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- -नक्सल प्रकरण वापसी हेतु हर सप्ताह होगी बैठक, शासकीय वकीलों की बनेगी टीम-प्रभावित परिवारों को मिले हर संभव सहायतारायपुर ।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास एवं विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में जेल में निरुद्ध ऐसे आरोपियों, जिनके विरुद्ध गंभीर जनहानि के प्रकरण नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिसके लिए विधि विभाग की सहायता से अभियोजन एवं वकीलों का दल बनाकर प्रकरण वापसी पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह इसकी प्रगति की समीक्षा बैठक संबंधित प्रकरण से जुड़े जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे नक्सल प्रकरण जिनमें जनहानि नहीं हुई है उनमें जेल में निरुद्ध नक्सल आरोपियों की रिहाई आवश्यक है।कभी अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के तीव्र विकास के लिए शासन द्वारा नक्सल मुक्त प्रस्ताव पारित कर ऐसे ग्रामों में 1-1 करोड़ रुपयों के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को आजीविका प्राप्त होने के साथ ग्रामों का विकास भी होगा। इसके लिए वर्तमान में 50 ग्रामों को चिन्हित किया गया है। जिसमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 एवं नारायणपुर के 10 ग्राम शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचेगा।बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी नक्सल पीडि़त एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाए ताकि शहीदों एवं पीडि़तों की स्मृतियों को सम्मान मिल सके। उन्होंने जिलावार नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों एवं मृत नागरिकों के मामलों, उनके परिजनों को प्रदान की गई सहायता तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर विलंब न हो।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास नीति का पालन करते हुए पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का अगले एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीडि़तों एवं पुनर्वासितों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए तैयार डेश बोर्ड में जानकारी प्रविष्ट करने को कहा। उन्होंने माओवादियों द्वारा लुटे गए हथियारों की बरामदगी पर अंतर्राज्यीय समिति बनाकर मिलान करने एवं जंगल में कोई भी हथियार ना छूटे यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका सिंह बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -हर स्कूल में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण के निर्देश-वीबी जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जिला पंचायत सीईओ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षारायपुर ।उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कमर कसकर अगले आठ महीनों में निर्धारित सभी लक्ष्यों को तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा शुक्रवार को वीबी जीरामजी योजना एवं पंचायत विभाग के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) से जुड़े।उप मुख्यमंत्री ने सभी जिला पंचायत सीईओ को अपने-अपने विकासखंडों का नियमित भ्रमण करने, निर्माण कार्यों की सतत निगरानी रखने तथा आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता और जवाबदेही आवश्यक है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेश के सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत संतृप्तता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन ग्रामों में मुक्तिधाम उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मुक्तिधाम निर्माण कराने तथा अनुपयोगी एवं खराब पड़े बोरवेलों को इंटक वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।वीबी जीरामजी योजना की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय, वरिष्ठ नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने तथा सभी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता रखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीबी जीरामजी योजना का लाभ तेजी से प्रत्येक ग्राम तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने वीबी जीरामजी के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र में चबूतरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पीएम श्री विद्यालयों, पोटा केबिनों एवं अन्य विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, धरसा विकास तथा शौचालय निर्माण जैसे जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए श्री शर्मा ने सभी निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो-टैगिंग कराने तथा नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गरीब परिवारों के आवास निर्माण में यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने सभी जिला पंचायत भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए निर्देश दिए और जिन जिला पंचायतों में सौर ऊर्जा स्थापनाएं नहीं है वहां स्थापना करवाने तथा इसके मेंटेनेंस के लिए एनआरएलएम की दीदियों को प्रशिक्षित कर कार्य प्रदान करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन 'शक्तिसैट' (ShaktiSat) के लिए 'नेशनल फाइनलिस्ट' के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से चुनी गईं इकलौती छात्रा हैं।इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के बाद 'केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट' का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपना स्थान पक्का किया है। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इन्नोवेशन) और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।'मिशन शक्तिसैट' एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा। दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा। विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो (ISRO) द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर होगा। यहाँ रागनी को इसरो व IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन 'स्पेस किड्ज इंडिया' की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
