- Home
- लाइफ स्टाइल
-
अक्सर हम मूंगफली खाने के बाद उसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छिलके आपकी खूबसूरती और स्किन के लिए बेहद काम के हो सकते हैं। ये आपकी एक ऐसी समस्या को दूर कर सकते हैं, जिसके लिए आपको महंगे-महंगे प्रोडक्ट भी कई बार काम नहीं आते।
हम बात कर रहे हैं कि सर्दियों में ज्यादा चलने-फिरने के कारण फटी एड़ियों की समस्या की। बाजार में मिलने वाली क्रीम और ट्रीटमेंट कभी-कभी महंगे होते हैं और हर किसी पर असर भी नहीं करते।
ऐसे में अगर आप एक आसान, सस्ता और घरेलू उपाय ढूंढ रही हैं, तो मूंगफली के छिलके आपके बहुत काम आ सकते हैं। इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व त्वचा को मुलायम बनाने और डेड स्किन हटाने में मदद करते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर येउपाय एड़ियों की रूखापन और दरारों को कम करने में सहायक हो सकता है।
क्यों करता है फायदा ?
मूंगफली के छिलकों में मौजूद प्राकृतिक गुण फटी एड़ियों की समस्या को कम करने में काफी मददगार हो सकते हैं। मूंगफली के छिलकों में हल्के एक्सफोलिएटिंग तत्व पाए जाते हैं, जो एड़ियों पर जमी मृत त्वचा को धीरे-धीरे हटाने में सहायक होते हैं और नई त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं।
ऐसे करें इस्तेमाल
इस घरेलू उपाय को अपनाने के लिए सबसे पहले मूंगफली के सूखे छिलकों को अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि उनमें कोई गंदगी या नमी न रहे। इसके बाद छिलकों को मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। अब इस पाउडर में नारियल तेल, सरसों का तेल या जैतून का तेल मिलाएं। चाहें तो इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल भी मिला सकती हैं, जिससे मॉइस्चराइजिंग का असर और बढ़ जाता है। -
मकर संक्रांति का पर्व आते ही तिल और गुड़ से बनी मिठाइयों की खुशबू बाजारों से लेकर हर घर में फैल जाती है। इस खास मौके पर गजक का नाम सबसे पहले लिया जाता है, क्योंकि ये स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। ठंड के मौसम में तिल और गुड़ शरीर को गर्म रखते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
वैसे तो अक्सर लोग बाजार से गजक खरीदते हैं, लेकिन घर पर बनी गजक न सिर्फ ज्यादा शुद्ध होती है, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होती है। अगर आप भी मकर संक्रांति पर अपने परिवार को कुछ खास खिलाना चाहती हैं, तो घर पर गजक बनाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
सही सामग्री और सही तरीके से बनाई गई गजक मिनटों में तैयार हो जाती है। यहां हम आपको आसान और पारंपरिक गजक रेसिपी बता रहे हैं, जिससे आप इसे सलीके से और बिना किसी गलती के बना सकें।
सामग्री--
सफेद तिल – 1 कप
गुड़ – 1 कप
घी – 1 चम्मच
विधि--
घर पर गजक बनाने के लिएले सबसे पहले एक कढ़ाही या भारी तले की पैन लें और उसमें सफेद तिल डालकर धीमी आंच पर भूनें। तिल को लगातार चलाते रहें, ताकि वे जले नहीं। जब तिल हल्के सुनहरे रंग के हो जाएं और उनमें से खुशबू आने लगे, तब गैस बंद कर दें और तिल को एक प्लेट में निकाल लें। इसके बाद अब उसी कढ़ाही में गुड़ डालें और धीमी आंच पर पिघलाएं।
गुड़ को तेज आंच पर न पकाएं, वरना वो जल सकता है और गजक का स्वाद खराब हो सकता है। जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए और उसमें हल्का सा उबाल आने लगे, तब उसमें एक चम्मच घी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद भुने हुए तिल को पिघले हुए गुड़ में डालें और जल्दी-जल्दी चलाएं, ताकि तिल और गुड़ अच्छे से मिक्स हो जाएं। मिश्रण तैयार होते ही गैस बंद कर दें।
अब एक प्लेट या ट्रे में हल्का सा घी लगाएं और गर्म मिश्रण को उसमें डालकर फैला दें। बेलन की मदद से हल्के हाथ से बेलें और मनचाहे आकार में चाकू से काट लें। गजक को ठंडा होने दें। ठंडा होते ही गजक सख्त और कुरकुरी हो जाएगी और खाने के लिए तैयार होगी। - सर्दी का मौसम आते ही बालों का झड़ना एक आम समस्या बन जाती है, जो कई लोगों को परेशान करती है। इस समय न केवल बालों का गिरना बढ़ता है, बल्कि उनकी हालत भी कमजोर और रूखी हो जाती है। ठंडी हवाएं, हवा में नमी की कमी और घर में हीटर का इस्तेमाल जैसे कारणों से बालों को भारी नुकसान पहुंचता है।लोग सर्दियों में बालों की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं, जो इस समस्या को और बढ़ा देता है। सर्दी के मौसम में बालों के झड़ने की समस्या न केवल बाहर से, बल्कि अंदर से भी होती है। बालों को सही देखभाल और पोषण न मिलने के कारण, वे जल्दी टूटने और गिरने लगते हैं। लेकिन, इस समस्या से निपटने के लिए कुछ आसान उपाय हैं, जिनसे आप अपने बालों को सर्दी में भी स्वस्थ और मजबूत बनाए रख सकते हैं।जान लेते हैं बालों के झड़ने की वजहस्कैल्प का सूखनासर्दियों में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे स्कैल्प सूखने लगता है। सूखा स्कैल्प बालों की जड़ों को पोषण नहीं दे पाता, जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं और झड़ने लगते हैं।गर्म पानी से नहानासर्दियों में अक्सर लोग गर्म पानी से नहाते हैं, जो बालों को नुकसान पहुंचाता है। गर्म पानी से बालों में मौजूद प्राकृतिक तेल हट जाता है, जिससे बाल और स्कैल्प सूखने लगते हैं, और बाल टूटकर झड़ने लगते हैं।रूखे बाल और स्टेटिकसर्दी में हवा में नमी की कमी के कारण बालों में स्टेटिक इलेक्ट्रिसिटी बढ़ जाती है। ये बालों को और ज्यादा कमजोर बनाता है, जिससे बाल टूटते और झड़ते हैं।बालों की देखभाल के उपायनारियल तेल से स्कैल्प की मालिशबालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए नारियल तेल से स्कैल्प की मालिश करें। ये बालों को हाइड्रेट करता है और जड़ों को पोषण पहुंचाता है, जिससे बालों का झड़ना कम होता है।
- 2026 को अगर आप सच में घूमने-फिरने का साल बनाना चाहते हैं, तो उसकी शुरुआत सही प्लानिंग से करनी होगी। सिर्फ छुट्टियों का इंतजार करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यह समझना जरूरी है कि कब थोड़ी सी छुट्टी लेकर लंबा ब्रेक बनाया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि 2026 में कई ऐसे मौके मिल रहे हैं, जहां एक-दो दिन की छुट्टी लेकर आप तीन से पांच दिन तक का ट्रेवल प्लान कर सकते हैं। आगे 2026 के कुछ लंबे वीकेंड्स को बताया गया है, आप चाहें तो उसी हिसाब से अपनी ट्रैवल प्लानिंग कर सकते है, जिससे आप अपनी इस साल को अच्छे से एंजॉय कर पाएंगे।जनवरी: साल की शानदार शुरुआतजनवरी 2026 में ही आपको ट्रिप प्लान करने के कई अच्छे मौके मिल सकते हैं। साल की शुरुआत न्यू ईयर से होती है, जहां 1 जनवरी की छुट्टी के साथ 2 जनवरी की छुट्टी लेकर और फिर शनिवार-रविवार जोड़कर चार दिन का ब्रेक बनता है। इसके बाद मकर संक्रांति के आसपास 14 जनवरी की छुट्टी है। अगर 15 और 16 जनवरी को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार और रविवार मिलाकर आराम से घूमने का बढ़िया मौका बन सकता है। महीने के अंत में 23 जनवरी की छुट्टी लेकर 26 जनवरी तक लगातार चार दिन मिल जाते हैं, क्योंकि बीच में शनिवार-रविवार और गणतंत्र दिवस है।