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*हाथी-मानव द्वंद रोकने चलाया गया जन-जागरूकता अभियान*
रायपुर/मरवाही वनमण्डल, पेण्ड्रारोड अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वनस्पतियों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से 02 अक्टूबर 2023 से 08 अक्टूबर 2023 तक वनमण्डल के सभी परिक्षेत्रों में वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य रूप से मरवाही परिक्षेत्र अंतर्गत डी.ए.वी. स्कूल मरवाही, स्वामी आत्मानंद विद्यालय मरवाही एवं शासकीय हाई स्कूल दानीकुण्डी में ड्रॉइंग-पेंटिंग, स्लोगन, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चे बहुत ही उत्साह से भाग ले रहे हैं।*हाथी मानव द्वंद रोकने चलाया गया जन-जागरूकता अभियान -*मरवाही में हाथी से प्रभावित ग्रामों में हाथी मानव द्वंद रोकने जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। गजरथ के माध्यम से हाथी मानव द्वंद को कम करने हेतु हाथी के व्यवहार एवं हाथी के आने पर क्या करें और क्या न करें इस संबंध में लाउड स्पीकर के माध्यम से एवं पाम्पलेट के माध्यम से जन जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही गजराज द्वारा किये गये क्षतिपूर्ति राशि ग्रामीणों को चेक के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है।मानव हाथी द्वंद रोकने चलाए गए जन-जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि हाथी आने की सूचना निकटवर्ती वन कर्मचारी को तुरंत दी जानी चाहिए। सभी घरों में पर्याप्त रौशनी रखें, हाथियों का सामना होने पर उनसे दूरी बनाकर रखें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़े। हाथी ढलान में तेज गति से नहीं उतर सकता है, परंतु चढ़ाई में दक्ष होते हैं। सुरक्षा संबंधी निर्देशों को अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार का शोरगुल या हल्ला न करें, सेल्फी और फोटो न लें, हाथियों को खदेड़ने उसके पास न जाए, हाथियों को गुलेल, तीर, मशाल और पत्थरों से बिल्कुल न मारें। घर में बनें शौचालय का उपयोग करें। देशी शराब व महुआ से शराब न बनाएं व भंडारण न करें। हाथियों के विचरण क्षेत्र में तेंदूपत्ता, फुटु, बांस के संग्रहण के लिए एवं मवेशी चराने के लिए न जाएं।*नुक्कड़ नाटक के के जरिए दिया वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश*ग्रामों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश प्रसारित किया जा रहा है एवं गौरला परिक्षेत्र अंतर्गत ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल पेण्ड्रारोड, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय आमाडोब एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पकरिया में भी में ड्रॉइंग-पेंटिंग स्लोगन, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई है । -
रायपुर / राज्य शासन द्वारा गोवर्धन पूजा पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार गोवर्धन पूजा के अवसर पर 13 नवंबर 2023 के पूर्व में नवा रायपुर अटल नगर एवं रायपुर शहर में स्थित शासकीय कार्यालय एवं संस्थाओं के लिए घोषित स्थानीय अवकाश को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के फलस्वरूप 15 नवंबर को भाईदूज पर्व के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर तथा रायपुर शहर में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उप कोषालय के लिए लागू नहीं होगा। - रायपुर /छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया के दौरान होने वाले साक्षात्कार में पात्र अभ्यर्थी को न बुलाए जाने के संबंध में सोशल मीडिया में एक समाचार प्रसारित हुआ है, जिसमें उल्लेख है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी द्वारा पीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर यह शिकायत की गई है कि सीजीपीएससी-2022 की भर्ती के दौरान ओबीसी श्रेणी में लिखित परीक्षा में 710 से 715 नम्बर पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन का आरोप है कि उन्हें लिखित परीक्षा में 771.5 अंक प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि प्रसारित समाचार भ्रामक तथा तथ्यहीन हैै। वस्तुस्थिति यह है कि राज्य सेवा परीक्षा 2022 में अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन द्वारा प्रथम प्रश्न पत्र के प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में पृष्ठ क्रमांक 20 पर प्रश्न क्रमांक 17 (ख) में श्री राधेश्याम तथा राजेश मोहन उल्लेख कर पहचान चिन्ह दर्शित करने के कारण आयोग द्वारा उन्हें अनर्ह घोषित करते हुए परीक्षा परिणाम प्रक्रिया से पृथक किया गया है। इस कारणवश राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2022 के साक्षात्कार की सूची में अभ्यर्थी को शामिल नहीं किया गया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन की कंडिका 11 का (पग) एवं प्रश्न सह उत्तरपुस्तिका में उल्लेखित निर्देश की कंडिका-04 के अनुसार- प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान के अतिरिक्त कहीं पर भी अपना नाम, अनुक्रमांक, कोई धार्मिक चिन्ह, कोई पहचान चिन्ह या उत्तर के अतिरिक्त अन्य कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या कोई धार्मिक शब्द या वाक्य नहीं लिखा जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिका में नीले व काले बॉल पॉइण्ट पेन के अतिरिक्त अन्य किसी भी रंग अथवा किसी प्रकार के पेन जैसे स्केच पेन, हाईलाइटर, ग्लिटर पेन इत्यादि का प्रयोग न करें। ऐसा करने पर जाँचकर्ता द्वारा संबंधित अभ्यर्थी को अनर्ह घोषित किए जाने की अनुशंसा की जा सकती है। उक्त संदर्भ में आयोग का निर्णय अंतिम होगा।उक्त निर्देशों का पालन अभ्यर्थी श्री शिवम कुमार देवांगन द्वारा नहीं किए जाने के कारण ही उन्हें अनर्ह घोषित किया गया है।
