भारत ने जलवायु अवलोकन के लिए जी20 उपग्रह का प्रस्ताव किया
नयी दिल्ली. भारत ने ग्लोबल साउथ देशों की मदद करने के उद्देश्य से पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए जी20 उपग्रह मिशन का शनिवार को प्रस्ताव किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र ‘भारत मंडपम' में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सहित वैश्विक नेताओं की उपस्थिति में यह सुझाव दिया। मोदी ने कहा कि जी20 उपग्रह मिशन भारत के सफल चंद्रयान मिशन से प्राप्त आंकड़ों की तरह ही पूरी मानवता के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ, भारत 'पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए जी20 उपग्रह मिशन' की शुरुआत करने का प्रस्ताव कर रहा है। ‘जी20 लीडर्स समिट' (जी 20 नेताओं के शिखर सम्मेलन) के एक सत्र में मोदी ने कहा, ‘‘इससे प्राप्त जलवायु और मौसम संबंधी आंकड़े सभी देशों, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझा किए जाएंगे। भारत सभी जी-20 देशों को इस पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है।'' ‘ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल अक्सर विकासशील और अल्प विकसित देशों के लिये किया जाता है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका , एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं। जी20 नेताओं ने 23 अगस्त को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के लिए भारत को बधाई भी दी।
जी20 शिखर सम्मेलन में अंगीकार किए गए नयी दिल्ली घोषणापत्र में कहा गया, “पहले के वैश्विक संकटों को रोकने के लिए अपने सामूहिक कार्यों को याद करते हुए, हम दुनिया को उसकी वर्तमान चुनौतियों से बाहर निकालने तथा अपने लोगों और ग्रह के वास्ते एक सुरक्षित, मजबूत, अधिक लचीले, समावेशी और स्वस्थ भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।










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