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- 0- कमजोर परीक्षा परिणाम, फर्जी पंजीयन और अनियमितताओं पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह0- शिक्षा का मंदिर है स्कूल, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगारायपुर. जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों को और बेहतर बनाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने आज रेडक्रॉस भवन रायपुर में जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने की। बैठक में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक समीक्षा के दौरान डीएमसी श्री अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में जिले का औसत परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं में 71.05 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 84.79 प्रतिशत रहा है। यह परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा है और जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। हालांकि समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई अशासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शासकीय विद्यालयों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहा है तथा कुछ विद्यालयों के परिणामों में पिछले सत्र की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह अधिकारी ने बिना पूर्व सूचना बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और आवश्यकतानुसार ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाए।कलेक्टर डॉ सिंह ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार निम्न स्तर का है, उनकी विस्तृत समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में विद्यालयों की गुणवत्ता, शैक्षणिक स्तर एवं कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित करने के निर्देश दिए गए। यह दल समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी संकलित करेगा तथा शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करेगा।कलेक्टर ने फर्जी पंजीयन, नियमित कक्षाओं के अभाव तथा आरटीआई के दुरुपयोग करने वाले ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उसके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।उन्होंने निरीक्षण दल को विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से संबंधित जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों से कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क कर विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं के संबंध में उनकी संतुष्टि का फीडबैक प्राप्त करने को कहा। यदि किसी विद्यालय के संबंध में गंभीर शिकायतें अथवा असंतोषजनक स्थिति सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि "विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, इसे व्यवसाय का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। शिक्षा के नाम पर अनियमितता और विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली व्यय कम करने का प्रभावी माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने प्राचार्यों से स्वयं योजना का लाभ लेने और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- केन्द्र में हुई श्री रघतनराम के ट्रायसिकल की निःशुल्क मरम्मत0- दैनिक आवागमन की परेशानी हुई दूररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दिव्यांग गैरेजे के अंतर्गत संबल केन्द्र आज दिव्यांगों की आवाजाही की ज़रूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। श्री रघतनराम ध्रुव जो अपने आवागमन के लिए पूर्णतः बैटरी चालित ट्रायसिकल पर निर्भर हैं, ट्रायसिकल के खराब होने पर संबल केन्द्र में निःशुल्क मरम्मत होने से अत्यंत खुश हैं। आवागमन में होने वाली समस्याओं से उन्हें राहत मिली तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पा रहे हैं।श्री ध्रुव बीरगांव के निवासी हैं एवं अपनी दैनिक आवागमन एवं आवश्यकताओं के लिए बैटरी चालित ट्रायसिकल का उपयोग करते हैं। ट्रायसिकल के खराब होने पर उन्हें आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनका दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहा था।इस दौरान उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केन्द्र की जानकारी प्राप्त हुई जहां दिव्यांगजनों के सहायक उपकरण की निःशुल्क मरम्मत की जाती है। केन्द्र में उनके ट्रायसिकल की जांच की गई, जिसमें चार्जर सॉकेट एवं वायरिंग में खराबी पाई गई। तकनीकी कर्मचारियों द्वारा सभी खराबियों की मरम्मत की गई जिससे ट्रायसिकल सुचारू रूप से चलने लगी।उल्लेखनीय है कि 1 अक्टूबर 2025 को वृद्धजन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने घोषणा की थी कि रायपुर जिले में प्रदेश के दिव्यांगजनों को सुविधाएं प्रदान करने हेतु संबल केन्द्र की स्थापना की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में कार्य प्रारंभ हुआ एवं 3 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी द्वारा संबल केन्द्र का शुभारंभ किया गया। संबल केन्द्र में बैटरी एवं हस्तचालित ट्रायसिकल की निःशुल्क मरम्मत हेतु दिव्यांग गैरेज संचालित है।
- रायपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, जिला रायपुर ने जिले के समस्त एफएसएआई लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारकर्ताओं को सूचित किया है कि FoSCoS पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण FSSAI के नियमानुसार एफएसएआई लाइसेंस धारक खाद्य विनिर्माताओं, रिपैकरों और रिलेबलरों के लिए वार्षिक रिटर्न फॉर्म डीआई दाखिल करना अनिवार्य है।पूर्व में वार्षिक रिटर्न ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित थी। खाद्य कारोबारकर्ताओं की सुविधा और तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए FSSAI ने इस तिथि को बढ़ाकर अब 15 जून 2026 कर दिया है। उक्त तिथि के पश्चात वार्षिक रिटर्न भरने पर प्रतिदिन 100 रुपये विलंब शुल्क देय होगा।संबंधित खाद्य कारोबारी अपना वार्षिक रिटर्न सीधे FSSAI के आधिकारिक FoSCoS पोर्टल https://foscos.fssai.gov.in पर लॉग-इन कर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। इसके लिए कार्यालय में भौतिक प्रति जमा करने की आवश्यकता नहीं है।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रायपुर जिले के समस्त एफएसएआई लाइसेंसधारी खाद्य विनिर्माताओं, रिपैकरों और रिलेबलरों से अपील की है कि अंतिम समय में पोर्टल पर सर्वर डाउन जैसी समस्याओं से बचने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना जल्द से जल्द अपना वार्षिक रिटर्न दाखिल करें।अधिक जानकारी के लिए खाद्य कारोबारी FoSCoS पोर्टल या जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
- रायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सहायक ग्रेड 3 सुश्री अनीता साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम धनेली एवं गाइनोकोलॉजिस्ट सुश्री किरण कांबले ने एमसीएच कालीबाड़ी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- 1500 से अधिक वृद्धजनों ने कराया सियान जतन दिवस में स्वास्थ्य जांचरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले की सभी आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा संस्थाओं में प्रत्येक गुरुवार को सियान जतन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष पहल के माध्यम से 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल में वृद्धजनों को निःशुल्क पंचकर्म सुविधा, रक्तचाप, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, मूत्र जांच, मलेरिया की जांच, वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों का उपचार, योग परामर्श एवं नियमित योगाभ्यास, रोग प्रतिरोधक काढ़ा वितरण तथा स्वास्थ्य संरक्षण हेतु दिनचर्या एवं ऋतुचर्या संबंधी परामर्श प्रदान किया जा रहा है।जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।जिसमें वृद्धजनों द्वारा उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा रहा हैं। आयुष विभाग की यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सामान्य दिनों की तुलना में गुरुवार को वृद्ध मरीजों की उपस्थिति सर्वाधिक रहती है।इस गुरुवार आयोजित सियान जतन दिवस में जिलेभर से कुल 1550 वृद्धजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। कार्यक्रम में सर्वाधिक संख्या वात रोग एवं दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की रही, जिन्हें आयुष चिकित्सकों द्वारा उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर खनिज एवं राजस्व विभाग की कार्रवाई0- 90 ट्रैक्टर रेत का अवैध भंडारण एवं तीन वाहन जब्तरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत प्राप्त शिकायतों पर रायपुर जिले में जल्द कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रेत के अवैध कारोबार एवं शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं उप संचालक खनिज श्री राजेश मालवे के मार्गदर्शन में खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आरंग विकासखंड के समोदा, कुरूद, मोहमेला तथा कुटेला क्षेत्रों में जांच की। सुशासन तिहार 2026 के दौरान ग्राम कुटेला में तालाब क्षेत्र में रेत पाटने की शिकायत भी प्राप्त हुई थी।मौके पर जांच के दौरान ग्राम कुटेला-चिखली मुख्य मार्ग के किनारे स्थित शासकीय भूमि पर प्रस्तावित तालाब क्षेत्र में बिना अनुमति के 90 ट्रैक्टर एवं 80 हाईवा रेत का अवैध भंडारण पाया गया। ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में उक्त अवैध रेत भंडारण को जप्त किया गया। साथ ही अवैध भंडारण स्थल तक पहुंचने वाले रैंप मार्ग को जेसीबी मशीन से काटकर बंद कर दिया गया, जिससे अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जा सके।प्रशासन ने अवैध भंडारण करने वाले संबंधित व्यक्ति को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया है। वहीं रेत के अवैध परिवहन एवं भंडारण में संलग्न तीन वाहनों को भी जब्त कर आरंग थाना के सुपुर्द किया गया है।खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत अवैध भंडारणकर्ता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कार्रवाई दल में सहायक खनिज अधिकारी श्री उमेश भार्गव, नायब तहसीलदार श्री गजानंद सिदार सहित खनिज एवं राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
- 0- श्रीमती बबीता सहित अन्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवादरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में नगर निगम बीरगांव स्थित रामायण मेला मैदान रावाभांटा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में बीरगांव निवासी श्रीमती बबीता यादव सहित कई महिलाओं के आवेदन पर जल्द ही राशन कार्ड बनाकर प्रदान किया गया।श्रीमती यादव ने उत्साह के साथ बताया कि मैंने इस सुशासन शिविर में अपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया और आवेदन करने के कुछ ही समय बाद मुझे कार्ड प्रदान कर दिया गया। अब मैं शासन की योजनाओं का लाभ ले सकुंगी, मुझे राशन संबंधी कोई समस्या नहीं होगी।श्रीमती यादव सहित शिविर में श्रीमती गोदावरी साहू, श्रीमती सोनिया वर्मा, श्रीमती दूरपत रात्रे, श्रीमती बीबता यादव, श्रीमती अंजुतला, श्रीमती मधु वर्मा, श्रीमती ललिता यादव, श्रीमती किरण ध्रुव, श्रीमती नोमिन, श्रीमती प्रीति यादव, श्रीमती पूजा वर्मा एवं श्रीमती रूकसाना परवीन के आवेदन पर राशन कार्ड प्रदान किया गया। इस त्वरित लाभ से सभी लाभान्वित महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
