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- -स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा-किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश-दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहारायपुर ।जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं।समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
- सक्ती । जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। इसी कड़ी में सक्ती विकासखंड के ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान श्री गुलाबचंद राठौर ने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री राठौर ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिससे उन्हें संतोषजनक परिणाम प्राप्त हुए। उनके अनुसार पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया का परिवहन और उपयोग अधिक आसान है। इसकी छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है, जिससे समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च की बचत होती है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया की समय पर उपलब्धता से फसलों को आवश्यक पोषण सही समय पर मिल जाता है, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ती है। साथ ही सेवा सहकारी समिति में इस वर्ष शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी खाद भी उपलब्ध है, उन्हें भी शासन के मानक अनुरूप यूरिया डीएपी खाद प्राप्त हुआ है। श्री गुलाबचंद राठौर का कहना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर खेती को और अधिक समृद्ध बनाया जा सके।
- -एक कॉल पर घर पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवा-1962 हेल्पलाइन से मिल रहा त्वरित उपचार, लाखों पशुओं तक पहुंची निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएंरायपुर । राज्य सरकार की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की पहल के तहत संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर यह व्यवस्था न केवल पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक बन रही है।राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलों में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर और गांव के समीप ही निःशुल्क उपचार, टीकाकरण तथा तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा से उन क्षेत्रों के पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है, जहां स्थायी पशु चिकित्सालयों तक पहुंचना कठिन होता है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, डिटिकिंग, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, पैरावेट एवं चालक-सह-अटेंडेंट की तैनाती की गई है तथा वाहनों में आधुनिक उपकरणों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।इसी क्रम में बलरामपुर जिले में अब तक 14 हजार 374 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 1 लाख 67 हजार 176 पशुओं का उपचार, 1 लाख 38 हजार 892 पशुओं का टीकाकरण, 87 हजार 143 पशुओं को औषधि वितरण, 53 हजार 940 नमूनों की जांच, 12 हजार 758 बधियाकरण तथा 710 कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की गई हैं। यह आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।पशुधन विकास विभाग द्वारा चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पशुपालकों को पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों, मौसमी रोगों की रोकथाम, पशुओं के बेहतर रख-रखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है।राज्य शासन द्वारा जारी 1962 टोल फ्री हेल्पलाइन पशुपालकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। इस नंबर पर कॉल करते ही बीमार, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। घर पहुंच सेवा के कारण पशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है तथा दुग्ध, मांस और अंडा उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुपालकों की आय में भी निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।वर्षा ऋतु को देखते हुए विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने तथा आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे पशुओं को नहीं बांधने जैसी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की यह अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण, पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।
- -प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने ग्राम पतराटोली में उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी का किया अवलोकन-राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ऑयल पाम, शेडनेट हाउस एवं अंतरवर्ती खेती से बढ़ा किसानों का मुनाफारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जशपुर जिले के किसानों के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जशपुर विकासखंड के ग्राम पतराटोली के किसान श्री अनारथ साय इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिन्होंने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर संरक्षित एवं बहुफसली खेती अपनाई है और आर्थिक रूप से सशक्त बने हैं।जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम पतराटोली पहुंचकर किसान श्री अनारथ साय के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी आधारित कृषि मॉडल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऑयल पाम रोपण, संरक्षित खेती एवं अंतरवर्ती फसलों की जानकारी ली तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।किसान श्री अनारथ साय ने बताया कि उन्होंने उद्यानिकी विभाग की सहायता से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती अपनाई है। यहां ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है। इस परियोजना की कुल लागत 28 लाख 40 हजार रुपये है, जिसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा 14 लाख 20 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।प्रभारी सचिव ने संरक्षित खेती की तकनीकों, उत्पादन क्षमता एवं आय वृद्धि के संबंध में किसान से विस्तार से चर्चा की तथा उनकी नवाचार आधारित कृषि पद्धति की सराहना की।