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- -पुराने बकायादार 70 हजार से अधिक व्यवसायी होंगे लाभान्वित, 31 जनवरी 2024 तक प्रस्तुत कर सकते हैं आवेदनरायपुर । वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग द्वारा वैट, वाणिज्यिक अधिनियम के तहत प्रांतीय, केन्द्रीय प्रवेशकर, वृत्तिकर एवं विलासिता कर की पुरानी बकाया राशि की वसूली के लिये एकमुश्त निपटान अधिनियम लागू किया गया है। प्रदेश में पुराने बकायादार 70 हजार से अधिक व्यवसायी इसका लाभ ले सकते हैं। उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर श्री टी.एस. सिंहदेव के निर्देश पर विभाग ने विगत 15 सितम्बर को इस योजना को अधिसूचित कर दिया है। एकमुश्त निपटान के तहत कर, ब्याज और शास्ति की बकाया की वसूली की जाएगी। इसके लिए व्यवसाईयों को वाणिज्यिक कर वृत्त कार्यालयों में निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। निपटान अधिनियम के तहत आगामी 31 जनवरी 2024 तक आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।एकमुश्त निपटान अधिनियम की खास बात यह है कि 31 जनवरी 2024 तक जिन प्रकरणों पर कर निर्धारण, रिवीजन, प्रथम या द्वितीय अपील, शासन के समक्ष अपील, उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों में भी इसका विस्तार किया गया है। वर्ष 2010 में बकाया वसूली के लिए लाए गए सरल समाधान योजना में भाग लेने वाले व्यवसायी भी इस निपटान अधिनियम में शामिल हो सकते हैं। निपटान अधिनियम के अंतर्गत जिन बकाया प्रकरणों में विधानवार एक वर्ष में बकाया की राशि 50 लाख रुपए से अधिक है, उसमें कर राशि में 40 प्रतिशत की राशि माफ की जाएगी। ब्याज की राशि 90 प्रतिशत और दण्ड की राशि 100 प्रतिशत माफ की जाएगी। 50 लाख रुपए से कम बकाया के प्रकरणों में बकाया राशि का 60 प्रतिशत, ब्याज की राशि 90 प्रतिशत और दण्ड की राशि 100 प्रतिशत माफ की जाएगी।व्यवसाईयों की सुविधा के लिए एकमुश्त निपटान अधिनियम, नियम और आवेदन का प्रारूप वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा वेबसाईट https://comtax.cg.nic.in पर अपलोड किया गया है। एकमुश्त निपटान योजना के तहत आनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। आनलाइन आवेदन करने वालों को हार्ड कॉपी संबंधित वृत्त कार्यालय के प्रभारी अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। निपटान अधिनियम में शामिल होने वाले व्यवसायी इसके लिए निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिव्यांग हितग्राही गायत्री पटेल को बी. एड. की पढ़ाई के लिए एक लाख रुपए सहायता राशि देने को कहा-सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दिव्यांग हितग्राहियों का जाना हाल-चालरायपुर / सांसद श्री राहुल गांधी और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर के परसदा में आयोजित आवास न्याय सम्मेलन में समाज कल्याण विभाग द्वारा हितग्राहियों को किए जा रहे मोटराइज्ड ट्राईसाइकल वितरण स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉल में दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहयता उपकरण वितरण योजना’’ के तहत दिव्यांग गायत्री पटेल, सामंत कुमार, पूनम ठाकुर सहित कुल 50 हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राई सायकल प्रदान की। श्री गांधी और मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों से चर्चा भी की। हितग्राहियों से चर्चा के दौरान तखतपुर की रहने वाली दिव्यांग हितग्राही गायत्री पटेल ने बताया कि बचपन से ही दिव्यांग होने की वजह से उन्हें स्कूल तथा कालेज सहित अन्य कार्यों के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस मोटराइज्ड ट्राई सायकल के मिलने से वह स्वयं बिना किसी अन्य सहारे के आवागमन कर सकतीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल और सांसद श्री गांधी को अपनी आगे की शिक्षा पाने में आ रही कठिनाई के बारे में अवगत कराया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनने के पश्चात् बीएड करने के लिए एक लाख रुपए अनुदान सहायता राशि प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसी प्रकार सांसद और मुख्यमंत्री ने दिव्यांग हितग्राही श्री सामंत कुमार सहित अन्य उपस्थित दिव्यांगजनों से हाथ मिलाते हुए उनका हाल-चाल जाना। उल्लेखनीय है कि शासन की समाज कल्याण विभाग अंतर्गत महत्वाकांक्षी सामर्थ्य विकास योजना के तहत दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण के तहत मोटराइज्ड ट्राई साइकल सहित अन्य योजना अंतर्गत ट्राई साइकल, श्रवण यंत्र, स्टिक आदि यंत्र प्रदान की जाती है। जिससे प्रदेश के विभिन्न हितग्राही लाभान्वित हो रहे है।
- -स्टालों में हितग्राहियों से चर्चा कर विभिन्न हितग्राहीमूलक योजना का लाभ मिलने के संबंध में ली जानकारीरायपुर /सांसद श्री राहुल गांधी आज बिलासपुर जिले के ग्राम परसदा(सकरी) में आवास न्याय सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ कार्यक्रम परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा कर योजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों से पूछा कि राज्य शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से कैसा महसूस हो रहा है। खुश हो की नहीं? इस पर नांदघाट जिला बेमेतरा के हितग्राही श्री दिलहरण वर्मा ने बताया कि भूपेश सरकार की सामाजिक आर्थिक सर्वे सूची के माध्यम से उन्हें आवास की स्वीकृति मिली है। जिससे अब उनका आवास बनने का सपना साकार होगा। कबीरधाम जिले की राधा मरावी ने बताया कि उन्हें छोटा कमरा होने से गुजर बसर में काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति मिली है। जिससे वे काफी खुश हूं।स्टाल के अवलोकन के दौरान श्री गांधी तथा मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों से मुलाकात की और पूछा कि आप लोगो को शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के रूप में चयन होने पर कैसा लग रहा है? इस दौरान नव नियुक्त शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें श्री गांधी और मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति प्रमाण पत्र मिलेगा। यह उनके लिए किसी सुखद अनुभव से कम नहीं है। नव नियुक्त शिक्षिका शिवांगी वर्मा ने बताया कि उनका चयन भंडारगांव उदयपुर के लिए हुआ है। जिससे वे बहुत ही ज्यादा खुश है।स्टाल में श्री गांधी ने वन अधिकार पत्र, राजीव गांधी आश्रय योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से भी मुलाकात की और हितग्राहियों को विभिन्न हितग्राही मूलक योजना का लाभ मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। स्टाल अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास योजना के हितग्राहियों ने बताया कि आज उन्हें शासन द्वारा योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 01-01 लाख का चेक मिला है। इससे आवास निर्माण में मदद मिलेगी। इसी तरह सकरी बिलासपुर की सविता ने बताया कि लंबे समय से नगरीय क्षेत्र में निवासरत पट्टा का वन अधिकार पत्र नहीं होने के कारण घर बनाने में डर बना रहता था। लेकिन अब वह पट्टा का अधिकार पत्र मिलने से बिना किसी डर के अपना पक्का घर बना सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकार पत्र मिलने पर बहुत अच्छा लग रहा है। राजीव गांधी आश्रय योजना की हितग्राही सुकृता पटेल ने कहा कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उन्हें नियमानुसार मालिकाना हक प्राप्त होगा, जिससे वह काफी खुश है। श्री गांधी ने मुख्यमंत्री के साथ नरवा विकास कार्यक्रम, हनी प्रोसेसिंग यूनिट और हर्बल उत्पाद से संबंधित लगाए गए स्टाल का भी अवलोकन किया और आवश्यक जानकारी ली।
