- Home
- छत्तीसगढ़
-
किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक का मक्का खरीदा गया
605 किसानों ने 1763 एकड़ में की पॉपकॉर्न मक्का की खेती
अनुबंध खेती से बढ़ी आय और मिला मार्केट
रायपुर/ फसल विविधीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और भूमि की उर्वरता में सुधार हो रहा है। पारंपरिक फसलों से हटकर नई और उच्च-मूल्य वाली फसलें उगाने से किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है और जोखिम कम होता है। धान के बदले मक्का की खेती अपनाना फसल विविधीकरण की दिशा में एक बेहतरीन और अत्यधिक लाभदायक कदम है। इससे न केवल भूमि की उर्वरता और जल स्तर में सुधार होता है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।
किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ
राजनांदगांव जिले में फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्के की खेती अपनाने वाले किसानों को बेहतरीन आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध खेती करने वाले किसानों ने उत्पादन एवं आय के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कंपनी द्वारा जिले के किसानों से 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मक्का की खरीदी
रबी वर्ष 2025-26 में गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी द्वारा जिले के 605 किसानों के साथ अनुबंध कुल 1763 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कराई गई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने 1700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मक्का की खरीदी करते हुए 5 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य का मक्का खरीदा, इसमें से अब तक 3.73 करोड़ रूपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है तथा शेष भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव ललित कुमार को
छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान श्री ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का गौरव प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 6 लाख 95 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। इसी प्रकार राजनांदगांव विकासखंड के किसान श्री वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर 32.66 क्विंटल प्रति एकड़ का उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त किया। उन्हें इस खेती से 5 लाख 27 हजार रूपए से अधिक की आय हुई। वहीं ग्राम जमलेश्वर के किसान श्री देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर लगभग 4 लाख 67 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की।
फसल विविधीकरण को मिला बढ़ावा
इन किसानों की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को अधिक लाभ मिलने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता तथा फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिले के किसानों की यह सफलता अन्य किसानों को भी फसल चक्र परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। -
विश्व पर्यावरण पर राज्यपाल ने दिया जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रायपुर/विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पानी रहेगा तो पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे और यदि पेड़ रहेंगे तो जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा।
राज्यपाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में योगदान है। वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और भूजल स्तर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि देश और दुनिया के अनेक क्षेत्रों में जल स्रोत लगातार घट रहे हैं। भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे प्रयास सामूहिक रूप से किए जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
लोक भवन और नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन में करेंगे वृक्षारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका लोक भवन तथा नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, जल बचाएं और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्यपाल श्री डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट किए तथा उन्हें अपने घरों एवं आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर लोक भवन के सभी कर्मचारियों के लिए निशुल्क पौधों के वितरण की व्यवस्था की गई है। -
लोक भवन में तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया ध्यान अभ्यास
रायपुर/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि मेडिटेशन (ध्यान) को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आज के तनावपूर्ण और व्यस्त जीवन में ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। लोक भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय ध्यान शिविर के दूसरे दिन राज्यपाल श्री रमेन डेका भी उपस्थित रहे। इस दौरान हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर से आए प्रशिक्षकों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी दी तथा उनका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कार्यभार के कारण तनाव एक सामान्य समस्या बन गया है। ऐसे में ध्यान व्यक्ति को मानसिक संतुलन बनाए रखने, तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने में सहायता करता है। राज्यपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रतिदिन कुछ समय ध्यान के लिए निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान का अभ्यास व्यक्ति के जीवन में आत्मिक संतोष, सकारात्मकता और अद्भुत आनंद का अनुभव कराता है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है।
