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युक्तियुक्तकरण : कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख एवं उपस्थिति में शुरू की गई काउंसलिंग की कार्रवाई
बालोद/ राज्य शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में युक्तियुक्तिकरण के तहत चिन्हांकित अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया आज पहले दिन शांतिपूर्ण ढंग से एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इसके अंतर्गत आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डीपी कोसरे एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति एवं देखरेख में जिला पंचायत कार्यालय स्थित मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कक्ष में शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। उल्लेखनीय है कि काउंसलिंग में शामिल होने के लिए आज सुबह से ही जिले के शिक्षक जिला पंचायत कार्यालय में पहुँच चुके थे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने हेतु शिक्षा एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। काउंसलिंग के कार्य में लगेे अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा निर्धारित क्रम अनुसार विषयवार शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया को संपन्न किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा काउंसलिंग प्रक्रिया पूरा होने के पश्चात् व्याख्याताओं को आदेश पत्र प्रदान कर उन्हंे शुभकामनाएं दी।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री डीपी कोसरे ने बताया कि पहले दिन आज 02 जून को युक्तियुक्तिकरण के तहत चिन्हांकित ई एवं टी संवर्ग के सभी व्याख्याताओं, पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों एवं उच्च श्रेणी के शिक्षकों का काउंसलिंग कर उन्हें आदेश पत्र सौंपा गया। उन्होंने बताया कि आज सुबह 10 बजे से प्रारंभ काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान व्याख्याता ई संवर्ग के अंतर्गत हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, जीवविज्ञान, भौतिक, राजनीतिशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, वाणिज्य एवं रसायन विषय के व्याख्याताओं का काउंसलिंग कर होने आदेश पत्र सौंपा गया। इसी तरह व्याख्याता टी संवर्ग के अंतर्गत हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, जीवविज्ञान, भौतिक, राजनीतिशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, वाणिज्य एवं रसायनशास्त्र विषय के व्याख्याताओं का काउंसलिंग कर उन्हें आदेश पत्र सौंपा गया। इसी तरह आज दोपहर 01.30 बजे से शुरू किए गए काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान ई संवर्ग के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों का काउंसलिंग कर उन्हें आदेश पत्र सौंपा गया। इसी तरह प्रधान पाठक माध्यमिक शाला एवं शिक्षक टी संवर्ग के अंतर्गत कला, हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के शिक्षकों का काउंसलिंग कर उन्हें आदेश पत्र सौंपा गया।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने हेतु काउंसलिंग में शामिल होने के लिए उपस्थित शिक्षकों को रिक्त शालाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु काउंसलिंग स्थल में लगाए गए प्रोजेक्टर के माध्यम से रिक्त शालाओं की जानकारी को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जिला पंचायत कार्यालय के सूचना पटल पर भी रिक्त शालाओं की जानकारी अवलोकन हेतु प्रदर्शित की गई है। उन्होंने बताया कि इस तरह से आज पहले दिन व्याख्याता ई संवर्ग के 67 एवं टी संवर्ग के 15 व्याख्याताओं के अलावा ई संवर्ग के प्रधान पाठक माध्यमिक शाला के 01 एवं 120 उच्च वर्ग शिक्षकों सहित टी संवर्ग के पूर्व माध्यमिक शाला के 17 उच्च वर्ग शिक्षकों का काउंसलिंग कर उन्हें संबंधित शालाओं में पदस्थापना के संबंध में आदेश पत्र सौंपा गया। -
उपकेंद्र के अंतर्गत लगभग 3000 उपभोक्ता होंगे लाभान्वित
बालोद/छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज के साथ निर्बाध विद्युत सप्लाई देने के लिए अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र द्वारा बालोद जिले में स्थित दल्ली राजहरा टाउन वितरण केंद्र के अंतर्गत 33ध्11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र चिखलाकसा में 75 लाख रुपए की लागत से 3.15 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगाकर उर्जीकृत किया गया, जिससे उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर 13.15 एम.व्ही.ए. हो गई है। जिसमें उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 3000 उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत की आपूर्ति होगी। उल्लेखनीय है कि उपकेंद्र में दो 05-05 एम.व्ही.ए. का पॉवर ट्रांसफार्मर पूर्व से ही स्थापित है। 3.15 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर 13.15 एम.व्ही.ए. हो गई है, जिससे ओवरलोड की समस्या के निराकरण के साथ ही उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा सकेगी।
संचारण-संधारण संभाग बालोद के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के.बंड ने बताया कि उपकेंद्र में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से दल्ली राजहरा के लगभग 3000 उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज एवं ओवर लोडिंग की समस्या से राहत मिलेगी एवं सभी घरों तक उच्च गुणवत्ता की बिजली पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ने से चिखलाकसा, मथुरा नगर, निर्मला स्कूल क्षेत्र, ओड़िया पारा, मच्छी मार्केट, ट्यूबलर सेट, पटेल कॉलोनी, श्रमवीर चैक, बस स्टैंड, सुभाश चैक, एमबीपी सेंटर एरिया के उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने अधीक्षण अभियंता श्री सलिल कुमार खरे, कार्यपालन अभियंता परियोजना श्री डी.के.भारती एवं कार्यपालन अभियंता एसटीएम श्री पी.के.पलसोकर और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए बताया कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि सबस्टेशन की क्षमता बढ़ने से उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। -