- कांकेर। कोतवाली कांकेर अंतर्गत अजुर्नी छोटेपारा में आरोपी ने प्रार्थियां के घर के आंगन में रखी स्कूटी व पल्सर बाईक को आग के हवाले कर दिया। परिजनों ने जलने की बदबू आने पर जलते हुए वाहन को बचाने का प्रयास किया, परंतु तब तक वाहन जलकर खाक हो गए थे। प्रार्थियां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के अंदर धरदबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 457, 435 आईपीसी के तहत कार्यवाही की गई।कोतवाली में शिकायत करने पहुँची अर्जुनी छोटेपारा निवासी 29 वर्षीय अनिता उसेण्डी पति महेश उसेण्डी ने पुलिस को बताया कि7 अक्टूबर की रात्रि में मेरे घर आगन मे एक्टिवा वाहन क्रमांक बीएच 3274 और पल्सर वाहन मोटर सायकल क्रमांक सीजी 04 जे 4784 को रात्रि करीबन 01 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगा दिया गया। अवाज आने व जलने की बदबू आने से हम लोग उठ कर देखे कि दोनो वाहन जल रहा है। पानी डाल कर बुझाए, परंतु वाहन उस समय तक पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे। लिखित में शिकायत मिलने के उपरांत कोतवाली पुलिस घटनास्थल पहुँची और घटना का अवलोकन करने के उपरांत परिजनों से बातचीत किया। बातचीत और पूछताछ करने पर पुलिस को कुछ सबूत मिले।पुलिस को जाँच में पता चला कि आरोपी भीरावाही मांझापारा 32 वर्षीय रिंकू कोमरा पिता सजीवन राम 7 अक्टूबर की रात को करीबन 1 बजे प्रार्थिया के घर दीवाल फांदकर आंगन में पहुँचा और आंगन मी रखी स्कूटी एक्टीवा क्रमांक सीजी 19बीएच 3274 तथा मोटर सायकल बजाज पल्सर क्रमांक सीजी 20 जे4794 को आग लगा दिया, जिससे मोटर सायकल तथा स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो गई थी। पुलिस ने आरोपी को दबोचा और अपने कब्जे में लिया। आरोपी ने पुलिस को बतायाा कि दुर्भावनावश व रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि विगत कुछ दिनों से आयोग द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रियाओं पर कुछ सोशल मीडिया व प्रिंट मीडिया के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों को स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप तैयार कर) वायरल किए जा रहे हैं कि प्रश्न के अनुरूप उत्तर न होने पर भी अंक प्रदान किए गए हैं, यदि ऐसा किसी अभ्यर्थी के साथ घटित हुआ हो तो उक्त संबंध में आयोग कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के अवर सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2022 में कुल 2661 अभ्यर्थी शामिल थे। अतः सोशल मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के 1 या 2 पृष्ठ (प्रश्न के आधे-अधूरे उत्तरों के स्क्रीनशॉट इमेज क्लिप) के आधार पर उक्त उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी के है, यह आयोग स्तर पर पहचान किया जाना संभव नहीं है और न ही उक्त तथ्यों की जाँच किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः मीडिया में प्रसारित उत्तर पुस्तिकाओं के पृष्ठ से संबंधित अभ्यर्थी अपने उत्तर पुस्तिकाओं की छायाप्रति के साथ आयोग कार्यालय में अभ्यावेदन प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही किया जा सके।
- -प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनीरायपुर /छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा महत्वपूर्ण औषधीय पौधे- सैलेशिया, नन्नारी, मिल्क थिसल, पुदीना, यलंग-यलंग, सिट्रोडोरा एवं गुड़मार आदि पौधे का छत्तीसगढ़ में कृषिकरण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रजातियों के कृषिकरण से किसान प्रति एकड़ 75 हजार से डेढ़ लाख रूपए तक की आमदनी प्राप्त कर सकते है।इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में औषधीय प्रजातियों का कृषिकरण किए जाने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य फसल के वाणिज्यिक कृषिकरण को बढ़ावा देकर स्थानीय कृषकों के आर्थिक लाभ को बढ़ाना एवं कृषिकरण के प्रति उनका मनोबल बढ़ाना है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में औषधि पादप बोर्ड द्वारा किसानों को दी जा रही सहुलियत के फलस्वरूप इनकी खेती के लिए भरपूर प्रोत्साहन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 108 एकड़ में प्रायोगिक तौर पर बच की खेती तथा 800 एकड़ से अधिक रकबा में लेमन ग्रास की खेती की जा रही है।राज्य औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु औषधीय प्रजातियों के लिए बहुत उपयुक्त है। बोर्ड का यह प्रयास है कि किसानों को उपरोक्त प्रजातियों के फायदे एवं कृषिकरण की जानकारी देकर इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण का प्रयास बोर्ड द्वारा जा चुका है, जो सफल हुआ है। ये औषधीय पौधे कई बीमारियों में उपयोग किये जाने के कारण इनका बाजार मांग अधिक होने के साथ-साथ अत्यधिक मूल्य वाले प्रजातियॉ है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे.