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- रायपुर । सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम पर 1 अगस्त से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू किए जाने संबंधी एक भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है।वास्तविक स्थिति यह है कि प्रीपेड व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों पर लागू करने की योजना पर काम किया जा रहा है ।*आम घरेलू, व्यावसायिक एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है ।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के कार्यालय उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) से जारी विज्ञप्ति में आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बिजली संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एवं आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
- - ग्रामों से उठ रही सौहार्द, संवाद और सामाजिक समरसता की नई अलख : पति-पत्नी की प्रेरणादायी सहभागिता बनी आकर्षण का केंद्रदुर्ग / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे प्रतिभागियों द्वारा अभूतपूर्व उत्साह, सीखने की जिज्ञासा एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रति समर्पण इस अभिनव पहल की सार्थकता को सुदृढ़ कर रहे हैं।उद्घाटन समारोह में उपस्थित सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा यह अवलोकन किया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" के निर्माण के संकल्प के साथ जिले के पाँच चयनित ग्राम—घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल—से चयनित कम्यूनिटी मीडियेटर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मीडिया प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, संवादात्मक शिक्षण पद्धति एवं ग्राम स्तर पर शांति, सामाजिक समरसता एवं वाद-मुक्त ग्रामीण भारत के निर्माण के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को भी निकटता से देखा एवं सराहा।प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत निकुम से माधव प्रसाद देशमुख, भागवत राम पटेल एवं श्रीमती मंजुषा मेश्राम, ग्राम पंचायत घुघसीडीह से मोहन सोनी, गोवर्धन बारले एवं श्रीमती ललिता बारले; ग्राम पंचायत कुथरेल से श्रीमती गीता गजपाल एवं डॉ. लोकनाथ साहू; ग्राम पंचायत अरसनारा से श्रीमती राधा निषाद एवं बरातूराम निषाद तथा ग्राम पंचायत ननकट्ठी से रवि साहू एवं बुद्धि सागर वर्मा सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं। इन्हें Potential Trainers द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं उल्लेखनीय विशेषता यह भी है कि ग्राम पंचायत घुघसीडीह से गोवर्धन बारले एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ललिता बारले पति-पत्नी के रूप में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं। अपनी पारिवारिक एवं सांसारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए दोनों ने कम्यूनिटी मीडियेशन के माध्यम से समाज सेवा के इस शुभ अवसर के महत्व को आत्मसात किया है। प्रशिक्षण के दौरान दोनों एक-दूसरे का सहयोग एवं ध्यान रखते हुए अत्यंत उत्साह एवं समर्पण के साथ सहभागिता निभा रहे हैं। उनकी यह सहभागिता न केवल पारिवारिक सामंजस्य एवं आपसी सम्मान का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब परिवार संवाद एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तब वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बन सकता है। उनकी प्रेरणादायी उपस्थिति कम्यूनिटी मीडियेशन की मूल भावना "संवाद, सहमति और सौहार्द" को साकार रूप प्रदान करती है तथा समाज के लिए एक अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत करती है।
- -नीट में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसारायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसरदूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री यशवंत जैन, श्री टेकेश्वर जैन, श्री संतोष गुप्ता, श्री दीपेश अरोरा, श्री मुकेश शर्मा, श्री सत्यजीत चौहान, श्री जय भंसाली, श्री कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।इस अवसर पर डीएफओ श्री कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।
- रायपुर । कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने रविवार को बुधवारी जैन मंदिर परिसर स्थित जैन स्वाध्याय भवन जीर्णोद्धार कार्य का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने किया। कार्यक्रम अवसर पर सर्वप्रथम मंत्री श्री देवांगन ने समाज के गणमान्य जनों के साथ भगवान महावीर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जैन मिलन समिति एवं जैन समाज के सभी प्रबुद्ध जनों का आशीर्वाद एवं स्नेह सदैव प्राप्त होता रहा है। आप सभी के माध्यम से भवन के जीर्णोद्धार कार्य हेतु मांग की गई थी। भगवान महावीर के आशीर्वाद एवं आप सभी के स्नेह का ही परिणाम है कि इस भवन के जीर्णोद्धार हेतु सीएसआर मद से तत्काल स्वीकृति दिलाई गई और आज भव्य भवन आप सभी समाज के स्नेहिल बंधुवो को समर्पित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व मे कोरबा नगर का तेज गति से विकास हो रहा है। विशेषकर सभी समाज के मांग अनुरुप सामाजिक विकास आज नए आयाम की ओर बढ़ रहा है। अब तक 56 समाजिक विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाई कऱ प्रारम्भ कराकर तेजी से पूर्ण कराए जा रहे है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन ,जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री योगेश जैन, जिला उपाध्यक्ष श्री प्रफुल्ल तिवारी , मंडल अध्यक्ष श्री राजेश राठौर, एल्डरमैन श्री ईश्वर साहू, श्री सुधीर जैन, डॉ प्रिंस जैन, प्रकाश जैन,सोनू जैन,मुकुल जैन,अशोक जैन, प्रमोद जैन, आशीष जैन, श्री पारस जैन, मनीष जैन सहित अधिक संख्या मे समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।