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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लेकर आई है, जिसके तहत हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में समर्पित नियंत्रण कक्ष होगा तथा ये आपात प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 112 से जुड़े होंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि ‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंम्यूटिंग' (सी-डैक) से नियंत्रण कक्ष स्थापित करने में जरूरी तकनीकी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगा। इन नियंत्रण कक्ष में चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन एकसाथ होंगी ताकि महिलाओं और बच्चों से संबंधित फोन कॉल पर एक ही स्थान से कदम उठाया जा सके। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत हेल्पलाइन संचालक विधि, सामाजिक कार्य, समाज शास्त्र, सामाजिक विज्ञान और मनोविज्ञान में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर होगा तथा प्रशासनिक व्यवस्था या फिर गैर सरकारी कार्यक्रमों का उसके पास कम से कम पांच साल का अनुभव होगा।
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बड़वानी . मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में सोमवार को एक झोपडी़ में आग लगने से तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने बताया कि यह घटना मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर पाटी पुलिस थानांतर्गत बोरकुंड ग्राम में हुई और इस घटना में चार बकरियां और एक बैल भी जल गये। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान तीन सगे भाइयों- मुकेश (10), राकेश (आठ) और आकेश (छह) के रूप में की गई है। गहलोत ने बताया कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता घर के पास कुआं खोद रहे थे। उन्होंने कहा कि धुएं का गुबार उठता देख माता-पिता झोपड़ी के पास पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी झोपड़ी आग की लपटों से घिर चुकी थी। गहलोत ने बताया कि माता-पिता ने आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीनों बच्चों की झुलसकर मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस को आशंका है कि चूल्हे की अंगार से झोपड़ी में आग लगी होगी। वहीं, जिलाधिकारी राहुल हरिदास फटिंग ने मृतकों के परिजन को कुल 12 लाख रूपये की सहायता राशि की घोषणा की है।
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अकोला . महाराष्ट्र के अकोला जिले में तेज हवा और बारिश के कारण एक मंदिर परिसर में टिन के शेड पर पेड़ गिरने से, उसके नीचे खड़े सात लोगों की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अकोला की कलेक्टर नीमा अरोड़ा ने बताया कि घटना रविवार को शाम करीब साढ़े सात बजे बालापुर तालुका के अंतर्गत पारस गांव में स्थित बाबूजी महाराज मंदिर में हुई, जब लोग वहां ‘महा आरती' के लिए एकत्रित हुए थे। राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को लेकर दुख जताया और इसे ‘‘बेहद गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण'' करार दिया। फडणवीस ने कहा कि सात लोगों की मौत हुई है और 37 अन्य घायल हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घटना के संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।
जिले के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को सरकार के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण करीब 100 साल पुराना पेड़ टिन के शेड पर गिर गया। घटना के वक्त शेड के नीचे लगभग 40 लोग मौजूद थे। प्रशासन ने बताया कि पांच पुरूषों और दो महिलाओं की मौत हो गई तथा 37 अन्य घायल हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। जिला प्रशासन ने बताया कि घायलों को अकोला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि घटना में मारी गई दो महिलाओं की उम्र 50 साल और 55 साल थी जो जलगांव और बुलढाणा से थीं। विज्ञप्ति के अनुसार, मारे गए पांच पुरूषों में से दो की उम्र 55 और 35 वर्ष थी जो अकोला के ही निवासी थे। अन्य की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। उप मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक ट्वीट में घटना को लेकर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार की ओर से और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का फैसला किया है। फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि घटना ‘‘बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण'' है और उन्होंने इस संबंध में जांच के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दी जाएगी। सरकार ने राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश से हुई क्षति के लिए ‘पंचनामा' (घटनास्थल पर जांच) के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें नुकसान का प्राथमिक आकलन मिल गया है और अंतिम आकलन की प्रक्रिया जारी है। -
नयी दिल्ली. कोविड काल के बाद घर खरीद में भारी उछाल देखते हुए रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी एनारॉक ने कहा है कि सात प्रमुख शहरों में बिल्डरों के पास खाली पड़े (अनसोल्ड) घरों की संख्या पिछले पांच साल में 12 प्रतिशत घट गई है। अब इन खाली घरों को निकालने में 20 माह ही लगेंगे। खाली घरों को निकालने या बेचने के लिए पहले इससे दोगुना समय लगने का अनुमान था। एनारॉक ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा कि खाली पड़े मकानों का आंकड़ा 31 मार्च, 2018 में 7,13,400 इकाई से 12 प्रतिशत गिरकर इस साल जनवरी-मार्च तक 6,26,750 इकाई पर आ गया है। एनारॉक ने कहा कि डेवलपर्स को बिक्री की मौजूदा गति से खाली पड़े मकानों को निकालने का अनुमानित समय मार्च, 2018 के 42 से घटकर अब 20 महीने रह गया है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने बिना बिके मकानों की संख्या कम होने की वजह घरों की बिक्री में उछाल है। इस साल की पहली तिमाही में शीर्ष सात शहरों में आवास बिक्री रिकॉर्ड 1.14 लाख इकाई रही। -