बालोद/ जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम ग्राम अर्जुनी, चंदनबिहरी, ठेकवाडीह, पिकरीपार और भेजामैदानी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन हेतु 06 जून 2025 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर ने बताया कि इच्छुक ग्राम पंचायत, महिला स्वसहायता समूह, प्राथमिक कृषि शाख समितियां, अन्य सहकारी समितियां एवं राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ट उपक्रम 06 जून 2025 को शाम 05.30 बजे तक कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर में आवश्यक दस्तावेज सहित निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि महिला स्व सहायता समूह होने की स्थिति में आवेदन तारीख के कम से कम 03 माह पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है।
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बालोद/प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री डीपी कोसरे ने बताया कि युक्तियुक्तिकरण 2025 के तहत द्वितीय दिवस 03 जून 2025 को प्राथमिक शालाओं के अतिशेष हुए सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों के काउंसलिंग की प्रक्रिया जिला पंचायत बालोद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधान पाठक प्राथमिक शाला/सहायक शिक्षक ई संवर्ग की काउंसलिंग सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक तथा प्रधान पाठक प्राथमिक शाला/टी संवर्ग की काउंसलिंग दोपहर 02 बजे से किया जाएगा। उन्होंने समस्त शिक्षकों को काउंसलिंग स्थल में पहचान पत्र के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पण्डित स्वर्गीय मोतीलाल त्रिपाठी के सुपुत्र समता कॉलोनी रायपुर निवासी पत्रकार श्री संजीत त्रिपाठी के आकस्मिक निधन पर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और रायपुर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने गहन शोक व्यक्त करते हुए परमपिता परमेश्वर से दिव्य श्रीचरणों में दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान हेतु विनम्र प्रार्थना की है। इसके साथ ही सर्वशक्तिमान ईश्वर से दिवंगत आत्मा के सभी परिवारजनों, इष्टगणों, मित्रगणों, सहयोगियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु विनम्र प्रार्थना की है।
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0 जोन 10 ने बारिष पूर्व नाले पर बने अवैध पाटे तोडकर सफाई की बाधा हटायी
0 जोन 9 ने विधानसभा मार्ग में अवैध बैनर पोस्टर हटाये
रायपुर/रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार एवं नगर निगम अपर आयुक्त श्री पंकज के. शर्मा, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं के मार्गनिर्देशन में टीम प्रहरी द्वारा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनहित में जनसुविधा हेतु मुख्य मार्गों एवं बाजार क्षेत्रो में अभियान चलाकर यातायात पुलिस बल की उपस्थिति में अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे हटाकर सडक यातायात सुगम और सुव्यवस्थित बनाने कार्यवाही जारी है।
इस क्रम में टीम प्रहरी के अभियान के अंतर्गत नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम ने टाटीबंध से अटारी जाने वाले मार्ग में अभियान चलाकर मार्ग को जनहित में जनसुविधा हेतु कब्जा मुक्त करवाकर सुगम और सुव्यवस्थित यातायात कायम कर नागरिको को त्वरित राहत दिलवायी । नगर निगम जोन 10 क्षेत्र में नगर निवेश विभाग ने बारिष पूर्व नाले में अवैध कब्जा जमाकर बनाये गये पाटो को जेसीबी मशीन लगाकर तोडते हुए सफाई की बाधा को हटाने की कार्यवाही जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु जोन 10 कमिष्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देश पर उप अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव की उपस्थिति में की।
नगर निगम जोन 9 नगर निवेश विभाग की टीम ने विधानसभा मार्ग में चैक चैराहो , विद्युत पोलो, मार्ग विभाजक के मध्य अवैध बैनर पोस्टरो को जप्त कर हटाने की कार्यवाही अभियान चलाकर टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत की। नगर निवेश उडनदस्ता एवं जोन 6 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 6 क्षेत्र के तहत पचपेडी नाका चैक से टिकरापारा पुजारी पार्क तक मुख्य मार्ग को अवैध कब्जो से मुक्त करवाकर सुगम यातायात कायम करने कार्यवाही की । यह कार्यवाही टिकरापारा से पुराना घमतरी मार्ग तक की गई जिससे नागरिको को सडक यातायात जाम से त्वरित राहत प्राप्त हुई। - बलौदाबाजार, /विकसित क़ृषि संकल्प अभियान के तहत शनिवार को विकासखंड भाटापारा के सहकारी समिति धनेली एवं मोपका, विकासखण्ड सिमगा के मनोहरा एवं डोंगरिया एवं विकासखण्ड पलारी के दतान-प व पलारी में विकसित कृषि संकल्प अभियान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 689 कृषक एवं 55 जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति रहे। शिविर में किसानों को धान बुवाई के पूर्व बीजोपचार का लाईव प्रदर्शन कराया गया एवं धान की कतार बोनी (डीएसआचे पेडी ट्रांसप्लांटर से रोपाई तथा सोयाबीन की बीबीएफ पद्धति एवं उन्नत फार्म मशीनरी का उपयोग जैसे विषयों में किसानों को प्रशिक्षित किया गया। किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग, कृषि ड्रोन के माध्यम से उर्वरक छिड़काव, और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र एवं इफको के सहयोग से ड्रोन का लाइव प्रदर्शन कर किसानों को इसकी कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। शिविर में विशेष रूप से फसल चक्र परिवर्तन, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड ऑयल पाम एग्रीस्टैक योजना, पराली प्रबंधन एवं जल संरक्षण तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर में किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदान सामग्री का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया।शिविर में कृषि विभाग, समवर्गीय विभाग, कृषि महाविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यान विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार, / जिले में खरीफ 2025 हेतु फसल का रकबा 206250 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें धान्य फसल का 201160 हेक्टेयर, मक्का 220 हेक्टेयर, दलहन फसल 680 हेक्टेयर एवं तिलहन 520 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष 11 जून 2025 को मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। इस दृष्टि से कृषकों द्वारा खरीफ फसल की तैयारी हेतु खेत की जुताई, बीज, उर्वरक, जैविक खाद की व्यवस्था की जा रही है। फसलों के उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चूंकि राज्य स्तर पर डीएपी उर्वरक की कमी की आशंका व्यक्त की गई है। पौधों क़ो फास्फोरस एवं नत्रजन पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु अन्य उर्वरकों की वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक है। कृषक सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अधिकांश मात्रा में उर्वरकों का अग्रिम उठाव कर रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा इस परिप्रेक्ष्य में किसानों को यदि डीएपी की कमी होने पर अन्य उर्वरकों का उपयोग कर फसलों का अधिकतम उपज प्राप्त करने तकनीकी सलाह दी गई है।क़ृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान की जल्दी पकने वाली व देशी किस्म हेतु 24 किलोग्राम नाइट्रोजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है।जिसकी पूर्ति 52 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 39 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स कॉम्प्लेक्र उर्वरक एनपीकेएस (20: 20 : 0 : 13), 18 किलोग्राम यूरिया एवं 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।धान की बौनी किस्में 141 दिन से अधिक हेतु 32 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 125 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 62 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 54 किलोग्राम यूरिया व 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20: 20:0:13), 26 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।धान की बौनी किस्में मध्यम अवधि 126-140 दिन हेतु 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में नैनो उर्वरकों पर किये गये प्रयोग के आधार पर धान की फसल में नैनो डीएपी 5 मिली प्रति किलो बीज से बीज उपचार या जड़ उपचार तथा बोवाई व रोपाई के 30 दिन बाद एक बार 2 मिली प्रति लीटर पानी की दर से पत्तियों पर छिड़काव करने से पारम्परिक डीएपी की अनुशंसित मात्रा में 25 प्रतिशत की बचत की जा सकती है। धान फसल में नैनो यूरिया 4 मिली प्रति लीटर पानी की दर से दो बार बोवाई व रोपाई के 30 से 35 दिन एवं 55 से 60 दिन की अवस्था में छिड़काव करने से पारम्परिक यूरिया की अनुशंसित मात्रा में 25 प्रतिशत की बचत की जा सकती है।मक्का संकुल किस्में हेतु 32 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके (12:32:16), 56 किलोग्राम यूरिया 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ म्यूरेट ऑफ पोटाश या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 35 व 7 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।मक्का संकर किस्में हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12:32:16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20: 20:0:13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।सोयाबीन, मूंगफली हेतु 8 किलोग्राम नत्रजन, 32 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 17 किलोग्राम यूरिया, 200 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम एनकेपीके (12:32:16) या 160 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।अरहर, मूंग एवं उड़द हेतु 10 किलोग्राम नत्रजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 63 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 5 किलोग्राम यूरिया या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।रागी, कोदो हेतु 20 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑप पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 50 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 30 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20:20:0:13), 9 किलोग्राम यूरिया व 13 म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।
- बलौदाबाजार / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर एवं संचालनालय उद्यानिकी के संयुक्त तत्वाधान में 6 से 8 जून तक राष्ट्रीय आम महोत्सव वर्ष 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में देश एवं प्रदेश के विभिन्न आम किस्मों की प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में शासकीय, अशासकीय महिला समूह, स्वसहायता समुह, व्यक्तिगत कृषक, महिला, विद्यार्थी एवं समस्त आम नागरिक निः शुल्क पंजीयन कराकर प्रतियोगिता में सम्मिलित हो सकते है।इस महोत्सव में आम के प्रदर्शन के साथ उन्नतशील प्रजाति के आम पौधे एवं आम से बने उत्पादों का विक्रय सह प्रदर्शन भी किया जायेगा । इसके साथ ही कृषक संगोष्ठि एवं आम उत्पादन के नवीन तकनीक पर विशेषज्ञों की परिचर्चा,किसानों एवं आम उद्यमियों के साथ विचार विमर्श तथा आम का प्रवर्धन तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया जायेगा। प्रतियोगिता में पंजीयन हेतु न्यूनतम आमफल 10 नग प्रति किस्म, खाद्य उत्पादन न्यूनतम 250 ग्राम होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी हेतु विकासखंड सिमगा से अमन राठौर मो.8827814234,भाटापारा में बालकृष्ण राठौर मो.9589574685,बलौदाबाजार एवं कसडोल हीरासिंग पैकरा मो.9993321127,पलारी पी.आर.टैगर मो.7000412324 से संपर्क कर सकते हैं।