शिविर में हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के प्रशिक्षकों ने ध्यान के महत्व, उसकी प्रक्रिया और दैनिक जीवन में उसके लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को ध्यान के व्यावहारिक सत्र में शामिल कराकर उसका अनुभव भी कराया। इस अवसर पर प्रशिक्षकों ने राज्यपाल श्री डेका को मेडिटेशन और आत्मिक विकास से संबंधित पुस्तकें भी भेंट कीं। - 0- मानसून की पहली बारिश के पूर्व जोन के सभी वार्डो के नालो, नालियों की तले तक सघन सफाई करवाकर निकास सुगम बनाने दिये निर्देश0- सभी विकास कार्यो को तेजी से गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने के निर्देश0- बारिश में स्ट्रीट लाईट प्रबंधन सुचारु रूप से करवाने और मॉनिटरिंग कर कलोरीनयुक्त शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने दिए निर्देश, जोन नगर निवेश विभाग के कार्यों की मॉनिटरिंग कर मूल्यांकन करने जोन कमिश्नर को सभापति के निर्देशरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति नगर निगम जोन 2 के पदेन अध्यक्ष श्री सूर्यकांत राठौड़ ने नगर निगम जोन 2 कार्यालय में जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियता श्री पीडी घृतलहरे, सहायक अभियंता श्री गोविन्द साहेब बंजारे, उपअभियंता श्री सुधीर भट्ट, सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया सहित अन्य सम्बंधित जोन अधिकारियों की उपस्थिति में जोन के कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर की एवं आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड ने मानसून की पहली बारिश के पूर्व जोन 2 क्षेत्र के सभी 7 वार्डो के नालो व नालियों की तले तक सघन सफाई करवाकर गंदे पानी का निकास सुगम बनाने के निर्देश दिये ताकि कही भी बारिश में जल भराव की समस्या से नागरिको को असुविधा का सामना ना करना पड़े।सभापति ने अधिकारियों को प्रगतिरत विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर उसकी समीक्षा करते हुए तय समय सीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सहित जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु शीघ्र प्राथमिकता से विकास कार्यों को पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये, सभापति ने जोन अधिकारियों को समीक्षा बैठक में मानसून के दौरान सुचारु स्ट्रीट लाइट प्रबंधन करने और सतत मॉनिटरिंग कर नागरिकों को सतत कलोरीनयुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैँ, सभापति ने जोन कमिश्नर को जोन नगर निवेश विभाग के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर मूल्यांकन करने निर्देशित किया है और नगर निवेश विभाग के सभी कार्यों को पारदर्शिता से गुणवत्तापूर्ण करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैँ।
- 0- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जनसमस्याओं के समाधान का मंच, समय-सीमा में शिकायत निराकरण करने जवाबदेह होंगे अधिकारी0- सचिव मुख्यमंत्री श्री राहुल भगत ने किया कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन, व्यवस्थाओं की सराहनारायपुर. कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के संचालन, शिकायतों के पंजीयन और उनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सचिव, माननीय मुख्यमंत्री श्री राहुल भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे शासन तक अपनी बात पहुंचाने का मंच मिलेगा।श्री भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द ही शुरू होने वाला है और इसके लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण का अंतिम चरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े जिलों में शिकायतों की संख्या अधिक होती है, इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के बेहतर प्रबंधन और त्वरित निराकरण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का माध्यम भी है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निराकरण किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिकायतों के विभिन्न प्रकारों को ध्यान में रखते हुए लगभग 1200 शिकायत श्रेणियां चिन्हित की गई हैं। विभागवार शिकायतों के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है तथा करीब 8 हजार अधिकारियों की मैपिंग की गई है, ताकि प्राप्त शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंच सकें।प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री अशोक चौबे एवं श्री अनुराग दीवान ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने शिकायत पंजीयन, पोर्टल संचालन, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया, समय-सीमा का पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।प्रशिक्षकों ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरों की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नोडल विभाग सुशासन एवं अभिसरण विभाग होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सूचना के अधिकार, मांग संबंधी प्रकरण, विभागीय स्थापना से जुड़े अधिकांश मामले तथा केंद्र सरकार से संबंधित विषय इस व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाएंगे।अधिकारियों को बताया गया कि आम नागरिक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर, वेबसाइट एवं व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के पंजीयन एवं मार्गदर्शन के लिए कॉल सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदक को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इस दिशा में एक प्रभावी व्यवस्था साबित होगी।कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्री राहुल भगत को रायपुर ज़िले में संचालित हो रहे कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन भी करवाया, श्री भगत ने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की सराहना की।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जिला हेल्पलाइन नंबर "कॉल सेंटर" का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान हेतु मोबाइल नंबर 9977222564, 9977222574, 9977222584 एवं 9977222594 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- समय-सीमा की बैठक में ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड एवं धान खरीदी से जुड़े प्रकरणों की समीक्षारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन आवेदनों का निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समय के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही निराकृत प्रकरणों की जानकारी आवेदकों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने ई-केवाईसी कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने पात्र परिवारों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।