कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के टॉपर्स को ई-स्कूटर देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी
भोपाल,। मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद ने बुधवार को सरकारी स्कूलों में 12वीं की परीक्षा में अव्वल आने वाले लड़के-लड़कियों को ई-स्कूटर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि प्रदेश की भाजपा नीत सरकार का फैसला इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आया है। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ''फर्जी घोषणाओं का उस्ताद'' करार दिया। चौहान नीत मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के वास्ते छात्रवृत्ति के लिए परिवार की आय सीमा छह लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये सालाना करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने प्रत्येक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों (पुरुष और महिला श्रेणी दोनों) को एक-एक ई-स्कूटर देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से करीब नौ हजार विद्यार्थियों को लाभ होगा।
मिश्रा ने कहा कि इसके क्रियान्वयन के लिए 2023-24 के बजट में 135 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में ई-स्कूटर उपलब्ध नहीं है वहां पेट्रोल से चलने वाला स्कूटर उपलब्ध कराया जाएगा। यदि एक से अधिक छात्र किसी स्कूल में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हैं तो उन सभी को ई-स्कूटर दिया जाएगा। उनके अनुसार मंत्रिपरिषद ने बुधवार को राज्य की सहकारिता नीति 2023 को भी मंजूरी दे दी।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, ‘‘शिवराज जी झूठी घोषणाओं के उस्ताद हैं, स्कूटर के बाद दूसरी बार हेलीकॉप्टर देने की घोषणा करेंगे।'

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