- -मुख्य सचिव श्री जैन ने सड़क सुरक्षा परिदृश्य की बैठक में दिए निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के त्वरित उपचार की व्यवस्था एवं सहायता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने यह निर्देश आज यहां मंत्रालय में सड़क सुरक्षा परिदृश्य की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सहित इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना के तहत आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग और राजमार्गों के आस-पास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने यातायात शिक्षा एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए भी सभी जरूरी कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।मुख्य सचिव ने राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित मेडिकल कॉलेजों तथा जिला चिकित्सालयों में ट्रामा सेंटर की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिलों के सभी अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए प्रारंभिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध होना चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अस्पतालों में मौजूद चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बूलेंस में मौजूद चिकित्सा उपकरणों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजमार्गों के आस-पास स्थित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एम्बूलेंस अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसकी समुचित व्यवस्था एवं निगरानी करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए गए है। इसी तरह से यातायात शिक्षा के तहत स्कूलों में यातायात शिक्षा के लिए सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण के संबंध में अधिकारियों का आवश्यक निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एन.सी.सी., एन.एस.एस. तथा भारत स्काउट गाईड के कैडेट्स एवं छात्रों के माध्यम से जागरूकता संबंधी कार्यों के साथ सुगम यातायात हेतु उनकी सेवाएं भी ली जा रही है। बैठक में सचिव परिवहन श्री एस.प्रकाश, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन तथा सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री पी.दयानंद सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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समूह का अब तक 60 हजार रूपए का हो चुका है आमदनी
ग्राम पंचायत के तालाब में किया जा रहा है मछली पालन का कार्य, सप्ताहिक बाजार में किया जाता है बिक्री
जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ राज्य आजीविका मिशन बिहान योजना के अंतर्गत् संचालित पत्थलगांव विकासखण्ड के पतरापाली के चमेली स्व सहायता समूह ने मछली पालन को सामुहिक आजीविका का स्रोत बना लिया है। ग्राम पंचायत पतरापाली में कुल 22 समूह है। इसके आधार पर 2 ग्राम संगठन भी बने हैं चमेली स्व सहायता समूह एक संगठित व सक्रिय समूह है। जिसमें अलग-अलग जाति समुदाय के सदस्य सम्मिलित हैं। इस समूह के सदस्य आपस में मिलजुल कर कार्य करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरे का सहयोग करने से पीछे नहीं हटते हैं समूह के सदस्यों में अच्छा तालमेल पारदर्शिता होने के कारण समूह प्रगति की ओर है।
स्व सहायता समूह के द्वारा ग्राम पंचायत में स्थित तालाब में मत्स्य विभाग के समायोजन से तालाब में मछली बीज डाला गया है इसके लिए समय-समय पर आवश्यक जानकारी व मछली हेतु चारा इत्यादि भी दिया जाता है तथा समूह के द्वारा मछली पकड़ने का कार्य स्वयं से किया जाता है। प्रत्येक साप्ताहिक लगने वाली बाजार में मत्स्य की बिक्री कर दी जाती है। इस प्रकार से सामूहिक आमदनी लगभग 60 हजार रुपये हो चुके हैं। समूह भी पूर्ण रूप से आर्थिक रूप से मजबूत व आय के स्रोत में अग्रसर है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौठानों को स्वावलंबी बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है और स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। गौठानों में मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, बांस की टोकरी निर्माण, बटेर पालन, बाड़ी विकास, साग सब्जी का उत्पादन, राईस मिल, पोल निर्माण, सरसो तेल, हेचरी पालन, सेनेटरी पेड निर्माण सहित अन्य गतिविधियों में शामिल करके समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जिला पंचायत के एनआर.एल.एम. बिहान द्वारा भी स्व सहायता समूह के महिलाओं को सशक्त बानने के उद्देश्य से आर्थिक गतिविधियों में जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। जिले के विभिन्न विभागों द्वारा भी रीपा के तहत् परिवारों और समूह की महिलाओं को विभाग की योजना से लाभान्वित कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। -
भूपेश सरकार ने पौने पांच वर्षों में रोजगार के अनेक अवसर दिए- अम्बिका सिंहदेव
कोरिया को अपने काम, लगन व जुनून से भी जाना जाए-श्री लंगेह
कोरिया। जिला प्रशासन के समन्वय से जिले के लाइलीहुड कॉलेज में रोजगार मेला व ऋण वितरण का आयोजन किया गया।
रोजगार मेले के अवसर पर जिले में जहां एक ओर युवाओं को निजी संस्थानों में नौकरी दिलवाई गई वहीं दूसरी ओर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लोन भी दिया गया।
शासकीय लाइवलीहुङ कॉलेज, बैकुण्ठपुर में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत स्वरोजगार हेतु लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ स्वीकृति पत्र वितरित किये गए। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कौशल विकास प्राधिकरण एवं जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बैकुंठपुर, जिला कोरिया द्वारा लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में रोजगार मेले औऱ लोन मेले आयोजन किया गया था जिसके तहत आठ नियोजक उपस्थित हुए, 509 रिक्तियां प्राप्त हुई जिनके द्वारा प्रारंभिक रूप से 189 बेरोजगारी भत्ता प्राप्त सहित अन्य आवेदकों का चयन किया गया। जानकारी के मुताबिक एक सप्ताह पश्चात नियोजको द्वारा अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
विदित हो कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समय समय पर जिला प्रशासन द्वारा रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है, इसके तहत बैकुंठपुर के लाइवलीहुड कॉलेज परिसर में रोजगार मेला व लोन मेला का आयोजन किया गया था ताकि पात्र हितग्राहियों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध हो सके। बता दें राज्य सरकार, युवाओं के हित में अनेक योजनाएं शुरू की है, वहीं प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता भी दिया जा रहा है।
इस अवसर पर संसदीय सचिव व बैकुण्ठपुर विधायक श्रीमती ’अम्बिका सिंह देव ने कहा कि’ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विगत पौने पांच वर्षों में रोजगार के अनेक अवसर दिए हैं। करीब सभी विभागों, मण्डल, आयोग, बोर्ड में सरकारी नौकरी के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए और हजारों बेरोजगार युवाओं को इसका लाभ भी हुआ है।
’कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने’ ’युवाओं से कहा कि’ आप लोग जिस फील्ड में काम करोगे, वहाँ एक अलग पहचान बनाओ ताकि सुदूर अंचल कोरिया को अपने काम, लगन व जुनून से भी जाना जाए। श्री लंगेह ने रोजगार प्राप्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा जब तक आपकी मंजिल प्राप्त न हो जाए कड़ी मेहनत औऱ ईमानदारी से परिश्रम करते रहें।
सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा’ रोजगार मेला आपको चुनौती को स्वीकार करने की सीख देगी, जिस ट्रेड के लिए चयन हुआ है वहाँ अपने स्किल का उपयोग करें औऱ लगन के साथ काम करें। बेरोजगारी भत्ता प्राप्त युवाओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि एक ही छत के नीचे जिला प्रशासन की पहल से उन्हें बिना किसी शुल्क व परिश्रम के जिले में बुलाकर यह अवसर मिल रहा है। रोजगार मेले के अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं सहित विभागीय अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे। -