बैठक में धान खरीदी से संबंधित लंबित वसूली प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकाया राशि की वसूली के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां राजस्व वसूली प्रमाण-पत्र (आरआरसी) के माध्यम से वसूली की जाए तथा गंभीर अनियमितता वाले मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।बैठक में रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर. शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रायपुर (सड्डू) में संचालित व्यवसाय-कोपा, स्टेनो हिन्दी, इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन में रिक्त सीटों व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था माना, जिला रायपुर तथा राज्य की अन्य शासकीय आईटीआई में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।इच्छुक अभ्यर्थी 29 मई 2026 से 15 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। प्रवेश संबंधी आवश्यक जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रशिक्षण विवरणिका में देखी जा सकती है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एएनएम श्रीमती पार्वती नेताम ने आंगनबाड़ी केंद्र हांडीपारा एवं एमपीडब्लू श्री राज कुमार साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र किराना में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- ग्रामीणों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास की चाबी एवं हितग्राहियों को प्रदान किया राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्डरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुटेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में कौशल विकास, तकनिकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री व आरंग विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित रहे|शिविर में कुल 1657 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 567 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। 01 हितग्राही को नरेगा चेक वितरण, 35 हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड, 05 लोगों को पीएम आवास की चाबी, 02 हितग्राहियों जन्म प्रमाण पत्र, 05 आयुष्मान कार्ड, 01 ग्रीन पालना, 24 होनहार प्रमाण पत्र, 10 अन्न प्राशन गोद भराई, 05 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मान किया गया|इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री गुरु सौरभ साहेब, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारी हुए शामिल, शिविर में 596 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरकार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम पंचायत अरकार सहित अरकार कलस्टर में शामिल आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।इसके अंतर्गत आज अरकार में आयोजित शिविर में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी साहू, जनपद सदस्य श्री नरेश मदन साहू, डाॅ. हरिकृष्ण गंजीर, श्री झालेन्द्र साहू, श्री हेमंत गुरूपंच, श्रीमती संतोषी साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री तुमेश्वर पाण्डेय, ग्राम पंचायत अरकार के सरपंच श्री खेमलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत बीज वितरण, केसीसी पंजीयन, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल, स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत वय वंदन एवं निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया।शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। ग्राम अरकार में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 827 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 596 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा ग्राम पलारी निवासी श्री कृष्णकुमार बंजारे का भैंस विद्युत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 32 हजार 800 रूपये का चेक प्रदान भी किया गया।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। श्रीमती साहू ने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा। इस अवसर पर श्रीमती सुनीता साहू ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी साहू ने भीषण गर्मी के उपरांत भी शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तायुक्त ढंग से शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। इसके अलावा अन्य अतिथियों ने भी शिविर को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आम जनता को सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शेष सभी शिविरों में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।उल्लेखनीय है कि अरकार में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अरकार, हसदा, भिरई, बोहारा, डोटोपार, कोसागोंदी, पिकरीपार, मोहारा, सनौद, सांगली, ओझागहन, देवकोट, गंगोरीपार, बासीन, अरमरीकला, जेवरतला, भोथली और डांडेसरा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 573 आवेदन, तहसील गुरूर को 58, विद्युत विभाग को 52, खाद्य विभाग को 28, जल संसाधन विभाग को 14 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से कुल 827 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 596 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में एसडीएम श्री आरके सोनकर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे सहित अंचल के जनप्रतिनिधियों विभिन्न विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में अरकार कलस्टर में शामिल सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0- ’स्वच्छ ग्राम एवं स्वच्छ जलवायु’ अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किया ग्राम कामता का निरीक्षणबालोद. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एसडब्ल्यूएम नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कामता का निरीक्षण किया। 