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सरकारी नीतियों की मदद से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बना:  प्रधानमंत्री

 -भारत मणिपुर के लोगों के साथ है: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली।  राष्‍ट्र आज 77वां स्‍वाधीनता दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया। देश की 140 करोड़ जनता को आजादी के महान पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी और भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे अनगिनत वीरों के बलिदान और योगदान का स्‍मरण किया। उन्‍होंने कहा कि उस पीढ़ी में शायद ही कोई व्‍यक्ति होगा, जिन्‍होंने आजादी के संघर्ष में योगदान और बलिदान न दिया हो। 

 प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वर्ष रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती का वर्ष है। ये वर्ष मीराबाई के 525 वर्ष का भी वर्ष है। इस बार 26 जनवरी हमारे गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ होगी। पल-पल प्रेरणा और पल-पल संकल्‍प का इससे बड़ा अवसर नहीं होगा। उन्‍होंने प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
 प्रधानमंत्री ने मणिपुर में हिंसा के दौर और मां-बहनों के साथ अत्याचार पर दुख व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा और इसके लिए केंद्र तथा राज्‍य सरकारों को मिलकर प्रयास करने होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जो सदियों तक अपनी अमिट छाप छोड़ जाती हैं। कई वर्षों पहले देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा गया था। भारत के वीरों ने आजादी की लौ जलाए रखने तथा बलिदान की परंपरा बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
 प्रधानमंत्री ने कहा कि जन चेतना, त्याग और तपस्या के कारण देश 1947 में आजाद हुआ। हम ऐसे काल खंड में जी रहे हैं जब अमृतकाल का पहला वर्ष है। इस काल खंड में उठाए गए कदम त्याग और तपस्या आने वाले एक हजार साल के इतिहास का निर्माण करेंगे।
 उन्‍होंने कहा कि गुलामी की मानसिकता से निकलकर देशा आज जी जान से आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा कि विश्‍व भर में भारत की चेतना और सामर्थ्य के प्रति नई आशा और विश्वास बढा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज पुरानी सोच और पुराने ढर्रों को छोडकर आगे बढ रहा है। बडा सोचना, दूर का सोचना हमारी सरकार की कार्यशैली रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज करीब 5 हजार अमृत सरोवरों पर कार्य हो रहा है। 18 हजार गॉवों तक बिजली पहुँचाने जैसे सभी लक्ष्‍य हासिल किए जा रहे हैं। 
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  कहा कि देश का निर्यात बढ़ रहा है और दुनिया भर के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अपनी वृद्धि गति जारी रखेगी। उन्होंने   कहा, ‘‘ मैं युवा शक्ति में विश्वास करता हूं, युवा शक्ति ही मेरी ताकत है… हमारी नीतियां युवा शक्ति को और ताकत दे रही हैं… विश्व के युवा भारत के युवाओं की ताकत देखकर चकित हो रहे हैं।’’
मोदी ने कहा कि युवाओं की ताकत ने भारत को ‘‘दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र’’ बनने में मदद की है।
सरकार ने इस साल 30 अप्रैल तक 98,119 संस्थाओं को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी है। ये सभी ‘स्टार्टअप इंडिया’ योजना के तहत कर लाभ सहित प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं।
स्टार्टअप के लिए फंड ऑफ फंड्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और क्रेडिट गारंटी स्कीम जैसी योजनाएं इन संस्थाओं को उनके व्यापार चक्र के विभिन्न चरणों में मदद करती हैं।
सरकार ने देश में नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के इरादे से 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू की थी।

 

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