ए.सी.एस. राव ने जानकारी दी कि इसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना एवं पलायन करने वाले युवाओं को भी बेहतर भविष्य की तरफ ले जाना है। उक्त प्रजातियों के कृषिकरण हेतु निःशुल्क पौधे एवं मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य पंरपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा दिया जा रहा है एवं बोर्ड द्वारा मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।सैलेशिया बहुवर्षीय काष्ठीय लता वाली झाड़ी है इसके जड़ औषधीय महत्व के होते है, जिनका उत्पादन किया जाता है। इसके जड़ का उपयोग मोटापा कम करने व मुख्य रूप से डायबिटिस रोग में किया जाता है। साथ ही इसके तने में भी औषधीय गुण सैलेषिलॉन मैंजीफेरीन पाये जाते है, जिसका बाजार मांग है। इसकी खेती बीज एवं तने के कटिंग से की जाती है। एक एकड़ में रोपण हेतु 3000 पौधे की आवश्यकता होती है। एक एकड़ से सालाना 2.00 लाख रूपये प्राप्त होता है। इसे प्रत्येक 4 वर्षो में संग्रहण किया जाता है।नन्नारी एक बहुवर्षीय काष्ठीय लता है, जिसके जड़ का उपयोग औषधीय में किया जाता है। इसके जड़ में बिटा-साइक्लोडेस्ट्रीन (वनीला फ्लेवर) पाया जाता है। यह एन्टीआक्सिडेंट से भरपूर होता है। जिसका उपयोग हर्बल हेल्थ ड्रिंक्स में किया जाता है। इसकी बाजार मांग अंतराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक है। इसके खेती से किसान एक एकड़ से 1.5 साल में 5 से 6 लाख रूपये की आय प्राप्त कर सकते है। जो कि अन्य फसल के ख ेती से प्राप्त नही की जा सकती है। इसकी खेती हेतु रेतीली दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। पौधे से 18-30 माह में जड़ का संग्रहण किया जाता है। एक एकड़ से 2 टन सूखा जड़ प्राप्त होता है। इसका बाजार मूल्य 300 रू. है। एक एकड़ से किसान को 5 से 6 लाख रू. आय प्राप्त होती है।मिल्क थिसल बहुवर्षीय शाकीय पौधा है। यह एक प्रकार का खरपतवार जैसा है, जो आसानी से फैलता है। यह एक शोध पौधा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लीवर रोग में किया जाता हैे। इस कारण इसका बाजार मांग अत्यधिक है। इसे किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। इसके बीज का छिड़काव कर खेती की जाती है। इसके बीज का छिड़काव अक्टूबर माह में किया जाता है। इसके बीज का संग्रहण जुलाई से अगस्त माह में किया जाता है। इस पौधे की यह विशेषता है कि इसे कम पानी एवं किसी भी प्रकार के मिट्टी में लगाया जा सकता है। यह एक रवी फसल है, जो धान के फसल लगाने के पश्चात इस फसल को लगाकर किसान एक एकड़ से लगभग 50 से 60 हजार का मुनाफा प्राप्त कर सकते है।पुदीना सामान्य शाकीय पौधा है, यह रवी फसल के रूप में अक्टूबर माह में लगाया जाता है, जो 4 से 5 माह में तैयार हो जाता है। इसे खरीफ फसल के बाद वाणिज्य फसल के रूप में छत्तीसगढ़ में 2 वर्षो से सफल कृषिकरण किया जा रहा है। एक एकड़ से लगभग 30 से 50 किलोग्राम तेल प्राप्त किया जाता है। किसान अपने खेत में लगाकर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते है। यह बहुत ही कम देखभाल वाला पौधा है। इसके तेल की बाजार मांग अच्छी है। पुदीना की खेती से किसान एक एकड़ से 30 से 50 हजार रूपए तक की आय प्राप्त कर सकते है।खुशबूदार पौधे में यलंग-यलंग, जिसे इत्रों की रानी कहते है। यह तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है। इसके पेटल से खुशबूदार तेलप्राप्त होता है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके तेल का उपयोग एंजाटि, उच्च रक्तचाप आदि में मुख्य रूप से किया जाता है। तीन वर्ष पश्चात् पौधे से फूल उगने लगते है। इसके तेल की कीमत काफी ज्यादा होती है। ऐसे में पौधे का कृषिकरण करने पर किसानों को कई गुणा लाभ इस फसल से होगा जो अन्य पारंपरिक खेती ज्यादा है।अन्य सुगंधित पौधे के रूप में सिट्रोडोरा, जो ऊंचा वृक्ष है। यह छत्तीसगढ़ के जलवायु में आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए अच्छी धूप, जल निकासी क्षेत्र व बंजर भूमि में भी लगाया जा सकता है। इसे 4 से 5 वर्ष में जमीन से 5 फीट छोड़ कर तने को काट देने के उपरांत आये पत्तियों का संग्रहण किया जाता है। इसकी पत्तियों से नींबू की सुगंध आती है। इसका तेल एंटीसेप्टिक व जीवाणुरोधी है। इसका उपयोग खांसी और गले में खराश व अन्य संक्रमण में राहत के लिए किया जाता है। इसके तेल का बाजार मूल्य 1200 प्रति लीटर है एवं किसान इसकी खेती कर एक एकड़ से एक लाख रूपए सालाना आय प्राप्त कर सकते हैं।
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-रोजाना सुबह 6.00 बजे से 7.30 बजे योग आसनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है
दुर्ग। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा नि:शुल्क नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम के अंतर्गत दुर्ग के अनेक क्षेत्रों में नि:शुल्क योगाभ्यास केंद्र शुरू किए गए हैं। हाल ही में, महावीर खेल मैदान बोरसी, न्यू आदर्श नगर और वार्ड क्र. 46 में ओम्कारेश्वर मंदिर के पीछे जिम क्लब पद्मनाभपुर में नि:शुल्क योगाभ्यास केंद्र शुरू किया गया है। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने इन केंद्रों का शुभारंभ किया।