01 जून से 05 जून तक आयोजित ’स्वच्छ ग्राम, स्वच्छ जलवायु’ अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विभिन्न स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों का निरीक्षण कर कचरा संग्रहण शेड, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा अन्य अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कचरे के स्त्रोत स्तर पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गांवों में गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण सुनिश्चित करने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचरे का उचित प्रबंधन केवल स्वच्छता का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी माध्यम भी है। महिलाओं को प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, पुनर्चक्रण एवं उससे आय सृजन की संभावनाओं के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि खुले में कचरा फेंकने एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के अनियंत्रित उपयोग से पर्यावरण, जल स्रोतों तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कचरे का पृथक्करण कर निर्धारित स्थानों पर ही उसका निपटान करें। इससे गांवों एवं शहरों को स्वच्छ रखने के साथ साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में स्थापित कचरा संग्रहण केंद्रों एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के उद्देश्यों की प्राप्ति एवं स्वच्छ, स्वस्थ एवं टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं संबंधित विभागों के अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- कृषक उन्नति योजना को बताया किसानों के हित में छत्तीसगढ़ शासन का क्रांतिकारी कदम0- धान के साथ रबी फसलों में भी मिल रहा बंपर उत्पादनबालोद. आधुनिक कृषि तकनीक और छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाओं के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती अब मुनाफे का जरिया बनती जा रही है। बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह के किसान श्री चोवाराम साहू ने नैनो उर्वरक का वैज्ञानिक पद्धति से उपयोग कर अपने फसल उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। किसान श्री चोवाराम साहू ने बताया कि वे लगभग 02 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। वे खरीफ सीजन में धान की फसल तथा रबी सीजन में मुख्य रूप से तिवड़ा और सरसों की खेती करते हैं। इसके लिए वे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति फागुनदाह से उन्नत बीज और खाद प्राप्त करते हैं। श्री चोवाराम ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का उठाव कर लिया है। नैनो उर्वरक के अपने अनुभव को साझा करते हुए चोवाराम ने कहा कि उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया। इसका परिणाम बेहद चमत्कारी रहा।नैनो खाद के उपयोग से न केवल धान की फसल की गुणवत्ता सुधरी, बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक को अपनाएं, जिससे कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल का उत्पादन किया जा सके। चोवाराम साहू ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। योजना से मिली अतिरिक्त राशि का उपयोग वे अपने खेती-किसानी के कार्यों को और आधुनिक बनाने में कर रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के निरंतर संचालन और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए चोवाराम ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है।
- 0- विभिन्न पदों पर की जाएगी नियोजकों द्वारा भर्तीबालोद. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 12 जून 2026 को प्लेसमंेट कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी बालोद ने बताया कि प्लेसमंेट में कुल 04 नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्लेसमंेट कैंप में स्वतंत्र माइक्रो फायनेंस लिमिटेड रायपुर द्वारा फील्ड आॅफिसर के 30 एवं कलेक्शन आॅफिसर के 10 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें फील्ड आॅफिसर के पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं एवं 12वीं पास तथा आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है तथा कलेक्शन आॅफिसर के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं एवं ग्रेजुएट तथा आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी तरह नियोजक श्रम इन टैलेंट प्रायवेट लिमिटेड नोएडा द्वारा इलेक्ट्रिक मेट्रो टेक्निशियन के 50 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 12वीं, आईटीआई एवं स्नातक उत्तीर्ण तथा अभ्यर्थी की आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है।इसी तरह सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरीटी सर्विसेस भिलाई के द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड पुरूष के 150 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवीं तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह मार्केटिंग मैनेजर के 02 पद हेतु हेतु शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट एवं एमबीए तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पुरूष के 50 पद हेतु 02 वर्ष कार्य अनुभव के साथ शैक्षणिक योग्यता 12वीं या ग्रेजुएट तथा आयु 25 से 40 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह सिक्यूरिटी ट्रेनिंग के 03 पद हेतु साथ शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है।इसी तरह नियोजक ग्लोबल एचआर साॅल्यूशन विराट नगर बोरसी दुर्ग में सिक्यूरिटी गार्ड के 100 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास एवं आयु 18 से 45 वर्ष निर्धारित है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी मूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हंै। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी वेबसाईट ई रोजगार सीजी डाॅट जीओवी डाॅट इन या जिला रोजगार कार्यालय बालोद अथवा कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 पर प्राप्त की जा सकती है।
