पुलिस ने पोंजी धोखाधड़ी में शामिल चीनी ऐप के भारत प्रमुख को गिरफ्तार किया
भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ऑनलाइन पोंजी धोखाधड़ी में शामिल एक चीनी ‘एप' के भारत प्रमुख को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू ने एक बयान में बताया कि 21 वर्षीय एस चित्रवेल को तमिलनाडु में मदुरै के पास अवीयूर से गिरफ्तार किया गया है। उसे ओडिशा लाया गया और 16 अगस्त को कटक में ओपीआईडी अदालत में पेश किया गया जिसने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। ईओडब्ल्यू ने कहा कि इस धोखाधड़ी का सरगना चीन के हांगझौ का रहने वाला 40 वर्षीय गुआनहुआ वांग है। वह 2019 में दो चीनी नागरिकों (एक पुरुष और एक महिला) के साथ भारत आया और कुछ महीने बेंगलुरु में रुका। उन्होंने विभिन्न साइबर-वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए तीन फर्जी कंपनियां बनाई।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि चित्रवेल को ऐसी ही एक कंपनी में निदेशक बनाया गया, जिसका नाम 'बेटटेक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' है। कोविड के समय में तीनों चीन वापस चले गए लेकिन चित्रवेल और काम पर रखे गए कुछ अन्य निदेशकों और सहायकों के माध्यम से धोखाधड़ी जारी रखी गई। पहले चीनी लोग अवैध डिजिटल ऋण एप का संचालन करते थे। मगर कर्ज के जाल में फंस कर कई लोगों द्वारा खुदकुशी करने के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने चीनी ऋण एप के खिलाफ कार्रवाई की और सरकार ने ऐसे कई एप को प्रतिबंधित कर दिया। ठगों के काम करने के तरीके के बारे में ईओडब्ल्यू ने बताया कि चित्रवेल उस गिरोह की निगरानी करता था जो पीड़ितों को धमकाते थे और उनकी अश्लील तस्वीरें बनाकर उनके परिवार के सदस्यों को भेजते थे। ऋण एप के प्रतिबंधित किए जाने के बाद उन्होंने पोंजी, ऑनलाइन सट्टा और अन्य एप का संचालन करना शुरू कर दिया। ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच में पाया कि वे नए निवेशकों को लुभाने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन में जानी-मानी शख्सियतों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उनका इस्तेमाल करते थे। कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने चीन में सॉफ्टवेयर बनाया लेकिन इसे भारत में अपलोड किया ताकि इसे भारतीय एप के तौर पर पेश किया जा सके। ईओडब्ल्यू ने कहा कि इस धोखाधड़ी के जरिए धन को भारत से चीन भेजा जा रहा था।

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