सेना प्रमुख ने हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता के लिए ‘समन्वित प्रयास' का आह्वान किया
नयी दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बुधवार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने आने वाली बहुमुखी चुनौतियों का सामना करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों द्वारा मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में ‘समन्वित प्रयास' की अवधारणा को अपनाने का आह्वान किया। हिंद-प्रशांत सेना प्रमुख सम्मेलन (आईपीएसीसी) के समापन सत्र में एक संबोधन में उन्होंने कहा कि चुनौतियों के समाधान के लिए रचनात्मकता, नवाचार, लचीलेपन और समावेशी सहयोग की आवश्यकता होती है। भारतीय सेना ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक आम रणनीति विकसित करने के वास्ते दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी की। इसमें 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 15 सेनाओं के प्रमुख भी शामिल थे। जनरल पांडे ने कहा, “विभिन्न मुद्दों पर हमारे द्वारा हासिल की गई आम समझ को अब भविष्य में हमारी समग्र कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। एकजुटता की इसी भावना के तहत, मैं हममें से प्रत्येक से ‘समन्वित प्रयास' की अवधारणा को अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने का आग्रह करता हूं।” उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता अमूर्त आदर्श नहीं हैं और ये वह नींव हैं जिस पर लाखों लोगों के सपने और आकांक्षाएं टिकी हैं। जनरल पांडे ने कहा कि भारतीय सेना इन आदर्शों के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “मैं उस ‘भरोसेमंद पहलू' को स्वीकार करना और उसकी सराहना करना चाहता हूं जिसे आप सभी ने हमारे विचार-विमर्श के दौरान बढ़ावा दिया और बनाने में मदद की।”

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