- 0- 19 शिविरों में 573 बच्चों की हुई जाँच, 45 एनआरसी रेफररायपुर। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से कुपोषित और संकटग्रस्त बच्चों (विशेषकर 0 से 6 वर्ष तक के) को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालना और उनमें संक्रमण की पहचान कर उनका इलाज करना है।छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को पूरी तरह कुपोषण मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन और अनूठी पहल पर जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के आपसी तालमेल से जिले में कुपोषण के खिलाफ जंग तेज कर दी गई है। 19 विशेष शिविरों का आयोजन कर 573 कुपोषित बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।इस मुहिम के तहत जून माह में जिला प्रशासन द्वारा सारंगढ़, कोसीर, बरमकेला और लेन्धरा परियोजना के विभिन्न सेक्टरों में 19 विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 573 कुपोषित बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 422 बच्चों को मौके पर ही आवश्यक दवाइयाँ वितरित की गईं। वहीं, गंभीर रूप से कुपोषित 45 बच्चों को त्वरित उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (छत्ब्) भेजा गया है। जिले में कुपोषण दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस मुहिम से सीधे जोड़ा गया है। अधिकारी अब चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के वजन और ऊंचाई का कड़ाई से सत्यापन कर रहे हैं। साथ ही, कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी सघन निगरानी और लगातार फॉलोअप किया जा रहा है।सबसे ज्यादा कुपोषण प्रभावित ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और रेडक्रॉस जैसी प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का मुख्य लक्ष्य कुपोषित और संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्रव्यूह से बाहर निकालना है। इसके तहत बच्चों को न केवल निःशुल्क चिकित्सीय परीक्षण और दवाइयाँ दी जाती हैं, बल्कि बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा विशेष परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि जिले का हर बच्चा सेहतमंद और सुपोषित बन सके।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु आम नागरिकों के लिए प्रभावी और सुविधाजनक माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से शासन की विभिन्न सेवाएं नागरिकों को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं त्वरित तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।कोण्डागांव नगर के अस्पताल वार्ड निवासी श्री जितेन्द्र सोनी ने सेवा सेतु की इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपने बच्चों के लिए जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाए। उन्होंने बताया कि पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने में काफी समय और परेशानी होती थी, लेकिन सेवा सेतु केंद्र में पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और व्यवस्थित रही। श्री सोनी ने आवश्यक दस्तावेज जमा कर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी हुई और उन्हें बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के समय पर अपने बच्चों के जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए। उन्होंने कहा कि इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु आम नागरिकों के लिए शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जो सरकारी सेवाओं को घर के नजदीक, सरल और सुलभ बना रहा है।
- राजनांदगांव। कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना राजनांदगांव ग्रामीण 02 अंतर्गत ग्राम सहसपुरदल्ली के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02 में सहायिका पद पर भर्ती के लिए 27 जुलाई 2026 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी पोर्टल https://aww.e-bharti.in के माध्यम से निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रस्तुत कर कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एवं पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है। निर्धारित तिथि के बाद एवं डॉक से प्रेषित आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 0- सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब शासकीय सेवाओं का लाभ लेना हुआ अधिक सरल और सुलभराजनांदगांव। राज्य शासन की डिजिटल पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। इसी का लाभ उठाकर राजनांदगांव जिले की श्रीमती दीप्ति साहू ने ऑनलाइन विवाह पंजीकरण एवं विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त कर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की राह आसान बनाई।