ट्रेन पर पथराव की बढ़ती घटनाओं के बीच कांग्रेस ने केरल में रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा पर सवाल उठाया
कासरगोड/तिरुवनंतपुरम. केरल में विपक्षी कांग्रेस ने ट्रेन पर पथराव की बढ़ती घटनाओं को लेकर रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा पर मंगलवार को सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने ट्रेन पर पथराव की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जबकि कासरगोड जिले में होसदुर्ग पुलिस ने रेल की पटरियों के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे तकरीबन 50 लोगों को हिरासत में लिया है। उत्तरी केरल के जिले में सोमवार को राजधानी एक्सप्रेस पर उस समय पथराव किया गया जब यह काजनगाड़ और निलेश्वर के बीच थी। बाद में दूसरी घटना मलप्पुरम जिले में हुई जहां शाम को पांच बजकर करीब 10 मिनट पर वंदे भारत ट्रेन पर तब पत्थर फेंके गए जब यह तनूर और तिरुर के बीच थी। दूसरी घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद के. मुरलीधरन ने कहा कि उनकी पुत्रवधू और बच्चा उस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से कहा, “ अगर यही स्थिति रही तो लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ ट्रेन में यात्रा करने की हिम्मत कैसे करेंगे? जब मुख्यमंत्री ट्रेन से यात्रा करते हैं तो निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है।” सांसद ने कहा, “ ट्रेन पर पत्थर फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अफसोस की बात है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो ट्रेन से यात्रा करना पूरी तरह से असुरक्षित हो जाएगा।” केरल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार को ऐसी गतिविधियां रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। मुरलीधरन ने कहा, “ मुख्यमंत्री को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करने चाहिए। जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और कानून के समक्ष लाना चाहिए।” वहीं कासरगोड में पुलिस अधिकारियों ने सुबह में काजनगाड़ के पास रेल की पटरियों का मुआयना किया। जिला प्रशासन ने एक बयान में बताया कि निरीक्षण के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। बयान में कहा गया है कि होसदुर्ग पुलिस ने रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है जिसके तहत अधिकतम सज़ा 10 साल है। इसमें यह भी कहा गया कि पटरियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गुप्त निगरानी के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनात की गई है। ट्रेन पर पथराव की घटनाएं 13 अगस्त को भी सामने आई थी जब कन्नूर जिले में बदमाशों ने मंगलुरु-चेन्नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन और नेत्रवती एक्सप्रेस पर हमला किया था। इसके बाद 16 अगस्त को वंदे भारत एक्सप्रेस पर भी पथराव किया गया था। इससे पहले, मई में कई बार वंदे भारत ट्रेन पर पथराव की घटनाएं हुई हैं। केरल में अप्रैल में इस ट्रेन को शुरू किया गया था।
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