मार्च में भी मिल सकते हैं कई ब्रेकमार्च में होली की छुट्टी 4 तारीख को है। अगर 5 और 6 मार्च को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का लंबा वीकेंड मिल सकता है। इसी महीने 19 मार्च को उगादी है। 20 मार्च की छुट्टी लेकर शनिवार और रविवार जोड़ने पर यह भी एक अच्छा छोटा ट्रिप प्लान करने का मौका बन सकता है।अप्रैल में भी मिल सकता है घूमने का मौकाअप्रैल में 3 तारीख को गुड फ्राइडे है। इसके बाद शनिवार और रविवार हैं। यह तीन दिन का ब्रेक उन लोगों के लिए सही है, जो ज्यादा लंबी यात्रा नहीं करना चाहते और पास की जगहों पर घूमना चाहते हैं। आप चाहें तो 2 अप्रैल या 6 अप्रैल की छुट्टी लेकर इस ब्रेक को और भी लंबा कर सकते हैं।मई में भी कर सकते हैं एंजॉयमई की शुरुआत में 1 मई को लेबर डे है। अगर 30 अप्रैल को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का ब्रेक बन जाता है। यह समय छोटी ट्रिप या परिवार के साथ आराम करने के लिए सही है।जून में ले वेकेशन का मजाजून में स्कूल की छुट्टियां ऑलरेडी रहती हैं। ऐसे में आप अपनी ऑफिस की छुट्टियां देखकर आराम से ट्रिप प्लान कर सकते हैं। जून में 26 तारीख को मुहर्रम है। अगर 25 जून को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का ब्रेक मिल जाता है। यह समय उन जगहों के लिए अच्छा है, जहां गर्मी कम होती है।अगस्त में भी है खूब छुट्टियांअगस्त में 15 अगस्त की छुट्टी है। अगर 14 अगस्त को छुट्टी ली जाए, तो रविवार के साथ तीन दिन का ब्रेक बनता है। इसके अलावा 28 अगस्त को रक्षाबंधन है। अगर 31 अगस्त की छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ यह भी एक अच्छा लंबा वीकेंड बन जाता है।सितंबर है त्योहारों के बीच आराम का समयसितंबर में 4 तारीख को जन्माष्टमी है। अगर 3 सितंबर को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का ब्रेक मिल सकता है। इसके अलावा 11 सितंबर की छुट्टी लेकर 14 सितंबर गणेश चतुर्थी तक भी अच्छा ब्रेक बनाया जा सकता है।अक्टूबर में भी लें छुट्टियों का मजाअक्टूबर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। अगर 1 अक्टूबर को छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का ब्रेक बनता है। इसके बाद 16 अक्टूबर की छुट्टी लेकर 19 अक्टूबर दशहरा तक लगातार चार दिन का ब्रेक मिल सकता हैं।नवंबर में है दीवाली की धूमनवंबर में 9 तारीख को दिवाली है। अगर 6 नवंबर की छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ यह भी एक बढ़िया लंबा वीकेंड बन जाता है, जिसे आप परिवार के साथ एंजॉय कर सकते हैं।दिसंबर में साल का सुकून भरा अंतदिसंबर में 25 तारीख को क्रिसमस है। अगर 24 दिसंबर की छुट्टी ली जाए, तो शनिवार-रविवार के साथ चार दिन का आरामदायक ब्रेक मिलता है। यह साल को अच्छे नोट पर खत्म करने का सही समय है।
- सर्दियों के मौसम में अगर कुछ मसालेदार, गरमा-गरम और देसी स्वाद वाला खाने का मन हो तो मिर्ची का सालन एक बेहतरीन विकल्प है। यह हैदराबाद की पारंपरिक रेसिपी है जो खासतौर पर बिरयानी के साथ परोसी जाती है। हरी मिर्च से बनी यह डिश सुनने में भले ही बहुत तीखी लगे, लेकिन सही मसालों और नट्स के संतुलन से इसका स्वाद खट्टा-मीठा और बेहद लाजवाब बनता है। ठंड के मौसम में मसाले शरीर को गर्म रखते हैं जिससे यह डिश सर्दियों के लिए और भी खास हो जाती है।मिर्ची के सालन की खास बात इसकी गाढ़ी और खुशबूदार ग्रेवी होती है जो मूंगफली, तिल और सूखे नारियल से तैयार की जाती है। इसमें इमली का हल्का खट्टापन और मसालों की खुशबू इसे बाकी सब्जियों से अलग बनाती है। यह रेसिपी ना केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि घर पर आसानी से बनाई भी जा सकती है।सामग्री: मोटी हरी मिर्च 8–10 (बीच से चीरी हुई), मूंगफली 3 टेबलस्पून, सफेद तिल 2 टेबलस्पून, सूखा नारियल 2 टेबलस्पून, प्याज 1 बारीक कटा, अदरक-लहसुन पेस्ट 1 टेबलस्पून, इमली का गूदा 1 टेबलस्पून, लाल मिर्च पाउडर 1 टीस्पून, धनिया पाउडर 1 टीस्पून, हल्दी ½ टीस्पून, जीरा 1 टीस्पून, राई ½ टीस्पून, करी पत्ते 8–10, तेल 3–4 टेबलस्पूनबनाने की विधिसबसे पहले कढ़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और हरी मिर्च को हल्का सा तलकर निकाल लें। इससे मिर्च का कच्चापन कम हो जाता है।अब मूंगफली, तिल और सूखे नारियल को अलग पैन में हल्का सा भूनें और ठंडा होने पर इन्हें पीसकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।अब उसी कढ़ाही में तेल डालकर राई, जीरा और करी पत्ते का तड़का लगाएं। इसमें बारीक कटा प्याज और अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर सुनहरा होने तक भूनें।अब सभी सूखे मसाले डालें और तैयार पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह भूनें।इमली का पानी और थोड़ा सादा पानी डालकर सालन को धीमी आंच पर 10–12 मिनट पकाएं। अंत में तली हुई मिर्च डालें और तब तक पकाएं जब तक तेल ऊपर ना आ जाए।परोसने का सुझाव: मिर्ची के सालन को हैदराबादी बिरयानी, रोटी या सादे चावल के साथ गरमागरम परोसें और लुत्फ उठाएं। सही मसालों और धीमी आंच पर पकाया गया मिर्ची का सालन हर किसी को इसका दीवाना बना देता है।
-
नया साल सिर्फ हर बार की तरह आने वाला एक नया साल नहीं होता बल्कि जीवन में कुछ करने और आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मौका होता है। बस आपके दिल में नए साल के लिए नई उम्मीदें और नए लक्ष्य तय होने चाहिए। इस दौरान हम खुद को बेहतर बनाने के लिए कई रेजोल्यूशन लेते हैं। नई शुरुआत का यह समय हमें पुरानी गलतियों से सीख कर सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है। ऐसे में क्यों न आप अपने बच्चे के लिए एक रेजोल्यूशन खुद भी ले लें। यह रेजोल्यूशन 2026 आपके बच्चे के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर अभी से सही तैयारी की जाए तो। ऐसे में माता-पिता अगर साल शुरू होने से पहले बच्चों को कुछ जरूरी बातें सिखाने पर जोर दें, तो आने वाला समय उनके लिए सचमुच गेम चेंजर साबित हो सकता है। तो आइए 2026 में कौन सी नई बातें आपको उन्हें सिखाते हैं।
