प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सतत संचालित रखने निर्देश
रायपुर,। प्राथमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में सुधार करना और उनके पोषण स्तर को बढ़ाना था। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सुचारु संचालन के संबंध में समस्त जिलों को मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
राज्य शासन के संज्ञान में आने के फलस्वरूप योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोईया विगत 28 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कुछ शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पुनः अवलोकन करते हुए कलेक्टरों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में शालेय दिवसों में मध्यान्ह भोजन का संचालन अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। रसोईयों की हड़ताल, अस्वस्थता अथवा किसी अन्य विवाद की स्थिति में मध्यान्ह भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था करना संचालनकर्ता समूहों की अनिवार्य जिम्मेदारी होगी।
यदि किसी शाला में रसोईया की अनुपस्थिति के कारण मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित रसोईया के साथ-साथ संचालनकर्ता समूहों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें कार्य से हटाए जाने, कुर्की कास्ट में कटौती तथा रसोईया के मानदेय में कटौती जैसी कार्यवाही शामिल है।
सभी कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे अपने जिले में निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे।

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