महासमुंद। नगर पंचायत पिथौरा में विकसित कृष्ण कुंज प्रदेश के लिए एक मॉडल कृष्ण कुंज के रूप में विकसित किया गया है। यहां कृष्ण कुंज की अवधारणा को साकार किया गया है। पिथौरा के कृष्ण कुंज में 0.40 एकड़ क्षेत्र में 160 पौधें रोपे गए हैं। वाकिंग ट्रेक, झूला और दीवारों में मनमोहक चित्रांकन भी किया गया है। जिससे वास्तव में कृष्ण कुंज एक सुंदर वाटिका के रूप में नगर की पहचान के रूप में उभरा है। जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा कृष्ण कुंज वृक्षारोपण कार्यक्रम की योजना राज्य के समस्त नगरीय निकायों में हरियाली बढ़ाने की पहल हेतु लागू किया गया है। जिसका उद्देश्य वन उद्यान विकसित कर सांस्कृतिक एवं जीवनोपयोगी वृक्षों की अमूल्य विरासत का संरक्षण एवं शहरी क्षेत्रों में निवासरत लोगों में हरियाली के प्रति आकर्षण बढ़ाना, प्रदूषण मुक्त हेतु प्राकृतिक वातावरण व सुंदरता उपलब्ध कराना है। वनमंडलाधिकारी श्री पंकज राजपूत ने बताया कि इसी तारतम्य में महासमुंद वनमंडल के नगर पंचायत पिथौरा में कृष्णकुंज विकसित कर बरगद, पीपल, नीम और कदंब, रीठा, सिंदूरी, गुलमोहर, बेल, आंवला जैसे सांस्कृतिक महत्व के जीवनोपयोगी 160 वृक्षों का रोपण किया गया है। राज्य शासन द्वारा जन्माष्टमी के अवसर पर विगत वर्ष कृष्ण कुंज योजना की शुरुआत की गई थी। जिले में नगरीय निकाय पिथौरा में वन विभाग द्वारा नगर के बीच में रिक्त स्थान को कृष्ण कुंज निर्माण के लिए चयन किया गया। यह पूरे राज्य के लिए एक मॉडल कृष्ण कुंज है। यहां वनों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के औषधीय, फलदार एवं फूल वाले पौधों का रोपण किया गया है। वर्तमान में रोपित पौधे 7-8 फीट ऊंचाई के हो चुके हैं।
कृष्ण कुंज नाम के मुताबिक यहां धार्मिक आस्था का ख्याल रखते हुए तीन मंदिरों का निर्माण भी किया गया है। जिसमें राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित की गई है। जहां लोग आस्था पूर्वक दर्शन और पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं। कृष्ण कुंज को एक आकर्षक और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी एक उद्यान के रूप में विकसित किया गया है -
योजना में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के 47 हजार 90 आवासहीन परिवार और पीएमएवाय की स्थाई प्रतीक्षा सूची के 6,99,439 परिवार होंगे लाभांवित
रायपुर। सांसद श्री राहुल गांधी और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम परसदा (सकरी) में आयोजित ‘‘आवास न्याय सम्मेलन‘‘ में ‘‘छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास न्याय योजना‘‘ का शुभारंभ किया।
ग्रामीण आवास न्याय योजनांतर्गत प्रथम चरण में राज्य के 47,090 आवासहीन परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। आगामी वर्षों में चरणबद्ध रूप में कुल 10 लाख 76 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्थायी प्रतीक्षा सूची के शेष बचे 6,99,439 पात्र परिवारों को आवास स्वीकृति का निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है।
इस मौके पर सांसद श्री गांधी और मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ‘‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना‘‘ के 500 हितग्राहियों को एक-एक लाख रुपए के मान से 5 करोड़ की राशि का वितरण किया।
श्री राहुल गांधी और श्री भूपेश बघेल ने सम्मेलन में बिलासपुर जिले के लिए 669 करोड़ 69 लाख रुपए की लागत वाले 414 विकास व निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया तथा इस दौरान चयनित 2594 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र तथा नगरीय क्षेत्रों में 1117 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्रों का वितरण किया।
इस मौके पर अतिथियों द्वारा आयोजन स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया गया और योजनाओं के हितग्राहियों से भेंटकर आवास स्वीकृति आदेश, योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक तथा ट्राईसिकल आदि का वितरण किया। इस मौके पर अतिथियों द्वारा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित गारमेंट फैक्ट्री गनियारी-नगोई का शुभारंभ भी किया गया । - -‘‘छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023‘‘ में 10 लाख 76 हजार 545 परिवार आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले पाये गये हैं-इन परिवारों को चरणबद्ध रूप से मिलेगी आवास के लिए सहायता-प्रथम चरण में आवासहीन 47 हजार 90 परिवारों को आवास के लिए मिलेगी सहायतारायपुर/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर आवास योजना के प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना‘‘ प्रारंभ की जा रही है। इस योजना में ऐसे हितग्राही शामिल हैं, जिन्हें आवास की आवश्यकता तो है, किन्तु वर्ष 2011 की सर्वे सूची के अनुसार योजना के लिए पात्रता नहीं रखते हैं। चूंकि भारत सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 12 वर्ष पूर्व संपादित की गई थी। वर्तमान में कई परिवार ऐसे हैं, जिनके जीवन स्तर में सुधार होने के कारण आवास की पात्रता नहीं रखते तथा कुछ ऐसे भी परिवार हैं, जिन्हें आवास की आवश्यकता तो है, किन्तु वर्ष 2011 के उक्त सर्वे सूची अनुसार पात्रता नहीं रखते हैं।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ के ऐसे जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकता और उनकी समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023‘‘ कराने का निर्णय लिया गया। सर्वेक्षण कार्य 1 अपै्रल 2023 से प्रारंभ हुआ तथा 30 अपै्रल 2023 तक कुल 59.79 लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया, जिसमें 10,76,545 परिवार आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले पाये गये हैं। ऐसे सभी आवासहीन एवं कच्चे कमरे वाले परिवारों को चरणबद्ध रूप से उन्हें स्वयं का आवास दिलाने हेतु जुलाई 2023 में मुख्यमंत्री श्री भूपेेश बघेल द्वारा ग्रामीण आवास न्याय योजना की घोषणा की गई, जिसके क्रियान्वयन हेतु शत्-प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।आवास हेतु दुर्गम क्षेत्रों के परिवारों को 1.30 लाख तथा मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रूपए की सहायतायोजना अंतर्गत प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ सामाजिक आर्थिक जनगणना 2023 के सर्वेक्षण में पाये गये 47 हजार 090 आवासहीन परिवारों को लाभान्वित किया जायेगा। योजनान्तर्गत प्रति हितग्राही पात्र परिवारों को आईएपी (पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों में) एवं नॉन आईएपी (मैदानी क्षेत्र) जिलों में विभाजित करते हुये क्रमशः कुल 1.30 लाख रूपए एवं कुल 1.20 लाख रूपए की राशि प्रति पात्र परिवार प्रदान की जाएगी।ग्रामीण आवास न्याय योजनांतर्गत अभिसरण के माध्यम से मनरेगा योजना के वार्षिक प्रधान परिपत्र वर्ष 2022-23 की कंडिका 7.5.5 अनुसार न्यूनतम 25 वर्ग मीटर प्लिंथ एरिया के मकान निर्माण हेतु आई.ए.पी. जिलों में 95 तथा नॉन आई.ए.पी. जिलों में 90 मानव दिवस का लाभ दिया जाएगा।ग्रामीण आवास न्याय योजनांतर्गत चिन्हांकित पात्र परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं मनरेगा के अभिसरण से पात्रतानुसार 12 हजार रूपए की राशि की स्वीकृति दी जायेगी।मुख्यमंत्री की पहल पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के स्थायी प्रतीक्षा सूची के शेष बचे परिवार होंगे लाभान्वितभारत सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना के आधार पर वर्ष 2016 से ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण‘‘ लागू की गई। योजनान्तर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची में कुल 18,75,580 लाख परिवार शामिल हैं, जिनमें से 11,76,146 परिवारों को आवास की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। किन्तु 6,99,439 परिवारों को भारत सरकार से लक्ष्य प्राप्त नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास स्वीकृति नहीं की जा सकी है। मंत्रिपरिषद की 02 सितम्बर 2023 की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची में शेष बचे शत-प्रतिशत परिवारों को लाभान्वित किये जाने का निर्णय लिया गया है।