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- -लूडो, मटकी फोड़, कुर्सी दौड़ में वरिष्ठजनों ने लिया भागबिलासपुर /अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के पूर्व आज तिलकनगर के अनुभव भवन में वरिष्ठजनों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। गोला फेंक, मटकी फोड़, थ्रो बाल, लूडो, कुर्सी दौड़, सांप सीढ़ी और जंपिग बाल जैसे खेलों में पुरूष एवं महिला वर्ग के वरिष्ठजनों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में श्री धन्नू यादव, श्री डीपी गुप्ता, श्री एलआर गुप्ता, श्री किशोर भुरंगी, श्री अरविंद दिवाकर, श्री श्यामलाल शर्मा, श्री जीपी देवांगन, श्री रामनारायण राव, श्रीमती सत्यभामा अवस्थी, श्रीमती विद्या गोवर्धन, श्रीमती प्रेमलता राजपूत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। निर्णायक के रूप में श्री प्रशांत द्विवेदी एवं श्री संजय खुराना उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा एस मैथ्यू, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री प्रशांत मोकासे, अध्यक्ष ज्येष्ठ नागरिक संघ श्रीमती विद्या गोवर्धन, श्रीमती सत्यभामा अवस्थी, श्री जमील खान, श्री राजेश सिंह, श्री बसंत श्रीवास एवं श्री रामेश्वर रजक उपस्थित थे।
- -शासकीय कार्यक्रम छोड़कर ट्रैफिक में फंसे एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए खुद मंच से खड़े हो गए मुख्यमंत्री-मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम रोककर पहले एंबुलेंस को ट्रेफिक से निकलवाया फिर वापस मंच पर बैठेरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अक्सर अपने प्रोटोकाल से इतर लोगों से मिलने के लिए रूक जाते हैं और बच्चों के प्रति उनके स्नेह से सभी वाकिफ हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का मानवीयता से भरा एक और चेहरा देखने को मिला। दरअसल तात्यापारा के नवीन मार्केट में लोक निर्माण विभाग के भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंच से देखा कि एक एंबुलेंस वाहनों के जाम में फंस गयी है और उसे निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा है। जैसे ही मुख्यमंत्री की नजर एंबुलेंस पर पड़ी उन्होंने अपने प्रोटोकाल के विपरीत जाकर तुरंत ही कार्यक्रम को रोकने का इशारा किया और खुद ही अपनी कुर्सी छोड़कर एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील करने लगे। मुख्यमंत्री के खड़े होने के बाद तुरंत ही वाहनों ने एंबुलेंस को रास्ता दिया इसके बाद मुख्यमंत्री वापस अपनी कुर्सी पर बैठे और कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री के इस मानवीय पहल से वहां उपस्थित हर किसी ने उनकी जमकर तारीफ की और मुख्यमंत्री के सहृदयता की खूब सराहना भी की।
- -महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी पहल-स्कूल बस और यात्री बस में लगेंगे जीपीएस और पैनिक बटन-जीपीएस से आपराधिक घटनाओं पर लगेगा अंकुश-बसों के रूट की मिलेगी पल-पल की जानकारी-आपातक़ालीन स्थिति में पैनिक बटन दबाने से मिलेगी डायल 112 के माध्यम से पुलिस सहायतारायपुर /छत्तीसगढ़ में यात्री बसों में महिलाओं एवं स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए निर्भया फ्रेमवर्क के अंतर्गत सभी स्कूल बस में पैनिक बटन लगाया जाएगा और व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से गाड़ियो की ट्रैकिंग किया जाएगा। पैनिक बटन लगने से बस में किसी प्रकार की दुर्घटना, छेड़छाड़ होने पर पैनिक बटन दबाने से तुरंत निर्भाया कमांड सेंटर और पुलिस विभाग के डायल 112 को सूचना मिल जाएगी। इसके साथ ही बसों का लोकेशन, स्पीड आदि का भी पता चलता रहेगा। इससे बसे नियंत्रित गति से चलेगी, जिससे हादसे की आशंका भी कम हो जाएगी। जीपीएस सिस्टम का कंट्रोल रूम डायल 112 के कार्यालय में बनाया गया है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से आज परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसमें महिला सुरक्षा हेतु निर्भया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (जीपीएस) शामिल है। परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था के शुरू होने से जनता को किसी तरह के खतरे तथा अनहोनी से निपटने में काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में प्रदेश में कुल 12 हजार बसें संचालित हो रही हैं, जो अलग-अलग रूट से प्रदेश के कोने-कोने तक जा रही हैं। इसी तरह राज्य में लगभग 6000 स्कूल बस भी संचालित है। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस के लगने से बसों की पल-पल की जानकारी मिलेगी। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी उपस्थित रहे।गौरतलब है कि राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा सुगम यातायात व्यवस्था के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नवीन व्यवस्था के तहत स्कूल बस के रूट में भी मैप रहेगा ताकि स्कूल बस यदि बच्चों को लेकर निर्धारित रूट के अलावा कहीं जाये तो ऑटोमैटिक अलर्ट आ जाये। इसके लिए कंट्रोल रूम में शिफ्ट के हिसाब से चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी जो लगातार सभी बस को मॉनिटर करते रहेंगे और इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस विभाग को सूचित करेंगे।क्या है पैनिक बटनपैनिक बटन लगने से दुर्घटना या कोई समस्या होने पर बस में सवार यात्री पैनिक बटन को दबाएंगे। बटन के दबते ही पुलिस कंट्रोल रूम व परिवहन कंट्रोल रूम को जानकारी मिलेगी और नजदीकी पुलिस थाने के कर्मचारी तुरंत बस तक पहुंचकर यात्रियों की मदद करेंगे।दिल्ली में हुए निर्भया प्रकरण के बाद से ही केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा की दिशा में कदम उठाने के लिये निर्देश दिए थे ताकि इस तरह के प्रकरण की पुनरावृत्ति न हो। इसी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में निर्भया फण्ड के अंतर्गत सभी यात्री वाहनो को ट्रैक करने के लिए यात्री वाहनों में जीपीएस लगवा कर व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफ़ार्म के माध्यम से ट्रैकिंग करने का निर्णय लिया गया। व्हीकल ट्रैकिंग सॉफ्टवेर को चिप्स के माध्यम से बनाया गया है और समस्त गाड़ी के लाइव ट्रैकिंग देखने और त्वरित कार्यवाही करने के लिए सिविल लाइंस रायपुर में स्थित डायल 112 भवन में ही कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया गया है ।जानिए क्या है जीपीएसग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस एक ऐसा उपकरण है, जिसे अगर गाड़ी में फिट कर दिया जाए तो एक निर्धारित सर्वर पर गाड़ी का लोकेशन पता लगाया जा सकता है। जीपीएस सिस्टम लगने से आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा। बसों के सही रूट की जानकारी मिल सकेगी। महिला और बच्चों के सुरक्षा के लिए राज्य के सभी स्कूल बस और यात्री बस को पैनिक बटन सुसज्जित जीपीएस के माध्यम से मॉनिटर किया जायेगा। इसके लिए निर्भया कमांड सेंटर बन कर तैयार हो चुका है।वर्जनप्रदेश में चलने वाली निजी बसों में जीपीएस सिस्टम और पैनिक बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे बस की पल-पल की जानकारी मिल सकेगी।-दीपांशु काबरा, आयुक्त, परिवहन विभाग, छत्तीसगढ़
