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मोहला/ मोहला—मानपुर—अंबागढ़चौकी जिले में सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के खड़गांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमानसुर गांव के करीब एक एसयूवी वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे इस घटना में 10 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बालोद जिले के भरदा कला गांव से एक ही परिवार के 10 लोग एक वाहन में सवार होकर कांकेर के शिलपट गांव में आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि वापसी में जब वह आज सुबह कमानसुर गांव के करीब पहुंचे तब वाहन अनियंत्रित होकर पलटकर सीधा हो गया। इस घटना में वाहन सवार 10 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल घटनास्थल पहुंचा तथा ग्रामीणों की मदद से घायलों को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन क्रमांक 1 क्षेत्र के 3 वार्डो संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3, यतियतनलाल वार्ड क्रमांक 4 और नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड क्रमांक 15 क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत औचक निरीक्षण किया. इस दौरान जोन 1 जोन कमिश्नर ने तीनों वार्ड संत कबीर दास वार्ड , यतियतनलाल वार्ड नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड में निर्धारित संख्या से कम सफाई कामगार ड्यूटी पर उपस्थित मिले.इस पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर ने वार्ड क्रमांक 3 के सफाई ठेकेदार मेसर्स आदित्य इंटरप्राइजेस, वार्ड क्रमांक 4 के सफाई ठेकेदार मेसर्स वी एस कंस्ट्रक्शन और वार्ड क्रमांक 15 के सफाई ठेकेदार मेसर्स अक्षय इंटरप्राइजेस को तत्काल नगर निगम जोन 1 स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सम्बंधित तीनों सफाई ठेकेदारों पर उन्हें भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए प्रत्येक सफाई ठेकेदार पर 5 - 5 हजार रूपये कुल 15 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया. जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर द्वारा वार्ड क्रमांक 3,4,15 क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 की तैयारी के सम्बन्ध में किये गए स्वच्छता व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन की उपस्थिति रही.
- रायपुर / ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।परंपरा से जुड़ी नई शुरुआतनारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।सरकार का मजबूत सहयोगछत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।बढ़ता बाजार और आयआज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।महिलाओं का सशक्तिकरणइस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।भविष्य की दिशाग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।
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-शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी 30 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य
महासमुंद / जिले में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों का ई-केवाईसी का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ इस अभियान के तहत जिले में कुल 3 लाख 3 हजार 808 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना निर्धारित है। अब तक 1 लाख 57 हजार 359 हितग्राहियों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, शेष 1 लाख 46 हजार 449 हितग्राहियों का ई-केवाईसी 30 जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार ने बताया कि शेष हितग्राहियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चयनित ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय भवनों में वीएलई के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही सुविधाजनक तरीके से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कर सकें। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों के आधार से संबंधित त्रुटियां थीं, उनका निराकरण राज्य स्तर पर ऑटो करेक्शन के माध्यम से कर दिया गया है। अब किसी भी हितग्राही को त्रुटि सुधार के लिए परियोजना या जिला कार्यालय जाने अथवा आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं है।हितग्राहियों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी के आधार पर कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ न लगाएं और अपने नजदीकी शिविर में जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराएं। यदि किसी हितग्राही का ई-केवाईसी रिजेक्ट हो जाता है, तो वे दो दिन बाद पुनः प्रयास करें, क्योंकि इस अवधि में प्रोफाइल स्वतः अपडेट हो जाती है। उन्होंने बताया कि त्रुटि सुधार केवल उन्हीं मामलों में किया जाएगा, जिनमें जेंडर (लिंग) संबंधी त्रुटि पाई जाती है। जेंडर सुधार के बाद संबंधित हितग्राही को पुनः ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराना आवश्यक होगा। -
- सांसद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संपन्न
- शासन की योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
- जिले के विकास के मुद्दो पर की गई सार्थक चर्चा
