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पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास एक 'टेबलटॉप रनवे' से महज 200 मीटर की दूरी पर एक विमान के दुर्घनटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। दादा (बड़े भाई) के नाम से मशहूर अजित पवार (66) के निधन से न केवल महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अजित पवार के चाचा और राकांपा के संस्थापक शरद पवार ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद किए जाने वाले 'ब्लैक बॉक्स' (जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं) का विश्लेषण किया जाएगा। 'वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' की ओर से संचालित 16 साल पुराना चार्टर्ड विमान 'लियरजेट' बारामती हवाई अड्डे पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बारामती एक गैर-नियंत्रित हवाई क्षेत्र है, जहां आमतौर पर स्थानीय उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षक और पायलट यातायात से जुड़ी जानकारी देते हैं। पवार राज्य में पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के प्रचार अभियान के तहत जनसभाओं को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। दुर्घटना में जान गंवाने वालों में कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं, जिनके पास 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव रखने वाली सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी इस हादसे में मौत हो गई। सरकार ने एक बयान जारी किया, जिसमें दुर्घटना का क्रम विस्तार से बताया गया है।
विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) ने बुधवार सुबह खराब दृश्यता के कारण हवा में एक चक्कर लगाने के बाद 'लियरजेट' विमान को उतरने की अनुमति दे दी थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद भी विमान ने एटीसी को कोई 'रीड-बैक' या प्रतिक्रिया नहीं दी और वह कुछ ही पल बाद रनवे के किनारे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया तथा उसमें आग लग गई। विमान संचालन की भाषा में "चक्कर लगाना" एक मानक प्रक्रिया है, जिसमें पायलट लैंडिंग का प्रयास रोक देता है और पुनः लैंडिंग की कोशिश से पहले विमान ऊपर ले जाना शुरू करता है। खराब मौसम, अस्थिर लैंडिंग पथ या रनवे पर यातायात जैसी वजहों से सुरक्षित लैंडिंग पूरी नहीं होने की स्थिति में ऐसा किया जाता है। यह एक आपात स्थिति नहीं, बल्कि एक एहतियाती सुरक्षा कदम है। वहीं, 'रीड बैक' विमान संचालन की भाषा में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसमें पायलट एटीसी से मिले निर्देशों या संदेश को दोहराता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पायलट ने नियंत्रक के निर्देश ठीक ढंग से समझ लिए हैं। 'टेबलटॉप रनवे' किसी पठार या ऊंची पहाड़ी के ऊपर बनी हवाई पट्टी होती है, जिसके एक या दोनों छोर पर गहरी ढलान या खाई होती है। ऐसे रनवे पर सामान्य, बड़े या सुरक्षित रनवे क्षेत्र के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती। इसी वजह से लैंडिंग के दौरान विमान के आगे निकल जाने या उड़ान भरते समय रनवे से बाहर जाने की स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। वीएसआर वेंचर्स के मालिक वीके सिंह ने कहा कि पायलट को संभवतः रनवे दिखाई नहीं दिया, जिसके चलते उसने 'मिस्ड अप्रोच' की, जो ऐसे मामलों में अपनाई जाने वाली एक मानक प्रक्रिया है। 'मिस्ड अप्रोच' वह प्रक्रिया है, जिसमें पायलट उस समय लैंडिंग रोक देता है, जब उसे लगता है कि विमान को सुरक्षित उतारना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में वह विमान को दोबारा ऊपर ले जाकर फिर से उतरने की कोशिश करता है। इसे आम भाषा में 'गो-अराउंड' कहा जाता है। बारामती हवाई अड्डे के पास हुए भयावह विमान हादसे के स्थल से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि विमान के नियंत्रण खोने के कारण हुए जोरदार धमाकों के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने विमान को हवाई अड्डे के ऊपर चक्कर लगाते हुए देखा और लैंडिंग के अंतिम प्रयास से पहले वह "थोड़ा अस्थिर" नजर आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, विमान जमीन पर जोर से टकराया और फिर उसमें विस्फोट हो गया, जिसकी आवाज आसपास के घरों तक सुनाई दी। बाद में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बारामती में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) पर तैनात रहे एक व्यक्ति के हवाले से बयान जारी किया, जिसमें घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा गया है कि लैंडिंग के प्रयास के दौरान विमान को दृश्यता की समस्या का सामना करना पड़ा। बयान में कहा गया है कि पुणे से रवाना होने के बाद विमान ने सुबह 8:18 बजे बारामती एटीसी से पहली बार संपर्क स्थापित किया। इस समय विमान बारामती से 30 समुद्री मील (लगभग 55 किलोमीटर) की दूरी पर था। चालक दल को बताया गया कि वे दृश्यता को ध्यान में रखते हुए अपनी सुविधा के अनुसार विमान को नीचे उतार सकते हैं। उन्हें यह जानकारी भी दी गई कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है। रनवे के करीब पहुंचने पर चालक दल ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास के तहत विमान से चक्कर लगाने शुरू कर दिए। शुरुआत में चालक दल ने बताया कि रनवे अब भी दिखाई नहीं दे रहा है, हालांकि इसके कुछ ही सेकंड बाद उन्होंने कहा, "रनवे दिखाई दे रहा है।" इसके बाद एटीसी ने सुबह 8:43 बजे विमान उतारने की मंजूरी दे दी।
हालांकि, चालक दल ने इस अंतिम लैंडिंग अनुमति का अनिवार्य 'रीड बैक' नहीं दिया और पिछली बातचीत से ठीक एक मिनट बाद सुबह 8:44 बजे एटीसी कर्मियों ने रनवे की शुरुआत के पास आग लगती हुई देखी। विस्फोट के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए, जिन्हें मलबा रनवे के बाएं हिस्से में पड़ा हुआ मिला। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) फिलहाल इस बात की जांच कर रहा है कि 3,000 मीटर की दृश्यता बताए जाने के बावजूद चालक दल रनवे को देख पाने में क्यों असफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि विमान के कुछ हिस्से हवा में उछलकर आसपास के आवासीय भवनों के पास गिर गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "विमान झुका और फिर गिर गया। हमने विस्फोट होता हुआ देखा और यह बेहद डरावना था।" एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, विमान रनवे से लगभग 100 फुट की ऊंचाई पर नियंत्रण खोता हुआ नजर आ रहा था। उसने कहा, "जब विमान नीचे आ रहा था, तो हमें लगा कि यह दुर्घटनाग्रस्त होने वाला है और… जब हम इसकी ओर भागे, तो हमने आग लगती हुई देखी, इसके बाद चार से पांच धमाके हुए, जिसकी वजह से हम विमान के पास नहीं जा पाए।" एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी प्रमोद मदुरीकर ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद शवों की पहचान करके उन्हें एंबुलेंस में भेज दिया गया, जबकि बचाव व आपात अभियान में मदद के लिए दमकल विभाग के कर्मी लगभग उसी समय घटनास्थल पर पहुंच गए। नागर विमानन मंत्री के राम मोहन नायडू ने पुणे में संवाददाताओं से कहा कि खराब दृष्यता के बीच विमान को नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा था। कंपनी के बेड़े में सात 'लियरजेट 45' विमान (जिसमें दुर्घटनाग्रस्त विमान भी शामिल है), पांच 'एम्बरर 135बीजे' विमान, चार 'किंग एयर बी200' विमान और एक 'पिलाटस पीसी-12' विमान शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई। उन्होंने कहा, ''विमान में सवार सभी लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।'' अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा और दो बेटे पार्थ और जय हैं। सुनेत्रा राज्यसभा सदस्य हैं। अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने हाल में पुणे और पिंपरी चिंचवड में हुए निकाय चुनावों में अपने चाचा शरद पवार की राकांपा (एसपी) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और देश के विभिन्न दलों के कई अन्य नेताओं ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। दिल्ली कैंट में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विमान हादसे में अजित पवार और अन्य लोगों को नियति ने हमसे छीन लिया। बारामती पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार के निधन को दुखद एवं अविश्वसनीय बताया और कहा कि उन्होंने एक अच्छा मित्र खो दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने 30 जनवरी तक तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा। बृहस्पतिवार को बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अजित पवार का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राकांपा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह पूर्वाह्न 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया है।
इस बीच, नागर विमानन नायडू ने कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) हादसे की गहन जांच करेगा और विमान परिचालक को लेकर फिलहाल सुरक्षा संबंधी कोई चिंता नहीं है। नायडू ने बताया कि एएआईबी और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीमें दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं।
विमानन शिखर सम्मेलन 'विंग्स इंडिया 2026' के मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए नायडू ने कहा, "हमें घटना के समय क्या हुआ, इसकी गहराई से जांच करने की जरूरत है।" उन्होंने बारामती में दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद यह बयान दिया।