सामाजिक विकास का नया दौर: महापौर संजू देवी राजपूतइस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन की सरकार मे कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के नेतृत्व में आज शहर विकास के साथ -साथ सामाजिक विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। हर मद का उपयोग समाज एवं शहरवासियों के मांग अनुरूप प्रारंभ के साथ पूर्ण भी हो रहे हैं। जिसका लाभ आज सभी वर्ग को मिल रहा है।समाज ने जताया आभारसमाज के वरिष्ठ जन श्री सुधीर जैन ने मंच से कहा कि आज मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के नेतृत्व मे कोरबा नगर का लगातार विकास तेज गति से हो रहा है। आज श्री देवांगन द्वारा जैन मिलन समिति को इस महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात मिली है। श्री सुधीर जैन द्वारा मंत्री श्री देवांगन का आभार जताया ।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भिलाई प्रौद्योगिकी संस्थान, दुर्ग (BIT Durg) में आयोजित "Manthan X" कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सहभागिता करते हुए युवाओं, नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का दौर नवाचार, तकनीक और उद्यमिता का है तथा युवा अपनी रचनात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से प्रदेश एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि "Manthan X" जैसे मंच युवाओं को अपने विचारों को निवेशकों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों और अनुभवी मार्गदर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि नए स्टार्टअप, रोजगार और नवाचार की संभावनाओं को भी जन्म देते हैं। मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, सतत सीखने की प्रवृत्ति और समस्याओं के समाधान आधारित सोच ही सफल उद्यमिता की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने और स्थानीय समस्याओं के समाधान विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाएंगे। साथ ही उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- -'कैच द रेन' अभियान में नगर निगम के नवाचारों की प्रधानमंत्री ने की सराहनारायपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम *मन की बात* के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा *कैच द रेन* अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। 'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा।जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक *एक पेड़ माँ के नाम* सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को "रन फॉर ग्रीन कोरबा" का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
- -मंत्री केदार कश्यप ने वनाधिकार पत्र बांटे, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ-‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण, नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों का किया सम्मानरायपुर। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मंत्री श्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री श्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
- -’26 से 29 जुलाई तक होगा मुकाबलों का रोमांच, 5 संभागों के 240 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा’रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ रविवार को जशपुर के अंतरराष्ट्रीय स्तर के एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में भव्य समारोह के साथ हुआ। यह प्रतियोगिता 26 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेश के पांचों संभागों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।प्रतियोगिता का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने ध्वजारोहण कर तथा विभिन्न टीमों की सलामी लेकर किया। प्रतियोगिता में पांच संभागीय मुख्यालयों से 160 बालक एवं 80 बालिकाओं सहित कुल 240 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनके साथ 35 से अधिक कोच एवं मैनेजर भी उपस्थित हैं ।इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने खिलाडि़यों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ अपने जिले एवं राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का आह्वान किया। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि जशपुर के लिए यह गर्व का विषय है कि लगातार दूसरे वर्ष राज्य स्तरीय शालेय हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी 25वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया था। जशपुर में विकसित आधुनिक एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान खिलाडि़यों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है, जिससे जिले में हॉकी खेल को नई पहचान मिल रही है।उद्घाटन समारोह में नगर पालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, स्कूली बच्चे एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- -इस अभियान की जनप्रतिनिधियों, महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने इस अभिनव एवं वृहद अभियान की सराहना की-विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील कीबालोद। बालोद जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में खास बात यह है कि 30 जुलाई को आयोजित इस विराट एवं वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया गया है। इस दौरान समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ-साथ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार महिलाएं भी पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा जिले के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों के द्वारा वृहद पैमाने पर पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अपनी उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत बालोद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभिनव एवं वृहद महाअभियान की सराहना महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा जिले के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने की है। उन्होंने बालोद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण अभियान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इस कार्य को अत्यंत लोक हितैषी एवं दूरगामी कार्य बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन का यह कार्य पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की इस अभियान की सराहना गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, पद्मश्री शमशाद बेगम, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्री अरमान अश्क सहित अन्य गणमान्य एवं प्रभुत्व लोगों के साथ समाज के सभी वर्ग के लोगों ने की है।जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस आयोजन की सराहना करते हुए गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने इस अभियान को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से अभिनव एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी वर्ग के लोगों से जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील की है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने केन्द्र एवं राज्य शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन के इस अभियान को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरगामी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती चंद्राकर ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों के अलावा समाज के सभी वर्गों के लोगों को 30 जुलाई को आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के अलावा जिले को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के कार्य में अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। इसी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन की इस महत्वपूर्ण कार्य की सराहना जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने भी की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में भागीदारी सुनिश्चित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। श्री जैन ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों के अलावा संपूर्ण जिलेवासियों से बालोद जिले में गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान अपने घर, खेत, बाड़ी, स्कूल, आंगनबाड़ी एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कर इस पुनीत एवं जनहित के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप बालोद जिले में आयोजित इस महत्वपूर्ण अभियान की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में खास बात यह है कि इस दौरान महतारी वंदन वृक्षारोपण महाभियान का भी आयोजन किया जाएगा, जो कि बहुत ही सराहनीय है। इस अवसर पर उन्होंने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों के अलावा संपूर्ण जिले वासियों से 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है।