राजनांदगांव । सांसद श्री संतोष पाण्डेय की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थे।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं सहित जिले के नवाचार के क्रियान्वयन, प्रगति तथा विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य पेयजल समस्या, स्कूलों में आवश्यक सुधार तथा अन्य जनहित से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाज की भागीदारी से ही योजनाओं का प्रभाव अधिक व्यापक होता है। केवल शासकीय प्रयासों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, बल्कि जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही योजनाएं प्रभावी बनती हैं। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न विभागों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार समय-समय पर बैठक आयोजित करने कहा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि जिले में जल संरक्षण एवं फसल विविधीकरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जो प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय का परिणाम हैं। उन्होंने आगे भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखते हुए लंबित कार्यों के त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण की जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से हाउस लिस्टिंग कार्य प्रारंभ होगा, जिसके पूर्व स्व-गणना पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं एवं अपने परिवारजनों की जानकारी स्व-गणना पोर्टल में पूर्ण करें तथा आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने महतारी वंदन योजना के तहत नि:शुल्क ई-केवाईसी कार्य में सीएससी सेंटर द्वारा राशि लेने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्टेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पिछले 4 माह में जो शिक्षक लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपंप के केसिंग पाईप को ऊपर उठाने के निर्देश दिए। जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार से पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के घर से बाहर जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या की रोकथाम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वित जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बच्चों में जागरूकता विकसित की जाए, तो ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में प्रकाश व्यवस्था के साथ साईन बोर्ड लगाने कहा। वनमंडलाधिकारी श्री आशुष जैन ने बताया कि जिले में संग्रहण कार्य 1 से 5 मई के बीच प्रारंभ होगा। इस वर्ष तेंदूपत्ता की दरों में वृद्धि हुई है, जिससे संग्राहकों को लाभ मिलेगा।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 28 हजार से अधिक आवाओं को पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा ग्रामीण बीपीएल परिवारों के युवक-युवतियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे स्वरोजगार से जोडऩे के लिए हुनरमंद बनाया जाता है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के साथ नवाचारों की जानकारी दी। बैठक में सदस्य जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
- डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना पर की गई विस्तृत चर्चा
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद श्री संतोष पाण्डेय, खुज्जी विधायक श्री भोलाराम साहू, डोंगरगढ़ विधायक श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नवीन प्रावधानों के अनुरूप डीएमएफ के कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि जिला खनिज न्यास समिति के माध्यम से जनप्रतिनिधि एवं नामांकित सदस्य मिलकर जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि शासन के प्रावधानों के अनुसार शिक्षा, पेयजल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कार्य करना अनिवार्य है तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ विकास कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति के निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और आगामी प्रस्तावों को भी सभी की सहमति से क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
कलेक्टर ने बताया कि नवीन नियमों के अनुसार डीएमएफ अंतर्गत पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करना अनिवार्य किया गया है, जिसके तहत आगामी पांच वर्षों के लिए विकास कार्यों की रूपरेखा निर्धारित की जाएगी। साथ ही वार्षिक कार्ययोजना को सेक्टरवार तैयार किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता अनुसार कार्यों को चरणबद्ध रूप से स्वीकृति दी जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में सीमित राशि उपलब्ध होने के कारण संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, महिला एवं बाल विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा कौशल विकास जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही अधोसंरचना, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक कार्यों को भी नियमानुसार शामिल किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हितग्राहियों के लिए हितग्राही मूलक योजनाओं को भी डीएमएफ से जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित तथा 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी आधार पर जिले के प्रभावित ग्रामों की सूची तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं कौशल विकास पर व्यय किया जाएगा तथा शेष राशि अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्यों पर खर्च की जाएगी। डीएमएफ निधि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया गया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में सदस्य जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जा रहा है, ताकि आवेदकों को समयबद्ध तरीके से राहत मिल सके। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहर के तुलसीपुर वार्ड क्रमांक 17 निवासी श्री राहुल कुमार दास द्वारा अपनी बिटिया नव्या वैष्णव को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नोनी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आवेदन एवं दस्तावेजों की जांच उपरांत पात्र पाए जाने पर नव्या वैष्णव को नोनी सुरक्षा योजना से लाभान्वित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर के निर्देशानुसार विभागीय अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों एवं दस्तावों की जांच की गई। योजना के तहत निर्धारित मापदण्ड अनुसार पात्र पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हितग्राही बच्ची के अभिभावकों से संपर्क किया गया और हितग्राही के आवेदन को ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज किया गया। साथ ही बच्ची के माता-पिता को पोर्टल पर प्राप्त होने वाली दर्ज संख्या एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। बच्ची के माता-पिता नोनी सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर अत्यंत ही प्रसन्न है। उन्होंने नोनी सुरक्षा योजना से लाभान्वित करने तथा बच्ची के सुरक्षित भविष्य के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नोनी सुरक्षा योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बेटियों के लिए एक कल्याणकारी योजना है। शासन द्वारा नोनी सुरक्षा योजना के तहत 1 अप्रैल 2014 के बाद जन्म लिए बेटियों के नाम पर 5 साल तक प्रतिवर्ष 5000 रूपए कुल 25000 रूपए एलआईसी में जमा की जाती है। हितग्राही के 18 वर्ष की आयु एवं कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने पर 1 लाख रूपए की परिपक्वता राशि मिलती है। योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रुण हत्या को रोकना, बाल विवाह पर रोक लगाना, बालिकाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्र, कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग एवं विभागीय वेबसाईट से प्राप्त की जा सकती है। -
- सांसद ने टीबी मरीजों को प्रदान किए पोषण किट
राजनांदगांव । सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण किट प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने दो टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र के रूप में सहयोग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने भी दो टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र बने।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोई भी व्यक्ति, संस्था, एनजीओ, औद्योगिक इकाई या जनप्रतिनिधि निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद ले सकते है और उन्हें 6 माह तक प्रति माह लगभग 500 रूपए राशि का पोषण आहार उपलब्ध करा सकते है। इसमें तीन किलो चावल, डेढ़ किलो दाल, 250 मिलीलीटर तेल एवं एक किलो मूंगफली शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में 26 मार्च 2026 से 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। अब तक 39 आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें हाई-रिस्क ग्रामों एवं वार्डों के 2 हजार 378 व्यक्तियों का एक्स-रे किया गया है। इसी प्रकार 131 स्कूलों में 2 हजार 919 छात्र-छात्राओं की टीबी जांच की गई है। जिला क्षय अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया ने बताया कि यह अभियान 100 दिनों तक संचालित होगा, जिसके अंतर्गत जिले के सभी हाई-रिस्क क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा 14 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का नि:शुल्क एक्स-रे किया जाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने बताया कि अभियान में 22 वार्ड पार्षद एवं 291 पंचायत प्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल हैं। अभियान के तहत जिला जेल, अनाथालय, वृद्धाश्रम, बाल संरक्षण गृह, ट्रायबल हॉस्टल सहित अन्य संस्थानों में भी टीबी जांच की जा रही है। इस अवसर पर विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया की उपस्थिति में नगर निगम जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत रेल्वे स्टेशन और पुराना पंडरी बस स्टेण्ड मार्ग में नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वच्छता दीदियों के सहयोग से विभिन्न दुकानों की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान डस्टबिन नहीं मिलने और गन्दगी फैलाये जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने पर सम्बंधित 39 दुकान संचालकों पर कुल 10 हजार रूपये का ई चालान उन्हें भविष्य के लिये कड़ी चेतावनी देते हुए किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- रायपुर -उत्कल गौरव मधुसूदन दास की जयन्ती दिनांक 28 अप्रैल 2026 मंगलवार को प्रातः 11 बजे रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर के महिला पुलिस थाना चौक के किनारे स्थित उत्कल गौरव मधुसूदन दास के मूर्ति स्थल के समक्ष उन्हें सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। पुष्पांजलि कार्यक्रम में उत्कल गौरव मधुसूदन दास से सम्बंधित उनके मूर्ति स्थल में नियत दिवस को मूर्ति स्थल के प्रांगण का संधारण और मूर्ति स्थल प्रांगण सहित उसके आसपास के क्षेत्र की विशेष सफाई, मूर्ति स्थल की पुष्पसज्जा सहित आवश्यकतानुसार पेयजल की व्यवस्था रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 4 के सहयोग से की जायेगी।
