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श्रीनगर. दशकों तक कश्मीर की हसीन वादियां बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों की पृष्ठभूमि बनती रहीं और अब पहली बार, सोमवार को यहां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिये कश्मीर की वादियां दुनिया भर के फिल्मकारों और सिनेमा प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचेंगी। 'रंग-ए-सिनेमा' विषय पर आधारित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जम्मू कश्मीर फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेएंडके) सोमवार से शुरू होगा, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महोत्सव मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा शीतकालीन राजधानी जम्मू, प्रसिद्ध स्की रिजॉर्ट गुलमर्ग और शहर का इकलौता मल्टीप्लेक्स 'आइनॉक्स' भी इस ऐतिहासिक आयोजन के गवाह बनेंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें इसमें स्थानीय सिनेमा की दमदार प्रस्तुतियों के साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों से चुनी गई फिल्मों को भी जगह दी गई है। इस आयोजन का सबसे भावुक और आकर्षक पहलू 'फ्लोटिंग सिनेमा' (पानी पर तैरता सिनेमाघर) है। डल झील में तैरते शिकारे पर बैठे दर्शक जब पानी की सतह पर बनी स्क्रीन पर फिल्में देखेंगे, तो यह दृश्य कला और प्रकृति के एक अनदेखे संगम जैसा होगा। जम्मू कश्मीर की सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक श्रेया सिंघल ने कहा कि यह पहल 'फिल्म स्क्रीनिंग' के लिए एक अनूठा माहौल प्रदान करेगी और भारत तथा विदेशों से आने वाले फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और प्रतिनिधियों के समक्ष जम्मू कश्मीर की सांस्कृति और प्राकृतिक छटा को प्रदर्शित करेगी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य जम्मू कश्मीर की सिनेमाई विरासत को पुनर्जीवित करना और इसे फिल्म निर्माण तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र के रूप में उभारना है। इस महोत्सव में 40 से अधिक देशों की 135 फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी। महोत्सव के लिए 92 देशों से करीब 1,100 फिल्म प्राप्त हुई थीं, जिनमें से पूर्वावलोकन समिति ने प्रदर्शन के लिए 135 फिल्म का चयन किया है। सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक ने एक बयान में कहा, ''उद्घाटन संस्करण में 41 देशों की 135 फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दुनिया भर की विविध सिनेमाई परंपराओं, कहानी कहने के प्रारूपों और रचनात्मक आवाज को एक मंच पर लाएगा।'' उन्होंने बताया कि देशवार भागीदारी में भारत 64 फिल्म के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद फ्रांस की 13 और ईरान की आठ फिल्म हैं। अर्जेंटीना और स्पेन से चार-चार फिल्म, जबकि ब्राजील, जर्मनी, रूस और अमेरिका से तीन-तीन फिल्म शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण कोरिया, स्वीडन, ताइवान, कतर, कोलंबिया और तुर्किये सहित अन्य देशों की चयनित फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और प्रथम फिल्म के सर्वश्रेष्ठ निर्देशक व अन्य कई श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसके लिए अलग-अलग धन पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी। विजेताओं का चयन पांच सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय निर्णयक मंडल करेगा, जिसकी अध्यक्षता जाने-माने सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक संतोष सिवन कर रहे हैं। निर्णायक मंडल में ऑस्कर और बाफ्टा विजेता साउंड डिजाइनर रसूल पुकुट्टी, जर्मन फिल्म क्यूरेटर डोरोथी वेनर, मीडिया उद्यमी कीको बैंग और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता हिमांशु शेखर खटुआ शामिल हैं।
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मुंबई. दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का रिकॉर्ड किया गया आखिरी फिल्मी गीत आठ सितंबर को उनकी जयंती के अवसर पर फिल्म 'ओम का हरी' के तहत रिलीज किया जाएगा। निर्माताओं ने बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा की। "ऐ मेरी ज़िंदगी, तू छुपी है कहां" शीर्षक वाला यह गीत 2023 के अंत में रिकॉर्ड किया था और उस समय भोंसले 90 की उम्र पार कर चुकी थीं। यह गीत फिल्मकार हरीश व्यास की पिता-पुत्र के रिश्ते पर आधारित फिल्म में शामिल होगा, जिसमें अंशुमान झा, रघुबीर यादव, सोनी राजदान और आयशा कपूर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। व्यास ने एक बयान में कहा, "उनके जन्मदिन पर इस गीत को रिलीज करने का उद्देश्य आशा जी की सदाबहार आवाज़, उनकी विराट विरासत और उन पीढ़ियों के श्रोताओं को सम्मान देने का प्रयास है, जिनके जीवन को उनके संगीत ने छुआ है।" फिल्म में अभिनय करने वाले और इसकी कहानी से भी जुड़े अंशुमान झा के लिए आशा भोसले की आवाज़ इस कथानक में एक बेहद निजी आयाम जोड़ती है।
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नयी दिल्ली. अभिनेता राणा दग्गुबाती की कंपनी 'स्पिरिट मीडिया' अरविंद अडिगा के चर्चित उपन्यास 'लास्ट मैन इन टावर' पर आधारित फिल्म 11 सितंबर को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज करेगी। बेन रेखी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मनोज वाजपेयी, बोमन ईरानी और दिव्या दत्ता मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की पटकथा 'सलाम बॉम्बे!', 'मिसिसिपी मसाला' और 'द नेमसेक' जैसी फिल्मों में मीरा नायर के साथ काम कर चुकीं सोनी तारापोरवाला ने लिखी है। फिल्म की कहानी सेवानिवृत्त शिक्षक मास्टरजी (वाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो उस समय अकेले पड़ जाते हैं जब उनके समुदाय के लोग ऐसे फैसले लेने लगते हैं जो उनकी मान्यताओं को चुनौती देते हैं। आसपास के लोगों के सामने बेहतर जीवन की संभावना उभरने के बीच अपने सिद्धांतों पर कायम रहने का उनका फैसला रिश्तों और वफादारी में तनाव पैदा करता है। दिव्या दत्ता ने मिसेज पुरी की भूमिका निभाई है, जिनकी उम्मीदें और फैसले मास्टरजी के विचारों से टकराते हैं। बोमन ईरानी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म समुदाय, परिवार, समझौते और जीवन बदलने वाले अवसर मिलने पर लोगों द्वारा लिए जाने वाले फैसलों की पड़ताल करती है। रेखी ने कहा कि फिल्म को पर्दे पर उतारना उनके लिए संतोषजनक अनुभव रहा और खासतौर पर पहली बार मनोज वाजपेयी और बोमन ईरानी को एक साथ काम करते देखना बेहद खास रहा। दग्गुबाती ने कहा कि फिल्म की कहानी उन्हें इसलिए आकर्षित करती है क्योंकि यह लोगों के एक खास समूह की जिंदगी के जरिए ऐसे सार्वभौमिक सवाल उठाती है जिनसे हर कोई जुड़ सकता है। फिल्म के संवाद 'पीकू' और 'अक्टूबर' जैसी फिल्मों की लेखिका जूही चतुर्वेदी ने लिखे हैं, जबकि संगीत गोविंद वसंता ने दिया है। फिल्म का निर्माण दग्गुबाती के अलावा रेखी, गुनीत डोगरा और प्रतीक्षा राव ने किया है।