पीएमएवाय की स्थाई प्रतीक्षा सूची के 6,99,439 परिवार होंगे लाभान्वितप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की स्थाई प्रतीक्षा सूची में 6,99,439 परिवार वर्तमान लाभान्वित किया जाना शेष है। योजनान्तर्गत प्रति हितग्राही पात्र परिवारों को आई.ए.पी. (पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्रों में) एवं नॉन आई.ए.पी. (मैदानी क्षेत्र) जिलों में विभाजित करते हुये क्रमशः कुल 1.30 लाख रूपए एवं कुल 1.20 लाख रूपए की राशि प्रति पात्र परिवार प्रदान की जाएगी।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंर्तगत अभिसरण के माध्यम से मनरेगा योजना के वार्षिक प्रधान परिपत्र वर्ष 2022-23 की कंडिका 7.5.5 अनुसार न्यूनतम 25 वर्ग मीटर प्लिंथ एरिया के मकान निर्माण हेतु आई.ए.पी. जिलों में 95 तथा नॉन आई.ए.पी. जिलों में 90 मानव दिवस का लाभ दिया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत चिन्हांकित पात्र परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं मनरेगा के अभिसरण से पात्रतानुसार 12 हजार रूपए की राशि की स्वीकृति दी जायेगी।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजनाछत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में 60 प्रकार के निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जाता है वर्तमान में प्रदेश में कुल 23,19,681 निर्माण श्रमिक पंजीकृत है।पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए ‘‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना‘‘ 01 मार्च 2023 से प्रारंभ की गई है।पंजीकृत श्रमिकों को योजनांतर्गत आवास हेतु 01 लाख रूपए अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के लिए 03 वर्ष निरंतर पंजीकृत श्रमिक पात्र होंगे।कोई भी निर्माण श्रमिक शहरी क्षेत्रों में 500 वर्गफीट एवं ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 वर्गफीट क्षेत्र में स्वंय की भूमि/पट्टा अथवा निर्मित आवास क्रय करने पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।25 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में 500 निर्माण श्रमिकों को आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है जिसके तहत् कुल 5 करोड़ रूपए की राशि हितग्राहियों के खाते में सीधे हस्तांतरित की जा रही है।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास न्याय योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की स्थाई प्रतीक्षा सूची के शेष बचे परिवारों को पारिवारिक शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपए की राशि दी जाएगी।गौरतलब है कि 01 अपै्रल 2020 से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 की शुरूआत की गई है, जो मार्च 2025 तक संचालित किया जायेगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत नवीन परिवारों के घरों में शौचालय की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, फिकल स्लज मैनेजमेंट आदि का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 10125 ग्रामों को ओ.डी.एफ. प्लस घोषित किया जा चुका है। नवीन परिवारों के घरों में 12 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि से कुल 3,20,291 व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों का निर्माण किया गया है जो निरंतर मांग के आधार पर जारी हैै। सार्वजनिक स्थल जैसे हाट-बाजार, मेला स्थल, धार्मिक स्थल, बस स्टेण्ड, सामुदायिक भवन, आदि में कुल 11756 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। 9494 ग्रामों में ठोस अपशिष्ट एवं 13236 ग्रामों में तरल अपशिष्ट के प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इस हेतुं 9309 ग्रामों में सेग्रिगेशन शेड का निर्माण किया गया है। गोबरधन योजना अंतर्गत अद्यतन 335 बायोगैस संयंत्र की स्थापना किया गया है।
- -वार्ड पर्यवेक्षण के लिए कलेक्टर श्री सिन्हा ने जिला स्तरीय अधिकारियों को किया नियुक्त-स्वयं कलेक्टर श्री सिन्हा कर रहे डेंगू नियंत्रण कार्यों की मॉनिटरिंगअस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध, स्थिति नियंत्रण में, एमएमयू के माध्यम से किया जा रहा तत्काल जांचमितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ अब नर्सिंग स्टूडेंट्स भी उतरी फील्ड मेंशहर में सफाई, फॉगिंग एवं जन जागरूकता कार्य मिशन मोड़ में जारीरायगढ़ / कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन में डेंगू नियंत्रण के कार्य में आज रविवार को भी जिला स्तरीय अधिकारी फील्ड में डटे रहे। शहर में बढ़ते डेंगू प्रकरण के मद्देनजर कलेक्टर श्री सिन्हा ने डेंगू सोर्स रिडक्शन एवं जागरूक करने के उद्देश्य से शहर के सभी वार्डो के पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों की ड्यूटी लगाई गई है। जो आज रविवार को भी शहर के विभिन्न वार्डो में निरीक्षण एवं सोर्स रिडक्शन कार्य में डटे रहे।इसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर श्री सिन्हा कर रहे हैं, उनके द्वारा उत्तरदायी अधिकारियों से डेंगू नियंत्रण पर उनके द्वारा किए गए कार्यों की लगातार जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री सिन्हा के निर्देशन में जहां नगर पालिका द्वारा बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चला रही है, वहीं स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग घर-घर जागरूकता सर्वेक्षण कर कार्य किया जा रहा है। गत दिवस बैठक में कलेक्टर श्री सिन्हा ने सफाई दरोगा एवं सफाई कर्मियों को आगामी पखवाड़े भर मिशन मोड पर सफाई कार्य करने के निर्देश दिए। जिससे डेंगू नियंत्रण पर बेहतर कार्य किया जा सके। जिससे फलस्वरूप शहर के वार्डो में फॉगिंग, सफाई, कचरा उठाव एवं दवाई का छिड़काव लगातार जारी हैं।अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं, एमएमयू के माध्यम से किया जा रहा तत्काल जांचकलेक्टर श्री सिंह के निर्देशन में किरोड़ीमल शासकीय जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड में उपचार के लिए आवश्यक बेड, मेडिसीन एवं पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) स्लम इलाकों में जाकर तत्काल जांच भी कर रही हैं। जिससे वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं, एवं पूरी तैयारी के साथ जिला प्रशासन विशेष परिस्थिति से निपटने के लिए भी तैयार हैं।नर्सिंग स्टूडेंट भी अभियान में हुई शामिल, सर्वे के साथ लोगों को किया जागरुककलेक्टर श्री सिंह के निर्देश पर वार्ड सर्वे के लिए पूर्व में अधिकारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन आज से 50 नर्सिंग स्टूडेंटस की टीम ने भी शहर के हण्डी चौक, लालटंकी, हटरी, गांजा चौक, गौशाला पर जैसे विभिन्न डेंगू प्रभावित वार्डो में सर्वे, सोर्स रिडक्शन, पोस्टर चस्पा एवं लोगों को डेंगू से बचाव के संबंध में जागरूक किया।
- -हितग्राही मूलक योजनाओं के सामग्रियों का किया वितरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सुकमा छिंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय स्टॉल का निरीक्षण के दौरान हितग्राही मूलक योजनाओं के सामग्रियों का वितरण किया। जिसमें 70 हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र समुदाय को दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा सोलर चलित मोटर ट्राई सायकल प्रदान किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिलेट्स से बने पोषण आहार का वितरण की जानकारी देते हुए पोषण वाटिका में उपलब्ध स्थानीय फल व सब्ज़ियों को प्रदर्शित किया गया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने असंगठित कर्मकार मंडल सहायता योजना के तहत 2 लोंगों एक-एक लाख रुपए सहित श्रम विभाग के अन्य योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण किया गया। उन्होंने राजस्व एवं आपदा के द्वारा आरबीसी 6-4 के और स्वेच्छानुदान की राशि और वन विभाग द्वारा प्रतिभावान छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 4 बच्चों को, कृषि विभाग द्वारा बीज मिनी किट,पशुधन विभाग के हितग्राही मूलक योजना का वितरण किया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 99 स्टॉफ नर्स की नियुक्ति पत्र और हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के उत्पादों का अवलोकन कर महिला स्व-सहायता समूह और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया।