श्रीमती दीप्ति साहू, पति श्री शेषनारायण साहू पहले की तरह अन्य नागरिकों की भांति शासकीय दस्तावेजों के लिए बार-बार कार्यालयों में जाने को मजबूर थी। उनके पास पूर्व में जारी ऑफलाइन विवाह प्रमाण पत्र था, लेकिन विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। ऑनलाइन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कई योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली। ग्राम एवं तहसील स्तर पर संचालित सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उन्होंने विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपलोड करने के बाद उनका आवेदन शीघ्रता से प्रक्रिया में लिया गया और बिना किसी परेशानी के निर्धारित समय में विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।श्रीमती दीप्ति साहू ने बताया कि आवेदन करने के 15 दिवस के भीतर उन्हें ऑनलाईन विवाह प्रमाण पत्र मिल गया। ऑनलाइन विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने से अब उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा हो रही है। इस पूरी प्रक्रिया में उनका समय, श्रम और अनावश्यक खर्च भी बचा। सेवा सेतु पोर्टल की सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था से संतुष्ट होकर उन्होंने अन्य लोगों को भी इस डिजिटल सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। श्रीमती दीप्ति साहू ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं अब पहले की तुलना में अधिक सरल और सुलभ हो गई हैं। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- राजनांदगांव। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा खरीफ मौसम में एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को धान की बोनी एवं रोपा फसल में समय पर खरपतवार प्रबंधन के संबंध में आवश्यक समसामयिक सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने बताया कि एल-नीनो के कारण वर्षा की अनियमितता एवं नमी की कमी की संभावना रहती है। जिससे खरपतवारों की बढ़वार तेज होती है और धान की उपज 30-40 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में अनुशंसित समय पर शाकनाशियों का प्रयोग, खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना, जल संरक्षण एवं समुचित जल प्रबंधन अपनाने से खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है तथा फसल की उपज एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।धान की बोनी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बोनी के 0-3 दिन बाद (प्री-इमर्जेन्स) पेंडीमेथालिन 30 ईसी 1000 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 80 ग्राम प्रति हेक्टेयर एवं बोनी के 15-20 दिन बाद (पोस्ट-इमर्जेन्स) पिनोक्सुलम 37.5 ग्राम प्रति हेक्टेयर, ट्राइफ्लोक्सीसल्फ्यूरॉन + इथॉक्सीसल्फ्यूरॉन 90 ग्राम प्रति हेक्टेयर, संकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 300-320 मिली प्रति हेक्टेयर, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए फिनॉक्साप्रॉप-इथाइल 250 मिली प्रति हेक्टेयर उपयोग करें। बोनी के 20-25 दिन बाद बिसपाइरीबैक सोडियम 80-100 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पिनोक्सुलम + सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 882 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा फ्लोरपायरॉक्सीफेन + पिनोक्सुलम 500 मिली प्रति हेक्टेयर, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए 2,4-डी अमाइन साल्ट 344-517 मिली प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।धान की रोपा फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के 0-3 दिन बाद (प्री-इमर्जेन्स) पेंडीमेथालिन 1000 मिली प्रति हेक्टेयर, प्रीटिलाक्लोर 600 मिली प्रति हेक्टेयर, पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 80 ग्राम प्रति हेक्टेयर, बेन्सल्फ्यूरॉन मिथाइल +प्रीटिलाक्लोर 4.0 किग्रा प्रति हेक्टेयर एवं रोपाई के 15-20 दिन बाद पिनोक्सुलम 37.5 ग्राम प्रति हेक्टेयर, ट्राइफ्लोक्सीसल्फ्यूरॉन + इथॉक्सीसल्फ्यूरॉन 90 ग्राम प्रति हेक्टेयर तथा रोपाई के 20-25 दिन बाद बिसपाइरीबैक सोडियम 80-100 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पिनोक्सुलम +सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 882 मिली प्रति हेक्टेयर उपयोग करे।शाकनाशी का छिड़काव खेत में पर्याप्त नमी होने पर करें। अनुशंसित मात्रा में 375-500 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। छिड़काव के बाद 24-48 घंटे तक खेत का पानी बाहर न निकालें। आवश्यकता होने पर 20-25 दिन बाद हाथ से निराई भी करें। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा किसानों से एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों में वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन अपनाकर धान की फसल को खरपतवारों से सुरक्षित रखने तथा अधिक उत्पादन एवं बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने की अपील की गई है।