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80 वर्ष की उम्र में निधन
नैशविले (अमेरिका) अमेरिका की मशहूर गायिका डॉली पार्टन का 80 वर्ष की आयु में नैशविल में निधन हो गया। अपनी दमदार आवाज, भावपूर्ण गीतों और चमकदार परिधानों के लिए प्रसिद्ध पार्टन ने टेनेसी के पहाड़ी क्षेत्र में एक साधारण पृष्ठभूमि वाले परिवार से होने के बावजूद संगीत की दुनिया में बड़ी पहचान बनाई। उनकी प्रचार प्रतिनिधि मार्सेल पैरिसो ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ''कैंसर से थोड़े समय तक जूझने के बाद डॉली ने अपने प्रियजनों की मौजूदगी में वेंडरबिल्ट-इंग्राम कैंसर सेंटर में अंतिम सांस ली।'' डॉली पार्टन ने ''जोलीन'', ''कोट ऑफ मैनी कलर्स'' और ''आई विल ऑलवेज लव यू'' जैसे सैकड़ों लोकप्रिय गीत लिखे। उनके गीतों की दुनियाभर में 10 करोड़ से अधिक बार बिक्री दर्ज की गयीं और उन्हें ऑनलाइन एक अरब से ज्यादा बार सुना गया। बारह भाई-बहनों में पली-बढ़ी पार्टन ने अपने परिवार के बेहद गरीबी भरे दिनों को कभी नहीं भुलाया। उनके पिता पढ़ाई छोड़कर खेती करने लगे थे। इसी अनुभव ने उन्हें बच्चों को मुफ्त किताबें उपलब्ध कराने के लिए 'इमैजिनेशन लाइब्रेरी' की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 10 साल की उम्र में स्थानीय टीवी कार्यक्रमों में गाना शुरू कर दिया था और 13 साल की उम्र में नैशविल के ग्रैंड ओले ओप्री में प्रस्तुति दी। उन्होंने 1960 के दशक में पोर्टर वैगनर के साथ काम किया, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। बाद में ''जोलीन'' और ''आई विल ऑलवेज लव यू'' जैसी सफलताओं ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्टार बना दिया। पार्टन ने 1960 के दशक के मध्य में डामर की सड़क बनाने का ठेका लेने वाले कारोबारी कार्ल डीन से शादी की थी। दोनों 2025 में डीन की 82 वर्ष की उम्र में मृत्यु होने तक साथ रहे। डीन को सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा जाता था, लेकिन डॉली पार्टन के करियर पर उनका प्रभाव था। पार्टन ने 'एनपीआर' को बताया था कि उन्होंने अपना मशहूर गीत 'जोलीन' एक ऐसी बैंक कर्मचारी के बारे में लिखा था, जो उनके पति कार्ल डीन में खास दिलचस्पी लेती दिखाई दी थी। पार्टन ने फिल्मों में भी सफलता हासिल की और '9 टू 5', 'द बेस्ट लिटिल वोरहाउस इन टेक्सास' तथा 'स्टील मैग्नोलियास' में अभिनय किया। वह एक सफल कारोबारी और परोपकारी भी थीं। - लॉस एंजिलिस । हॉलीवुड अभिनेता टॉम हिडलस्टन और विलेम डफो अभिनीत तथा फिल्म निर्माता जेनिफर पीडम की एवरेस्ट पर आधारित ड्रामा फिल्म 'तेनजिंग' के साथ 24 सितंबर को 22वें ज्यूरिख फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत होगी। अमेरिका की मनोरंजन पत्रिका 'वेराइटी' की रिपोर्ट के अनुसार, 'एप्पल ओरिजिनल फिल्म्स' द्वारा निर्मित इस फिल्म के यूरोप में पहली बार प्रदर्शित किए जाने के मौके पर हिडलस्टन, डफो और पीडम ज्यूरिख में ग्रीन कार्पेट पर नजर आएंगे। यह फिल्म माउंट एवरेस्ट की पहली सफल चढ़ाई की कहानी बयां करती है। ज्यूरिख फिल्म महोत्सव के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) क्रिश्चियन जुंगेन ने कहा कि इस साल महोत्सव का मूल विचार (थीम) 'सपने बड़े देखो' है और हमारी शुरुआती फिल्म 'तेनजिंग' इसमें पूरी तरह फिट बैठती है, क्योंकि यह दिखाती है कि बड़ा सपना देखने पर इंसान अपनी सीमाओं से आगे कैसे निकल सकता है। फिल्म 'तेनजिंग' नौ अक्टूबर को कुछ चुनिंदा सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी और इसके बाद 16 अक्टूबर को ओटीटी मंच 'एप्पल टीवी' पर प्रदर्शित की जाएगी।
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मुंबई. अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक आभूषण ब्रांड के लिए अदाकारा कृति सैनन के नए विज्ञापन पर तंज कसते हुए मंगलवार को कहा कि यह विज्ञापन ''जानबूझकर असहज करने वाला'' लगता है, वहीं कुछ लोगों ने इस विज्ञापन को भद्दा बताया। वहीं कुछ लोगों ने अभिनेत्री के पहनावे का समर्थन भी किया।
रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ''महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी हैं। आज की महिला वैश्विक महिला है-कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक।'' रनौत ने कहा, ''आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं, फिर आप अपनी बिकिनी/अंतर्वस्त्र में अपने भाई को राखी क्यों बांधोगी? आपके पास स्टाइल के सारे विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर असहज करने वाला लगता है।'' कृति ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी हैं।
इस विज्ञापन में सैनन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हुई दिख रही हैं, जबकि उनका पालतू कुत्ता उन्हें देख रहा है। इसके बाद वह कुत्ते के पैर पर भी एक राखी बांधती हैं। इस वीडियो को लेकर विवाद शुरू हो गया। कई लोगों ने पारंपरिक त्योहार के दौरान उनके कपड़ों के चुनाव को लेकर आलोचना की और कुछ लोगों ने कुत्ते को राखी बांधने पर भी आपत्ति जताई। एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा, ''कृति सैनन ब्रा जैसा परिधान पहनकर राखी बांध रही हैं। पहले नग्नता इतनी आम नहीं थी।'' एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, ''रचनात्मक स्वतंत्रता अच्छी बात है, लेकिन इससे परंपरा का मूल भाव नहीं बदलना चाहिए।'' शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत समेत कई लोगों ने अभिनेत्री का बचाव भी किया।