जब नायडू से विमान परिचालक से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे इनकार किया। मंत्री ने कहा, "डीजीसीए ने पूरी तरह जांच की है, सभी आवश्यक मंजूरियां दी गई थीं और कंपनी का पिछले साल भी आकलन किया गया था…, इसलिए उस मोर्चे पर हमें कोई चिंता नजर नहीं आती। वे कई उड़ानों का संचालन कर रहे हैं।" -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ताकत और उसके सशस्त्र बलों की वीरता को साबित किया और स्वदेशी हथियारों की प्रगति को प्रदर्शित किया है। उन्होंने दिल्ली छावनी में आयोजित वार्षिक एनसीसी प्रधानमंत्री रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध में, लड़ाई केवल सीमाओं या टैंक या तोप के उपयोग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह 'कोड और क्लाउड' में भी लड़ी जा रही है।' उनका संदर्भ साइबर और सूचना युद्ध से था। प्रधानमंत्री ने करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनसीसी द्वारा प्रस्तुत ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित विशेष झांकी पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एनसीसी कैडेट के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के दौरान, देश भर में 75,000 से अधिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट ने स्वेच्छा से नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में अथक परिश्रम किया। मोदी ने कहा, ''ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की ताकत और उसके सशस्त्र बलों की वीरता को फिर से साबित किया। इसने उन्नत स्वदेशी हथियारों भी प्रदर्शित किया।'' प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकी में पिछड़ने वाले राष्ट्र न केवल अर्थव्यवस्था में बल्कि सुरक्षा में भी कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि युवाओं द्वारा किए गए नवाचार देशभक्ति को मजबूत करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण केवल परेड ग्राउंड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना भी पैदा करता है, जो कैडेट को कठिन समय में देश के लिए पूरी ताकत से काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में तकनीक उन्मुक्त और नवोन्मेषी युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, क्योंकि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, 'मेड इन इंडिया' के तहत ड्रोन विकसित किए जा रहे हैं और कृत्रिम मेधा (एआई) और रक्षा नवाचार बलों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश ने हाल ही में 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया और उन्होंने इस अवसर पर नागरिकों को एक पत्र लिखा था। मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस संविधान द्वारा प्रदत्त जिम्मेदारी और अधिकारों का उत्सव है। उन्होंने साथ ही रेखांकित किया कि भारत में दुनिया में सबसे अधिक युवा मतदाता हैं। प्रधानमंत्री ने देश में एक नई परंपरा शुरू करने का आह्वान किया और प्रस्ताव रखा कि एनसीसी, एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) और माय यंग इंडिया संगठन हर साल 25 जनवरी को पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सम्मानित करने के लिए एक 'भव्य कार्यक्रम' आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से युवाओं में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ''एक विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने नागरिकों के आचरण पर भी निर्भर करता है, जिन्हें अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।'' मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं में मोटापे का मुद्दा उठाया और उन अध्ययनों का हवाला दिया जिनमें यह बताया गया है कि भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति भविष्य में मोटापे से पीड़ित हो सकता है, जिससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, और युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। प्रधानमंत्री ने इस मामले में सतर्कता पर जोर दिया और तेल का सेवन कम करने का आग्रह किया। उन्होंने खाने में तेल की खपत को 10 प्रतिशत तक कम करने की अपनी पहले की अपील दोहराई। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित प्रत्येक युवा से अपील की कि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक घंटा स्वच्छता संबंधी अभियान के लिए समर्पित करें और किसी चयनित स्थान पर कोई गतिविधि आयोजित करने की योजना बनाएं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक दिन पहले हुए 'ऐतिहासिक' मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति मिलेगी, 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के संकल्प को मजबूती मिलेगी और लाखों भारतीय युवाओं के लिए अवसरों के अनगिनत द्वार खुलेंगे। मोदी ने दिल्ली छावनी में आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) पीएम रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की अब तक के सबसे बड़े समझौते के तौर पर प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका अभिप्राय भारतीय युवाओं के लिए ''आकांक्षाओं को साकार करने की स्वतंत्रता'' होगा। मोदी ने कहा कि इसे दुनिया और भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए 'पासा पलटने वाले समझौते' के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, संगीत और डिजाइन सहित रचनात्मक अर्थव्यवस्था को इससे लाभ होगा। मोदी ने कहा कि युवाओं, अनुसंधान और शिक्षा के साथ-साथ आईटी और अन्य व्यवसायों के लिए भी अनगिनत अवसर पैदा होंगे। भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसे अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता कहा जा रहा है। इसका उद्देश्य दो अरब लोगों का बाजार तैयार करना है। प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व ने नियम-आधारित विश्व व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापार और रक्षा का बड़े पैमाने पर लाभ उठाने हेतु एक परिवर्तनकारी पांच वर्षीय एजेंडे का अनावरण किया। अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच मोदी द्वारा यूरोपीय संघ के नेताओं उर्सुला फॉन डेर लायन और एंटोनियो कोस्टा की शिखर वार्ता की मेजबानी के बाद दोनों पक्षों ने दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें से एक सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़ा है जबकि दूसरा समझौता यूरोप में भारतीय प्रतिभाओं की आवाजाही से संबंधित है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक चौथाई और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा होगा। मोदी ने रेखांकित किया कि इससे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को गति मिलेगी और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के संकल्प को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत, भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर शुल्क या तो शून्य होगा या बहुत कम होगा, जिससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण, जूते, इंजीनियरिंग सामान और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) जैसे उद्योगों को लाभ होगा, और बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को यूरोपीय संघ के 27 देशों के विशाल बाजारों तक 'सीधी पहुंच' मिलेगी। मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारत में और अधिक निवेश आएगा, जिससे नए इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, फार्मा और अन्य विनिर्माण संयंत्र स्थापित होंगे, साथ ही कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य पालन के लिए सुनिश्चित बाजार बनेंगे जो किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा। मोदी ने रेखांकित किया कि यह मुक्त व्यापार समझौता भारत के युवाओं को यूरोप के रोजगार बाजार से सीधे जोड़ता है, जिससे विशेष रूप से इंजीनियरिंग, हरित प्रौद्योगिकी, डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण में अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि इसका अभिप्राय है कि इन 27 देशों में भारतीय युवाओं के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। यूरोपीय संघ के सदस्यों में फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, पुर्तगाल, यूनान, फिनलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और स्वीडन सहित अन्य देश शामिल हैं। एनसीसी की प्रधानमंत्री रैली का आयोजन करियप्पा परेड ग्राउंड में किया गया। इस वर्ष की रैली का विषय 'राष्ट्र प्रथम - कर्तव्य निष्ठ युवा' था। एनसीसी के विभिन्न निदेशालयों के दलों ने परेड किया, जिसके बाद कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय रंगशाला के कलाकारों द्वारा 'वंदे मातरम्' की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत के युवाओं को 'बहुत भरोसे' से देख रही है और इस भरोसे का कारण 'कौशल और संस्कार' हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने लाल किले से संबोधित करते हुए कहा था, 'यही समय है, सही समय है'। देश के युवाओं के लिए यह अधिकतम अवसरों का समय है।'' उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को इस अवधि का 'अधिक से अधिक लाभ' मिले। प्रधानमंत्री ने कहा, ''इसका एक उदाहरण आपने कल ही देखा। भारत और यूरोपीय संघ ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति जताई। इससे पहले, भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन सभी समझौतों से हमारे लाखों युवाओं के लिए अवसर के अनगिनत द्वार खुलेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी, एक संगठन और एक आंदोलन के रूप में, भारत की युवा शक्ति को 'आत्मविश्वास' से भर देती है और उन्हें अनुशासित और संवेदनशील नागरिक बनाती है जो राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं। मोदी ने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में एनसीसी कैडेट की संख्या (स्वीकृत संख्या) 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है, जिसमें सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने 'परमवीर सागर यात्रा' का प्रतीकात्मक समापन किया, जिसके तहत कई कैडेटों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया। इस प्रतीकात्मक समुद्री अभियान का आयोजन देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, परमवीर चक्र विजेताओं के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिया गया था।