इन केंद्रों में लोगों को योग की शिक्षा देने के लिए स्थानीय योग प्रशिक्षकों की मदद ली जा रही है। वार्ड क्र. 46 में ओम्कारेश्वर मंदिर के पीछे जिम क्लब पद्मनाभपुर में हॉकी खिलाड़ी और योग प्रशिक्षक भूमिका उपाध्याय की देखरेख में योगाभ्यास कराया जा रहा है। भूमिका उपाध्याय ने बताया कि योग केंद्रों में रोजाना प्रात: 6.00 बजे से 7.30 बजे योग आसनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क है। भूमिका ने बताया कि योग करने के कई फायदे हैं। योग हमारे शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी स्वस्थ बनाता है। योग हमारे शरीर की मांसपेशियों को अच्छा व्यायाम देने के साथ ही तनाव से राहत देता है और बेहतर नींद लाता है, भूख और पाचन को बढ़ाता है। यह दिमाग को हमेशा शांत रखता है। इन योगाभ्यास केद्रों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि वे किसतरह योग को अपनाकर स्वस्थ और निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं।वहीं वार्ड क्र. 51 महावीर खेल मैदान बोरसी दुर्ग में योगाभ्यास केंद्र की जिम्मेदारी योग प्रशिक्षक जानकी सिन्हा और न्यू आदर्श नगर दुर्ग में स्निग्धा शर्मा को दी गई है। -
बिलासपुर/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत जिला पंचायत बिलासपुर के सभाकक्ष में सभी क्षेत्रीय बैंक के शाखा प्रबंधकों के लिए उन्नमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भारत सरकार द्वारा चिन्हित नेशनल रिसोर्स पर्सन श्री डीडी मिश्रा, श्री मोहन रेड्डी एवं राज्य मिशन कार्यालय नवा रायपुर से इज्क्यूटिव-एफआई श्री अशोक कुमार द्वारा शाखा प्रबंधकों, मिशन स्टॉफ एवं कैडर्स को भारत सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार एसएचजी कान्सेप्ट, एसएचजी कार्पस, बैंक क्रेडिट लिंकेज, इंटरप्राईज क्रेडिट, दोहरी प्रमाणीकरण, एनपीए, ब्याज अनुदान, ऑनलाईन लोन एप्लीकेशन, सामुदायिक बीमा एवं क्लेम संबंधी एवं अन्य विषयों की जानकारी दी गई। उनके द्वारा स्व-सहायता समूहों हेतु बैंक सरलीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय अग्रवाल के द्वारा मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों के वित्तीय समावेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छ0ग0 राज्य ग्रामीण बैंक की चार शाखाओं गनियारी, करगीरोड, खम्हरिया एवं चकरभाठा के शाखा प्रबंधकों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में शाखा प्रबंधक, लीड बैंक अधिकारी, श्री दिनेश उरांव, डीएमएम श्री रामेन्द्र सिंह गुर्जर, प्र. डीपीएम अजीत वर्मा, ब्लाक स्तरीय बीपीएम एवं केडर्स उपस्थित थे।
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- टी सहदेव
भिलाई नगर। सुरों के जादूगर लेजेंड्री पार्श्वगायक पद्मविभूषण एसपी बालासुब्रमण्यम की स्मृति में शनिवार को संगीत संध्या का आयोजन किया गया। सिविक सेंटर स्थित महात्मा गांधी कलामंदिर के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में बोंगूस इंटरटेनमेंट तथा नीलम्स एजुकेशनल प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में आयोजित 'सच मेरे यार है' एक संगीतमय यात्रा सीजन 3 की शुरुआत देवी सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। संगीत संध्या में वीडियो द्वारा पेश की गई स्व. बालासुब्रमण्यम की जीवनी, संगीत यात्रा एवं उनके गाए सदाबहार गीतों की मेडली ने सबकी आंखें नम कर दी। संगीत संध्या ने समारोह में ऐसा समां बांधा कि सुरों की यह सरिता मध्यरात्रि तक बहती रही।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेलुगु सिनेमा के मसीहा पद्मश्री स्व. एनटी रामाराव की सौवीं जयंती के उपलक्ष्य में उन पर फिल्माए गए गीतों की झलक बड़ी स्क्रीन पर दिखाई गई। समारोह की अगली कड़ी में कलाकारों ने एसपी के नाम से मशहूर गायक द्वारा गाए गए लोकप्रिय गीतों की संगीतबद्ध प्रस्तुति दी। संगीत समारोह के संयोजक बोंगूस इंटरटेनमेंट के निदेशक बी सुग्रीव एवं नीलम्स एजुकेशनल के संस्थापक एन चन्नाकेशवुलु थे। इस दौरान लोगों की फरमाइश पर विधायक देवेंद्र वादव ने भी एक फिल्मी गाने का मुखड़ा पेश किया।
गीतों के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि
समारोह के अंत में महान गायक बालासुब्रमण्यम को उन्हीं के गाए गीतों को गायक-गायिकाओं ने अपनी आवाज में प्रस्तुत कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्मरणीय है कि बालासुब्रमण्यम के नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में सबसे अधिक गीत गाने का रेकॉर्ड दर्ज है। सुरों की इस महफिल को यादगार बनाने में कर्नाटक गायन शैली की प्रख्यात गायिका गंटी सरोजा, पीटी उल्लास कुमार, देबरथ रॉय, एवी श्रीनिवास, बी सुग्रीव, टी विशाल, सुंदरराव, टीटूस टोनी, बी जतिन, वीणा माखीजा, आरती जयकुमार, बी चैतन्या, जाह्नवी, तुषिता, रूपाली तथा तेरह संगीतकारों के ग्रुप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर अतिथियों और समाज के प्रमुख व्यक्तियों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान भी किया गया। संगीत संध्या में विधायक के अलावा भजन एवं ग़ज़ल गायक प्रभंजय चतुर्वेदी, भाजयुमो के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनीष पांडे, आंध्र साहित्य समिति, अभा तेलुगु सेना तथा छग अग्निकुल क्षत्रिय समाज के पदाधिकारियों ने भी शिरकत की। - रायपुर। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सड्डू , रायपुर निवासी श्रीमती अम्मिनी राम दास का 84 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। वे वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्ण दास की माता थीं। उनकी अंतिम यात्रा रविवार 8 अक्टूबर को प्रात: 11:00 बजे उनके निवास स्थान एचआईजी 37, सेक्टर-8, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सड्डू से देवेन्द्र नगर मुक्तिधाम के लिये निकलेगी।