- 0- अवैध उत्खनन में संलग्न वाहन चैनमाउंटेन मशीन को किया गया जप्तबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा 02 जून 2026 को डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बेलोदा के अंतर्गत आश्रित ग्राम अरजगुंडरा का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खनिज रेत का अवैध उत्खनन कार्य में संलग्न वाहन चैनमाउंटेन मशीन, नारंगी रंग जेसीबी 215 एलसी इंजन नं. 95404111 को जप्त कर कोटवार एवं उपसरपंच ग्रामीणों की मौजूदगी में सुपुर्द किया गया। उन्होंने बताया कि प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- 0- रेंगाडबरी शिविर में पूरी हुई एक माँ की उम्मीद, व्हीलचेयर से आसान होगा बेटी के स्कूल का सफरबालोद. बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के वनांचल में बसे ग्राम भीमपुरी की रहने वाली सगनी बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। खेती-किसानी की कड़ी मेहनत के बीच उनके दिल में हमेशा अपनी बेटी अंजू के भविष्य को लेकर एक चिंता बनी रहती थी। अंजू जन्म से ही दिव्यांग है। जैसे-जैसे अंजू बड़ी हो रही थी, उसे कहीं ले जाने, उठाकर बैठाने और दैनिक कार्यों में उसकी मदद करने में सगनी बाई को काफी शारीरिक और मानसिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी अंजू की पढ़ाई। दिव्यांगता के कारण अंजू को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी होती थी। सगनी बाई, लम्बे समय से अपनी लाडली बेटी अंजू के लिए एक व्हीलचेयर का सपना देख रही थीं, लेकिन सही मार्गदर्शन और संपर्क के अभाव में समय बीतता जा रहा था और उम्मीदें धुंधली हो रही थीं।सगनी बाई को जब जानकारी मिली कि सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम रेंगाडबरी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, तो उनकी आँखों में एक बार फिर चमक आ गई। वे बिना देर किए अपनी बेटी की समस्या लेकर शिविर में पहुँची। सगनी बाई ने रेंगाडबरी शिविर में पहुँचकर अपनी बेटी अंजू के लिए व्हीलचेयर हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उनके आवेदन पर प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई। समाज कल्याण विभाग द्वारा आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर ही सारी प्रक्रिया पूरी की गई और अंजू को एक नई व्हीलचेयर प्रदान कर दी गई। लम्बा इंतजार जब चंद मिनटों में पूरा हुआ, तो माँ सगनी बाई की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। व्हीलचेयर पाकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हम दूरदराज के रहने वाले लोग हैं, दफ्तरों के चक्कर काटना हमारे लिए मुश्किल था। लेकिन सुशासन तिहार ने हमारी सुध ली और आज मेरी बेटी के लिए व्हीलचेयर की मांग पूरी हो गई। अब इसे स्कूल ले जाने-लाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। वहीं, नई व्हीलचेयर पर बैठते ही अंजू का चेहरा खिल उठा। उसने मुस्कुराते हुए अपनी मासूम आवाज में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा ’’थैंक्यू सीएम सर’’। अब अंजू के कदमों को पहिए और उसके हौसलों को एक नई उड़ान मिल चुकी है।
- बालोद. आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है, जिसमें नील हरित शैवाल (ब्लू ग्रीन एल्गी) के उत्पादन किसानों को किफायती दर पर जैविक उर्वरक उपलब्ध कराने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चंद्राकर ने बताया कि नीलहरित शैवाल, जिसे वैज्ञानिक रूप से सायनोबैक्टीरिया कहा जाता है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। यह प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से भूमि में पोषक तत्वों की पूर्ति करता है।विशेषज्ञों के अनुसार, इसके उपयोग से प्रति हेक्टेयर लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक नाइट्रोजन की आपूर्ति संभव है, जिससे रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम पड़ती है। इससे न केवल किसानों की खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि वे जैविक खेती की ओर भी प्रेरित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि जैव उर्वरकों के उपयोग से मृदा स्वास्थ्य बेहतर होता है। इस जैव उर्वरक का उपयोग विशेष रूप से धान की फसलों में लाभकारी है। जलभराव वाले खेतों में नील-हरित शैवाल तेजी से विकसित होता है, जिससे धान उत्पादन में वृद्धि और गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अतिरिक्त, यह क्षारीय एवं बंजर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक है।जिले के ग्राम पथराटोला से श्रीमती लक्ष्मी पिस्दा, श्री चंद्रशेखर धाकडे, श्रीमती बलदीन बाई, श्री अलीत राम, श्री चैत राम, श्री दिलबर रावते, श्री श्रवण कुमार, श्रीमती यशोदा बाई, श्रीमती आशा धनकर, कारूटोला के श्री संजय भूआर्य एवं फरदडीह के श्री चेतन साहू इच्छुक किसानों के द्वारा अपने खेतों में 02 मीटर लम्बा 1.5 मीटर चैड़ा गढ्ढे तैयार कर नील हरित शैवाल का उत्पादन किया जा रहा है। नील हरित शैवाल का उत्पादन करने वाले कृषक अपने खेतों में रोपाई एवं वियासी के समय इसका उपयोग कर प्रति हेक्टेयर लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक नाइट्रोजन की आपूर्ति करेंगे तथा धान की पैदावार में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि जिले के इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों से सम्पर्क कर नील हरित शैवाल उत्पादन की जानकारी प्राप्त कर सकते हंै।