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नई दिल्ली। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक और भव्य समापन होगा। इस अवसर पर राजधानी के विजय चौक पर भारतीय धुनों और देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीत की गूंज सुनाई देगी। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी 29 जनवरी को विजय चौक में आयोजित की जाएगी। यह समारोह परंपरागत रूप से अत्यंत भव्य और अनुशासित तरीके से संपन्न होता है। इस खास मौके पर भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड अपनी मनमोहक और देशभक्ति से भरपूर प्रस्तुतियां देंगे।
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम की शुरुआत मास्ड बैंड की प्रसिद्ध धुन ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ से होगी।इसके बाद पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली-जुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मरूनी’ और ‘झेलम’ जैसी धुनें प्रस्तुत करेगा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ की धुनों से माहौल में जोश भर देगा।भारतीय वायुसेना का बैंड ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्वाइलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ्लाइंग स्टार’ की धुनें बजाएगा, जबकि भारतीय नौसेना का बैंड ‘नमस्ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्वी’ और ‘जय भारती’ की प्रस्तुतियां देगा। इसके बाद भारतीय थल सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरंभ है प्रचंड है’, ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, ‘आनंद मठ’, ‘सुगम्य भारत’ और ‘सितारे हिंद’ जैसी प्रेरणादायी धुनों से समां बांधेगा।अंत में मास्ड बैंड ‘भारत की शान’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ प्रस्तुत करेगा। समारोह का समापन हमेशा की तरह बेहद लोकप्रिय धुन ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ होगा, जिसे बगलर्स द्वारा बजाया जाएगा।इस पूरे कार्यक्रम के मुख्य कंडक्टर स्क्वाड्रन लीडर लैमापोकपम रूपचंद्र सिंह होंगे। थल सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय बलों के अलग-अलग कंडक्टर अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष की एक खास बात यह भी है कि विजय चौक की बैठने की जगहों को भारतीय संगीत वाद्य यंत्रों-बांसुरी, तबला, सितार, वीणा, शहनाई, मृदंगम, सरोद और संतूर के नाम दिए गए हैं। कुल मिलाकर यह समारोह संगीत, अनुशासन और देशभक्ति का भव्य संगम होगा। -
नई दिल्ली।‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक एनसीसी–पीएम रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि अजित दादा ने महाराष्ट्र और देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन देश के लिए दुख लेकर आया है। उन्होंने बताया कि सुबह महाराष्ट्र में हुई एक दुखद विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके कुछ साथी असमय काल के गाल में समा गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अजित पवार ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और गांवों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया।पीएम मोदी ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश अजित पवार के परिवार और हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोगों के परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह क्षति अपूरणीय है।प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है, जो भारत की युवा शक्ति को आत्मविश्वासी, अनुशासित और संवेदनशील बनाता है। यह युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस वर्ष बड़ी संख्या में शामिल हुई गर्ल्स कैडेट्स की विशेष रूप से सराहना की।पीएम मोदी ने बताया कि बीते वर्षों में एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो चुकी है, जो युवाओं में देशसेवा और अनुशासन की बढ़ती भावना को दर्शाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लाल किले से कहा था कि यही समय है, सही समय है। आज का दौर युवाओं के लिए अवसरों से भरा हुआ है। सरकार का प्रयास है कि युवा इस कालखंड का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया युवा भारत की क्षमता पर भरोसा कर रही है और इस भरोसे की वजह युवाओं में स्किल और संस्कार हैं।इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि अजित पवार एक जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र की जनता की सेवा में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायी था। उनका असामयिक निधन अत्यंत दुखद है। - आगरा (उप्र) .शादी से इनकार करने पर गुस्साए 30 वर्षीय युवक ने आगरा जिले में अपनी कथित प्रेमिका की हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शव के टुकड़े किए और मृतका का सिर एक अलग पैकेट में रखकर नहर में फेंक दिया। एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सिर को ढूंढने की कोशिशें जारी हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उपायुक्त (नगर) सैयद अली अब्बास ने बताया कि मृतक महिला की पहचान मिंकी (30) के रूप में हुई है, जो आगरा में एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। उन्होंने बताया कि मिंकी का अपने सहकर्मी आरोपी विनय के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध था।उन्होंने बताया कि आरोपी विनय मिंकी से शादी करना चाहता था, लेकिन उसने मना कर दिया, जिससे दोनों के बीच झगड़ा हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ''झगड़े के बाद, आरोपी विनय ने नारियल काटने वाले चाकू से मिंकी पर बार-बार हमला किया। फिर उसने शरीर के टुकड़े कर दिए और उसे एक बोरी में ठिकाने लगाया। सिर को एक अलग पैकेट में रखा गया था।'' पुलिस ने बताया कि 24 जनवरी की देर रात हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक बोरी में डाला और उसे यमुना नदी में फेंकने जा रहा था, लेकिन यमुना पुल पर उसे छोड़कर भाग गया। आरोप है कि विनय ने कटे हुए सिर को एक काले पैकेट में रखकर नहर में फेंक दिया।पुलिस ने बताया कि 'झरना' नहर में पानी का बहाव तेज है, और सिर को ढूंढने के लिए गोताखोरों को लगाया गया है। उसने बताया कि कई सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर, पुलिस ने 25 जनवरी को आरोपी विनय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल किया गया चाकू, स्कूटर और कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं।
- भोपाल.भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उच्च सुरक्षा वाली एक इमारत में लिफ्ट से बाहर निकल रही एक महिला कर्मचारी की एक नकाबपोश व्यक्ति ने चेन छीन ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रविवार शाम की यह घटना लिफ्ट के अंदर लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हो गयी है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एम्स अस्पताल की कर्मचारी राजश्री सोनी इमारत की चौथी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में कदम रखती हैं और फिर लिफ्ट जैसे ही रुकती है, एक नकाबपोश युवक उनका चेन छीनकर भाग जाता है। मिसरोद के सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश कश्यप ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और एम्स प्रबंधन से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़िता से बात की है और अपराधी की तलाश की जा रही है।
- जयपुर. राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में सोमवार रात ट्रक ने एक स्कूटी को टक्कर मार दी और घसीटता ले गया। पुलिस के अनुसार इस हादसे में स्कूटी चला रही महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की मौत हो गई तथा एक और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने बताया कि यह हादसा सोमवार रात लाडनूं थाने के गोरेडी गांव के पास हुआ। हादसे में शारदा (47) और उनकी बेटी लाडा (12) और अंकिता (10) की मौत हो गई। एक और बेटी अक्षिता (14) को गंभीर चोटें आईं, उसका पैर कुचल गया और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि लाडनूं की रहने वाली महिला अपनी तीन बेटियों के साथ जा रही थी तभी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। स्कूटी ट्रक के नीचे फंस गयी और कुछ मीटर तक घिसटता रही। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि शारदा और अक्षिता को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया था जहां शारदा ने देर रात दम तोड़ दिया। पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