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के सभापतित्व में रायपुर नगर निगम सचिवालय द्वारा नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित सभागार में विशेष सामान्य सभा (विशेष सम्मिलन) की बैठक आहुत की गयी।विशेष सामान्य सभा की बैठक में सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ के समापतित्व में महिला सशक्तिकरण हेतु अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान के आयोजन एव समन्वय पर चर्चा और विचार विमर्श किया गया और चर्चा उपरांत प्रस्ताव को विशेष सामान्य सभा की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
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दुर्ग। रविवार देर रात बारात से वापस लौटते समय हुई बस दुर्घटना में घायल दुर्ग के तितुरडीह क्षेत्र के नागरिकों से मिलने प्रदेश के केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव आज जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लिए। मंत्री श्री यादव ने घायलों को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराने भरोसा देते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना किए।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि रविवार की रात दुर्घटना में घायल हुए सभी नागरिकों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।अस्पताल पहुँचकर मंत्री श्री यादव ने एक-एक मरीज से संवाद कर दुर्घटना की जानकारी लिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने। उन्होंने उपस्थित डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को निर्देशित किया कि सभी मरीजों का समुचित और प्राथमिकता के आधार पर इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने गंभीर रूप से घायलों की विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।अस्पताल में व्यवस्था का निरीक्षणकेबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिये। इस दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लिए और अस्पताल प्रबंधन को गंभीरता से कार्य करने निर्देश दिए। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए मंत्री श्री यादव ने अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वार्डों में कूलर एवं पंखों की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा मरीजों और उनके परिजनों को गर्मी से राहत देने के लिए आवश्यक आवश्यक व्यवस्था करने कहा गया।निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेन्द्र यादव ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी बातचीत किए और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी लिए। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ सभी शासकीय अस्पताल नागरिकों के बेहतर ईलाज और सुविधाओं का ध्यान रखने प्रयासरत है। मौके पर मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। - दुर्ग / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका 28 अप्रैल 2026 को दुर्ग और भिलाई जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल श्री डेका पूर्वान्ह 10.30 को लोक भवन रायपुर से दुर्ग के लिए प्रस्थान करेंगे। पूर्वान्ह 11.15 बजे दुर्ग पहुँचकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बैठक हॉल में आयोजित ब्लॉक समीक्षा बैठक में शामिल होेंगे। इसके पश्चात, अपरान्ह 01.15 को भिलाई निवास के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल श्री डेका शाम 04.45 बजे रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी, भिलाई के लिए निकलेगे और शाम 05.00 बजे संस्थान में आयोजित विशेष कार्यक्रम ’सच हुए सपने’ में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल शाम 06 बजे लोक भवन रायपुर के लिए रवाना होंगे।
- बिलासपुर /जिला पंचायत बिलासपुर की सामान्य सभा की विशेष बैठक 28 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंगलवार को शाम 4 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष, बिलासपुर में संपन्न होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी द्वारा की जाएगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल द्वारा जारी सूचना के अनुसार बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इनमें ज्ञान भारतम् पांडुलिपि सर्वेक्षण पर चर्चा, सुशासन तिहार 2026 की रूपरेखा पर विचार-विमर्श तथा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर भी चर्चा शामिल है। बैठक में सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
- बिलासपुर /महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण, न्याय तक आसान पहुंच और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 29 अप्रैल 2026 को बिलासपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा।राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में बुधवार 29 अप्रैल को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे 'शी सर्वज' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय लखीराम ऑडिटोरियम, कंपनी गार्डन के पास किया जाएगा, जिसमें महिलाओं से जुड़े मामलों की निगरानी, शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसके पश्चात सुबह 11:30 बजे कलेक्टोरेट स्थित मंथन मीटिंग हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा, शिकायतों के निराकरण, कानून-व्यवस्था एवं महिला कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।