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सावन में शिवलिंग पर अर्पित करें पंचामृत, सेहत और स्वाद का है कॉम्बिनेशन
सावन को शिव भक्ति का महीना कहा जाता है. सावन में शिवलिंग पर दूध, दही,पंचामृत, धतूरा और बेलपत्र अर्पित किया जाता है. पंचामृत का मतबल 5 प्रकार के अमृत से है. इसे दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर बनाया जाता है. आयुर्वेद की मानें तो पंचामृत सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं. पंचामृत के सेवन से सकारात्मकता का भाव पैदा होता है. पूजा विधि में जहां पंचामृत का धार्मिक महत्व है, वहीं आयुर्वेद इसे स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान मानता है. आयुर्वेद के अनुसार पंचामृत के सेवन से कमजोरी दूर होती है, साथ ही शरीर भी तंदुरुस्त बनता है. अगर पंचामृत का नियमित सेवन किया जाए तो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमताएं बढ़ती हैं और शरीर रोगों से लड़ने के लिए मजबूत बनता है. 
आइए जानते हैं पंचामृत बनाने का तरीका...
पंचामृत बनाने के लिए समग्री:
गाय का दूध- 1 ग्लास
गाय का दही- 1 ग्लास
गाय का घी- 1 चम्मच
शहद- 3 चम्मच
मिश्री अथवा शक्कर- स्वादानुसार
कटे हुए तुलसी के पत्ते- 10
कटे हुए मखाने- ड्राई फ्रूट्स - 20
ऐसे बनाएं पंचामृत:
-पंचामृत बनाने के लिए दही, दूध, एक चम्मच शहद, घी और चीनी की जरूरत होती है.
-दही, दूध, घी और चीनी को एक बर्तन में डालकर मथ लें या आप इन्हें मिक्सी में डालकर भी चला सकती हैं.
- अब इसमें तुलसी के 8 से 10 पत्ते भी डाल सकते हैं, इसमें कटे हुए मखाने और ड्राई फ्रूट्स भी मिलाया जा सकता है.

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