एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 'स्टॉप स्नीज़ टू व्हीज़' पहल की शुरुआत
नयी दिल्ली. विश्व एलर्जी सप्ताह के हिस्से के रूप में ‘एलर्जिक राइनाइटिस' और अस्थमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 'स्टॉप स्नीज़ टू व्हीज़' नामक पहल शुरू की गई है। श्वास संबंधी ये दोनों ही परेशानियां अक्सर एक साथ होती हैं, जिससे दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित होते हैं। दवा कंपनी अल्केम लेबोरेटरीज लिमिटेड के शीर्ष अधिकारी सुदीप्त रॉय ने कहा, ‘‘ अल्केम लेबोरेटरीज लिमिटेड द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य इन स्थितियों के साथ रहने वाले रोगियों के लिए शीघ्र निदान, प्रभावी प्रबंधन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के महत्व पर जोर देना है।'' एलर्जिक राइनाइटिस, जिसे आमतौर पर 'हे फीवर' के रूप में संदर्भित किया जाता है, नाक के मार्ग को प्रभावित करने वाली एक स्थिति है, जो पराग, धूल के कण, और पालतू जानवरों की रूसी आदि से उत्पन्न होती है। सुदीप्त रॉय ने कहा, ‘‘यदि इस स्थिति को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो यह अस्थमा में बदल सकता है, जो एक दीर्घकालिक श्वसन स्थिति है, जिसमें श्वास नली में सूजन हो जाती है। '' उन्होंने कहा कि एलर्जिक राइनाइटिस और अस्थमा के सह-अस्तित्व के परिणामस्वरूप व्यक्तियों के लिए अनूठी चुनौतियां होती हैं, क्योंकि ये स्थितियां परस्पर क्रिया करती हैं और एक-दूसरे के लक्षणों को बिगाड़ती हैं।







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