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0- महाराष्ट्र मंडल के देवेंद्र नगर केंद्र की महिलाओं ने श्रृंगार, विज्ञान और भाग्य आधारित मनोरंजन खेल में दिखाया उत्साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के देवेंद्र नगर महिला केंद्र ने हरतालिका तीज उत्सव के पूर्व तीज आवरण सहभोग का आयोजन किया। इसमें महिलाओं ने ‘पौधा लगाओ और पर्यावरण बचाओ’ का संदेश दिया। केंद्र की वरिष्ठ सदस्य कुमुद लाड ने सभी सदस्यों को जेड प्लांट के पौधे भेंट किए। वहीं श्रृंगार, विज्ञान और भाग्य पर आधारित खेले गए, इन गेम्स ने महिलाओं का उत्साह दोगुना कर दिया।देवेंद्र नगर केंद्र की संयोजिका नम्रता गंगने ने बताया कि कार्यक्रम में सभी महिलाएं हरी साड़ी के ड्रेस कोड पर पहुंचीं थीं। सभी का स्वागत हल्दी कुंकू लगाकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। कार्यक्रम में पहला खेल श्रृंगार से जुड़ा था। इसमें छह बॉक्स में आभूषण की छह चीजें रखी गई थी। जिसमें चूड़ी, गजरा, मोती की माला, हेयर क्लीप, साड़ी पिन और बाल का बक्कल शामिल था। सभी महिलाओं को एक-एक मिनट का समय दिया गया। पासा फेंककर जो आता, उस बाक्स में रखे आभूषण को पहनना था। दोबारा वही अंक आने पर उसे उतारना था। एक मिनट के अंदर, जिसने सबसे ज्यादा आभूषण पहने। वह विजेता घोषित किया गया। जिसमें दीपाली अमीन विजेता और साक्षी टोले उप विजेता स्थान पर रहीं।नम्रता के अनुसार दूसरा खेल भाग्य आधारित था, जिसमें एक गोलाकार ट्रे के चारों ओर छह रंग की चूडियों छह- छह की संख्या में रखी। ट्रे खाली था। पासा फेंको, संख्या देखो, चूड़ी ट्रे में डालो। एक मिनट का समय था। विजेता घोषित करने के लिए बाहर दो पर्ची रखी थी, जिसमें अंदर या बाहर लिखा था। जिसने जो पर्ची उठाई, उसकी वैसी गिनती हुई। अंदर की पर्ची उठाने पर अंदर की चूड़ी और बाहर की उठाने पर बाहर की चूड़ी। इस मजेदार खेल में रोशनी मेंढेकर अव्वल और सुनीता अंजीकर द्वितीय रहीं।तीसरा खेल वैज्ञानिक सोच पर आधारित था, जिसे रश्मि मेंढ़ेकर ने खिलाया। समतल बोर्ड पर आमने-सामने मुंह कर आठ दिशा में आठ गिलास चिपकाये। एक से आठ तक के अंक बिना कोई क्रम बनाकर लिखे। टेबल टेनिस बॉल बीच में रखकर क्रम से अंक देखकर 20 सेंकंड में डालना था। इसमें विद्या लोखंडे प्रथम और रोशनी मेंढ़ेकर द्वितीय रही। सभी विजेताओं को तीज और गणेश चतुर्थी के अनुकूल कलात्मक रंगोली बोर्ड सजावट के लिए प्रदान किए गए।सभी सदस्यों को भी त्यौहार की गरिमा के अनुसार रंगोली बोर्ड सजावट के सेट उपहार में दिये। अंत में हर्ष और आनंद के साथ सभी ने मिलकर पारंपरिक खेल चाय की पत्ती ‘पोशंपा बाई पोशंपा' नये अंदाज में संगीत के साथ खेला। इस दौरान हर्षला भारांबे, पद्मजा लाड, सविता भागड़ीकर, कुमुद लाड, श्वेता सायंकार, शीतल रणदीवे, खुशी दालाहरे, अर्चना खोन्डे, संगीता कविश्वर सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित थीं। - -मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की-भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है : मुख्यमंत्री श्री साय-नीम करौली बाबा का जीवन मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण : मुख्यमंत्री-भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम--मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी रहे उपस्थितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है।इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -महासमुंद में 190 रूपए की शराब 200 रूपए में बेचने का खुलासा-कांकेर में 4409 खाली बोतलें और 105 पत्ता स्टीकर-होलोग्राम बरामदरायपुर /प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक श्री नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती रानू मरकाम तथा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 श्री दिनेश्वर धु्रव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव, शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 श्री गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई।इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए, यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद श्री नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।यह प्रकरण श्रीमती रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।इसी मामले में श्री मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। श्री दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा श्री अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
- -IHCL का 111 कमरों वाला Ginger Hotel नवा रायपुर में होगा विकसित-नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-बिजनेस, पर्यटन और निवेश के लिए नवा रायपुर को मिल रही विश्वस्तरीय सुविधाओं की नई कड़ी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरीरायपुर / नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है।आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipurप्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