- -सुरक्षित, समावेशी और बाल-अनुकूल विद्यालयी वातावरण निर्माण पर दिया जोररायपुर। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, रायपुर में शिक्षकों के लिए "मानवाधिकार जागरूकता कार्यशाला" का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय में सुरक्षित, समावेशी, संवेदनशील एवं बाल-अनुकूल वातावरण के निर्माण हेतु शिक्षकों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्राचार्य श्री सुजीत सक्सेना द्वारा मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. कन्हैया त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत कर किया गया। प्राचार्य ने अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. त्रिपाठी के मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं उपलब्धियों से शिक्षकों को अवगत कराया।मुख्य वक्ता डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षक का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता, गरिमापूर्ण व्यवहार, बाल संरक्षण, संवेदनशील शिक्षण, डिजिटल सुरक्षा तथा जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में नियमित रूप से मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, विद्यार्थियों में सहानुभूति एवं करुणा का विकास करने, बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा मानवाधिकार आधारित गतिविधियों को विद्यालयी जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों ने विद्यालयों में मानवाधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. त्रिपाठी ने सरल एवं व्यावहारिक उत्तर दिए। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की उपप्राचार्या श्रीमती सुनीता खिरबाट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और मुख्य अतिथि सहित सभी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी रही। यह विद्यालय में मानवाधिकारों पर आधारित सकारात्मक एवं सुरक्षित शैक्षिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- रायपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों से राष्ट्रीय सेवा योजना के लगभग 80 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, कारगिल युद्ध के वीर योद्धा एवं भूतपूर्व सैनिक सुबेदार मेजर श्री गोवर्धन शर्मा थे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुबुही निषाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम कुमार ठाकुर, डॉ. पायल जायसवाल एवं डॉ. आशुतोष दुबे भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को देश की संप्रभुता, एकता एवं अखंडता की रक्षा हेतु राष्ट्रीय संकल्प (शपथ) अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा द्वारा दिलाया गया।अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सुबेदार मेजर श्री गोवर्धन शर्मा ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारतीय सैनिकों ने अत्यंत विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में अदम्य साहस, धैर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए शत्रुओं का डटकर सामना किया। उन्होंने युद्ध के दौरान अनेक वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान एवं घायल जवानों के साहस का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी मुख्य अतिथि से संवाद कर उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त की।इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं से राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने, देश के प्रति समर्पित रहने तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध सहित देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने मौन रहकर वीर शहीदों के प्रति अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके त्याग एवं बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुबुही निषाद ने सभी अतिथियों, कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिन्द" के उद्घोष के साथ हुआ।
- 'मन की बात' देश के गुमनाम नायकों और नवाचारों को समर्पित : किरण देवरायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वैश्विक लोकप्रियता प्राप्त कार्यक्रम 'मन की बात' के मासिक प्रसारण की 136वीं कड़ी रविवार को प्रदेश के सभी स्थानों पर भाजपा की जिला, मण्डल, शक्ति केन्द्र व बूथ इकाइयों में पूरे उत्साह के साथ सुनी गई।'मन की बात' देश के गुमनाम नायकों और नवाचारों को समर्पित : किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सांसद महेश कश्यप के साथ जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कलचा पंचायत भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता सुधीर पांडे, जिला पंचायत सदस्य बिन्दु साहू,जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, मण्डल प्रभारी रजनीश पानीग्राही, मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, उपाध्यक्ष सीमांचल दास, महामंत्री मनोज पटेल, अर्जुन सेठिया, प्रदीप देवांगन, महादेव बघेल, मोहन सेठिया, राधे पन्द्रे, सुरेश ठाकुर, लक्ष्मी धरत, संगीता राणा, बाबूलाल, विकास पात्रो, तपन राय समेत जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने इस मौके पर कहा कि यह कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में चुपचाप समाज सेवा और नवाचार में जुटे नायकों को सामने लाने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री के इस मासिक सम्बोधन से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है- चाहे जल संरक्षण की बात हो, पारंपरिक कलाओं का संरक्षण हो या फिर स्टार्ट-अप्स के जरिए युवाओं का सशक्तीकरण, प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी सोच ने हर वर्ग को प्रेरित किया है। 'मन की बात' से मिली प्रेरणा से राज्य के कार्यकर्ता सामाजिक सरोकारों और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने बीजापुर जिले के ग्राम जैगुर, दरबा (विकासखंड भैरमगढ़) में, अखिलेश सोनी अंबिकापुर में एवं डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा के बूथ क्रमांक 275 में, 'मन की बात' कार्यक्रम में सहभागी होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुना।