- 0- 18 जून तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति प्रस्तुतरायपुर. शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा सत्र 2026-28 के लिए बी.एड. (विभागीय) अभ्यर्थियों की अनंतिम चयन सूची एवं अनंतिम प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है।अभ्यर्थी उक्त सूचियों का अवलोकन महाविद्यालय की वेबसाइट www.cteraipur.org तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट scert.cg.gov.in पर कर सकते हैं।आवेदन करने वाले अभ्यर्थी 11 जून 2026 से 18 जून 2026 तक अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त दावा-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित आवेदक की होगी।दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों सहित शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक-07 में प्रवेश प्रभारी के समक्ष कार्यालयीन समय में अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- 0- जोन क्रमांक 5, 6 एवं 10 में कंक्रीट के घेरे हटाकर पौधों के संरक्षण की पहलरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 5, 6 एवं 10 में ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ के तहत पौधों के चारों ओर बने कंक्रीट के घेरे और अनावश्यक ट्री गार्ड हटाने का अभियान शुरू किया गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य पौधों को वर्षा का पानी, पर्याप्त हवा और प्राकृतिक रूप से विकसित होने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे शहर में हरित आवरण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पौधों की पहचान करें जिनके चारों ओर बने कंक्रीट या ट्री गार्ड उनके स्वाभाविक विकास में बाधा बन रहे हैं। ऐसे पौधों के आसपास से कंक्रीट हटाकर उन्हें खुला स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वर्षा का पानी सीधे उनकी जड़ों तक पहुंच सके और उनका विकास बेहतर तरीके से हो।अभियान के तहत जोन क्रमांक 5, 6 एवं 10 के विभिन्न स्थानों पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जहां आवश्यक है, वहां पौधों के चारों ओर बने कंक्रीट के घेरे और अनुपयुक्त ट्री गार्ड हटाए जा रहे हैं। इससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलेगा और पौधे प्राकृतिक रूप से विकसित हो सकेंगे। आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी इस अभियान का विस्तार किया जाएगा।
- 0- रायपुर नगर निगम के लगभग 15 करोड़ रूपए के विद्युत मंडल को देय संपत्तिकर के देयको को बिजली बिल में समायोजित करने के निर्देश0- जोन अधिकारियों ने विभिन्न स्थानो पर विद्युत मीटर संबंधी समस्या बतायी, समाधान समन्वय से शीघ्र करने के अपर आयुक्त के निर्देशरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय ने नगर निगम मुख्यालय भवन में मुख्य अभियता श्री संजय बागडे, कार्यपालन अभियंता विद्युत श्री सदीप शर्मा सहित सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं सहित सीएसईबी के अधिकारियों की आवश्यक बैठक लेकर समन्वय सहित विद्युत सबंधी समस्याओ का शीघ्र निदान करने के संबंध में निर्देश दिये।अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय ने सीएसईबी अधिकारियों को रायपुर नगर निगम से संबंधित सपत्तिकर के छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को देय लगभग 15 करोड रू के देयको को बिजली बिल में समायोजन करने के संबध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जोन कमिश्नरो ने जोनो के क्षेत्र में विभिन्न स्थानो पर जोन 4 क्षेत्र में नेताजी सुभाष स्टेडियम एवं जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक भवन सहित अन्य स्थानो पर विद्युत मीटर सबधी समस्याओं की जानकारी दी। जिस पर अपर आयुक्त ने समन्वय कर शीघ्र समाधान किये जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिये।
- 0- 24 घंटे निगरानी के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी तय, नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारीबिलासपुर. आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर निगम बिलासपुर ने जलभराव, जल निकासी एवं संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। निगम आयुक्त के निर्देश पर विकास भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है, जो वर्षा काल के दौरान चौबीसों घंटे कार्य करेगा।नगर निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम का संचालन किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी समय प्राप्त होने वाली सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार और मुख्य अभियंता श्री राज कुमार मिश्रा को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता श्री एस.पी. साहू को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।