- -बच्चों को वितरित किए टिफ़िनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के छिंदगढ़ में सुकमा जिले के 681 प्राथमिक शालाओं में मुख्यमंत्री स्वल्पाहार योजना का प्रारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को टिफ़िन का वितरण किया। इस योजना के तहत कक्षा पहली से पांचवी तक के बच्चों को सप्ताह के पाँच दिन अलग-अलग मैन्यू के तहत स्वल्पाहार दिया जाएगा। जैसे सोमवार को पोहा, मंगलवार को दलिया, बुधवार को चना फ्राई, गुरुवार को मूंगदाल और शुक्रवार को वेज पुलाव दिया जाएगा। इससे सुकमा जिले के लगभग 17 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत स्कूल के रसोइयों को 800 रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदाय की जाएगी।
- -समाज प्रमुखों का भी किया गया सम्मानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छिंदगढ़ स्थित नवीन माता मुसरिया मंदिर का लोर्कापण किया गया। उन्होंने मुसरिया माता के दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुसरिया माता क्षेत्र के 64 परगना के ग्रामों की आराध्य देवी मानी जाती है। मंदिर परिसर पहुंचने पर क्षेत्र के क्षेत्रीय गेड़ी नर्तक दलों द्वारा मुख्यमंत्री का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा 64 परगना के समाज प्रमुख पुजारी गायता, सिरहा, पेरमा, मांझी, पटेल चालकियो का सम्मान परंपरागत पगड़ी पहना कर किया गया। इस अवसर पर आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, सरपंच श्रीमती चंदना नेगी, अन्य जन प्रतिनिधिगण और कलेक्टर श्री हरिस. एस, एसपी श्री किरण चव्हाण समेत अधिकारी, कर्मचारीगण समेत आमजन उपस्थित रहे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बने गौठानों में संचालित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) से ग्रामीणों एवं महिलाओं की जिन्दगी संवर रही है। रीपा से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास के सकारात्मक और बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं। ग्रामीण और महिलाएं अब खुद हुनरमंद होकर छोटे-छोटे रोजगार के जरिए स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर होने लगे हैं।नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत कोलियारी (नेतानार) केे रीपा में वहां की महिलाओं द्वारा तेल मिल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया गया है। जिसमें बजरंगी स्व-सहायता समूह की 10 सदस्यों को रीपा से जोड़कर तेल मिल प्रोसेसिंग यूनिट में प्रोसेंसिंग एवं पैकेजिंग संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के उपरान्त बजरंगी स्व-सहायता के समूह के द्वारा आसपास के किसानों से तिलहन फसल खरीद कर उसे प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग कर बाजार में बड़ी मात्रा में बिक्री किया जा रहा है। तेल की उत्तम गुणवत्ता के कारण दिनों-दिन इसकी मांग बाजार में बढ़ती जा रही है। समूह द्वारा अब तक 600 लीटर तेल की पैकिंग की जा चुकी है, जिसकी कीमत प्रति लीटर 250 रूपये है। समूह के द्वारा अब तक 1 लाख 50 हजार रूपये तक के तेल की बिक्री की जा चुकी है। पहले समूह के सदस्य माह में एक से 15 सौ रूपये ही कमा पाते थे, लेकिन आज प्रत्येक सदस्य की मासिक आय 6 हजार रूपये तक हो गई है। इस समूह को वर्तमान में लगभग 10 लाख रूपये तक के तेल का आर्डर मिल चुका है। बजरंगी समूह की महिलाओं का कहना है कि तेल प्रोसेसिंग यूनिट कार्य के साथ-साथ हम अपने घर के कृषि कार्य व मनरेगा का भी काम करती हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य को करते हुये हमें बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि अच्छी आमदनी प्राप्त होने से परिवार के भरण-पोषण में सहयोग मिल रही है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 2 अक्टूबर 2022 गांधी जयंती के दिन महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना रीपा का शुभारंभ किया था। योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन पार्कों के विकास के लिए राज्य सरकार ने 600 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। प्रत्येक रीपा के विकास के लिए दो करोड़ रुपए आबंटित किए गए। योजना के अंतर्गत गौठानों को महात्मा गांधीरूरल इंडस्ट्रियल पार्क से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है। ग्रामीणों को आय में वृद्धि करने के नए स्रोत मिल पा रहे है जिससे वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। गाँव में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो रहे हैं, जिससे लोगों को अब रोजी मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता।
- -स्कूलों और सामुदाय की भागीदारी से होंगे विविध कार्यक्रम-दिल्ली में अमृत वाटिका उद्यान विकसित करने में प्रत्येक गांव से जाएगी मिट्टीरायपुर / भारत में स्वतंत्रता की लड़ाई में शहीद हुए गुमनाम नायकों एवं शहीदों को श्रद्धांजलि देने और विद्यार्थियों को ऐेसे वीरों के जीवन से परिचित कराने के उद्देश्य से राज्य के समस्त स्कूलों में वीरगाथा एवं ‘‘मेरी माटी मेरा देश’’ से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक गांव से मिट्टी लेकर उसे विकासखण्ड व जिले से होते हुए कलश यात्रा के माध्यम से दिल्ली भेजा जाएगा। इस मिट्टी का उपयोग दिल्ली में अमृत वाटिका उद्यान विकसित करने के लिए किया जाएगा।‘‘मेरी माटी मेरा देश’’ कार्यक्रम के प्रथम चरण अंतर्गत शामिल गतिविधियों में अपने क्षेत्र में वीर सेनानियों के स्मारक बनाकर उनका स्मरण करना, स्वंतत्रता संग्राम सेनानी और उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित करना है। समुदाय के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर राष्ट्रगान एवं झण्डावंदन किया जाएगा। सभी सरकारी, निजी, अनुदान प्राप्त स्कूलों में बच्चों के माध्यम से प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय डाकघर से झण्डा क्रय करते हुए झण्डे के साथ अधिक से अधिक बच्चों एवं समुदायों को शामिल कर प्रभात फेरी निकाली जाएगी। खेलकूद, गेड़ी दौड़, स्थानीय खेलकूद, नाटक, रोल प्ले आदि का आयोजन होगा। महान व्यक्तित्व एवं स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित मुद्दों पर निबंध लेखन, चित्रकला, पोस्टर, मूर्तिकला एवं रंगोली आदि से संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। देशभक्ति गीत, कविता एवं गायन प्रतियोगिताएं भी होंगी। प्राचार्य, संस्था प्रमुख एवं समुदाय के विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित कर उनका उद्बोधन सुना जाएगा।द्वितीय चरण में इस कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर के नेतृत्व में 30 सितम्बर के पहले सभी गांवों एवं वार्ड से स्थानीय स्तर पर मिट्टी को एकत्र कर उसका संकलन किया जाएगा। विकासखण्ड स्तर पर निगम कार्यालयों के सहयोग से सभी गांवों और वार्ड के मिट्टी को एकत्र कर 13 अक्टूबर के पहले आपस में मिलाकर रखा जाएगा। विकासखण्ड से कलश के रूप में इस संग्रहित मिट्टी को राज्य स्तर पर निर्धारित स्थल पर पहुंचाया जाएगा और उसे 27 अक्टूबर के पहले दिल्ली ले जाने के लिए एकत्र किया जाएगा।इस कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के नागरिक पोर्टल merimaatimeradesh.gov.in में जाकर प्रतिज्ञा ले सकते हैं। इस पोर्टल में अपना फोटो जिसमें वे काम कर रहे हो, पौधे लगा रहे हो, मिट्टी का दिया पकड़े हो आदि से संबंधित फोटो अपलोड कर सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें मेरी माटी मेरा देश के नाम से एक सर्टिफिकेट भी प्राप्त होगा, जिसे डाउनलोड भी किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत शपथ ली जाएगी कि-भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के सपने को साकार करेंगे।