सैनन पर रनौत की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "आप उस महिला सांसद को इतनी गंभीरता से क्यों लेते हैं? मत लीजिए।" उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "उन्हें इतना महत्व मत दीजिए। वे 'अंध भक्त' हैं। वह एक कदम आगे हैं, उनके पास दिमाग नहीं है। इतने सारे मुद्दे हैं, लेकिन... आप उनसे यह क्यों नहीं पूछते कि चाय महंगी क्यों हो रही है... हमारा गन्ना कहां गया, वह इथेनॉल बनाने में चला गया।" कई लोगों ने अभिनेत्री का बचाव भी किया। एक उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''भारतीय पुरुष रक्षाबंधन के विज्ञापन में कृति सैनन के आधुनिक कपड़े पहनने से परेशान हो रहे हैं। काश, वे उन महिलाओं के लिए भी ऐसा ही आक्रोश दिखाते जो सामान्य कपड़े पहनने के बावजूद रोजाना भारतीय पुरुषों के हाथों बलात्कार का शिकार होती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिलता। -
मुंबई. भारतीय फिल्म महोत्सव मेलबर्न (आईएफएफएम) के 17वें संस्करण का आगाज बृहस्पतिवार को मेलबर्न में हुआ। इस मौके पर ऋषभ शेट्टी, दुलकर सलमान और विजय वर्मा समेत भारतीय फिल्म जगत के कई अन्य कलाकार और फिल्म निर्माता मौजूद रहे। भारत के बाहर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े उत्सव के रूप में चर्चित यह महोत्सव इस साल 13 से 23 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के उद्घाटन समारोह में अभिनेत्री मानुषी छिल्लर, गायिका निकिता गांधी और चर्चित फिल्म निर्माता निखिल आडवाणी तथा आर एस प्रसन्ना भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम ने भारतीय कहानी कहने की विविधता, विस्तार और वैश्विक प्रभाव का जश्न मनाने वाले महोत्सव की शुरुआत का माहौल तैयार किया। कन्नड़ भाषा की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'कांतारा' से दुनियाभर में प्रसिद्धि पाने वाले शेट्टी ने भारतीय सिनेमा को मिल रही बढ़ती वैश्विक पहचान और दुनिया भर के दर्शकों तक भारतीय कहानियों तथा क्षेत्रीय आवाजों को पहुंचाने में आईएफएफएम जैसे मंचों के महत्व पर चर्चा की। भारतीय फिल्म महोत्सव मेलबर्न के 17वें संस्करण ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा का जश्न मनाने की अपनी परंपरा को जारी रखा। उद्घाटन प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ऐसे संस्करण की शुरुआत हुई, जो भारतीय कहानी कहने की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ सिनेमा, संस्कृति और प्रतिनिधित्व से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक संवाद के लिए एक मंच भी उपलब्ध कराएगा। आईएफएफएम में अभिनेत्री रेखा को 'एक्सीलेंस इन सिनेमा अवॉर्ड' से सम्मानित किया जाएगा। महोत्सव में अभिनेत्री के बेजोड़ फिल्मी सफर और भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण योगदान का जश्न मनाने के लिए उनकी 1981 की चर्चित फिल्म 'उमराव जान' का प्रदर्शन भी किया जाएगा। मुजफ्फर अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'उमराव जान' रेखा के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है और इस साल इसकी रिलीज के 45 वर्ष पूरे हुए हैं।
- - नयी दिल्ली. टॉम हॉलैंड और जेंडाया अभिनीत फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है। डेस्टिन डैनियल क्रेटन के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारत में 30 जुलाई को रिलीज हुई थी।हॉलैंड ने फिल्म में स्पाइडर-मैन की भूमिका दोबारा निभाई है, जबकि जेंडाया मिशेल जोन्स-वॉटसन, जैकब बैटलन नेड लीड्स, क्रोंडन टॉम्बस्टोन और सैडी सिंक शॉन ग्रे की भूमिका में हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 504 करोड़ रुपये की कमाई की है और भारत में सबसे अधिक कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है। 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' को पीछे छोड़ दिया है।इसी साल जुलाई में ही रिलीज हुई 'द ओडिसी' ने बॉक्स ऑफिस पर 201 करोड़ रुपये की कमाई की है।'ब्रांड न्यू डे' मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (एमसीयू) की 38वीं फिल्म है।इसका निर्माण केविन फाइगी और एमी पास्कल ने किया है।फिल्म की अन्य प्रमुख भूमिकाओं में मार्क रफैलो ब्रूस उर्फ द हल्क, जॉन बर्नथल द पनिशर और माइकल मैंडो स्कॉर्पियन के किरदार में नजर आए हैं।
- नयी दिल्ली. अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने उस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने आमिर खान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री 'क्लिकबेट' के अलावा और कुछ नहीं है। 'क्लिकबेट' एक ऐसा भ्रामक या सनसनीखेज शीर्षक होता है जो व्यक्ति का ध्यान खींचने के लिए बनाया जाता है। इंटरनेट पर साझा किए गए इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलती दिख रही हैं और फोटोग्राफरों से रास्ता पूछते हुए कह रही हैं, "कहां जाना है?" इसके बाद वह आमिर खान को देखे बिना उनके पास से गुजर जाती हैं। वीडियो का शीर्षक था, "प्रीति जिंटा ने आमिर खान को नजरअंदाज कर दिया।" अभिनेत्री ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने आमिर को देखा ही नहीं था।उन्होंने लिखा, "इस तरह की 'क्लिकबेट' सामग्री बिल्कुल सही नहीं है। मैंने आमिर को नहीं देखा क्योंकि मैं अंदर शूट करने की जल्दबाजी में थी और फिर 'बंटवारा 1947' के प्रचार के लिए भी मुझे जाना था। अगर आपका इरादा किसी भी तरह की नकारात्मकता को बढ़ावा देना है, तो अगली बार मुझसे यह उम्मीद न रखें कि मैं रुककर तस्वीरें खिंचवाऊंगी। मेरे मन में आमिर के लिए बहुत प्यार और सम्मान है, इसलिए इस तरह की बात करना बिल्कुल उचित नहीं है।" प्रीति जल्द ही फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आने वाली हैं। राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण खान के प्रोडक्शन बैनर 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के तहत किया गया है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