- -शुभारंभ अवसर पर जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने भव्य एवं मनोरम पार्क का किया अवलोकन-संसदीय सचिव, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, एसपी सहित जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने बोटिंग का उठाया लुत्फबालोद । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से सयुंक्त जिला कार्यालय के समीप स्थित तांदुला जलाशय के तट पर नवनिर्मित संुदर, आकर्षक एवं सर्व सुविधायुक्त तांदुला इको टुरिज्म को मंगलवार को आम जनता के लिए लोकार्पित किया गया। तांदुला इको टुरिज्म पार्क के शुभारंभ के अवसर पर आज जन प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने भव्य एवं मनोरम पार्क का अवलोकन कर इसकी भूरी-भूरी सराहना की। इस दौरान जन प्रतिनिधियों एवं आगन्तुकों ने इस सर्व सुविधायुक्त इको टुरिज्म पार्क की सराहना करते हुए इसे सैलानियों एवं बालोद जिले वासियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया। इस दौरान संसदीय सचिव श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मिथलेश निरोटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा, कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा, एसपी श्री जितेंद्र कुमार यादव, वनमण्डलाधिकारी श्री आयुष जैन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, सहित जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने तांदुला जलाशय में बोटिंग का लुत्फ भी उठाया। इस अवसर पर नवनिर्मित इको टुरिज्म पार्क को सुसज्जित किया गया था। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री शशांक पाण्डेय, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल सहित जन प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बालोद वासियों को मिला सर्व सुविधायुक्त मनोरम इको टुरिज्म पार्क की सौगातप्रकृति के मनोरम वादियों के बीच स्थित खूबसूरत पार्क सैलानियों के लिए बनेगा खासा आकर्षण का केंद्रबालोद ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप एवं बालोद जिला प्रशासन के अभिनव एवं विशेष प्रयासों से बालोद वासियों को मंगलवार को सर्वसुविधायुक्त इको टुरिज्म पार्क का सौगात मिला है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के समीप स्थित तांदुला जलाशय के तट पर नवनिर्मित इस सर्व सुविधायुक्त इस सुंदर एवं मनोरम तांदुला इको टुरिज्म पार्क का वर्चुअली लोकार्पण कर सैलानियों एवं आम जनता को महत्वपूर्ण सौगात दिया है। लगभग 20 हेक्टेयर विशाल क्षेत्र में नवनिर्मित यह खूबसूरत इको टुरिज्म पार्क प्रकृति के मनोरम वादियों के बीच स्थित होने के कारण सैलानियों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बनेगा। उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश हुकुमत के दौरान सिंचाई सुविधाओं के विस्तार एवं लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी में सन् 1912 में निर्मित तांदुला जलाशय प्रारंभ से ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। किंतु आज इस तांदुला जलाशय के तट पर जरूरी सुविधाओं से युक्त इको टुरिज्म पार्क के निर्माण हो जाने से जिले के पर्यटन क्षेत्र के विकास एवं विस्तार की दृष्टि से ’’सोने पे सुहाग’’ साबित हो रहा है। तांदुला जलाशय के विशाल क्षेत्र में फैले निर्मल जल के साथ-साथ खूबसूरत घने जंगलों के बीच स्थित होने के कारण इस इको टुरिज्म पार्क के सुंदरता में चार चाँद लग गया है। पार्क को चारों तरफ से देखने पर ऐसा लगता है कि प्रकृति ने इस स्थान के रूप में अनुपम उपहार दिया है। वास्तव में यह इको फ्रेंडली टुरिज्म पार्क तांदुला जलाशय के तट पर स्थित होने के कारण समुद्र तटीय क्षेत्र का आभास कराता है। इस स्थान पर रेतिली तट के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा सैलानियों को आर्टिफिशियल संेडबीच का आभास कराने का प्रयास किया गया है।विदित हो कि बालोद जिला प्रशासन के द्वारा तांदुला नदी के तट पर एक बेहतरीन इको टुरिज्म पार्क की परिकल्पना को साकार करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इस इको टुरिज्म पार्क में वर्तमान में सर्व सुविधायुक्त 08 कार्टेज, 04 टेंट हाउस का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही इस पार्क में हरियाली का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अंतर्गत पार्क में विभिन्न प्रकार के लगभग हजारों प्रजातियों के फूल एवं पौधों का रोपण किया गया है, जो कि पार्क में आकर्षण का केंद्र बनकर सुंदरता में श्रीवृद्धि कर रहे हैं। इसके अलावा पार्क में आने वाले सैनानियों को उनके रूचि के अनुसार भोजन एवं जलपान की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बेहतरीन फाइन डाईन रेस्टोरेंट का भी निर्माण किया गया है। जिसमें छत्तीसगढ़ के स्थानीय एवं देश-विदेश के अन्य व्यंजनों का लुत्फ सैलानी उठा सकेंगे। पार्क में सैलानियों के भ्रमण हेतु विशाल लाॅन के निर्माण के साथ-साथ विशाल पार्किंग सुविधा, वाॅच टाॅवर, बोन फायर, वाॅटर बाॅडी बुद्धा स्टेचू, गार्डन आदि का निर्माण किया गया है।इसके अलावा आगंतुक सैलानियों को उनके रूचि के अनुसार तांदुला जलाशय की सैर कराने हेतु बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में यहाँ पर 06, 12, 18 एवं 32 सीटर बोट उपलब्ध है। इसके साथ ही सैलानियों के लिए 02 सीटर का कयाक एवं 05 सीटर का बनाना राइड की सुविधा भी उपलब्ध है। वर्तमान में इस पार्क में वाटर पार्क एवं 22 कार्टेज का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इसके साथ ही पार्क में हैलीपेड का भी निर्माण किया गया है। इस तरह से यह पार्क बालोद जिले में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार एवं विकास के साथ-साथ लोगों को रोजगार मुहैया कराने का कारगर माध्यम साबित होगा।
- -मुख्यमंत्री करेंगे “छत्तीसगढ़ निवास“ का 27 सितम्बर को वर्चुअल उद्घाटन-नई दिल्ली में दिखेगी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं की झलकरायपुर / छत्तीसगढ़वासियों को नया “छत्तीसगढ़ निवास” तोहफ़े में मिलेगा। नई दिल्ली द्वारका के सेक्टर 13 में बने इस नए छत्तीसगढ़ निवास का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 27 सितम्बर को अपने निवास कार्यालय से इसका वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। नवनिर्मित छत्तीसगढ़ निवास भवन की कुल लागत लगभग 60 करोड़ 42 लाख रुपये है। भवन में 61 कमरे, 13 सूट है जो की आधुनिकतम सुविधाओं से सुसज्जित है।पिछले तीन सालों में विभिन्न बाधाओं (जिसमें कोरोना काल) को पार कर छत्तीसगढ़ के निवासियों की सेवा के लिये देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका में एक नवनिर्मित “छत्तीसगढ़ निवास” तैयार किया गया है। विभिन्न सरकारी गैर सरकारी कार्य एवं चिकित्सा हेतु छत्तीसगढ़ से दिल्ली जाने वाले निवासियों की सुविधा हेतु इसकी परिकल्पना मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की थी।हालांकि, पहले से छत्तीसगढ़ शासन के दो भवन “छत्तीसगढ़ भवन “चाणक्यपुरी व “छत्तीसगढ़ सदन“ सफ़दरजंग हॉस्पिटल के पास नई दिल्ली में अवस्थित है। परंतु आधुनिक एवं छत्तीसगढ़ की बढ़ती हुई आवश्यकता की पूर्ति के लिए तीसरे भवन की आवश्यकता काफी दिनों से महसूस की जा रही थी।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तीन वर्ष पूर्व इसका शिलान्यास किया था। इसके लिए नई दिल्ली के द्वारका में नये “छत्तीसगढ़ निवास“ के निर्माण की परिकल्पना की गई और इसकी आधारशिला 19 जून 2020 को मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास कर रखी थी। यह पहला मौका है कि जब पहली बार इस प्रकार की महत्वपूर्ण अत्याधुनिक भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ से बाहर सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई है, जो छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक मील का पत्थर है।