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रायपुर। अरिहंत नगर, नयापारा राजिम निवासी श्रीमती कुमारी बाई शुक्ला का शनिवार को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे स्व. विद्याभूषण शुक्ला (भुरका वाले) की धर्मपत्नी और भिलाई चरोदा नगर निगम के अभियंता प्रशांत शुक्ला और प्रदीप शुक्ला की माता थीं। उनका अंतिम संस्कार आज नयापारा राजिम स्थित मुक्तिधाम में किया गया।
- -प्रथम चरण में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान-विश्व बैंक से 5 वर्षों में कुल 2500 करोड़ रूपए की मिलेगी सहायता-शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ स्कूलों का होगा कायाकल्परायपुर / राज्य में स्कूली शिक्षा के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तेजी से बदलाव लाने की दृष्टि से स्कूली शिक्षा में सुधार हेतु चॉक (CHALK) परियोजना की विश्व बैंक एवं भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो गई है, आज इस परियोजना के दस्तावेजों पर विश्व बैंक, भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिकृत रूप से हस्ताक्षर किए गए।वर्ल्ड बैंक की मदद से शिक्षा गुणवत्ता सुधार के साथ स्कूलों का कायाकल्प किये जाने का निर्णय लिया गया है, इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पहले चरण में 400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से अगले 5 वर्षों में (जुलाई, 2023 से सितंबर, 2028 ) विश्व बैंक द्वारा कुल 300 मिलियन डालर (लगभग 2500 करोड़ रूपए) की सहायता प्राप्त होगी ।इस परियोजना के माध्यम से प्रमुख रूप से बच्चों की उपलब्धि में सुधार की दिशा में विभिन्न कार्य, पालकों की मांग के आधार पर स्वामी आत्मानंद की तर्ज पर उत्कृष्ट परिणाम देने वाले नए स्कूलों का प्रारंभ, राज्य में सुदूर अंचलों में संचालित स्कूलों की अधोसंरचना में सुधार हेतु आवश्यक समर्थन आदि कार्य किये जा सकेंगे। इस परियोजना के आने से छत्तीसगढ़ राज्य में विगत चार वर्षों में शुरू किए गए विभिन्न सुधार कार्यों को गति एवं विस्तार देने में आसानी हो सकेगी एवं स्कूली शिक्षा की गुणवता में व्यापक सुधार हो सकेगा।परियोजना के अंतर्गत कक्षा के स्तर अनुरूप सीखने-सिखाने से सबंधित प्रशिक्षण, शिक्षकों को अपने लिए उपयुक्त प्रशिक्षण के चयन का अवसर (ऑन डिमॉड ट्रेनिंग), उच्च प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी स्तर की कक्षाओं के लिए प्रत्येक विषय एवं अवधारणा के लिए उपचारात्मक शिक्षण, स्कूलों में प्रभावी आकलन हेतु डिजिटल टेक्नोलोजी का उपयोग कर बच्चों के परिणामों के विश्लेषण की व्यवस्था, उच्च क्वालिटी के टेस्ट आइटम आईसीटी एवं विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लासरूम की उपलब्धता, चयनित स्कूलों को अधोसंरचना विकास का लाभ, अधिक संख्या में अनुसूचित जाति एवं जनजाति बसाहट वाले विकासखंडों में स्कूलों खोले जाने का प्रस्ताव जैसे कार्यों पर फोकस किया जावेगा। साथ ही स्कूल शिक्षा में बदलाव लाए जाने हेतु राज्य में कार्यरत स्कूल प्राचार्यों को अकादमिक एवं प्रशासनिक लीडरशिप के अलावा अन्य उपयोगी मुद्दों पर उन्हें प्रशिक्षित कर व्यवहार परिवर्तन हेतु सीमेट के माध्यम से विभिन्न क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन भी किया जावेगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक ( अपेक्स बैंक ) की स्मारिका 'छत्तीसगढ़ की सहकारिता: नई राहें-नये कीर्तिमान' का विमोचन किया । स्मारिका में राज्य सरकार की वर्ष 2019 से 2023 तक विगत पांच वर्षों के कार्यकाल में सहकारिता के क्षेत्र में अर्जित की गयी विशिष्ट उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है । मुख्यमंत्री ने बैंक के पदाधिकारियों को बधाई एवँ शुभकामनाएं दी ।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चन्द्राकर, संचालक श्री द्वारिका साहू, श्री राकेश सिंह ठाकुर, प्रबन्ध संचालक श्री के.एन. कान्डे, डीजीएम श्री भूपेश चन्द्रवंशी, प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी और लेखाधिकारी श्री प्रभाकर कांत यादव भी उपस्थित थे ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में बिलासपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की । उन्होंने मुख्यमंत्री को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया । मुख्यमंत्री ने सदस्यों को बधाई एवँ शुभकामनाएं दी तथा आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया ।इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री इरशाद अली, उपाध्यक्ष श्री संजीव पाण्डेय, सचिव श्री दिलीप यादव, कोषाध्यक्ष श्री प्रतीक वासनिक, सह सचिव श्री दिलीप जगवानी तथा कार्यकारिणी सदस्य श्री गोपीनाथ डे भी उपस्थित थे ।
- -स्वामी आत्मानंद कोचिंग के नाम से शुरू होगी योजना-25 सितम्बर से 150 केन्द्रो में कोचिंग देने की तैयारी-रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा शहरों में भी होंगे कोचिंग के लिए स्त्रोत केन्द्र-कोचिंग की व्यवस्था हेतु कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप ख्याति प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा प्री मेडिकल टेस्ट (नीट) और प्री इंजीनियरिंग (आईआईटी, जेईई मेन एवं एडवांस ) की कोचिंग दी जाएगी। कोंचिग के लिए संस्थान का चयन प्रक्रियाधीन है। राज्य शासन के निर्णय अनुसार 25 सितम्बर 2023 से इस योजना का शुभारंभ राज्य के 146 विकासखण्ड मुख्यालयों में बीआरसीसी केन्द्र या इसके नजदीक हायर सेकेण्डरी में ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त 04 शहरी स्त्रोत केन्द्रों- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व कोरबा में (सीआरसी) संचालित किए जाना है। कोचिंग राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के माध्यम से छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम से चयनित संस्था द्वारा प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की थी की दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हेतु देश की ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को कोचिंग के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि, चूंकि ख्याति प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान का चयन अभी नहीं हो पाया है इसलिए भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान और गणित विषय के शासकीय संस्थाओं से ऑफ लाइन माध्यम से प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाए। इस संबंध में कोचिंग के लिए उपयुक्त भवन या कक्ष का चयन किया जाए। प्रत्येक कक्ष में 100 प्रशिक्षणार्थियों में 50 मेडिकल और 50 इंजीनियरिंग का चयन किया जाए। प्रशिक्षणार्थियों का न्यूनतम 60 प्रतिशत अंको के साथ कक्षा 10 वीं में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अभ्यर्थी को संबंधित विकासखण्ड, शहर के शासकीय विद्यालय में कक्षा 12 वीं का नियमित विद्यार्थी होना चाहिए। विकासखण्ड मुख्यालय की शालाओं में कक्षा 12 वीं में जीवविज्ञान तथा गणित संकाय अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थी ही पात्र होंगे। निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर कक्षा 10 वीं की प्राप्त अंको की मेरिट केे आधार पर चयनित किया जाएगा। कोचिंग प्रतिदिन अपरान्ह 4.30 बजे से 6.30 बजे तक संचालित होगी। विषयवार प्रशिक्षण रोस्टर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार किया जाएगा।प्रत्येक कोचिंग केन्द्र में भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान और गणित विषय के लिए नोडल शिक्षक चिन्हित किया जाएगा और एक मुख्य नोडल अधिकारी भी होगा, जो प्राचार्य, वरिष्ठ व्याख्याता स्तर का होगा। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा केन्द्र वार नोडल अधिकारी का चयन कर आदेश जारी किया जाएगा। इन चयनित नोडल अधिकारियों को मानदेय का प्रावधान रहेगा। इसका भुगतान छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया जाएगा।कोचिंग संस्थान तथा विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा मानक मूल्यांकन पत्र विकसित किया जाएगा। कक्षा अध्यापन का प्रसारण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के एडूसेट से किया जाना है। प्रसारण ई-विद्या चैनल के माध्यम से चैनल क्रमांक 72 पर ऑन एयर किया जाएगा तथा ऑनलाइन प्लेटफार्म गूगलमीट के माध्यम से 150 केन्द्रों में बैठे विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से चर्चा कर पाएंगे।