नगर निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 07752-471224 जारी किया है। शहर के किसी भी क्षेत्र में जलभराव, नाली अवरोध, जल निकासी में समस्या अथवा अन्य वर्षाकालीन कठिनाइयों की सूचना इस नंबर पर दी जा सकेगी। निगम आयुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मैदानी अमले को भी सक्रिय किया गया है। निगम की यह पहल वर्षा के दौरान नागरिकों को राहत प्रदान करने तथा शहरी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जल निकासी मार्गों में कचरा न डालें तथा किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- 0- खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन में संलग्न वाहन को किया गया जप्तबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग द्वारा 09 जून 2026 को गुरूर विकासखण्ड एवं 11 जून को बालोद एवं गुण्डरदेही का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाये जाने के कारण कुल 10 वाहनों को जप्त किया गया। जिसमें रेत से भरी 05 हाईवा सीजी 08 बीएफ 9424, सीजी 08 एल 3527, सीजी 24 टी 7853, सीजी 04 पीएच 2606, सीजी 08 बीएच 1082 एवं 03 टैक्टर मय ट्राॅली सीजी 07 सीवाय 7277, सीजी 24 वी 2089 एवं सीजी 047463 तथा मिट्टी (ईंट) से भरी 02 वाहन सोल्ड महेन्द्रा एवं सीजी 24 वी 3114 सहित 10 वाहनों को जप्त कर थाना आरक्षी केन्द्र बालोद, गुण्डरदेही एवं सनौद के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत् कार्यवाही की जाएगी एवं भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद. भारत सरकार गृह मंत्रालय महानिदेशालय, अग्निशमन सेवा, नई दिल्ली एवं मुख्यालय नगर सेना रायपुर द्वारा ग्रीष्म ऋतु के दौरान आवासीय एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिये अग्निसुरक्षा संबंधित जागरूकता अभियान हेतु एडवाइजरी जारी की है। जिसके अंतर्गत घर की बिजली की वायरिंग और अप्लायंसेज, खासकर एयर कंडीशनर, कूलर और रेफ्रिजरेटर का समय-समय पर निरीक्षण जरूर करें। बिजली का इस्तेमाल सावधानी से करें और जब इस्तेमाल न हो रहा हो तो अप्लायंसेज को बंद कर दें। सिर्फ आईएसआई मार्क (सही रेंटिंग) वाले बिजली के उपकरण इस्तेमाल करें और ढीले कनेक्शन से बचें। बिजली के उपकरणों का लगातार इस्तेमाल न करें। रेजिडेंशियल यूनिट के लिये कम्पैटिबल इलेक्ट्रिक लोड पक्का करें। जब अप्लायंस इस्तेमाल में न हो, तो उन्हे बंद कर दे, खासकर जब बहुत ज्यादा गर्मी हो। एलपीजी सिलेंडर को सीधा रखें और साबुन के घोल से लीकेज चेक करें। पर्दे, लटकने वाली चीजें, दीये, मोमबत्तियां, अगरबत्ती वगैरह जैसी खुली लौ को पावर सॉकेट से दूर रखें। ओवरहीटिंग से बचने के लिये सही वेंटिलेशन बनाए रखें। इमरजेंसी में इस्तेमाल के लिये पानी, रेत की बाल्टियां आसानी से उपलब्ध रखें। परिवार के सभी सदस्यों को आग से सुरक्षा के तरीकों और इमरजेंसी में मदद हेतु डायल 101, 112 के बारे में बताएं। बालकनी, कॉरिडोर और सीढ़ियों को फालतू सामान से मुक्त रखें। पक्का करें कि बिल्डिंग की आने-जाने चाली सड़कें फायर सर्विस की गाड़ियों के लिये बिना रूकावट वाली हो।इसके साथ ही बिजली के सॉकेट पर ज्यादा लोड न डाले या एक ही एक्सटेंशन बोर्ड पर कई ज्यादा लाड वाले उपकरण इस्तेमाल न करें। बिजली की तारे ढीली न रखें, बिजली खीचने वाले उपकरण जैसे कंप्रेसर वगैरह को एक दूसरे के पास न रखें। घर के अंदर ज्वलशील पदार्थ (केरोसीन, पेट्रोल, पटाखे) न रखे। खराब तार, ढीले प्लग इलेक्ट्रिकल फिटिंग का इस्तेमाल न करें। बाहर निकलने के रास्ते या सीढ़ियों को फर्नीचर या स्टोरेज से ब्लॉक न करे। बिजली के उपकरणों को पर्दा या जलने वाली बीजों के पास न रखें। रात भर बिना देखरेख के डिवाइस चार्ज न करे। घर के अंदर कचरा न जलाएं। एलपीजी सिलेंडर को बंद या खराब हवादार जगहों पर न रखें। जलती हुई सिगरेट, मोमबत्ती, केरोसीन, लैंप को लापरवाही से न फेंके, इनसे खतरनाक आग लग सकती है। कूलिंग डिवाइस के ज्यादा इस्तेमाल से ओवरहीटिंग हो सकती है इसके लिए सही वायरिंग और लोड डिस्ट्रिब्यूशन पक्का करें। टेम्पररी या कामचलाऊ बिजली कनेक्शन से बचें। इन्वर्टर, बैटरी सिस्टम को ओवरहीटिंग और सही वेंटिलेशन के लिये चेक करने के संबंध में आम नागरिकों को विस्तृत समझाईश दी गई है।
- बालोद. खेती-किसानी के क्षेत्र में अब बालोद जिले के किसान भी पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के वनंाचल के ग्राम कोडेकसा के प्रगतिशील किसान श्री हीराराम चुरगियां कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो तकनीक को अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।ग्राम कोडेकसा के रहने वाले किसान श्री हीराराम चुरगियां अपने गाँव में लगभग 05 एकड़ की भूमि पर खेती का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पिछले 04 से 05 सालों से अपने खेतों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का लगातार उपयोग कर रहे हैं। कृषि विभाग से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्होंने इस आधुनिक उर्वरक को अपनाया, जिसके बाद से उनकी खेती में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अपने अनुभव साझा करते हुए हीराराम ने बताया कि पारंपरिक दानेदार यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया (तरल) के परिणाम बेहद शानदार रहे हैं। इसके उपयोग से लागत में कमी आई है, भारी-भरकम बोरियों को ढोने और उनके प्रबंधन के खर्च से मुक्ति मिली है। फसल की सेहत सुधरी है, धान की फसल हमेशा हरी-भरे रूप में लहलहाती रहती है। फसलों की गुणवत्ता और कुल उत्पादन में पहले से काफी सुधार हुआ है। फसलों में लगने वाले कीड़ों और अन्य बीमारियों का प्रकोप भी अब बेहद कम देखने को मिलता है। नैनो उर्वरक के चमत्कारी फायदों को देखने के बाद अब कोडेकसा की सहकारी समिति और आस-पास के क्षेत्रों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। किसान हीराराम चुरगिया ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें और कृषि विभाग की सलाह पर नैनो यूरिया व नैनो डीएपी जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, ताकि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।
