कर्नाटक चुनाव : मुख्यमंत्री बोम्मई ने शिग्गांव विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया
हावेरी . कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिग्गांव विधानसभा सीट से शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया और विश्वास जताया कि वह सबसे ज्यादा वोट पाकर फिर से जीतेंगे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है।
बोम्मई के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान लोक निर्माण मंत्री सी सी पाटिल, हावेरी-गदग से सांसद शिवकुमार उदासी और मुख्यमंत्री के पुत्र भरत बोम्मई सहित अन्य लोग उनके साथ थे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता परिवार के नेता दिवंगत एस आर बोम्मई के बेटे बसवराज बोम्मई 2008 से तीन बार शिग्गांव से विधायक चुने जा चुके हैं। पर्चा भरने से पहले कंधे पर भगवा रंग की शॉल डालकर 63 वर्षीय मुख्यमंत्री शिग्गांव के देवी मंदिर में गए। नामांकन दाखिल करने के बाद बोम्मई ने कहा, “मैंने आज अपना नामांकन दाखिल किया है। मेरे शिग्गांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने अतीत में मुझे जबरदस्त समर्थन दिया है और इस बार भी, मुझे सभी रिकॉर्ड तोड़ने और सबसे अधिक मतों से जीत मिलने का विश्वास है। यहां के लोग जागरूक मतदाता हैं और वे विकास के लिए मतदान करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज अच्छा मुहूर्त था, इसलिए उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है।
बोम्मई ने कहा कि वह 19 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में एक बार फिर नामांकन दाखिल करेंगे। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा, “विरोधी तो विरोधी होता है, चाहे मजबूत हो या कमजोर। मैं सबको समान रूप से देखूंगा। विरोधी होंगे, तभी मुकाबला होगा। मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों पर भरोसा है, जिन्होंने मेरा समर्थन किया है।” बोम्मई ने 2018 के विधानसभा चुनावों में शिग्गांव सीट पर करीब 9,260 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। बोम्मई ने जनता दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और धारवाड़ स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से दो बार (1998 और 2004 में) कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव और विपक्ष के उपनेता के रूप में भी कार्य किया था। बोम्मई ने 2008 में जनता दल (यूनाइटेड) छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में वह हावेरी जिले की शिग्गांव सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।








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