- बालोद। कौशल प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले के 27 प्रशिक्षित युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला। शुक्रवार को कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को जॉब ऑफर लेटर सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।कलेक्टर ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हैं। उन्होंने चयनित युवाओं को नई जिम्मेदारियों के साथ पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्रशिक्षित इन 27 युवाओं का चयन हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी, प्लंबिंग, वेल्डिंग और सोलर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हुआ है। उन्हें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ राज्य के बाहर स्थित प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में रोजगार मिलेगा।कौशल आधारित प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बन रहा है। इससे जिले के अन्य युवाओं को भी प्रशिक्षण लेकर बेहतर रोजगार हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के मोतीलाल देवांगन, खेमंत सिन्हा सहित संस्था के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग। सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी प्रतीक्षा और कागजी औपचारिकताओं का दौर अब धीरे-धीरे बीते दिनों की बात बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रहा है। दुर्ग जिले का एक हालिया उदाहरण इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव की धर्मपत्नी ने नाम परिवर्तन के लिए सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की गई और गजट प्रकाशन की औपचारिकताएं भी समय पर संपन्न हुईं। इसके बाद जिला कार्यालय के सेवा सेतु प्रबंधक ने आवेदक को राजपत्र प्रकाशन का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।यह मामला केवल एक आवेदन के निपटारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली कितनी सहज और भरोसेमंद बन सकती है। पहले जिन प्रक्रियाओं में कई बार अनावश्यक विलंब होता था, अब वे ऑनलाइन व्यवस्था के कारण तय समय में पूरी हो रही हैं।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और अपने प्रकरण की ऑनलाइन निगरानी भी कर सकते हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और पारदर्शिता के साथ जवाबदेही भी बढ़ी है।वास्तव में डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने का प्रभावी साधन भी बन रही है। छत्तीसगढ़ में जनता के द्वार, डिजिटल सरकार की अवधारणा अब व्यवहारिक रूप से साकार होती दिखाई दे रही है।
- 0- कलेक्टर श्री लंगेह ने श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर को 2 लाख रुपए की बीमा दावा राशि का चेक सौंपामहासमुंद. केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अपने कक्ष में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम गाड़सिवनी की निवासी श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर को 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना कम प्रीमियम में अधिक सुरक्षा प्रदान करने वाली जनकल्याणकारी योजना है। किसी परिवार के कमाऊ सदस्य के असामयिक निधन के बाद आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे समय में योजना के तहत मिलने वाली बीमा सहायता राशि परिवार के लिए बड़ा सहारा बनती है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल सके।उन्होंने जिले के सभी पात्र नागरिकों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़ने और समय-समय पर अपने बैंक खाते के माध्यम से इसका नवीनीकरण कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि बैंकों की सक्रिय भागीदारी से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना से जोड़ने तथा दावा प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीमा सहायता राशि प्राप्त करते हुए श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर ने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संबंधित बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दो तहसीलों का किया औचक निरीक्षण0- नक्शा बटांकन और सीमांकन को प्राथमिकता देने के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को बिलासपुर एवं सकरी तहसीलों का निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की प्रगति और अभिलेखों के संधारण का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न राजस्व प्रकरणों की फाइलों का अवलोकन कर उनके निराकरण की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों में नियमित एवं शीघ्र-शीघ्र पेशियां निर्धारित कर प्राथमिकता के साथ उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से नक्शा बटांकन और सीमांकन के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्शा बटांकन लंबित रहने से भूमि संबंधी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं और नागरिकों को विभिन्न शासकीय कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस कार्य में तेजी लाते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।उन्होंने तहसीलों में रखे जाने वाले राजस्व अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर भी जोर दिया और कहा कि अभिलेख सुरक्षित, अद्यतन एवं व्यवस्थित होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे राजस्व प्रकरणों के पक्षकारों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी चर्चा कर राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के संबंध में सुझाव प्राप्त किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं तहसील का अमला उपस्थित था।