- चाईबासा (झारखंड). झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में ट्रक से टक्कर हो जाने के बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कराईकेला थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के तीन बजे एक मोटरसाइकिल ने ट्रक से आगे निकलने की कोशिश की लेकिन वह उससे टकरा गयी तथा उस पर सवार चारों युवकों की मौत हो गयी। थाना प्रभारी प्यारे हसन ने कहा, ''चारों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान चाईबासा सदर के आकाश कुदादा (19), जमशेदपुर के सुंदरनगर के अर्जुन टुड्डू (22), सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई के आकाश गोपे (19) और रवि बिरुली (20) के रूप में हुई है। शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने बांदगांव के पास ट्रक को भी जब्त कर लिया। उन्होंने कहा, ''प्रथम दृष्टया ऐसा जान पड़ता है कि ट्रक चालक की कोई गलती नहीं थी क्योंकि बगल से तेज गति से आयी मोटरसाइकिल ट्रक से टकरा गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि जान गंवाने वाले युवक नशे में थे या नहीं।''
- मेदिनीनगर. झारखंड के पलामू जिले में कुछ लोगों ने 'जादू-टोना' करने के संदेह में 60 वर्षीय एक बुजुर्ग को कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार को मनातू थाना क्षेत्र के छांका गांव में हुई। मृतक की पहचान फगुनी भुइयां के रूप में हुई है। लेस्लीगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मनोज कुमार झा ने बताया, "प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या की गई है। इस घटना में दो से अधिक लोग शामिल थे।" उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) भेजा गया है। झा ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।
- नयी दिल्ली. प्लास्टिक के उत्पादन के दौरान निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों, वायु-प्रदूषक कणों और विषैले रसायनों समेत दुनिया भर में प्लास्टिक प्रणाली से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के मामले 2016 की तुलना में 2040 तक दोगुने से भी अधिक होने की आशंका है। एक अध्ययन में यह आशंका जताई गई है। 'द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ' पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन ने यह भी रेखांकित किया कि प्लास्टिक का वैश्विक उत्पादन 2100 के बाद तक भी चरम पर नहीं पहुंचा होगा यानी पहले से ही दबाव झेल रही प्रणाली में पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी बोझ अभी और बढ़ेगा। 'लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन' तथा फ्रांस के संस्थानों के शोधकर्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण और इसके जीवनचक्र के दौरान होने वाले उत्सर्जन के मानव स्वास्थ्य पर संभावित प्रतिकूल प्रभावों को तेजी से पहचाना जा रहा है, लेकिन अब भी यह पूरी तरह पता नहीं लगाया जा सका है कि इसका प्रतिकूल प्रभाव का कुल पैमाना कितना है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के जीवनचक्र के दौरान स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को दिशा दे सकता है और समस्या से निपटने के लिए पर्यावरण, अर्थव्यवस्था एवं स्वास्थ्य के स्तर पर सतत प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकता है। टीम ने कहा कि प्लास्टिक की रासायनिक संरचना का खुलासा नहीं किया जाना जीवनचक्र आकलनों को ''गंभीर रूप से सीमित'' कर रहा है जिससे प्रभावी नीति को दिशा देने में बाधा पैदा होती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस अध्ययन के दौरान विश्लेषण किए गए प्लास्टिक उत्पादों के जीवनचक्र में कच्चे माल के निष्कर्षण से लेकर पॉलिमर उत्पादन, उपभोग के बाद अपशिष्ट संग्रहण, पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियां, कचरा-स्थल, खुले में जलाना और पर्यावरणीय प्रदूषण शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने कहा, ''हमने पाया कि प्लास्टिक के जीवनचक्र के दौरान होने वाले उत्सर्जन ने 'ग्लोबल वॉर्मिंग', वायु प्रदूषण, विषाक्तता से जुड़े कैंसर और गैर-संचारी रोगों के कारण मानव स्वास्थ्य पर बोझ को बढ़ाया और सबसे अधिक नुकसान प्राथमिक प्लास्टिक के उत्पादन तथा इसे खुले में जलाने से हुआ।'' उन्होंने अनुमान जताया कि वैश्विक प्लास्टिक प्रणाली के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के मामले 2016 की तुलना में 2040 में दोगुने से भी अधिक हो जाने की आशंका है। शोधकर्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक उत्सर्जन और स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए नीति-निर्माताओं को गैर-आवश्यक उपयोगों के लिए नए प्लास्टिक के उत्पादन को बेहतर ढंग से विनियमित करना होगा और उसमें उल्लेखनीय कमी करनी होगी ताकि प्लास्टिक उत्सर्जन और स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल असर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके। दुनिया के 175 से अधिक देशों ने 'वैश्विक प्लास्टिक संधि' विकसित करने पर सहमति जताई है और इस पर बातचीत चल रही है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सत्य, सेवा और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने सत्यनिष्ठा और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सेवाभाव और ईमानदारी से किया गया कोई भी कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। उन्होंने कहा कि संकल्प, समर्पण और सकारात्मकता के माध्यम से न केवल अपना बल्कि पूरी मानवता का भी कल्याण किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह विचार ‘एक्स’ पर साझा किए। एक्स पोस्ट में उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित भी उद्धृत किया, “सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्म यज्ञः पृथिवीं धारयन्ति। सा नो भूतस्य भव्यस्य पत्न्युरुं लोकं पृथिवी नः कृणोतु॥”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सुभाषित के माध्यम से सत्य, तप, यज्ञ और अनुशासन को जीवन और समाज का आधार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मूल्य ही पृथ्वी और मानवता को स्थायित्व प्रदान करते हैं। (
- चाईबासा (झारखंड। झारखंड में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम सिंहभूम जिले में ट्रक से टक्कर हो जाने के बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि कराईकेला थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल ने ट्रक से आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन वह उससे टकरा गयी तथा उस पर सवार चारों युवकों की मौत हो गयी। कराईकेला थाना के प्रभारी प्यारे हसन ने ' कहा, ''चारों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान चाईबासा सदर निवासी आकाश कुदादा (19), जमशेदपुर के सुंदरनगर के अर्जुन टुड्डू (22), सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई के आकाश गोपे (19) और रवि बिरुली (20) के रूप में हुई है।'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने बंदगांव के पास ट्रक को भी जब्त कर लिया।उन्होंने कहा, ''प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि ट्रक चालक की कोई गलती नहीं थी, क्योंकि बगल से तेज गति से आयी मोटरसाइकिल ट्रक से टकरा गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि जान गंवाने वाले युवक नशे में थे या नहीं।'' इस बीच, गुमला जिले के सिसई ब्लॉक के पुसो थाना क्षेत्र के कोटारी गांव के पास सड़क किनारे एक पेड़ से टकराने के बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। पुसो थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जहांगीर ने बताया कि तीनों लड़कों की पहचान अमन उरांव (17), सहदेव उरांव (16) और मुन्ना उरांव (17) के रूप में हुई है, ये सभी लोहरदग्गा जिले के भंडारा थाना क्षेत्र के मलंगटोली गांव के निवासी हैं। कोटारी में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद उनके घर लौटते समय यह दुर्घटना घटी। इस बीच, मंगलवार शाम को झारखंड के बोकारो जिले में पिंडराजोरा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत चास और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-32 पर कथित तौर पर नशे की हालत में एक 'ट्रेलर' (वाहन) के चालक ने दो ऑटोरिक्शा को टक्कर मार दी, जिसके चलते एक युवक की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान पुरुलिया के निवासी सुरेश महतो (21) के रूप में हुई है।