- नयी दिल्ली। अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि वह फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और इसमें हुमा, यश के साथ एलिजाबेथ की भूमिका में नजर आयेंगी। कुरैशी ने कहा कि उनसे फिल्म को लेकर लगातार कई सवाल पूछे जा रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, "मैं जहां भी जाती हूं और पिछले एक साल में मीडिया और प्रेस के जितने भी लोगों से मिली हूं, हर कोई मुझसे हर समय सिर्फ एक ही बात पूछता है और वह है 'टॉक्सिक'। मैं कुछ कहूं या न कहूं, मुझे लगता है कि आप लोग बस इसे वायरल कर देते हैं। यही इस फिल्म की ताकत है।" फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया समेत कई अन्य कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म की कहानी 1940 के दशक की शुरुआत से लेकर 1970 के दशक के बीच गोवा में घटित होती है। इसमें 'केजीएफ' के अभिनेता यश, गैंगस्टर राया की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस ने किया है। इसकी शूटिंग कन्नड़ और अंग्रेजी में की गई है और इसे हिंदी, तमिल तथा तेलुगु में अनूदित संस्करण भी रिलीज किए जाएंगे।
- नयी दिल्ली। अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने उस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने आमिर खान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री 'क्लिकबेट' के अलावा और कुछ नहीं है। 'क्लिकबेट' एक ऐसा भ्रामक या सनसनीखेज शीर्षक होता है जो व्यक्ति का ध्यान खींचने के लिए बनाया जाता है। इंटरनेट पर साझा किए गए इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलती दिख रही हैं और फोटोग्राफरों से रास्ता पूछते हुए कह रही हैं, "कहां जाना है?" इसके बाद वह आमिर खान को देखे बिना उनके पास से गुजर जाती हैं। वीडियो का शीर्षक था, "प्रीति जिंटा ने आमिर खान को नजरअंदाज कर दिया।" अभिनेत्री ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने आमिर को देखा ही नहीं था। उन्होंने लिखा, "इस तरह की 'क्लिकबेट' सामग्री बिल्कुल सही नहीं है। मैंने आमिर को नहीं देखा क्योंकि मैं अंदर शूट करने की जल्दबाजी में थी और फिर 'बंटवारा 1947' के प्रचार के लिए भी मुझे जाना था। अगर आपका इरादा किसी भी तरह की नकारात्मकता को बढ़ावा देना है, तो अगली बार मुझसे यह उम्मीद न रखें कि मैं रुककर तस्वीरें खिंचवाऊंगी। मेरे मन में आमिर के लिए बहुत प्यार और सम्मान है, इसलिए इस तरह की बात करना बिल्कुल उचित नहीं है।" प्रीति जल्द ही फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आने वाली हैं। राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण खान के प्रोडक्शन बैनर 'आमिर खान प्रोडक्शंस' के तहत किया गया है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
- नयी दिल्ली. दिग्गज अभिनेता दिवंगत धर्मेंद्र को समर्पित भव्य संगीत कार्यक्रम 'प्यार ही प्यार बेशुमार' 21 अगस्त को मुंबई में आयोजित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्यक्रम मुंबई के बांद्रा पश्चिम स्थित सेंट एंड्रयूज ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, इसमें अभिनेता की अविस्मरणीय सिनेमाई विरासत को याद किया जाएगा। इस कार्यक्रम की परिकल्पना और आयोजन 'बिगटाइम एंटरटेनमेंट' के संस्थापक पंकज रैना ने किया है। रैना निर्माता और अभिनेता भी हैं। कार्यक्रम का शीर्षक 'प्यार ही प्यार बेशुमार' धर्मेंद्र के प्रति कई पीढ़ियों के दर्शकों के अपार स्नेह को दर्शाता है। धर्मेंद्र का आयु संबंधी समस्याओं के कारण 24 नवंबर, 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
- लखनऊ। मशहूर सिने अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उनकी जल्द आने वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' दर्शकों को यह एहसास कराएगी कि इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बंटवारे की मानवीय भावनाओं को महसूस करने के लिए इसे जरूर देखें। सनी देओल अपने बेटे करण देओल और अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ शुक्रवार को लखनऊ में अपनी फिल्म का प्रमोशन करने पहुंचे थे। यह फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होने वाली है। आमिर खान प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित यह फिल्म हिंदी के मशहूर साहित्यकार प्रोफेसर असगर वजाहत के नाटक 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' पर आधारित है। 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' मतलब है 'जिसने लाहौर नहीं देखा, उसने मानो जन्म ही नहीं लिया यानी उसने कुछ नहीं देखा'। यह साफ करते हुए कि यह फिल्म उनकी 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' से अलग है, जो भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी थी।देओल ने कहा कि पिछली फिल्म मुख्य रूप से एक प्रेम कहानी थी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान देओल ने कहा, '' फिल्म 'गदर' बंटवारे के समय की एक खूबसूरत प्रेम कहानी थी, लेकिन वह पूरी तरह से एक प्रेम कहानी थी। 'बंटवारा 1947' उपन्यास 'जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई' पर आधारित है, जिसे राजकुमार संतोषी ने फिल्म के लिए रूपांतरित किया है।'' उन्होंने कहा, "अगर आपको ट्रेलर पसंद आया, तो मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि आपको फिल्म भी पसंद आएगी।" संतोषी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए देओल ने कहा कि उनका साथ "घायल" से शुरू हुआ और "दामिनी" और "घातक" तक जारी रहा। ये सभी 1990 के दशक की सफल फ़िल्में थीं। उन्होंने कहा, "राजकुमार संतोषी और मैंने साथ में बहुत अच्छा काम किया है। हमारा सफ़र 'घायल' से शुरू हुआ, जिसके बाद 'दामिनी' और फिर 'घातक' बनी। इन्हीं तीन फिल्मों की वजह से हम आज भी साथ हैं और इसलिए हम चौथी फिल्म साथ कर पा रहे हैं।'' देओल ने कहा कि उनकी पिछली सभी फिल्मों में अलग-अलग किरदार और कहानियां थीं, और 'बंटवारा 1947' भी इसी तरह की एक अलग कहानी है। उन्होंने कहा, ''यह एक ऐसी फिल्म है जिसे सभी बच्चों और आज के युवाओं को देखना चाहिए। उन्हें पता चलेगा कि बंटवारे के दौरान परिवारों के साथ क्या हुआ था, उस समय जब लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है। इस फिल्म को देखने के बाद, आपको यकीन हो जाएगा कि इस दुनिया में इंसानियत से बढ़कर कुछ भी नहीं है।''