केरल सरकार स्वास्थ्य पेशेवरों एवं अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अध्यादेश जारी करेगी''
तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों एवं अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की खातिर कानून में संशोधन के लिए एक अध्यादेश जारी करेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसकी जानकारी दी। प्रदेश के कोल्लम जिले के एक अस्पताल में उपचार के लिए लाए गए एक व्यक्ति द्वारा 23 वर्षीय चिकित्सक वंदना दास की हत्या के मद्देनजर केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने यह घोषणा की। गौरतलब है कि इस हत्या का डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा व्यापक विरोध किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली कैबिनेट बैठक में अध्यादेश पेश किया जाएगा।
अध्यादेश जारी करने के अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों में पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी। इससे पहले, केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (केजीएमओए) ने राज्य सरकार को अस्पतालों और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कई उपाय सुझाए। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में, केजीएमओए ने हत्या के मद्देनजर सरकार द्वारा तत्काल विचार के लिए उपायों की एक सूची पेश की। सुझावों में, स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केरल स्वास्थ्य देखभाल सेवा (हिंसा और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) अधिनियम 2012 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश जारी करना शामिल है। संगठन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने और पूर्व सैनिकों की तैनाती करने का भी सुझाव दिया है ।
इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने मरीज द्वारा डॉक्टर की हत्या को ‘‘व्यवस्थागत नाकामी'' का नतीजा करार दिया और कहा कि इसे इक्का-दुक्का मामले की तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की एक विशेष पीठ ने राज्य के पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया कि वह ‘‘सुनिश्चित करें कि कानूनी रूप से संभव तरीके से सभी अस्पतालों को सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।'' file photo

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