छत्तीसगढ़ निवास“ भवन की खासियतलोक निर्माण विभाग के अधिकारी ने बताया कि, छत्तीसगढ़ निवास के निर्माण के लिए 43 हजार 803 वर्गफीट भूमि 22.50 करोड़ रुपए में क्रय की गई है। नवा छत्तीसगढ़ निवास छत्तीसगढ़ संस्कृति और परंपराओं की स्पष्ट झलक दे रहा है। इसमें 13 स्यूट रूम, 61 कमरे, डायनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए आवासीय टावर का निर्माण किया गया है। भवन के निर्माण में पर्यावरण का भी ख्याल रखा गया है।प्राइम लोकेशन- नवनिर्मित छत्तीसगढ़ निवास द्वारका के प्राइम लोकेशन में स्थित है। इसके आस-पास भव्य माल, फ़ाइव स्टार होटल, ख़ूबसूरत पार्क, नया उत्तर प्रदेश भवन, अरुणाचल भवन, दिल्ली का सबसे बड़ा इस्कॉन टेंपल आदि के अलावा कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी इसकी लोकेशन शानदार है। मात्र 13-15 मिनट में आप कनॉट प्लेस पहुँच सकते हैं। द्वारका सेक्टर 13 का मेट्रो इस नवनिर्मित भवन के पास में ही है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज शाम अपने रायपुर स्थित निवास में विराजे भगवान श्री गणेश के पंडाल में पहुंचे। उन्होंने वहां भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
- -आगामी 3 अक्टूबर को डभरा में आयोजित सम्मेलन के लिए दिया आमंत्रणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में सौंरा, गोंड़, बिझिया, उरांव, भुंजिया आदि 12 समाज के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल द्वारा विधानसभा क्षेत्र चन्द्रपुर अंतर्गत डभरा में आगामी 3 अक्टूबर को आयोजित होने वाले समाज के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रतिनिधिमंडल को सम्मेलन में आमंत्रण के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।मुख्यमंत्री श्री बघेल से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल किए जाने संबंधित विधेयक पारित होने पर समाज में काफी हर्ष व्याप्त है। इसके तहत मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रति आभार प्रदर्शन के लिए सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ के जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सर्वश्री रोहित सिदार, रवि सिदार, खोलबहरा सिदार, लकेश्वर श्याम, दीनबन्धु, शत्रुघन, अनिल बिंझिया, समारूलाल, सुरेश उरांव, महेश सिदार, टेकलाल, तुलसी केसर, सुरेश बिसेन, संतोष कुमार, युधिष्ठिरराज, नंदलाल, शिवकुमार, सेतकुमार एवं रतन सिदार आदि उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में 12 हजार से अधिक राशन दुकानों के माध्यम से वितरित किया जा रहा है 6 लाख टन पोषणयुक्त चावल-कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से एक दिवसीय वेबिनार सम्पन्नरायपुर, 26 सितम्बर, 2023। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आयरन, फोलिक एसिड तथा विटामिन बी12 पोषणयुक्त (फोर्टिफाईड) चावल के वितरण से प्रदेश में पोषण की गुणवत्ता में काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रदेश की जनता को उपलब्ध कराये जाने वाले चावल के फोर्टिफिकेशन हेतु तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आज संपूर्ण छत्तीसगढ़ में राशन दुकानों के माध्यम से 6 लाख टन पोषणयुक्त चावल का वितरण किया जा रहा है। डॉ. चंदेल ने कहा कि पोषणयुक्त चावल के उपयोग हेतु आम जनता को अधिक जागरूक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा विभिन्न कृषि महाविद्यालयों के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को पोषणयुक्त चावल का महत्व बताने तथा इसके उपयोग हेतु जागरूकता उत्पन्न करने पर जोर दिया। डॉ. चंदेल मंगलवार को यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से ‘‘चावल के फोर्टिफिकेशन के महत्व’’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।इस वेबिनार को छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर संचालक श्री राजीव कुमार जायसवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय कुमार वर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, विश्व खाद्य कार्यक्रम के उप प्रमुख पोषण एवं शालेय पोषण कार्यक्रम डॉ. सिद्धार्थ वाघुलकर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीष वेरूलकर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की उप संचालक सुश्री श्रुति नेरकर तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम की छत्तीसगढ़ प्रतिनिधि सुश्री कस्तुरी पंड़ा ने भी संबोधित किया। डॉ. शुभा बैनर्जी ने कार्यशाला का विषय प्रतिपादन किया।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पोषणयुक्त खाद्यान वितरण योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 12 हजार से अधिक राशन दुकानों के माध्यम से 6 लाख टन आयरन, फोलिक ऐसिड एवं विटामिन बी12 युक्त फोर्टिफाईड चावल का वितरण किया जा रहा है। इनमें से 10 हजार से अधिक राशन दुकानें ग्रमीण क्षेत्रों में संचालित हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित फोर्टिफाईड चावल के फोर्टिफिकेशन हेतु विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर को तकनीकी सहयोग इकाई बनाया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा चावल के फोर्टिफिकेशन हेतु विकसित तकनीक के माध्यम से प्रदेश भर में स्थापित 100 इकाईयों में फोर्टिफाईड राईस बनाने की इकाईयाँ लग चुकी हैं। इन 100 इकाईयों में तैयार आयरन, फोलिक ऐसिड तथा विटामिन बी12 युक्त फोर्टिफाईड चावल को 2 हजार राईस मिलों तक पहुंचाया जाता है जहां प्रति 99 किलो सामान्य चावल में एक किलो फोर्टिफाईड चावल मिलाकर इन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है। कार्यशाला में बताया गया कि पोषणयुक्त चावल के उपयोग के संबंध में जनता में जागरूकता की कमी होने के कारण फोटिफाईड चावल को भी आम चावल की तरह सूपे द्वारा साफ किया जाता है तथा उबालकर पसिया निकाल दिया जाता है जिसकी वजह से फोर्टिफाईड चावल में मिलाये गये पोषक तत्व का हृस हो जाता है। अतः इस संबंध में आम जनता को जागरूक किये जाने की आवश्यकता है। इस जागरूकता अभियान में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र तथा राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वेबिनार में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालत कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रमुख एवं विभिन्न महाविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी ऑनलाईन शामिल हुए।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय डंगनिया में हेल्प डेस्क कार्यालय प्रारंभ कर दिया गया है। इसका शुभारंभ प्रबंध निदेशकगण श्रीमती उज्जवला बघेल एवं श्री एसके कटियार ने फीता काटकर किया। प्रबंध निदेशक श्रीमती बघेल ने इस मौके पर कहा कि यह योजना नियमित और पेंशनर कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रारंभ की गई है, निश्चित तौर पर इस प्रयास से हमारे कर्मियों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सकेगी। यह योजना 1 अक्टूबर से तीनों पॉवर कंपनी- जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए प्रभावी हो जाएगी।इस मौके पर स्वास्थ्य योजना के लिए तय की गई क्रियान्वयन सहायता एजेंसी विडाल हेल्थ केयर लिमिटेड बैंगलोर के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शंकर बाली ने प्रबंध निदेशकों को कैशलेस हेल्थ कार्ड सौंपा। उन्होंने कहा कि हमारे 25 वर्षों के अनुभवों का लाभ पॉवर कंपनी को देंगे। यह हमारे लिए कार्य करने का बेहतर अवसर है। हम पॉवर कंपनी के सभी अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनर्स को अच्छी सुविधा देंगे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री एमएस चौहान, आरके शुक्ला, एके वर्मा, मुख्य अभियंता डीके तुली, अविनाश सोनेकर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद अग्रवाल, सीएमओ डॉ. एचएल पंचारी डॉ साहू डॉ खरे एवं डॉ गोले विशेष रूप से उपस्थित थे।