- बलौदाबाजार, /जल संरक्षण व प्रबंधन की जानकारी देने मोर गांव मोर पानी महाभियान अंतर्गत सभी विकासखंडो में क्लसटरवार प्रशिक्षण कार्यक्रम क़ा आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार क़ो रसेड़ी, निपनिया, बोरसी, अमेरा एवं सुहेला में क्लसटरवार प्रशिक्षण आयोजन किया गया।प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्र में जल संचयन और प्रबंधन के सम्बन्ध में जागरूकता, समुदायो क़ो जल संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, ग्राम संगठन प्रतिनिधि, जनपद प्रतिनिधि तथा जल संरक्षण से सम्बंधित विभागों के मैदानी अमले उपस्थित थे।
- रायपुर, । आगामी मानसून सत्र 2025 के दौरान संभावित अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला कार्यालय रायपुर में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जो 24 घंटे सतत रूप से कार्य करेगा।बाढ़ नियंत्रण कक्ष जिला कार्यालय रायपुर के कक्ष क्रमांक-6 में स्थापित किया गया है। आम नागरिक आपात स्थिति में दूरभाष क्रमांक 0771-2413233 पर संपर्क कर सकते हैं।इस नियंत्रण कक्ष के सफल संचालन हेतु श्री मनीष मिश्रा, अपर कलेक्टर (मोबाइल: 9424281408) को नोडल अधिकारी तथा श्री एस. के. पटले, जिला समन्वयक, राजीव गांधी शिक्षा मिशन (मोबाइल: 9926615200) को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन नागरिकों से अपील करता है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें, ताकि समय रहते राहत और सहायता पहुँचाई जा सके।
- -देर रात तक काउंसलिंग जारीमहासमुंद / महासमुंद जिले में शासन के निर्देशानुसार विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण के तहत समायोजन किया जा रहा है। आज काउंसलिंग के दूसरे दिन कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की मौजूदगी में पूर्णतः पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है। आज कुल 447 शिक्षकों का काउंसलिंग होना था जिसमें से समाचार लिखे जाने तक 305 शिक्षकों की काउंसलिंग की गई तथा उन्हें पदस्थापना आर्डर जारी कर दिया गया। अनुपस्थित शिक्षकों को जिला स्तरीय समिति के सर्वानुमति से पदस्थापना आदेश जारी किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रविराज ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे, डीएमसी रेखराज शर्मा सहित जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्य मौजूद थे।काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अतिशेष शिक्षकों को सबसे पहले कंप्यूटरिकृत प्रोजेक्टर के माध्यम से रिक्त स्थानों की सूची प्रदर्शित की गई, जिसमें उन्हें यह पूर्ण अवसर दिया गया कि वे अपने इच्छा अनुसार स्कूल का चयन कर ले। सहमति पत्र जमा करने के पश्चात उन्हें तत्काल पद स्थापना आदेश भी जारी किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक पूरे काउंसलिंग के दौरान मौजूद रहे।
- -सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती – केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान-आईबीसी 24 के नए स्टूडियो के शुभारंभ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित आईबीसी 24 के नए स्टूडियो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विश्वसनीयता के साथ खबरें देना किसी भी मीडिया संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को इस हाईटेक स्टूडियो से मीडिया जगत में नई पहचान मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर राज्य एवं केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक अधिक से अधिक पहुंचाने का आग्रह किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने कहा कि सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपने उद्योग, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अब मीडिया क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर अंकित होगा।समारोह को उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक सर्वश्री अजय चंद्राकर, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, गोयल ग्रुप के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल, डायरेक्टर श्री राजेंद्र गोयल और आईबीसी मीडिया एडिटर श्री रविकांत मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- महासमुंद // राज्य शासन के विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की शासकीय खरीदी जेम (Gem) पोर्टल के माध्यम से किया जाना आवश्यक है। इस हेतु जेम (Gem) पोर्टल प्रक्रिया के संबंध में दिनांक 03 एवं 04 जून 2025 तक दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षित शिविर रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रथम दिवस का प्रशिक्षण राज्य स्तरीय क्रेताओं के लिए तथा द्वितीय दिवस का प्रशिक्षण राज्य स्तरीय विक्रेता और स्टार्टअप आदि के लिए नियत है। उक्त प्रशिक्षण में जिले के विक्रेता, जो जेम (Gem) के माध्यम से विक्रय करना चाहते है 04 जून 2025 को प्रातः 11.00 बजे स्थान रेड कॉस मीटिंग हॉल, कलेक्ट्रेट परिसर, रायपुर में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है।
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- खुशियों की धनक कुछ इस तरह से आई, चेहरों पर मुस्कान और उल्लास लेकर आई..