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नयी दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि वह एक महिला को पति की "शुद्ध कर योग्य आय/सकल आय का सामान्य विवरण" प्रदान करे, ताकि वह गुजारे भत्ते के लिए कार्यवाही को आगे बढ़ा सके। आयोग ने कहा कि वैवाहिक विवादों में निजता को आधार बनाकर इस प्रकार की जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता। सीआईसी विनोद कुमार तिवारी ने हाल ही में पारित एक आदेश में कहा कि वैवाहिक स्थिति और गुजारा भत्ता मामले की लंबित स्थिति की पुष्टि के बाद, प्रतिवादी प्राधिकरण (आयकर विभाग) को मांगी गई जानकारी देनी चाहिए। साथ ही आयुक्त ने स्पष्ट किया कि "आयकर रिटर्न का विवरण/प्रतिलिपि और तीसरे पक्ष की अन्य व्यक्तिगत जानकारी का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है।" एक महिला ने यह कहते हुए पिछले पांच वर्षों की पति की आय का विवरण मांगा था कि वह गुजारे भत्ते की जिम्मेदारी से बचने के लिए अपनी वास्तविक आय नहीं बता रहा है। आयकर विभाग ने यह कहते हुए सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन खारिज कर दिया था कि पति से संबंधित जानकारी "तीसरे व्यक्ति की निजी जानकारी" मानी जाती है, इसलिए आरटीआई कानून की धारा 8(1)(जे) के तहत विवरण नहीं दिया जा सकता। महिला की अपील स्वीकार करते हुए आयोग ने कहा कि जब कोई कानूनी रूप से विवाहित पत्नी गुजारे भत्ते के लिए जानकारी मांगती है तो आय से संबंधित जानकारी केवल निजी नहीं रह जाती। आयोग ने अपीलकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपने वैवाहिक संबंध और मामले की लंबित स्थिति को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे।
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार का बुधवार को प्लेन हादसे में निधन हो गया है। इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी समेत देशभर के नेता-मंत्री दुख व्यक्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री, अजित पवार समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अजित पवार का असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें महाराष्ट्र के विकास में, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में, विशेष योगदान के लिए सदैव याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार, समर्थकों एवं प्रशंसकों के प्रति गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हूं। ईश्वर इस दुर्घटना में मारे गए अन्य सभी लोगों के परिवारों को भी इस आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “अजित पवार लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के तौर पर उनका बहुत सम्मान किया जाता था। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का उनका जुनून भी काबिले तारीफ था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएँ। ओम शांति।”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असमय निधन के बारे में जानकर गहरा सदमा लगा और दुख हुआ। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में, वे महाराष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहे। वे लोगों के प्रति अपनी करुणा और सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने अटूट समर्पण के लिए जाने जाते थे। मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “अजित पवार के अचानक निधन से गहरा सदमा लगा और स्तब्ध हूं! महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सह-यात्रियों की आज सुबह बारामती में एक दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई है, और मुझे गहरा दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार भी शामिल हैं, और दिवंगत अजित जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। इस घटना की उचित जांच होनी चाहिए।”बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में हुई भीषण हवाई जहाज दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार सहित कई लोगों के निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, “महाराष्ट्र के बारामती में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। अजित पवार के निधन से भारत की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के लोगों की सेवा के लिए समर्पित किया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। ओम शांति!”आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने लिखा, “यह खबर दिल दहलाने वाली है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य यात्रियों के दुखद विमान दुर्घटना में निधन की सूचना अत्यंत पीड़ादायक है। परिवारों को यह असहनीय शोक झेलना पड़ रहा है… ईश्वर उन्हें शक्ति दे। विनम्र श्रद्धांजलि।”विधायक प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने लिखा, “शब्दों से परे एक नुकसान! अजित दादा… महाराष्ट्र के एक महान सपूत, बारामती की मिट्टी में पले-बढ़े। उन्होंने विद्रोह से सुलह और फिर मजबूती तक का लंबा, अकेला रास्ता तय किया। बजट के माहिर, सपनों को पूरा करने वाले, उनकी दहाड़ तेज थी, उनकी चुप्पी और भी गहरी थी। एनसीपी और पवार परिवार को संवेदनाएं। ओम शांति शांति।”भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने लिखा, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार और अन्य लोगों के दुखद विमान हादसे में निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। यह महाराष्ट्र और पवार परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। गहरी संवेदनाएं। ओम शांति!”शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लिखा, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के बारामती के पास एक प्लेन क्रैश में निधन की दुखद खबर से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। पवार परिवार, उनके समर्थकों और महाराष्ट्र के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।” -
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर और उपमुख्यमंत्री अजित अनंतराव पवार का आज बुधवार को एक दु:खद विमान हादसे में निधन हो गया। मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें अजीत पवार सहित विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। DGCA ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ, जहां विमान रनवे से उतरकर क्रैश हो गया और आग लग गई।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे अजित पवारअजित अनंतराव पवार, महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली हस्ती थे। वे अपनी प्रशासनिक दक्षता, बेबाक बोलने की शैली और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार देने में अपनी हालिया भूमिका के लिए जाने जाते थे। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर थे—यह उनका छठा गैर-लगातार कार्यकाल था। 2024 में चुनाव आयोग ने उनके गुट को “असली” NCP मान्यता दी थी और पार्टी का नाम और “घड़ी” चिन्ह सौंपा। वे वित्त, योजना जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे थे और राज्य के वित्तीय प्रबंधन में उन्होंने खासी कुशलता दिखाई।राजनीतिक सफर :1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गएअजित पवार बारामती विधानसभा से 1991 से लगातार सात बार विधायक चुने गए, हर चुनाव में भारी अंतर से जीते। उनका आधार सहकारी क्षेत्र में मजबूत था—16 साल तक पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे, चीनी मिलों और दूध संघों पर गहरा प्रभाव। विभिन्न मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में जल संसाधन, बिजली, ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभाग संभाले।साहसिक फैसलों से भरा रहा उनका राजनीतिक सफरउनका राजनीतिक सफर साहसिक फैसलों से भरा रहा। नवंबर 2019 में फडणवीस के साथ मात्र 80 घंटे की सरकार बनाई, फिर चाचा शरद पवार के पास लौटे। जुलाई 2023 में NCP में विभाजन कर शिंदे सरकार में शामिल हुए, जिसने शरद पवार के 25 साल के नेतृत्व को चुनौती दी। अजीत पवार सुबह 6.00 बजे ही अपना दिन शुरू करने और मौके पर ही फैसले लेने के लिए जाने जाते थे। उनकी पब्लिक इमेज एक ऐसे नेता की थी जो साफ़-साफ़ बात करते थे – अक्सर नागरिकों को गोलमोल वादे करने के बजाय तुरंत “हां” या “नहीं” बताते थे।हालांकि अजित पवार सालों से राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रहे, लेकिन उनका करियर विवादों से भी घिरा रहा, जैसे 70,000 करोड़ का सिंचाई घोटाला और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले, लेकिन उन्होंने आरोपों से इनकार किया और कई क्लीन चिट मिलीं। दिग्गज नेता शरद पवार के भतीजे होने के बावजूद परिवार में फूट पड़ी, लेकिन 2026 की रिपोर्ट्स में स्थानीय चुनावों के लिए दोनों NCP गुटों में रणनीतिक गठबंधन या “दोस्ताना मुकाबला” की संभावना जताई गई थी।इस त्रासदी से महाराष्ट्र और देश भर में शोक की लहरपत्नी सुनेत्रा पवार बारामती में सामाजिक-राजनीतिक कार्यों में सक्रिय हैं। लोकसभा चुनाव में बारामती से सुप्रिया सुले से हार के बाद सुनेत्रा को राज्यसभा भेजा गया था। इस त्रासदी से महाराष्ट्र और देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। वहीं जांच एजेंसियां हादसे के कारणों की गहन जांच कर रही हैं। -