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में नई अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिये त्वरित गति से कार्य करते हुए विडॉल हेल्थ केयर प्रा.लि. को काम सौंपा है। कंपनी का हेल्प सेंटर खुलने के बाद अब कर्मियों को हेल्थ कार्ड जारी किये जा रहे हैं। इस योजना में 21हजार से अधिक कर्मियों और पेंशनर्स ने अपनी सहमति प्रदान की है। जो कुल कर्मियों में से 75 प्रतिशत से अधिक है। जिसमें से 15 हजार नियमित कर्मियों और पेंशनर्स ने विकल्प-01के तहत रु 1000 प्रतिमाह अंशदान (10 लाख रूपए तक कैशलेस इलाज) तथा 6 हजार से अधिक कर्मियों और पेंशनर्स ने विकल्प-02 के तहत रु 500 प्रति माह अंशदान (5 लाख रूपए तक कैशलेस इलाज) की सहमति दी है। इसके लिए विडाल के मोबाइल एप भी डेवलप कर लिया गया है, जिसमें कर्मियों को ई-हेल्थ कार्ड, नेटवर्क अस्पताल, भर्ती की सूचना तथा इलेक्ट्रानिक माध्यम से क्लेम जमा करने तथा क्लेम की अद्यतन स्थिति जानने की सुविधा 30 सितंबर 23 तक चालू की जा रही है।
- बेद बाई, गोमती, मीरा और चम्पा कंवर ने कहा बचपन की यादें हो गई ताजारायपुर /राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आगाज हो गया। रोमांच से भरपूर छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रची-बसी पारंपरिक खेलों की इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी एक-दूसरे से पूरी जोर आजमाईश करते हुए नजर आए। गरियाबंद जिले के बेद बाई, गोमती ध्रुव, मीरा कंवर और चम्पा कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल परम्परागत खेलों को बढ़ावा दे रहे हैं। बचपन की यादे ताजा हो गई। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से चयनित होकर संभाग स्तर पर पहुंचे और अब राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल हुए। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यहां खिलाड़ियों को रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था की गई है।छत्तीसगढ़िया ओलंपिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने आए बिलासपुर के विक्रम यादव, दुर्गेश साहू, लवकेश यादव, संजय कैवर्त ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने पारम्परिक खेल को बढ़ावा देकर सभी वर्ग के खिलाड़ियों को आगे बढ़ा रहे हैं और इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। 40 वर्ष की अधिक उम्र की महिला एवं पुरूष भी खेल प्रतियोगिता में शामिल हुए है।राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तहत नेताजी सुभाष स्टेडियम रायपुर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया हैै। जिला स्तर के पश्चात् संभाग स्तर से चयनित होकर खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लिए है। इनमें प्रदेश के 360 खिलाड़ी और 12 कोच मैनेजर शामिल है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मैदान प्रभारी श्री चेतन कुमार श्रीवास ने बताया कि प्रतियोगिता को तीन आयु वर्ग में बांटा गया है। इनमें अंडर-18 बालक-बालिका, 18 से 40 वर्ष की महिला-पुरूष और 40 वर्ष से अधिक महिला-पुरूष के लिए कुल 30 खो-खो प्रतियोगिता रखी गई है। इनमें से चयनित प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय खिलाड़ी को अंतिम दिवस पुरस्कृत किया जाएगा।दर्शकों ने भी आज के खेल का पूरा आनंद लिया और खिलाड़ियों की भरपूर हौसला अफजाई की। 5 चरणों में अपनी खेल प्रतिभा का उम्दा प्रदर्शन कर खिलाड़ी 6 वें चरण राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में प्रवेश किए हैं। 27 सितंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी 5 संभाग रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। प्रशासन ने इस खेल आयोजन के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं।
- प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा बीजापुर जिले में और कम वर्षा सरगुजा जिले मेंरायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 1041.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 26 सितंबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1632.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 471.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 772.8 मिमी, बलरामपुर में 925.9 मिमी, जशपुर में 869.5 मिमी, कोरिया में 916.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 899.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 1184.7 मिमी, बलौदाबाजार में 1197.0 मिमी, गरियाबंद में 914.2 मिमी, महासमुंद में 1024.1 मिमी, धमतरी में 953.5 मिमी, बिलासपुर में 1233.8 मिमी, मुंगेली में 1353.9 मिमी, रायगढ़ में 1218.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 976.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1167.3 मिमी, सक्ती में 1037.0 मिमी, कोरबा में 1041.0 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1113.1 मिमी, दुर्ग में 896.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 918.7 मिमी, राजनांदगांव में 1146.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1263.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1083.6 मिमी, बालोद में 1002.0 मिमी, बेमेतरा में 933.0 मिमी, बस्तर में 1005.4 मिमी, कोण्डागांव में 1019.9 मिमी, कांकेर में 984.4 मिमी, नारायणपुर में 920.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1032.0 मिमी और सुकमा में 1380.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -3 हजार की दर्शक क्षमता के साथ 4 एकड़ क्षेत्र में 17.75 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित-टेनिस अकादमी में है एक मुख्य सिंथेटिक कोर्ट तथा 5 प्रेक्टिस सिंथेटिक कोर्ट-27 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे टेनिस अकादमी का लोकार्पणरायपुर। छत्तीसगढ़ में खेलों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुसार विश्वस्तरीय खेल मैदान भी तैयार किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और अंतर्राष्ट्रीय हाकी स्टेडियम के बाद खेलों के लिए अब एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। ये सौगात रायपुर में टेनिस अकादमी के रूप में प्रदेश की जनता को मिलने जा रही है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बुधवार 27 सितंबर को टेनिस स्पोर्ट्स अकादमी ( छात्रावास एवं प्रशासनिक भवन) का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल तथा लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू भी उपस्थित रहेंगे। रायपुर के लाभांडी में 17.15 करोड़ रूपए की लागत से तैयार ये टेनिक अकादमी छत्तीसगढ़ की पहली और सबसे बड़ी अकादमी होगी।4 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की गयी टेनिस स्पोर्ट्स अकादमी को तीन मुख्य हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहला भाग एडमिन बिल्डिंग है जो तीन मंजिला है। इसमें रूम, हाल, जिम, वीआईपी लाउंज के साथ ही मीडिया सेंटर के साथ ही 500 की दर्शक क्षमता के साथ अनेक सुविधाएं होंगी। दूसरे हिस्से के रूप में अकादमी की हास्टल बिल्डिंग है। यह भी तीन मंजिला है जिसमें कार्यालय, अधीक्षक रूम, पार्किंग, किचन, डायनिंग जैसी अनेक सुविधाएं होगी। तीसरे हिस्से के रूप में मुख्य स्टेडियम है जहां 2500 दर्शकों के बैठने की क्षमता है।