- -आयुष विभाग द्वारा चिकित्सकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजनरायपुर ।राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आज नौ नए राष्ट्रीय कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में राज्य शासन के आयुष विभाग द्वारा चिकित्सकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयुष विभाग की संचालक सुश्री नम्रता गांधी एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी शुभारंभ कार्यक्रम और उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित थे।राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आज राज्य में सुप्रजा आयुष मातृ एवं नवजात देखभाल, वयोमित्र, करुणा, आयुर्विद्या, एनीमिया और लिम्फेटिक फाइलेरियासिस के लिए रुग्णता प्रबंधन व विकलांगता नियंत्रण जैसे नवीन राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान विभागीय अधिकारियों और चिकित्सकों ने स्वास्थ्य प्रणाली को और मज़बूती प्रदान करने पर विस्तृत चर्चा की। आज प्रारंभ हुए नए कार्यक्रमों के बारे में विभाग द्वारा जल्दी ही विस्तृत प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे।चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अनुचित जीवन शैली जनित विकार तथा अन्य जटिल रोगों के उपचार में आयुष चिकित्सा पद्धतियों की बड़ी भूमिका है। उन्होंनें कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों से कहा कि इन चिकित्सकीय ज्ञान और चिकित्सा पद्धतियों को आत्मविश्वास के साथ लोगों तक पहुंचाएं जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। उन्होंने आयुष विभाग से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए सभी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन समय-सीमा में पूर्ण होने की उम्मीद जताई। उन्होंने आयुष में संचालित सभी कार्यक्रमों के तहत रोगियों की केस स्टडी भी प्रकाशित करने को कहा। कार्यक्रम में आयुष संचालनालय के अधिकारी, शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर और बिलासपुर के प्राचार्य एवं संबंधित विषय विशेषज्ञ, सभी जिलों के जिला आयुर्वेद अधिकारी और चिकित्सक मौजूद थे।
- -स्वर्णप्राशन के प्रति लोगों को जागरूक करने पाम्पलेट वितरण, आईक्यू मूल्यांकन, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ निःशुल्क औषधि वितरित की गई-आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्णप्राशनरायपुर। बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर में आज 1270 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। जनसामान्य को इसके प्रति जागरूक करने आज पाम्पलेट वितरण, आईक्यू मूल्यांकन (IQ Assessment) और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ निःशुल्क औषधि का वितरण भी किया गया।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 9 जनवरी को 831, 4 फरवरी को 1124, 3 मार्च को 1137, 29 मार्च को 1290, 27 अप्रैल को 860, 24 मई को 835, 20 जून को 1012, 18 जुलाई को 1145, 14 अगस्त को 1188 और 10 सितम्बर को 1140 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया।
- -क्वालीफाई करने वाली टीम भारतीय महिला लीग चैम्पियनशिप में भाग लेंगी-खेल संचालक ने बालिका खिलाड़ियों को वितरित किए किटरायपुर / छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ के तत्वावधान में रायपुर, भिलाई एवं दल्लीराजहरा मेें 8 अक्टूबर से 30 नवम्बर 2023 तक चौथी राज्य महिला फुटबॉल लीग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। इस लीग में चयनित 60 बालिका खिलाड़ियों को आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम रायपुर में खेल किट वितरित किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष सह रायपुर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष श्री मुश्ताक अली प्रधान खिलाड़ियों के साथ उपस्थित थेे। इस राज्य लीग चैम्पियनशिप में क्वालिफाई करने वाली टीम भारतीय महिला लीग चैम्पियनशिप में भाग लेंगी।राज्य विमेन फुटबॉल लीग चैम्पियनशिप में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बालिका फुटबॉल अकादमी रायपुर की 50 बालिका खिलाड़ियों का भी चयन हुआ है। श्रीमती सिन्हा ने सभी बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए लीग चैम्पियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर खेल विभाग की वरिष्ठ फुटबॉल प्रशिक्षक श्रीमती सरिता कुजूर टोप्पो, सहायक प्रशिक्षक कुमारी सरिता यादव, श्री टी.एन. रेड्डी भी उपस्थित थेे।