- -वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र ने रोटरी क्लब में दिया व्याख्यानरायपुर। वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र ने रोटरी क्लब में आयोजित व्याख्यान में कहा कि हमारी आंखें प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। इनके माध्यम से हम अपने आसपास की दुनिया को देखते, सीखते और जीवन का आनंद लेते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दृष्टि हानि के अधिकांश कारणों की समय पर जांच, उचित उपचार तथा जागरूकता से रोकथाम की जा सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आंखों की देखभाल और नियमित नेत्र परीक्षण के महत्व को समझना चाहिए।डॉ दिनेश मिश्र ने दृष्टि हीनता के कारणों पर चर्चा करते हुए कहा कि कुछ बच्चों में जन्म से ही आंखों की विकृतियां (जन्मजात दोष) पाई जाती हैं। यदि जन्म के बाद समय पर नेत्र परीक्षण कराया जाए तो इनमें से कई समस्याओं का सफल उपचार संभव है। विटामिन ए की कमी बच्चों में रतौंधी तथा कॉर्निया को गंभीर क्षति पहुंचा सकती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, पपीता, आम, दूध और अंडे जैसे पौष्टिक आहार इसके अच्छे स्रोत हैं। बैक्टीरियल, वायरल तथा फंगल संक्रमण भी आंखों में लालिमा, दर्द, पानी आना और दृष्टि कम होने का कारण बन सकते हैं। संक्रमण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।डॉ मिश्र ने कहा दृष्टि दोष (निकट दृष्टि, दूर दृष्टि और एस्टिग्मैटिज्म) आज बच्चों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। नियमित नेत्र परीक्षण कराकर सही नंबर का चश्मा पहनना आवश्यक है। मोतियाबिंद बढ़ती उम्र में अंधत्व का सबसे सामान्य कारण है, लेकिन आधुनिक शल्य चिकित्सा द्वारा इसका सफल उपचार संभव है। कांचबिंदु (ग्लूकोमा) एक गंभीर रोग है जो बिना किसी प्रारंभिक लक्षण के धीरे-धीरे आंख की रोशनी नष्ट कर देता है। इसलिए 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित नेत्र जांच अत्यंत आवश्यक है।डॉ मिश्र ने बताया कि डायबिटीज और उच्च रक्तचाप का प्रभाव आंख के पर्दे (रेटिना) पर पड़ता है। समय पर जांच और उपचार न मिलने पर स्थायी दृष्टि हानि हो सकती है। पर्दा उखड़ना (रेटिनल डिटैचमेंट) एक आपातकालीन स्थिति है, जिसमें अचानक चमक दिखाई देना, काले धब्बे उड़ते हुए दिखना या दृष्टि पर पर्दा गिरने जैसा अनुभव हो सकता है।डॉ मिश्र ने कहा आंखों की चोटें बच्चों में खिलौनों, पेंसिल, तीर-कमान तथा अन्य नुकीली वस्तुओं से हो सकती हैं। वयस्कों में सड़क दुर्घटनाओं, फैक्ट्री में काम करते समय, वेल्डिंग, एसिड, चूना और अन्य रसायनों के कारण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। दीपावली के दौरान पटाखे, बम और रॉकेट तथा होली में गुलाल और रंगों से आंखों की सुरक्षा के लिए सुरक्षात्मक चश्मे का उपयोग करना चाहिए। रसायन आंख में चले जाने पर तुरंत साफ पानी से आंख धोकर अस्पताल पहुंचना चाहिए।डॉ मिश्र ने वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के बेतहाशा उपयोग पर कहा कि आज मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग एक नई चुनौती बन गया है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन (ड्राई आई), जलन, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना तथा कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं—हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें, बार-बार पलकें झपकाएं, उचित रोशनी में काम करें तथा स्क्रीन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।डॉ मिश्र ने नेत्र दान पर चर्चा करते हुए कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान करके दो कॉर्नियल अंध व्यक्तियों को नई रोशनी दी जा सकती है। नेत्रदान एक महान मानव सेवा है, जिसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।नियमित नेत्र परीक्षण, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता, सुरक्षात्मक उपाय, मधुमेह और उच्च रक्तचाप का नियंत्रण तथा समय पर उपचार अपनाकर अधिकांश नेत्र रोगों से बचाव किया जा सकता है। स्वस्थ आंखें ही स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल जीवन की आधारशिला हैं।
- -'मिशन जल रक्षा' के ज़रिए अनूठी पहल #CatchTheRain-विज्ञान पर आधारित और समुदाय के नेतृत्व वाली यह पहल दिखाती है कि बारिश के पानी को जमा करने और भूजल को फिर से भरने से लंबे समय तक पानी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती हैराजनांदगांव।मानसून आते ही देशव्यापी #CatchTheRain (बारिश का पानी जमा करें) अभियान तेज़ी पकड़ रहा है। देश भर के ज़िले पानी की सुरक्षा को मज़बूत करने और जल स्रोतों को टिकाऊ बनाने के लिए मौसमी बारिश का फ़ायदा उठा रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव ज़िला सबसे आगे रहा है, जिसने दिखाया है कि तैयारी ही पानी के असरदार संरक्षण की नींव है। अपने अनोखे 'मिशन जल रक्षा' के ज़रिए, ज़िले ने वैज्ञानिक बुनियादी ढांचा तैयार किया है, समुदायों को एकजुट किया है और भूजल को फिर से भरने के नए तरीके अपनाए हैं ताकि बारिश की हर बूंद को एकत्र किया जा सके, बचाया जा सके और वापस ज़मीन के नीचे जलभंडारों तक पहुँचाया जा सके। आसान शब्दों में कहें तो, राजनांदगांव मानसून के लिए तैयार है—और बारिश का पानी बचाने के लिए भी तैयार है।