विश्व बैंक ने छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा सुधार के लिये 30 करोड़ डॉलर कर्ज को मंजूरी दी
नयी दिल्ली. विश्व बैंक ने छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के विस्तार और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए 30 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी है। इस परियोजना से मुख्य रूप से गरीब और वंचित समुदाय के करीब 40 लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य में करीब 86 प्रतिशत स्कूलों का संचालन सरकार ही करती है। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों के बोर्ड ने छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों के विस्तार और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए 30 करोड़ डॉलर का कर्ज स्वीकृत कर दिया है। छत्तीसगढ़ के प्राथमिक स्कूलों में नामांकन 95 प्रतिशत है जबकि उच्च माध्यमिक स्तर पर यह केवल 57.6 प्रतिशत है। लड़कों का नामांकन लड़कियों की तुलना में 10.8 प्रतिशत कम है। बयान के अनुसार इसका कारण कई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य शिक्षा की अनुपलब्धता, प्रशिक्षित विज्ञान तथा गणित शिक्षकों की कमी और प्रयोगशाला जैसे आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी है। पांच साल के अतिरिक्त समय के साथ इस कर्ज की मियाद 18.5 साल है।







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