- -वर्ष 2022-23 में 13000 करोड़ रूपए का मिला खनिज राजस्व-राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक सम्पन्न-वर्ष 2023-24 के भू-वैज्ञानिक क्षेत्रीय कार्यक्रम को दिया गया अंतिम रूपरायुपर /राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 23वीं बैठक आज इंद्रावती भवन में खनिज साधन विभाग के विशेष सचिव श्री जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2023-24 के भू-वैज्ञानिक क्षेत्रीय कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। विशेष सचिव श्री जय प्रकाश मौर्य ने बैठक में बताया कि वर्ष 2022-23 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है, जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ के द्वारा क्षेत्रीय सत्र 2022-23 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2022-23 में कुल 2.45 बिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के 125 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये हैं। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 12 विभिन्न खनिजों की कुल 45 परियोजना अन्वेषण तथा पूर्वेक्षण कार्य हेतु लिए गये हैं। जिसमें आयरन ओर के 20, फास्फोराईट के 04, चूनापत्थर के 04, गोल्ड के 04, ग्लुकोनाईट के 03, ग्रेफाईट के 02, डायमण्ड के 02, आरईई के 02, टंगस्टन के 01, लिथियम के 01, बॉक्साईट के 01 तथा बेसमेटल के 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजनाएं सम्मिलित हैं।बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2022-23 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जहां वर्ष 2022-23 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई तथा प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2023-24 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया।इंद्रावती भवन में आज संपन्न स्टेट जियोलॉजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की बैठक में देश की विभिन्न शासकीय एवं निजी अन्वेषण संस्थाओं द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश में खनिज विशेष के अन्वेषण हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव पर भी वृहद् चर्चा की गई।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध खनिज संसाधन, राज्य एवं देश के आर्थिक-सामाजिक विकास का आधार हैं। राज्य के जीएसडीपी में प्रदेश के खनिज संसाधन 11 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी रखते हुए वार्षिक तौर पर लगभग 13 हजार करोड़ का खनिज राजस्व देते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के यूनिक जियोलॉजिकल सेटअप अनुसार यहां लौह अयस्क, कोयला, डोलोमाईट, चूनापत्थर, बाक्साईट इत्यादि बल्क मिनरल्स के अलावा बहुमूल्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खनिजों यथा ग्लूकोनाईट, ग्रेफाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई, की उपलब्धता भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रमाणित की गई है। तथापि अब तक प्रदेश में खनिजों का दोहन कोयला, लौह अयस्क, बाक्साईट, लाईमस्टोन तक सीमित है।प्रदेश के बहुमूल्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपर्युक्त खनिज देश की कृषि, आईटी, ऑटोमोबाईल्स, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आधारभूत खनिज हैं। उक्त तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा इन खनिजों के अन्वेषण एवं विकास को गति देने अन्वेषण कार्य में जीएसआई, एमईसीएल के अलावा शासकीय एवं निजी नोटिफाईड एक्सप्लोरेशन एजेंसीज को शामिल किया जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा स्वतः के अतिरिक्त आउटसोर्सिंग से भी कार्य किया जा रहा है।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में डीजीएम के अलावा जीएसआई, एमईसीएल, सीएमपीडीआईएल, एएमडी, एनएमडीसी, मॉयल आदि देश के नवरत्न कंपनियां विभिन्न खनिजों के अन्वेषण कार्य में संलग्न हैं। एसईसीएल द्वारा भी अब कोयला के अलावा अन्य खनिजों के दोहन में रूचि ली जा रही है। परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 13 परियोजनाएं बहुमूल्य एवं सामरिक महत्व के खनिजों के लिए प्रस्तावित की गई हैं। इस प्रयास से विभाग द्वारा ग्लूकोनाईट, ग्रेफाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई, गोल्ड के 06 ब्लॉक्स ई-नीलामी के माध्यम से देश के महत्वपूर्ण माईनिंग कंपनियों को पारदर्शितापूर्ण नीलाम किये गये है। राज्य के खनिज विभाग का यह प्रयास देश में इन खनिजों की उपलब्धता में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जा सके। ग्लूकोनाईट, निकल, क्रोमियम एवं पीजीई खनिज ब्लाकों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन करने वाला छत्तीसगढ़, देश में प्रथम राज्य है।वर्ष 2015 में खनिज नियमों में संशोधन उपरांत विभाग द्वारा कोयला के अतिरिक्त अब तक कुल 33 खनिज ब्लाकों का आबंटन ई-नीलामी से किया गया है। इन ब्लॉकों के दोहन से आने वाले वर्षों में प्रदेश को 01 लाख करोड़ से ज्यादा की आय होगी। बैठक में केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागो, उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- रायपुर / प्रदेश में वर्तमान में शिक्षकों की भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है, शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में शिक्षक संवर्ग के कुल 5090 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिनमें से अनारक्षित वर्ग के कुल 905 पद है।उल्लेखनीय है कि नियमानुसार मेरिट में उपर आने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को भी अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की पात्रता होती है। इस नियम का पालन करते हुये जिन 895 अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति पत्र जारी किया गया/किया जा रहा है, उनमें से 48 अनुसूचित जाति, 04 अनुसूचित जनजाति, 623 अन्य पिछड़ा वर्ग, तथा 220 अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के है। इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है और किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी के साथ अन्याय नही किया गया है। इसके बाद भी यदि किसी अभ्यर्थी का दावा है कि मेरिट में उसके नीचे के किसी व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति दी गई है तो वह तत्काल संचालक लोक शिक्षण को आवेदन दे सकता है। संचालक द्वारा समय-सीमा में ऐसे आवेदनों का निराकरण किया जायेगा।