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संसद ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 पारित किया

 नई दिल्ली।  संसद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक-2023 पारित हो गया है। कल राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 131 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 102 सांसदों ने वोट किया। यह विधेयक लोकसभा में पिछले सप्‍ताह ही पारित हो गया था। इस विधेयक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम 1991 में संशोधन का प्रावधान है। यह केंद्र सरकार को अधिकारियों के कार्यों, नियमों और सेवा की अन्य शर्तों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के मामलों के संबंध में नियम बनाने का अधिकार देता है। इसमें राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण के गठन का भी प्रावधान है। इस प्राधिकरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली के प्रधान गृह सचिव शामिल होंगे। प्राधिकरण अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्तियों तथा अनुशासनात्मक कार्रवाईयों के मामलों के संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल को सिफारिशें देगा। केंद्र सरकार इस संबंध में इसी साल मई में अध्यादेश लाई थी।

 चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य दिल्‍ली में प्रशासन को भ्रष्टाचार-मुक्‍त बनाना है। उन्‍होंने कहा कि यह विधेयक उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश का उल्लंघन नहीं करता है। श्री शाह ने कहा कि दिल्‍ली में 2015 से पहले भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही थी, लेकिन तब केंद्र के साथ कभी टकराव नहीं हुआ। गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली सेवा विधेयक आपातकाल लगाने या लोगों के अधिकार छीनने के लिए नहीं लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार, दिल्ली के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सेवा विधेयक लेकर आई है। श्री शाह ने कहा कि उच्‍चतम न्‍यायालय ने भी अपने फैसले में कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली से संबंधित कानून बना सकती है। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली अन्‍य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भिन्न है क्योंकि यह राष्ट्रीय राजधानी है और यहां संसद, उच्‍चतम न्‍यायालय और दूतावास स्थित हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने द्वारा ही पहले लाए गए कानून का विरोध केवल राजनीतिक स्वार्थ और आम आदमी पार्टी को खुश करने के लिए कर रही है।
 श्री शाह ने कहा कि उच्‍चतम न्‍यायालय के फैसले के बाद, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सतर्कता विभाग में तत्काल तबादलों का आदेश दिया क्योंकि यह उत्पाद शुल्क नीति घोटाले और मुख्यमंत्री आवास नवीकरण की जांच कर रहा था। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सतर्कता विभाग को लेकर इतनी जल्दबाजी इसलिए दिखाई क्योंकि उसके पास घोटालों से जुड़ी फाइलें थीं।संसद को बाधित करने के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए श्री शाह ने कहा कि सरकार मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है और सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि विपक्ष कुछ छुपाने की कोशिश कर रहा है तभी वह चर्चा नहीं होने दे रहा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है तो 11 अगस्त को चर्चा कराई जा सकती है।

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