खुद पर भरोसा करनासबसे पहला और जरूरी कदम होना चाहिए बच्चों को यह सिखाना कि वे खुद पर विश्वास करना सीखें। यह आत्मविश्वास उन्हें नए साल की नई चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत देगा। असल में जब बच्चा अपनी क्षमताओं को पहचान कर असफलता से डरने के बजाय उनसे सीखने की कोशिश करता है तो आगे आने वाला जीवन उनके लिए सरल बन जाता है।समय की अहमियत समझनासमय प्रबंधन एक जरूरी और ऐसी आदत है, जो बचपन में सीख ली जाए तो जीवन भर काम आती है। ऐसे में आप उन्हें आज से ही पढ़ाई, खेल और आराम के बीच संतुलन बनाना सिखाएं। इस कदम से उनमें अनुशासन आएगा और उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।भावनाओं को समझना और व्यक्त करनाआज के दौर में जीवन को सरल बनाने के लिए भावनात्मक समझ बहुत जरूरी हो गई है। बच्चों को सिखाएं कि अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय सही तरीके से व्यक्त करें। इसका सबसे बड़ा लाभ होगा कि उनको तनाव नहीं होगा और अगर होगा भी तो वह उसे बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे।सीखने की जिज्ञासा बनाए रखनाआने वाले नए साल में आप बच्चों को सिर्फ नंबर लाने की दौड़ में न दौड़ाएं, बल्कि उनमें सीखने की रुचि विकसित करें। सवाल पूछना, नई चीजें जानना और गलतियों से उन्हें सीखने दें। इस तरह आप उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर पाएंगे। रिसर्च भी बताती है कि जिज्ञासु बच्चा भविष्य में हमेशा आगे ही बढ़ता है।दूसरों के प्रति सम्मान और सहयोगयह एक ऐसी लाइफ स्किल है, जो उन्हें सामाजिक बनाएगी। जीवन में केवल सफल होना जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी है। आप बच्चों को सिखाएं कि दूसरों की बात सुनना, मदद करना और उन्हें उचित सम्मान देना जीवन के अहम मूल्य हैं। ये गुण उन्हें हर जगह स्वीकार्य बनाते हैं और उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं। - सुबह या शाम स्नैक्स में कुरकुरे-करारे हरी मिर्च के पकोड़े और गर्म चाय मिल जाए, तो जन्नत जैसा फील आता है। ज्यादातर लोगों को मोटी वाली हरी मिर्च के पकोड़े खाना काफी पसंद होता है। बेसन के बैटर में इसे लपेटकर बनाया जाता है। लेकिन हरी मिर्च के पकोड़े बड़ी जल्दी सॉफ्ट हो जाते हैं। ऐसे में इन्हें खाने में मजा नहीं आता। अगर आपके पकोड़े भी बनाते ही मुलायम पड़ जाते हैं, तो कुछ आसान कुकिंग टिप्स नोट कर लें। बेसन के बैटर में इन चीजों को मिलाने से पकोड़े करारे बन जाएंगे।क्या है कुकिंग टिप्स-हरी मिर्च के पकोड़े बनाने के लिए जब आप बेसन का घोल बनाएंगी, तो उसमें नमक-हल्दी के साथ क्या मिलाना है। चलिए आपको बताते हैं।1- बेसन के बैटर में आप चावल का आटा या फिर कॉर्न फ्लोर मिक्स करें। सिर्फ 2 चम्मच ही बेसन के घोल में मिलाएं।2- बेसन का घोल बनाने के लिए ठंडा पानी ही लें। कई लोग गुनगुना पानी लेते हैं, उससे बेसन में गुठली पड़ जाएगी और फिर पकोड़े अच्छे नहीं बनेंगे।3- मिर्च को बेसन में अच्छे से लपेट लें। हरी मिर्च में आपने बीच में चीरा लगाया होगा, उसमें भी हल्का बेसन भरें। इससे बेसन का क्रिस्पीपन पकोड़े में पता चलेगा।4- पकोड़े ज्यादा क्रिस्पी करने हैं, तो चुटकीभर बेकिंग सोडा मिला दें। इससे करारे भी होंगे और कलर भी बढ़िया आएगा।5- बेसन के बैटर में थोड़ा सा घी या तेल मिक्स कर सकते हैं। इन्हें मिलाने से भी पकोड़े का स्वाद बढ़ेगा और ये कुरकुरे बनेंगे।सामग्री-हरी मिर्च के पकोड़े बनाने के लिए आपको चाहिए- मोटी हरी मिर्च, बेसन, नमक, हल्दी, अदरक-लहसुन पेस्ट, तेल, पानी, 1 उबला आलू, जीरा पाउडर।बनाने का तरीका-सबसे पहले हरी मिर्च को धोकर बीच से चीरा लगाकर काटकर साइड रख दें। अब उबले आलू में जीरा पाउडर, नमक स्वादानुसार, अदरक-लहसुन का पेस्ट मिक्स करें और फीलिंग बनाएं। इस फीलिंग को हरी मिर्च में भर दें। थाली में बेसन का बैटर घोलना शुरू करें। बेसन में हल्दी, नमक डालकर घोलें और इसमें फीलिंग वाले मिर्चों को डीप करें। कढ़ाई में तेल गर्म करें और उसमें फ्राई कर लें। जब मिर्च के पकोड़े गोल्डन ब्राउन दिखने लगे, तो निकाल लें। फिर हरी-लाल चटनी के साथ इसे सर्व करें।
- सर्दियों में लोग अकसर ठंड से बचे रहने के लिए गर्म दूध के साथ खजूर का सेवन करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से ना सिर्फ शरीर की गर्माहट बनी रहती है बल्कि सेहत को कई गजब के फायदे भी मिलते हैं। लेकिन आप अगर बाजार से असली की जगह नकली खजूर खरीदकर ले आती हैं तो आपके साथ आपके परिवार की सेहत को भी नुकसान पहुंच सकता है। आइए जानते हैं कैसे करें असली-नकली खजूर की पहचान।खजूर का स्वाद खोलेगा राजमार्केट से कभी भी खजूर खरीदने से पहले उसका स्वाद जरूर खाकर चेक कर लें। अगर खजूर स्वाद में मीठे की जगह अजीब लगे और उसका छिलका सख्त हो तो समझ जाएं यह नकली खजूर है। असली खजूर में नेचुरल मीठापन होता है और छिलका बेहद सॉफ्ट, जिसे आसानी से चबाया जा सकता है।झुर्रियां और बनावटअसली खजूर पर हल्की-हल्की प्राकृतिक झुर्रियां होती हैं। जबकि नकली खजूर बिल्कुल चिकने और एक जैसे दिखते हैं, जैसे मशीन से बने हों।पानी से करें टेस्टअसली- नकली खजूर का पता लगाने के लिए एक बर्तन में पानी भरकर उसमें खजूर डालकर देखें। अगर पानी में कोई रंग घुला हुआ दिखे तो समझ जाए वह खजूर नकली है। नकली खजूर के ऊपर हमेशा केमिकल कोटिंग की हुई होती है। जबकि असली खजूर पानी में डालने से बिल्कुल कोई रंग नहीं छोड़ेगा।खजूर के रंग से पहचानेंखजूर के रंग से भी आप उसके असली-नकली होने की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए खजूर के छिलके को ध्यान से देखें। अगर छिलके का रंग हल्का और गहरे भूरे रंग का मेट फिनिश है तो वो असली खजूर की पहचान है। नकली खजूर का छिलका एकदम चमकदार और बिल्कुल गहरे ब्राउन रंग का होता है।छूकर देखेंअसली खजूर हल्के नरम और थोड़े सूखे लगते हैं, ज्यादा चिपचिपे नहीं होते। नकली खजूर हाथ में लेते ही बहुत ज्यादा चिपचिपे और गीले-गीले लगते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनमें ग्लूकोज सिरप या चीनी की चाशनी डाली जाती है।गंध सूंघेंअसली खजूर में हल्की मीठी प्राकृतिक खुशबू आती है। जबकि नकली में केमिकल या चीनी की चाशनी की तेज महक आती है।
- दाल चावल एक कंफर्ट फूड है। शायद ही कोई होगा जिसे दाल चावल खाना पसंद ना हो। तड़का लगी हुई दाल हो तो खाने का मजा और भी दोगुना हो जाता है। अब दाल तो घर में लगभग रोज ही बनती है, लेकिन वही सेम स्वाद कई बार थोड़ा बोरिंग लगने लगता है। फिर एक मन होता है कि ढाबा स्टाइल तड़का दाल बना की जाए। लेकिन इसमें बड़ा टाइम लगता है, जिस वजह से फिर वही सिंपल दाल पर आ कर गाड़ी रुक जाती है। लेकिन क्या हो अगर आप ढाबा स्टाइल मिक्स दाल तड़का बना लें, वो भी नॉर्मल से कम समय में? आज हम इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ एक तरीका आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जिससे फटाफट आप टेस्टी सी दाल बना लेंगी।कुकर में एक साथ डाल दें सारी सामग्री---आमतौर आप आप पहले कुकर में दाल उबालती होंगी, फिर दूसरे पैन या कड़ाही में ढेर सारा प्याज-टमाटर डालकर तड़का लगाती होंगी। इसमें काफी समय भी लग जाता है और दाल वही रोज जैसी लगती है। लेकिन इस तरीके में आपको ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं है। यहां आप कुकर में सभी चीजें एक बार में ही डाल देंगी, फिर ऊपर से तड़का लगा लेंगी और स्पेशल दाल तड़का बनकर तैयार है। आइए स्टेप बाय स्टेप तरीका जानते हैं -1) सबसे पहले एक प्रेशर कुकर में 100 ग्राम अरहर की दाल (तूर दाल) और बराबर मात्रा में ही मसूर की दाल डालें। साथ में ये काफी टेस्टी लगती हैं और पचाने में भी आसान होती हैं।2) अब इसी प्रेशर कुकर में आपको दो कटी हुई और दो साबुत टमाटर एड करने हैं। दाल का स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़े से हरे मटर भी डाल दें।3) दाल में लगभग एक लीटर पानी एड करें, साथ में हल्दी पाउडर और नमक भी मिलाएं। कुकर का ढक्कन बंद करें और 3 सीटी आने तक दाल को पका लें। अब दाल बनने के बाद टमाटर के छिलके निकालकर फेंक दें।अब बारी है स्पेशल तड़का लगाने कीदाल बन जाए तो ऊपर से एक स्पेशल तड़का एड करें, इसी से असली स्वाद आता है। एक तड़का पैन लें, उसमें घी या तेल गर्म करें। अब इसमें सूखी लाल मिर्च (साबुत) तड़का लें। इसके बाद गैस बंद करें और इसमें कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर एड करें। इससे रंगत बहुत अच्छी आती है। अब इस तड़के को दाल में एड करें। आपकी ढाबा स्टाइल मिक्सड दाल तड़का तैयार है, बिना किसी झंझट के।--
