आपरेशन त्रिनेत्र में शहीद सैनिक का चमोली में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
गोपेश्वर (उत्तराखंड) . जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में 'आपरेशन त्रिनेत्र' के दौरान मारे गए लांस नायक रूचिन रावत का रविवार को पूरे सैनिक सम्मान के साथ चमोली जिले के गैरसैंण क्षेत्र के कुनीगाड़ गांव में उनके पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल और प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने घाट पर पहुंचकर दिवंगत सैनिक की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। दिवंगत रावत 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए थे जहां राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे आपरेशन त्रिनेत्र के दौरान पांच मई को आइईडी धमाके में शहीद हो गए थे । दिवंगत सैनिक के परिवार में माता—पिता के अलावा पत्नी कल्पना देवी व चार वर्षीय पुत्र हर्षित है। शनिवार को देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अडडे पहुंचकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी और कहा था कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के साथ खड़ी है ।








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