- बालोद. उद्यानिकी विभाग के राज्यपोषित मौसम खरीफ वर्ष 2026-27 अतर्गत बालोद जिले में मसाला क्षेत्र विस्तार में हल्दी एवं अदरक उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि ’पहले आओ, पहले पाओ के’ तहत जिले में रकबा 50 हेक्टेयर हल्दी एवं 33 हेक्टेयर अदरक हेतु कृषक अपने स्थानीय उद्यानिकी शासकीय उद्यान रोपणी में संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी उद्यानिकी तकनीकी सहायक श्री मनीष कुमार निषाद के मोबाईल नंबर 9770644287 से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।उन्होंने बताया कि प्रमाणित, आधार बीज जिसमें हल्दी बीज प्रति हेक्टेयेर 25 क्विंटल एवं अदरक बीज प्रति हेक्टेयर 15 क्विंटल लगाकर फसल हल्दी में 47 हजार रूपये अनुदान एवं फसल अदरक में 49 हजार 800 रूपये का अनुदान प्राप्त कर सकेगें। उन्होंने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड के किसान श्री विजय निकोसे के मोबाईल नंबर 6265269639, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के किसान श्री अनिल साहू के मोबाईल नंबर 7415793724, गुण्डरदेही विकासखण्ड के किसान श्री मुकेश कुमार वासनिक के मोबाईल नंबर 9926171139, बालोद विकासखण्ड के किसान श्री गणेश शंकर के मोबाईल नंबर 9098787674 एवं गुरूर विकासखण्ड के किसान श्री अखिलेन्द्र जगबेहड़ा के मोबाईल नंबर 7000540576 से संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- 0- अनुकरणीय पहल: महाराष्ट्र मंडल के वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया संकल्परायपुर। प्लास्टिक की थैलियों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए महाराष्ट्र मंडल हमेशा से लोगों को जागरूक करता रहा। मंडल के वल्लभ नगर महिला केंद्र की सभासदों ने अब प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग नहीं करने का प्रण लिया है। उन्होंने यह संकल्प विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में आयोजित केंद्र की मासिक बैठक में लिया।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर केंद्र ने संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में बैठक आहूत की। बैठक हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ शुरू हुई। वहीं ‘नो प्लास्टिक अभियान’ की ब्रांड एंबेसडर व केंद्र की सदस्य शुभांगी आप्टे ने सभी सभासदों को कपड़े की थैलियां वितरित की। सभी ने इस अवसर पर यह प्रण लिया कि आज से वे प्लास्टिक- पॉलिथीन के कैरी बेग व थैलियों का उपयोग बिल्कुल नहीं करेंगे।वृक्ष पहचानने की स्पर्धा में मंजूषा सबसे आगेबैठक में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्ष के पत्तों पर आधारित रोचक गेम खेलाया गया। इसमें महिला प्रतिभागियों को वृक्षों को पहचानना था। इसमें प्रथम मंजूषा चिलमवार, द्वितीय मानसी विट्ठालकर, तीसरी अपर्णा आठले रहीं। बैठक में सह महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख, अपर्णा पेंडसे, दीपाली इंगले, मानसी विठालकर, विजया चौधरी, स्मिता चांडोलकर, मंजूषा चिलमवार, सुहानी पवार, सीमा तिग्गा, माधुरी गाडगिल, अर्चना राखड़े, प्राजक्ता पुसदकर , अर्चना जतक, अपर्णा पेंडसे, दीपाली इंगले, प्रीति केसकर सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं।
- 0- बुजुर्गों की संस्था ‘सहयोग’ का हर सदस्य करेगा मोबाइल उपवास, बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णयरायपुर। वर्तमान युग में मोबाइल के बिना जीवन की कल्पना असंभव प्रतीत होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। हम उस युग के लोग हैं, जिन्होंने अपने युवावस्था में मोबाइल जैसे संसाधन नहीं देखे। जब मोबाइल आया, तो हम लोग युवावस्था के अंतिम पड़ाव पर हुआ करते थे, ऐसे में बिना मोबाइल के भी हमारा कार्य चलता था, फिर आज हम इसके आदी क्यों हो रहे हैं। कहीं न कहीं हमें देखकर हमारे नाती- पोते भी मोबाइल देखते हैं। ज्यादातर घरों पर बच्चे अपने दादा-दादी का मोबाइल ही देखते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की संस्था ‘सहयोग’ की मासिक बैठक में अध्यक्ष अपर्णा कालेले ने इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने सप्ताह में एक दिन मोबाइल उपवास करने का संकल्प लिया।महाराष्ट्र मंडल की सहयोगी संस्था ‘सहयोग’ के सचिव श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि संस्था की मासिक बैठक भगिनी मंडल चौबे कॉलोनी में हुई। बैठक की शुरुआत गणेश वंदना और फिर सदस्यों के स्वागत से हुई। इस बीच संस्था के नवीन सदस्यों का अन्य सदस्यों से परिचय कराया गया। तत्पश्चात कोषाध्यक्ष दीपक पात्रीकर ने संस्था की वार्षिक सदस्यता शुल्क एवं आय-व्यय की जानकारी दी। जिन सदस्यों का जन्मदिन इस माह होता है, उन्हें शुभकामना दी गई। साथ ही कार्ड और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।डॉ. नलिनी राजिमवाले ने इस भीषण गर्मी में वरिष्ठ जनों को अत्यावश्यक सावधानियां बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीये। सिर और चेहरा पूरी तरह ढकें। संभव हो तो अपने पहने हुए कपड़े में शरीर से चिपककर प्याज रखें। जहां भी जाएं, अपने साथ पानी जरूर रखें। डॉ. राजिमवाले ने कहा कि गर्मी के मौसम में जितना सादा व हल्का भोजन हो सके, करना चाहिए। मसाले, तले आहार से दूरी बनाकर रखना चाहिए और मांसाहार से पूरी तरह तौबा करना ही चाहिए।वरिष्ठ सदस्य संजय आप्टे ने पुणे में तैयार हो रहे शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित स्मारक ‘शिव सृष्टि’ की जानकारी दी। सचिव श्याम सुंदर खंगन ने जीवन को आनंददायक कैसे बनाया जाये, इस पर अपने विचार रखे। सभी सदस्यों ने अंत में गीत ‘जगत में कोई न परमानेंट’ का पाठ किया। आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष भाटे ने किया।