बडगाम (जम्मू कश्मीर). केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि फर्जी और झूठी खबरों की पहचान से संबंधित नियमों में संशोधन परामर्श प्रक्रिया के तहत है लेकिन इन्हें लागू करने से पहले काफी विचार-विमर्श की जरूरत है। कानूनी सहायता कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम पूरी चुनाव प्रक्रिया में कुछ खास संशोधन करने पर विचार कर रहे हैं। मैं कोई वादा नहीं कर सकता क्योंकि यह परामर्श प्रक्रिया है जो जारी है। इसलिए फर्जी खबरें, झूठी खबरें और तथ्यों के साथ छेड़छाड़..ये सभी महत्वपूर्ण बातें हैं जिन पर काफी चर्चा की जरूरत है। हम वह कर रहे हैं।'' इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया नैतिक संहिता) संशोधन नियमावली 2023 अधिसूचित की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने के लिए विपक्ष में एकता संबंधी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आह्वान पर केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने कहा कि यह बस सत्तारूढ़ दल की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह दर्शाता है कि भाजपा बहुत मजबूत है।'' जब उनसे पूछा गया कि जम्मू कश्मीर में चुनाव कब होंगे, रीजीजू ने कहा, ‘‘यहां तारीखों को लेकर मैं कुछ नहीं बता सकता। क्योंकि मैं कानून एवं न्याय मंत्री हूं। इसलिए मैं यहां कोई घोषणा नहीं कर सकता। चुनाव की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। -
बहराइच (उप्र) .यहां के कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य में वन विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से चलाई जा रही ‘‘मोगली पाठशाला'' जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में रहने वाले बच्चों की जिंदगी में तालीम की रोशनी ला रही है। अपनी तरह की इस अनूठी पाठशाला में बच्चों को प्रोजेक्टर, लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल, टीवी स्क्रीन वगैरह पर दिलचस्प एवं मनोरंजक ढंग से आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। साथ ही उनकी निरंतर काउंसिलिंग कर उन्हें सामान्य शिक्षा के साथ जंगल एवं प्रकृति के महत्व, जंगल से उनके रिश्ते तथा जानवरों के बारे में बताते हुए जंगल से दोस्ती का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
रुडयार्ड किपलिंग के उपन्यास ‘‘द जंगल बुक'' का पात्र ‘‘मोगली'' जब 1990 के दशक में जापानी टीवी एनीमेशन सीरीज ‘‘द जंगल बुक शोनेन मोगली'' में जीवंत होकर उभरा तो उसका किरदार लोगों में खूब मशहूर हुआ था। इस अनूठी पाठशाला के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) आकाशदीप बधावन ने रविवार को बताया, ‘‘वन्य क्षेत्रों और उसके आस-पास बहुत से समुदाय रहते हैं जिनका जीवन जंगल पर निर्भर है और ये कहीं न कहीं हाशिए पर रह रहे समाज से आते हैं। अभयारण्य के मोतीपुर और बर्दिया क्षेत्र में संचालित दो मोगली स्कूलों में इन इलाकों के करीब 350 बच्चे अध्ययनरत हैं। अभी हम इसे एक ट्यूशन सेंटर की तरह संचालित कर रहे हैं। फिर भी हमारे यहां मोतीपुर में लगभग 150 और बर्दिया में करीब 200 बच्चे पढ़ने आते हैं।'' उन्होंने बताया, ‘‘जंगल से सटे रिहायशी इलाकों के ये बच्चे कभी लकड़ी बीनने तो कभी खेल-खेल में घने जंगल में चले जाते थे। कभी कभार इनका खतरनाक वन्यजीवों से सामना होता था। अब मोगली स्कूल में जाने वाले बच्चे इन सबसे बचे हुए हैं। बच्चों के माता-पिता भी जागरूक हो रहे हैं और उनका भी हमें खूब समर्थन मिल रहा है।'' बधावन कहते हैं, ‘‘यहां इंसान और जंगली जानवरों के बीच टकराव आम बात है। खासकर ‘मानव बनाम तेंदुए' का संघर्ष। अक्सर हम तेंदुए को बचाने आते हैं। इसी हफ्ते तेंदुए के हमलों में आठ लोग घायल हुए। हमने बृहस्पतिवार को तेंदुए को बेहोश कर उसे बचाया। इससे पहले तेंदुओं द्वारा बच्चों को मारे जाने की घटनाएं हुई थीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए स्थानीय निवासियों को जागरूक करना और उनका समर्थन पाना जरूरी है। हम जानवरों को कहीं और नहीं ले जा सकते, रास्ते भी नहीं बंद नहीं किए जा सकते। लेकिन उन्हें जागरूक करने और उनमें भरोसा जगाने के लिए हमने जो गतिविधियां शुरू की हैं उन्हीं में से एक है मोगली स्कूल को और विस्तार देना और उसे बेहतर बनाना है।'' डीएफओ ने बताया कि इन स्कूलों के संचालन में ‘दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन' ने काफी मदद की है। इसके अलावा नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से जुड़ी हरियाणा की ‘जीवम फाउंडेशन' ने इस स्कूल के लिए ‘‘अपनी पाठशाला'' नामक अपनी परियोजना के तहत 10 लैपटॉप दिए हैं। उन्होंने बताया कि पाठशाला के लिए सामाजिक संगठनों के साथ साथ व्हाट्सऐप ग्रुप पर दोस्तों से भी किताबें एवं अन्य पठन पाठन तथा खेल सामग्री की मदद ली गयी है। शिक्षकों के रूप में वन कर्मी, पशु चिकित्सक, विशेष बाघ संरक्षण बल (एसटीपीएफ) के जवान, प्रांतीय सशस्त्र सीमा बल (पीएसी) के जवान और विभाग के तमाम लोग अपनी सेवाएं देते हैं। बधावन कहते हैं, ‘‘पहले तो यह एक छोटा सा प्रयास था लेकिन बाद में लोग जुड़ते गए, कारवां बनता गया।''