आठ साल के अंतराल के बाद फिल्मों में वापसी कर रहीं प्रीति जिंटा ने कहा कि 'बंटवारा 1947' उनकी 2004 की सफल फिल्म 'वीर-जारा' से अलग है, भले ही दोनों में भारत-पाकिस्तान का विषय शामिल है। उन्होंने कहा, ''वह फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित थी और यह एक पारिवारिक फिल्म है, जो एक परिवार की कहानी पर आधारित है।'' जिंटा ने कहा कि फिल्मों में वापसी करना एक "बहुत सुखद अनुभव" रहा, खासकर इसलिए क्योंकि वह फिर से देओल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि फिल्म पर काम करते हुए उन्हें "घर जैसा" महसूस हुआ और बीच के सालों में उन्होंने अपनी जिंदगी के दूसरे पहलुओं पर ध्यान दिया, जिसमें उनकी 'स्पोर्ट्स वेंचर्स' भी शामिल थे। करण देओल ने कहा कि अपने पिता के साथ स्क्रीन साझा करना एक सपना सच होने जैसा था। जब उनसे पूछा गया कि क्या सनी देओल ने फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें कोई खास टिप्स दिए, तो करण ने कहा कि सिर्फ संतोषी जी ने ही जरूरी निर्देश दिए। वर्ष 2019 में अपने पिता के निर्देशन में बनी फिल्म 'पल पल दिल के पास' से डेब्यू करने वाले करण ने कहा कि असल जिंदगी के पिता के साथ एक भावनात्मक कहानी में काम करने से कई दृश्य मौलिक और सहज लगे। उन्होंने इस अनुभव को "अविश्वसनीय" बताया। शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह की अहम भूमिकाओं वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' सिनेमाघरों में 14 अगस्त को प्रदर्शित होने वाली है।
- नयी दिल्ली ।" 'बालिका वधू' की अभिनेत्री अविका गौर को डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अविका के पति मिलिंद चंदवानी ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि अविका तेज बुखार के बावजूद कई दिनों से शूटिंग कर रही थीं। उन्होंने अभिनेत्री के काम के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्हें वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है, "अविका कल रात से अस्पताल में हैं। उन्हें पिछले पांच दिनों से 103-104 डिग्री बुखार है। और पता है उसने उन पांच दिनों में क्या किया? वह सबसे पहले एक ऐसे प्रोजेक्ट पर गई जिसकी दो दिन की शूटिंग अभी बाकी थी। 104 डिग्री बुखार होने के बावजूद उन्होंने इतना अच्छा काम किया कि वे सिर्फ एक दिन में ही शूटिंग का काम पूरा कर लिया।" उन्होंने कहा, "फिर वह वापस आईं और उन्हें दो दिन की छुट्टी मिली। उन्होंने पूरा दिन बिस्तर पर दवाइयां लेते हुए बिताया; वह हिल भी नहीं पा रही थीं और ठीक से खाना भी नहीं खा पा रही थीं। लेकिन उन्होंने वादा किया था, इसलिए उसी बुखार में दिल्ली गईं और एक ऐड की शूटिंग की। उससे पहले उन्होंने अपना टेस्ट भी करवाया था। जब वह मुंबई लौटीं, तो हमने रिपोर्ट देखी और उसमें डेंगू का पता चला। मैंने उनसे कई बार कहा कि निर्माता समझ जाएंगे और हम इसे आगे टाल सकते हैं।"
- लॉस एंजिलिस। फिल्मकार क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने दुनियाभर में बॉक्स ऑफिस पर एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई कर ली है। फिल्म में मैट डेमन ने ओडिसियस, टॉम हॉलैंड ने टेलीमेकस, जेंडाया ने एथेना, रॉबर्ट पैटिनसन ने एंटिनस, लुपिता न्योंगो ने हेलन ऑफ ट्रॉय एवं क्लाइटेमनेस्ट्रा, ऐन हैथवे ने पेनेलोप और चार्लीज थेरॉन ने कैलिप्सो सहित कई अन्य लोगों ने अहम किरदार निभाए हैं। यह फिल्म 17 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। मनोरंजन समाचार वेबसाइट 'डेडलाइन' के अनुसार, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 42.97 करोड़ अमेरिकी डॉलर और विदेशों में 57.03 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। 'द ओडिसी' की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस (मैट डेमन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 'ट्रॉजन वॉर' के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल की बेहद खतरनाक यात्रा पर निकलता है। ओडिसियस इस दौरान प्रतिशोध लेने पर आमादा देवताओं, समुद्री राक्षसों और मायावी स्त्रियों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी पत्नी पेनेलोप (ऐन हैथवे) और बेटे टेलीमेकस (टॉम हॉलैंड) से दोबारा मिलने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म का निर्माण 'सिंकोपी इंक' के बैनर तले किया गया है।
- लास एंजिलिस. "स्पाइडर-मैन: ब्रैंड न्यू डे" के अभिनेता जैकब बैटालॉन ने इंटीरियर डिजाइनर वेरोनिका लियाहोव से शादी कर ली है। मनोरंजन पत्रिका पीपल की खबर के अनुसार, हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान बैटालॉन ने परोक्ष रूप से अपनी शादी का जिक्र करते हुए कहा था, "मेरी पत्नी मुझे 'बिग डॉग' कहकर बुलाती है। नहीं, वह ऐसा नहीं करती, काश, वह ऐसा करती।" खबर के मुताबिक, वेरोनिका ने भी अपनी वेबसाइट पर अपना नाम बदलकर वेरोनिका लियाहोव बैटालॉन कर लिया है।बैटालॉन और वेरोनिका 2019 से साथ हैं और उन्होंने 2025 में सगाई की थी। दोनों ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरों की एक श्रृंखला साझा करते हुए सगाई की घोषणा की थी। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, "हमारी नयी जिंदगी की शुरुआत।" बैटालॉन की नयी फिल्म "स्पाइडर-मैन: ब्रैंड न्यू डे" बृहस्पतिवार को रिलीज हुई। फिल्म ने भारत में बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
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नयी दिल्ली. अभिनेता टाइगर श्रॉफ कोरियोग्राफर से फिल्मकार बने रेमो डिसूजा के निर्देशन में बनने वाली नयी एक्शन फिल्म में नजर आएंगे। इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, फिल्म में अभिनेता अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह निर्माता विक्की जैन के प्रोडक्शन हाउस वीजे फ्रेम्स की पहली फिल्म होगी। यह टाइगर श्रॉफ और रेमो डिसूजा की दूसरी फिल्म होगी। इससे पहले दोनों ने वर्ष 2016 में रिलीज हुई फिल्म 'अ फ्लाइंग जट्ट' में साथ काम किया था। डिसूजा ने एक बयान में कहा, ''मैं वीजे फ्रेम्स की पहली फिल्म का निर्देशन करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। विक्की जैन सिनेमा के प्रति अपने जुनून के साथ इस परियोजना से जुड़े हैं और उनके साथ इस सफ़र का हिस्सा बनना रोमांचक है। मैं टाइगर श्रॉफ, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव जैसे शानदार कलाकारों की टीम के साथ दर्शकों के लिए मनोरंजक और एक्शन से भरपूर फिल्म को लेकर उत्सुक हूं।'' जैन ने कहा कि वह ऐसी कहानियां बनाना चाहते हैं जो न सिर्फ मनोरंजन करें, बल्कि दर्शकों से जुड़ें भी।