- सर्दियों में ताजी मटर काफी सस्ते दामों में मार्केट में मिल रही है। इसे हम पनीर, मशरूम, मटर का पराठा, कचौड़ी, घुघनी कई तरह की तरह से खाने में इस्तेमाल करते हैं। जिन्हें मटर पसंद है वे गर्मी के मौसम में इसे काफी मिस करते हैं। तब या तो महंगी मटर खरीदनी पड़ती है, या फ्रोजेन मटर के पैकेट लेने पड़ते हैं जिनमें प्रिजर्वेटिव्स और कलर मिले होने का खतरा रहता है। सस्ती मटर खरीद के आप सर्दियों में आसानी से फ्रीज कर सकते हैं और सालभर इसे खा सकते हैं। इसे कैसे करना है, यहां तरीका सीख सकते हैं।आपको क्या-क्या चाहिए---मटर- जितनी फ्रीज करनी होपानी- उबालने के लिएठंडा पानी या बर्फ- ब्लांचिंग के लिएचुटकीभर नमकमटरमटर को ऐसे करें ब्लांचसबसे पहले ताजा मटर लेकर इन्हें छील लें। अब एक बर्तन में पानी गरम करें इसमें थोड़ा सा नमक और थोड़ी सी चीनी डाल लें। गैस बंद करके आपको मटर इस पानी में डालनी है। याद रखें पानी बहुत ज्यादा खौला हुआ ना हो। अगर आपकी मटर बड़े साइज की है तो 2 मिनट तक डालें। छोटी और सॉफ्ट मटर को 1 मिनट डालें और निकाल लें। आपको मटर उबालनी नहीं है बस ब्लांच करनी है।मटर को ऐसे करें फ्रीजइसे गरम पानी से निकालकर तुरंत बर्फ के एकदम ठंडे पानी में डालें। अब मटर को ठंडे पानी से निकालकर अच्छी तरह सुखाना है। ध्यान रखें मटर में अगर नमी रह जाएगी तो इसमें फंगस लग जाएगी। जब यह पूरी तरह सूख जाए तो इसे जिपलॉक पाउच में भर लें। पाउच को ऐसे बंद करें कि इसके इंदर हवा ना रहे। अब इस पैकेट को फ्रीजर में रख लें। अलग-अलग पाउच बनाकर रखें। यह मटर आप अगले सीजन तक खा सकते हैं।
- इन दिनों गरमा-गरम कढ़ी खाने को मिल जाए, तो मजा आ जाता है। वैसे इस बात से तो आप भी सहमत होंगे कि कढ़ी में असली स्वाद तो पकौड़ों का होता है। ये सॉफ्ट-स्पंजी पकौड़े कढ़ी को सोख लेते हैं, जिस वजह से स्वाद और भी बढ़ जाता है। आमतौर पर आपने कढ़ी के लिए बेसन, नमक, हल्दी और अजवाइन वाले पकौड़े बनाए होंगे, ये सिंपल पकौड़े भी काफी अच्छे लगते हैं। लेकिन कढ़ी का स्वाद नेक्स्ट लेवल ले कर जाना है, तो पकौड़ी के साथ एक्सपेरिमेंट करना बनता है। आप और भी अलग-अलग तरह की पकौड़ी बना सकती हैं, जो कढ़ी में काफी टेस्टी लगती हैं। तो चलिए फटाफट से पकौड़ियां बनाने का तरीका जान लेते हैं।प्याज वाली ये पकौड़ी जरूर ट्राई करेंसिंपल बेसन वाली पकौड़ी की जगह आप प्याज वाली पकौड़ी कढ़ी में डाल सकती हैं। पंजाबी कढ़ी में अक्सर ऐसे ही पकौड़े डाले जाते हैं। इन्हें बनाने के लिए प्याज को लंबा-लंबा काट लें। फिर इसमें कटी हुई हरी मिर्च, अजवाइन, सौंफ, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गर्म मसाला मिलाएं। अब बेसन डालें और थोड़ा सा पानी मिलाकर एक घोल बना लें। इससे पकौड़े बनाकर तैयार करें। जब कढ़ी पका लें, तो उसमें ये पकौड़े एड करें, बहुत ही ज्यादा टेस्टी लगते हैं।कढ़ी के लिए पालक के पकौड़े बनाएंपालक पकौड़े वाली कढ़ी सर्दियों की खास है। सिंपल पकौड़े की जगह पालक के पकौड़े डालकर कढ़ी बनाएं, घरवाले उंगलियां चाट-चाटकर खाएंगे। इसके लिए सबसे पहले पालक को काट लें, चाहें तो थोड़ी से मेथी के पत्ते भी मिला सकती हैं। अब इसमें कटी हुई प्याज, हरी मिर्च, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक, जीरा पाउडर, अजवाइन और चुटकी भर बेकिंग पाउडर एड करें। बेसन डालें और जरा से पानी के साथ घोल बनाकर तैयार कर लें। इन्हें तेल में तलकर टेस्टी से पकौड़े बना लें।बथुआ की पकौड़ी वाली कढ़ीसर्दियों के मौसम में बथुआ भी खूब आता है। तो कढ़ी के लिए क्यों ना इसकी पकौड़ी बनाकर तैयार करें। इसके लिए बेसन में लहसुन-अदरक का पेस्ट, जीरा, धनिया पत्ता, प्याज, लाल मिर्च पाउडर, नमक, अजवाइन डालें। अब बारीक कटा हुआ बथुआ एड करें और थोड़ा सा पानी डालकर एक घोल तैयार कर लें। इससे पकौड़ी बनाएं और कढ़ी में डालकर खाएं। मजा दोगुना हो जाएगा।राजस्थानी मेथी पकौड़ा वाली कढ़ीसर्दियों में आप राजस्थानी मेथी कढ़ी की तरह मेथी के पत्तों से पकौड़े बना सकती हैं। इसके लिए कटी हुई प्याज, बारीक कटी हुई मेथी, हरी मिर्च, कुटा हुआ साबुत धनिया, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, बेसन और थोड़ा सा पानी डालकर घोल बना लें। इसकी पकौड़ी बनाकर तेल में तल लें और कढ़ी में डालकर एंजॉय करें।
- सर्दियों के मौसम में रजाई में बैठकर गरमा-गरम गाजर का हलवा खाना, किसी जन्नत से कम तो बिल्कुल नहीं है। वो भी हलवा घर का बना हुआ हो, तो मजा और भी दोगुना हो जाता है। लेकिन गाजर का हलवा बनने में टाइम बहुत लगता है। पहले तो इतनी सारी गाजर कद्दूकस करो, फिर कहीं जा कर हलवा बनाओ। ढेर सारा मावा भी चाहिए होता है। लेकिन क्या हो अगर हलवा फटाफट बन जाए और स्वाद भी एक नंबर आए? जी हां, इंस्टाग्राम पर एक यूनिक तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिससे गाजर का हलवा बनाना काफी आसान हो जाएगा। इसके लिए आपको मावे की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। तो चलिए फटाफट जान लेते हैं।खत्म हुआ कद्दूकस करने का झंझटगाजर का हलवा बनाना झंझट भरा इसलिए लगता है क्योंकि ढेर सारी गाजर छीलकर फिर कद्दूकस करनी पड़ती है। इस वायरल तरीके के हिसाब से आपका ये झंझट भी खत्म हो जाएगा। इसके लिए बस गाजर धो कर, छील लें फिर इसे गोल टुकड़ों में काट लें। चाकू से गाजर काटने में टाइम लगता है तो आप गिलास की मदद से एक साथ दो-तीन गाजर काट सकती हैं। गिलास का मुंह जितना धारदार होगा, काम उतनी ही तेजी से होगा।घी में पकाकर दूध में भून लेंगाजर काट लें, तो इन्हें हल्के से देसी घी में भून लें। अब ऊपर से फुल क्रीम दूध डालें और ढककर गाजर को पकने दें। तब तक पकाएं, जब तक गाजर एकदम सॉफ्ट ना हो जाए। अब एक मैशर या चमचे की मदद से गाजर को दूध में मैश कर लें। अच्छी तरह दवाब डालें, ताकि गाजर के मोटे टुकड़े ना बनें। ये एकदम कद्दूकस की हुई गाजर लगेगी।मावे की जगह डालें ये चीजअगर मावा नहीं है, तो आप गाजर के हलवे में दूध की मलाई भी डाल सकती हैं। इससे भी काफी अच्छा स्वाद और टेक्सचर आता है। चीनी के साथ हल्का सा इलायची पाउडर डालना ना भूलें, इससे हलवे की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं।देसी घी में भूनकर डालें ड्राई फ्रूट्सगाजर में हलवे में असली मजा तो ड्राई फ्रूट्स का ही आता है। आप इसमें अपने मनपसंद ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, किशमिश, काजू या पिस्ता एड कर सकती हैं। इन्हें पहले देसी घी में सुनहरा होने तक भून लें, उसके बाद हलवे में ऊपर से एड करें। रंगत और स्वाद दोनों ही बहुत अच्छे आते हैं।
