पर्यावरण क्षरण के कारण शहरों को अपूरणीय नुकसान होने का खतरा : अधिकारी
इंदौर . अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो पर्यावरण क्षरण शहरों में अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की अब और अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने आगामी सभी परियोजनाओं और नीतियों में इन चिंताओं को शामिल करने की जरूरत पर बल दिया। यहां ‘अर्बन 20 (यू 20)' कार्यक्रम में आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के ‘स्मार्ट सिटीज मिशन' के मिशन निदेशक कुणाल कुमार ने कहा, ‘‘ पणजी हो या ठाणे, या सूरत , यदि हरित क्षेत्रों को अब नहीं बचाया गया तो हमारे शहरों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है । हमें अपने शहरों के पर्यावरण की दशा सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।'' यू 20 जी 20 सम्मेलन का समानांतर कार्यक्रम है जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता इकट्ठा होते हैं। जहां जी 20 में वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है, वहीं यू 20 में खासकर शहरी मुद्दों, सतत विकास पर उसके प्रभाव, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक समायोजन पर ध्यान दिया जाता है। भारत की जी 20 अध्यक्षता में यू 20 महापौर सम्मेलन जुलाई में गुजरात के अहमदाबाद में होगा।
मध्यप्रदेश में शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव नीरज मांडलाई ने कहा, ‘‘ हम पर्यावरण संपोषणीयता कारक की अब और उपेक्षा नहीं कर सकते एवं यह पौधरोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इस हमारी योजनाओं और कार्यक्रमों में झलकना चाहए।'' उन्होंने कहा, ‘‘ हम जब कभी नयी परियोजना हाथ में लेते हैं या नयी नीति बनाते हैं तो हमें पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन दिमाग में रखना चाहिए।

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