बारिश की पहली बूंद के ज़मीन पर गिरने से बहुत पहले ही, राजनांदगांव ने बारिश की हर बूंद को इकट्ठा करने, बचाने और ज़मीन के नीचे पहुँचाने के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली थी। 'मिशन जल रक्षा' के ज़रिए, ज़िले ने एक ऐसा वैज्ञानिक और समुदाय-आधारित ढांचा बनाया है जो यह सुनिश्चित करता है कि बारिश का पानी बहकर बर्बाद न हो, बल्कि उसे वापस ज़मीन के अंदर पहुँचाया जाए ताकि कीमती भूजल भंडार को फिर से भरा जा सके।इस पहल में जीआईएस मैपिंग, रिमोट सेंसिंग, एक्विफर मैपिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (डीईएम) और रिज-टू-वैली प्लानिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है ताकि भूजल को फिर से भरने के लिए सबसे सही जगहों की पहचान की जा सके। इस वैज्ञानिक तरीके के साथ-साथ ज़मीन पर नए-नए उपाय भी किए गए हैं, जैसे बेकार पड़े बोरवेल को रिचार्ज शाफ्ट में बदलना और गहरे इंजेक्शन कुओं के साथ छोटे परकोलेशन टैंक बनाना, जिससे बारिश का पानी कठोर चट्टानों वाले इलाकों में भी गहरे जलभंडारों तक पहुँच सके।'मिशन जल रक्षा' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जन-आंदोलन बन गया है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों ने पानी की बजटिंग, जागरूकता अभियानों और व्यवहार में बदलाव लाने वाले प्रयासों को उत्साह के साथ अपनाया है। इससे 'जन भागीदारी' टिकाऊ जल प्रबंधन की मुख्य ताकत बन गई है। फसल विविधीकरण ने इन प्रयासों को और मज़बूत किया है; गर्मी के मौसम में धान की खेती का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा कम पानी वाली फसलों की ओर स्थानांतरित हो गया है, जिससे भूजल पर दबाव कम हुआ है और खेती को टिकाऊ बनाने में मदद मिली है।जिले की तैयारी साफ़ तौर पर दिखाई देने वाले परिणाओं से पता चलती है। 662 गांवों में पानी बचाने और रिचार्ज करने के लिए 60,000 से ज़्यादा ढांचे बनाए गए हैं, 500 से ज़्यादा बेकार पड़े बोरवेल को रिचार्ज शाफ़्ट में बदला गया है, 1,700 से ज़्यादा छोटे परकोलेशन टैंक के साथ 600 से ज़्यादा इंजेक्शन वेल बनाए गए हैं, और 2,500 से ज़्यादा जल स्रोतों को जियो-टैग किया गया है। इन कार्यों से 51 लाख से ज़्यादा 'पर्सन-डेज़' (काम के दिन) का रोज़गार उपलब्ध हुआ है और ज़मीन के नीचे पानी का स्तर औसतन लगभग 2.04 मीटर बढ़ा है, जिससे पूरे जिले में सिंचाई और पीने के पानी की सुरक्षा मज़बूत हुई है।जैसे-जैसे #CatchTheRain अभियान देश भर के नागरिकों को "पानी की हर बूंद बचाने" के लिए प्रेरित कर रहा है, राजनांदगांव उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे पहले से योजना बनाकर, वैज्ञानिक तरीकों से और जन-भागीदारी के ज़रिए मॉनसून को पानी की सुरक्षा के स्थायी स्रोत में बदला जा सकता है। हर रिचार्ज ढांचा, हर दोबारा चालू किया गया बोरवेल और पानी की हर बचाई गई बूंद समुदाय और जिले के उस साझा संकल्प को दिखाती है, जिसका उद्देश्य आज की बारिश को कल की भूजल सुरक्षा में बदलना है।'मिशन जल रक्षा' इस बात को और मज़बूत करता है कि बारिश का पानी जमा करना सिर्फ़ मौसमी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह जल स्रोतों को बनाए रखने, जलवायु परिवर्तन का सामना करने और पानी के लिहाज़ से सुरक्षित भविष्य की दिशा में लगातार चलने वाला संकल्प है।राजनांदगांव बारिश का इंतज़ार नहीं कर रहा है—यह पानी की हर बूंद को सहेजने के लिए तैयार है।
- रायपुर / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में रायगढ़ के अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का श्रवण किया।इस अवसर पर श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के संरक्षण और जल संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए जनसहभागिता की शक्ति को रेखांकित किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।श्री चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर देश को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आज करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ कर रहा है। कार्यक्रम के श्रवण के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए जनहित के विषयों पर सामूहिक भागीदारी और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।