- 0- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के छात्र ने तमिलनाडु के खिलाड़ी को हराकर हासिल की उपलब्धिरायपुर। आडिशा खुरदा के केटी ग्लोबल स्कूल में 30 मई से 3 जून तक हुए जूनियर नेशनल किक बॉक्सिंग खेल स्पर्धा में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के छात्र योगेश यादव ने ब्रांज मेडल जीता। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के छात्र की इस उपलब्धि से बाकी खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बताया कि नेशनल जूनियर किक बॉक्सिंग स्पर्धा में स्कूल में अध्ययनरत 12वीं के छात्र योगेश ने दो इवेंट में क्वालीफाई किया। किक लाइट इवेंट में दिल्ली, राजस्थान और ओडिशा के खिलाड़ी को परास्त करते हुए योगेश ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में तमिलनाडु के खिलाड़ी को हराकर ब्रांड मेडल अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में देशभर के 700 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया था।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, सचिव चेतन दंडवते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर सहित समूची कार्यकारिणी ने योगेश की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक व प्रेरक बताया और उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं। प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार सहित शिक्षक स्टाफ योगेश में किक बॉक्सिंग की अपार संभावनाएं देखते हैं। उन्होंने योगेश को शुभकामनाएं दीं और किक बॉक्सिंग में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा को प्रतिष्ठित करने की कहानीरायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व जितना भव्य, उतनी की भारी भरकम उनकी प्रतिमा। जी हां... बात हो रही है महाराष्ट्र मंडल भवन में शिवाजी राज्याभिषेक दिवस पर प्रतिष्ठित की गई छत्रपति शिवाजी की संगमरमर के एक पत्थर पर तराशी गई खूबसूरत प्रतिमा की, जिसका वजन करीब 600 किलो है। इस प्रतिमा को राजस्थान से यहां लाकर किसी तरह मंडल भवन के प्रथम तल तक क्रेन की मदद से पहुंचाया तो गया, लेकिन बाद जब इसी प्रतिमा को निर्धारित प्लेटफार्म पर रखने की आई तो, एक तरह से सारी इंजीनियरिंग फेल लग रही थी।महाराष्ट्र मंडल भवन के सह प्रभारी शचिंद्र देखमुख ने बताया कि दिनभर बिजली के ट्रांसफार्मर चढ़ाने- उतारने पर उन्हें फिट करने का काम करने वाले अनुभवी 10 कामगार को विशेष रूप से बुलाया गया। इनके साथ महाराष्ट्र मंडल के कर्मचारियों ने भी प्रतिमा को सिर्फ तीन फिट ऊपर चढ़ाने के लिए तकरीबन पांच घंटे भारी मशक्कत की। देशमुख के अनुसार भिलाई से ट्रक पर लोडकर 600 किलो वजनी मूर्ति को महाराष्ट्र मंडल परिसर लाया गया। यहां क्रेन की मदद से मूर्ति को प्रथम तल के लॉन एरिया तक पहुंचा दिया गया।शचिंद्र के अनुसार लॉन एरिया से प्रतिमा स्थापित होने वाले स्थल तक मूर्ति को पाइप और लकड़ी के बेलन के सहारे एक घंटे की मशक्त के साथ लाया गया। घंटेभर की जी तोड़ मेहनत के बाद शिवाजी प्रतिमा को 10 लोग मात्र 20 फीट ही खिसका पाए। फिर शुरू हुआ प्रतिमा को सुनिश्चित प्लेटफार्म पर रखने का टास्क। शचिंद्र ने बताया कि लकड़ी के बॉक्स को खोलकर प्रतिमा को बाहर निकाला गया। एक पीस संगमरमर पत्थर में तैयार 600 किलो की इस प्रतिमा को पूरी नजाकत व सावधानी के साथ जमीन से तीन फीट उठाना था। इसके लिए बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले, दिव्य महाराष्ट्र मंडल के सह प्रभारी कुणाल दत्त मिश्रा, प्रकाश गुरव, नारायण सहित अन्य सदस्यों और 10 अनुभवी कामगारों ने यह जिम्मा अपने कंधों पर लिया। मूर्ति को शिफ्ट करने के लिए पहले मूर्ति को रस्सी से बांधकर कांवर की तरह उठाकर रखने की योजना बनीं, लेकिन जगह और बल की कमी के कारण यह प्रयास कारगर कार्य नहीं हो सका।सुबोध टोले ने बताया कि इसके बाद मूर्ति का निर्माण करने वाले शिल्पकार कुशल उजाला भी दुर्ग से यहां पहुंच गए। फिर नए सिरे से मूर्ति को चढ़ाने की योजना बनी। इस बार पेवर ब्लाक, ईंट और ट्रकों में इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोलिक जेक का इस्तेमाल किया गया। मूर्ति को तिरछा कर पहले एक सिरे पर कुछ ईंटें रखी गई। फिर मूर्ति को दूसरी ओर झुकाकर दूसरी ओर ईंट रखी गई। इस आधे घंटे के प्रयास के बाद मूर्ति जमीन से छह इंच ऊपर पहुंच गई।टोले के मुताबिक प्रतिमा को चढ़ाने के लिए यहां से शुरू हुआ हाइड्रोलिक जेक के काम। भारी वजन (ट्रक के एक हिस्से) को उठाने की क्षमता वाले दो जेक को मूर्ति के ठीक नीचे लगाया गया। एक जेक को सुबोध टोले औऱ दूसरे को कुणाल मिश्रा ने नियंत्रित कर प्रतिमा को उठाना शुरू किया। अन्य सहयोगी जेक के साथ उठती प्रतिमा के नीचे ईंटे के ऊपर ईट लगाते रहे। काफी मशक्कत के बाद प्रतिमा ढाई फिट ऊंचाई पर आई तो उसे टिकाने के लिए एक तखत लाया गया, जिस पर प्रतिमा का सैकड़ों किलो का वजन पड़ते ही तखत आगे बढ़ने लगा। तत्काल उस पर कई पदाधिकारी सवार हो गए। तत्पश्चात प्रतिमा को शेष छह इंच और ऊपर उठाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।टोले के अनुसार इस दौरान मूर्ति पर बैलेंस बनाए रखने का पूरा जिम्मा शचिंद्र और उनकी टीम ने बखूबी निभाया। फिर ‘जय भवानी जय शिवाजी’ जयघोष के साथ शिवाजी प्रतिमा को निर्धारित प्लेटफार्म पर चढ़ाकर पीछे की ओर खिसका कर तय स्थान पर स्थापित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले वहां पूरी जीवटता के साथ खड़े रहे और ईंट देने में मदद करने के साथ हौसला आफजाई करते रहे।