उन्होंने कहा, वीजे फ्रेम्स को शुरू करना एक ऐसा सपना है जिसे पूरा होने में कई साल लगे हैं... सिनेमा ने हमेशा मुझे प्रेरित किया है और वीजे फ्रेम्स के साथ... रेमो तथा शानदार कलाकारों के साथ एक बड़ी एक्शन फ़्रैंचाइज़ी से इस सफ़र की शुरुआत करना इसे और भी खास बनाता है। यह तो बस शुरुआत है और आगे जो कुछ भी होने वाला है, उसे लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं। - लखनऊ. लघु फिल्म 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को जर्मनी में आयोजित यूरोप के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म समारोहों में से एक 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित 30 मिनट की यह लघु फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों के जीवन की विडंबनाओं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की घटनाओं से उपजे हल्के-फुल्के पलों को हास्य के साथ हृदयस्पर्शी अंदाज में पेश करती है। फिल्म की लेखिका गजल जावेद ने बुधवार को 'पीटीआई- भाषा' को बताया कि 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को यह पुरस्कार मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया कि यह जासूसी हास्य फिल्म है, जो जासूस बनने का सपना लेकर बिहार से मुंबई आए राजेश यादव नामक ऑटोरिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है।लखनऊ की रहने वाली गजल ने कहा, ''मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। हमें लगा कि हर प्रवासी की अपनी एक कहानी होती है। हमने राजेश के पात्र के जरिये ऐसे हर व्यक्ति की भावनाओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की कोशिश की है, जो मुंबई में रहकर अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।'' गजल लखनऊ के मशहूर लेखक और स्वतंत्रता सेनानी शकील सिद्दीकी की नातिन हैं। लघु फिल्म की लेखिका के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है। गजल ने कहा, ''मेरी इच्छा हाशिये पर खड़े किसी व्यक्ति को नायक के रूप में सामने लाने की थी, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों में ऐसे पात्रों की बेबसी ही दिखाई जाती है और उन्हें नायक के रूप में पेश नहीं किया जाता।''उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया में हर व्यक्ति की अहमियत है और उसके अस्तित्व के अपने मायने हैं। 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' यूरोप के सबसे बड़े भारतीय फिल्म समारोहों में से एक है। इसका आयोजन 2004 से हर साल जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में किया जाता है। इस महोत्सव में बॉलीवुड फिल्मों के अलावा भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में, समानांतर सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, 'डायरेक्टर्स विजन अवार्ड' और 'ऑडियंस अवार्ड' श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं।
- लखनऊ। लघु फिल्म 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को जर्मनी में आयोजित यूरोप के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म समारोहों में से एक 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित 30 मिनट की यह लघु फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों के जीवन की विडंबनाओं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की घटनाओं से उपजे हल्के-फुल्के पलों को हास्य के साथ हृदयस्पर्शी अंदाज में पेश करती है।फिल्म की लेखिका गजल जावेद ने बताया कि 'डिटेक्टिव मीटर डाउन' को यह पुरस्कार मंगलवार को मिला। उन्होंने बताया कि यह जासूसी हास्य फिल्म है, जो जासूस बनने का सपना लेकर बिहार से मुंबई आए राजेश यादव नामक ऑटोरिक्शा चालक के इर्द-गिर्द घूमती है। लखनऊ की रहने वाली गजल ने कहा, ''मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले अधिकतर लोग दूसरे राज्यों से आए हैं। हमें लगा कि हर प्रवासी की अपनी एक कहानी होती है। हमने राजेश के पात्र के जरिये ऐसे हर व्यक्ति की भावनाओं और आकांक्षाओं को सामने लाने की कोशिश की है, जो मुंबई में रहकर अपने सपनों को पूरा करने में जुटा है।'' गजल लखनऊ के मशहूर लेखक और स्वतंत्रता सेनानी शकील सिद्दीकी की नातिन हैं। लघु फिल्म की लेखिका के रूप में यह उनकी पहली फिल्म है। गजल ने कहा, ''मेरी इच्छा हाशिये पर खड़े किसी व्यक्ति को नायक के रूप में सामने लाने की थी, क्योंकि आमतौर पर फिल्मों में ऐसे पात्रों की बेबसी ही दिखाई जाती है और उन्हें नायक के रूप में पेश नहीं किया जाता।'' उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया में हर व्यक्ति की अहमियत है और उसके अस्तित्व के अपने मायने हैं। 'इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट' यूरोप के सबसे बड़े भारतीय फिल्म समारोहों में से एक है। इसका आयोजन 2004 से हर साल जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में किया जाता है। इस महोत्सव में बॉलीवुड फिल्मों के अलावा भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में, समानांतर सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। इसमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र, 'डायरेक्टर्स विजन अवार्ड' और 'ऑडियंस अवार्ड' श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं।
- मुंबई। दिग्गज अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे सुनील आनंद का लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वह 70 वर्ष के थे। अभिनेता एवं निर्देशक सुनील आनंद ने वर्ष 1984 में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म 'आनंद और आनंद' से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'कार थीफ', 'मैं तेरे लिए' और 'मास्टर' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें अपने पिता जैसी सफलता नहीं मिल सकी। देव आनंद के करीबी मित्र मोहन चूड़ीवाला ने कहा, ''26 जुलाई को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। देव साहब की बेटी देविना लंदन के लिए रवाना हो रही हैं।'' सुनील आनंद के परिवार में उनकी मां कल्पना कार्तिक और बहन देविना हैं।