किसान ने यह भी बताया कि समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत उन्होंने दो हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा विकसित किया है। इसके साथ ही बगीचे में उपलब्ध खाली स्थान का उपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती के रूप में स्ट्रॉबेरी, टमाटर एवं फूलगोभी की खेती भी की जा रही है, जिससे उन्हें वर्षभर अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने किसान द्वारा अपनाई गई एकीकृत कृषि प्रणाली को अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि मुख्य फसलों के साथ अंतरवर्ती खेती अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन एवं निरंतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी का समन्वय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर अग्रसर हों तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें।जशपुर जिले में संरक्षित खेती, फलोद्यान विकास और बहुफसली कृषि मॉडल किसानों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार जारी है अभियान-केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम की कार्रवाईरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है।खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने दिनांक 08 जून 2026 को औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया। जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चौन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उड़नदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- -छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर आयुष को श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में मिली है जगह-रणजी ट्रॉफी में लगा चुके हैं चार शतक, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे और सी.के. नायडू ट्रॉफी भी खेल चुके-सीसीपीएल में बिलासपुर बुल्स की कर रहे कप्तानीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ के उभरते क्रिकेटर और श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया-ए टीम में चुने गए आयुष पाण्डेय ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव के नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान श्री साव ने उन्हें भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी। उन्होंने श्रीलंका में अच्छे प्रदर्शन के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आयुष के खेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा, क्षमता, मेहनत और प्रदर्शन से इंडिया-ए टीम में जगह बनाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की ओर से रणजी ट्रॉफी में वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने अच्छे प्रदर्शन और दमखम से उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है।आयुष पाण्डेय छत्तीसगढ़ के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में से एक हैं। वे बाएं हाथ के आक्रामक ओपनर बैट्समैन हैं। वे रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े स्कोर कर चर्चा में आए हैं। उनमें नई गेंद को अच्छी तरह खेलने और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता है। आक्रामक बल्लेबाजी और कवर ड्राइव उनकी ताकत है।ध्रुव जुरेल की कप्तानी में दो टेस्ट मैच खेलने श्रीलंका जा रही 15 सदस्यीय भारतीय टीम में चयनकर्ताओं ने ओपनिंग बैट्समैन के रूप में आयुष पाण्डेय पर भरोसा जताया है। रायपुर के रहने वाले 23 साल के आयुष पिछले तीन सीजन से छत्तीसगढ़ के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। वे सेंट्रल जोन की टीम से दलीप ट्रॉफी खेल चुके हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी और सी.के. नायडू ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है।आयुष ने रणजी ट्रॉफी में एक दोहरा शतक सहित चार शतक लगाए हैं। उन्होंने 2024 में तमिलनाडु के खिलाफ अपना पहला रणजी शतक (124 रन) लगाया था। उन्होंने 2024-25 के सीजन में असम के विरुद्ध 211 रन की यादगार पारी खेली थी। वे रणजी मैचों में दिल्ली (161 रन) और मुंबई (117 रन) जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शतक लगा चुके हैं। आयुष नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इन दिनों चल रहे सीसीपीएल (छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग) में बिलासपुर बुल्स की कप्तानी कर रहे हैं। वे लगातार चौथा सीजन खेल रहे हैं। वे टी-20 में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘रक्षा अलंकरण समारोह’ में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।
- फाइल फोटोरायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह योजना जवाहर उत्कर्ष योजना के नाम से संचालित थी।विभाग द्वारा परीक्षा रविवार 05 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक लिखित रूप में होगी। योजना में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि शनिवार 20 जून 2026 निर्धारित है।आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो। आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग का हो तथा उसके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र हो। आवेदक छत्तीसगढ़ में स्थित किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हो। कक्षा 4थी में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त होना अनिवार्य है। पिता/पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो। आय प्रमाण पत्र एवं पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना होगा। केवल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र पात्र हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों से कक्षा 4थी उत्तीर्ण छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र के विद्यालयों के छात्र अपात्र रहेंगे।अधिक जानकारी और आवेदन फार्म विभागीय वेबसाइट http://www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी भरा हुआ आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर में 20 जून 2026 तक जमा कर सकते हैं।