- 0- मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने बढ़ाया आत्मविश्वास, व्यवसाय के साथ जीवन भी हुआ आसानबिलासपुर. कभी बाजार जाने, सामान लाने या अपने व्यवसाय से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना उनकी मजबूरी थी। लेकिन समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने उनकी इस मजबूरी को आत्मविश्वास में बदल दिया है। अब उनके जीवन की रफ्तार भी उनके अपने हाथों में है।मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर की श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू कहती हैं कि "यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए नई जिंदगी की तरह है। अब मुझे किसी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मैं अपनी दुकान का काम पहले से ज्यादा आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाऊंगी।" उन्होंने इस सहयोग के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी तरह कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं। पहले दुकान के लिए सामान लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे स्वयं बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को अधिक सुचारु रूप से संचालित कर पाएंगे। विष्णु सिंह राजपूत कहते हैं कि "अब मुझे अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा माध्यम है।" बृहस्पति साहू और विष्णु सिंह राजपूत जैसे अनेक दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह सहायता केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है। समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन्हें न केवल बेहतर आवाजाही की सुविधा दे रही है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी दे रही है।
- 0- कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा की, बोले: पौधे कम लगाएं, लेकिन उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता होबिलासपुर. जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं तथा उद्योगों के सहयोग से इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में करीब 14.50 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 12.25 लाख पौधे वन विभाग तथा 2.25 लाख पौधे उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार रखे हुए हैं। उद्यान विभाग द्वारा करीब 75 हजार पौधे इच्छुक नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सरकंडा, वेदपरसदा (मस्तूरी), बहतराई (तखतपुर) और करगीकला (कोटा) स्थित नर्सरियों से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष अभियान में मुख्य रूप से फलदार एवं छायादार पौधों के रोपण पर जोर दिया जाएगा। बड़े आकार के पौधे लगाए जायेंगे।कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष ब्लॉक प्लांटेशन की अवधारणा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पौधों की नियमित देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के बाद पौधों की जिम्मेदारी बिहान की महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, ताकि भविष्य में फल उत्पादन से उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल सके। उन्होंने ऐसे पौधों के रोपण पर बल दिया, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने में भी सहायक हों। बैठक में कलेक्टर ने बताया गया कि 18 जुलाई को जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। अभियान में स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक भी सहभागी होंगे। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय कार्यालयों तथा शासकीय भूमि पर पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने सहित अन्य तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड में एक मॉडल गांव विकसित करने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए। इन गांवों को किसी एक विशेष फलदार प्रजाति, जैसे आम, अमरूद या मुनगा के आधार पर विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ये गांव फल उत्पादन के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने के मॉडल बन सकें। उन्होंने उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उद्योग प्रतिनिधियों ने अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के आसपास उपलब्ध भूमि पर भी पौधरोपण किया जाए, जिससे उनकी नियमित देखरेख और संरक्षण बेहतर ढंग से हो सके।बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज सहित विभिन्न शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- बालोद. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर श्री आरके सोनकर ने बताया कि अवैध प्लाटिंग की सूचना पर संबंधित हल्का पटवारी प.ह.नं. 21 तहसील गुरूर जिला बालोद से प्रतिवेदन लिया गया। प्रतिवेदन में हल्का पटवारी ने लेख किया है कि ग्राम गुरूर तहसील गुरूर जिला बालोद के भूमिस्वामी नाबा. आकाश कुमार पिता पालूराम पा. चाचा जगदीश साहू, नाबा. पीयूष कुमार पिता पालूराम पा. चाचा जगदीश साहू, जगदीश कुमार उर्फ जगदीश्वर कुमार के नाम पर खसरा नंबर 91/1 रकबा 0.306 हे. दर्ज है। भूमिस्वामी के द्वारा उक्त भू-खण्ड पर अवैध रूप से बिना अनुमति के मुरूम डालकर अपने खेत जाने हेतु रास्ता बनाया गया है। किसी भी प्रकार या भू-खण्ड की बिक्री नहीं किया गया है, प्रतिवेदित है।
- 0- बच्चों को दी गई चार प्रकार के कचरे और डस्टबिन की जानकारीबालोद. भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के आदेशों के परिपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बालोद जिले में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी के निर्देशानुसार सुप्रीम कोर्ट के नियमों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक ग्राम, ग्राम पंचायत और स्कूलों में निरंतर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.डी. मंडले के कुशल मार्गदर्शन में आज पीएमश्री प्राथमिक शाला आड़ेझर में स्कूली बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद पंचायत डौंडी के विकासखंड समन्वयक श्री डी.