- 0- शीतला मंदिर तालाब के पास से अतिक्रमण हटाने की मांग, वार्डवासी पहुंचे जनदर्शन0- कृषि बोरवेल के पानी का व्यावसायिक उपयोग, ग्रामीणों ने की शिकायत0- जनदर्शन में 164 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 164 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में प्राप्त विभिन्न आवेदनों पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और उक्त आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।दुर्ग व धमधा के किसानों ने मक्का फसल की रकम दिलाने आवेदन दिया। किसानों ने बताया कि पापकार्ननिका प्रा.लि. ग्राम पांगरी खुर्द राजनांदगांव से मक्का बीज लेकर मक्के की खेती की गई। कंपनी द्वारा मक्का फसल खरीदने के बाद निर्धारित समय में भुगतान करने का वादा किया था। किसानों ने बताया कि ग्राम पांवरी खुर्द, बोईरडीह, ओडेरी, भर्रीटोला सहित अन्य गांवों के किसानों ने कंपनी को मक्का फसल बेची। फसल खरीदने के बाद भी करीब 40 दिनों से भुगतान लंबित है, जिससे खेती-किसानी और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। किसानों ने संबंधित कंपनी से शीघ्र भुगतान कराए जाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने उप संचालक कृषि विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।वार्ड क्रमांक 59 कातुलबोर्ड क्षेत्र के वार्डवासियों ने शीतला मंदिर तालाब के पास किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की। वार्डवासियों ने बताया कि तालाब किनारे हुए अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। तालाब किनारे कुछ व्यक्तियों एवं असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अतिक्रमण के चलते घरों का गंदा पानी तालाब में पहुंच रहा है, जिससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा तालाब तक आने-जाने में भी दिक्कते हो रही हैं। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम आमाटोला निवासी ने खसरा नंबर के नक्शे में सुधार और ऑनलाइन भू-नक्शा पोर्टल में त्रुटि सुधार के लिए आवेदन दिया। आवेदक ने बताया कि पुराने राजस्व रिकॉर्ड सही होने के बावजूद ऑनलाइन पोर्टल में नक्शा त्रुटिपूर्ण दिख रहा है, जिससे कृषि कार्य और योजनाओं के लाभ लेने में परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम महमरा के ग्रामीणों ने कृषि कार्य के लिए स्थापित बोरवेलों के पानी का टैंकरों के माध्यम से व्यावसायिक उपयोग किए जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई बोरवेल पहले ही गर्मी के कारण सूख चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बोरवेल के पानी का व्यावसायिक उपयोग लगातार किया जा रहा है। जिन जल स्रोतों से पानी बेचा जा रहा है, उन्हीं क्षेत्रों के आसपास गांव की पेयजल व्यवस्था भी जुड़ी हुई है। कृषि और मछली पालन के नाम पर पानी का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने पीएचई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- 0- कचरे को 4 श्रेणियों में बांटकर देना अनिवार्यदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले को देश का सबसे स्वच्छ और आदर्श जिला बनाने के उद्देश्य से एक बड़े महा-अभियान की शुरुआत की गई है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील में पारित कड़े आदेशों और विगत 5 मई 2026 को जारी गाइडलाइंस के परिपालन में जिले के ग्रामीण इलाकों में ’ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ को पूरी कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब जिले में खुले में कचरा फेंकने, डंप करने, उसे जलाने या दबाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों की चौबीसों घंटे सख्त निगरानी करने और पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक ’विशेष टास्क फोर्स’ (समिति) का भी गठन किया गया है, जो कचरा प्रबंधन से जुड़े हर मोर्चे पर पैनी नजर रखेगी।इस वृहद कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के कड़े निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के कुशल मार्गदर्शन में एक दिवसीय हाई-टेक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस कार्यशाला में जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन की समस्त 300 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों समेत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) व स्वच्छ भारत मिशन के 300 से अधिक मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों (बीपीएम, एरिया कोऑर्डिनेटर, पीआरपी, एफएल सीआरपी, कृषि, पशु व पोषण सखियों) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। रायपुर से ऑनलाइन जुड़े समर्थन संस्था के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री देवीकिसन निमजे ने कचरा संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निपटान की अचूक तकनीकों की जानकारी दी।इससे पूर्व विकासखण्ड स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों को इस अधिनियम के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें तीनों जनपद पंचायत सीईओ ने सक्रिय भूमिका निभाई। नए नियमों के मुताबिक, जिले की तस्वीर बदलने के लिए 5 बड़े मोर्चों पर कड़ाई से काम किया जाएगा, जिसमें स्रोत से ही कचरे का पृथक्कीकरण, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कलेक्शन, वैज्ञानिक डिस्पोजल, पुराने डंपिंग यार्डों (लिगेसी वेस्ट) का खात्मा और स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना शामिल है। आम नागरिकों के लिए अब अपने घरों से निकलने वाले कचरे को 4 श्रेणियों (गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट) में बांटकर देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों या जल स्रोतों पर कचरा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अब बिना स्थानीय निकाय की पूर्व अनुमति के 100 से अधिक व्यक्तियों का कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकेगा, और बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) को ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराकर अपने गीले कचरे के निपटान के लिए स्वयं कंपोस्टिंग या बायोमीथनेशन प्लांट लगाने होंगे।