निर्धारित कार्यक्रम के तहत इसके बाद दोपहर 1 बजे से जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में महिला जनसुनवाई आयोजित होगी, जहां महिलाएं घरेलू हिंसा, कार्यस्थल उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, साइबर अपराध, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न मामलों की शिकायत सीधे आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगी। दोपहर 3 बजे यशोदा एआई विषय पर कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें एनआरएलएम से जुड़ी महिलाओं, स्व-सहायता समूहों एवं लघु उद्यम से जुड़ी लगभग 200 महिलाओं के साथ संवाद किया जाएगा। जन सुनवाई में पूर्व पंजीयन की आवश्यकता नहीं है। पीड़ित महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। आयोग द्वारा मौके पर ही शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बिलासपुर संभाग की महिलाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- -परंपरागत खेती छोड़ फूलों की खेती अपनाई, कम लागत में मिला ज्यादा मुनाफा-एक किसान की सफलता बनी प्रेरणा, गांव के अन्य किसान भी बढ़ा रहे कदमरायपुर परंपरागत खेती (गेहूं-धान) की तुलना में फूलों की खेती कम लागत में 3-4 गुना तक अधिक मुनाफा दे रही है। गेंदा, गुलाब और गुलदाउदी जैसे फूलों की 12 महीने मांग होने से किसान हर सीजन में बंपर कमाई कर रहे हैं। कम पूंजी से शुरू होकर, यह व्यवसाय प्रति हेक्टेयर लाखों रुपये का शुद्ध लाभ दे रहा है, जिससे किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। शादी, पार्टी, त्यौहार और धार्मिक आयोजनों में फूलों की मांग साल भर बनी रहती है, जिससे अच्छी कीमतें मिलती हैं।राज्य शासन की योजनाओं का लाभ लेकर रायगढ़ जिले के किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा निवासी किसान श्री ईश्वरचरण पैकरा ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन से फूलों की खेती अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान की सफलता आज सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।श्री पैकरा पहले परंपरागत रूप से धान की खेती किया करते थे, जिसमें मेहनत के मुकाबले आय सीमित थी। वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू की। विभाग द्वारा तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन मिलने से उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से खेती की, जिसका परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। जहां पहले धान की खेती से उन्हें लगभग 11 क्विंटल उत्पादन मिलता था और सीमित आय होती थी, वहीं फूलों की खेती से उन्हें करीब 38 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उनकी कुल आमदनी लगभग 3 लाख 4 हजार रुपये तक पहुंच गई। लागत निकालने के बाद उन्हें लगभग 2 लाख 59 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।फूलों की खेती में सफलता मिलने के बाद श्री पैकरा का आत्मविश्वास बढ़ा है। वे बताते हैं कि कम समय में अधिक लाभ मिलने के कारण अब वे इस खेती को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। उनके खेत में खिले गेंदा फूलों की रंगीन पंक्तियां आज उनकी मेहनत और सफलता की कहानी बयां करती हैं। उनकी इस उपलब्धि को देखकर गांव के अन्य किसान भी अब उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और विभाग से संपर्क कर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इस प्रकार राज्य शासन की योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो रही हैं, बल्कि कृषि के स्वरूप में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण और लघु वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल के तहत जशपुर जिले में तीन दिवसीय स्टोरी टेलिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। वन मंडल जशपुर, जिला लघु वनोपज संघ मर्यादित एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में 24 से 26 अप्रैल तक जिला मुख्यालय स्थित निर्वाणा होटल में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाईकार्यशाला में कुनकुरी, बगीचा, जशपुर, पत्थलगांव, कांसाबेल और सन्ना विकासखंडों के वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिलाओं को अपने अनुभव, संघर्ष और सफलता की कहानियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास विकसित करना तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवरस और पांच ज्ञानेंद्रियों के समुचित उपयोग के माध्यम से कहानी कहने की कला को जीवंत और प्रभावशाली बनाने के गुर सिखाए। व्यावहारिक अभ्यास, समूह चर्चा और प्रस्तुतीकरण के जरिए महिलाओं की संप्रेषण क्षमता को मजबूत किया गया।कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने अपनी स्वयं की तैयार कहानियों का प्रस्तुतीकरण किया, जिसमें उनके जीवन अनुभव, स्थानीय परंपराएं और वन संसाधनों के प्रति संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।यह कार्यशाला न केवल महिलाओं के अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने में सफल रही, बल्कि सामुदायिक स्तर पर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। वन विभाग ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