यह भी उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रकिया अभी भी जारी है और आरक्षित वर्ग के अनेक अभ्यर्थियों को तृतीय चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांक 29 एवं 30 सितम्बर 2023 को बुलाया गया है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया के दौरान होने वाले साक्षात्कार में पात्र अभ्यर्थी को न बुलाए जाने के संबंध में सोशल मीडिया में एक समाचार प्रसारित हुआ है, जिसमें उल्लेख है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के एक अभ्यर्थी द्वारा पीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर यह शिकायत की गई है कि सीजीपीएससी-2022 की भर्ती के दौरान ओबीसी श्रेणी में लिखित परीक्षा में 710 से 715 नम्बर पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन का आरोप है कि उन्हें लिखित परीक्षा में 771.5 अंक प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद भी साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सेवा परीक्षा 2022 में अभ्यर्थी श्री शिवम देवांगन द्वारा प्रथम प्रश्न पत्र के प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में पृष्ठ क्रमांक 20 पर प्रश्न क्रमांक 17 (ख) में श्री राधेश्याम तथा राजेश मोहन उल्लेख कर पहचान चिन्ह दर्शित करने के कारण आयोग द्वारा उन्हें अनर्ह घोषित करते हुए परीक्षा परिणाम प्रक्रिया से पृथक किया गया है। इस कारणवश राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2022 के साक्षात्कार की सूची में अभ्यर्थी को शामिल नहीं किया गया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन की कंडिका 11 का (ix) एवं प्रश्न सह उत्तरपुस्तिका में उल्लेखित निर्देश की कंडिका-04 के अनुसार- प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान के अतिरिक्त कहीं पर भी अपना नाम, अनुक्रमांक, कोई धार्मिक चिन्ह, कोई पहचान चिन्ह या उत्तर के अतिरिक्त अन्य कोई अक्षर, शब्द, वाक्य या कोई धार्मिक शब्द या वाक्य नहीं लिखा जाना चाहिए। उत्तर पुस्तिका में नीले व काले बॉल पॉइण्ट पेन के अतिरिक्त अन्य किसी भी रंग अथवा किसी प्रकार के पेन जैसे स्केच पेन, हाईलाइटर, ग्लिटर पेन इत्यादि का प्रयोग न करें। ऐसा करने पर जाँचकर्ता द्वारा संबंधित अभ्यर्थी को अनर्ह घोषित किए जाने की अनुशंसा की जा सकती है। उक्त संदर्भ में आयोग का निर्णय अंतिम होगा।उक्त निर्देशों का पालन अभ्यर्थी श्री शिवम कुमार देवांगन द्वारा नहीं किए जाने के कारण ही उन्हें अनर्ह घोषित किया गया है।
- रायपुर / आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने अवैध शराब की बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। श्री लखमा आज नवा रायपुर के आबकारी आयुक्त कार्यालय भवन के सभाकक्ष में विभागीय कार्याें की समीक्षा कर रहे थे।आबकारी मंत्री श्री लखमा ने कहा कि अवैध शराब बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर, सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए सुनियोजित कार्य-योजना के साथ कार्यवाही करें। उन्होंने बैठक में अन्य राज्यों से आने वाले मदिरा विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण, राज्य में अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थाें के निर्माण, संग्रहण, परिवहन, तस्करी, कालाबाजारी, मिलावटी शराब विक्रय पर कठोर कार्यवाही करने कहा। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय टोल फ्री नंबर 14405 पर प्राप्त शिकायतों तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर शिकायतों के निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।आबकारी मंत्री श्री लखमा ने बैठक में आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का विभाग में पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को दृष्टि में रखते हुए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित आबकारी जांच चौकियों में सीसीटीवी कैमरों के सर्विलांस में वाहनों की सघन जांच करें। विभागीय समीक्षा बैठक में श्री महादेव कावरे, विशेष सचिव सह आयुक्त आबकारी तथा मुख्यालय में पदस्थ समस्त वरिष्ठ अधिकारीगण एवं संभागीय व जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।
- - सड़क सुरक्षा परिदृश्य की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्नरायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाआंे के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सहित प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में ब्लैक स्पॉट एवं सड़कों के मुख्य मार्ग में जंक्शन में सुधार कार्य, स्ट्रीट लाइटिंग संकेतक, ट्राफिक कॉमिंग के उपाय सहित सड़कों पर अतिक्रमण नहीं होने के संबंध में व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों के तहत सड़कों में जंक्शन सुधार संबंधित उपायों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सड़क सुरक्षा कार्ययोजना, जन-जागरूकता कार्यक्रम, यातायात शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डीजीपी श्री अशोक जुनेजा विशेष रूप से मौजूद थे।मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण के लिए सड़कों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों को तेजी से करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को दिए। इसी तरह से उन्होंने ओव्हर लोडिंग वाहनों पर प्रभावी कार्यवाही करने सड़कों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं संकेतक लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को सड़कों पर वाहन चालकों के लिए साइनबोर्ड लगाने, सड़कों, फुटपाथ तथा पार्किंग स्थलों के अतिक्रमण हटाने, सड़कों पर आवारा पशुओं को हटाने, तथा सड़कों में सड़क सुरक्षा उपायों की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।छत्तीसगढ़ सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में अंतर्विभागीय लीड ऐजेंसी के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण के लिए इस वर्ष माह जनवरी से अगस्त 2023 तक 3,18,169 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही कर 13 करोड़ 52 लाख 78 हजार 950 रूपए शमन शुल्क वसूल किया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस वर्ष माह जनवरी से अगस्त तक 5,71,425 प्रकरणों में चालानी कार्यवाही कर करीब 108 करोड़ 98 लाख 55 हजार रूपए शमन शुल्क वसूल किए गए। लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा लगातार पहल के फलस्वरूप कक्षा पहली से दसवीं तक छत्तीसगढ़ शिक्षा मंडल के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा यातायात के विषय पाठ्यक्रम में सम्मिलित किए गए हैं।इस वर्ष चिन्हित 118 ब्लैक स्पॉटस में से 84 में सुधार कार्य पूर्ण कर लिए गए है और 68 प्रक्रियाधीन, 3972 में से 2100 जक्शंन में सुधार कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, 1872 प्रक्रियाधीन। 09 ट्रक ले बाय पूर्ण, 21 प्रगति पर तथा 241 बस ले बाय पूर्ण, 179 प्रगति पर, 02 रेस्ट एरिया पूर्ण, 04 प्रगति पर हैं। सड़क दुर्घटना के कारणों के विश्लेषण के लिए इटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा बेस के क्रियान्वयन के लिए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का माह जुलाई, 2021 से 31 जुलाई 2023 तक की स्थिति में कुल 6443 प्रशिक्षण सत्रों में कुल 25,925 अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रशिक्षण दिया गया। ड्रायविंग एण्ड ट्राफिक रिसर्च प्रशिक्षण संस्थान में 9 दिसंबर 2021 से अगस्त 2023 तक कुल 626 यातायात पुलिस कर्मियों, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सहित 15,977 अन्य व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभान्वित हुए। इसी तरह से सड़क सुरक्षा के संबंध में करीब 6098 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें लगभग 80 लाख 83 हजार 738 लोग लाभान्वित हुए है।राज्य के आठ जिलों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, रायगढ़ और राजनांदगांव में आटोमेटिक फिटनेस सेंटर की स्थापना करने की कार्यवाही की जा रही है। रायपुर जिले में यह प्रारंभ किया जा चुका है। परिवहन विभाग द्वारा अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट एवं परिवहन उड़नदस्ता के द्वारा ओव्हरलोडिंग की जांच हेतु सात वे-पेड का उपयोग उड़नदस्ता के द्वारा किया जा चुका है। इसी क्रम में कुल 14 स्थानों पर वे-ब्रीज की स्थापना की गई है। शेष स्थानों पर वे-ब्रीज की स्थापना की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, वित्त विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात श्री प्रदीप गुप्ता, छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इन्फ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री सारांश मित्तर, विशेष सचिव खनिज विभाग एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री जयप्रकाश मौर्य, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री आलोक कटियार और गृह विभाग, नगरीय प्रशासन, नेशनल हाईवे, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।















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