- समर्पित एवं प्रतिबद्ध सरकार आम जनता के हित के लिए कर रही निरंतर कार्य
- जिले में 1 लाख 28 हजार 92 आवेदन पत्र हुए प्राप्त, 1 लाख 26 हजार 75 आवेदनों का किया गया निराकरण
- जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता एवं तत्परतापूर्वक समस्याओं का किया गया निराकरण
- आम जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किए गए प्रभावी कार्य
राजनांदगांव । खुशियों की धनक कुछ इस तरह से आई है, चेहरों पर मुस्कान और उल्लास लेकर आई है। यह सुशासन तिहार बहुत सी यादें देकर गया। किसी के ख्वाब पूरे हुए, कुछ बात बनी तो कहीं किसी की दिक्कत दूर हुई। सुशासन तिहार सफलता की इबारत लिख गया है। जो प्रेरक एवं लोककल्याणकारी है। इसके बहुत मायने हैं, जनमानस की आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बेहतरीन पहल की। लोकतंत्र एक अलग स्वरूप में अभिव्यक्त हुआ और दूर दराज तक आम जनता ने अपने सुख-दुख बांटे। जिले में जनसामान्य में अपनी समस्याओं को बताने के प्रति जागृति और जज्बा दिखाई दिया। प्रथम चरण में बड़ी संख्या में लोगों ने अपना आवेदन समाधान पेटी में जमा किया। गांव-गांव, मोहल्ले, चौक चौराहे पर सुशासन तिहार की चर्चा रही। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी नागरिकों ने बढ़ चढ़ कर सुशासन तिहार में हिस्सा लिया। आम जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्या के समाधान की शिद्दत से कोशिश की गई। सकारात्मक निदान खोजे गए और आम जनता को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने गांव-गांव में जाकर आम जनता के दुख-तकलीफ को जाना और समझा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समाधान शिविर में आम जनता के बीच पहुंच कर उनके सुख- दुख को जाना। उन्होंने पूछा कि कोई परेशानी तो नहीं है और यह भरोसा दिलाया कि सरकार आपके साथ है। लगातार सुशासन तिहार में शामिल होकर उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस बीच जिले को विभिन्न तरह की सौगात भी मिली। जिले में नालंदा परिसर के लिए भूमिपूजन किया गया। वहीं शासकीय प्रेस, मातृ छाया, फिश एक्वेरियम जैसी सौगात मिली। परिणाममूलक कार्य किए गए। जिले में 1 लाख 28 हजार 92 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है। जिनमें 1 लाख 26 हजार 75 आवेदनों का निराकरण किया गया है। समर्पित एवं प्रतिबद्ध सरकार आम जनता के हित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता एवं तत्परतापूर्वक समस्याओं का निराकरण किया गया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सुशासन तिहार को गति प्रदान की। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
एक माह तक उत्सव के माहौल में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। ग्रीष्म ऋतु के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इन शिविरों में शिरकत की। आम जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रभावी कार्य किए गए। सर्वाधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्राप्त हुए। दूरस्थ अंचलों तक आवास की बहुतायत मांग रही। शिविरों में हितग्रहियों को उनके पक्के आवास की खुशियों की चाबी सौंपी गई। बड़ी संख्या में पात्र व्यक्तियों का आवास के लिए चिन्हांकन किया गया। सुशासन तिहार में लाभ हेतु 27648 हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया। इसी तरह बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, वृद्धा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रमिक कार्ड, किसान किताब, राशन कार्ड, सड़क निर्माण, राजस्व प्रकरण, जॉब कार्ड, नि:शुल्क बीज वितरण, दिव्यांगजनों को मोटराईज ट्रायसायकल, मछली जाल, आईस बाक्स, किसान क्रेडिट कार्ड, नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत चेक वितरण, लखपति दीदी को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नन्हें बच्चों का अन्नप्राशन का आयोजन किया गया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की गई। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जनमानस के द्वार तक पहुंच कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। नीतिगत निर्णय के लिए पत्र भी प्रेषित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों का स्वास्थ्य जांच किया गया और आवश्यकता अनुसार मरीजों को नि:शुल्क दवाईयां दी गई। सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में प्रस्तुत शिकायतों एवं मांगों के आवेदनों का निराकरण होने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास देखने को मिला। - *खेती - किसानी के उन्नत तकनीक से अवगत हुए किसान*बिलासपुर /तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भरनी में भारत सरकार के कृषि मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन के समन्वय से विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान किसानों को नवीन वैज्ञानिक खोजों, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कृषि विभाग तथा संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं से अवगत कराने हेतु प्रारंभ किया गया है।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्षा डॉ. माधवी वस्त्रकार जी ने विशेष रूप से सहभागिता की। उन्होंने उपस्थित किसान भाइयों को फसल चक्र अपनाने, ग्रीष्मकालीन धान की फसल न लगाने तथा वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण करने की अपील की। कृषि विज्ञान केंद्र के पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. जयंत साहू ने किसानों को बीज उपचार, रोग प्रबंधन, एवं आगामी फसलों से संबंधित नवीन वैज्ञानिक जानकारियाँ प्रदान कीं। वहीं, जिला नोडल अधिकारी एवं सहायक मृदा परीक्षण अधिकारी मांझी मैडम ने मृदा परीक्षण व मृदा स्वास्थ्य के महत्व पर किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में मत्स्य पालन, उद्यानिकी, पशुपालन तथा फसल बीमा से संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे एवं अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री अश्विन सतपाल, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री ओ.पी. डहरिया तथा श्रीमती अंशु वासनिक की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अशोक प्रसाद द्वारा किया गया।