- -कार्यों की अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों के पंजीयन के अ-नवीनीकरण की कार्रवाई, दो के पंजीयन भी निरस्त-बस्तर में सड़क निर्माण में विलंब पर कड़ी कार्रवाई, ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण के आदेश-ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन भी निरस्तरायपुर । लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं। राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है। लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं।लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
- -तीन स्थानीय अवकाश किए घोषितरायपुर / सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर जिले, शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे। जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
- -राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की बैठक सम्पन्नरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की नवमीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलग्रहण के तहत किए जाने वाले कार्यों में अधिक से अधिक भूमिगत जलसंग्रहण के कार्यों को कराने की बात कही। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा आजीविका गतिविधियों के कार्यों को शामिल करने के निर्देश अधिकारियेां को दिए है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पौधा रोपण सहित अमृत सरोवर, स्टापडेम, चेकडेम सहित अन्य जलसंग्रहण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की वर्ष 2021 से अब तक किए गए कार्यों प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में वाटरशेड विकास कार्यक्रम- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्ताव तैयार करने के क्षेत्रफल अनुमोदन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जलग्रहण प्रबंधन क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत आजीविका की गतिविधियों के अंतर्गत डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, शुकर पालन, बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, ड्रीम, स्पींकलर, पंप मोटर, पंप, अगरबत्ती उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आटा चक्की, दाल पिसाई मशीन, मशाला पिसाई मशीन इत्यादि कार्यों को शामिल करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल संग्रहण संरचानाओं के कार्यों जैस-चेकडेम, स्टापडेम, कुंआ, फार्म पॉण्ड, अरदन डेम, सिंचाई तालाब, डबरी, वृक्षारोपण तथा मृदा एवं नमी संरक्षण संरचना के कार्यों से प्रदेश में अतिरिक्त सिंचाई रकबा की वृद्धि हुई है, इससे राज्य के किसानों को लाभ हुआ है। बैठक में पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राजधानी रायपुर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के सुचारू और सतत संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों और तकनीकी उन्नयन सहित इसके भविष्य में विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों की समीक्षा के साथ सिस्टम के नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने आईटीएमएस के प्रभावी संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।कैमरों और तकनीकी संसाधनों के उन्नयन पर जोरबैठक में आईटीएमएस के अंतर्गत लगाए गए उपकरणों, कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर को समयानुकूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप सिस्टम को आधुनिक बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।नई सड़कों और जंक्शनों तक होगा विस्तारआईटीएमएस को रायपुर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोर और जंक्शनों तक विस्तारित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधनों का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया।बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, एडीजीपी श्री दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -सड़कों व पुलों के निर्माण, जल जीवन मिशन, खेल गतिविधियों और नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की, निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने कहारायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बीजापुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन विभागों के स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बीजापुर जिले में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़कों, पुलों, शासकीय भवनों तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही एवं यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री द्वारा फुंडरी में निर्माणाधीन पुल की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। श्री साव ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर पुल को आवागमन के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं बेदरे में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल के संबंध में अधिकारियों ने रिटेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने तथा वर्क ऑर्डर जारी किए जाने की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने और निर्धारित समय में पूरा करने को कहा। उन्होंने बासागुड़ा में तालपेरु नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल सहित जिले के अन्य पुल-पुलियों की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ‘हर घर जल’ योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार तक नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी, अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और लापरवाही बरतने से बचने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में राजस्व संग्रहण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जिले में अब भयमुक्त और सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इस अनुकूल वातावरण का लाभ बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने में लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही बच्चों में खेलों के प्रति रुचि विकसित करने तथा उन्हें नियमित रूप से खेल गतिविधियों में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों, पीटीआई, प्रशिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेते हुए गांव-गांव में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने बच्चों को विभिन्न खेल विधाओं में प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति देने के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक श्री उमेश प्रसाद गुप्ता, डीएफओ डॉ. जाधव सागर और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे सहित चारों विभागों के संभागीय स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -राजस्व और पंजीयन अधिकारियों को सख्ती से कानून पालन के निर्देश, संदिग्ध हस्तांतरण पर रोक और जमीन वापसी का भी प्रावधानरायपुर। छत्तीसगढ़ में आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासियों के अप्रत्यक्ष नियंत्रण में जाने से रोकने के लिए शासन ने सख्त रुख अपनाया है। गैर-आदिवासियों द्वारा आदिवासी भूमि को सीधे अपने नाम पर खरीदने के बजाय नौकर, परिचित, रिश्तेदार अथवा अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीयन कराने और बाद में भूमि पर वास्तविक कब्जा एवं नियंत्रण रखने के मामलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे संदिग्ध मामलों में भूमि के आगे के हस्तांतरण पर नियमानुसार रोक लगाने तथा कानून के विपरीत पाए जाने वाले पुराने मामलों में भूमि को पुनः आदिवासी खातेदार के पक्ष में बहाल करने की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रस्ताव पर महानिरीक्षक पंजीयन छत्तीसगढ़ ने कलेक्टरों को लिखे पत्र में इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा इस संबंध में शासन को पत्र भेजकर आदिवासी भूमि के संरक्षण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का सुझाव दिया गया था। आयोग ने बताया था कि वैधानिक प्रावधानों के बावजूद कई स्थानों पर आदिवासी भूमि के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष हस्तांतरण की शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेष रूप से गैर-आदिवासी व्यक्तियों द्वारा अपने नौकर, परिचित, रिश्तेदार या अन्य व्यक्ति के नाम पर जमीन खरीदकर बाद में उसका वास्तविक उपयोग, कब्जा अथवा आर्थिक लाभ स्वयं लेने के मामलों को गंभीरता से लिया गया।जिला प्रशासन को जांच के निर्देशपत्र में इस संबंध में कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसमें आदिवासी भूमि के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष हस्तांतरण की जांच कराने तथा ऐसे मामलों की पड़ताल करने कहा गया, जहां जमीन आदिवासी से किसी नौकर, परिचित, रिश्तेदार अथवा अन्य व्यक्ति के नाम पर खरीदी गई हो, लेकिन उसका वास्तविक उपयोग या आर्थिक लाभ किसी गैर-आदिवासी द्वारा लिया जा रहा हो।निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया कि संदेहास्पद एवं नियम-विरुद्ध पंजीयन अथवा नामांतरण की जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि के आगे के हस्तांतरण पर नियमानुसार रोक लगाने की कार्रवाई की जाए।रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच जरूरीशासन के निर्देशों में पंजीयन अधिकारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। पंजीयन हेतु प्रस्तुत दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की धारा 34, 35 एवं रजिस्ट्रीकरण नियम के नियम 19 एवं 35 के प्रावधानों के अनुरूप परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ संलग्न आवश्यक दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच, संपत्ति की पर्याप्त पहचान तथा क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों की नियमानुसार शिनाख्त सुनिश्चित करने कहा गया है।नक्शा, राजस्व अभिलेख और बिक्री नकल का सत्यापननिर्देशों के अनुसार पंजीयन दस्तावेजों में पंजीयन अधिनियम की धारा 21 के अनुरूप आवश्यक नक्शा एवं रेखांकन लिया जाना चाहिए। साथ ही रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1939 के नियम 19 (ण) (त) के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी राजस्व अभिलेख एवं बिक्री नकल अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे टुकड़ों की भूमि की रजिस्ट्री में विशेष सतर्कता बरतने तथा राजस्व अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण करने कहा गया है। अभिलेखों को लेकर किसी प्रकार की शंका होने पर संबंधित तहसीलदार से संपर्क कर सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।