- -छत्तीसगढ़ में विज्ञान के लोकव्यापीकरण योजना के तहत पाटन के मर्रा में तैयार किया गया है साइंस पार्करायपुर / विद्यार्थियों को खेल-खेल में ही विज्ञान के कठिन सिद्धांतो को समझाने के लिए पाटन के ग्राम मर्रा साइंस पार्क एवं साइंस म्यूजियम तैयार किया गया है। साईस पार्क में आउटडोर एवं इनडोर साइंस विज्ञान प्रादर्श लगाये गये हैं। 10 हजार वर्गफीट में बने आउटडोर साइंस पार्क में 29 विज्ञान प्रादर्श तथा 2 हजार 500 वर्गफीट में स्थापित इनडोर साईस म्यूजियम में 32 विज्ञान प्रादर्श स्थापित किए गए हैं। यह साइंस पार्क छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के विज्ञान लोकव्यापीकरण योजना के तहत तैयार किया गया है। यह साइंस पार्क बी. एम. बिरला साईंस सेंटर, बिरला आर्कियोलॉजिकल एवं कल्चरल रिसर्च इन्स्टीट्यूट प्रभाग हैदराबाद के सहयोग से किया गया है।साइंस पार्क में माध्यमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम अनुसार विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर अधारित प्रादर्श लगाये गये है, जिसमें ब्रिज प्रिन्सिपल को प्रदर्शित करने हेतु ब्रिज प्रादर्श, एंगुलर मुमेन्टम को प्रदर्शित करने हेतु ब्लैकहोल, आर्किमिडीज पेंच के सिद्धांत पर आर्किमिडीज स्क्रू पुली प्रिन्सिपल के सिद्धांत पर लिफ्ट योर सेल्फ एवं साउंडवेव्स को प्रदर्शित करने हेतु जाइलो फोन, चंद्रयान, डायनासोर आदि प्रादर्श सम्मिलित है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विगत 06 अक्टूबर को पाटन में आयोजित विभिन्न विकास कार्यो के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में इस नवनिर्मित साइंस पार्क एवं साइंस म्यूजियम का लोकार्पण किया था।राज्य के विद्यालयों में साइंस पार्क की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राज्य में विज्ञान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना एवं विद्यालयीन छात्र-छात्राओं को खेल-खेल में आसानी से विज्ञान प्रादर्शों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को समझाना है। इसके साथ ही विदयार्थियों में दैनिक जीवन में उपयोगी वैज्ञानिक तथ्यों को समझने, वैज्ञानिक खोज तथा विश्लेषणात्मक सोच उत्पन्न करने, रचनात्मक प्रतिभा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रीजनल साइंस सेंटर के महानिदेशक श्री एस. एस. बजाज, कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र मीणा, बी.एम. बिड़ला विज्ञान केंद्र, हैदराबाद के श्री आर सुब्रमण्यन एवं अन्य अतिथिगणों सहित 600 छात्रों ने उद्घाटन अवसर पर साइंस पार्क का अवलोकन किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल पर राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कार्यरत कैडर - सक्रिय महिला, रिसोर्स बुक कीपर, पीआरपी, बैंक सखी/मित्र, कृषि सखी, पशु सखी और उद्योग सखी के मानदेय में 27 प्रतिशत की वृद्धि की है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नवगठित जिलों में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को परिपत्र जारी कर इन सामुदायिक कैडर के मानदेय में वृद्धि के निर्देश दिए हैं।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में विभिन्न कैडर कार्यरत हैं जिनके माध्यम से मिशन की गतिविधिया॓ संचालित की जाती हैं। ये कैडर जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यरत हैं। ये कैडर ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिकता की भावना को विकसित करते हुए ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करती हैं।
- -मुख्यमंत्री रायपुर स्थित अम्बेडकर चौक में डॉ. भीम राव अम्बेडकर जी की नवीन प्रतिमा स्थापना हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुएरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर स्थित अम्बेडकर चौक में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की नवीन प्रतिमा स्थापना हेतु आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए । इस अवसर पर विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, महापौर श्री एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा एवँ जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे ।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंबेडकर जयंती के दिन यह बात सामने आयी कि बाबा साहब की वर्तमान मूर्ति बहुत पुरानी और खण्डित हो गई है इसलिए इसके स्थान पर नई मूर्ति की स्थापना की जाये। यह जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई, निगम ने इसके लिए टेंडर निकाला, प्रक्रिया पूर्ण की और मूर्ति भी अब निर्माणाधीन है । आज मूर्ति स्थापना कार्य का भूमि पूजन किया जा रहा है, इस अवसर पर मैं आप सभी को बधाई एवँ शुभकामनाएं देता हूं ।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बाबा साहब ने जो रास्ता दिखाया है उसी रास्ते पर चलकर हम समाज और देश को आगे ले जा सकते हैं । उन्होंने हमें जो संविधान दिया है वह सभी देशवासियों के लिए सबसे बड़ी ताकत है । इसी संविधान के तहत हम सभी को अधिकार और बहुत सी स्वतंत्रताएं मिली हैं । अब यदि संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया जाएगा तो यह देशवासियों को कमजोर करने का प्रयास होगा, जिससे देश भी कमजोर होगा । संविधान को सर्वोच्च मानते हुए संविधान की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है क्योंकि यही संविधान हम सभी को अधिकार सम्पन्न बनाता है ।