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र निदेशक बी. प्रभाकर ने कहा, ‘‘मोगली स्कूलों को और अधिक से अधिक संसाधन देने की कोशिशें जारी हैं। इन स्कूलों को हम जितना सफल बना सकेंगे, यहां के बच्चे उतना शिक्षा के साथ जंगल को भी समझेंगे। आगे चलकर यही बच्चे जंगल के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगे। - अकोला (महाराष्ट्र) ।महाराष्ट्र के अकोला जिले में तेज हवा और बारिश के कारण एक मंदिर परिसर में टिन के शेड पर पेड़ गिरने से, उसके नीचे खड़े सात लोगों की मौत हो गई और 37 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अकोला की कलेक्टर नीमा अरोड़ा ने बताया कि घटना रविवार को शाम करीब साढ़े सात बजे बालापुर तालुका के अंतर्गत पारस गांव में स्थित बाबूजी महाराज मंदिर में हुई, जब लोग वहां ‘महा आरती’ के लिए एकत्रित हुए थे।राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को लेकर दुख जताया और इसे ‘‘बेहद गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया। फडणवीस ने कहा कि सात लोगों की मौत हुई है और 37 अन्य घायल हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घटना के संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।जिले के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को सरकार के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।जिला प्रशासन ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण करीब 100 साल पुराना पेड़ टिन के शेड पर गिर गया। घटना के वक्त शेड के नीचे लगभग 40 लोग मौजूद थे।प्रशासन ने बताया कि पांच पुरूषों और दो महिलाओं की मौत हो गई तथा 37 अन्य घायल हो गए।एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।जिला प्रशासन ने बताया कि घायलों को अकोला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जिला प्रशासन ने बताया कि घटना में मारी गई दो महिलाओं की उम्र 50 साल और 55 साल थी जो जलगांव और बुलढाणा से थीं।विज्ञप्ति के अनुसार, मारे गए पांच पुरूषों में से दो की उम्र 55 और 35 वर्ष थी जो अकोला के ही निवासी थे। अन्य की अब तक पहचान नहीं हो पाई है।उप मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक ट्वीट में घटना को लेकर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सरकार की ओर से और मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का फैसला किया है।फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि घटना ‘‘बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण’’ है और उन्होंने इस संबंध में जांच के लिए निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दी जाएगी।सरकार ने राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश से हुई क्षति के लिए ‘पंचनामा’ (घटनास्थल पर जांच) के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें नुकसान का प्राथमिक आकलन मिल गया है और अंतिम आकलन की प्रक्रिया जारी है।’’
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नयी दिल्ली. विद्यार्थियों के आग्रह के बाद साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) के वास्ते आवेदन की खिड़की तीन दिन के लिए फिर से खोली गई है। इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की ओर से पाठ्यपुस्तकों को युक्तिसंगत बनाने के लिए उनमें किए गए बदलावों के बावजूद परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम में परिवर्तन नहीं होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमुख जगदीश कुमार ने कहा, “कई विद्यार्थियों के अनुरोध के बाद हमने रविवार, सोमवार और मंगलवार को सीयूईटी-यूजी के लिए आवेदन पोर्टल को फिर से खोलने का फैसला किया है। यह पोर्टल मंगलवार (11 अप्रैल 2023) को रात 11.59 बजे बंद हो जाएगा।” सीयूईटी-यूजी के लिए तकरीबन 14 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल से 41 प्रतिशत अधिक है। एनसीईआरटी की पुस्तकों को युक्तिसंगत बनाए जाने के बाद स्नातक प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी इस बात को लेकर भ्रमित थे कि क्या परीक्षा के लिए भी पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अधिसूचित पाठ्यक्रम वही रहेगा, क्योंकि परीक्षा किसी विशेष बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए नहीं है। सभी बोर्ड ने सामग्री को युक्तिसंगत नहीं बनाया है।” मालूम हो कि सीयूईटी-यूजी परीक्षा आवेदन की संख्या के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट-यूजी) भारत में सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है। इसमें हर साल औसतन 18 लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। पहले, सीयूईटी-यूजी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च थी। वहीं, परीक्षा 21 से 31 मई तक आयोजित की जानी है।
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हावड़ा. जाने-माने फ्रांसीसी लेखक डॉमिनिक लैपियर के निधन के लगभग चार महीने बाद उनके भारतीय मित्र पिलखाना निवासी रेजिनाल्ड जॉन भी उनके पीछे हो लिए हैं। जॉन ने झुग्गी-बस्ती में रहने वालों के जीवन को समझने में लैपियर की मदद की थी, और फ्रांसीसी लेखक ने अपनी पुस्तक ‘सिटी ऑफ जॉय' में इसका विविध चित्रण किया था। पहले लैपियर और अब जॉन के दुनिया छोड़ने को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पिलखाना के लोगों के प्रति उनके प्यार और दया के युग का अंत हो गया है। किसी समय मुंबई के धारावी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी झुग्गी माने जाने वाले पिलखाना के निवासियों के बीच अपनी सामाजिक सेवाओं के लिए ‘जॉन सर' और ‘बड़े भाई' जैसे उपनाम से मशहूर जॉन ने ऐसे समय में अंतिम सांस ली, जब हावड़ा में रामनवमी के जुलूस के दौरान सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं हैं। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) चलाने वाले जॉन कैंसर से पीड़ित थे। उनका 29 मार्च को 70 साल की उम्र में निधन हो गया। हावड़ा रेलवे स्टेशन से लगभग तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित पिलखाना के निवासी मोहम्मद एजाज ने कहा, “बड़े भाई (जॉन), लैपियर और फ्रांसीसी पादरी फ्रांकोइस लाबोर्डे द्वारा दिखाए गए प्यार, शांति और दया के स्थान पर अब हमारा शहर दो समूहों (हिंदू-मुस्लिम) के बीच संघर्ष और नफरत का अनुभव कर रहा है।'' एक वकील और एक स्थानीय कल्याण संगठन ‘सेवा संघ समिति' के अध्यक्ष सुरजीत बशिष्ठ ने कहा कि पिलखाना ने कभी इस तरह की हिंसा नहीं देखी थी। जॉन सेवा संघ समिति के सीईओ के रूप में जुड़े हुए थे।
