वीकृत किया गया, जिसके लिए शासन द्वारा 1.80 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को सुदृढ़ बनाना तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।कूप निर्माण से पूर्व संबंधित हितग्राही सहित आसपास के किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे, जिससे खेती करना अनिश्चित बना रहता था और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। लेकिन शक्तिगत कूप के निर्माण के बाद खेतों तक नियमित रूप से पानी पहुंचने लगा है, जिससे फसलों की समय पर सिंचाई संभव हुई। इसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आया है, वहीं किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब किसान समय पर बुवाई कर पा रहे हैं और खेती अधिक लाभकारी एवं सुरक्षित बन गई है। यह कूप केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। जल उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्र में दोहरी फसल लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं, खेती की लागत में कमी आई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। साथ ही भूजल स्तर के संरक्षण और जल के समुचित उपयोग को भी बढ़ावा मिला है, जो दीर्घकालीन विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।ग्रामीणों ने शासन की इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखती हैं। 1.80 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुआ। यह शक्तिगत कूप निर्माण कार्य ग्राम पंचायत चिड़ौला में जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम होने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल, प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।
- -घर में आया जल-जीवन, चौघड़ा गांव में जल क्रांति की कहानीरायपुर / जल जीवन मिशन के माध्यम से भारत के प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करना है, ताकि सभी घरों, स्कूलों और आंगनवाडी केन्द्रों तक नल से पानी पहुंच सके।इसी परिप्रक्ष्य में ग्रामीण जीवन में बदलाव की एक प्रेरक और सशक्त कहानी ग्राम पंचायत चौघड़ा के लोहारपारा से सामने आई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की निवासी दीपा के लिए स्वच्छ पेयजल कभी एक सपना हुआ करता था, जिसे पूरा करने के लिए रोज़ाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। घर से दूर स्थित कुएँ से पानी लाने में उनका काफी समय और मेहनत खर्च हो जाता था, जिससे दैनिक जीवन के अन्य कार्य प्रभावित होते थे।हर घर नल से जल योजना के लागू होने के बाद दीपा और उनके परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब उनके घर पर ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है। पानी के लिए भटकने की मजबूरी खत्म हो गई है और समय की बचत होने से दीपा अब परिवार, बच्चों और अन्य घरेलू कार्यों पर बेहतर ध्यान दे पा रही हैं। सबसे बड़ा बदलाव स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां स्वच्छ पानी के कारण परिवार की सेहत में स्पष्ट सुधार हुआ है। दीपा बताती हैं कि नल से जल मिलने के बाद जीवन में सुविधा, सम्मान और सुरक्षा का एहसास बढ़ा है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल पानी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की गारंटी लेकर आई है। उनके शब्दों में यह पहल हमारे जीवन को ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के भविष्य को बदल रही है।जल जीवन मिशन की यह पहल आज ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार का सशक्त उदाहरण बन चुकी है। चौघड़ा गांव की दीपा की कहानी यह साबित करती है कि जब योजनाएं ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ नल से पानी नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी में खुशहाली और आत्मसम्मान भी पहुंचाती हैं।
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रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा की पूज्य माता स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर के बोदरी स्थित मुख्य न्यायाधीश निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रीमती कुसुम सिन्हा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि माता जी का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उनका सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री एवं सांसद श्री तोखन साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। - -35 अभ्यर्थियों की अर्हता जांच के लिए उच्च स्तरीय विषय-विशेषज्ञ समिति गठितरायपुर । राज्य में प्राध्यापक (उच्च शिक्षा) परीक्षा–2021 के अंतर्गत 595 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने उच्च स्तरीय विषय-विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। यह समिति अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों और प्रमाण-पत्रों की गहन जांच कर अंतिम पात्रता निर्धारण करेगी।ज्ञात हो इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित कर 35 अभ्यर्थियों की शैक्षणिक अर्हताओं की विस्तृत जांच के लिए विषय-विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध किया था। आयोग ने 4 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में निर्णय लिया था कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उत्कृष्ट प्राध्यापक पद के लिए आवेदन करने वाले इन अभ्यर्थियों के अभिलेखों का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण आवश्यक है।मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार, चयन प्रक्रिया को यूजीसी विनियम 2018 के तहत निर्धारित अर्हताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। विज्ञापन की कंडिका 6 (2) (iv) (ख) के विशेष संदर्भ में विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। गठित समिति में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों को शामिल किया गया है। समिति के संयोजक के रूप में निदेशक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास को नियुक्त किया गया है। इसी तरह सदस्य के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष जैविक विज्ञान विभाग डॉ.