- -रोहित व्यास हुए मंत्री से सम्मानितभिलाईनगर । प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक मोर जमीन मोर मकान के क्रियान्वयन मे नगर पालिका निगम भिलाई ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम पुरस्कार एवं सम्मान पत्र प्राप्त किया।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा श्रम मंत्री शिवकुमार डहरिया ने रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह में निगम भिलाई के आयुक्त रोहित व्यास को सम्मान पत्र तथा प्रतीक चिन्ह प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के विभिन्न घटकों में बेहतर कार्य करने के लिए भिलाई निगम प्रशंसा के पात्र है उन्होंने कहा कि मोर जमीन मोर मकान योजना के क्रियान्वयन में हितग्राहियों के आवेदन को तेजी से निपटा कर लोगों को आवास उपलब्ध कराने में पूरे छत्तीसगढ़ में निगम भिलाई ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के नवनियुक्त सदस्य श्री संत कुमार नेताम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने श्री नेताम को उनके नवीन दायित्वों के लिए बधाई एवँ शुभकामनाएं दी।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश थमने के बाद तापमान बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक पी चंद्रा के मुताबिक अगले चार दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा। 6 शहरों में पारा 30 के पार पहुंच गया है। दिन में गर्मी का असर रहेगा और रात को हल्की ठंड महसूस होगी। मौसम विभाग ने शनिवार को कहीं भी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। प्रदेश में 15 अक्टूबर तक मानसून की विदाई हो जाएगी। इसके बाद हवा की दिशा बदलेगी। छत्तीसगढ़ में उत्तर की ओर से हवा आने लगेगी तब ठंड बढ़ेगी। सबसे अधिक तापमान 36.5 डोंगरगढ़ और न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस नारायणपुर में दर्ज किया गया। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, समेत अन्य जिलों में बारिश नहीं हुई।
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रायपुर। ट्रेनों के रद्द होने का सिललिसा जारी है। रेलवे ने चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले राउरकेला रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के नाम पर 5 एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है। रेलवे यह काम 7 से 14 अक्टूबर के बीच करने का निर्णय लिया है। वहीं दूसरी ओर नागपुर मंडल के अंतर्गत कमलना खंड में तीसरी लाइन जोड़ने के लिए रेलवे चार एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया था।
पटना से चलने वाली पटना-सिकंदराबाद स्पेशल 4, 9, एवं 11 अक्टूबर, हैदराबाद से चलने वाली हैदराबाद-पटना स्पेशल 11 अक्टूबर। सिकंदराबाद से चलने वाली सिकंदराबाद-पटना स्पेशल 13 अक्टूबर, रक्सौल से चलने वाली रक्सौल-हैदराबाद स्पेशल 10 अक्टू.को और हैदराबाद से चलने वाली हैदराबाद-दरभंगा स्पेशल 7 और 14 अक्टूबर को रद्द रहेगी । -
बालोद। जिले की दोनों नगर पालिकाओं बालोद व दल्ली राजहरा ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिव डहरिया के कर-कमलो द्वारा पुरस्कार प्राप्त किया है। दोनों पालिकाओं के इस सम्मान पर जिले के कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने अपनी शुभकामनाएं दी है ।
भारत सरकार के निर्देशानुसार स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा इंडियन स्वच्छता लीग 2.0 का छत्तीसगढ राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सीएमओ सुनील अग्रहरि को तथा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सीएमओ श्रीमती शीतल चंद्रवंशी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया है ।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डाॅ. अयाज तंबोली, राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सौमिल रंजन चौबे सहित राज्य के सभी नगर निगम आयुक्त, नगर पालिका सीएमओ, मंत्रालय, संचालनालय व सूडा के अधिकारीगण उपस्थित थे। -
रायपुर। गुढिय़ारी निवासी ताराचंद जोशी के पुत्र सुमीत जोशी चिनू का निधन हो गया। वे वरिष्ठ पत्रकार कमल शर्मा के भांजे थे।
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शालू जिन्दल ने कहा- जेएसपी करता है व्यावसायिक सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच परस्पर संतुलित संबंध में विश्वास
जेएसपी फाउंडेशन ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत
रायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) को ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंटेग्रेटिड लर्निंग इन मैनेजमेंट (ईआईआईएलएम), कोलकाता ने श्रेष्ठ सीएसआर इंटेग्रेटिड बिजनेस के लिए प्रतिष्ठित ईस्टर्न इंडिया लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान समाजसेवा के प्रति जेएसपी की कटिबद्धता को दर्शाता है और कंपनी का यही दर्शन सीएसआर को जेएसपी के व्यवसाय का अभिन्न अंग बनाता है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा, जिन्दल स्टील एंड पावर व्यावसायिक सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच परस्पर संतुलित संबंध में विश्वास करता है। यह सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा दिखाने और उसके सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हमारे समर्पित प्रयासों का प्रमाण है।”
जेएसपी फाउंडेशन की असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी सुश्री मैत्रेयी मिश्रा ने कंपनी की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर जिन्दल स्टील एंड पावर के सीएसआर प्रमुख श्री प्रशांत कुमार होता ने व्यवसाय और सीएसआर के परस्पर अटूट संबंधों पर प्रकाश डाला।