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अयोध्या. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे राम मंदिर में दर्शन के लिए रविवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। शिंदे ने अयोध्या रवाना होने से पहले लखनऊ में संवाददाताओं से कहा, “मैं भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या जा रहा हूं। हमारे पास भगवान राम का आशीर्वाद है, इसलिए धनुष-बाण (शिवसेना का चुनाव चिन्ह) हमारे साथ है।” शिंदे अयोध्या के राम कथा हेलीपैड पहुंचे। वह राम मंदिर में महाआरती में शामिल होंगे। इसके अलावा, मंदिर के निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे, संतों से मिलेंगे और सरयू नदी तट पर शाम की महाआरती में हिस्सा लेंगे। शिंदे के साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी अयोध्या पहुंचे। पिछले साल जून में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद यह शिंदे की पहली अयोध्या यात्रा है। इस बीच, शिवसेना के हजारों कार्यकर्ता भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। साथ ही महाराष्ट्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के ठहरने के लिए नगर के लगभग सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं बुक कर ली गई हैं। इससे पहले, शिंदे ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने से लगभग एक साल पहले 25 नवंबर 2018 को शिवसेना नेता के रूप में अयोध्या का दौरा किया था। वह मार्च 2020 में और पिछले साल जून में भी अयोध्या पहुंचे थे। शिंदे ने शनिवार को सिलसिलेवार ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए भव्य स्वागत पर खुशी जाहिर की और कहा कि उनका उत्साह दोगुना हो गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या के अपने दौरे के बारे में बात करते हुए शिंदे ने कहा कि वह यहां के माहौल को देखकर खुश और संतुष्ट हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित मंत्रियों का आभार व्यक्त किया। - नयी दिल्ली । दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के 699 नये मामले सामने आए और संक्रमण दर 21.15 प्रतिशत रही। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से साझा किये गये आंकड़ों से यह जानकारी मिली। शहर में कोविड-19 से पीड़ित चार लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य बुलेटिन में, हालांकि कहा गया है कि केवल एक मामले में ही कोविड-19 मृत्यु का प्राथमिक कारण था। बुलेटिन में कहा गया कि नये मामलों के साथ, दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20,14,637 हो गई है, जबकि मरने वालों की संख्या 26,540 हो गयी है। दिल्ली में शनिवार को 23.05 प्रतिशत की संक्रमण दर के साथ कोविड-19 के 535 नये मामले सामने आये थे।राजधानी में शुक्रवार को 733 नये मामले दर्ज किये गये थे, जो 19.93 प्रतिशत की संक्रमण दर से पिछले सात महीने से अधिक समय में एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा था। बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली में कोविड-19 के 3,305 नमूनों की जांच की गयी।देश में इन्फ्लुएंजा एच3एन2 के मामलों में तेज वृद्धि के बीच पिछले एक पखवाड़े में दिल्ली में नये कोविड मामलों की संख्या में तेजी देखी गई है। महामारी के प्रकोप के बाद पहली बार 16 जनवरी को कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या शून्य हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को बताया कि शहर के समर्पित कोविड अस्पतालों में 7,989 बिस्तरों में से 136 भरे हुए हैं, जबकि 1,634 मरीज पृथक-वास में हैं। वर्तमान में 2,460 मरीज उपचाराधीन हैं।
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नई दिल्ली। कोविड संक्रमण से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 10 अप्रैल से देशभर में सभी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर दो दिन तक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मॉक ड्रिल देखने के लिए सोमवार को हरियाणा के झज्जर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जाएंगे और कोविड रोगियों के इलाज से संबंधित तैयारियों को देखेंगे।
डॉ. मांडविया ने शुक्रवार को राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण बढने के मद्देनजर कोविड प्रबंधन और टीकाकरण की प्रगति का आकलन किया था। केंद्रीय मंत्री ने बैठक के दौरान सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से सोमवार और मंगलवार को सभी अस्पतालों में मॉक ड्रिल करने को कहा था। - अयोध्या (उप्र) । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा।मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे शिंदे ने संवाददाता सम्मेलन में आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘आने वाले चुनाव में हमारी भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है। हमारा भाजपा के साथ गठबंधन है। हम अयोध्या से ऊर्जा लेकर जाएंगे और 2024 में शिवसेना भाजपा का भगवा महाराष्ट्र में पूरे बहुमत से लहराएगा।’शिंदे ने दावा किया कि अयोध्या और राम मंदिर शिवसेना तथा भाजपा के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है।’महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘कई लोगों को हिंदुत्व से एलर्जी रही है और अब भी हो रही है। कई लोग जानबूझकर हिंदुत्व का अपमान कर रहे थे जबकि हिंदू धर्म एक जीवन प्रणाली है जिसमें एक सहिष्णुता है लेकिन कई लोगों को लगता है कि हिंदुत्व अगर सभी के मन में बस जाएगा तो हमारी राजनीतिक दुकान बंद हो जाएगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसी डर की वजह से आजादी के बाद से कई लोगों ने लगातार ऐसी कोशिश की, लेकिन वर्ष 2014 में हिंदुत्व के विचार वाली सरकार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस देश में स्थापित हुई तब हिंदुत्व का जागरण हुआ। शिवसेना और भाजपा की विचारधारा एक ही है। कुछ लोग जानबूझकर गुमराह करने वाली बातें करते हैं लेकिन जनता समझदार है।’शिंदे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान राम ने जहां पिता को नहीं दिए गए वचन की लाज रखने के लिए बिना किसी आपत्ति के 14 वर्ष का वनवास भोग लिया वहीं, ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे की मंशा और इच्छा के विपरीत उन लोगों (कांग्रेस) के साथ मिलकर सत्ता के लालच में सरकार बना ली जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया था।उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2019 में महाराष्ट्र का जनादेश था कि राज्य में शिवसेना भाजपा गठबंधन की सरकार बने लेकिन स्वार्थ और कुर्सी के लालच में गलत कदम उठाया गया, लेकिन हम लोगों ने आठ-नौ महीने पहले उसे सुधार दिया।’शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधते हुए किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘मैं ऑफिस या घर में बैठकर आदेश देने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं। मैं फील्ड में जाकर काम करने वाला मुख्यमंत्री हूं।’अपनी अयोध्या यात्रा को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की टिप्पणी के बारे में पूछे गए एक सवाल पर शिंदे ने कहा, ‘अजित पवार को मुझे यही कहना है कि राम मंदिर लाखों-करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है। अगर आप उसे फालतूगीरी बोलते हो तो राम भक्त आपको आपकी जगह दिखा देंगे।’महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों से जुड़े एक सवाल पर शिंदे ने कहा, ‘उत्तर भारतीय और महाराष्ट्र कभी अलग नहीं रहे। वह हमारे साथ खड़े हैं कंधे से कंधा मिलाकर। जो उत्तर भारतीय कई सालों से वहां रह रहे हैं वे सभी महाराष्ट्रवासी हो गए हैं और उनको वे सभी सुविधाएं मिलती हैं जो मराठी लोगों को दी जाती हैं।’इससे पहले, शिंदे ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए, राम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन किया और हनुमानगढ़ी भी गए।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर हिंदुत्व का प्रतीक है और इसके साथ हमारी भावनाएं, श्रद्धा और अस्मिता भी जुड़ी है। अयोध्या में 500 साल के लंबे इंतजार के बाद राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हो रहा है। मंदिर निर्माण कार्य इतनी तेजी से पूरा होगा यह कोई सोच भी नहीं सकता था। अयोध्या की यह यात्रा अलग ही एहसास दिला रही है और वह इसे सारी जिंदगी भूल नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या का बहुत तेजी से विकास हो रहा है और इससे लाखों लोगों को रोजी-रोटी में भी फायदा होगा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि प्रकृति का संरक्षण हमारी संस्कृति का हिस्सा है और वन्य जीव तथा पर्यावरण संरक्षण के अच्छे परिणाम दिख रहे हैं। आज मैसूरु में बाघ परियोजना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के कई समुदायों में प्रकृति और बाघों के संरक्षण की संस्कृति है। श्री मोदी ने कहा कि देश में 75 वर्ष के अंतराल के बाद चीते का जन्म होना इस बात का प्रमाण है कि देश में जैव-विवधिता बढ़ रही है। आज एशियाई हाथियों, एक सिंह वाले गैंडे, चीते, तेंदुए और बाघ की सबसे अधिक संख्या भारत में है। देश का वन-क्षेत्र भी बढ़कर दो हजार दो सौ बीस वर्ग किलोमीटर हो गया है और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की संख्या बढ़कर चार सौ छियासी हो गई है।
प्रधानमंत्री ने मैसूरु में आयोजित कार्यक्रम में, देश में बाघों की स्थिति से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, देश में बाघों की संख्या बढ़कर तीन हजार एक सौ सड़सठ हो गई है जो 2018 में दो हजार नौ सौ सड़सठ थी। श्री मोदी ने शिकारियों से बाघों के संरक्षण के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की शुरूआत की और बाघ परियोजना पर एक स्मारक-सिक्का भी जारी किया। गठबंधन से कई देशों में बाघ, शेर, तेंदुएं और चीते और इस प्रजाति के अन्य जीवों की संख्या बढ़ने में मदद मिलेगी और प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा सर्वोत्तम कार्यशैली के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।इससे पहले, प्रधानमंत्री ने कर्नाटक और तमिलनाडु में बंडीपुर, तेप्पाकडु और मडुमलई बाघ अभयारण्यों का दौरा किया। उन्होंने हाथी कैम्प कार्यबल के सदस्यों से बातचीत की और ऑस्कर विजेता वृत्तचित्र द एलिफेंट व्हिस्परर्स में काम कर चुके वनकर्मी दंपत्ति बोम्मा और बेल्ली से भी मुलाकात की। श्री मोदी ने वन्य जीवों का शिकार और उनके अंगों की तस्करी रोकने संबंधी उपायों का जायजा भी लिया। - इंदौर ।मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र का दुर्लभ नूरजहां आम इन दिनों अपनी बेनूरी पर आंसू बहा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि अपने भारी-भरकम फलों के चलते मुंहमांगे दामों पर बिकने वाला नूरजहां आम इंदौर से करीब 250 किलोमीटर दूर कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में ही पाया जाता है।उन्होंने बताया कि कट्ठीवाड़ा में नूरजहां आम का रकबा साल-दर-साल सिकुड़ता जा रहा है और आलम यह है कि क्षेत्र में इसके महज आठ फलदार पेड़ बचे हैं।अलीराजपुर के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रमुख डॉ. आर के यादव ने बताया, “कट्ठीवाड़ा क्षेत्र के निजी बागों में नूरजहां आम के केवल आठ फलदार पेड़ बचे हैं। यह हमारे लिए निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।”उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले नूरजहां आम का अधिकतम वजन 4.5 किलोग्राम तक हुआ करता था, जो अब घटकर 3.5 किलोग्राम के आस-पास रह गया है।यादव ने कहा, “हम नूरजहां आम को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना चाहते हैं। हमने कलम के जरिये इसके दो पेड़ लगाए हैं, जिन पर तीन-चार साल में फल आने की उम्मीद है। इसके बाद, हम और कलम तैयार कर पेड़ों का रकबा बढ़ाएंगे।”उन्होंने बताया कि नूरजहां का फल आकार में बहुत बड़ा होता है, लेकिन आमों की अन्य किस्मों की तुलना में इसका स्वाद उतना अच्छा नहीं है।वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक ने कहा, “हम अनुसंधान के जरिये नूरजहां की किस्म में सुधार कर इसका स्वाद भी बढ़ाना चाहते हैं।”उन्होंने कहा कि चूंकि, नूरजहां आम में काफी गूदा होता है, इसलिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में इसके इस्तेमाल की अच्छी संभावनाएं हैं।