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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से उनके राजधानी रायपुर स्थित निवास में मंगलवार को छत्तीसगढ़ रियल स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र आहूजा के साथ दीपक रहेजा, हेमंत सेवलानी, विजय पिंजानी, सतीश चेनानी, विलास सुथार आदि ने भेंट की। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू उपस्थित रहे।
- बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयारइस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों के पंजीयन ने रचा नया इतिहासरायपुर 04 फरवरी 2026/ बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है। जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागी बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन करेंगें।इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयनइस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है। बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयारबस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगेप्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शनइस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।
- -द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा-राजनीतिक, गैर राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी पर मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक सम्पन्न-मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु प्रकरणों को अनुशंसित करने लिया निर्णयरायपुर। मंत्रालय मे मंगलवार को पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी श्री ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन श्री के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे।बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा को दिए।बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।
- रायपुर, /छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर 2025 से लागू की गई नवीन गाइडलाइन दरों के अंतर्गत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा पूर्व में जिला मूल्यांकन समितियों को यह निर्देश जारी किए गए थे कि यदि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप गाइडलाइन दरों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो उसके प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।शासन के इन निर्देशों के अनुपालन में धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें तीनों जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का गहन परीक्षण किया गया। बैठक में समग्र रूप से विचार-विमर्श के बाद धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए गाइडलाइन दर संशोधन प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में 4 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिकों, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारकों को इन नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट में उपलब्ध है।
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-विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर जल-स्रोत संरक्षण का संदेश
रायपुर । विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा,मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। - -भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा मयाली-बागीचा विकास परियोजना को स्वदेश दर्शन योजना 2.0 में किया गया है शामिल-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय युवाओं का कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का होगा सृजन-मधेश्वर पहाड़ के धार्मिक और नैसर्गिक सुंदरता को मिलेगी विशेष पहचानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दो दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के लिए रवाना हुए। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 5 फरवरी को जशपुर जिले के मयाली में बहुप्रतीक्षित मयाली-बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करेगी।उल्लेखनीय है कि मयाली- बगीचा विकास परियोजना के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत सीबीडीडी उप-योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना को मधेश्वर पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के समीप विकसित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और जशपुर जिला अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहाँ की नदियाँ, झरने, पहाड़, घाटियाँ, घने जंगल तथा समृद्ध आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति पर्यटकों को निरंतर आकर्षित करती रही है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जशपुर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत पर्यटक रिसॉर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही मधेश्वर पहाड़ के नीचे स्थित गुफा मंदिर एवं कैलाश गुफा (बगीचा) क्षेत्र में भी पर्यटन विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिससे धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होम-स्टे विकसित किये जाने का भी प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। मयाली बगीचा परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किए जाने वाले भूमिपूजन के साथ ही जशपुर जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- -मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिलरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग श्री पी दयानंद, संचालक खनिज श्री रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।