एस.एस.सन्धु, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग के डॉ.पवन मिश्रा, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष गणित विभाग के डॉ. अवनीश कुमार,अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रींवा के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. एन. पी.पाठक,रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान के डॉ. विवेक मिश्रा तथा आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष रसायनशास्त्र विभाग के डॉ. नंद किशोर कराडे को शामिल किए गए हैं।उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति द्वारा परीक्षण उपरांत योग्य अभ्यर्थियों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के महाविद्यालयों में रिक्त पद शीघ्र भरे जा सकें और शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिल सके।
- रायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत पंडरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत डबरी निवासी श्रीमती श्याम बाई के जीवन सकारात्मक बदलाव आया है। किसान परिवार से संबंधित श्रीमती श्याम बाई एवं उनके पति श्री परसन पूर्व में जर्जर कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के दौरान टपकती छत और क्षतिग्रस्त दीवारों के कारण परिवार निरंतर असुरक्षा की स्थिति में जीवनयापन कर रहा था।योजना अंतर्गत स्वीकृति मिलने पर आवास निर्माण हेतु 1.20 लाख रुपये की राशि तीन किश्तों में डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। पंचायत एवं मैदानी अमले के मार्गदर्शन से निर्धारित समयावधि में पक्का आवास पूर्ण हुआ। परिवार को अन्य शासकीय योजनाओं का भी समन्वित लाभ प्राप्त हुआ है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत 90 मानव दिवस के बदले लगभग 22 हजार रुपये की मजदूरी, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से शौचालय, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, नल-जल एवं विद्युत सुविधा, आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा तथा पेंशन एवं अन्य योजनाओं से नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में आवास निर्माण कार्यों की सतत समीक्षा की जा रही है। जिले में 50,869 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 27,966 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में निवासरत दिव्यांगजनों को स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के सहयोग से 20, 21 एवं 22 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय स्थित शबरी ऑडिटोरियम, कुम्हाररास में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण सह प्रमाणीकरण शिविर आयोजित किया जाएगा।शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण उपरांत आवश्यकता अनुसार आधुनिक कृत्रिम हाथ-पैर (जयपुर फुट), कैलीपर्स, बैसाखी, ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे। शिविर प्रतिदिन प्रातः 8रू30 बजे से प्रारंभ होगा। 20 फरवरी को छिंदगढ़, 21 फरवरी को सुकमा तथा 22 फरवरी को कोन्टा विकासखंड के दिव्यांगजन लाभान्वित होंगे। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम स्तर के पदाधिकारियों से अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों को शिविर में सहभागिता सुनिश्चित कराने की अपील की है। यह पहल दिव्यांगजनों को गरिमामय एवं आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में सशक्त कदम है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी की नवगठित प्रबंध समिति के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर रेडक्रॉस की वर्तमान गतिविधियों तथा भावी योजनाओं पर चर्चा की गई। राज्यपाल श्री डेका ने रेडक्रॉस की सदस्यता बढ़ाकर अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश दिए। राज्यपाल ने रायपुर में शीघ्र ब्लड बैंक प्रारंभ करने हेतु ठोस प्रयास करने को कहा। उन्होंने जानकारी दी कि सर्व सुविधा युक्त एम्बुलेंस सेवा के लिए एसईसीएल से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही एम्बुलेंस उपलब्ध होगी।साथ ही, जिलों में रेडक्रॉस के लिए भवन, एम्बुलेंस और ब्लड बैंक की स्थापना हेतु जिला कलेक्टरों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेने का सुझाव भी दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. के. राउत, अध्यक्ष श्री टोमन साहू सहित प्रबंध समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- रायपुर । जांजगीर-चांपा जिले में अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग की टीम ने 02 चैन माउंटेन मशीन एवं 03 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई तहसील बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम खपरीडीह तथा तहसील पामगढ़ के ग्राम देवरघटा क्षेत्र में की गई। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि संयुक्त जांच के दौरान ग्राम खपरीडीह में अवैध उत्खनन में संलिप्त 01 चैन माउंटेन मशीन तथा ग्राम देवरघटा में 01 चैन माउंटेन मशीन एवं 03 ट्रैक्टर जब्त किए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार अभिरक्षा में लेकर कार्रवाई की जा रही है। जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।
