भविष्य में सशस्त्र बलों की चुनौतियां और जटिल होने की आशंका, भारत को तैयार रहने की जरूरत: सेना प्रमुख
द्रास (लद्दाख) . सेना प्रमुख मनोज पांडे ने बुधवार को कहा कि सशस्त्र बलों के समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है और भारत को उनका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखकर भविष्य की तैयारी करनी चाहिए। जनरल पांडे ने 24वें विजय दिवस के अवसर पर यहां करगिल युद्ध स्मारक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे समक्ष मौजूद खतरों एवं चुनौतियों के भविष्य में और जटिल होने की आशंका है। हमें तैयार रहना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जरूरत के अनुकूल ढलने, लचीला बनने और त्वरित कार्रवाई संबंधी प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हमारी सेना सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सक्षम और भविष्य के लिए तैयार ताकत के रूप में उभरेगी।'' सेना प्रमुख ने कहा कि देश 1999 के कारगिल युद्ध में सैनिकों के सर्वोच्च बलिदाल को सदैव याद रखेगा।
जनरल पांडे ने कहा, ‘‘ ऑपरेशन विजय एक मुश्किल तथा उच्च तीव्रता वाला सैन्य अभियान था। वह मुश्किल इलाका था जो दुश्मन के कब्जे में था। यह एक चुनौती थी जिसका हमारे सैनिकों ने पूरी बहादुरी के साथ सामना किया...। मैं अंतिम लक्ष्य हासिल करने में वायु सेना के जवानों के योगदान का भी जिक्र करना चाहूंगा।'' भारतीय सेना ने 1999 में लद्दाख की अहम चोटियों पर अवैध कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना को खदेड़ने के लिए भीषण जवाबी हमला किया था। करगिल विजय दिवस इस युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। सेना प्रमुख ने करगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र भी अर्पित किया।



.jpg)





.jpg)
Leave A Comment