- -वनधन विकास केंद्र केड़ना की प्रेरक पहलरायपुर। ग्रामीण अंचलों में आजीविका के सीमित साधनों के बीच जब स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है, तब सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है धर्मजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की, जहाँ सबई घास से रस्सी निर्माण ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाया है।वन विभाग की अधिकारियों ने आज यहाँ बताया कि सबई घास रायगढ़ जिले के वन क्षेत्रोंकृजमझोर, केड़ना, सोलमुड़ा, सोरझुड़ा, अन्नोला एवं पेलमाकृमें प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। पारंपरिक रूप से ग्रामीण महिलाएं इससे हाथ से रस्सी बनाकर घरेलू उपयोग या स्थानीय बाजारों में सीमित स्तर पर बिक्री करती थीं। हालांकि, बाजार तक सीधी पहुंच और उचित मूल्य न मिलने के कारण यह कार्य बड़े पैमाने पर आय का साधन नहीं बन पा रहा था।इसी कड़ी में राज्य सरकार की वनधन योजना के अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की स्थापना कर महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित किया गया। उन्हें सबई घास से रस्सी निर्माण के लिए हाथों एवं विद्युत चालित मशीनें उपलब्ध कराई गईं। स्तर ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे महिलाओं की उत्पादन क्षमता बढ़ी और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ।दरअसल सबई घास से निर्मित रस्सी का उपयोग बांस के बंडलों को बांधने में किया जाता है, जिसकी मांग वन विभाग एवं पेपर उद्योग में लगातार बनी रहती है। वन विभाग द्वारा सबई रस्सी को 45 रुपये प्रति किलो की दर से क्रय किया जाता है, जिससे महिलाओं को मजदूरी के रूप में नियमित आय प्राप्त हो रही है। वहीं तैयार रस्सी को विभिन्न वनमंडलों में 75 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय कर वनधन केंद्र को भी लाभ मिल रहा है।अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में वनधन केंद्र केड़ना से जुड़ी महिलाओं ने 30 से 40 क्विंटल रस्सी का निर्माण कर 1.5 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित की।वर्ष 2025-26 में 150 क्विंटल रस्सी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 7 से 8 लाख रुपये की आय ग्रामीण महिलाओं को होने की संभावना है। मार्च 2026 तक कुल 11.25 लाख रुपये मूल्य की रस्सी निर्माण कर 7.50 लाख रुपये मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को प्राप्त होने का अनुमान है।यह परियोजना पूरी तरह ईको-फ्रेंडली है। सबई घास का विनाश रहित दोहन किया जाता है, जिससे वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बना रहता है। भविष्य में भू-क्षरण प्रभावित क्षेत्रों में सबई घास रोपण की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे।वनधन विकास केंद्र केड़ना की यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक और संगठित उपयोग किया जाए, तो ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। सबई घास से रस्सी निर्माण ने न केवल रोजगार सृजन किया है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की नई उम्मीद भी जगाई है।
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*यह मेरे अकेले की नहीं पूरे भारतवासियों की अंतरिक्ष यात्रा थी, हर बच्चें का अंतरिक्ष यात्रा का सपना होगा पूरा : ग्रुप कैप्टन शुभांशु*
*मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ**मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को मिलेगा विस्तार**प्रदेश के सभी जिलों में खुलेंगे अंतरिक्ष संगवारी केंद्र*रायपुर /अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के जीवंत प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भावपूर्ण संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे।श्री साय ने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें।कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया ।कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक स्कूली बच्चें मौजूद रहे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। -
हृदय रोगियों के लिए काफी फायदेमंद और मार्गदर्शन देने वाला है शिविर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल और प्रथमेश कार्डियक इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन में रविवार, आठ फरवरी को एक दिवसीय नि:शुल्क कार्डियक कैंप लगाया जा रहा है। इसमें मुफ्त हृदय रोग परामर्श, उच्च रक्तदाब व मधुमेह की जांच, ईसीजी जांच, लिपिड प्रोफाइल, एचबीए1सी की जांच, हृदय रोग से संबंधित परामर्श और मार्गदर्शन दिया जाएगा।प्रथमेश हॉस्पिटल के डॉ. गौरव त्रिपाठी और डॉ. सुलभ चंद्राकर ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल में रविवार को लगाए जा रहे शिविर में सीने में दर्द और घबराहट, सांस फूलना, हाई बीपी व डायबिटीज और जांच रोग का पारिवारिक इतिहास जानने के इच्छुक मरीजों को जरूर आना चाहिए। शिविर में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र मंडल में अग्रिम पंजीयन कराना आवश्यक है। -
0- महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा, देवेंद्र नगर, रोहिणीपुरम, अमलीडीह और लालपुर सहित तमाम केंद्र की महिलाओं ने किया सामूहिक पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सभी महिला केंद्रों में राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ के सामूहिक पाठ का उत्साह 6 जनवरी 2024 से जो शुरू हुआ, वह आज भी 109वें सप्ताह तक अनवरत जारी है। मंडल के सड्डू-मोवा, देवेंद्र नगर, रोहिणीपुरम, अमलीडीह, लालपुर सहित तमाम केंद्रों की महिलाओं ने स्थानीय मंदिरों में पहुंच राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सड्डू- मोवा केन्द्र के सदस्यों ने आरेंज कंट्री मोवा के मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का मिलकर पाठ किया। इस दौरान शालिनी जोशी, उर्वशी उरगांवकर, मंजूषा कालकर, डॉ. संध्या उरगांवकर, स्वाति कोरान्ने, मनीषा अग्रवाल, निशा अग्रवाल, मीना अग्रवाल, हेमलता अग्रवाल, शशि दुरेजा, अंजू राजपाल सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने मिलकर हनुमान चालीसा पाठ के साथ आरती और भजन का सुमधुर गायन भी किया।इसी तरह देवेंद्र नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सभासद श्वेता सायंकर के घर राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया। इस दौरान हर्षला भारम्बे, शीतल रणदीवे, रोशनी मेंढेकर, विद्या लोखंडे और श्वेता सायंकर शामिल हुईं। इसी तरह मंडल के 17वें महिला केंद्र न्यू राजेंद्र नगर- कमल विहार- लालपुर महिला केंद्र की सदस्यों ने भी पाठ किया। इस दौरान ज्योति बनकर, नीलिमा लाकपाले, अल्का बापट, मंगला मिश्रेकर, तृप्ति करमरकर, मैथिली ठोके, सुखदा लाखे, सरिता लुलु, साधना धगमवार, स्मिता कायंदे शामिल हुईं।इसी तरह रोहिणीपुरम केंद्र की ओर से किए गए राम रक्षा स्त्रोत व हनुमान चालीसा पाठ में कल्पना किरवईवाले, अपर्णा वराहपांडे, सीमा बक्षी, चित्रा बल्की, जयश्री भूरे, अलका कुलकर्णी, सोनाली कुलकर्णी, मीना विभूते, साधना बहिरट, अचला मोहरीकर, प्रांजल बल्लाल सहित कई महिलाएं शामिल हुई। अमलीडीह केंद्र की ओर से किए गए पाठ में अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाड़े, शोभा जोशी, पुष्पलता देवांगन और कंचन साहनी उपस्थित थीं। -
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन अभियान एवं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति गतिविधि का किया जाएगा आयोजन
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आज अधिकारी-कर्मचारियों एवं जनदर्शन में पहुँचे आम नागरिकों के साथ फाइलेरिया की दवाई का सेवन कर जिले में फाइलेरिया की रोकथाम हेतु जिले के प्रत्येक नागरिकों को अनिवार्य रूप से फाइलेरिया की दवाई खाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आम नागरिकों को फाइलेरिया बीमारी के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी भी दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर परजीवी रोग है जो मच्छरों के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद यह बीमारी हाथ, पैर आदि अंगों में स्थाई सूजन एवं विकलांगता का कारण बन सकता है। इसके अलावा यह बीमारी कृमि संक्रमण, बच्चों में कुपोषण, एनीमिया एवं पढ़ाई में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी जिलेवासियों को अनिवार्य रूप से फाइलेरिया की दवाई का सेवन कर बालोद जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के पुनीत कार्य में सहभागी बनने की भी अपील की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने फाइलेरिया की दवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया की दवाइयां पूर्णतः सुरक्षित, प्रभावी एवं शासन द्वारा अनुशंसित हैं। उन्होंने कहा कि दवा सेवन के बाद कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होता। कुछ लोगों में हल्का चक्कर, मतली या कमजोरी हो सकती है, जो यह संकेत है कि दवा शरीर में मौजूद परजीवियों पर प्रभाव डाल रही है। ऐसी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क उपचार उपलब्ध रहेगा। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं जनदर्शन में पहुँचे आम नागरिकगण उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली।उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन अभियान के साथ-साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक लिम्फैटिक फाइलेरिया (हाथी पांव/फाइलेरिया) रोग का उन्मूलन करना है। इसके माध्यम से समुदाय में इन रोगों के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने का कार्य करना भी है। इस अभियान के दौरान जिले के समस्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर भ्रमण, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं निर्धारित बूथों के माध्यम से लक्षित जनसंख्या 08 लाख 13 हजार 866 को फाइलेरिया एवं कृमि नियंत्रण की दवाएँ निःशुल्क खिलाई जाएँगी। दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही कराया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि दवा सही प्रकार से ली गई है। -
सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे अनिवार्य रूप से आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं शतप्रतिशत ई-फाईलिंग के माध्यम से कार्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में पहुँचकर अपना आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने ई-आॅफिस के कार्य की क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी शासकीय कार्यालयों में शत प्रतिशत ई-फाईलिंग के माध्यम से कार्य सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में मैनुअल पद्धति से फाईलिंग का कार्य न किया जाए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यालय में पहुँचने के बाद सुबह 10 बजे एवं ड्यूटी समाप्ति के पश्चात् शाम 05.30 बजे अनिवार्य रूप से आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को वर्ष 2026 के लिए विभागीय कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को अपने-अपने विभागों का वार्षिक कार्य योजना बनाकर 31 मार्च 2026 के पूर्व जिला कलेक्टर से उसका अनुमोदन भी कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने इस कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मुख्यमंत्री के घोषणा के कार्यों की क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री के घोषणा के कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश भी दिए। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के मार्गदर्शन में कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय के सहयोग केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनकर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान प्रदेश महामंत्री द्वय अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने व प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक मितुल कोठारी उपस्थित रहे।बाद में मीडिया से चर्चा में मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हमारी सरकार कार्यकर्ताओं और जनता की सरकार है। 'सहयोग केंद्र' एक ऐसा माध्यम है जहाँ शासन और संगठन के बीच की दूरी कम होती है। कार्यकर्ताओं की ऊर्जा ही सरकार की ताकत है, और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। श्री जायसवाल ने कहा कि आज के शिविर में कुल 58 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय बुनियादी ढाँचों से जुड़ी लगभग 152 मांगें व समस्याएँ प्रमुख रहीं। मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि लगभग 30 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया। शेष आवेदनों के निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया है।
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– “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ
रायपुर / जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज सचिव श्री संत राम ध्रुव ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं प्राथमिक शाला धुसेरा अभनपुर एवं एमपीडब्ल्यू श्री दिलीप कुमार भारती ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 सेरिखेड़ी में जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। -
रायपुर- रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आमानाका ब्रिज के नीचे वेंडिंग कियोस्क को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। उक्त स्थान पर मूलभूत आवश्यकता (पानी, बिजली, साफ-सफाई एवं वेंडिंग जोन) की व्यवस्था पूर्व से ही की जा चुकी है। परंतु शिफ्टिंग उपरांत 60 दुकानों मे एक-एक कर नल कनेक्शन जोड़ने, बिजली कनैक्शन जोड़ने के कार्य मे अतिरिक्त समय लगा है, जो कि अवलंबित समय की श्रेणी में आता है। नवीन वेंडिंग जोन मे लगातार मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था संचालनकर्त्ता एजेंसी से समन्वय स्थापित करते हुए पूर्ण कर लिया गया है एवं एजेंसी को जल्द से जल्द संचालन कार्य प्रारंभ करने निर्देशित किया गया है।
पूर्व निर्मित वेंडिंग जोन मे नालंदा लाईब्रेरी निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्यस्थल मे कुछ टेनसाईल कैनोपी को निकालकर रखा गया है। रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों की चर्चा अनुसार उनके द्वारा कैनोपी को अन्यत्र स्थापित किया जायेगा। -
रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत बोरियाखुर्द और डुंडा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग स्थल को अवैध कॉलोनी के रूप में चिन्हित कर जनहित में बोर्ड नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के मार्गनिर्देशन में और सहायक अभियंता श्री योगेश यदु की उपस्थिति में लगाये जाने की कार्यवाही की है.यह कार्यवाही अवैध प्लाटिंग स्थल से सम्बंधित उक्त भूमि को अवैध कॉलोनी के रूप में चिन्हित करने के बाद की गयी है. नगर पालिक निगम रायपुर जोन 10 नगर निवेश विभाग द्वारा उक्त भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है.बोर्ड में नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का निर्माण, अतिरिक्त कब्जा या लेनदेन करता है, तो इससे होने वाले समस्त नुकसान और विधिक परिणामों के लिए सम्बंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा. रायपुर नगर पालिक निगम की इस सम्बन्ध में कोई जिम्मेदारी नहीं होगी.