- -मनरेगा के तहत बने चेक डैम से किसानों को सालभर सिंचाई, आय और रोजगार में वृद्धिरायपुर। छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित चेक डैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रहे हैं।छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। विशेष रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित चेक डैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रहे हैं।इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बदौली एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जहां चेक डैम निर्माण ने जल संकट से जूझ रहे गांव को जल समृद्ध और आत्मनिर्भर बना दिया है।पहले बदौली गांव के किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे। बारिश की अनिश्चितता के कारण फसल उत्पादन प्रभावित होता था और गर्मी के मौसम में जल संकट के चलते खेती करना मुश्किल हो जाता था। कई किसानों को आजीविका के लिए पलायन करना पड़ता था।लेकिन मनरेगा के तहत चेक डैम निर्माण के बाद अब गांव में जल का प्रभावी संग्रहण होने लगा है। इससे न केवल भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है, बल्कि कुओं और हैंडपंपों में भी सालभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।चेक डैम से सीधे तौर पर 20 से 25 किसानों को सालभर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। परिणामस्वरूप किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ सब्जियों एवं नगदी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। पहले जहां एक फसल पर निर्भरता थी, अब दो से तीन फसलें लेकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।गांव के किसान श्री ईश्वर और श्री कपिल बताते हैं कि चेक डैम बनने के बाद खेती आसान हो गई है और अब वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। खेती में बढ़ी उत्पादकता ने न केवल उनकी आय बढ़ाई है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।चेक डैम निर्माण से गांव में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। मनरेगा के तहत स्थानीय स्तर पर काम मिलने से ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार मिला, जिससे पलायन में कमी आई है।राज्य में जल संरक्षण की इस तरह की पहलें ग्रामीण विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। बदौली जैसे गांव इस बात का प्रमाण हैं कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी सुनिश्चित हो, तो ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
- -पानी की किल्लत झेलने वाले गांव में अब हर घर नल कनेक्शनरायपुर ।जल जीवन मिशन से गांवों की तस्वीर बदल रही है। इसने ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। हर साल पानी की किल्लत झेलने वाले गांवों में भी अब मिशन की बदौलत नल से हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ विकासखंड के दूरस्थ वनांचल गांव घीकुड़िया में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित जल आपूर्ति की व्यवस्था ने गांव की सूरत बदल दी है।जल जीवन मिशन से घीकुड़िया में अब हर घर तक शुद्ध पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो गई है। इससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। मिशन के अंतर्गत गांव में पानी टंकी का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने तथा नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस सुविधा से महिलाओं को काफी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता और वे अपने अन्य कार्यों पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं।घीकुड़िया में जल आपूर्ति की नई व्यवस्था से बच्चों की दिनचर्या में भी सार्थक बदलाव आया है। पहले जहां पानी लाने में समय व्यतीत होता था, वहीं अब बच्चे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। साथ ही गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। ग्रामीणों ने पानी की महत्ता को समझते हुए हर घर नल के साथ जिम्मेदारी भी निभानी शुरू कर दी है। जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।जल जीवन मिशन से जल की आपूर्ति शुरू होने के पहले गर्मी के मौसम में गांव में पानी की भारी किल्लत रहती थी। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और स्वास्थ्य समस्याएं होती थीं, लेकिन अब जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से घीकुड़िया के हर घर तक नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
- -जलवायु परिवर्तन कार्य योजना हेतु गठित स्टियरिंग समिति की बैठक सम्पन्नरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करना प्रस्तावित करें। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और राज्य में कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठ भूमि, जलवायु परिवर्तन के कारक और छत्तीसगढ़ राज्य में भी जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ श्री श्रीनिवास राव, एपीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा शामिल हुए।छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विविध कार्य किये जा रहें हैं। इनमें मुख्यतः वृक्षारोपण कार्य किये जा रहें हैं। एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत् करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृ़क्ष मित्र योजना के तहत् 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आई.एस.एफ.आर. 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 किलोमीटर किया गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य में जलवायु परिवर्तन के तहत ई-वाहनों के चालन के लिए जन-सामान्य को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प वितरित किये जा रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-2026 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाईड्रोलॉजिकल प्लानिंग के साथ 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र निर्मित किए जाने के लिए अधिकारियों ने अपने विचार रखें।