- 0- 62 हजार 683 से अधिक श्रमिकों को मिल रहा रोजगार0- 3923 निर्माण कार्यों से गांवों में बढ़ा रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली नई गति0- मनरेगा के तहत 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित, 2093 परिवारों को 100 दिवस रोजगार0- 600 दिव्यांग परिवारों को भी मिला रोजगारदुर्ग. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के जरिए जिले के 62 हजार 683 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे एक ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी नई दिशा मिल रही है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारी श्रमिकों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं मैदानी अमले को श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल कार्य उपलब्ध कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में किसी भी पात्र श्रमिक को रोजगार के लिए भटकना न पड़े और प्रत्येक ग्राम पंचायत में पर्याप्त संख्या में कार्य संचालित रहें। मजदूरी भुगतान को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए बैंक खाते एवं आधार सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया गया है। इससे मजदूरी राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।मनरेगा के अंतर्गत जिले में अब तक 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। साथ ही 2093 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा 600 दिव्यांग परिवारों को भी रोजगार से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।जनपद पंचायतवार स्थिति पर नजर डालें तो जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 1048 कार्यों में 18 हजार 256 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत 1687 कार्यों में 17 हजार 785 श्रमिक तथा जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत 1188 कार्यों में 28 हजार 644 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (डब्ल्यूएचटी), कच्ची सिंचाई नाली निर्माण तथा अन्य मजदूरी मूलक कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है।जिले में मनरेगा के तहत कुल 33 करोड़ 91 लाख 90 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसमें जनपद पंचायत दुर्ग के श्रमिकों को 11 करोड़ 76 लाख 75 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा के श्रमिकों को 10 करोड़ 58 लाख 57 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन के श्रमिकों को 9 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 56 लाख 43 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी सहायकों को कार्यस्थलों पर नियमित निरीक्षण, सूचना बोर्ड स्थापना तथा निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल रही है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में बड़े पैमाने पर मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 183 निर्माण कार्यों के लिए 1480.18 लाख रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 149 निर्माण कार्यों के लिए 1212.84 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 249 निर्माण कार्यों के लिए 1984.63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 581 निर्माण कार्यों के लिए 4677.65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।उन्होंने बताया कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। जिले में संचालित निर्माण कार्यों से आने वाले वर्षों में किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास को नई मजबूती मिलेगी।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं के रिक्त पदों की पदपूर्ति हेतु आंगनबाड़ी केन्द्र प्रेमनगर, लक्ष्मी नगर सुपेला-01, गांधी चौक, सुंदर नगर कोहका, पुरेना-अ के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का परियोजना स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा स्क्रूटनी पश्चात परीक्षण कर पात्र/अपात्र की अनंतिम मूल्यांकन सूची तैयार की गई है। सूची का अवलोकन यूआरएल https://aww.e-bharti.in पोर्टल पर तथा कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 कार्यालय नगर पालिक निगम भिलाई तथा रिसाली के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है। दावा आपत्ति 12 जून 2026 तक ऑनलाइन https://aww.e-bharti.in पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किसी अन्य माध्यम स्पीड पोस्ट, ई-मेल, कोरियर या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा आपत्ति मान्य नही होगा।
- 0- 'पहले आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर 04 जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभदुर्ग. जिले की देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान पुरैना से संलग्न अहाता समूह क्रमांक 25 पुरैना में संलग्न सी.एस. 2 (ग-कम्पोजिट अहाता) के पुनर्व्यवस्थापन हेतु ऑनलाईन निविदा आमंत्रित की गई है। आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026-27 की शेष अवधि के लिए यह आबंटन ’पहले आओ पहले पाओ’ नीति के अंतर्गत किया जा रहा है। इच्छुक और योग्य आवेदक इस व्यवस्था के तहत ऑनलाईन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। सहायक आयुक्त आबकारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस अहाता अनुज्ञप्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन करने की प्रक्रिया 04 जून को पूर्वान्ह 10.30 बजे से शुरू होगी। इसके बाद आवेदकों की सुविधा के लिए यह प्रक्रिया 24 घंटे और सप्ताह के सभी सातों दिन अनवरत जारी रहेगी। इच्छुक आवेदक नियमों, शर्तों और ऑनलाईन आवेदन के लिए विभागीय वेबसाइट https://excise.cg.nic.in/eAhata/index.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- दुर्ग. आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा कृषकों को टिकाऊ खेती और बेहतर उत्पादन के लिए समसामयिक सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया पर निर्भरता कम करने और भूमि की सेहत सुधारने के लिए हरी खाद (ढैंचा, मूंग) के अधिक से अधिक उपयोग की अपील की है। उप संचालक कृषि के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की कमी होने की स्थिति में हरी खाद एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है। इसके लिए जून के प्रथम सप्ताह में लगभग 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से ढैंचा या इसे मूंग के साथ मिलाकर बुआई की जानी चाहिए। बुआई के लगभग 35 से 40 दिन बाद, जब पौधे 2-3 फीट ऊंचे हो जाएं और फूल आने की प्रारंभिक अवस्था हो, तब रोटावेटर या कल्टीवेटर की सहायता से फसल को पलटकर मिट्टी में मिला देना चाहिए और खेत में पानी चलाकर 7 से 10 दिनों तक सड़ने देना चाहिए।