- 0- रायपुर के डॉ. प्रशांत भागवत पहुंचे महाराजी अस्पताल जगदलपुररायपुर। छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ लाल आतंक के साये से मुक्त हो गया हो, लेकिन उस लाल साये की पीड़ा आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ अब भी है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में अब नया सबेरा आ रहा है। सामान्य जीवन जीने की चाह रखने वाले इन लड़ाकों की नसबंदी शीर्ष नक्सलियों ने करा दी थी। अब वेस्ट ज़ोन यूरोलॉजी सोसाइटी, छत्तीसगढ़ यूरोलॉजी सोसाइटी और बस्तर पुलिस के सहयोग से नसबंदी करा चुके आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी कराई जा रही है।रायपुर के प्रसिद्ध डाक्टर और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डॉ. प्रशांत भागवत ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि वे जगदलपुर के महारानी अस्पताल में हुए चैरिटी सर्जिकल वर्कशाॅप का हिस्सा बने। डाॅ. भागवत ने हाल ही में जगदलपुर में 33 आत्मसमर्पित नक्सलियों की रिवर्सल नसबंदी की। यह कार्यक्रम बस्तर आईजी पी. सुंदरराज की पहल पर आयोजित किया गया था।डॉ. प्रशांत भागवत ने बताया कि वहां जाकर पीड़ितों से बात कर हमें भी पता चला कि बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले जोड़ों में से कई संगठन की क्रूर नसबंदी की दंश झेल रहे थे। वहां पिछले दिनों शिविर के लिए 70 पूर्व नक्सलियों ने पंजीयन कराया गया था। इसमें से 33 पुरुषों का माइक्रो सर्जिकल ऑपरेशन किया गया।
- 0- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया मार्गदर्शन कार्यक्रमरायपुर। भारत के मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम हमेशा पांच बातें कहा करते थे। वे कहते थे: आई एम द बेस्ट, गॉड इज ऑलवेज विथ मी, आई कैन डू एवरीथिंग, आई एम द विनर और टुडे इज माय डे। इन बातों को सभी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उक्त बातें समाजसेवी, गोसेवक हरीश जोशी ने महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वाणिज्य विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए आयोजित मार्गदर्शन कार्यक्रम के दौरान कहीं।हरीश जोशी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को अपना शिक्षण कार्य धारदार बनाना चाहिए। शिक्षकों को क्लास रूम में हमेशा खड़े होकर पढ़ाना चाहिए, ताकि पीछे तक बैठे सभी विद्यार्थियों पर आपकी नजर जा सके। वहीं शिक्षक बच्चों के लिए आदर्श होते हैं, इसलिए शिक्षकों को अपनी वेशभूषा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। शिक्षक को अपना कार्य समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।जोशी ने कहा कि एक शिक्षक को हमेशा लोगों को धन्यवाद देते रहना चाहिए। दूसरों की प्रशंसा करिए, विद्यार्थियों की प्रशंसा करिए, उनका उत्साहवर्धन कीजिए। गलतियों पर बच्चों से किसी प्रकार का द्वेष नहीं रखना चाहिए। उन्हें माफ कीजिए सही रास्ता दिखाइए।कार्यक्रम में वाणिज्य संकाय के निभा रानी दास, रंजना ठाकुर, शांतनु मुखर्जी और विवेक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने की। इस अवसर पर उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार, आराधना लाल, अपर्णा आठले, सुनिधि रोकड़े, अस्मित कुसरे, रचना तिवारी, सरिता पांडे, वर्षा गिरीभट्ट, चित्रा जावलेकर सहित सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।--
- 0- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के बड़ी संख्या में सभासदों ने ऑनलाडन मोड पर किया सामूहिक पाठरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक एकादशी को होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम पाठ शुक्रवार को इस एकादशी यानी शुक्रवार को सुबह ऑनलाइन मोड पर समिति के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ किया। इस बीच मंडल के सियान गुड़ी में वरिष्ठजनों ने श्रीराम नाम का लेखन किया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा प्रत्येक एकादशी पर ऑनलाइन मोड पर होने वाले विष्णु सहस्त्रनाम पाठ को इस एकादशी पर सभासद मंजूषा मरकले ने करवाया। इसके बाद दीपांजलि भालेराव, प्रणिता नलगुंडवार, चारुशीला देव और मानिक मैराल ने श्री कृष्ण के सुंदर भजन प्रस्तुत कर सभी आध्यात्म की गंगा में डुबकी लगाने का अवसर प्रदान किया। इस अवसर पर अंजलि नलगुंडवार, अनुजा महाडिक, अर्चना जतकर, वर्षा करंजगांवकर, सोनल फडनविस, संजय मैराल, संध्या खंगन, राजेश्वरी पाध्ये, प्राची पराड़कर शामिल हुईं।इधर समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में शुक्रवार को सुबह से ही एकादशी होने के कारण वरिष्ठजनों ने हनुमान चालीसा पाठ किया। साथ ही राम नाम का लेखन किया। सियान गुड़ी के प्रभारी श्याम सुंदर खंगन के अनुसार यह लेखन कार्य वहां हर एकादशी को स्वेच्छा से किया जाता है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल को सभासद डॉ. चंद्रकांत वाघ ने भेंट किया सूक्ष्मदर्शी यंत्ररायपुर। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में अभनपुर के चिकित्सक और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डॉ. चंद्रकांत वाघ ने विज्ञान की पढ़ाई के लिए शिक्षकों का मार्गदर्शन किया और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल को सूक्ष्मदर्शी यंत्र भेंट किया। वैसे भी संत ज्ञानेश्वर स्कूल खुलने से पहले शिक्षकों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन क्लासेस लगाए जा रहे हैं।