- सर्दियां शुरू होते ही सबसे ज्यादा क्रेज हरी मटर का होता है। वैसे तो ये मटर पूरे साल मिलती है। लेकिन ताजी हरी मटर के स्वाद के दीवाने अलग ही होते हैं। जो इसे पूरी सर्दी हर सब्जी में डालकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन अगर आप हरी मटर के दीवाने हैं तो केवल सब्जियों में डालकर ही ना खाएं बल्कि ये 7 तरह की मजेदार डिश जरूर बना लें। पहले वाली का नाम तो जरूर सुना होगा।हरी मटर का निमोनाउत्तर प्रदेश में सर्दियों के सीजन में मिलने वाली हरी मटर का निमोना बनाया जाता है। जिसका स्वाद लोगों को इतना पसंद होता है कि पूरे ठंड के मौसम में वो इसे खाते हैं। कच्ची मटर को पीसकर और तेल में भूनकर मसालों के साथ तैयार ग्रेवी को ही निमोना बोलते हैं।हरे मटर की सलोनीयूपी में सर्दियों में एक और डिश जो हर घर में बनती है, वो है तीखी, चटपटी धनिया, मिर्च और लहसुन की पत्तियों को मिलाकर बनने वाली सलोनी। जिसे आप हरे मटर की चाट भी बोल सकते हैं लेकिन ये बिल्कुल अलग तरह से बनकर तैयार होती है और यूपी के लोगों की फेवरेट होती है।हरे मटर से भरी रोटियांआमतौर पर हरी मटर की स्टफिंग वाले पराठे और पूड़ी तो खाए होंगे। लेकिन यूपी में हरे मटर की स्टफिंग भरकर गर्मगार्म रोटियां तैयार की जाती है, जिसे बेढ़नी बोला जाता है। इन रोटियों पर देसी घी लगाकर सर्व करते हैं।हरी मटर का सागहरी मटर को साग में मिलाकर भी मजेदार तरीके से तैयार किया जाता है। सरसों के साग के अलावा पालक की ग्रेवी में हरी मटर डालकर साग तैयार किया जाता है। वहीं मेथी मटर मलाई तो हर किसी की फेवरेट रहती है।
- शादी के मौके पर हर दुल्हन चाहती है कि उसका चेहरा दमकता और स्वस्थ दिखे। आजकल बाजार में कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं लेकिन प्राकृतिक और घर पर बनाए जाने वाले लेप अधिक सुरक्षित और असरदार साबित होते हैं। इस आर्टिकल में हम ब्राइडल ग्लो लेप की जानकारी देंगे जिसमें कस्तूरी हल्दी, मसूर दाल पाउडर, चंदन पाउडर, ताजे दूध या गुलाब जल और 2-3 बूंदें कुमकुमादी तेल शामिल हैं। यह लेप त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ प्राकृतिक चमक भी प्रदान करता है। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, मसूर दाल त्वचा को साफ और मुलायम बनाती है, चंदन पाउडर त्वचा की जलन और दाग-धब्बों को कम करता है, जबकि कुमकुमादी तेल और दूध त्वचा में नमी और निखार लाते हैं। यह लेप हर प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त है और विशेष अवसरों के लिए आदर्श माना जाता है।लेप के लिए आवश्यक सामग्री:1 चम्मच कस्तूरी हल्दी, 1 चम्मच मसूर दाल पाउडर, 1 चम्मच चंदन पाउडर, 1–2 चम्मच कच्चा दूध या गुलाब जल, 2–3 बूंद कुमकुमादी तेल
- उड़द की दाल तो आपने जरूर खाई होगी। उड़द की दाल से वैसे तो कई व्यंजन बनते हैं, जैसे दही बड़े, सांभर वाला वड़ा लेकिन क्या आपने इसकी बनी बड़ी खाई है। कई जगहों पर उड़द की दाल की बड़ी बनाकर लोग बिजनेस भी करते हैं। उड़द की बड़ी कई मसालों को मिलाकर बनाई जाती है और इसकी सब्जी लोग बड़े चाव से खाते हैं। अगर आपको दाल खाना पसंद न हो तो आप इसकी सब्जी बनाकर खा सकते हैं। इसके अलावा आलू-टमाटर के साथ भी इसकी सब्जी बनाई जाती है। इतना ही नहीं उड़द की दाल में कॉपर, पोटैशियम, विटामिन बी 1 और जिंक जैसे तत्व होते हैं, ऐसे में ये बड़ियां खाने से सेहत को भी कई फायदे होते हैं। चलिए आपको उड़द दाल की बड़ी बनाने की विधि बताते हैं।बनाने के लिए सामग्रीकिलो- उड़द दाल, 1/2 कटोरी सूखी धनिया, 2 बडे़ चम्मच- साबुत काली मिर्च, 2 चम्मच- सौंफ, 1 टेबलस्पून- साबुत जीरा, 1 छोटा चम्मच- पिसी हुई काली मिर्च, 1 चम्मच- पिसा हुआ धनिया, 1/2 चम्मच- हींग, 8 से 10 बड़ी इलायची, 10 से 12- छोटी इलायची, 5 से 6- लौंग।कैसे बनाएंउड़द की दाल को रात में भिगोकर रख दें। दाल कम से कम 8 घंटे तक भीग जाए, जिससे ये अच्छे से फूल जाए। दाल को सुबह अच्छे से धोकर मिक्सी में हल्का दरदरा पीस लें। दाल के पेस्ट को कटोरे में निकाल लें। अब आपको सभी मसालों को तवे या कड़ाही पर भून लें और फिर इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। इसके बाद मसाला पाउडर आपको पिसी हुई उड़द की दाल में मिलाना है। इस पेस्ट को अच्छे से मिक्स करें, जिससे पूरा मसाला पूरी दाल में फैल जाए। फिर एक थाली या साफ पन्नी लें और इस पर घी या तेल हल्का सा लगा लें। अब दाल वाले पेस्ट को छोटे-छोटे टुकड़े में थाली या पन्नी पर पकोड़ी की तरह गिराएं। बड़ी को बनाते समय थोड़ा स्पेस दें, ताकि ये आपस में चिपके नहीं। 5-6 दिन आप बड़ियों को धूप या पंखे की हवा में सूखने के लिए रखें। फिर एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखें। सब्जी बनाने के लिए इनका इस्तेमाल करें।
- पनीर का पराठा टेस्ट में लाजवाब होने के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर आप प्रोटीन रिच ब्रेकफास्ट लेते हैं तो वेजिटेरियन लोगों के लिए ये बेस्ट सोर्स हो सकता है। जो टेस्टी होने के साथ ही हेल्दी भी है। लेकिन पनीर का पराठा बनाने में काफी मुश्किल होती है। अक्सर पराठा फट जाता है और सारी पनीर बाहर आ जाती है। इस तरह के झंझट से बचने के लिए ज्यादातर लोग पनीर का पराठा बनाना अवॉएड करते हैं। लेकिन अगर आप बिना फटे सारे पराठे बनाकर तैयार करना चाहती हैं तो पनीर का पराठा बनाने की ये खास ट्रिक वाली रेसिपी को नोट कर लें।पनीर का पराठा बनाने की सामग्रीसौ ग्राम पनीरहरी मिर्चबारीक कटा प्याजबारीक कटी हरी धनियाजीरानमक स्वादानुसारअजवाइनलाल मिर्च पाउडरपानीघी या तेलगेहूं का आटापनीर का पराठा बनाने की रेसिपीसबसे पहले पनीर को कद्दूकस में घिसकर रख लें।अब इसमे सारे मसाले मिलाएं। जैसे जीरा, अजवाइन, बारीक कटी हरी मिर्च, हरी धनिया।साथ ही बारीक कटा प्याज भी इसमे डाल दें।साथ में गेहूं का आटा डालकर घोल तैयार करें।ध्यान रहे कि गेंहू के आटे की मात्रा पनीर के अनुसार हो, जिससे कि केवल पनीर या आटा का टेस्ट ना आए।सारी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें और नमक डालें।पानी डालकर चीले के जैसा बैटर तैयार कर लें।अब तवे को गर्म करें और बैटर को फैलाएं। साइड से तेल डालकर दो मिनट के लिए ढंक दें।धीमी फ्लेम पर इसे पक जान दें। एक बार पकने के बाद ये तवा छोड़ देगा और इसे पलटकर दबा-दबाकर सेंके। जिससे कि ये पूरा अंदर तक सिंक जाए।बस तैयार है गर्मागर्म पनीर का पराठा, बिना फटने के झंझट के तैयार इस पराठे को ब्रेकफास्ट में सर्व करें और गर्मागर्म खाएं।.
- सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजारों में ताजी हरी सब्जियों की खुशबू फैल जाती है, और इन्हीं में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली सब्जी है गोभी। ठंड के मौसम में गोभी-आलू की सब्जी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। खासतौर पर लोगों को ढाबा स्टाइल आलू-गोभी की सब्जी काफी पसंद आती है।तो अगर आप रोज की साधारण सब्जियों से बोर हो चुके हैं, तो आज हम आपको सिखाएंगे ढाबा-स्टाइल गोभी-आलू की मसालेदार सब्जी बनाना, जिसे खाने के बाद आप अपनी उंगलियां चाटते रह जाएंगे। ये सब्जी गरम-गरम पराठों, पूरी या रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और इसका स्वाद किसी भी होटल के खाने को टक्कर दे सकता है।आलू-गोभी की सब्जी बनाने का सामान1 मीडियम गोभी2 आलू1 बड़ा प्याज1 टमाटर1 हरी मिर्चअदरक-लहसुन का पेस्ट1 चम्मच हल्दी1 चम्मच लाल मिर्च1 चम्मच धनिया पाउडरनमक स्वादानुसार2 चम्मच तेलहरा धनिया सजाने के लिएविधिआलू गोभी को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में तेल गर्म करें और आलू गोभी को सुनहरा होने तक भूनें। यदि आप इसे भूनकर बनाएंगे, तो सब्जी का स्वाद ज्यादा अच्छा आएगा।इसे भूनने के बाद टिश्यू पेपर में निकाल लें, तकि इसका अतिरिक्त तेल निकल जाए। अब कढ़ाई में तेल गर्म करें, उसमें प्याज और अदरक-लहसुन डालकर सुनहरा भूनें।जब टमाटर और मसाले डालकर तेल छोड़ने तक भूनें। इसके बाद इसमें भुने हुए गोभी और आलू डालें और हल्के हाथ से मिलाएं। इसी दौरान इसमें नमक मिक्स कर दें।
- सर्दी के मौसम में चाय पीना शायद ही कोई नापंसद करता हो। ये न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि शरीर को गर्माहट और ऊर्जा भी देती है। वैसे तो पारंपरिक चाय में चीनी डाली जाती है, लेकिन अब लोग स्वास्थ्य को देखते हुए चीनी का सेवन अवॉयड कर रहे हैं। इसकी जगह लोग चाय में गुड़ डालना पसंद करते हैं, जो सर्दी में काफी फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन अक्सर लोगों को ये शिकायत रहती है कि जब लोग चाय में गुड़ डालते हैं तो वो फट जाती है और स्वाद पूरी तरह बदल जाता है। ऐसा होने से चाय का मजा किरकिरा हो जाता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर इसे रोक सकते हैं। सही तापमान, सही समय और कुछ घरेलू नुस्खे जानकर आप सर्दियों में स्वादिष्ट और क्रीमी गुड़ की चाय का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बनाएं गुड़ वाली चाय, वो भी बिना फटे।चाय को गैस से उतारने के बाद गुड़ डालेंये सबसे जरूरी टिप है। लोगों को गलता है कि जब गुड़ की चाय बनाई जाती है, उसमें भी चीनी की तरह ही उबलते दूध में गुड़ डाल दिया जाता है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। दरअसल, उबलते दूध में सीधे गुड़ डालने से दूध फट जाता है। इसलिए चाय बन जाने के बाद गैस बंद कर दें और एक मिनट ठंडा होने दें, फिर गुड़ मिलाएं।गुड़ को अलग पानी में घोलकर डालेंअगर गुड़ का स्वाद अच्छा चाहिए तो गुड़ को पहले घोल लें। उसके लिए पहले थोड़ा गर्म पानी लें और उसमें गुड़ घोलें। गुड़ को पूरी तरह से घोलने के बाद इस मिश्रण को बनी हुई चाय में डालें। इससे दूध और गुड़ की प्रतिक्रिया नहीं होगी और चाय फटने से बच जाएगी।सही दूध का इस्तेमाल करेंगुड़ वाली चाय को बनाने के लिए हमेशा लो-फैट दूध का इस्तेमाल करें। ऐसा माना जाता है कि फुल क्रीम दूध में फैट ज़्यादा होता है, जिससे फटने की संभावना बढ़ती है। इसलिए गुड़ वाली चाय बनाने के लिए लो-फैट या टोंड दूध बेहतर विकल्प है।सही बर्तन लेंगुड़ वाली चाय बनाने के लिए हमेशा सही बर्तन का चुनाव करें। ध्यान रखें एल्यूमिनियम या तांबे के बर्तन की जगह स्टील या नॉन-स्टिक पैन में चाय बनाएं। इससे चाय फटने की संभावना कम होती है।
- अनानास ना सिर्फ एक स्वादिष्ट फल है बल्कि इसमें मौजूद विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। यह पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन अक्सर लोग इसे खाने से पहले काटने में हिचकिचाते हैं क्योंकि इसकी मोटी छाल और कांटेदार बाहरी परत के कारण इसे काटना थोड़ा मुश्किल लगता है। अगर आपको सही तरीका पता हो तो अनानास को छीलना और काटना बहुत आसान है। घर पर थोड़े से ध्यान और सही कदम अपनाकर आप मिनटों में इसे साफ-सुथरे टुकड़ों में काट सकते हैं। यहां जानें अनानास काटने का सही तरीका और सिंपल स्टेप्स।1. पका हुआ अनानास चुनें: अनानास का रंग हल्का पीला और हरा मिश्रित होना चाहिए। नीचे की तरफ से मीठी खुशबू आने पर समझिए यह खाने के लिए तैयार है।2. ऊपरी और निचला हिस्सा काटें: एक मजबूत चाकू की मदद से अनानास का ऊपर का पत्ता वाला हिस्सा और नीचे का हिस्सा लगभग ½ इंच काट दें। इससे अनानास को बोर्ड पर खड़ा करना आसान हो जाता है।3. छिलका हटाएं: अब अनानास को सीधा खड़ा करें और ऊपर से नीचे की ओर पतली परतों में छिलका काटें। ध्यान रखें कि भूरे रंग के 'आंख जैसे दाग' (eyes) भी साथ में निकल जाएं।4. आंखों को साफ करें: अगर कुछ छोटे दाग बचे हों तो छोटे चाकू से तिरछे पैटर्न में उन्हें निकाल दें।5. चार हिस्सों में काटें: अब अनानास को बीच से लंबाई में काटें, फिर हर टुकड़े को आधा करें। आपको कुल चार हिस्से मिलेंगे।6. बीच का सख्त हिस्सा निकालें: हर टुकड़े के बीच का सख्त हिस्सा चाकू से निकाल दें क्योंकि यह खाने योग्य नहीं होता।7. छोटे टुकड़ों में काटें: अब आप चाहें तो अनानास को चौकोर टुकड़ों या लम्बे स्लाइस में काट लें।8. रेफ्रिजिरेटर में रखकर कुछ देर ठंडा करें और फिर मसाला या काला नमक छिड़ककर खाएं।
- केसर दुनिया के सबसे महंगे मसालों में से एक है जो अपनी खुशबू, रंग और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसे भोजन, मिठाइयों, स्किन केयर और औषधियों में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाजार में केसर की ऊंची कीमत के कारण नकली और मिलावटी केसर भी बड़ी मात्रा में बिकता है जिससे असली और नकली में फर्क करना बहुत मुश्किल हो जाता है। असली केसर ना केवल महंगी होती है बल्कि उसकी खुशबू और स्वाद भी बेहद खास होते हैं। इसलिए, अगर आप केसर खरीद रहे हैं तो इन सरल घरेलू परीक्षणों की मदद से असली और नकली केसर की पहचान आसानी से कर सकते हैं।असली केसर पहचानने के उपयोगी टिप्स (Useful Tips to Identify Real Saffron)पानी में डालकर जांचें: थोड़ी सी केसर को गर्म पानी में डालें। अगर कुछ देर बाद पानी का रंग धीरे-धीरे सुनहरा या हल्का पीला हो जाए और धागे का रंग न बदले, तो वह असली है। नकली केसर तुरंत गाढ़ा लाल रंग छोड़ती है।खुशबू से पहचानें: असली केसर की खुशबू तेज और मीठी होती है जिसमें मिट्टी और शहद जैसी हल्की महक आती है। नकली केसर में अक्सर आर्टिफिशियल सुगंध मिलाई जाती है।स्वाद से करें टेस्ट: असली केसर का स्वाद कड़वा और हल्का कसैला होता है जबकि नकली केसर में मीठापन महसूस होता है।पेपर टेस्ट करें: केसर के कुछ धागों को सफेद पेपर पर रखें और थोड़ा पानी डालें। अगर धागे लाल रंग छोड़ते हैं और दाग बनता है तो वह नकली है। असली केसर का रंग प्राकृतिक और धीरे-धीरे घुलता है।दूध टेस्ट: गर्म दूध में केसर डालें। अगर दूध धीरे-धीरे पीला या सुनहरा रंग ले और धागे अपनी आकृति बनाए रखें तो वह असली है। नकली केसर तुरंत दूध को गहरा नारंगी कर देती है।केसर की बनावट देखें: असली केसर के धागे मुड़े हुए और हल्के खुरदरे होते हैं, जबकि नकली केसर चिकनी और सीधी दिखती है।
