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 शिक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक 27-28 अप्रैल, 2023 को भुवनेश्वर में आयोजित की जाएगी

 नई दिल्ली।  उच्च शिक्षा सचिव श्री के. संजय मूर्ति, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी और शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने  सोमवार को   भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक और अग्रगामी कार्यक्रमों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री मूर्ति ने बताया कि शिक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक 27-28 अप्रैल, 2023 को भुवनेश्वर में होगी और जी20 शिक्षा कार्य समूह की बैठकों के अग्रगामी कार्यक्रम 23-26 अप्रैल, 2023 को होंगे। "कार्य का भविष्य" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो 23-25 अप्रैल और फिर 27 और 28 अप्रैल के बीच जनता के लिए खुली रहेगी।

 जी20 देशों के प्रतिनिधि इन बैठकों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा कार्य समूह के तहत कार्यक्रम, विषयों का चयन और देश के युवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के विजन और मार्गदर्शन में चल रहा है। ओडिशा के मामले में, जहां विषय 'कार्य का भविष्य' है, गतिविधियां इस दृष्टि पर आधारित हैं कि उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं और निरंतर कुशल कौशल और कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर हर जिले में जिले के लिए प्रासंगिक के रूप में व्यापक विचार-विमर्श और प्रभावी पहुंच होनी चाहिए।
 मीडिया को संबोधित करते हुए श्री अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि अभूतपूर्व प्रगति और डिजिटलीकरण के साथ, काम की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन देखा जा रहा है। यह परिवर्तन उत्पादकता लाभ को बढ़ाने और विकास को प्रोत्साहित करते हुए अपार आर्थिक क्षमता भी लाएगा।
 उन्होंने यह भी कहा कि जी20 राष्ट्र भी कई क्षेत्रों में इस सक्रिय विकास का अनुभव कर रहे हैं और इसे युवाओं को केवल प्रासंगिक कौशल, गति और चपलता से लैस करके ही तैयार कर सकते हैं। इस बदलाव को स्वीकार करते हुए और काम के भविष्य से संबंधित सबसे अहम मुद्दों के समाधान खोजने के लिए, हम भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्रगामी कार्यक्रम और एक प्रदर्शनी, विशेषज्ञों, हितधारकों और विचारकों को एक साथ लाने से सुधारों को प्राथमिकता देने, सीखने की फिर से कल्पना करने, प्रतिभा को फिर से परिभाषित करने और साथ ही कार्य के भविष्य के लिए सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक नेतृत्व को तैयार करने के साथ-साथ उसकी रूपरेखा निर्धारित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण का पता लगाने में मदद मिलेगी।
 श्री संजय कुमार ने स्कूली पाठ्यक्रम में कौशल के एकीकरण और बच्चों के लिए आजीवन शिक्षण के क्रम में भविष्य के कौशल से लैस करने के बारे में बात की। उन्होंने वर्किंग ग्रुप मीटिंग के 25 अप्रैल को भारत और सिंगापुर के बीच ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ पर वर्कशॉप में 'इंटीग्रेशन ऑफ स्किल्स इन स्कूल करिकुलम' पर ब्रेकआउट सेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आजीवन शिक्षण के क्रम में 'भविष्य के कौशल के साथ बच्चों को लैस करने' पर भी चर्चा आयोजित की जाएगी। सचिव ने यह भी बताया कि एनईपी 2020 के तहत सिफारिश के अनुसार, कक्षा 6 से कौशल शिक्षा का एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। यह कक्षा 9 और 10 के लिए वैकल्पिक और कक्षा 11 और 12 के लिए अनिवार्य होगा।
 सम्मेलन के दौरान, यह बताया गया कि 'जन भागीदारी' को भारत की जी20 अध्यक्षता का एक मजबूत तत्व बनाने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए, ओडिशा राज्य में 1 अप्रैल, 2023 से महीने भर चलने वाले कार्यक्रम शुरू हो गए हैं, जिसे "उत्कल दिबासा” या “ओडिशा दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है। अब तक, 86,000 लोगों ने जनभागीदारी कार्यक्रमों में भाग लिया है, जैसे क्विज प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, युवा संवाद आदि। काम के भविष्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए हैं, जैसे कृषि में ड्रोन एप्लिकेशन, भविष्य पर कार्यशाला रोबोटिक्स, पशुधन उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, कार्बन उत्सर्जन से मुक्त होने के क्रम में केमिकल इंजीनियरिंग का भविष्य, डीकार्बोनाइजेशन एल्यूमीनियम उत्पादन आदि। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित कॉलेजों के छात्र, एनएसटीआई और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लाभार्थी इन आयोजनों में भाग ले रहे हैं। ये कार्यक्रम और क्रियाकलाप यूथ-नेतृत्व और महिला-नेतृत्व वाले हैं। राज्य भर में इन कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए जी20 के सहयोगी समूह, जैसे स्टार्ट अप 20, बी20 आदि भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
 विभिन्न संस्थानों, जैसे आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईएम संबलपुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय, एनआईटी, आईएमएमटी भुवनेश्वर, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के सहयोग से पूर्ववर्ती कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डेलॉइट, सीआईआई और यूएसआईबीसी विभिन्न आयोजनों के लिए उद्योग से जुड़े संगठन हैं। सप्ताह भर चलने वाले इस विचार-विमर्श में भविष्य के काम के लिए एक रूपरेखा तैयार करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समर्थन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
 
चूंकि ओडिशा राज्य में एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी है, इसलिए ओडिशा की जनजातियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा और उनके उत्पादों को विभिन्न कार्यक्रमों और क्रियाकलापों के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। जैसा कि 2023 अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष है, फूड फेस्टिवल जहां मिलेट और स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे, ताकि जी20 प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को भारत के पारंपरिक भोजन से परिचित कराया जा सके। 

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