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बिलासपु /एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से (RSETI) ग्रामीण क्षेत्रे के बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं। केन्द्र से विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। प्रशिक्षण के पश्चात् बैंक लिंक के माध्यम से उन्हें ऋण की सुविधा भी दी जा रही है। विशेषकर बीपीएल कार्डधारी परिवारों के लिए यह संस्थान वरदान बनकर सामने आया है जहां उन्हें सभी सुविधाएं निःशुल्क मिल रही है। संस्थान में इन दिनों राज मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें 22 महिलाएं शामिल है, स्व सहायता समूह की ये महिलाएं न सिर्फ दीवारें बना रही हैं, बल्कि अपने भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से अब ग्रामीण महिलाएं भी आगे बढ़ रही है।
कोनी स्थित प्रशिक्षण केंद्र में एक माह के राज मिस्त्री प्रशिक्षण के लिए आई ग्राम तुर्काडीह की श्रीमती ममता यादव और गायत्री खांडे ने बताया कि उन्हें यहां न सिर्फ व्यावसायिक ज्ञान मिल रहा है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हम जैसे ग्रामीण महिलाएं भी तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं और कुछ कर सकती हैं, ममता ने कहा। अब हम खुद भी काम कर सकेंगे और दूसरों को भी सिखा सकेंगे। ग्राम मानिकपुरी की श्रीमती शांता मरावी ने बताया कि वह स्वयं की आजीविका कमाना चाहती थीं, उन्हें जब स्व सहायता समूह से इस प्रशिक्षण की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत भाग लेने का निर्णय लिया। शांता कहती हैं, यहां रहने और खाने की बहुत अच्छी व्यवस्था है और वह भी पूरी तरह मुफ्त। इससे हम पूरे ध्यान से प्रशिक्षण ले पा रहे हैं,जिसके बाद हमें अपने गांव में ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बनने वाले आवास में काम मिल सकेगा।
एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक श्री नरेंद्र साहू ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे बीपीएल परिवारों को व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यहां 18 वर्ष से ऊपर के बीपीएल परिवारों के ग्रामीण युवा और महिलाएं, जो बेरोजगार हैं, उन्हें विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें बैंकों से जोड़ा जाता है, जिससे वे स्वरोजगार के लिए ऋण ले सकें। साथ ही हम तकनीकी सहयोग प्रशिक्षण के बाद भी जारी रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान हर साल 1000 से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण देता है। यहां प्रशिक्षण लेने वाले युवक और महिलाएं दर्जी, ब्यूटी पार्लर, मशरूम उत्पादन, पशुपालन, जैविक खेती, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, बेकिंग, कुकिंग, बागवानी, ज्वेलरी मेकिंग, मोबाइल रिपेयरिंग जैसे अनेक क्षेत्रों में दक्षता हासिल कर रहे हैं।
सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्य को सार्थक करता यह संस्थान ग्रामीण समुदायों को नई दिशा दे रहा है। महिलाएं, जो कभी घरेलू कामों तक सीमित थीं, अब ईंट-गारे से लेकर निर्माण योजनाओं में योगदान दे रही हैं। इससे न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि गांवों में भी महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। संस्थान द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाएं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे है जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है साथ ही देश की आर्थिक तरक्की में भी वे अब अहम भूमिका निभा रहे हैं। -
बिलासपुर /राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली की अध्यक्ष महोदया श्रीमती विजया राहटकर 4 जून को बिलासपुर प्रवास पर पहुंच रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती राहटकर नई दिल्ली से विमान से रवाना होकर 10.05 बजे बिलासपुर पहुचेंगी। सवेरे 10.30 बजे रेलवे ऑडिटोरियम में मानव तस्करी विरोधी विषय पर आयोजित वर्कशॉप में शामिल होंगी। आरपीएफ पर्सनल के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। दोपहर 12.30 बजे गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में पॉश एवं सायबर सेक्यूरिटी जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। अपरान्ह 3 बजे बिलासपुर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेंगी। शाम 5 बजे सर्किट हाउस में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद शाम 7 बजे राजधानी रायपुर के लिए सड़क मार्ग से होकर रवाना हो जायेंगी।