एक ही व्यक्ति के बार-बार गवाह बनने पर भी नजरशासन के संज्ञान में यह तथ्य भी आया था कि कई दस्तावेजों में एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार गवाह के रूप में पहचान की जा रही है। इसे उचित नहीं मानते हुए गवाहों की पहचान के मामले में पूर्ण सतर्कता बरतने और सही पहचानकर्ता को ही गवाह के रूप में स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं।कानून के विपरीत सौदे मिले तो जमीन की बहालीनिर्देशों का उद्देश्य केवल भविष्य में होने वाले संदिग्ध लेन-देन को रोकना ही नहीं, बल्कि पूर्व में हुए ऐसे मामलों की भी जांच करना है। जिला स्तर पर संदिग्ध भूमि हस्तांतरणों की जांच के बाद यदि कोई लेन-देन कानून के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित भूमि को नियमानुसार पुनः आदिवासी खातेदार के पक्ष में बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिकायतों पर समयबद्ध जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर आवश्यक निगरानी व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।
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-"बुजुर्गों का सम्मान और हमारी संस्कृति की पहचान" विषय पर वक्ताओं ने रखे अपने विचाररायपुर। रायपुर के प्रथम वृद्धाश्रम के रूप में 10 सितंबर 1989 को प्रारंभ हुए छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम, माना कैंप, रायपुर ने अपने 37 वर्ष आज पूर्ण कर लिए हैं। । इस अवसर पर वृद्धाश्रम परिसर में "बुजुर्गों का सम्मान और हमारी संस्कृति की पहचान" विषय पर परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।परिचर्चा की शुरुआत वक्ता राहुल सिंह परिहार ने की। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में बुजुर्गों का सम्मान पूजा के समान माना गया है। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और इस परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम ने वृद्धाश्रम की स्थापना के उद्देश्य और 37 वर्षों की सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शुरुआत में निराश्रित बुजुर्गों की सेवा का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय के साथ परिवार से तिरस्कृत और उपेक्षित बुजुर्गों को भी आश्रम में आश्रय देकर उनकी सेवा करने का संकल्प लिया गया। उन्होंने बताया कि दिवंगत बुजुर्गों के देहदान का भी निर्णय लिया गया और अब तक आश्रम के माध्यम से नौ लोगों का देहदान एम्स रायपुर एवं बालाजी मेडिकल कॉलेज, रायपुर में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 37 वर्षों के अनेक उतार-चढ़ाव के बावजूद वृद्धाश्रम आज भी बुजुर्गों की निरंतर सेवा के अपने संकल्प पर कायम है।सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार समीर दीवान ने कुलदीप निगम के सामाजिक सरोकारों को याद किया। उन्होंने कहा कि श्री निगम ने प्रदेश के दर्जनों प्रतिभाशाली एवं साहसी बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा ने वृद्धाश्रम परिसर की तुलना चार धाम यात्रा से की। उन्होंने कहा कि इस परिसर में पहुंचकर उन्हें जिस प्रकार की शांति और संतोष का अनुभव हो रहा है, वह किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं है। उन्होंने कुलदीप निगम की पत्रकारिता और सामाजिक सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि जब भी समाज के लोगों को किसी प्रकार की समस्या होती थी, श्री निगम सहयोग के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।वहीं वरिष्ठ पत्रकार अनिल पुरोहित ने कुलदीप निगम के हृदय रोग और उनके उपचार से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अविभाजित मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के सहयोग से श्री निगम की ओपन हार्ट सर्जरी एम्स दिल्ली में हुई थी। उस समय दूरदर्शन पर इसका लाइव प्रसारण भी किया गया था। इस प्रसंग को याद करते हुए श्री पुरोहित भावुक हो गए।समाजसेवी मोहन चोपड़ा ने निगम परिवार की सेवा भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि निगम परिवार का घर किसी अनाथालय से कम नहीं रहा है। कोई भी दुखी अथवा जरूरतमंद व्यक्ति उनके पास पहुंचता है तो उसकी सेवा करना परिवार की प्राथमिकता बन जाती है। उन्होंने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद समाजसेवा के क्षेत्र में निगम परिवार के योगदान को अद्वितीय बताया। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धाश्रम को प्रति माह एक क्विंटल चावल देने की घोषणा की।सदानी दरबार के श्री उदय शदाणी ने भी कुलदीप निगम वृद्धाश्रम से अपने लंबे जुड़ाव और निरंतर सेवा कार्य को याद किया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक निरंतर सेवा कार्य से जुड़े रहना निस्संदेह सराहनीय और प्रेरणादायी है।इस अवसर पर वृद्धाश्रम के संचालन एवं सेवा कार्यों में सहयोग देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों को मुख्य अतिथि पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के सचिव एवं शदाणी सेवा मंडल के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय शदाणी ने सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले वरिष्ठ पत्रकारों में श्री अनिल पुरोहित जी, श्री गिरीश मुक्तिबोध जी, श्री प्रशांत शर्मा जी, श्री अनिल पुसदकर जी, श्री रविंद्र ठेंगड़ी जी, श्री समीर दीवान जी, श्रीमती मंजूषा शर्मा जी, श्री प्रकाश शर्मा जी, श्री बृजेश चौबे जी, श्री राम अवतार तिवारी जी, श्री जय प्रकाश मिश्र जी, श्री चंद्रकांत दौंड जी, श्री मोहन तिवारी जी और श्री सुधीर शर्मा जी शामिल थे। इसके साथ समाजसेवी श्री ओम प्रकाश जैन जी,श्री मोहन चोपड़ा जी, श्री संजय यादव जी, श्री चंद्रेश शाह जी, श्री एस. के. घर जी, श्रीमती रीता पाल जी और श्री उदय शदाणी जी को भी शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार और जानी-मानी एंकर अमृता शर्मा ने किया।