कांकेर में आईईडी ब्लास्ट में चार जवान शहीद, डी-माइनिंग के दौरान हुआ हादसा
कांकेर। कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में डी-माइनिंग अभियान के दौरान हुए आईईडी विस्फोट में कांकेर डीआरजी के चार जवान शहीद हो गए। हादसा उस समय हुआ जब सुरक्षाबल बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय कर रहे थे। शहीदों मेंं इंसपेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, संजय गढ़पाले और परमानंद कोर्राम शामिल हैं। यह घटना कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र की है।
इस घटना को लेकर आईजी बस्तर पी. सुंदरराज ने कहा कि बस्तर संभाग में, वर्ष 2025-26 में, बड़ी संख्या में माओवादी कैडर हिंसा का मार्ग त्याग कर पुनर्वास के लिए आगे आए। उनके द्वारा दी गई सूचना और पुलिस के पास उपलब्ध सूचना के आधार पर, सुरक्षा बल लगातार माओवादी डंपों से आईईडी, हथियार, गोला-बारूद, और अन्य सामग्री बरामद कर रहे हैं। इसी सिलसिले में, आज, हमारी टीम नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा से लगे वन क्षेत्र में माओवादी डंप की तलाश में गई थी। आज के अभियान के दौरान, माओवादियों द्वारा पहले से छिपाए गए बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। एक और डंप बरामद करते समय एक ढ्ढश्वष्ठ विस्फोट हुआ। हमारे इंसपेक्टर सुखराम भट्टी, जो डीआरजी कांकेर टीम के प्रभारी थे, और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इंस्पेक्टर भट्टी, कांस्टेबल संजय और कांस्टेबल कृष्ण कुमार की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हमारे चौथे कांस्टेबल, परमानंद को हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर एयरलिफ्ट किया गया। लेकिन रायपुर में इलाज के दौरान कुछ देर पहले उनकी भी मृत्यु हो गई। आज की घटना में, दुर्भाग्यवश हमने अपने चार सहकर्मियों को खो दिया है। आईईडी को बरामद करने के हमारे प्रयास जारी रहेंगे ताकि क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा बलों को आईईडी के कारण कोई हानि न हो, और ऑपरेशन सामान्य रूप से जारी रहे, लेकिन आगे की कार्रवाई अत्यंत सावधानी से की जाएगी।"




.jpg)








Leave A Comment