बैठक में जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विद्यायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज संसाधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, नगरीय प्रशासन विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., वाणिज एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री इफ्फत आरा सहित राज्य योजना आयोग, नाबार्ड, सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन, इंडियन इंस्टयूट ऑफ साइंस और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में टिकाऊ और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी विकासखंडों में इस वर्ष 600 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद का प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि विभाग के मैदानी अमले से संपर्क कर हरी खाद तकनीक अपनाएं, जिससे मिट्टी की सेहत में सुधार के साथ दीर्घकालीन उत्पादकता सुनिश्चित हो सके।हरी खाद के अंतर्गत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द और बरसीम जैसी फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद जुताई कर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात 2 से 3 सप्ताह बाद मुख्य फसल की बुवाई की जाती है। यह प्रक्रिया मिट्टी में प्राकृतिक पोषक तत्वों की पूर्ति करती है।हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटाश एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, साथ ही जैविक पदार्थों में वृद्धि होती है। इससे मिट्टी की जलधारण क्षमता बेहतर होती है और भूमि भुरभुरी एवं अधिक उपजाऊ बनती है। हरी खाद अपनाने से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, की आवश्यकता में कमी आती है।विशेषज्ञों के अनुसार, हरी खाद का उपयोग कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उपाय है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास किसानों को आत्मनिर्भर और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित “छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम” की योजनाएं आज हजारों दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रही हैं। राज्य सरकार की संवेदनशील पहल और सशक्त क्रियान्वयन ने दिव्यांगजनों को न केवल आर्थिक संबल दिया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है।रायपुर की श्रीमती गिरजा जलक्षेत्री इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। 60 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने अपने आत्मविश्वास और शासन की योजना के सहारे अपने जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2017 में निगम से 1 लाख 75 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ई-रिक्शा संचालन शुरू किया। कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने निरंतर परिश्रम किया और समय पर ऋण चुकाकर 25 प्रतिशत अनुदान का लाभ भी प्राप्त किया।श्रीमती गिरजा जलक्षेत्री यहीं नहीं रुकीं उन्होंने आगे बढ़ते हुए 2 लाख 75 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर अपने कार्य का विस्तार किया। आज वे रायपुर के कोर्ट परिसर में चाय एवं नाश्ता केंद्र संचालित कर रही हैं। यह केंद्र सिर्फ उनका व्यवसाय नहीं, बल्कि कई अन्य दिव्यांगजनों के लिए रोजगार का माध्यम बन चुका है। वर्तमान में लगभग 10 दिव्यांगजन उनके साथ कार्य कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।राज्य सरकार की इस योजना के तहत दिव्यांगजनों को 10 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का ऋण अत्यंत रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला हितग्राहियों के लिए 5 प्रतिशत और पुरुषों के लिए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर निर्धारित है। साथ ही, समय पर ऋण अदायगी करने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान, इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाता है।इस योजना के माध्यम से राज्यभर में दिव्यांगजन किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, फैंसी स्टोर, सायकल रिपेयरिंग, चाय-नाश्ता केंद्र जैसे अनेक छोटे-छोटे व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं। इससे वे न केवल अपनी आजीविका चला रहे हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रहे हैं।रायपुर जिले में अब तक 187 से अधिक दिव्यांगजनों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ आज समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जहां हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
- -उपार्जन केंद्रों पर बढ़ी किसानों की भीड़रायपुर। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) 2018 में शुरू की गई एक प्रमुख सरकारी योजना है। इसका उद्देश्य दलहन, तिलहन किसानों को उनकी उपज का लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना है। यह योजना मूल्य अस्थिरता को कम कर किसानों की आय की रक्षा करती है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत छत्तीसगढ के धमतरी जिले में चना खरीदी का कार्य अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। राज्य में सर्वाधिक चना उत्पादक जिले के रूप में अपनी धाक जमा चुके धमतरी में, अब उपार्जन केंद्रों पर किसानों की चहल-पहल और भी बढ़ गई है।जिले की 76 हजार क्विंटल की शानदार उपलब्धि के बाद, कृषि विभाग अब शेष 24 हजार क्विंटल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिशन मोड पर है। राज्य स्तरीय कृषि अधिकारियों का मानना है कि धमतरी जिले द्वारा अपनाई गई पारदर्शी पंजीकरण और त्वरित भुगतान की प्रणाली (DBT) अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। प्रशासन की सक्रियता से किसानों को प्राथमिकता मिल रही है। जिले के 11 खरीदी केंद्रों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी है, ताकि तौल से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में कहीं कोई बाधा न आए। इसके साथ ही उन्होंने परिवहन में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। खरीदी गई उपज को जल्द से जल्द गोदामों तक पहुँचाने के लिए परिवहन की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, जिससे केंद्रों पर किसानों को अपनी बारी का इंतजार न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपज लेकर आने वाले किसी भी किसान को निराश होकर न लौटना पड़े।