वर्ष 2011 में 88 वर्ष की आयु में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने उनके फिल्म निर्माण बैनर 'नवकेतन फिल्म्स' की जिम्मेदारी संभाली थी। देव आनंद 'गाइड', 'हम दोनों' और 'हरे रामा हरे कृष्णा' जैसी कालजयी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। देव आनंद की 100वीं जयंती से पहले वर्ष 2023 में एक साक्षात्कार में सुनील आनंद ने अपने पिता को विद्वान अभिनेता बताते हुए कहा था कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था, वह ''अपने व्यक्तित्व और पहनावे को लेकर हमेशा सजग रहते थे'' और राजघरानों से लेकर आम लोगों तक, सभी के साथ सहजता से घुल-मिल जाते थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष पिता के साथ बिताए और उनके स्वास्थ्य, कार्यक्रमों तथा उनकी कंपनी 'नवकेतन' की जिम्मेदारियां संभालीं। सुनील ने उस समय कहा था, ''मैंने वर्ष 2008 में हमारी कालजयी फिल्म 'गाइड' को कान फिल्म महोत्सव तक पहुंचाने के प्रयासों में भी समन्वय किया था। यह पहली भारतीय फिल्म थी, जिसे कान समिति ने महोत्सव में प्रदर्शित करने के लिए चुना था। यह मेरे पिता, हमारे परिवार, 'नवकेतन' और भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।'' उन्होंने अपने पिता के जीवन पर हॉलीवुड फिल्म बनाने की योजना का भी उल्लेख किया था।सुनील आनंद ने तब कहा था, ''यह मेरे पिता को समर्पित एक बहुत बड़ी फिल्म है। इसका निर्माण और निर्देशन मैं कर रहा हूं। यह सफर जारी रहेगा। मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाता रहूंगा।''
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नयी दिल्ली. अभिनेता पंकज त्रिपाठी को भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएम), मेलबर्न में 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' (प्रतिष्ठित कलाकार) पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान भारतीय सिनेमा में अभिनेता के असाधारण योगदान और देश के सबसे सम्मानित कलाकारों में से एक के रूप में उनकी उल्लेखनीय यात्रा को देखते हुए दिया जाएगा। यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता इस फिल्म महोत्सव में शामिल होंगे और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में यह सम्मान प्राप्त करेंगे। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'न्यूटन' और 'स्त्री' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले पंकज त्रिपाठी ने कहा कि यह पुरस्कार मिलना उनके लिए "वास्तव में खास और बेहद मायने रखने वाला" है। उन्होंने एक बयान में कहा, "भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में जल्द ही 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। एक अभिनेता के तौर पर मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि कहानियों में सीमाओं को पार करने, दिलों को जोड़ने और भाषा या भौगोलिक दूरी की परवाह किए बिना लोगों को करीब लाने की असाधारण शक्ति होती है। उन्होंने कहा, "आईएफएफएम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेरी यात्रा को पहचान मिलना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मेरे करियर की हर उपलब्धि फिल्म निर्माताओं, लेखकों, निर्देशकों, सह-कलाकारों, तकनीशियनों और सबसे बढ़कर दर्शकों के विश्वास और सहयोग से संभव हो पाई है, जिन्होंने मेरे काम को इतना प्यार और अपनापन दिया। यह सम्मान जितना मेरा है, उतना ही उन सभी लोगों का भी है।" उन्होंने कहा, "बिहार के एक छोटे से गांव से आने वाले मेरे जैसे व्यक्ति ने कभी कल्पना नहीं की थी कि जिन कहानियों का मैं हिस्सा बनूंगा, वे एक दिन पूरी दुनिया तक पहुंचेंगी और इस तरह सराही जाएंगी।" आईएफएफएम की निदेशक मितु बोमिक लांगे ने त्रिपाठी को इस पीढ़ी के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया।
उन्होंने कहा, "वह ऐसे कलाकार हैं, जिनका अभिनय भाषा, भूगोल और संस्कृति की सीमाओं से परे जाता है। हर किरदार में वास्तविकता, सहानुभूति और शांत प्रभावशाली शक्ति लाने की उनकी असाधारण क्षमता ने उन्हें आज भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित आवाजों में से एक बना दिया है। भारतीय फिल्म महोत्सव, मेलबर्न में पंकज त्रिपाठी को 'आर्टिस्ट ऑफ डिस्टिंक्शन' पुरस्कार से सम्मानित करना हमारे लिए बेहद गर्व और सौभाग्य की बात है।" यह फिल्म महोत्सव 13 अगस्त से शुरू होकर 23 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित किया जाएगा। -
नई दिल्ली। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी अभिनीत फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में लॉन्च होगा। मगर, इससे पहले अमेरिका के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में इससे पर्दा उठेगा। बीते दिन बुधवार को रणबीर कपूर और यश ट्रेलर लॉन्च के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट देखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में फिल्म का स्पेशल पैनल गुरुवार यानी आज 23 जुलाई को दोपहर सवा तीन बजे 4,800 सीटों वाले बॉलरूम 20 में आयोजित किया जाएगा।
अमेरिका में इस इवेंट को एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट कोय जांद्रेउ होस्ट करने वाले हैं। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर फिल्म के लीड एक्टर रणबीर कपूर के अलावा यश और निर्देशक नितेश तिवारी भी मौजूद रहेंगे। साथ ही निर्माता नमित मल्होत्रा भी होंगे। कॉमिक-कॉन प्रेजेंटेशन भारतीय समयानुसार 24 जुलाई को सुबह सवा तीन बजे से सवा चार बजे होगा। सैन डिएगो में लोग भारत से पहले इस ट्रेलर का दीदार कर पाएंगे।भारतीय समय की बात करें तो पीवीआर पिक्चर्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए स्क्रीनशॉट के मुताबिक भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 10 बजे रिलीज होगा। ट्रेलर डिजिटल प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में देखा जा सकेगा। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि भारत में ट्रेलर 24 जुलाई को सुबह 8 बजे देखने को मिलेगा। वहीं, मेकर्स की तरफ से 24 जुलाई की रिलीज की पुष्टि की गई है। भारत में रिलीज के समय को लेकर कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि 'रामायण' में साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में हैं। रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखेंगे। दो पार्ट में आने वाली इस फिल्म का पहला भाग इस साल दिवाली पर दस्तक देगा। - मुंबई. फिल्मकार रिची मेहता की फिल्म 'फूलन' का विश्व प्रीमियर 51वें टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (टीआईएफएफ) में होगा। यह फिल्म चंबल की कुख्यात दस्यु से नेता बनीं फूलन देवी के जीवन पर आधारित है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस हिंदी फिल्म का प्रदर्शन 16 सितंबर को प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में महोत्सव के 'विशेष प्रस्तुति' खंड के तहत किया जाएगा। रिची मेहता द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म का निर्माण नमः पिक्चर्स के बैनर तले शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा, कंवल कोहली और मेहता ने किया है।वर्ष 1997 में प्रकाशित पुस्तक 'आई, फूलन-द ऑटोबायोग्राफी ऑफ इंडियाज़ बैंडिट क्वीन' से प्रेरित यह फिल्म फूलन देवी के जीवन के उस निर्णायक अध्याय को पर्दे पर उतारती है, जब उन्हें मारने के इरादे से हजारों हथियारबंद लोगों ने एक गांव को घेर लिया था। भारत के ग्रामीण क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म गरीब घर की 17 वर्षीय लड़की के सफर को दर्शाती है, जो आगे चलकर देश की सबसे कुख्यात दस्युओं में से एक बन गई। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म की कहानी 2,000 से अधिक हथियारबंद लोगों द्वारा किए गए 48 घंटे तक चले भीषण घेराव की घटना पर केंद्रित है। महोत्सव में प्रदर्शन के बाद 'फूलन' का प्रीमियर प्राइम वीडियो पर होगा। फिल्म में स्नेहा कुमारी ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। दुनिया के प्रमुख फिल्म आयोजनों में शामिल टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव इस वर्ष 10 से 20 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) का 18वां सीजन 10 अगस्त से सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होगा। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस बार शो की थीम 'सोचना पड़ेगा' होगी। उन्होंने वीडियो पोस्ट के साथ लिखा, ''कौन बनेगा करोड़पति 10 अगस्त से, रात नौ बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर। केबीसी सोचना पड़ेगा।'' एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 'सोचना पड़ेगा' थीम इस बात पर जोर देती है कि आज के दौर में केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही ढंग से उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि रोजमर्रा की परिस्थितियों पर आधारित प्रचार फिल्मों के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भले ही आज जानकारी तुरंत उपलब्ध हो और प्रौद्योगिकी ने सीखने के तरीके को बदल दिया हो, लेकिन वास्तव में महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति आलोचनात्मक ढंग से सोच सके, जानकारी का विश्लेषण कर सके और बदलते समय के अनुरूप सार्थक ढंग से स्वयं को ढाल सके। अमिताभ बच्चन वर्ष 2000 से 'कौन बनेगा करोड़पति' शो के प्रस्तोता रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2007 में प्रसारित शो के तीसरे सीजन को अभिनेता शाहरुख खान ने प्रस्तुत किया था। इसके अलावा अमिताभ बच्चन 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल और फिल्म 'सेक्शन 84' में नजर आएंगे। 'सेक्शन 84' में उनके साथ डायना पेंटी और निमरत कौर भी अहम भूमिकाओं में हैं।
- चेन्नई । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अंतिम फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन' की रिलीज में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में प्रशंसकों के लिए विशेष रूप से तैयार की जा रही 'टी-शर्ट' की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तमिलनाडु के वस्त्र उद्योग के केंद्र तिरुपुर की परिधान फैक्टरियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। कई महीनों तक चले मुकदमों, फिल्म के ऑनलाइन लीक होने और सेंसर बोर्ड के साथ रही गतिरोध की स्थिति के बाद यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे राज्यभर के प्रशंसक अभिनेता से नेता बने विजय की तस्वीर वाली विशेष 'टी-शर्ट' के बड़े पैमाने पर 'ऑर्डर' स्थानीय विनिर्माताओं को दे रहे हैं, जिससे इन फैक्टरियों का उत्पादन चरम पर पहुंच गया है।'तिरुपुर टेक्सटाइल यूनिट एसोसिएशन' के सदस्य के. प्रभाकरन ने कहा, ''कुछ दिन पहले फिल्म की रिलीज की घोषणा होने के बाद से यहां की वस्त्र निर्माण इकाइयां 'जन नायकन' की विशेष टी-शर्ट तैयार करने के लिए 'ओवर टाइम' काम कर रही हैं।'' उन्होंने बताया कि 700 से अधिक वस्त्र इकाइयां टी-शर्ट के उत्पादन में जुटी हुई हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए अधिकांश स्थानीय विनिर्माता राज्य भर में कूरियर सेवा और 'कैश ऑन डिलीवरी' (वस्तु प्राप्त होने पर भुगतान करने) की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय परिधान फैक्टरी के मालिक के. सेवा नाथन ने कहा, ''कई वर्षों बाद हम इस तरह का उत्साह देख रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों केरल और कर्नाटक से भी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। इन टी-शर्ट पर मुख्यमंत्री विजय की लोकप्रिय तस्वीरों के साथ फिल्म का शीर्षक छपा है। कई 'ऑर्डर' में उनके राजनीतिक सफर का जश्न मनाने वाले नारे भी शामिल हैं। नाथन के अनुसार, फिल्म की रिलीज से पहले तय समय सीमा के भीतर ऑर्डर पूरे करने के लिए प्रिंटिंग इकाइयों में दोहरी पाली में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''इनमें काम करने वाले कई कर्मचारी खुद भी विजय के जबरदस्त प्रशंसक हैं। उनके लिए यह केवल काम नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा अभिनेता को सम्मान देने जैसा है।'' तमिलनाडु फिल्म वितरक संघ के सूत्रों ने बताया कि 23 जुलाई से यह फिल्म राज्य के लगभग 1,000 सिनेमाघरों में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में काफी देरी हुई। इस दौरान कानूनी अड़चन और फिल्म की 'पायरेसी' जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। 'जन नायकन' में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रकाश राज और नारायण सहित कई प्रमुख कलाकार हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है, छायांकन सत्यन सूर्यन ने किया है और संपादन प्रदीप ई. राघव ने किया है।

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