एस. यादव द्वारा छात्र-छात्राओं को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के अनुरूप चार प्रकार के ठोस कचरे और उनके पृथक्करण हेतु निर्धारित चार रंग के डस्टबिनों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता सुदृढ़ करने के लिए स्रोत स्तर (सोर्स लेवल) पर ही कचरे को अलग-अलग करना कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों को गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू जोखिमयुक्त कचरा और सैनिटरी अपशिष्ट को पहचान कर उन्हें संबंधित डस्टबिन में ही डालने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि ये बच्चे अपने घरों और गांवों में भी स्वच्छता के इस संदेश को फैला सकें। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती माधुरी ठाकुर, उपसरपंच श्री सुरेश कुमार, शिक्षक श्रीमती हेमेश्वरी श्रीवास, ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती भारती साहू, रोजगार सहायक श्री दिनेश लारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंच श्री काशीराम तारम, श्रीमती मतिप्रभा दर्रो, श्रीमती पौत्री बाई, अंजू बाई सहित अन्य वार्डों के पंचगण, स्थानीय ग्रामीण, ग्राम पंचायत की स्वच्छाग्रही दीदियाँ एवं शाला के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। जनपद पंचायत प्रशासन द्वारा जिले भर के शैक्षणिक संस्थानों और पंचायतों में इस अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।
- 0- 3 किलोवाट सोलर रूफटॉप संयंत्र से बिजली बिल हुआ शून्य0- केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली 1.08 लाख रूपए की सब्सिडीराजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इस योजना का लाभ लेकर राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड क्रमांक 46 निवासी श्री यशवंत साहू आज न केवल अपने बिजली खर्च से मुक्त हो गए हैं, बल्कि भविष्य में अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। श्री यशवंत साहू ने बताया कि उनके पड़ोस में लगे सोलर रूफटॉप को देखकर उन्हें भी योजना की जानकारी मिली और उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर माह जनवरी 2026 में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना पर लगभग 1 लाख 80 हजार रूपए की लागत आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य सरकार से 30 हजार रूपए कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस प्रकार उन्हें स्वयं केवल लगभग 72 हजार रूपए का व्यय करना पड़ा।उन्होंने बताया कि स्थापना के लिए किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया, बल्कि अपनी जमा बचत राशि का उपयोग किया है। श्री यशवंत साहू ने बताया कि सोलर संयंत्र लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल 1500 से 1800 रूपए तक आता था और गर्मी के मौसम में 2200 रूपए तक बिजली बिल आता था। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद से अब तक उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 15 हजार रूपए से अधिक की बचत होगी। उन्होंने कहा कि कुछ ही वर्षों में उनकी स्वयं की लागत भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजने पर उन्हें उसका भुगतान भी मिलेगा। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पहले वे केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन अब बिजली के उत्पादक और उपभोक्ता दोनों बन गए हैं। श्री साहू ने बताया कि ग्राम हल्दी में उनकी साइकिल की दुकान है तथा वे कृषि कार्य भी करते हैं। सोलर योजना से बिजली बिल में होने वाली बचत का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और व्यवसाय के विकास में कर रहे हैं। श्री यशवंत साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता से प्रेरित होकर उनके पड़ोसी एवं मित्र ने भी अपने घर में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया है। इसके अलावा आसपास के लोग भी उनके घर आकर योजना की जानकारी लेते हैं और सोलर संयंत्र लगाने में रूचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली एक जनहितकारी पहल है।
- 0- आधुनिक एवं विविधीकृत खेती अपनाने का दिया गया संदेशमहासमुंद. खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा में शुक्रवार को आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने किसानों को उड़द बीज किट का वितरण किया। इस अवसर पर किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने, फसल विविधीकरण तथा शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धान के साथ फसल विविधीकरण अपनाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।कार्यक्रम में विधायक श्री सिन्हा ने किसानों को खरीफ फसल प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कृषि सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को समय पर पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेज अद्यतन कराने की सलाह दी। साथ ही मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह करते हुए कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने से उत्पादन बढ़ता है और लागत में कमी आती है।कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी अल्का सोनी ने किसानों को जैविक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्तमान मौसम परिस्थितियों एवं अल नीनो के संभावित प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। अन्य कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए धान के साथ-साथ उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन एवं अन्य दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाना समय की आवश्यकता है।