नयी दिल्ली. यूरोप और अमेरिका के बीच संबंधों में आई नई दरारों की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी की। भारत और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता ऐतिहासिक व्यापार समझौते के लिए बातचीत के पूरा होने की मंगलवार को घोषणा करेंगे। दोनों पक्ष रणनीतिक रक्षा समझौते को अंतिम रूप देंगे और भू-राजनीतिक उथल-पुथल एवं व्यापार व्यवधानों से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश करेंगे। शिखर सम्मेलन से पहले कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने राजघाट का दौरा किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। शिखर सम्मेलन से पहले वॉन डेर लेयेन ने कहा, '' एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध एवं सुरक्षित बनाता है। हम सभी को इसका लाभ मिलता है।'' अमेरिका की व्यापार एवं सुरक्षा नीतियों के कारण दुनिया में नए भू-राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रहे हैं। बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता एक अत्यधिक महत्वपूर्ण समझौता है जिसे ''मदर ऑफ ऑल द डील्स'' कहा जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा। भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने में सहायक होगी। यूरोपीय अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि यद्यपि दोनों पक्ष हर मुद्दे पर एकमत नहीं हैं। फिर भी उनके कुछ मूलभूत हित समान हैं जिनमें एक स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का होना शामिल है। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन भारत के साथ '' यूक्रेन के विरुद्ध रूस के आक्रामक युद्ध'' पर चर्चा करने का भी अवसर होगा। अधिकारियों ने बताया कि अध्यक्ष कोस्टा इस संदेश को दोहराएंगे कि यह युद्ध यूरोप के लिए खतरा है और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक सीधी चुनौती है। साथ ही इसके हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी स्पष्ट परिणाम होंगे। भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुए हैं। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि स्वदेशी प्रणालियां देश की परिचालन तैयारियों को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सोच बन चुकी आत्मनिर्भरता को हासिल करने में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना भी की। सिंह डीआरडीओ के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में डीआरडीओ के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हुए, जो गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा, ''आज जो भी तकनीक नयी है, वह चार-पांच साल में अप्रासंगिक हो सकती है। इसलिए, आज के समय में, विशेष रूप से युद्धक्षेत्र में, हमें केवल 'सर्वश्रेष्ठ की उत्तरजीविता' के सिद्धांत पर ध्यान देने के बजाय 'सबसे तेज और आगे रहने वालों के सफल होने' के सिद्धांत को भी ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा, ''जो देश तेजी से सोचता है, निर्णय लेता है और प्रौद्योगिकी को लागू करता है, वही आगे रहता है।'' उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्धक्षेत्र में डीआरडीओ की तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया और स्वदेशीकरण के प्रयासों के आधार पर रक्षा क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों में यह संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सिंह ने आज के प्रौद्योगिकी युग में अग्रणी बने रहने के लिए अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया और डीआरडीओ के वैज्ञानिकों से नवीन और त्वरित सोच अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने जोखिम लेने से नहीं डरने की अपील भी की। सिंह ने डीआरडीओ से उन क्षेत्रों से आगे बढ़ने का आग्रह किया, जहां निजी क्षेत्र पहले ही अपनी क्षमताएं विकसित कर चुका है। उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन के भीतर एक अलग प्रकोष्ठ का गठन किया जाए जो उन क्षेत्रों में जोखिम उठाए, जहां सफलता की संभावना कम लगती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि सफलता प्राप्त होती है, तो यह ऐतिहासिक होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि डीआरडीओ आमतौर पर डिजाइन और 'प्रोटोटाइप' पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि उत्पादन उद्योगों की भूमिका है, और इस अंतर को पाटना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मॉडलों के अनुरूप सह-विकास की रणनीति अपनाई जा सकती है, जिसमें उद्योग को शुरुआती चरणों से लेकर डिजाइन और उत्पादन तक सक्रिय रूप से शामिल किया जाता है। रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उपक्रमों के साथ गहन सहयोग स्थापित करने का आह्वान करते हुए कहा कि अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने तेजस जैसे हल्के लड़ाकू विमान का उदाहरण देते हुए बताया कि यह डीआरडीओ और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के बीच ज्ञान साझा करने की मिसाल है और एक बड़ी उपलब्धि के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कई और उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए डीआरडीओ का अकादमिक जगत और अन्य क्षेत्रों के साथ मिलकर सहयोग करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का समर्थन तभी सार्थक होगा जब डीआरडीओ एकाधिकारवादी अनुसंधान एवं विकास मॉडल से हटकर एक सहयोगात्मक व्यवस्था की ओर बढ़े। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के आत्मनिर्भरता प्रयासों के कारण आज रक्षा निर्यात बढ़कर लगभग 24,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वर्ष 2014 में यह 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था। उन्होंने इसे और बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि देश ने 2029-30 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ को अपने सिस्टम के डिजाइन चरण से ही निर्यात बाजारों पर विचार करना चाहिए, विशेष रूप से ड्रोन, रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और गोला-बारूद पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने से लागत की वसूली होती है, वैश्विक विश्वसनीयता बढ़ती है और रणनीतिक साझेदारी मजबूत होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डीआरडीओ 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ पुरस्कार योजना 2024 के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। इस मौके पर ''द अनप्रेसिडेंटेड सक्सेस स्टोरी ऑफ द फर्स्ट इंडिजिनियस सुपरसोनिक मल्टी-टारगेट सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम-आकाश'' नामक पुस्कत का विमोचन भी किया गया।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वैश्विक निवेशकों को भारत के बढ़ते ऊर्जा क्षेत्र का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि यह क्षेत्र 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान करता है। मोदी ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि देश जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा 'शोधन' केंद्र बन जाएगा।
'भारत ऊर्जा सप्ताह' (आईईडब्ल्यू) 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने निवेशकों से शोधन (रिफाइनिंग), एलएनजी 'वैल्यू चेन' अवसंरचना, सिटी गैस वितरण तथा तेल एवं गैस अन्वेषण जैसे क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2030 तक तेल एवं गैस क्षेत्र में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है। तेल शोधन क्षमता को 26 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 30 करोड़ टन प्रति वर्ष किया जाएगा। मोदी ने कहा, '' ऊर्जा क्षेत्र हमारी आकांक्षाओं का केंद्र है। इसमें 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर मौजूद हैं। इसलिए, मेरी अपील है कि भारत में बनाओ, भारत में नवाचार करो, भारत के साथ विस्तार करो, भारत में निवेश करो। '' उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत शीर्ष पांच निर्यातकों में से एक है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ऊर्जा क्षेत्र की बात करें तो ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में निवेश के अपार अवसर मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, अन्वेषण क्षेत्र को ही देखें। भारत ने इसे काफी हद तक खोल दिया है।'' उन्होंने कहा, '' आप हमारे गहरे समुद्र में अन्वेषण प्रयासों, 'समुद्र मंथन' परियोजना से भी अवगत हैं।'' मोदी ने कहा, '' हम इस दशक के अंत तक अपने तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेश को बढ़ाकर 100 अरब अमेरिकी डॉलर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अन्वेषण के दायरे को 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित करना भी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यहां 170 से अधिक ब्लॉक आवंटित किए जा चुके हैं।'' उन्होंने कहा कि अंडमान एवं निकोबार बेसिन भी देश की अगली हाइड्रोकार्बन उम्मीद के रूप में उभर रहा है। मोदी ने अन्वेषण क्षेत्र में किए गए कई सुधारों पर भी चर्चा की और बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा, '' आईईडब्ल्यू के पिछले संस्करण में जो भी सुझाव दिए गए थे उनके अनुरूप हमने अपने नियमों में बदलाव किए हैं। यदि आप अन्वेषण क्षेत्र में निवेश करते हैं, तो आपकी कंपनी की लाभप्रदता में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।'' उन्होंने कहा कि भारत की एक और विशेषता ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को अत्यधिक लाभदायक बनाती है। इसकी शोधन क्षमता बहुत अधिक है। शोधन क्षमता के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री ने कहा, '' जल्द ही हम पहले स्थान पर होंगे। आज भारत की शोधन क्षमता लगभग 26 करोड़ टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। इसे बढ़ाकर 30 करोड़ टन प्रति वर्ष से अधिक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा लाभ है।'' उन्होंने बताया कि भारत में एलएनजी की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत ने अपनी कुल ऊर्जा मांग का 15 प्रतिशत एलएनजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, '' इसलिए, हमें संपूर्ण एलएनजी मूल्य श्रृंखला पर काम करने की आवश्यकता है। भारत परिवहन पर भी बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। हम एलएनजी परिवहन के लिए आवश्यक जहाजों का विनिर्माण यहीं भारत में कर रहे हैं।''