- -श्रम एवं लागत में कमी आने से गन्ने की खेती होगी लाभकारीरायपुर। बालोद जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए जिला प्रशासन की अभिनव पहल वरदान साबित हो रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के वित्तीय सहयोग से दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना को प्रदेश की पहली अत्याधुनिक गन्ना हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे जिले में गन्ना कटाई की प्रक्रिया तकनीक आधारित और अधिक दक्ष हो गई है। कारखाना के प्रबंध संचालक श्री आर.पी. राठिया ने बताया कि यह मशीन प्रतिदिन 80 से 100 टन गन्ने की कटाई एवं छिलाई करने में सक्षम है। कटाई, छिलाई एवं लोडिंग की समेकित प्रक्रिया से श्रम लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा किसानों को मजदूरों की उपलब्धता की समस्या से राहत मिलेगी। मशीन द्वारा कटाई के पश्चात रेटुन (ठूंठ) का पृथक प्रबंधन आवश्यक नहीं होगा तथा गन्ना सीधे इनफील्डर के माध्यम से ट्रैक्टर अथवा ट्रक में लोड हो सकेगा, जिससे परिवहन में भी तेजी आएगी। ग्राम दुधली के कृषक श्री प्रेमशंकर देशमुख ने बताया कि इस पहल से लागत घटेगी और समय की बचत होगी, जिससे गन्ना उत्पादन अधिक लाभकारी बनेगा। यह पहल जिले में कृषि यंत्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोेकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चौरड़िया ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग के कार्याे एवं गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दी। श्री डेका ने इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया। श्री चौरड़िया ने 21 एवं 22 फरवरी 2026 को रायपुर में उपभोक्ता संरक्षण पर आयोजित हो रहे दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला हेतु बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने 21 व 22 फरवरी 2026 को बलौदाबाजार -भाटापारा जिले के ग्राम चाँपा (सैंहा)में आयोजित हो रहे 80 वॉ छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज महा-अधिवेशन के लिए निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा,केन्द्रीय महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राज प्रधान बलौदाबाजार श्रीमती सुनीता वर्मा,चन्दखुरी चिन्ता राम वर्मा, रायपुर जगेश्वर प्रसाद वर्मा अर्जुन राज हरी राम वर्मा ,हरिश्चंद्र वर्मा, रघुनंदन वर्मा सहित समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -देशसेवा का संकल्प और सफलता की उड़ान: मुंगेली की सुप्रिया सिंह बनी लेफ्टिनेंट-मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मानित, राज्य का नाम रोशन करने पर दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय में सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथा रैंक प्राप्त करने वाली मुंगेली की सुश्री सुप्रिया को सम्मानित किया। उन्होंने सुप्रिया और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंटकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी और मुँह मीठा कराया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुप्रिया की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवा भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रिया का अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को सुप्रिया से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य पाने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार भी उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम टेढ़ाधौंरा की 23 वर्षीय सुप्रिया ठाकुर ने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक प्राप्त कर मुंगेली जिला सहित राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशसेवा के अटूट संकल्प के बल पर वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुई हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी है।ग्राम टेढ़ाधौंरा निवासी सुप्रिया सिंह श्रीनेत एक किसान परिवार से आती हैं। उनकी माता श्रीमती संतोषी सिंह श्रीनेत और पिता श्री वैदेही शरण सिंह, जो पेशे से किसान हैं, ने सदैव उन्हें शिक्षा और संस्कारों का मजबूत आधार दिया। परिवार के स्नेहिल और अनुशासित वातावरण में पली-बढ़ी सुप्रिया ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कक्षा 10वीं में 71 प्रतिशत और 12वीं में 58 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसके बाद उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग अध्ययन के दौरान ही उन्होंने एनसीसी को अपनाया और अपने नेतृत्व कौशल के बल पर जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुंचीं। एनसीसी के प्रशिक्षण ने उनके भीतर अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया। यहीं से भारतीय सेना में अधिकारी बनने का उनका संकल्प आकार लेने लगा।वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूर्ण करने के बाद सुप्रिया ने पूरी एकाग्रता के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी प्रारंभ की। कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन के अंतर्गत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली प्रेरक कहानी है। शैक्षणिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ सुप्रिया सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। नृत्य उनकी प्रमुख रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व को ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है। सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह सफलता न केवल मुंगेली, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ स्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।इस दौरान डॉक्टरों ने 7 व 8 मार्च 2026 राजधानी रायपुर में स्थित श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में "आईएमए सीजीकॉन 2026" 21 वां स्टेट कॉन्फ्रेंस का न्यौता दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आईएमए छत्तीसगढ़ राज्य शाखा अध्यक्ष एवं चेयरमेन डॉ अनूप वर्मा,अध्यक्ष हॉस्पिटल बोर्ड डॉ सुरेंद्र शुक्ला,आईएमए सचिव डॉ संजीव श्रीवास्तव, डॉ गंभीर सिंह उपस्थित थे।
- -गुरु घासीदास के अनुयायियों का दल पावन गिरौदपुरी धाम के लिए हुआ रवाना-पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना और गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।
- -डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का शुभारंभ-पारदर्शी और तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर ऐतिहासिक कदमरायपुर । छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख श्री विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।