उपार्जन केंद्रों पर मौजूद किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर त्वरित भुगतान मिलने से उन्हें रबी की कटाई के बाद के खर्चों को संभालने में बहुत मदद मिल रही है। समय पर मिल रहे इस आर्थिक संबल के कारण किसानों का रुझान अब अन्य फसलों की तुलना में दलहन उत्पादन की ओर अधिक बढ़ रहा है। यह योजना न केवल किसानों को सही दाम दिलाती है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को भी नियंत्रित करती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले कुछ दिनों में शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संसाधन झोंक दिए जाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों से संपर्क बनाए रखें ताकि खरीदी प्रक्रिया सुगमता से संपन्न हो सके।
- - निर्माण कार्यों में बढ़ रही ‘साईं बाबा समूह’ की आजीविकारायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे ष्बिहानष् के नाम से जाना जाता है, ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह भारत सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन कर रहा है। ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थायी और विविध स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले में सहारा आजीविका क्लस्टर के उदयपुर विकासखंड के डाड़गांव की रहने वाली सकीना की कहानी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। जो सकीना कभी बैंक जाने के नाम से घबराती थीं, वे आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से न केवल अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।अभिसरण का कमालः डीएमएफ मद से मिली मिक्सर मशीनशासन की विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय से जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से सीमेंट मिक्सर मशीनें समूहों प्रदान की गई हैं। इन्ही में से एक मशीन ‘रामगढ़’ ग्राम संगठन के ‘साईं बाबा समूह’ को मिली, जिसकी सदस्य सकीना हैं। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहयोग और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।निर्माण कार्यों में बढ़ी भागीदारी, बढ़ी आमदनीसकीना ने बताया कि उन्होंने अपनी आजीविका विस्तार के लिए समूह से 60,000 का ऋण लिया था। समूह को मिली मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स अब उनकी आय का मुख्य जरिया बन गई हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों के लिए उनकी मिक्सर मशीन और शटरिंग प्लेट्स की भारी मांग है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग और अन्य खर्चे निकालकर समूह से अब तक 6,000 से 7,000 की प्रतिदिन की कमाई हो रही है।आत्मविश्वास से भरा सफरः बैंक जाने की हिचकिचाहट हुई खत्मसकीना अपनी सफलता का श्रेय बिहान योजना को देते हुए कहती हैं, पहले मुझे बैंक जाने में भी डर लगता था, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद मैं जागरूक और सक्रिय हो गई हूँ। अब मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है, मैं खुद सक्षम हूँ। अब मैं दूसरी दीदियों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हूँ।बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींवसकीना की आर्थिक मजबूती का सीधा असर उनके परिवार पर पड़ा है। उनकी बेटी अब कॉलेज में है और बेटा हाई स्कूल की पढ़ाई कर रहा है। सकीना का कहना है कि आर्थिक स्वतंत्रता मिलने से अब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक करने का प्रयास किया जा रहा है।योजना के लिए शासन का जताया आभारसकीना ने अपनी इस सफलता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को केवल काम ही नहीं दिया, बल्कि समाज में एक सम्मानित पहचान भी दी है।
- -कबीरधाम जिले की बेटियों की शिक्षा को मिली नई उड़ान, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी आर्थिक सहायतारायपुर । कबीरधाम जिले में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आर्थिक सहायता प्रदान कर एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने जरूरतमंद छात्राओं की पढ़ाई में सहयोग करते हुए ग्राम हरमो निवासी भारती साहू को 2 लाख रुपए तथा ग्राम चिल्फी निवासी रंजना झारिया को 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर उक्त राशि के चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, श्री ओमकार साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री मिलू साहू उपस्थित रहे।इस दौरान रंजना झारिया ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, जिसके कारण उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तब उन्होंने उनसे संपर्क कर अपनी समस्या बताई। उनकी स्थिति को समझते हुए श्री शर्मा ने 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। रंजना ने बताया कि इस सहायता से वह अब दोबारा नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कर सकेंगी और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने इसके लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।






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