- -कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति और जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री का विशेष जोररायपुर/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का श्रवण किया।इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि 'मन की बात' केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु योजना प्रदेश में नागरिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न आवश्यक प्रमाण पत्रों और शासकीय सेवाओं की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सहज हो गई है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है।सूरजपुर जिले के ग्राम कमलपुर निवासी श्री सुशील सिंह इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं। उन्होंने अपनी पुत्री अनीता सिंह के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन किया। पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। लेकिन सेवा सेतु के जरिए आवेदन की प्रक्रिया सरल होने से उनका आवेदन निर्धारित समय में निराकृत हुआ और उन्हें आय प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हो गया।श्री सुशील सिंह ने बताया कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनकी पुत्री के शैक्षणिक एवं अन्य शासकीय कार्य बिना किसी परेशानी के पूरे हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु योजना ने ग्रामीण नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है और अब बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्रदेश सरकार की यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। सेवा सेतु योजना के माध्यम से लोगों का समय और संसाधन दोनों बच रहे हैं, वहीं सरकारी सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।
- -माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील-महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वानरायपुर / रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का प्यार और स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।"मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें, उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक बनेगी। मंत्री ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र 'पूर्व सैनिक महासभा' के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह मजबूत संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।
- -महिला स्व सहायता समूह बना ग्रामीण विकास की प्रेरक मिसालरायपुर। ’’बिहान योजना’’ एवं ’’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)’’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बिलासपुर के विकासखण्ड मस्तुरी के ग्राम कछार स्थित ’’वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह’’ की महिलाएं आज अपने परिश्रम और सामूहिक प्रयास से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।समूह की अध्यक्ष श्रीमती अपूर्वा तिवारी के नेतृत्व में समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के घरेलू उपयोग के उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। इनमें क्लिनिकल तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है। समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता के कारण स्थानीय बाजार में इनकी अच्छी मांग है, जिससे महिलाओं को नियमित रूप से अच्छा मुनाफा प्राप्त हो रहा है। 'बिहान' योजना के अंतर्गत समूह को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन तथा उद्यम विकास का मार्गदर्शन मिला। इससे महिलाओं ने अपने हुनर को व्यवसाय का रूप दिया और आज वे अपने उत्पादों को स्थानीय हाट-बाजारों, मेलों तथा विभिन्न प्रदर्शनियों में भी विक्रय कर रही हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। श्रीमती तिवारी ने बताया कि 'बिहान' योजना और एनआरएलएम के सहयोग से महिलाओं को रोजगार का नया अवसर मिला है। पहले महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने उत्पादों का निर्माण और विपणन स्वयं कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह की यह सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका और सशक्त भविष्य की ओर भी अग्रसर कर रहा है।
- -पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के लिए खुले कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार-15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्ररायपुर / कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।
- -जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम, कृषि विभाग के मार्गदर्शन से मिली नई दिशारायपुर / कृषि विभाग द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। सरगुजा जिले के विकासखंड सीतापुर के ग्राम पेटला की कृषक श्रीमती एरिन भगत ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक खेती अपनाकर खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।कृषि विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के बाद एरिन भगत ने अपने खेतों में जीवामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट का नियमित उपयोग शुरू किया। विभाग द्वारा उन्हें जीवामृत तैयार करने के लिए विशेष ड्रम उपलब्ध कराया गया, जिसकी सहायता से वे गाय के मूत्र से जीवामृत तैयार करती हैं। वहीं, गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर खेतों में उपयोग कर रही हैं।एरिन भगत वर्तमान में पूरी तरह जैविक खेती कर रही हैं। साथ ही वे वर्मी कल्चर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद का उत्पादन भी कर रही हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता काफी कम हुई है, जिसके परिणामस्वरूप खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन प्रणाली अधिक टिकाऊ बनी है।उन्होंने बताया कि पहले रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जैविक खाद के उपयोग से आर्थिक बचत हो रही है। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी हुई है, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ी है। उनका मानना है कि जैविक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।कृषि विभाग किसानों को जैविक खेती, जीवामृत निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा प्राकृतिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग के वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से जिले के किसान कम लागत, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