यादव ने बताया कि कट्ठीवाड़ा क्षेत्र की नम जलवायु और मुरम वाली मिट्टी नूरजहां आम की बागवानी के लिए बेहद मुफीद है और इस इलाके में पैदा होने वाले अन्य प्रजातियों के आमों का वजन भी देश के दूसरे हिस्सों में पैदा होने वाले आमों के मुकाबले ज्यादा रहता है।उन्होंने कहा, “आमों के मौसम में कट्ठीवाड़ा क्षेत्र की मंडी में हर रोज अलग-अलग किस्म के 80 से 100 टन आम बिकने आते हैं।”बहरहाल, कट्ठीवाड़ा ‘नूरजहां’ की बागवानी के लिए खासतौर पर पहचाना जाता है और इसके पेड़ आम उत्पादकों के लिए सोने की खान साबित होते आए हैं।कट्ठीवाड़ा के अग्रणी आम उत्पादक शिवराज सिंह जाधव ने कहा, “पिछले साल मेरे बाग में नूरजहां के सबसे भारी फल का वजन 3.8 किलोग्राम था और इस एक फल को मैंने 2,000 रुपये में बेचा था।”कट्ठीवाड़ा में बरसों से आमों की बागवानी कर रहे इशाक मंसूरी बताते हैं कि नूरजहां आम की प्रजाति मौसमी उतार-चढ़ाव के प्रति बेहद संवेदनशील होती है। उन्होंने कहा, “इस बार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने हमारे बाग में नूरजहां की बौरों को तबाह कर दिया है।मंसूरी ने बताया कि नूरजहां के पेड़ों पर जनवरी से बौर आने शुरू होते हैं और इसके फल जून तक पककर तैयार हो जाते हैं।
- चामराजनगर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के बांदीपुर बाघ अभयारण्य में रविवार सुबह जंगल ‘सफारी’ का लुत्फ उठाया। वह ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के 50 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के सिलसिले में चामराजनगर पहुंचे हैं। जंगल सफारी के दौरान मोदी ने धारीदार ‘सफारी’ वस्त्र और हैट धारण कर रखा था। बताया जाता है कि उन्होंने बाघ अभयारण्य में सफारी के दौरान करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय की।बांदीपुर बाघ अभयारण्य आंशिक रूप से चामराजनगर जिले के गुंदलुपेट तालुका में और आंशिक रूप से मैसूरु जिले के एचडी कोटे और नंजनगुड तालुका में स्थित है।मोदी ने ट्वीट किया, “सुबह सुंदर बांदीपुर बाघ अभयारण्य में बिताई और भारत के वन्य जीवन, प्राकृतिक सुंदरता और विविधता की झलक देखी।”मेलुकमनहल्ली हेलीपैड पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से बांदीपुर में वन विभाग के स्वागत केंद्र तक गए, जहां उन्होंने पास के एक वन शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अपर्ति की और फिर वन विभाग की जीप से सफारी के लिए रवाना हो गए।मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर सफारी की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्हें खुली जीप में खड़ा देखा जा सकता है और उनके पास कैमरा और दूरबीन है। उन्होंने हाथियों, लंगूरों, हिरण और बाइसन की तस्वीरें भी साझा कीं।राज्य के वन विभाग के मुताबिक, 19 फरवरी 1941 को एक सरकारी अधिसूचना के तहत स्थापित तत्कालीन वेणुगोपाल वन्यजीव उद्यान के वन क्षेत्र के अधिकांश हिस्से को लेकर एक राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया था।विभाग के अनुसार, 1985 में इस राष्ट्रीय उद्यान का विस्तार किया गया, जिससे इसका क्षेत्र फल बढ़कर 874 वर्ग किलोमीटर हो गया और इसका नाम बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान रख दिया गया।1973 में बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान को ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के तहत लाया गया। इसके बाद, कुछ निकटवर्ती आरक्षित वन क्षेत्रों को अभयारण्य में मिलाया गया। मौजूदा समय में बांदीपुरा बाघ अभयारण्य 912.04 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान नीलगिरि जीवमंडल रिजर्व का एक अहम हिस्सा है। इसके उत्तर-पश्चिम में कर्नाटक का राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नागराहोल) है, जबकि दक्षिण में तमिलनाडु का मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य तो दक्षिण-पश्चिम में केरल का वायनाड वन्यजीव अभयारण्य है।यह अभयारण्य कभी भूतपूर्व महाराजाओं की निजी शिकारगाह होता था। पर्यटन विभाग के मुताबिक, बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान लुप्तप्राय एशियाई जंगली हाथियों के अंतिम आश्रय स्थलों में से भी एक है। दो प्रसिद्ध निवासियों (बाघ और हाथी) के अलावा, इस राष्ट्रीय उद्यान में कई अन्य लुप्तप्राय प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें भालू, गौर, भारतीय रॉक पाइथन, सियार, मगरमच्छ और चार सींग वाले मृग शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. संसद ने शनिवार को अपनी नयी वेबसाइट का अनावरण किया, जिसमें संसद टीवी के सीधे प्रसारण के लिए एक ‘पॉप-अप विंडो' होने और आसान पहुंच के लिए विकल्प होने की बात कही गई है। संसद के अधिकारियों ने बताया कि नयी वेबसाइट का शनिवार को ‘सॉफ्ट लॉन्च' किया गया और मौजूदा वेबसाइट को जल्द ही बदल दिया जाएगा। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि वेबसाइट अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं की गई है। 'डिजिटल संसद' वेबसाइट प्रमुख घटनाओं की तस्वीरों के माध्यम से 1857 से लेकर वर्तमान तक के इतिहास के ‘स्नैपशॉट' के साथ खुलती है और नए संसद भवन की तस्वीर के साथ समाप्त होती है।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी20 बैठकों के साथ-साथ विश्व बैंक समूह (डब्ल्यूबीजी) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका जाएंगी। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि अपनी सप्ताह भर की यात्रा के दौरान, वह भारत की जी20 अध्यक्षता और जी20 से संबंधित कार्यक्रमों के तहत दूसरी जी20 वित्त मंत्रियों और सदस्य देशों के केंद्रीय बैंकों के गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक की मेजबानी करेंगी। इसके अलावा, उनकी 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक की वाशिंगटन डीसी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय बैठकें, कुछ सत्र और अन्य संबद्ध बैठकें होंगी। बयान के अनुसार, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वह विश्व बैंक विकास समिति और आईएमएफ समिति के पूर्ण सत्र में भाग लेंगी। इसमें कहा गया कि सीतारमण देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।
