सरकार ने लगभग छह महीने बाद सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द की
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत उपलब्ध शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई है। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद, 26 सितंबर 2025 को वांगचुक को हिरासत में लिया गया था। उन्हें लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर ''जनव्यवस्था बनाए रखने'' के लिए रासुका के तहत हिरासत में लिया गया और फिर जोधपुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। बयान में कहा गया है कि वांगचुक पहले ही रासुका के तहत हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर चुके हैं। इसमें कहा गया है, ''सरकार लद्दाख के विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है ताकि इस क्षेत्र के लोगों की चिंताओं का समाधान किया जा सके।



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