- -154 आदिवासी ग्राम होंगे विकास की मुख्यधारा में शामिलकोरिया । भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा कोरिया जिले को ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के अंतर्गत जिले के 154 आदिवासी बहुल ग्रामों का चयन किया गया है, जिन्हें समग्र विकास की मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य रखा गया है।यह अभियान कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित होगा, जिसके तहत ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर, सरकारी सेवाओं की उपलब्धता और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंतराल की पहचान कर अभिसरण और संतृप्तिकरण के माध्यम से विकास सुनिश्चित करना है।15 जून से 30 जून तक चलेगा विशेष शिविर अभियानअभियान के अंतर्गत जिले में 15 जून से 30 जून 2025 तक ग्राम और क्लस्टर स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें दस्तावेज संबंधी सेवाएं, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। आजीविका एवं कृषि से सम्बंधित किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुद्रा ऋण, पीएम विश्वकर्मा, सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन, बीमा कवरेज, जन-धन खाते का लाभ दिया जाएगा। महिला एवं बाल कल्याण द्वारा टीकाकरण, पीएम मातृत्व वंदना योजना, आईसीडीएस सेवाएं, बुनियादी सुविधाएं के तहत सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, पक्के मकान और शिक्षा और कौशल विकास के तहत आवासीय विद्यालय, छात्रावास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर आदि लाभ इन आदिवासी ग्रामीणों को मुहैया कराया जाएगा।कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर यह कार्य किया जा रहा है। ‘धरती आबा अभियान‘ जिले के लिए एक सुखद परिवर्तनकारी पहल साबित हो सकती है, जो आदिवासी गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जिला प्रशासन ने जनजातीय समुदाय से विशेष अनुरोध किया है कि वे इन शिविरों में भाग लें और योजनाओं का लाभ उठाकर अपने गांव और जीवन को सशक्त बनाएं।
- रायपुर / मेसर्स अरिहंत स्टील नारायणपुर जिला नारायणपुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग जगदलपुर द्वारा 31 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जबकि जीएसटी के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय स्थल पर समस्त लेखा पुस्तकें रखा जाना अनिवार्य है। व्यवसायी ने बताया कि समस्त बिल, कर सलाहकार द्वारा जारी किया जाता है। इस कारण कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक किन्तु उस पर कर का नगद भुगतान मात्र 43 हजार रुपये का वर्तमान अवधि तक किया गया है।साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक माल की खरीदी 8.21 करोड़ रुपये की गई किंतु माल की सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नही किया गया। जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किन्तु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 10लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की, किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने व्यवसाय स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा (अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये ) के समर्थन में व्यवसायी से लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यवसायी द्वारा अपने परिचित कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। व्यवसायी के असहयोगात्मक रवैये एवं कर अपवंचन की विस्तृत जांच हेतु स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में आगामी कार्यवाही तक व्यवसाय स्थल सील बंद किया गया है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री साय ने श्री पासवान को कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से बने स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। गौरतलब है कि केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान आज एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे।
- -अब बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएंरायपुर, ।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शालाओं के युक्तियुक्तकरण की दिशा में एक सार्थक पहल की जा रही है। इस पहल के तहत बस्तर संभाग के सात जिलों में कुल 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे विद्यालयों की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा जिलों में ऐसी शालाओं को चिन्हित किया गया, जहाँ या तो छात्र संख्या बहुत कम थी या एक ही परिसर में अथवा निकट में दो से अधिक शालाएं संचालित हो रही हैं, इन शालाओं को एकीकृत कर उन्हें बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। संयुक्त संचालक शिक्षा ने बताया कि बस्तर संभाग के बस्तर जिले में 274, बीजापुर जिले की 65, कोण्डागांव जिले की 394, नारायणपुर की 80, दंतेवाड़ा जिले की 76, कांकेर जिले की 584 तथा सुकमा जिले की 138 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे शिक्षक विहीन एकल शिक्षकीय एवं आवश्यकता वाली अन्य शालाओं मेें अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना हो सकेगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन जैसे पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब और खेल सामग्री भी उपलब्ध हो सकेंगी।संयुक्त संचालक, शिक्षा, बस्तर संभाग, जगदलपुर ने बताया कि एकीकृत शालाओं में एक ही परिसर में पढ़ाई होने से बच्चों को नियमित स्कूल आना आसान होगा, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। इसके अलावा, प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी और बचत को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नियोजित और चरणबद्ध रूप से संपन्न की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और विद्यालय परिसरों को संसाधनयुक्त बनाना है। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा।