समारोह के अंत में श्री उदय शदाणी जी ने वरिष्ठ पत्रकार अमृता शर्मा सहित छत्तीसगढ़ बाल एवं वृद्ध कल्याण परिषद द्वारा संचालित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के पदाधिकारियों का भीे शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया।राजेन्द्र कुमार निगमअध्यक्षकुलदीप निगम वृद्धाश्रममाना कैंप, रायपुरमोबाइल: 9827172160 - -4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत-मुख्यमंत्री ने शशिकांत से दूरभाष पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की ली जानकारीरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिली है। सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और उनसे दूरभाष पर बात कर कुशलक्षेम जाना।मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि भी स्वीकृत की है।वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान शशिकांत को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। दुर्घटना में सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होने से उनके हाथ-पांव की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया था।मुख्यमंत्री से बातचीत और तुरंत मिली चिकित्सकीय सहायता के बाद शशिकांत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर हाल-चाल पूछना और एम्स में इलाज के साथ 4 लाख रुपये की सहायता देना उनके और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल है।
- -कविता कृष्णमूर्ति, अनुज शर्मा, भारती बंधु और इंडियन आइडल फेम कलाकारों समेत देश-प्रदेश की नामचीन प्रतिभाएं बिखेरेंगी संस्कृति के रंग-शास्त्रीय नृत्य, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य वादन से गुलजार होगा रायगढ़रायपुर। महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 में इस बार कला और संस्कृति के विविध रंग एक साथ देखने को मिलेंगे। रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितम्बर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में स्थानीय प्रतिभाओं से लेकर देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे से शुरू होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में शास्त्रीय नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोककला, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा जीवंत होगी।संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह की खासियत यह होगी कि हर शाम कला की एक अलग विधा और अलग रंग दर्शकों के सामने आएगा। दस दिनों तक रायगढ़ का रामलीला मैदान सुर, ताल, नृत्य और लोक परंपराओं के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा।गणेश वंदना से होगा शुभारंभ, पंडवानी और लोकसंगीत से सजेगी पहली शामसमारोह का शुभारंभ 14 सितम्बर को श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति से होगा। इसके बाद पद्मश्री सम्मानित श्री अनुज शर्मा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति देंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित डॉ. उषा बारले अपनी पंडवानी प्रस्तुति से पहली सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएंगी। लोकधुनों, लोकगाथाओं और पंडवानी की सशक्त परंपरा से समारोह का आगाज होगा।15 सितम्बर को तबला, कुचिपुड़ी और राजस्थानी लोककला का संगम15 सितम्बर की शाम में निशित गंगानी का तबला वादन, टी. लक्ष्मी रेड्डी की कुचिपुड़ी प्रस्तुति, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर की राजस्थानी फोक प्रस्तुति और तरुणा साहू एवं समूह की पंडवानी प्रस्तुति होगी। इसके साथ माधवरस बैंड द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति सांस्कृतिक संध्या को भक्तिरस से सराबोर करेगी।16 सितम्बर को कथक और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की छटा16 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य की विविधता मंच पर दिखाई देगी। मौमाला नायक कथक की प्रस्तुति देंगी। भूपेन्द्र साहू एवं समूह छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगे। डॉ. यास्मीन सिंह एवं समूह तथा सुश्री विभूति शर्मा द्वारा कथक की प्रस्तुतियां होंगी, जबकि पायल साहू एवं समूह लोककला के रंग बिखेरेंगे।17 सितम्बर को भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक की त्रिवेणी17 सितम्बर की शाम लोककला एवं संगीत के साथ शास्त्रीय नृत्य की अनेक विधाओं का संगम देखने को मिलेगा। बादल-बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट्स एवं लिटरेचर द्वारा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति होगी। मधुमिता रॉय मिश्रा कथक और जान्हवी बेहरा ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। शिवरंजनी हरीश एवं कलार्पणा नृत्य समूह पद्म भूषण शोभना के शिष्यगण भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगे। शिव शक्ति कला संस्थान द्वारा कथक की प्रस्तुति भी होगी।