सेना के एलसीएच प्रचंड से 70 मिमी रॉकेट की पहली फायरिंग
नयी दिल्ली. भारतीय सेना के हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) 'प्रचंड' ने सोमवार को दिन और रात दोनों स्थितियों में 70 मिमी रॉकेट दागने को कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्य असम में लिकाबाली के पास एक फायरिंग रेंज में किया गया।
सेना ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर-एलसीएच प्रचंड की 70 मिमी रॉकेट और 20 मिमी बुर्ज गन की पहली फायरिंग को दिन और रात दोनों स्थितियों में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।'' इसने कहा, " सैन्य उड्डयन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके सूरी ने एलसीएच स्क्वाड्रन की आयुध क्षमता के वास्तविक समय सत्यापन के लिए तीन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के प्रमुख हेलीकॉप्टर से गोलाबारी देखी।" हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित 5.8 टन का दो इंजन वाला एलसीएच विभिन्न हथियार प्रणालियों से लैस है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन और अन्य आयुधों को नष्ट करने में सक्षम है। हेलीकॉप्टर में दुश्मन की नजर में न आने की आधुनिक विशेषताएं, मजबूत कवच सुरक्षा और दुर्जेय रात्रि हमले की क्षमता है, तथा यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में भी काम करने में पूरी तरह सक्षम है। हेलीकॉप्टर को जंगलों और शहरी परिवेश में उग्रवाद रोधी अभियानों के साथ-साथ जमीनी बलों के समर्थन के लिए भी तैनात किया जा सकता है। इसका उपयोग धीमी गति से चलने वाले विमानों और शत्रु के दूर से संचालित विमानों के खिलाफ भी किया जा सकता है। एलसीएच प्रचंड को पिछले साल की दूसरी छमाही में थलसेना और वायुसेना में शामिल किया गया था।










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