- अगर आपके बाल भी घुंघराले हैं या फिर हमेशा उलझे-उलझे रहते हैं तो अलसी के बीज आपके बेहद काम के हैं। दरअसल, अलसी के बीज न सिर्फ हेल्दी भोजन के लिए ही नहीं, बल्कि बालों की देखभाल में भी बेहद फायदेमंद होते हैं। ऐसे में बालों में अलसी के बीज से बने घरेलू हेयर जेल का इस्तेमाल करने से बाल मुलायम, चमकदार बन सकते हैं।बाजार में मिलने वाले हेयर जेल में अक्सर कैमिकल्स होते हैं, जो बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन अलसी के बीजों से बना ये हेयर जेल सिर्फ 10 रुपये में तैयार किया जा सकता है और इसे बनाने में अधिक समय भी नहीं लगता। प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल करना चाहते हैं तो यह सरल और किफायती उपाय आपके लिए परफेक्ट है। ये जेल बालों को स्टाइल करने के साथ-साथ उन्हें पोषण भी देता है।अलसी का जेल बनाने का सामानइसे बनाने के लिए आपको सिर्फ दो बड़े चम्मच अलसी की बीजों की और एक कप पानी की जरूरत पड़ेगी।हेयर जेल बनाने की विधिअलसी के बीजों से हेयर जेल बनाने के लिए सबसे पहले तो अलसी के बीज को पानी में 10–15 मिनट के लिए भिगो दें। कुछ देर बाद इसे गैस पर रखकर उबाल लें। उबालने से ये चिपचिपा सा होने लगेगा। जब बीज पानी में जेल जैसा हो जाए, तो इसे कुछ देर के लिए साइड में रख दें, ताकि ये ठंडा हो जाए। मिश्रण के ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में अच्छी तरह ब्लेंड करें। ब्लैंड करने के बाद एक सूती कपड़े में रखकर इसे छान लें। छानने के बाद जो चिपचिपा पदार्थ निकला है, वही अलसी का जेल है।ऐसे करें उपयोगइसका इस्तेमाल बेहद आसान है। इस जेल के इस्तेमाल के से पहले अपने बालों को धो लें। जब बाल हल्के गीले हों, तभी इसे अपने हाथों की मदद से इसे बालों के सिरों से लेकर स्कैल्प तक पर अप्लाई करें। बस बालों को अब ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद आपके बाल न तो उलझेंगे और न ही बेजान दिखेंगे।एक्सट्रा टिपआप चाहें तो खुशबू और ज्यादा फायदे के लिए इसमें लैवेंडर या रोजमेरी का एसेंशियल ऑयल भी मिला सकते हैं। इसकी वजह से आपके बालों में खुशबू भी आने लगेगी।--
- प्लाजो-सूट आजकल ज्यादातर महिलाएं प्रिफर करती हैं। कारण है इनका सुंदर फ्लोई डिजाइन और कंफर्टेबल फिट। तभी तो डेली वियर हो या कोई खास मौका, ये हमेशा ही अच्छे लगते हैं। अगर आप भी सूट सिलवाने की सोच रही हैं, तो प्लाजो एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहां हम आपके लिए कुछ फैंसी डिजाइन ले कर आए हैं, जो एक स्टाइलिश सूट खरीदने में आपकी मदद करेंगे। सूट की स्टिचिंग के लिए भी आप यहां से आइडियाज ले सकती हैं। (All Images Credit-Pinterest)ऑल टाइम क्लासिक रेड सूटरेड सूट हर लेडीज की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। आने वाले त्योहारों के लिए आप एक रेड रंग का सिंपल फैब्रिक के कर प्लाजो सूट स्टिच करा सकती हैं। डिजाइनर लुक के लिए लटकन, लेस जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें। सूट बहुत ही ज्यादा क्लासी और एलिगेंट लुक देगा।जॉर्जेट का सूट लेंडेली वियर के लिए या फिर कुछ हल्का-फुल्का पहनना है, तो जॉर्जेट का सूट स्टिच करा लें। इस तरह का प्लेन वाइट सूट विद थ्रेड एंब्रॉयड्री वर्क, देखने में बहुत सुंदर लगेगा। आप प्लेन फैब्रिक और मैचिंग लेस ले कर भी इस तरह का फ्लोई और क्लासी सूट स्टिच करा सकती हैं।घेरदार प्लाजो स्टिच कराएंघेरदार प्लाजो एकदम फेस्टिव परफेक्ट लुक देता है। सूट को थोड़ा है हेवी दिखाना चाहती हैं, तो घेरदार प्लाजो रखें। ये एकदम लहंगे वाला लुक देगा। लुक बैलेंस रहे, इसके लिए ध्यान रखें कि प्लाजो सिंपल हो। अगर सूट और प्लाजो दोनों की हेवी एंब्रॉयडरी वाले होंगे, तो लुक थोड़ा आउटडेटेड लग सकता है।शॉर्ट कुर्ती विद प्लाजोआजकल शॉर्ट कुर्ती के साथ घेरदार प्लाजो काफी ट्रेंड में है। ये काफी मॉडर्न लुक देते हैं और पहनने में भी कंफर्टेबल रहते हैं। गर्ल्स के लिए खासतौर से ये स्टाइल परफेक्ट रहेगा। आप फैब्रिक ले कर भी कुछ इस तरह का सूट सेट स्टिच करा सकती हैं।नैरो प्लाजो स्टिच कराएंआजकल नैरो प्लाजो भी खूब चलन में है। स्टाइलिश लुक चाहती हैं, तो इस तरह का प्लाजो स्टिच करा लें। साथ में सूट की लैंथ थोड़ी कम ही रखें, ताकि प्लाजो हाइलाइट हो सके। फेस्टिव सीजन के लिए आप इस तरह का सूट सिलवा सकती हैं, एकदम अलग हटकर लुक मिलेगा।नेट लगवाकर प्लाजो बनाएंडिजाइनर सूट वाला लुक चाहिए, तो इस तरह नेट और मैचिंग लेस लगवाकर सूट स्टिच करा सकती हैं। ये बहुत ही फैंसी लुक देगा। सूट की स्लीव्स और प्लाजो पर नेट फैब्रिक अटैच कराएं। इससे आपके सूट में डिटेलिंग एड होगी, जो देखने में काफी एलिगेंट और स्टाइलिश लगती है।हेवी कढ़ाई वाला सूटहेवी कढ़ाई वाला एक सूट आपके वॉर्डरोब में जरूर होना चाहिए। ये देखने में बेहद सुंदर लगता है और इसे पहनने के बाद यकीनन पूरे फंक्शन की जान आप ही बन जाएंगी। दो कॉन्ट्रास्ट रंगों वाला सूट चुनें, जिसपर हेवी गोल्डन एंब्रॉयडरी हो; इससे एकदम परफेक्ट फेस्टिव वाइब आएगी।सिंपल क्लासी सूटकहते हैं ना सूट जितना सिंपल होगा, उतना ही क्लासी लगेगा। बात बिल्कुल सच है। फेस्टिव सीजन के लिए आप कुछ इस तरह का सिंपल सूट स्टिच करा सकती हैं। प्लेन फैब्रिक ले कर भी ये बनवाया जा सकता है। इसके साथ कॉन्ट्रास्ट शेड का दुपट्टा रखें। स्लीव्स चाहें तो जॉर्जेट या शिफॉन फैब्रिक की बनवा लें, सूट में और जान आ जाएगी।