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ का छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कल 4 फरवरी को दोपहर 12 बजे गुढ़ियारी में होगा। इसमें आदर्श विद्युत उपभोक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल होंगे। अध्यक्षता महापौर श्रीमती मीनल चौबे करेंगी। कार्यक्रम में रायपुर क्षेत्र के विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, अनुज शर्मा, नंदलाल देवांगन सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्युत कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आमजन की उपस्थिति रहेगी।पॉवर कंपनीज़ के अतिरिक्त महाप्रबंधक(जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पीएम सूर्यरथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। साथ ही राज्य विद्युत विकास पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी।छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, विशेष रूप से विद्युत क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति एवं उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं, ऊर्जा संरक्षण, विद्युत सुरक्षा तथा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से संबंधित गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने समस्त जनप्रतिनिधियों, उपभोक्ताओं एवं नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर राज्य के गौरवशाली 25 वर्षों के उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से उनके राजधानी रायपुर स्थित निवास में मंगलवार को छत्तीसगढ़ रियल स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र आहूजा के साथ दीपक रहेजा, हेमंत सेवलानी, विजय पिंजानी, सतीश चेनानी, विलास सुथार आदि ने भेंट की। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू उपस्थित रहे।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने पर मुख्यमंत्री साय का आभार मानारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने धान खरीदी की समय सीमा दो दिन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से उन किसानों को अपना धान विक्रय करने का अवसर मिलेगा, जो टोकन कटने के बाद भी अपना धान नहीं बेच पाए थे। इस निर्णय से प्रदेश सरकार धान खरीदी के अपने निर्धारित लक्ष्य को भी हासिल करेगी। श्री देव ने कहा कि इस निर्णय के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के सर्वतोमुखी हितों की रक्षा और उनकी खुशहाली के लिए हर कदम पर अपनी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित है।
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-मुख्यमंत्री श्री साय और श्री शुक्ला ने बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का किया सफल प्रक्षेपण
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ आज नवा रायपुर के राखी में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर के बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का बटन दबाकर प्रक्षेपण किया। आईडीवायएम के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह देश के किसी सरकारी स्कूल में स्थापित पहला अंतरिक्ष केन्द्र है। साथ ही यहां बच्चों द्वारा कार्डबोर्ड एवं पीवीसी पाइप के इस्तेमाल से रॉकेट बनाया गया है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन रायपुर की पहल पर शुरू किए गए प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत शासकीय उ.मा. विद्यालय राखी, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ में पहले अंतरिक्ष केन्द्र का मुख्यमंत्री श्री साय और वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने आज इसका शुभारंभ कर इसका अवलोकन किया। यह अंतरिक्ष केन्द्र जिला प्रशासन रायपुर, आईडीवायएम तथा सारडा ग्रुप में संयुक्त तत्वाधान में तैयार किया गया है। इस अंतरिक्ष केंद्र में स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, स्टूडेंट सैटेलाइट लेबोरेटरी, ग्राउंड स्टेशन एवं मिशन कंट्रोल सेंटर की सुविधा उपलब्ध है। यहां विद्यार्थी स्वयं उपग्रह का डिज़ाइन, असेम्बली, परीक्षण तथा सिग्नल व डेटा डिकोडिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इस मौके पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप, आइडीवायएम के अध्यक्ष व सह-संस्थापक श्री रत्नेश मिश्रा एवं हेड ऑफिसर शिव सिंग भदोरिया उपस्थित थे।
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-यह मेरे अकेले की नहीं पूरे भारतवासियों की अंतरिक्ष यात्रा, हर बच्चें का अंतरिक्ष यात्रा का सपना होगा पूरा: ग्रुप कैप्टन शुभांशु
-मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ-मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को मिलेगा विस्तार-प्रदेश के सभी जिलों में खुलेंगे अंतरिक्ष संगवारी केंद्ररायपुर 6/ अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है। -
-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सजी 16 टीमें ले रही हिस्सा
-छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3-8 फरवरी तक रायपुर में आयोजन-मुख्यमंत्री श्री साय ने तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा, कांटे के मुकाबले वाले मैच के समाप्त होने के बाद ही इंडोर स्टेडियम से निकलेरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक श्री सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। श्री साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है।छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव श्री रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष श्री रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव श्री हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, श्री राहुल कौशिक और श्री विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सारायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं। - -मेरी यात्रा पूरे देश की अंतरिक्ष यात्रा: श्री शुक्ला-छत्तीसगढ़ का भविष्य नई प्रेरक ऊर्जा से भरा हुआ, बच्चों के भीतर अपार प्रतिभा, जिज्ञासा और सीखने की तीव्र इच्छा: श्री शुक्ला-श्री शुक्ला ने छात्रा के हिचकिचाने पर किया सहज-रायपुर / जिला प्रशासन रायपुर के प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी के तहत ग्राम राखी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने स्कूली बच्चों के जिज्ञासापूर्ण और रोचक प्रश्नों का सहजता से उत्तर दिया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत राम-राम छत्तीसगढ़ से की और कहा कि छत्तीसगढ़ का भविष्य नई प्रेरक ऊर्जा से भरा हुआ है। उन्होंने स्मरण करते हुए बताया कि 5 सितंबर 2025 को उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से छत्तीसगढ़ के बच्चों से संवाद किया था। उस दौरान एक बच्चे द्वारा प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए होमवर्क से जुड़ा प्रश्न यह दर्शाता है कि बच्चों के भीतर अपार प्रतिभा, जिज्ञासा और सीखने की तीव्र इच्छा है।संवाद के दौरान कक्षा नवमीं की छात्रा किरण भास्कर ने चंद्रमा पर कदम रखने वाली भारत की प्रथम नागरिक बनने के अपने सपने को साझा किया। इस पर श्री शुक्ला ने छात्रा के सपने की सराहना करते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करना और सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अनुशासन और निरंतर प्रयास से किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है।कॉमर्स संकाय की छात्रा काजल साहू ने पूछा कि बड़े सपने देखना क्यों जरूरी है? आपकी जर्नी में मेहनत या किस्मत और भगवान का आशीर्वाद किसका ज्यादा योगदान है? जिस पर श्री शुक्ला ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं, किस्मत बनाने के लिए मेहनत बहुत जरूरी है। आपको ज़िन्दगी मौका देती है, बस उसी मौके को अपनी सफलता में बदलने के लिए मेहनत जरूरी है। सुश्री काजल पहले प्रश्न पूछने में थोड़ा हिचकिचा रही थी श्री शुभांशु शुक्ला ने काजल से लंबी संास लेकर रिलेक्स होकर सवाल पुछने कहा साथ ही साथ ही काजल ने अपने लिखे प्रश्न को पूछने का प्रयास किया तो श्री शुक्ला ने कहा कि आप अपने मन से इच्छुक सवाल पूंछे जिससे उनके बीच बहुत सुंदर संवाद देखने को मिला।मैकेनिकल इंजीनियर प्रीति मंडल द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़े मानसिक तैयारी के प्रश्न पर श्री शुक्ला ने कहा कि निरंतरता बनाए रखना, मानसिक रूप से मजबूत रहना और विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। वहीं एस्ट्रोनॉट बनने के पहले कदम के सवाल पर उन्होंने अनुशासन को सबसे महत्वपूर्ण बताया। अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका झुकाव खेलों की ओर अधिक था, लेकिन पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाकर चलना जरूरी है।श्री शुभांशु शुक्ला ने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि पृथ्वी अत्यंत सुंदर है और टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं। श्री शुक्ला से बात करते समय बच्चों ने सवालों की लड़ी लगा दी। इस पर श्री शुक्ला ने फिर से उनसे सवाल लिए। इसके बाद अंत में उन्होेंने बच्चों के बीच जाकर उनसे मुलाकात की।अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने 320 परिक्रमा में लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की और प्रतीकात्मक रूप से हर भारतवासी के हिस्से का 100 मीटर सफर पूरा किया। उन्होंने कहा कि इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज भारत का बच्चा एस्ट्रोनॉट बनने का सपना देखने लगा है।उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि छोटे से गांव या साधारण स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी एस्ट्रोनॉट बन सकता है। जैसे वे बने, वैसे ही अन्य बच्चे भी बन सकते हैं। आवश्यकता है अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने, मेहनत करने और कभी हार न मानने की।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी की संकल्पना आज साकार होती दिखाई दे रही है। आज हम सभी ऐतिहासिक प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी के साक्षी बनने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह योजना एक पहल नहीं है, एक आंदोलन है। आज का दिन सपनों को आकाश की सीमाओं से आगे अंतरिक्ष तक ले जाने की शुरुआत का दिन है। यह अभियान जिले सहित प्रदेश़ के युवाओं के हौसलों को दिशा और संकल्प प्रदान करेगा। राज्य का यह अंतरिक्ष केंद्र हजारों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का मजबूत आधार बनेगा। अब अंतरिक्ष केवल कॉपियों और किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह वास्तविक रूप में विद्यार्थियों के सामने उपस्थित है। श्री सिंह ने बताया कि विशेष अंतरिक्ष अभियान के अंतर्गत रायपुर जिले के 300 से अधिक स्कूलों में विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की जा चुकी है।इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, आइडीवायएम के अध्यक्ष व सह-संस्थापक श्री रत्नेश मिश्रा एवं हेड ऑफिसर शिव सिंग भदोरिया उपस्थित थे।


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