18 सितम्बर को मणिपुरी, कुचिपुड़ी और कबीर भजनों की सुरमयी शाम18 सितम्बर को डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री सम्मानित श्री भारती बंधु कबीर भजनों से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करेंगे। श्वेता नायक एवं समूह कुचिपुड़ी तथा श्री अनुराग शर्मा लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।काव्य और ओडिसी से सजेगी 19 सितम्बर की शाम19 सितम्बर कला और साहित्य के प्रेमियों के लिए खास होगी। गौरी शंकर दाश और रीला होता ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां देंगी। वहीं पद्मश्री सम्मानित श्री सुरेन्द्र शर्मा एवं अन्य कलाकार काव्य संध्या के माध्यम से हास्य और साहित्य का रंग भरेंगे। नृत्य और काव्य का यह संगम समारोह की शाम को विशिष्ट बनाएगा।20 सितम्बर को गोटीपुआ, गायन और कथक का अनूठा संगम20 सितम्बर को श्री बी. साहू एवं समूह गोटीपुआ नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इंडियन आइडल फेम अमित साना अपनी गायन प्रस्तुति से संगीत प्रेमियों का मनोरंजन करेंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेन्द्र बरेठ एवं समूह कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। लोकनृत्य, लोकप्रिय गायन और शास्त्रीय नृत्य का यह संगम दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।21 सितम्बर को कथक, संतूर-पखावज-तबला और नृत्य नाटिका21 सितम्बर की शाम बनारस घराने के कथक से लेकर वाद्य संगीत तक विविध प्रस्तुतियों से सजेगी। श्री रूद्रशंकर सिन्हा बनारस घराने का कथक प्रस्तुत करेंगे। श्री सोनू गुप्ता एवं समूह लोकगीत, वांसती वैष्णव एवं समूह कथक प्रस्तुत करेंगे। त्रिवेणी संगम द्वारा संतूर, पखावज और तबला वादन होगा। संस्कार कला संघ नृत्य नाटिका तथा नृत्यांजलि बनारस घराने के कथक की प्रस्तुति देगी।22 सितम्बर को कथकली, ओडिसी, सितार और सूफियाना अंदाजसमारोह की 22 सितम्बर की शाम शास्त्रीय नृत्य, वाद्य संगीत और सूफियाना अंदाज के नाम रहेगी। गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली, सुश्री दीक्षा रथ ओडिसी नृत्य और प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। श्री पुनरिक साहू-लहरंगगा लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे, जबकि रायगढ़ के राकेश शर्मा सूफी गायन और गजल से शाम को सुरमयी बनाएंगे।कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू के सुरों से होगा भव्य समापनदस दिवसीय समारोह का 23 सितम्बर को भव्य समापन होगा। अंतिम शाम देश की सुप्रसिद्ध और पद्मश्री सम्मानित गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपनी सुरमयी प्रस्तुति देंगी। उनके साथ जान कुमार सानू भी गायन की प्रस्तुति देंगे। देश के लोकप्रिय कलाकारों के सुरों से सजी यह शाम 41वें चक्रधर समारोह की यादों को लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में संजोए रखेगी।रायगढ़ बनेगा कला और संस्कृति का केंद्र41वां चक्रधर समारोह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना, संगीत और नृत्य के प्रति उनके समर्पण तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ एक ही मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलना समारोह की विशेष उपलब्धि है।14 से 23 सितम्बर तक रायगढ़ में होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन कला प्रेमियों के लिए दस दिनों तक उत्सव का माहौल बनाएगा। शास्त्रीय नृत्य की विविध विधाओं से लेकर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों, पंडवानी, भजन, गजल और लोकप्रिय गायन तक चक्रधर समारोह में भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का ऐसा रंगारंग संसार देखने को मिलेगा, जो रायगढ़ को दस दिनों तक कला और संस्कृति की राजधानी में बदल देगा।
- -ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से की चर्चा-व्यवस्थित यातायात के लिए उपयुक्त स्थान चयन पर हुआ विचार-विमर्शरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ट्रांसपोर्ट नगर की वर्तमान व्यवस्था का जायजा लिया और क्षेत्र में यातायात के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन के संबंध में जानकारी ली।उन्होंने ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए उपयुक्त स्थान के चयन के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि शहर में भारी वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित करने तथा आम नागरिकों को यातायात संबंधी असुविधा से राहत दिलाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर की बेहतर एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था आवश्यक है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री मनीराम साहू, श्री राजेन्द्र मिश्रा, श्री रिंकेश वैष्णव, श्री हेमचंद चंद्रवंशी, श्री सचिन गुप्ता, श्री अमित वर्मा सहित ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने सौजन्य भेंट की। कुलपति डॉ. चंदेल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को भी अधिमान्यता प्रदान की गई है। राज्यपाल श्री डेका ने इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
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-मंत्री श्री नेताम ने भगवान शिव स्वरूप बैल जोड़ी की पूजा की
