वायुसेना प्रमुख ने एलसीए परियोजना की समीक्षा की
नयी दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने हलके लड़ाकू विमान (एलसीए) परियोजना की समीक्षा की है। उनका यह कदम ऐसे समय आया है जब भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को स्वदेशी रूप से विकसित लड़ाकू विमान के एमके-1ए संस्करण की आपूर्ति अगले साल फरवरी में शुरू होने वाली है। उन्होंने इस परियोजना को एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का “ध्वजवाहक” बताया और इससे सीखे गए सबक को भविष्य की रक्षा परियोजनाओं में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वायुसेना ने कहा कि वायुसेना प्रमुख ने मंगलवार को वायुसेना मुख्यालय में एलसीए तेजस परियोजना की समीक्षा की। फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट की खरीद के लिए सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। अधिकारियों के अनुसार, जेट का नया संस्करण दृश्य सीमा से परे मिसाइलों सहित कई हथियारों के साथ वार करने में सक्षम होगा। आईएएफ के अनुसार, वायुसेना प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना की प्रकृति को देखते हुए यह आवश्यक है कि सभी हितधारक इसकी सफलता के लिए एक सहयोगी दृष्टिकोण अपनाएं। आईएएफ ने एक बयान में कहा कि एलसीए कार्यक्रम देश की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल का “अग्रदूत” रहा है। भारतीय वायुसेना ने शुरुआती संस्करण के लगभग 40 एलसीए तेजस को पहले ही शामिल कर लिया है।
समीक्षा के दौरान रक्षा मंत्रालय, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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