मोदी ने बताया कि हाल ही में भारत में जहाज निर्माण के लिए 70,000 करोड़ रुपये का एक कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत अब ऊर्जा सुरक्षा से आगे बढ़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक ऐसा ऊर्जा क्षेत्र परिवेश बना रहा है जो घरेलू मांग को पूरा कर सकता है और किफायती शोधन एवं परिवहन समाधानों के साथ, विश्व को निर्यात को भी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। 'भारत ऊर्जा सप्ताह' 2026 ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता एवं समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और नवप्रवर्तकों को एकजुट करने वाला एक प्रमुख वैश्विक मंच है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल खुद विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना के तहत पूरे विश्व को एक परिवार मानते हुए उसके कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत विश्व कल्याण की दिशा में भी अपनी ओर से भरसक योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की शासन व्यवस्था का मुख्य ध्येय सामाजिक कल्याण रहा है और यह लगातार विचार किया जा रहा है कि वैश्विक समुदाय के हित में भारत किस प्रकार योगदान दे सकता है।केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत कृषि क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आज भारत चावल उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। यह उपलब्धि हरित क्रांति के दौर से भी तेज गति से किए गए कृषि विकास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान कई अहम बिंदु सामने आए, जिन पर कृषि मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घटिया कीटनाशकों के कारण उन्हें भारी नुकसान हो रहा है और उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए पेस्टिसाइड एक्ट और सीड एक्ट पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों के हितों को कोई नुकसान न पहुंचे और उन्हें इसका निरंतर लाभ मिलता रहे। इस संबंध में सुझाव भी मांगे गए हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की जा रही है।केंद्रीय कृषि मंत्री ने मनरेगा को लेकर कहा कि सरकार ने इस योजना में कई अहम बदलाव किए हैं। पहले मनरेगा के तहत किसानों और मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार मिलता था, जिसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों और मजदूरों को व्यापक स्तर पर लाभ पहुंचाना और उनके हितों की पूरी तरह रक्षा करना है।शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस रूपरेखा के तहत काम करने से आने वाले दिनों में गरीबी मुक्त गांवों का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और ग्राम विकास से जुड़ी योजनाओं से मजदूरों और किसानों- दोनों को लाभ होगा और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। -
नई दिल्ली। इंडिया–यूरोपीय यूनियन (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक उपलब्धि बताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय नेताओं की भारत यात्रा के दौरान आयोजित 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में इस एफटीए को संपन्न करने की संयुक्त घोषणा की थी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद और देशवासियों को बधाई दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत–यूरोपीय व्यापार समझौता भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक मंच पर दूरदर्शी कूटनीति का सशक्त उदाहरण है, जो पारस्परिक लाभ और संतुलित साझेदारी को सुनिश्चित करता है।अमित शाह ने कहा कि यह एफटीए सभी पक्षों के लिए लाभकारी समझौतों के माध्यम से भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को और मजबूत करता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक धन्यवाद दिया और भारत की जनता को बधाई दी।इस एफटीए के जरिए भारत और यूरोपीय संघ खुले बाजारों, पूर्वानुमान-आधारित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित होंगे। यह समझौता 2022 में वार्ता के पुनः शुरू होने के बाद गहन चर्चा और लंबे संवाद के उपरांत संपन्न हुआ है।एफटीए की घोषणा भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्षों की निरंतर बातचीत और सहयोग की परिणति मानी जा रही है। यह एक संतुलित, आधुनिक और नियम-आधारित आर्थिक व व्यापार साझेदारी के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।यूरोपीय संघ भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में शामिल है। वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ वस्तुओं में भारत का द्विपक्षीय व्यापार 11.5 लाख करोड़ रुपए (136.54 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा, जिसमें 6.4 लाख करोड़ रुपए (75.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निर्यात और 5.1 लाख करोड़ रुपए (60.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का आयात शामिल है।सेवा क्षेत्र में भारत–यूरोपीय संघ का व्यापार 2024 में 7.2 लाख करोड़ रुपए (83.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते भरोसे और सहयोग को दर्शाता है।भारत और यूरोपीय संघ क्रमशः दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के करीब 25% और वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन दो बड़ी, विविध और एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाओं के एक साथ आने से व्यापार और निवेश के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय गणराज्य की असली ताकत इसी में निहित है कि शासन आम नागरिकों के लिए काम करे। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लिखे अपने लेख में उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र केवल संविधान और चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि तब सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे।
रक्षा मंत्री ने भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के 1952 के ऐतिहासिक भाषण को याद करते हुए कहा कि आजादी और संविधान मिलना कोई अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि एक लंबी यात्रा की शुरुआत थी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र का असली उद्देश्य लोगों की मुश्किलों को कम करना और उनके जीवन में खुशहाली लाना होना चाहिए।राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल ‘जनता का’ और ‘जनता द्वारा’ शासन नहीं है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण है ‘जनता के लिए’ शासन। यानी सरकार का हर निर्णय आम नागरिकों के हित में होना चाहिए, विशेषकर गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा यह है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है, जरूरी यह है कि सरकार जमीनी स्तर पर लोगों की जरूरतों को कितनी प्रभावी ढंग से पूरा कर पाती है।रक्षा मंत्री ने भारतीय चिंतन परंपरा का उल्लेख करते हुए योग-क्षेम, महात्मा गांधी के सर्वोदय और दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद को जन-केंद्रित शासन की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ इसी विचारधारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि बीते 12 वर्षों में नीतियों को सीधे आम आदमी के जीवन से जोड़ा गया है। श्रम कानूनों में सुधार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण और सामाजिक न्याय पर जोर इसी दिशा में उठाए गए अहम कदम हैं।उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में 17 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं। दिव्यांगों और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों को भी उन्होंने सम्मान और समानता की दिशा में बड़ा कदम बताया।स्वच्छ भारत मिशन पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं रहा, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक बड़ा आंदोलन बना, जिसने स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, मुद्रा योजना और कौशल भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान प्रदान किया है।राजनाथ सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा नीति-निर्माण में महिलाओं की भूमिका और प्रभावी बनेगी।लेख के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय गणराज्य कोई एक बार पूरा हो जाने वाला कार्य नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को जमीनी हकीकत से जोड़े। उन्होंने कहा कि आज देश में शासन के केंद्र में आम नागरिक हैं और भारत सामाजिक न्याय तथा आर्थिक समावेशन के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सोमवार को इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया।अधिकारियों ने बताया कि रविवार देर रात इंटरनेशनल बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गोली मार दी।घुसपैठिया रामगढ़ सेक्टर के माजरा इलाके में एक बॉर्डर चौकी से भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी चौकस बीएसएफ जवानों ने उसकी हरकत देख ली।
अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ जवानों ने घुसपैठिए को चुनौती और चेतावनी दी। हालांकि, जब उसने चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा की तरफ बढ़ता रहा, तो सैनिकों ने गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने आगे बताया, “मारे गए पाकिस्तानी नागरिक का शव इंटरनेशनल बॉर्डर के पास पाकिस्तान की तरफ पड़ा है।”जम्मू और कश्मीर में सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में 240 किलोमीटर लंबी इंटरनेशनल बॉर्डर है। बीएसएफ भारत की तरफ इंटरनेशनल बॉर्डर की रखवाली करती है, जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तानी रेंजर्स इसकी रखवाली करते हैं।इस केंद्र शासित प्रदेश में कश्मीर के बारामूला, बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों और पुंछ, राजौरी और कुछ हद तक जम्मू जिलों में 740 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल है। सेना लाइन ऑफ कंट्रोल की रखवाली करती है। सेना और बीएसएफ की ड्यूटी बॉर्डर पर घुसपैठ, सीमा पार तस्करी और पाकिस्तान की तरफ से होने वाली ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए लगाई गई है।इन ड्रोन का इस्तेमाल आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना की मदद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए हथियार/गोला-बारूद, कैश और ड्रग्स गिराने के लिए करते हैं। इन पेलोड्स को आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और आतंकवादियों तक पहुंचाते हैं।जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हैं। इन अभियानों में तस्करी विरोधी अभियान भी शामिल हैं। माना जाता है कि ड्रग तस्करी और हवाला मनी रैकेट से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बनाए रखने के लिए किया जाता है। - नई दिल्ली। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार और लोगों को अपनी और रानी कैमिला की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच स्थायी और घनिष्ठ संबंधों की सराहना की।राष्ट्रपति मुर्मु को लिखे पत्र में किंग ने भारत और ब्रिटेन के बीच पक्की साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह कॉमनवेल्थ को बताने वाले शेयर्ड वैल्यूज और आपसी सम्मान पर आधारित है। उन्होंने दुनिया भर में समझ, सहयोग और मौके को बढ़ावा देने में कॉमनवेल्थ मेंबर देशों की भूमिका पर भी गर्व जताया।पत्र में लिखा गया, “कॉमनवेल्थ की रिच डायवर्सिटी और इसकी युवा जेनरेशन की एनर्जी उम्मीद और विकास को प्रेरित करती रहती है। वैश्विक अस्थिरता के इस समय में, हमारी कलेक्टिव स्ट्रेंथ और यूनिटी पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है। मुझे बहुत खुशी है कि हमारे देश नवंबर में एंटीगुआ और बारबुडा में अगली कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग में एक साथ आएंगे, जहां हम अपने साझा कमिटमेंट्स की फिर से पुष्टि करेंगे और फ्यूचर के लिए एक कलेक्टिव विज़न सेट करेंगे।”पत्र में आगे कहा गया, “मैं इस साल गर्मियों में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का भी इंतजार कर रहा हूं और अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स को सिक्योर करने के लिए आपको बधाई देता हूं।”किंग चार्ल्स ने क्लीन एनर्जी इनिशिएटिव, क्लाइमेट फाइनेंस पर सहयोग, और क्लीन टेक्नोलॉजी और ग्रीन ग्रोथ पर इनिशिएटिव के ज़रिए क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी में भारत-ब्रिटेन साझेदारी को गहरा करने का स्वागत किया। उन्होंने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे इनिशिएटिव के जरिए भारत की इंटरनेशनल क्लाइमेट लीडरशिप की तारीफ की।पत्र के अंत में लिखा था, “भारत इस जरूरी काम के लिए एक मजबूत वैश्विक आवाज है, और हमारा सहयोग एक खुशहाल, सुरक्षित और स्थिर दुनिया बनाने के साझा इरादे को दिखाता है। मैं और मेरी पत्नी आपको और भारत के सभी लोगों को आने वाले शांतिपूर्ण और खुशहाल साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं।”भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जो 1950 में संविधान को औपचारिक रूप से अपनाने और लागू करने की याद में है, जिसने देश के एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य में बदलाव को दिखाया। यह मौका संविधान में दिए गए न्याय, बराबरी, आज़ादी और भाईचारे के मुख्य सिद्धांतों को फिर से पक्का करता है।
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में देश की मजबूत होती स्वदेशी सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता व जन भागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला। कर्तव्य पथ पर शानदार परेड आयोजित की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया। यूरोपीय यूनियन के दो बड़े नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डर लेयेन मुख्य अतिथि रहे।
इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, देश की तरक्की, स्वदेशी सैन्य उपकरण, सेना की ताकत, भारत की संस्कृति और आम लोगों की भागीदारी सब कुछ एक साथ देखने को मिला। जहां एक ओर सेना ने गणतंत्र दिवस परेड में स्वदेशी रक्षा प्रणालियां प्रदर्शित की, वहीं दूसरी ओर 10 हजार से ज्यादा विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने देश के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व किया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुई झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ तथा ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रही।कर्तव्य पथ पर समारोह की शुरुआत 100 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई। इसमें अलग-अलग राज्यों की झलक दिखी। वहीं आसमान से चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर्स ने फूल बरसाए। परेड में भारतीय सेना का युद्ध वाला रूप खास तौर पर दिखाया गया। यहां कर्तव्य पथ पर परेड में स्वदेशी टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, रोबोटिक डॉग्स नजर आए। इसके अलावा टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टर व स्पेशल फोर्सेज की मौजूदगी ने भी लोगों को रोमांचित किया।एक खास झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ दिखाया गया। इसके माध्यम से बताया गया कि कैसे सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर दुश्मन को जवाब देती हैं। भारतीय नौसेना की झांकी में पुराने जहाजों से लेकर आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत तक की कहानी दिखाई गई। वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आसमान में शानदार फ्लाई-पास्ट किया। तटरक्षक बल की महिला टुकड़ी भी परेड का हिस्सा बनी। कर्तव्य पथ पर देश के 17 विभिन्न राज्यों और 13 मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां निकाली गईं।इन झांकियों में संस्कृति, आत्मनिर्भर भारत, कृषि, तकनीक और आजादी की कहानी दर्शायी गई। कई झांकियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया। साथ ही आत्मनिर्भरता के आधार पर देश की प्रगति, सांस्कृतिक विविधता, विरासत, नवाचार और विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। गणतंत्र दिवस समारोह में इस साल करीब 10,000 खास मेहमान भी आमंत्रित थे। ये मेहमान किसान, वैज्ञानिक, स्टार्ट-अप करने वाले युवा, खिलाड़ी, महिला समूह, आदिवासी प्रतिनिधि और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग थे।इनमें गगनयान, चंद्रयान जैसे इसरो अभियानों से जुड़े उत्कृष्ट वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ, डीप ओशन मिशन तथा समस्थानिक अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, अटल टिंकरिंग लैब्स के उत्कृष्ट विद्यार्थी, किसान व ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रतिभागी शामिल थे। ये विशिष्ट अतिथि देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित किए गए थे। इनमें वे नागरिक भी शामिल रहे जिन्होंने रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, खेल, कृषि, विज्ञान, सामाजिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।इस पहल का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित करना तथा राष्ट्रीय आयोजनों में जन-भागीदारी को और सशक्त बनाना था। कर्तव्य पथ पर इन विशिष्ट अतिथियों के बैठने की विशेष व्यवस्था की गई थी। वहीं राज्यों की झांकियों की बात करें तो असम की मनमोहक झांकी में आशारिकांडी यानी असम के टेराकोटा शिल्प ग्राम को दर्शाया गया था। गुजरात की झांकी स्वदेशी का मंत्र: आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता – वंदे मातरम् पर आधारित थी। हिमाचल प्रदेश की झांकी में देव भूमि, वीर भूमि के दर्शन हुए। जम्मू-कश्मीर की झांकी जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प और लोकनृत्य को समर्पित रही।मणिपुर की झांकी ‘समृद्धि की ओर: कृषि क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक’ की थीम पर केंद्रित थी। ओडिशा अपनी झांकी के माध्यम से मिट्टी से सिलिकॉन तक: परंपरा में निहित, नवाचार के साथ उन्नति को दर्शा रहा था। तमिलनाडु की झांकी में समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाई दी। उत्तर प्रदेश ने इस बार अपनी झांकी में बुंदेलखंड की संस्कृति को प्रदर्शित किया। मध्य प्रदेश की झांकी पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर पर आधारित रही।वहीं, पंजाब की झांकी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष पर केंद्रित थी। वायु सेना मुख्यालय ने अपनी झांकी में ‘पूर्व सैनिक झांकी: युद्ध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण’ को दिखाया। त्रि-सेवा झांकी में ऑपरेशन सिंदूर, संयुक्तता से विजय को प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर अग्रसर भारतीय स्कूली शिक्षा पर आधारित झांकी प्रदर्शित की।









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