टेनिस अकादमी की विशेषताएं-टेनिस एकेडमी अंतर्गत 1 नग मुख्य टेनिस कोर्ट (सिंथेटिक) एवं 5 नग प्रेक्टिस टेनिस कोर्ट (सिंथेटिक) का प्रावधान किया गया है।-टेनिस एकेडमी का निर्माण कुल 4 एकड़ क्षेत्रफल अंतर्गत किया गया है।-टेनिस कोर्ट निर्माण हेतु अल्ट्रा कुशन 9 लेयर सिंथेटिक सरफेस उपयोग किया गया है।-मुख्य टेनिस कोर्ट की दर्शक क्षमता 2000 एवं मुख्य भवन अंतर्गत व्ही आई पी दर्शक क्षमता 500 रखी गई है।-दर्शक बैठक व्यवस्था हेतु स्टेडियम चेयर का प्रावधान रखा गया है।-स्टेडियम अंतर्गत कुल वाहन पार्किंग क्षमता 150 नग रखी गई है।-मुख्य टेनिस कोर्ट अंतर्गत कुल 40000.00 वॉट क्षमता लाइट 1500 लक्स लेवल एवं प्रत्येक प्रेक्टिस कोर्ट अंतर्गत 4900 वॉट क्षमता लाइट 500 लक्स लेवल अंतर्राष्ट्रीय मानक अनुसार ब्रांड कास्टिंग सुविधा हेतु लगाई गई है।-टेनिस एकेडमी अंतर्गत निर्बाध विद्युत प्रवाह हेतु 315 के व्ही के सबस्टेशन एवं आपातकालीन विद्युत प्रवाह हेतु 165 केव्हीए क्षमता के डी जी सेट का भी प्रावधान किया गया है।-टेनिस एकेडमी में हॉस्टल एवं मुख्य भवन में आवश्यकतानुसार एयर कंडिशनिंग की भी व्यवस्था की गई है।-खिलाडियों हेतु हॉस्टल भवन अंतर्गत कुल 46 नग रूम की व्यवस्था की गई है जिसके अंतर्गत 92 खिलाडियों के रुकने की व्यवस्था है। साथ ही खिलाडियों के भोजन हेतु डायनिंग हॉल भी निर्मित किया गया है।
- -अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल, सर्जिकल और निश्चेतना विशेषज्ञ के साथ ही विभिन्न विभागों में पीजी मेडिकल ऑफिसर के 7, चिकित्सा अधिकारी के 8 और स्टॉफ नर्स के 30 पदों के सृजन की स्वीकृतिरायपुर. । राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नवगठित जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के चिरमिरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन के लिए विभिन्न संवर्ग के 94 पदों के सृजन की मंजूरी दी है। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इसकी प्रशासकीय स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिरमिरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के लिए अस्पताल अधीक्षक के एक पद, मेडिकल विशेषज्ञ, सर्जिकल विशेषज्ञ और निश्चेतना विशेषज्ञ के एक-एक पद, शिशु रोग, रेडियोलॉजी, ईएनटी, नेत्र रोग, अस्थि रोग, मेडिसीन और स्त्री रोग विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल ऑफिसर के एक-एक पद, चिकित्सा अधिकारी के आठ पद, दंत चिकित्सक के एक पद, मेडिकल रिकॉर्ड अधिकारी के एक पद, स्टॉफ नर्स के 30 पद, नर्सिंग सिस्टर, ऑडियोमेड्रिशियन, रेडियोग्राफर, स्टोर कीपर, फॉर्मासिस्ट ग्रेड-2, कोल्ड चैन-कम-वैक्सीन लॉजिस्टिक असिस्टेंट, सहायक ग्रेड-3 और ड्रेसर ग्रेड-2 के दो-दो पद, लैब टेक्नीशियन के चार पद, लैब अटेन्डेंट के तीन पद, लेखापाल, ऑप्थेलमिक असिस्टेंट, डेंटल असिस्टेंट, ईसीजी टेक्नीशियन, वाहन चालक, ड्रेसर ग्रेड-1, भृत्य, धोबी, चौकीदार और स्वीपर के एक-एक पद तथा वार्ड ब्वाय और आया के पांच-पांच पद के सृजन की मंजूरी दी गई है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत, ब्रम्ह समाज के संस्थापक, क्रांतिकारी समाज सुधारक, विचारक, शिक्षाविद राजा राममोहन राय की 27 सितम्बर को उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री बघेल ने कहा है कि राजा राम मोहन राय ने सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने समाज में महिलाओं की दशा सुधारने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई प्रयास किये। उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है। जहां प्राकृतिक सौंदर्य के मनोरम स्थलों के साथ धार्मिक और पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अनेक स्थल हैं। नदियां, झरने, जल प्रपात, सघन वनों से आच्छादित पर्यटन स्थल बरबस ही पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। छत्तीसगढ़ के अनेक स्थल हमारी प्राचीन पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार का पूरा ध्यान यहां के पर्यटन को विकसित करने की ओर केंद्रित है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्राचीन दंडकारण्य वन और माता कौशल्या की जन्म-स्थली हमारे गौरव हैं। इंद्रावती नदी पर चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर का प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर और बस्तर का दशहरा पूरे देश में प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि छत्तीसगढ़ के रामगढ़ की पहाड़ियों में महाकवि कालीदास ने मेघदूत की रचना की है। यहां सबसे प्राचीन नाट्यशाला है। श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ का पर्यटन परिदृश्य एवं सांस्कृतिक परंपरा अनोखी है। छत्तीसगढ़ के पौराणिक महत्व और उसकी खूबसूरती से देश-दुनिया का परिचय कराने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। यहां के पर्यटन केन्द्रों को विकसित किया जा रहा है। भगवान रामचंद्र अपने वनवास के दौरान प्राचीन छत्तीसगढ़ (दक्षिण कोसल) के जिन क्षेत्रों से गुजरे थे, उसे राम वनगमन पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। कोरिया से लेकर सुकमा तक इस पर्यटन परिपथ का निर्माण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत देश-विदेश के पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजिम में लगने वाले मेले को राजिम पुन्नी मेला के नाम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा से जोड़ कर नया स्वरूप दिया गया है। छत्तीसगढ़ में ईको एवं ट्राइबल टूरिज्म के तहत 13 स्थानों को एथनिक स्थलों में विकसित किया जा रहा है। जल एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सतरेंगा का विकास एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही राज्य में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन कर छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
- रायपुर। देश की प्रतिष्ठित फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) संस्था द्वारा विगत कई वर्षों से अच्छे कार्यों तथा बेस्ट प्रेक्टिसेस पर राज्य के पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाता रहा है। इसी कड़ी में दिनांक 15 सितम्बर, 2023 को नई दिल्ली में फिक्की संस्था द्वारा स्मार्ट पुलिसिंग एवार्ड- 2022 के लिए राज्य के तीन पुलिस अधिकारियों को इस प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारियों में कम्युनिटी पुलिसिंग केटेगरी में जिला दंतेवाड़ा में चलाये गये ”लोन वर्राटू“ कार्यक्रम के लिए दंतेवाड़ा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव (आईपीएस), जो वर्तमान में जिला कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक हैं, सर्विलेंस एवं मॉनिटरिंग केटेगरी में जिला राजनांदगांव में चलाये गये ”त्रिनेत्रम“ अभियान के लिए तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव एवं वर्तमान नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक, रायपुर श्री मयंक गुर्जर (आईपीएस) तथा वूमेन सेफ्टी केटेगरी में राज्यस्तरीय ”अभिव्यक्ति“ कार्यक्रम के लिए श्रीमती पूजा अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी, पुलिस मुख्यालय को फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड-2022 से सम्मानित किया गया है, जो राज्य पुलिस के लिए गौरव का विषय है।
