मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल में रोजगार बढ़े : जितेंद्र सिंह
नयी दिल्ली । केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले नौ साल के कार्यकाल में रोजगार बढ़े हैं और इस दौरान देश के युवाओं को नौ लाख नौकरियां दी गईं। उन्होंने यहां रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
सिंह ने मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘न केवल नौकरियां पैदा हुई हैं, बल्कि आपने (प्रधानमंत्री) युवाओं में जागरूकता पैदा की है कि रोजगार केवल सरकारी नौकरियों के बारे में नहीं है।’’उन्होंने कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) और भाजपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान हुए रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कई बार सवाल उठते हैं कि तब और अब में क्या अंतर है।’’
सिंह ने कहा कि संप्रग के पहले नौ साल यानी 2004 से 2013 के दौरान छह लाख नौकरियां दी गईं जबकि वर्तमान सरकार के तहत नौ लाख नौकरियां दी गई हैं जो 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि है।उन्होंने संप्रग और राजग शासन के दौरान भारत सरकार की तीन मुख्य भर्ती एजेंसियों – कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा की गई भर्तियों की तुलना की।उन्होंने कहा कि एसएससी ने संप्रग के नौ साल के शासन के दौरान दो लाख लोगों की भर्ती की थी जबकि राजग के शासनकाल में उसने चार लाख से अधिक लोगों की भर्ती की।सिंह ने कहा कि इसी तरह, आरआरबी द्वारा संप्रग के शासन के दौरान 3,47,291 भर्तियों के मुकाबले, राजग के शासन में 4.2 लाख से अधिक भर्तियां की गईं। सिंह ने कहा कि यूपीएससी ने संप्रग के कार्यकाल में 45,431 युवाओं की भर्ती की जबकि वर्तमान सरकार के नौ साल के कार्यकाल में 50,906 युवाओं की भर्ती की गई।सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी दी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारियों के लिए संप्रग शासन के नौ वर्षों में संयुक्त सचिव स्तर पर 40 पदोन्नतियां दी गईं जबकि, आपके (मोदी के) नेतृत्व में इस तरह की 107 पदोन्नतियां दी गई हैं।’’केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी तरह निदेशक स्तर पर संप्रग शासन के दौरान 349 पदोन्नतियों की तुलना में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 791 पदोन्नतियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी पदोन्नतियों ने रोजगार सृजन की संभावनाओं को और खोल दिया है। यह भ्रष्टाचार के प्रति सरकार के ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ (जीरो टॉलरेंस) के निरंतर दृष्टिकोण के कारण संभव हुआ है, जिसने सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।’’

.jpg)

.jpg)





.jpg)
Leave A Comment