एफएसएसएआई ने कहा, दूध, दुग्ध उत्पादों में प्रोटीन बाइंडर्स मिलाने की अनुमति नहीं
नयी दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि दूध और दुग्ध उत्पादों में ‘प्रोटीन बाइंडर्स' मिलाने की अनुमति नहीं है। एफएसएसएआई ने कहा कि ‘बाइंडिंग एजेंट' नए खाद्य उत्पादों, विशेष रूप से अर्ध-ठोस या ठोस खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत श्रृंखला के निर्माण के लिए सामग्री के एक आवश्यक वर्ग के रूप में उभरे हैं। एफएसएसएआई ने बयान में कहा, ‘‘हालांकि, ऐसा अनुप्रयोग प्रोटीन की पाचनशक्ति को प्रभावित करने के लिए जाना जाता है और इस प्रकार दूध प्रोटीन के जैविक और पोषक मूल्य को प्रभावित कर सकता है।'' एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि दूध और दूध उत्पादों में केवल उन्हीं एडिटिव्स का उपयोग किया जा सकता है जो खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियमन, 2011 के परिशिष्ट ए में ऐसे उत्पादों के लिए निर्दिष्ट हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘लगभग हर डेयरी उत्पाद में अद्वितीय और अच्छी तरह से स्वीकृत बनावट और अन्य संवेदी विशेषताएं होती हैं। इसलिए, दूध और दुध उत्पादों में प्रोटीन बाइंडर्स जैसी किसी भी बाध्यकारी सामग्री को जोड़ने से बनावट या संवेदी मापदंडों को संशोधित करने की आवश्यकता नहीं होती है।










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