खेत में हरी खाद मिलाने से फसल की पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यह तकनीक मिट्टी के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों व केंचुओं की संख्या बढ़ाने, इसे भुरभुरी बनाने, हवा का संचार बढ़ाने और जलधारण क्षमता में सुधार करने में सहायक है। इसके उपयोग से प्रति एकड़ लगभग 20 से 25 किलोग्राम प्राकृतिक नाइट्रोजन उपलब्ध होती है, जो जैविक कार्बन को तेजी से बढ़ाती है। जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए जिला सहकारी समितियों में 52.16 क्विंटल ढैंचा एवं 16.96 क्विंटल मूंग बीज का भण्डारण किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित 220 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर 50 प्रतिशत अनुदान के चलते यह बीज किसानों को मात्र 110 रुपये प्रति किलोग्राम पर प्राप्त होगा। कृषि विभाग ने किसानों से हरी खाद को अपनाकर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने की अपील की है।अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम कृषि कार्यालय या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- नैनो उर्वरकों के उपयोग से कम लागत में मिला बेहतर उत्पादनदुर्ग. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के फलस्वरूप जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर हाई-टेक और टिकाऊ कृषि की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम डुमरडीह निवासी प्रगतिशील किसान श्री गोपाल पटेल की यह सफलता आज जिले के अन्य अन्नदाताओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है। श्री पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाते हुए अपने खेतों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का प्रयोग किया, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं।किसान गोपाल पटेल बताते हैं कि पहले वे पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ रही थी। इस बीच, राज्य सरकार के कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने नैनो उर्वरकों को अपनाया, जिससे पौधों में बेहतर बढ़वार हुई और फसल को संतुलित पोषक तत्व मिले। नैनो उर्वरकों की कम मात्रा लगने के कारण न केवल उनकी लागत में भारी कमी आई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। श्री गोपाल पटेल अब इसे आधुनिक खेती की दिशा में सरकार का एक क्रांतिकारी कदम मानते हैं और उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार इसे अपनाने की अपील की है। शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले भर में संतुलित पोषण, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर समृद्ध हो सके।
- दुर्ग. जामगांव (र) स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में सुशासन शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। शिविर में हजारों की संख्या में ग्रामीणजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह देखने को मिला। शिविर में कुल 2,373 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल जी का भी आगमन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों को संबोधित करते हुए सामग्रियों का वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियों का वितरण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छताग्राही दीदियों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को जॉब कार्ड वितरित किए गए तथा 100 दिवस का रोजगार पूर्ण कर चुके श्रमिकों को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला कोष से ऋण वितरण किया गया तथा लखपति दीदियों का सम्मान किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभाशाली एवं होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गई तथा परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस का वितरण किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणजनों ने शिविर का लाभ उठाते हुए अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।सुशासन शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन तक सरल, सुगम एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना है। शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में संतोष एवं उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-03 क्षेत्र का निरीक्षण कर चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज, प्रस्तावित वेंडर जोन, सर्विस रोड एवं अवैध कब्जों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्माणाधीन कार्य समयावधि में पूर्ण कराने तथा प्रस्तावित विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज में चल रहे सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। अंडरब्रिज के समीप स्थित कॉम्प्लेक्स के पीछे विकसित किए जा रहे प्रस्तावित वेंडर जोन का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेंडर जोन बनने से स्थानीय फुटपाथ एवं ठेला व्यवसायियों को व्यवस्थित और सुरक्षित व्यापारिक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।इसके बाद आयुक्त ने चंद्रा मौर्या चौक से जोन 3 कार्यालय तक बन रही सर्विस रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों गुणवत्ता युक्त सड़क निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी और आवागमन सुगम बनेगा। निरीक्षण के दौरान मजार से हुंडई शोरूम के पीछे कुछ लोगों द्वारा गैराज का कबाड़ एवं अन्य सामान शासकीय भूमि पर रखे जाने की जानकारी मिलने पर आयुक्त ने संबंधित व्यक्तियों को स्वयं सामान हटाने के निर्देश दिए। साथ ही निगम भूमि पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों को भी स्थल खाली करने की चेतावनी दी गई। चर्चा में सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा बहुत लंबे समय से भिलाई शहर में ही निवास किया जा रहा है, आयुक्त ने ऐसे पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की सलाह दी।आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, उप अभियंता दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं रविन्द्र पाण्डेय उपस्थित रहे।






















.jpg)