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- एक वर्ष के लिए खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु किया गया प्रतिबंधित
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों के तहत विभागीय तकनीकी जांच के बाद कार्यरत ठेकेदार मेसर्स सिंग एसोसिएट भिलाई एवं ठेकेदार मेसर्स दास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव के अनुबंध को निरस्त कर दिया है। कलेक्टर डॉ. भुरे ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम झंडातलाब, नवागांव में कार्यरत ठेकेदार मेसर्स सिंग एसोसिएट भिलाई द्वारा कार्य पूर्ण नहीं करने और कार्य में किसी प्रकार की रूचि नहीं प्रदर्शित करने पर कार्य को निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुबंध निरस्त कर अनुबंध की कंडिका 3 के तहत निविदा के लिए जमा अमानत राशि को शासन के पक्ष में राजसात करते हुये आगामी 1 वर्ष के लिये खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु प्रतिबंधित किया है।
इसी तरह कलेक्टर डॉ. भुरे ने डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पैरीटेका में कार्यरत ठेकेदार मेसर्स दास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव को बारम्बार पत्राचार पश्चात भी कार्य करने में कोई रूचि नहीं दिखाने के कारण निरस्तीकरण के निर्देश दिए। निरस्तीकरण के पहले ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कार्य में अनियमितता पाए जाने और ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत पत्र को अमान्य करते हुये अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुबंध की कंडिका 3 के तहत निविदा हेतु जमा अमानत राशि को शासन के पक्ष में राजसात करते हुये आगामी 1 वर्ष के लिये खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु प्रतिबंधित करते हुये निरस्तीकरण के निर्देश दिए। - रायपुर।, छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम फैसला सुनाया है। रेरा ने आशीर्वाद अपार्टमेंट परियोजना (कोहका, जिला दुर्ग) से जुड़े एक मामले में प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह आवंटी को 28.71 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित तत्काल लौटाए।यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब यह पाया गया कि आवंटी और प्रमोटर के बीच अनुबंध होने के दो साल बाद भी फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा, जिससे आवंटी को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।रेरा के आदेशानुसार, प्रमोटर द्वारा मूलधन 23 लाख 71 हजार रुपये और उस पर 5 लाख रुपये ब्याज सहित कुल 28 लाख 71 हजार रुपये की राशि लौटाई जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर की लापरवाही ने उपभोक्ता का विश्वास तोड़ा है और साथ ही रेरा कानून का उल्लंघन किया है ।रेरा रजिस्ट्रार ने इस संदर्भ में कहा कि रेरा का उद्देश्य है कि प्रत्येक होमबायर को समय पर उसका अधिकार मिले। यह आदेश उसी दिशा में एक मजबूत संदेश है कि कोई भी प्रमोटर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी या देरी नहीं कर सकता। रेरा के इस निर्णय से न केवल पीड़ित उपभोक्ता को राहत मिली है, बल्कि यह अन्य खरीदारों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश बनेगा। रेरा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और समय पर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस मंच पर शिकायत दर्ज करें।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में प्रत्येक शनिवार स्वच्छता त्यौहार अभियान के अंतर्गत जिले के सभी ग्रामों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देश पर विश्व पर्यावरण दिवस की थीम को समर्पित करते हुए शरिवार को स्वच्छता त्यौहार का आयोजन किया गया। स्वच्छता त्यौहार के अंतर्गत गांवों में नालियों की सफाई, तालाबों एवं सरोवरों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। ग्रामीणों को पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
स्वच्छता त्यौहार कार्यक्रम के अंतर्गत घर-घर जाकर कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया और लोगों को नियमित रूप से यूजर चार्ज जमा करने के लिए जागरूक किया गया, ताकि यह प्रणाली आत्मनिर्भर और सतत बनी रहे। इस दौरान स्वच्छता मित्रों एवं स्वच्छग्राहियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। उन्हें प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वच्छता त्यौहार में पंच-सरपंच, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामवासियों तथा जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस अभियान को जनांदोलन का रूप दे दिया। स्वच्छता रैलियों, जन संवाद और दीवार लेखन के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को घर-घर तक पहुँचाया गया। स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को बल दिया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं के संबंध में जानकारी दी।

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