बयान के अनुसार, सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास 12-13 अप्रैल, 2023 को दूसरी जी20 एफएमसीबीजी बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता करेंगे। इसमें कहा गया कि दूसरी जी20 एफएमसीबीजी बैठक में तीन सत्र होंगे- वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना; सतत वित्त, वित्तीय क्षेत्र और वित्तीय समावेशन; और अंतरराष्ट्रीय कराधान। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा ट्विटर पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की उपलब्धियों की तारीफ किए जाने पर आपत्ति जताते हुए शनिवार को कहा कि इस संस्था को भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक मुखपत्र नहीं बनना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘मैं समझ सकता हूं कि संबंधित मंत्री इसका प्रचार करने में लगे हैं, लेकिन इसरो को ऐसी किसी चीज की वाहवाही नहीं करनी चाहिए जो उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हो।'' उन्होंने कहा कि इसरो को सत्तारूढ़ पार्टी का राजनीतिक मुखपत्र नहीं बनना चाहिए।
इसरो ने ट्वीट किया, ‘‘सूक्ष्म-उपक्रमों से लेकर बड़े उद्यमों तक, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने सभी भारतीय नागिरकों के लिए अवसर के दरवाजे खोल दिए हैं। -
मुंबई. मुंबई पुलिस को महानगर में पाकिस्तान से जुड़े तीन ‘‘आतंकवादियों'' के पहुंचने की सूचना देने वाली कॉल फर्जी निकली। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी और बीड जिले के एक व्यक्ति से पूछताछ की लेकिन फोन करने वाले व्यक्ति का अभी पता नहीं चला है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के मुख्य नियंत्रण कक्ष में सात अप्रैल को दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर फोन आया और फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को राजा थोंगे बताया तथा कहा कि वह पुणे से बात कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि पाकिस्तान से ताल्लुक रखने वाले तीन आतंकवादी दुबई से शुक्रवार सुबह मुंबई में घुसे हैं। उन्होंने कहा कि फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि तीनों ‘‘आतंकवादी'' गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं तथा उसने उनके द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे वाहन की पंजीकरण संख्या भी उपलब्ध कराई। अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस ने फोन आने के बाद निगरानी बढ़ा दी। स्थानीय पुलिस के दलों के अलावा अपराध शाखा को भी जांच में लगाया गया।'' इस बीच, अधिकारी ने बताया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और जिस नंबर से फोन आया था वह बीड जिले में आष्टी के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस का एक दल आष्टी गया और उस व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने दावा किया कि जिस नंबर से कॉल आई वह उसका नहीं है और वह किसी आतंकवादी के बारे में नहीं जानता। अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के बाद कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया और कॉल को फर्जी घोषित कर दिया गया।'
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सिंगरौली/ खंडवा) मध्य प्रदेश के सिंगरौली एवं खंडवा जिलों में पिछले 24 घंटों में दो अलग-अलग घटनाओं में पांच बालकों की डूबने से मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को दी। उन्होंने कहा कि इनमें से दो सगे भाइयों सहित तीन बालकों की सिंगरौली जिले में और दो बालकों की खंडवा जिले में मौत हुई। कोतवाली थाना के प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि खंडवा जिले में आबना नदी में तैरने उतरे दो बालकों की डूबने से शनिवार को मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान कार्तिक पंचोरे (12) और अनमोल तिवारी (11) के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि ये दोनों खंडवा शहर के गोविंद नगर गोलमाल बाबा क्षेत्र के निवासी थे और एक अन्य बच्चे के साथ घर से साइकिल लेकर घूमने निकले थे। उन्होंने कहा कि घूमते हुए ये लोग जसवाड़ी कलज्या खेड़ी रोड पर आबना नदी में तैरने चले गए। इनमें से अनमोल तिवारी नदी में उतर गया और गहरे पानी में डूबने लगा। अनमोल को पानी में डूबते देख कार्तिक उसे बचाने पहुंचा और वो भी पानी डूब गया। सिंह ने बताया कि इनके साथ गए तीसरे बच्चे ने आसपास के लोगों को बुलाया और लोगों की मदद से दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला और जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, सिंगरौली से मिली सूचना के अनुसार, तालाब में नहाने गए दो सगे भाइयों सहित तीन बालकों की डूबने से मौत हो गई। कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी अरुण पाण्डेय ने बताया कि घटना सिंगरौली जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बैढन थाना क्षेत्र के सिद्धिकला गांव में शुक्रवार को हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान सुनील केवट (9), उसके छोटा भाई अजीत केवट (7) एवं संदीप केवट (8) के रूप में की गई है। पाण्डेय ने बताया कि तीनों अपने परिजनों के साथ गेहूं कटाई के लिए खेत में गए थे जहां परिजन गेंहू कटाई कार्य में मशगूल हो गए। इसी दौरान तीनों पास स्थित तालाब में नहाने चले गए जहां गहरे पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि तीनों शव को तालाब से निकाल लिया गया है और पोस्टमॉर्टम करने के बाद उनके परिजन को सौंप दिया गया है। -
जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने शनिवार को संगठित कार्य शक्ति की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि ‘हम विश्व मंगल साधना के मौन पुजारी हैं।' साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से सेवा के लिए उपयुक्त एवं उत्कृष्टता पूर्ण कार्यकर्ता बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया। डॉ. भागवत जयपुर के जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में चल रहे सेवा संगम के दूसरे दिन देशभर से आए सेवा भारती के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘संगठित कार्य शक्ति हमेशा विजयी रहती है। हम विश्व मंगल साधना के मौन पुजारी हैं। इसके लिए सामर्थ्य-सम्पन्न संघ शक्ति चाहिए, क्योंकि अच्छा कार्य भी बिना शक्ति के कोई मानता नहीं है, कोई देखता नहीं है। यह विश्व का स्वभाव है।'' आरएसएस की प्रार्थना में "विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर् विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम्। परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं " का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘संगठित कार्य शक्ति हमेशा विजयी रहती है। धर्म का संरक्षण करते हुए हम राष्ट्र को परम वैभव सम्पन्न बनाएंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘संघ की प्रेरणा से स्वयंसेवकों ने सेवा कार्य किए। इनसे ही ‘सेवा भारती' का जन्म हुआ। सेवा का कार्य सात्विक होता है। फल की इच्छा नहीं रखकर किए जाने वाले कार्य सात्विक होते हैं। जो कार्य स्वार्थवश किए जाते हैं वे राजसी कार्य होते हैं। तामसिक कार्य भी होते हैं। ऐसा करने वाले अपना भी भला नहीं करते और दूसरों का भी नुकसान करते हैं। सेवा का लाभ सेवित और सेवक दोनों को होता है। सेवक निस्वार्थ बुद्धि से सेवा करते हैं।'' एक बयान के अनुसार, निस्वार्थ सेवा पर बल देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकर्ता कार्य के स्वभाव के साथ तन्मय होता है, तब कार्य होता है। कार्य के अनुरूप कार्यकर्ता हो, ऐसी समझ हमें विकसित करनी है। सेवा कार्य मन की तड़प से होते हैं। हमें विश्व मंगल के लिए काम करना है। इसलिए काम करने वालों का बड़ा समूह खड़ा करना है।'' सेवा भारती के इस तीन दिवसीय संगम में देश भर से 800 से अधिक स्वैच्छिक सेवा संगठनों के हजारों प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। -
पुणे. अपने खास स्वाद के लिए दुनिया भर में मशहूर अल्फांसो आम के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए पुणे के एक कारोबारी ने फलों के राजा को खरीदने के लिए ग्राहकों को आसान मासिक किस्तों की अनूठी सुविधा पेश की है। महाराष्ट्र के देवगढ़ एवं रत्नागिरि में पैदा होने वाले अल्फांसो को हापुस आम के नाम से भी जाना जाता है। आम की तमाम किस्मों में अल्फांसो को सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन अपने बेहतरीन स्वाद एवं कम उत्पादन की वजह से इसके दाम अक्सर आम लोगों की पहुंच से बाहर ही रहते हैं। इस साल भी अल्फांसो आम खुदरा बाजार में 800 रुपये से 1,300 रुपये प्रति दर्जन के भाव पर बिक रहा है। ऐसी स्थिति में आम लोगों तक इस खास आम का स्वाद पहुंचाने के लिए गौरव सनस नाम के कारोबारी एक अनूठी पेशकश लेकर आए हैं। वह अल्फांसो को अब किसी महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की तरह आसान मासिक किस्त यानी ईएमआई पर भी बेचने को तैयार हैं। सनस ने कहा, "बिक्री शुरू होते ही अल्फांसो के दाम बहुत ऊपर जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में अगर अल्फांसो को भी ईएमआई पर दिया जाए तो हर कोई इसका स्वाद ले सकता है।" फल कारोबार से जुड़ी फर्म गुरुकृपा ट्रेडर्स एंड फ्रूट प्रोडक्ट्स के सनस का दावा है कि पूरे देश में ईएमआई पर आम बेचने वाला पहला प्रतिष्ठान उनका है। उन्होंने कहा, "हमने सोचा कि अगर फ्रिज, एसी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ईएमआई पर खरीदा जा सकता है तो फिर आम को क्यों नहीं? इस तरह हर कोई इस आम को खरीद सकता है।" कोई भी व्यक्ति ईएमआई पर मोबाइल फोन खरीदने की ही तरह उनकी दुकान से अल्फांसो को किस्त पर खरीद सकता है। इसके लिए ग्राहक के पास क्रेडिट कार्ड होना चाहिए और फिर खरीद मूल्य को तीन, छह या 12 महीनों की किस्तों में बदल दिया जाता है। हालांकि सनस की दुकान पर अल्फांसो को ईएमआई पर खरीदने के लिए कम-से-कम 5,000 रुपये की खरीदारी करनी जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए अब तक चार लोग आगे भी आ चुके हैं। इस तरह ईएमआई पर अल्फांसो की बिक्री का सफर शुरू हो चुका है।
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बलरामपुर (उप्र). जिले में शनिवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में कार सवार एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना श्रीदत्तगंज थाना अंतर्गत विशंभरपुर गांव के पास हुई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) केशव कुमार ने कहा कि नैनीताल में एक पेपर मिल में काम करने वाले देवरिया जिले के सोनू शाह (28) अपनी पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शुक्रवार शाम को अपने गांव के लिए निकले थे। एसपी ने बताया कि शनिवार सुबह विशंभरपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन से कार की टक्कर हो गई जिसमें शाह, उनकी पत्नी सुजावती (25), उनके दो बच्चों रुचिका (छह) और दिव्यांशु (चार), शाह के भाई रवि (18) तथा बहन खुशी (13) की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित के कार को टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान और उसे जब्त करने के लिए छह टीम गठित की गई है। पुलिस ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और वे यहां पहुंच गए हैं।
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सिलीगुड़ी. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में 8.61 करोड़ रुपये की सोने की छड़ों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर फटकपुर के पानीकौरी टोल प्लाजा पर एक वाहन को रोका। अधिकारियों के मुताबिक, असम से कोलकाता की ओर जा रहे इस वाहन में सोने की 13 छड़ें मिलीं। उन्होंने बताया कि सोने की छड़ों के साथ मिजोरम के एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है।











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