कार्यक्रम में किसानों को जिले में खाद एवं प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए आवश्यकतानुसार कृषि सेवा केंद्रों से सामग्री प्राप्त करने की अपील की गई। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन एवं कृषि विस्तार सेवाओं की भी जानकारी प्रदान की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजनदुर्ग। हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में एक भव्य छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री (संगठन) थे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री, श्री ललित चंद्राकर, विधायक, दुर्ग ग्रामीण, श्री नंदन जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा छत्तीसगढ़, आचार्य चंदन कुमार चौबे, हिंदी विभाग, कला संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, श्री सुरेंद्र कौशिक, जिला भाजपा अध्यक्ष, श्रीमती अल्का बाघमार, महापौर, दुर्ग नगर निगम, डॉ. अजय कुमार सिंह, प्राचार्य, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग, श्री भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव, हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में आगमन पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट के माध्यम से अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सनातन परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।अतिथियों के स्वागत उपरांत कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का व्यक्तित्व राष्ट्रवाद, शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि श्री पवन साय ने अपने प्रेरक उद्बोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र के प्रति उनके अद्वितीय योगदान का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने स्मरण कराया कि डॉ. मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति रहे तथा राष्ट्रीय एकता के लिए उनके द्वारा दिया गया उद्घोष—"एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे"—आज भी राष्ट्रभक्ति और अखंडता का प्रतीक है।केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा की श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने राष्ट्र की अखंडता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उनका अडिग संकल्प आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और समर्पण का अमिट संदेश है। उनका त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र प्रथम का विचार हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।विशिष्ट वक्ता आचार्य चंदन कुमार चौबे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी 125वीं जयंती पर भी देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाना उनके महान व्यक्तित्व और विचारों की प्रासंगिकता का प्रमाण है।श्री नंदन जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ के माध्यम से राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त संगठनात्मक आधार प्रदान किया, जिसका प्रभाव आज भी देश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. ज्योति धारकर ने प्रभावी एवं गरिमामय ढंग से किया। अंत में डॉ. अजय कुमार सिंह, प्राचार्य, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के स्वयंसेवक तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, युवा जागरण एवं राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- 0- अनुसंधान और नवाचार को बताया किसानों की समृद्धि की कुंजीरायपुर। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का दौरा कर विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान संचालक कृषि राहुल देव भी उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, इन्क्यूबेशन सुविधाओं और विभिन्न अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव मदद करेगी।कृषि उत्पादन आयुक्त ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया। टिश्यू कल्चर लैब में केला, गन्ना और बांस के ऊतक संवर्धित पौधों के उत्पादन की जानकारी ली। उन्होंने कृषि संग्रहालय, विश्वविद्यालय के उत्पादों के विक्रय केंद्र और भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी निरीक्षण किया।डॉ. आर.एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला और बायोटेक पार्क के भ्रमण के दौरान उन्हें देश के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे सबसे बड़े धान जर्मप्लाज्म संग्रह के बारे में जानकारी दी। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि यहां धान की 23,250 पारंपरिक किस्मों के जनन द्रव्य संरक्षित हैं, जिनमें कई औषधीय और पोषक गुणों से भरपूर हैं। इनके आधार पर नई उन्नत धान किस्मों का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य फसलों की छह हजार से अधिक किस्मों का भी संरक्षण किया गया है।उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब में संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप तथा बांस टिश्यू कल्चर पर चल रहे अनुसंधान और फाइटोसेनेटरी लैब का भी अवलोकन किया। इससे पूर्व आयोजित बैठक में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और किसानों के हित में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।