- -कोरिया और बेमेतरा जिले के 122 निवेशकों को लौटाई गई 38 लाख 40 हजार रूपए की राशि-चिटफंड निवेशकों ने पैसे वापस मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार-राज्य में चिटफंड निवेशकों को लौटाए जा चुकी है 38 करोड़ 08 लाख 67 हजार रूपए की राशिरायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज चिटफंड कंपनी में निवेश करने वाले कोरिया तथा बेमेतरा जिले के 122 पीड़ित निवेशकों को 38 लाख 40 हजार 684 रूपए की राशि लौटाई। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अब तक कुल 69 हजार 503 निवेशकों को 38 करोड़ 08 लाख 67 हजार रूपए वापस लौटाए जा चुके हैं। इसी कड़ी में आज बेमेतरा जिले के 108 निवेशकों को 34 लाख 63 हजार 684 रूपए तथा कोरिया जिले के 14 निवेशकों को 03 लाख 77 हजार रूपए ऑनलाईन खाते में अंतरित किए गए हैं। साथ ही अब तक 214 अनियमित वित्तीय कंपनियों के विरूद्ध 468 प्रकरण दर्ज कर 587 डायरेक्टरों एवं 121 पदाधिकारियों कुल 708 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, 402 प्रकरणों में चालान तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार लगातार चिटफंड कंपनियों के निवेशकों की राशि लौटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां चिटफंड निवेशकों के पैसे लौटाए गए हैं। प्रदेश की भोली-भाली जनता को ठगकर चिटफंड कंपनियों ने उनसे अपने बचत राशि का निवेश कराया था। कंपनियां निवेश को दोगुना-तीनगुना करने का प्रलोभन देकर पैसे वसूलने का काम करती थी। श्री बघेल ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही चिटफंड निवेशकों का पैसा लौटाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। हमने लगातार कार्रवाई कर इस दिशा में सफलता हासिल की है और इसे आगे भी जारी रखेंगे।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज जिन निवेशकों के पैसे लौटाए गए है, उन्हें बधाई दी। इस दौरान बेमेतरा जिले से जुड़ी हितग्राही श्रीमती सरस्वती साहू ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमने सोचा नहीं था कि हमारा पैसा हमें वापस मिल पाएगा। लेकिन निवेशकों के लिए आपकी संवेदनशील पहल से मुझे अपने दो लाख 70 हजार रूपए वापस मिल पाए हैं। इसी तरह कोरिया जिले की चरचा निवासी श्रीमती उर्मिला को डेढ़ लाख रुपए और चिरमी निवासी श्री बालम साय ने उनके एक लाख रुपए वापस मिलने की खुशी मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से बात कर साझा की और उनके प्रति आभार जताया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री चक्रधर सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अंकित आनंद, श्री एस. भारतीदासन, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री महादेव कावरे उपस्थित रहे।
- -स्टार अलंकरण कार्यक्रम: वन मंत्री श्री अकबर ने वन क्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत 58 अधिकारियों को अलंकृत कर दी बधाईरायपुर /वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित स्टार अंलकरण कार्यक्रम में उप वन क्षेत्रपाल से वन क्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत 58 अधिकारियों को अलंकृत कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।वन मंत्री श्री अकबर ने स्टार अलंकरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन सम्पदा के मामले में एक समृद्ध राज्य है। वनों के संरक्षण तथा संवर्धन और विकास में विभाग और इसके अमले का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके मद्देनजर हमारी सरकार द्वारा राज्य में विगत वर्षों के दौरान विभाग के साथ ही यहां कार्यरत अमले के हित में भी अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के पदोन्नति आदि कार्य नियमित क्रम में लगातार हो रहे है। इस तरह सभी कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।वन मंत्री श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन विभाग में विगत वर्षों के दौरान सिर्फ वनों के संरक्षण तथा संवर्धन को ही बढ़ावा नहीं मिला है, बल्कि यहां वनवासियों की उन्नति की दिशा में भी निरंतर कार्य हो रहे है। यही वजह है कि विगत दो वर्षों से छत्तीसगढ़ लघु वनोपजों के संग्रहण तथा प्रसंस्करण आदि कार्यों में देश में लगातार अव्वल बना हुआ है। इसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर 09 पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है।कार्यक्रम को वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने भी संबोधित किया और सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अनूप विश्वास, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती संजीता गुप्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री कौशलेन्द्र कुमार, मुख्य वन संरक्षक श्री राजू आगासिमनी, वनमंडलाधिकारी श्री विष्वेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- - मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में 6080 करोड़ रूपए की लागत के 7300 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन-दूरस्थ आदिवासी अंचलों के विकास पर सर्वाधिक फोकसरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में 26 जिलों में 6080 करोड़ रूपए की लागत के 7300 कार्यों का एक साथ लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन कार्यों में से 2668 करोड़ रूपए की लागत के 3978 कार्यों का लोकार्पण, 2805 करोड़ रूपए की लागत के 2692 कार्यों का भूमिपूजन और 606 करोड़ रूपए की लागत के 630 कार्यों का शिलान्यास किया गया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प साकार हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना विकास और निर्माण के कार्यों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, लघु वनोपज संग्राहकों सहित सभी वर्गों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की अभिनव योजनाओं और नवाचारों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। आज जिन कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ है, उनमें सूरजपुर, दंतेवाड़ा, बलरामपुर जैसे जिलों में सर्वाधिक काम हुए हैं। दूरस्थ अंचलों पर ज्यादा फोकस किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता आम जनता की आय में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है, इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। छत्तीसगढ़ में किसानों को धान, कोदो, कुटकी, रागी, गन्ना सहित विभिन्न उपजों का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। देश के तीन चौथाई लघु वनोपज का संग्रहण छत्तीसगढ़ में किया जाता है। तेंदूपत्ता की सबसे ज्यादा कीमत यहां मिल रही है। आवासहीनों को घर की छत दिलाने के लिए कल एक नयी योजना छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास न्याय योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत 7 लाख आवासहीनों को पहली किस्त के रूप में 25-25 हजार रूपए की राशि दी गयी है। सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण में नये 47 हजार पात्र लोगों को तथा श्रमिकों को भी आवास निर्माण के लिए राशि दी गई है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किये गए है। अपनी छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा को मजबूत बनाने का काम किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि प्रदेश में चहुंमुखी विकास को गति मिले।गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनायी गई। अधोसंरचना विकास के लिए पांच वर्षों में सड़क, पुल-पुलिया बनाने के कार्य बड़े पैमाने पर हुए है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि विकास के कार्यों में राज्य सरकार ने राशि की कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया है, वे जल्दी प्रारंभ किए जाए। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पांच वर्षों में किए गए कार्य छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि आज 6080 कार्यों का लोकर्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, जिससे यह साबित होता है कि अधोसंरचना विकास में राज्य सरकार द्वारा कोई कमी नहीं होने दी गई। उन्होंने इन विकास कार्यों से लाभान्वित होने वाले लोगों को शुभकामनाएं दीं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा कि आज प्रदेशवासियों के लिए खुशी का दिन है, छत्तीसगढ़ के विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले में 495 करोड़ रूपए की लागत के 250 कार्यों, नारायणपुर में 302 करोड़ रूपए की लागत के 775, मोहला-मानपुर-चौकी में 37.56 करोड़ रूपए के 49, राजनांदगांव में 32 करोड़ रूपए की लागत के 80 कार्यों, बालोद में 424.37 करोड़ रूपए की लागत के 620, धमतरी में 211 करोड़ रूपए के 895 कार्य, गरियाबंद में 140 करोड़ रूपए के 330 कार्य, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में 56.86 करोड़ रूपए के 11 कार्य, दुर्ग जिले में 69 करोड़ रूपए के 21 कार्य, रायपुर जिले में 385 करोड़ रूपए के 695 कार्य, महासमुंद जिले में 145.33 करोड़ रूपए के 83 कार्य, बेमेतरा जिले के 304.49 करोड़ रूपए के 203 कार्यों, कबीरधाम में 355.5 करोड़ रूपए के 133 कार्यों, मुंगेली में 123.53 करोड़ रूपए के 243 कार्य, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 44.37 करोड़ रूपए के 83 कार्य, जांजगीर-चांपा जिले में 46.50 करोड़ रूपए के 80 कार्य, सक्ती में 280 करोड़ रूपए के 194 कार्य, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 185 करोड़ रूपए के 336 कार्य, कोण्डागांव में 19 लाख रूपए की लागत के 01 कार्य, रायगढ़ में 131 करोड़ रूपए के 691 कार्य, कोरबा में 150.51 करोड़ रूपए की लागत के 73 कार्य, जशपुर में 447.38 करोड़ रूपए की लागत के 906 कार्य, सरगुजा में 203.44 करोड़ रूपए की लागत के 262 कार्य, सूरजपुर में 734.60 करोड़ रूपए के 259 कार्य, कोरिया जिले में 103.62 करोड़ रूपए के 109 कार्य, बलरामपुर जिले में 393.22 करोड़ रूपए के 65 कार्य तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 14.50 करोड़ रूपए की लागत के 02 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, राज्य योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री चक्रधर सिंह, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अंकित आनंद, डॉ. एस. भारतीदासन, विशेष सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग श्री महादेव कांवरे उपस्थित रहे।
- -134.66 करोड़ की लागत से होगा शारदा चौक से तात्यापारा चौक सड़क का चौड़ीकरणरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बुधवार 27 सितंबर को रायपुर शहर को 1003.88 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल बुधवार को पांच बड़े विकास कार्यों के लिए तात्यापारा के नवीन मार्केट में भूमिपूजन करेंगे। इन कार्यों में जी.ई. रोड के शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य है जिसकी लंबाई 510 मीटर तथा निर्माण लागत राशि 134.66 करोड़ रूपए है। इस सड़क के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा तथा शहर के लोगों को हैवी ट्रेफिक से भी निजात मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रायपुर शहर के रिंग रोड क्र.1 एवं तेलीबांधा चौक से अग्रसेन धाम चौक लाभांडी तक 6-लेन फ्लाई ओव्हरब्रिज निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे जिसकी निर्माण लागत राशि 473.13 करोड़ रूपए है।रायपुर शहर में महादेवघाट एवं चंदनीडीह में खारुन रिवर फ्रंट के निर्माण, विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य जिसकी लंबाई 1.55 कि.मी. है एवं निर्माण लागत राशि 197.36 करोड़ रूपए है।रायपुर शहर के एक्सप्रेस-वे (टेमरी) से माना व्ही.आई.पी. मार्ग पर ऐलिवेटेड कॉरिडोर सहित एयरपोर्ट को जोड़ने वाले मार्ग का 6-लेन में निर्माण कार्य, जिसकी निर्माण लागत राशि 156.27 करोड़ रूपए है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल रायपुर शहर के रिंग रोड क्र.1 पर उद्योग भवन महावीर नगर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर फ्लाई ओव्हर का निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे जिसकी निर्माण लागत रु. 42.42 करोड़ रूपए है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 27 सितम्बर को दोपहर एक बजे सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे।राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन 25 से 27 सितम्बर तक किया जा रहा है। राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक अंतर्गत 16 पारंपरिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। यह प्रतियोगिताएं रायपुर के 4 खेल मैदानों में चल रही है। सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम बुढ़ापारा में फुगड़ी, बिल्लस, भंवरा, बांटी (कांचा), रस्सीकूद एवं कबड्डी का आयोजन हो रहा है। इसी तरह संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण रायपुर परिसर के खुला मैदान में संखली, रस्साकसी, लंगड़ी, गिल्ली डंडा, पिट्ठुल एवं गेेड़ी दौड़, स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 100 मीटर दौड़, लंबी कूद एवं कुश्ती और नेताजी सुभाष स्टेडियम में खो-खो की स्पर्धाएं चल रही है।राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक समापन समारोह खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल की अध्यक्षता और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के अति विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न होगा। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री अमरजीत भगत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री श्री मोहन मरकाम, नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, सांसद रायपुर श्री सुनील सोनी, सांसद बस्तर श्री दीपक बैज, संसदीय सचिव सर्वश्री पारस नाथ राजवाड़े, चिन्तामणि महाराज, विकास उपाध्याय, कुंवर सिंह निषाद और द्वारिकाधीश यादव, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, धनेन्द्र साहू, कुलदीप जुनेजा, श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती डोमेश्वरी वर्मा, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर श्री एजाज ढेबर, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ युवा आयोग श्री जितेन्द्र मुदलियार एवं समस्त सांसद, विधायक, संसदीय सचिव, निगम मंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