स्कूल के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बताया कि डॉ. चंद्रकांत वाघ ने शिक्षकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया। विज्ञान की अध्यापिका दीपन्विता सेन के प्रश्न 'विज्ञान को पढ़ने- पढ़ाने में रोचक कैसे बनाएं', का उत्तर देते हुए चंद्रकांत बाघ ने कहा हमें विज्ञान याद न करते हुए समझाने पर जोर देना चाहिए। बच्चे इसे समझेंगे, तो ज्यादा अच्छे से उत्तर लिख पाएंगे।शिक्षिका आराधना लाल के प्रश्न 'सामाजिक मूल्यों का अवमूल्यन हो रहा है, इसे कैसे रोका जाए', पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास के वातावरण और व्यवहार में शालीनता लानी चाहिए, जिसे देखकर विद्यार्थी सामाजिक मूल्य सीखें। शिक्षिका मेघा जैन के प्रश्न 'विद्यार्थियों का सही संतुलित भोजन कैसा होना चाहिए' के उत्तर में डॉ. वाघ ने संतुलित भोजन का संपूर्ण चार्ट सबको समझाया। शिक्षिका वंदना व प्रतीक्षा मैडम के प्रश्नों का भी उत्तर देते हुए बच्चों को समझाने पर जोर देना चाहिए, न कि उन पर याद करने की प्रवृत्ति डालनी चाहिए।इस अवसर पर डॉ. वाघ ने विद्यालय को सूक्ष्मदर्शी यंत्र भेंट किया। इससे विज्ञान के छात्रों व शिक्षकों, दोनों का ही लाभ होगा और उन्हें प्रयोग विज्ञान की शिक्षा देने में सहयोग मिलेगा। इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने डॉ. वाघ का सूत माला से स्वागत करते हुए विद्यालय की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह दिया।
- 0- नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठकदुर्ग. जिले में नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने बुधवार 10 जून को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में मादक पदार्थों के रोकथाम, नशा मुक्ति केन्द्रों की व्यवस्थाओं तथा संबंधित विभागों द्वारा की जा रही र्कारवाहियों की समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने अवगत कराया कि खुर्सीपार, कुम्हारी, सिकोलाभाठा एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर नशीली पदार्थों के आदतन तस्करों पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाहियां भी की जा रही है।तस्क्रों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन कर व्यवधान करने वालों की सूचना देने हेतु विभाग द्वारा टोल फ्री नं. 1933 जारी की गई है। आम जनता उक्त टोल फ्री नं. पर सूचना दे सकते है। विभाग द्वारा सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। एसएसपी ने ड्रग लाइसेंसी कंपनियॉं एवं ई-कामर्स कंपनियों द्वारा ड्रग की सप्लाई पर चिंता जाहिर करते हुए औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को इस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। औषधि प्रसाधन अधिकारी ने अवगत कराया कि उनकी टीम द्वारा सभी मेडिकल दुकानों की जांच की जा रही है। साथ ही बिक्री किए जा रही मेडिसिन्स की रिकार्ड रखने के निर्देश दिए गए है। वहीं नारकोटिक्स दवाइयों के रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर मेडिकल दुकानों के खिलाफ कार्यवाही भी की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों से संबंधित स्पोटर््स आफिसरों को खेल मैदान एवं परिसर के आस-पास मादक पदार्थों के बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में नारकोटिक्स एवं नशा मुक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने कहा। बैठक में सीएसपी श्री आर.के. तिवारी, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव एवं समाज कल्याण, उद्योग एवं व्यापार, आबकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- 0- विभागों द्वारा की गयी कार्यों के अद्यतन प्रगति की समीक्षादुर्ग. जिले में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार 10 जून को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी शामिल हुए। बैठक के प्रारंभ में विगत बैठक के पालन प्रतिवेदन की विभागवार समीक्षा की गयी। जिसमें अधिकारियों ने कार्य पूर्ण होने, अद्यतन प्रगति एवं की गयी विभागीय कार्यवाहियों की जानकारी दी। साथ ही जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। कलेक्टर श्री सिंह ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी उपाय अपनाने के निर्देश दिए।उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार अधिकारियों को सौंपे गए विभागीय कार्य, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर एवं स्ट्रीट लाईट लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, लोक निर्माण विभाग (भ./स. एवं वि./या.) को दुर्घटनाजन्य स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा भिलाई इस्पता संयंत्र वाहनों के लिए भारतमाला सड़क से जोड़ने, भारतमाला सड़क पर पुरई के पास बोगदा की हाइट बढ़ाने, भिलाई में केनाल रोड निर्माण तथा बारिश के पूर्व सभी अण्डरब्रिजों की सफाई एवं आवश्यक मरम्मत पर भी चर्चा की गयी। बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, एएसपी यातायात सुश्री ऋचा मिश्रा, नगर निगम आयुक्त भिलाई श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त दुर्ग श्री सुमीत अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम भिलाई/भिलाई-03 श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन, विद्युत विभाग, एनएचएआई, एनएचआई, पुलिस विभाग और बीएसपी के अधिकारीगण उपस्थित थे।