-प्रदेशवासियों को पोला तिहार की दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के शासकीय निवास परिसर में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पोला तिहार का भव्य आयोजन किया गया। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर भगवान शिव के स्वरूप बैल जोड़ों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम की धर्मपत्नी भी उपस्थित थीं।
- -नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान का विश्वविद्यालय में समापनरायपुर । पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत विगत एक माह से आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आज समापन हुआ। कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके विचार, संकल्प और सपने राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। इसलिए युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को युवाओं को नशामुक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से इस महाअभियान की शुरुआत की है। नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। आज पारंपरिक नशे के साथ सूखे नशे का चलन भी बढ़ रहा है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।राज्यपाल ने कहा कि नशा व्यक्ति की सही और गलत में अंतर करने की क्षमता को प्रभावित करता है। नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को दोषी मानने के बजाय उसके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराना चाहिए। अधिक नशे से मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।श्री डेका ने कहा कि नशे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जीवन में परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता, असफलता का भय और अपेक्षाओं का बोझ जैसी परिस्थितियां आती रहती हैं। इनसे बचने के लिए नशे का सहारा लेना समाधान नहीं है। समस्या से भागना समाधान नहीं, बल्कि उसका सामना करना ही वास्तविक साहस है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समय की पाबंदी और नियमित अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। राज्यपाल ने डिजिटल एडिक्शन को भी गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से डिजिटल माध्यमों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस आश्रम, हैदराबाद के संचालक श्री त्रिलोचन चावला ने नशा मुक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और माय भारत वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ प्रोफेसर श्री राजीव चौधरी को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।रेडक्रॉस एवं रोटरी संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के लिए संस्था के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -पशु संरक्षण एवं उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने गौ सेवकों से लिए सुझाओ-रेस्क्यू एवं संरक्षण को लेकर दिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देशरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं, बीमार एवं घायल पशुओं के रेस्क्यु, उपचार तथा उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने गौ सेवकों से उनके कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के बेहतर संरक्षण एवं उपचार के लिए आवश्यक सुझाव भी लिए। बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, गौ सेवक श्री नीलेश सोनी, श्री संस्कार दुबे, श्री तरूण साहू, श्री अंकुश विश्वकर्मा, अनमोल ठाकुर, श्री वैदिक मिश्रा, श्री नीरज ठाकुर, श्री अमित चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि, गौ सेवक उपस्थ्ति थे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि गौ सेवक दिन-रात बीमार और घायल पशुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। वे पूरी मेहनत, लगन और सेवाभाव के साथ सड़क पर घायल अवस्था में मिले पशुओं का रेस्क्यु कर उन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय तक पहुंचाते हैं। गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पशुओं की सेवा और संरक्षण के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गौ सेवक जब भी किसी सेवा कार्य अथवा घायल पशु के रेस्क्यु के संबंधितकार्य हेतु संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाय। उनकी समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों एवं अन्य उपलब्ध मानव संसाधन तथा विभागीय सेटअप की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना स्थल, किन-किन क्षेत्रों में कौन से चिकित्सक कार्यरत हैं तथा किन स्थानों पर चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता है, इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर जिले में पशुओं के उपचार एवं रेस्क्यु व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमार एवं घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने चिकित्सकों को सेवाभाव, ललक और मेहनत के साथ कार्य करने की बात कही।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यु वाहन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पशु रेस्क्यु वाहन को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार पशुओं की सूचना मिलने पर तत्काल रेस्क्यु टीम मौके पर पहुंच सके। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गौ सेवकों, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को वहां स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल एवं विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जहां बीमार एवं घायल पशुओं को उपचार के साथ सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इससे गौ माता सहित अन्य पशुओं के संरक्षण और सेवा कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पैरादान कराने के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष के रूप में उपलब्ध पैरा को जलाने के बजाय गौवंश के लिए दान किया जाए, इससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने गौ सेवकों एवं संबंधित लोगों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में वीडियो एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करें।बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटना से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित एवं अत्यधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकतानुसार बेरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया, जिससे सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के पारंपरिक एवं लोक आस्था के प्रमुख पर्व पोरा तिहार के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमारी माटी, खेती-किसानी और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को प्रकट करता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव हैं। पोरा तिहार के माध्यम से हमारी परंपराएं, लोकमान्यताएं और संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते हैं। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी देता है।श्री ओपी चौधरी ने कामना की कि पोरा तिहार प्रदेश के सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। किसानों के खेतों में भरपूर फसल हो और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि की दिशा में आगे बढ़े।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में अभनपुर में हितग्राहियों की पेशी लेकर दिए गए निर्देशरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत जनपद पंचायत अभनपुर में आवास निर्माण में विलंब करने वाले हितग्राहियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई।ऐसे हितग्राही, जिन्हें आवास निर्माण के लिए किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विगत कई माह से आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है अथवा निर्माण कार्य अपूर्ण है, उन्हें समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर श्री रवि सिंह द्वारा संबंधित हितग्राहियों की पेशी ली गई। उन्होंने हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि निर्धारित अवधि में आवास निर्माण पूर्ण नहीं किए जाने की स्थिति में प्राप्त राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अभनपुर उपस्थित रहे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंदरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं को छोड़कर जिले के शेष क्षेत्रों में लागू होंगे।जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा पर रहेगा स्थानीय अवकाशरायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रायपुर एवं नया रायपुर अटल नगर क्षेत्र में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश शासन के अधीन समस्त शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए लागू होगा। नुआखाई पर्व पर 15 सितंबर 2026, महाअष्टमी पर 19 अक्टूबर 2026 तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली का दूसरा दिन) पर 9 नवंबर 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त स्थानीय अवकाश बैंकों, कोषालयों एवं उप कोषालयों के लिए लागू नहीं होंगे।
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने नगर निगम जोन 4 क्षेत्र के विभिन्न स्थानो का निरीक्षण अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर, जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पुरन तांडी श्री विरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में किया। प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानो पर गंदगी पाये जाने पर अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने गहन अप्रसन्नता व्यक्त की एवं गंदगी फैलाने वाले संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना करने और उन्हें स्वच्छता को लेकर हिदायत देने के निर्देश दिये।अपर आयुक्त के निर्देश पर जोन 4 जोन कमिश्नर के मार्गनिर्देशन में जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने गंदगी पाये जाने पर संबंधित 6 व्यक्तियों सोनू सोनकर पर 2000 रू., संतोष देवभोग मिल्क पार्लर पर 5000 रू., ऋषभ रक्सेल पर 2000 रू., सुनील लहरवानी, जलन सागर, चेतन मंडले पर 500-500 रू. कुल 6 व्यक्तियों पर 10500 रू. का ई चालान गंदगी पाये जाने पर किया एवं उन्हें भविष्य के लिये कडी चेतावनी के साथ स्वच्छता बनाये रखने की कडी हिदायत स्थल पर दी।
- भिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।टी सहदेव

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