- दुर्ग. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के संकार्य प्रभाग के निर्देशानुसार मनाए जा रहे ’स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ के अंतर्गत आज राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) द्वारा एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भिलाई इस्पात संयंत्र, सेल के उद्यानिकी विभाग के सहयोग से स्ट्रीट-22, सेक्टर-9, भिलाई नगर स्थित खुले मैदान में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग के सहायक निदेशक श्री अभिषेक शुक्ला ने किया। उन्होंने प्रथम सिंदूर का पौधा रोपकर इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग के महाप्रबंधक श्री एन.के. जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विक्रांत सरन,उप महाप्रबंधक, श्री राजेश कुमार शर्मा एवं श्री शंकर अग्रवाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सिंदूर के पौधों का रोपण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।स्वच्छता पखवाड़े के इस आयोजन में राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। सभी प्रतिभागियों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, बल्कि रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया, ताकि भविष्य में ये पौधे हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।इस अवसर पर सहायक निदेशक श्री अभिषेक शुक्ला ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, यह वृक्षारोपण कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को धरातल पर उतारने का एक प्रयास है, जिसमें उन्होंने वृक्षारोपण को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, सुरक्षित और स्वस्थ कल सुनिश्चित किया जा सके।मुख्य अतिथि और भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक (उद्यानिकी) श्री एन.के. जैन ने राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, दुर्ग के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे और निरंतर प्रयासों से न केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि आम जनता भी वृक्षारोपण और पौधों की रक्षा के लिए प्रेरित होगी।कार्यक्रम के अगले चरण में कार्यालय के स्टाफ ने रोपे गए सभी नए पौधों में पानी और जैविक खाद डाली ताकि उनका उचित संवर्धन हो सके। कार्यक्रम का समापन सामूहिक स्वल्पाहार के साथ प्रकृति के सानिध्य में सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला कोटराभाटा में 83 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल तेन्दुआ में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल टोहडा में 156 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 में 235 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र उछला तालाब, अमीनपारा एवं अर्जुननगर में 187 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी हनुमान नगर गुढ़ियारी एवं अशोक नगर में 175 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 938 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- 0- अब तक 5 हजार से अधिक बच्चों को पिला चुकी पोलियो की खुराक0- अभनपुर की रूपा ने ठाना, कोई बच्चा पोलियो का शिकार न हो0- सक्रियता से हजारों बच्चों को मिली सुरक्षा, गांव गांव में मिसाल बनींरायपुर। अभनपुर ब्लॉक के ग्राम बिरोदा की मितानिन सुश्री रूपा साहू पिछले 20 वर्षों से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य कर रही हैं, जिस दौरान अब तक वे 5 हजार से अधिक बच्चों को खुराक पिला चुकी हैं। साल 2006 से शुरू हुआ उनका यह सफर आज हजारों बच्चों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है।सुश्री साहू स्वयं दिव्यांग हैं। वे बताती हैं कि बचपन में किसी कारणवश वे पोलिया ड्रॉप नहीं ले पायी थी। लेकिन उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कमजोरी नहीं बनने दिया। रूपा ने संकल्प लिया कि कोई भी अन्य बच्चा इस बीमारी से पीड़ित न हो।सुश्री साहू सामान्य किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता कृषक हैं एवं उनकी माता गृहणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने समाज सेवा को अपना मिशन बनाया।मितानिन के रूप में सुश्री रूपा का कार्य केवल पोलियो खुराक तक सीमित नहीं है। वे घर-घर जाकर बच्चों का वजन करती हैं, उनकी देखभाल करती हैं, बीपी और शुगर की जांच करती हैं। जो लोग असमर्थ हैं, उनके साथ स्वास्थय केंद्र जाकर इलाज भी करवाती हैं।सघन पल्स पोलियो अभियान में रूपा लगातार सक्रिय सहभागिता निभा रही हैं। उनकी सक्रियता से क्षेत्र के हजारों बच्चों को समय पर पोलियो की दो बूंद मिली है। इससे बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में बड़ी मदद मिली है।
- 0- रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं संध्या निर्मलकर को तीन दिन में मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में नवा रायपुर क्षेत्र के ग्राम गनौद निवासी श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मात्र तीन दिनों में विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा प्राप्त हुई।श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने 3 जुलाई 2026 को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 6 जुलाई 2026 को उन्हें विवाह प्रमाण पत्र जारी कर उपलब्ध करा दिया गया।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र मिलने से हितग्राहियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली तथा उनका समय और धन दोनों की बचत हुई।श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्हें मात्र तीन दिनों में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने इस जनहितकारी सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं आसानी और समय पर उपलब्ध हो रही हैं।
- रायपुर. प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।



























