बीमारियों की कोई सीमा नहीं होती, कोविड ने सहयोग की जरूरत को उजागर किया: मांडविया
नयी दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीमारियों की कोई सीमा नहीं होती है और कोविड-19 ने टीकों, उपचार और निदान में सहयोग तथा तालमेल बढ़ाने की जरूरत को उजागर किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मांडविया ने जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य सभा के इतर ब्रिक्स के सदस्यों देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2023 को संबोधित किया। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री एक साथ आए। वैश्विक स्वास्थ्य संकटों को कम करने और उन पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई में सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर बल देते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि महामारी ने टीकों, उपचार और निदान में सहयोग तथा तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है।” उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिक्स टीका अनुसंधान एवं विकास केंद्र सुरक्षित, प्रभावशाली और किफायती टीकों तक समान पहुंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मंत्री ने कहा, “बीमारी की कोई सीमा नहीं होती और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास राष्ट्रीय सीमाओं के बंधन से परे होने चाहिए। ” उन्होंने निगरानी, अनुसंधान और विकास, सूचना साझा करने एवं संयुक्त प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने में सहयोग के महत्व पर बल दिया ताकि बीमारी के प्रकोप और महामारियों को वैश्विक महामारी में बदलने से रोका जा सके। मंत्रालय के मुताबिक, डॉ. मांडविया ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 3.3 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले 2025 तक तपेदिक (टीबी) उन्मूलन के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। भा

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