गौरतलब है कि जेएसपी फाउंडेशन ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों समेत पूरे भारत में लोगों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिशन जीरो हंगर, किशोरी एक्सप्रेस, वात्सल्य, यशस्वी, आशा द होप और ग्रासरूट हॉकी डेवलपमेंट प्रोग्राम समेत अनेक ऐसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनसे समुदायों में सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा मिल रहा है और उनकी अनेक चुनौतियों का समाधान संभव हो रहा है। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में किसानों ने लेमनग्रास की खेती की विधि सीख ली है। इन्हें औषधि पादप बोर्ड द्वारा निःशुल्क औषधीय पौधे एवं मार्गदर्शन मिला है। इसके परिणाम स्वरूप वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 800 एकड़ से भी अधिक क्षेत्र में लेमनग्रास की खेती की जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर की मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड की पहल से किसान इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब किसानों द्वारा सकारात्मक रूप से लेमनग्रास को अपनाया जा रहा है। लेमनग्रास की खेती से धान की फसल की अपेक्षा अधिक लाभ संभावित है। इस तारतम्य में मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड श्री जे. ए. सी. एस. राव ने जानकारी दी कि लेमनग्रास एक औषधीय एवं सुगंधित पौधा है, लेमनग्रास तेल का कई प्रकार के सौंदर्य प्रसाधन सामग्री तथा अन्य उत्पाद में उपयोग में आता है। पूरे विश्व में भारत लेमनग्रास तेल का शीर्ष निर्यातक है। लेमनग्रास बहुवर्षीय फसल है।
छत्तीसगढ़ में धान की खेती तथा इसान बाली जगहों पर दलहन तथा अन्य फसलों की खेती पारंपरिक तरीके से की जाती ह,ै जिससे किसानों को पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती है। छत्तीसगढ़ की जलवायु लेमनग्रास की खेती हेतु बहुत उपयुक्त है। इसकी खेती खाली पड़त भूमि पर की जाती है। लेमनग्रास की खेती कई प्रकार की भूमि पर की जा सकती है, जिसमें सिंचाई हेतु पानी की आवश्यकता कम होती है। इसको एक बार रोपण करने उपरांत बार-बार रोपण की आवश्यकता नही होती। चूंकि इसकी कटाई हर बाई से तीन माह में की जाती है, जिससे किसानों को आय का स्त्रोत बना रहता है।
राज्य में लेमनग्रास उत्पादन से धान की अपेक्षा किसानों की आय में कई गुना वृद्धि की संभावना है। छत्तीसगढ़ में लेमनग्रास की खेती के लिए औषधीय पादप बोर्ड (छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड) के प्रयास से छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद पेण्ड्रा, कोरिया कोरबा, बिलासपुर तथा बलरामपुर जिलों के 66 ग्रामों के 653 किसानों के लगभग 800 एकड़ में लेमनग्रास की खेती की जा रही है, जिससे प्रति एकड़ 80000 से एक लाख रूपए आय की प्राप्ति किसानों को होगी।
लेमनग्रास कृषिकरण तकनीक
लेमनग्रास की बुआई पूरे वर्षभर (अत्यधिक ठंड तथा गर्मी को छोड़कर) की जाती है । एक एकड़ में रोपण हेतु 16 से 20 हजार पौधे की आवश्यकता होती है। फसल की कटाई हर ढाई माह के अंतराल में किया जाता है। इसकी उत्पादन वर्ष में 04 से 05 बार तक की जा सकती है। लेमनग्रास तेल की वर्तमान बाजार कीमत 800 से 950 रू प्रति किग्रा तक होती है। इस हिसाब से किसानों को एक एकड़ से 80 हजार से भी अधिक आय प्राप्त होती है।
प्रसंस्करण की विधि
लेमनग्रास की पहली कटाई 6 माह उपरांत हर ढाई माह में किया जाता है। फसल कटाई कर आसवन यूनिट की सहायता से उसका तेल निकाल लिया जाता है। तत्पश्चात तेल बाजार में विक्रय हेतु तैयार हो जाता है। बोर्ड द्वारा मार्केटिंग हेतु भी सुविधा प्रदाय की जाती है, जिससे किसानों को 15 दिनों में ही उपज का पैसा प्राप्त हो जाता है।
रोपण सामग्री की उपलब्धता
लेमनग्रास की खेती करने के लिए लेमनग्रास की पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। पहले वर्ष रोपित किये जाने वाले पौधे राज्य शासन के योजना अंतर्गत बोर्ड के माध्यम से निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। रोपित लेमनग्रास में से आवश्यकतानुसार पौधे दूसरे स्थानों पर रोपण हेतु उपयोग में लाया जा सकता है। इसी प्रकार रोपित किये जाने वाले पौधों की उपलब्धता बनी रहती है। लेमनग्रास का उपयोग लेमनग्रास टी. खराश, बुखार, मांस पेशियों की ऐंठन एवं सौंदर्य प्रसाधन संबंधित उत्पादों में इसका उपयोग किया जाता है। इसे कई रोगों में उपयोग किये जाने के कारण इसकी बाजार मांग अत्यधिक है। - ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का करेंगे शुभारंभरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को राजधानी में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 7 अक्टूबर को पूर्वान्ह 12 बजे मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर रायपुर के अम्बेडकर चौक में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के लिए आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री बघेल अपने निवास कार्यालय में पूर्वान्ह 12.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम महाविद्यालय योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद दोपहर 1.05 बजे से विभिन्न सामाजिक संगठनों से भेंट करेंगे।

























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