- -समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से हुईं सशक्त, महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा संबलरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- -पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल-प्रदेशभर की 128 सिंधी पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर हुए एकजुटरायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि सिंधी समाज स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। देश के विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सहने के बावजूद इस समाज ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से न केवल स्वयं को पुनः स्थापित किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री डेका आज रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ (विचार, तर्क एवं सुझाव परिचर्चा) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभाजन के समय अपनी मातृभूमि, संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहरों को छोड़कर आए सिंधी समाज ने उस असीम वेदना को अपनी शक्ति बनाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।श्री डेका ने कहा कि किसी भी समाज की रीढ़ उसकी पंचायतें होती हैं। सिंधी समाज की पंचायत व्यवस्था सामाजिक समरसता बनाए रखने के साथ-साथ प्रगतिशील सोच को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘मुखी संवाद’ में प्रदेशभर की 128 पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो समाज की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है। राज्यपाल ने समाज के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा महिला विंग के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायतों के मुखी, प्रतिनिधि, महिला विंग के सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
- -नो बैग डे पर बच्चों ने किया श्रमदान, फलदार पौधे और सब्जियों के लगाए गए बीजरायपुर। नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया। संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए। संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
- बीजापुर । जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मंडेम में नए मोबाइल नेटवर्क टॉवर का सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ हो गया है। लंबे समय से नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे मंडेम एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। टॉवर चालू होने के साथ ही अब क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से उपलब्ध होने लगी हैं।जिला मुख्यालय बीजापुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मंडेम, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 2,168 हेक्टेयर है, अब डिजिटल कनेक्टिविटी की मुख्यधारा से जुड़ गया है। मोबाइल टॉवर की स्थापना से ग्रामीणों को संचार संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और आधुनिक डिजिटल सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।अब ग्रामीणों को मोबाइल कॉल करने, वीडियो कॉल, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाओं तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क स्थापित करने में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। नेटवर्क बेहतर होने से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा।मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से शासन की विभिन्न डिजिटल योजनाओं एवं ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक तेजी से पहुंचेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज़, बैंकिंग सुविधाएं तथा अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं का उपयोग अब अधिक सुगम हो सकेगा।स्थानीय ग्रामीणों ने नए मोबाइल टॉवर के संचालन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से क्षेत्र में बेहतर नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने से गांव के लोगों का अपने परिजनों एवं बाहरी दुनिया से संपर्क मजबूत होगा तथा शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।ग्राम पंचायत मंडेम में स्थापित यह मोबाइल टॉवर केवल संचार सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच बढ़ाने की दिशा में यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीणों के जीवन को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।























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