- कई बार व्यक्ति बिना कुछ कहे ही बहुत कुछ कह जाता है, बस सामने वाले को इसे भांपना आना चाहिए। नीति शास्त्र की ज्ञान भरी बातें लक्षणों के आधार पर व्यक्ति के मन का भेद बताती हैं, जिन्हें जानकर बिना जन्मकुण्डली या ग्रहदशा देखे ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि व्यक्ति का कार्य सामने वाले व्यक्ति से बनेगा या नहीं। अक्सर हम किसी से कुछ मांगते हैं या कोई आग्रह करते हैं, पर सामने वाला व्यक्ति ‘हां’ कहेगा या ‘न’, यह उसकी आंखों, मुखमुद्रा और व्यवहार से पहले ही समझा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को किसी को कुछ देने की भावना होती है, तो उसके चेहरे पर सहज सौम्यता दिखाई देती है, उसकी आंखों में स्नेह और प्रसन्नता झलकती है। ऐसा लगता है मानो मन की सहमति चेहरे से प्रकट हो रही हो। यह वही क्षण होता है जब हमें विश्वास हो जाता है कि हमारी इच्छा पूरी होने वाली है। किसी कवि ने कहा है,नयना देत बताय सब, जियको भेद अभेद। जैसे निर्मल आरसी, भली बुरी कहि देत।।आंखें मन की बातों को प्रकट कर देती हैं, जैसे दर्पण मुख की हर विकृति को साफ़ दिखा देता है। जब व्यक्ति ‘ना’ कहना चाहता है, तब उसका व्यवहार एकदम बदल जाता है। प्राचीन ग्रंथों में “न कार षट् लक्षणम”, यानी ‘न’ के छह लक्षण बताए गए हैं, मौन हो जाना, कल परसों आना, आसमान को देखना, आंखें नीची कर लेना, चलने को उद्यत हो जाना, अन्य व्यक्ति से बात प्रारम्भ कर देना।मौनं काल विलम्बश्च, भृकुटि भूमि-दर्शनम्। प्रयाणान्य वार्ता च, न कार षट् लक्षणम्।।इनमें से एक भी लक्षण यदि दिख जाए, तो समझ लेना चाहिए कि व्यक्ति का मन ‘ना’ कह चुका है, चाहे उसके होंठ अब तक मौन हों। वास्तव में, मनुष्य का मौन, दृष्टि और आचरण में उसके मनोभावों की सच्ची अभिव्यक्ति छिपी होती है। शब्द तो केवल औपचारिकता हैं, निर्णय तो चेहरे की झलक, आंखों की भाषा और व्यवहार के संकेत पहले ही दे देते हैं। यही मनोविज्ञान की वह सूक्ष्म कला है, जो हमें दूसरों को समझने की शक्ति प्रदान करती है।--
- सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए बादाम का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। बादाम में विटामिन E, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जो दिमाग, दिल और त्वचा तीनों के लिए लाभकारी हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या सर्दियों में बादाम भिगोकर खाना चाहिए या सूखा ही खाना बेहतर है? दरअसल, दोनों ही तरीकों के अपने फायदे हैं लेकिन अगर आप बादाम को सही तरह से और सही समय पर खाते हैं तो इसके पोषक तत्वों का असर कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं सर्दियों में बादाम खाने का सही तरीका और भिगोए बनाम बिना भिगोए बादाम के फायदे–भिगोए हुए बादाम खाने के फायदे–आसानी से पचते हैं: भिगोए हुए बादाम की बाहरी परत मुलायम हो जाती है जिससे इन्हें चबाना और पचाना आसान होता है।पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण: भीगने से बादाम में मौजूद एंजाइम सक्रिय हो जाते हैं जिससे शरीर विटामिन और मिनरल्स को आसानी से अवशोषित कर पाता है।त्वचा और बालों के लिए बेहतर: विटामिन E की मात्रा भीगे बादाम से ज्यादा असर दिखाती है जिससे त्वचा मुलायम और बाल मजबूत बनते हैं।इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है: भिगोए बादाम सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।बिना भिगोए बादाम खाने के फायदे –गर्माहट प्रदान करते हैं: सर्दियों में सूखे बादाम खाने से शरीर को गर्मी मिलती है।लंबे समय तक एनर्जी देते हैं: सूखे बादाम में मौजूद हेल्दी फैट्स धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं जिससे दिनभर एक्टिव रहते हैं।रोजमर्रा की स्नैकिंग के लिए अच्छे: इन्हें कहीं भी आसानी से खाया जा सकता है – जैसे काम के बीच, ट्रैवल करते समय या चाय के साथ।क्या है सही तरीका?अगर आपका पाचन कमजोर है या मुंहासों की समस्या रहती है तो भिगोए हुए बादाम खाना बेहतर रहेगा।अगर आप ऊर्जा और गर्माहट चाहते हैं तो 2–3 सूखे बादाम सुबह दूध के साथ खाएं।बेहतर परिणाम के लिए सर्दियों में 4–6 बादाम रोजाना सेवन करें।सर्दियों में बादाम भिगोकर खाना बेहतर माना जाता है क्योंकि यह आसानी से पचते हैं और शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों का पूरा लाभ देते हैं। हालांकि, सीमित मात्रा में सूखे बादाम भी शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं। इसलिए आप दोनों तरीकों से बादाम का सेवन कर सकते हैं, बस मात्रा और समय का ध्यान रखें।
- सरसों का तेल भारतीय घरों में रसोई का जरूरी हिस्सा है. ये अपने स्वाद, खुशबू और सेहतमंद फायदों के लिए जाना जाता है. लेकिन बाजार में मिलने वाला हर सरसों का तेल शुद्ध नहीं होता. अक्सर इसमें सस्ते तेल या सिंथेटिक चीजों की मिलावट की जाती है, जो खाने का स्वाद बिगाड़ सकती है और सेहत के लिए भी हानिकारक हो सकती है. हालांकि ये पता करना मुश्किल लगता है कि तेल असली है या नहीं, लेकिन कुछ आसान और असरदार घरेलू तरीके हैं, जिनकी मदद से आप खाना बनाने से पहले सरसों के तेल की शुद्धता टेस्ट कर सकते हैं.फ्रीजिंग टेस्टसरसों के तेल की शुद्धता जांचने का आसान तरीका फ्रीजिंग टेस्ट है. ये टेस्ट करने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा सरसों का तेल लें और इसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखें. शुद्ध सरसों का तेल लिक्विड ही रहेगा या उसमें बहुत कम बदलाव होगा. लेकिन अगर तेल में किसी तरह की मिलावट होगी तो उसमें सफेद धब्बे या जमावट दिखाई देगी. अगर ऐसा हो तो इसका मतलब इसमें पाम ऑयल मिला हो सकता है. पाम ऑयल ठंड में जम जाता हैं. ये बिना किसी केमिकल के अशुद्ध तेल का पता लगाने का आसान तरीका है.रगड़कर टेस्टशुद्ध सरसों के तेल की पहचान करने का एक और तरीका रगड़कर परीक्षण है. अपनी हथेली पर कुछ बूंदें तेल की लें और हाथों को आपस में रगड़ें. शुद्ध सरसों के तेल में तेज तीखी खुशबू होनी चाहिए, स्किन पर कोई रंग नहीं छोड़ना चाहिए और तेज गंध के कारण आंखों में हल्की जलन हो सकती है. अगर तेल स्किन पर रंग छोड़ता है या उसमें आर्टिफिशियल गंध आती है, तो ये मिलावटी हो सकता है. ये घर पर सस्ते तेल या सिंथेटिक मिलावट का पता लगाने का आसान तरीका है.नाइट्रिक एसिड टेस्टये सरसों के तेल को टेस्ट करने का एक कैमिकल बेस्ड तरीका है और इसे सावधानी से करना चाहिए. इसे करने के लिए एक साफ कांच के बर्तन में सरसों का तेल और नाइट्रिक एसिड बराबर मात्रा में मिलाएं और धीरे से हिलाएं. देखें कि कलर बदलाव तो नहीं हुआ है. शुद्ध सरसों के तेल में रंग नहीं बदलता, जबकि मिलावटी तेल किसी दूषित पदार्थ के कारण नारंगी-पीले से लाल रंग में बदल सकता है. ये टेस्ट खतरनाक मिलावट का पता लगाने का भरोसेमंद तरीका है.


.jpg)
.jpg)




.jpg)
.jpg)













.jpg)