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दुर्ग/ एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई.01 अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों के अनुरूप आंगनबाडी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। परियोजना अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदन एवं आवेदन से संबंधित जानकारी परियोजना कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 से 29 सितम्बर से कार्यालयीन समय सुबह 10 से 5.30 बजे तक प्राप्त कर सकते हैं। नियुक्ति हेतु संबंधित ग्राम, वार्ड की आवेदिकाओं द्वारा आवेदन पत्र भरकर निर्धारित तिथि 29 सितम्बर से 13 अक्टूबर तक आवेदिका द्वारा एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय भिलाई 01 (जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में कार्यालयीन समय सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक (शासकीय अवकाश को छोटकर) सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा जमा कर सकेंगे। सीधे कार्यालय में जमा करने की दशा में आवेदन बंद लिफाफे में देना होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वी बोर्ड उत्तीर्ण होना चाहिए।
नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक 37 के शिवाजी नगर आंगनबाड़ी केन्द्र एवं नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक 41 के शंकर नगर छावनी आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
आवेदन के लिए अर्हताएं-आवेदिका की आयु 18-44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। 1 वर्ष या अधिक सेवा अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता, सहायिका, सह सहायिका, संगठिता को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। आयु की गणना नियुक्ति प्रक्रिया की सूचना जारी होने की तिथि से की जाएगी। सेवा की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष होगी। गणना में पूर्ण होने वाले माह की अंतिम तिथि ली जाएगी। आवेदिका उसी ग्राम की स्थाई निवासी होना चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए।
निवासी होने के प्रमाण मेंग्राम की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज एवं नगरी क्षेत्र होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके कमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड एवं ग्राम में निवासरत रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।
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दुर्ग / दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जिनमें से भिलाई नगर निगम क्षेत्र व दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम के अमले द्वारा डेंगू से संबंधित नियंत्रण व रोकथाम का कार्य निरंतर किया जा रहा है। आज 25 सितम्बर 2023 को नये प्रकरण डेंगू एलिजा पॉजिटिव के निरंक है। वर्तमान में 06 मरीज भर्ती है एवं कोई भी मरीज की गंभीर स्थिति नहीं है। मरीजों के निवास क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले द्वारा मॉस्क्टिो सोर्स रिडक्शन का कार्य दैनिक रूप से किया गया है। नगर निगम भिलाई. चरोदा, रिसाली जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र एवं नगर निगम दुर्ग की टीम के द्वारा लगातार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नष्टीकरण के लिए टेमीफॉस एवं एडिस मच्छर को नष्ट करने के लिए मेलाथियॉन से फागिंग का कार्य किया जा रहा है। डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु दुर्ग, भिलाई, चरोदा, रिसाली नगर निगम जनस्वास्थ्य विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र, स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण/शहरीय की टीम द्वारा कुल 105510 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है. जांच किये कुलर पानी टंकी व अन्य कंटेनर की संख्या-145525 जिनमें से 49343 खाली कराये गये। सभी कंटेनरों में 85598 स्थानों में टेमीफास डालकर लार्वा का नष्टीकरण किया गया, 108246 पाम्पलेट के माध्यम से डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिक्षा दी गयी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री जे.पी. मेश्राम के अनुसार जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, सभी नगर निगम एवं मीडिया के द्वारा लगातार लोंगों से यह अपील की जा रही है कि सप्ताह में एक दिन शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाना डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए उचित होगा। उस दिन घर के सारे कन्टेंनर जैसे कुलर, पानी टंकी व अन्य जिसमें बारिश का पानी एकत्रित हो उसको समतल जगह में उस पानी की निकासी की जाये। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कारगर होगा। अपील नही मानने पर यदि किसी घर में पहली बार लार्वा मिलता है तो नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा समझाईश दी जाएगी और दुसरी बार लार्वा मिलने पर 500 रूपए से लेकर 5000 रूपए तक का अर्थदंड वसूला जाएगा जिसकी जवाबदारी स्वंय की होगी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के द्वारा लोगों से यह अपील की जाती है कि बुखार आने पर मलेरिया एवं डेंगू की जाँच की जाये। डेंगू एवं मलेरिया की जाँच जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में जॉच निःशुल्क किया जा रहा है। जॉच के उपरान्त ही डॉक्टर के परामर्श से दवा लेना उचित होगा। -
दुर्ग /मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना वर्ष 2023-24 अतर्गत अवेदन पत्र आमंत्रित किया जा रहा है। ऋण लेने के इच्हुक हितग्राही को कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग में उपस्थित होकर अपना आवेदन पत्र आवश्यक सहपत्रों के साथ प्रस्तुत करना होगा। मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अनुसार उक्त योजनान्तर्गत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रूपए, सेवा क्षेत्र में अधिकतम 10 लाख रूपए एवं व्यवसाय क्षेत्र में अधिकतम 2 लाख रूपए ऋण हेतु आवेदन किया जा सकता है। योजनान्तर्गत सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 10 प्रतिशत अधिकतम 1 लाख रू. तक, अन्य पिछड़ा वर्ग, माहिला, अल्पसंख्यक, विकलांग, भूतपूर्व सैनिक, नक्स्ल प्रभावित आवेदकों को 15 प्रतिशत आधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए तक एवं अनुसुचित जाति, जनजति वर्ग के हितग्राहियों को 25 प्रतिशत अधिकतम 1 लाख 50 हजार रूपए मार्जिन मनी (अनुदान राशि) की पात्रता है। इस योजना की पात्रता हेतु आवेदक छत्तीसगढ़ के मुल निवासी हो, न्युनतम 8 वी कक्षा उत्तीर्ण, आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य हो। विशेष समुदाय को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट) परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से अधिक नहीं हो, उक्त योजना में लाभ लेने के लिए हितग्राहियों को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन, आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्थाई निवास प्रमाणपत्र, मतदाता पहचान- पत्र, ड्रायविंग लाईसेंस, शैक्षणिक, तकनीकी योग्यता संबंधी प्रमाणपत्र (न्यूनतम 8 वी उत्तीर्ण), जन्मतिथि संबंधी प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी नि.शक्तजन, भूतपर्व सैनिक, अल्पसंख्यक, जाति संबंधी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो तो), उद्यमी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संबंधी प्रमाण पत्र (पदि लागू हो तो) भूमि, भवन किराये पर हो तो किरायानामा कम से कम पांच वर्ष की अवधि के लिये, मशीनरी, उपकरण, साज-सज्जा हेत् वर्तमान दरों के कोटेशन, परिवार की वार्षिक आय 03 लाख रूपए से कम हो, के संबंध में शपथपत्र स्वयं का पता लिखा हुआ 2 पोस्टकार्ड संलग्न करें, आवेदन समस्त दस्तावेज सहित 02 प्रतियों में दस्तावेजों के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जीई रोड मालवीय नगर चौक के पास दुर्ग में 10 अक्टूबर 2023 तक आवेदन प्रस्तुत किये जा सकते है।












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