- 0- योजना की सहायता से श्रीमती खेमीन कंवर ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्मरायपुर. एक स्वस्थ शिशु का जन्म उसकी माँ के उचित खान-पान पर निर्भर करता है, इसी कार्य में श्रीमती खेमीन कंवर की सहायता प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना ने की है।श्रीमती कंवर विकासखण्ड अभनपुर की ग्राम परसदा की निवासी हैं। उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ज़रिए इस योजना के बारे में पता चला एवं लाभ पाने हेतु आवेदन किया। इसके पश्चात् उन्हें योजना की प्रथम किश्त 3 हज़ार रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने गर्भावस्था के दौरान हरी सब्जी, चना-गुड़, मूंगफली, नारियल एवं फलों को अपने आहार में शामिल किया।श्रीमती कंवर को योजना की दूसरी किश्त 2 हज़ार रूपए प्राप्त हुए जिसका उपयोग उन्हेंने डिलीवरी हेतु किया। अपने स्वस्थ बच्चे को देखकर वे काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि योजना से प्राप्त राशि की सहायता से मेरे शारीरिक स्वास्थय में सुधार आया, जिससे मेरा बच्चा भी स्वस्थ है।
- 0- 1736 में से 1165 आवेदनों का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों को मिले लाभरायपुर. आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण तथा शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 08 जून 2026 को अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा सोंठ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू उपस्थित रहे।शिविर में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहे और नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।शिविर के दौरान हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का त्वरित लाभ प्रदान किया गया। इसमें मनरेगा जॉबकार्ड, श्रमकार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम शामिल रहे।कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को साइकिल एवं ट्राईसिकल का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।शिविर में कुल 1736 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1165 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, सीईओ जनपद श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा प्री.बीएड (B.Ed-26) एवं बीएससी नर्सिंग (BSCN-26) परीक्षा का आयोजन 11 जून 2026 (गुरूवार) को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12ः15 बजे तक जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में संचालित होगी।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 11 जून 2026 को प्रातः 7ः00 बजे से जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा। यह परीक्षा जिले के 37 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी जिसमें कुल 2,782 परीक्षार्थी शामिल होंगे।परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- 0- रायपुर की रौशनी सोनवानी और उनकी पुत्री को शिविर में मिली त्वरित सुविधा, अब मिलेगा प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार का लाभरायपुर. राज्य शासन की मंशानुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सत्यम् विहार कॉलोनी, रायपुरा की निवासी श्रीमती रौशनी सोनवानी एवं उनकी पांच वर्षीय पुत्री लोयशा का केवल 5 मिनट के भीतर आयुष्मान कार्ड बनाकर प्रदान किया गया।श्रीमती सोनवानी ने बताया कि पूर्व में उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने में समय लग रहा था, जिसके पश्चात् सुशासन शिविर में आवेदन के पश्चात् त्वरित कार्यवाही करते हुए उनका और उनकी पुत्री का आयुष्मान कार्ड बन गया।उन्होंने सुशासन तिहार की सराहना करते हुए कहा कि जनसमस्या निवारण में उनका कार्ड बड़ी आसानी से और तत्काल बन गया। इस कार्ड के माध्यम से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी, जो गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
- 0- विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे की मौजूदगी में लगा जनसमस्या शिविर, बुजुर्गों को मिली वॉकिंग स्टिक, बच्चों का हुआ अन्नप्राशन0- शिविर में 259 आवेदनों का मौके पर निराकरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नागरिकों से कुल 603 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 259 आवेदनों का मौके पर ही तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।शिविर के मुख्य अतिथि के रूप में विधायक रायपुर पश्चिम श्री राजेश मूणत एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहे।शिविर में शासकीय योजनाओं का लाभ भी मौके पर दिया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 67 वर्षीय श्री गायत्री साहू, 61 वर्षीय कुन्ती साहू, 71 वर्षीय रघुवीर सिंह, 70 वर्षीय विमला सोनी एवं 80 वर्षीय नियति भोई को चलने हेतु वॉकिंग स्टिक प्रदान किया गया। शिविर में स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 195 आवेदनों का, श्रम विभाग द्वारा 16 आवेदन का निराकरण किया गया एवं परिवहन विभाग द्वारा 33 नए लाइसेंस प्रदान किया गया।मुख्य अतिथि द्वारा तीन बच्चों परम सागर, दुश्यंत जयसवाल एवं हर्षिता तांडी का अन्नप्राशन एवं बालिकाओं यशस्वी पटेल, लक्ष्मी साहू, हेमा साहू एवं भूमिका साहू को स्वास्थय किट प्रदान किया गया।अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में प्राप्त शेष आवेदनों का भी तय समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, संयुक्त संचालक समाज कल्याण श्री अरविंद गेडाम, खाद्य नियंत्रक श्री भूपेंद्र मिश्रा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- योजना से मिली सहायता राशि की बचत से खोला किराना दुकान, बेटी को दिला पा रही उच्च शिक्षारायपुर. महतारी वंदन योजना की सहायता से श्रीमती पुष्पा साहू ने घर पर ही स्वयं का व्यवसाय शुरू कर अपनी आय का मार्ग सशक्त किया है। श्रीमती साहू अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम गिरोला की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह 1 हज़ार रूपए की सहायता राशि प्राप्त हो रही थी, जिसकी बचत कर उन्होंने 22 हज़ार रूपए एकत्र किए एवं घर पर ही किराना दुकान की शुरूआत की।इस सहायता से वे अपनी पुत्री सुश्री काजल को ग्रेसियस कॉलेज में उच्च शिक्षा दिला पा रहीं है। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए कहा कि आज यह दुकान उनके परिवार की आय का मजबूत साधन बन चुकी है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
- 0- शिविर में केवल 10 मिनट के भीतर बना श्रीमती रौशनी साहू का राशन कार्डरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में लक्ष्मी नगर निवासी श्रीमती रौशनी साहू को केवल 10 मिनट के अंदर ही राशन कार्ड बनाकर प्रदान किया गया।श्रीमती साहू ने बताया कि आवेदन करने पर भी उनका राशन कार्ड बनने में समय लग रहा था, लेकिन इस शिविर में मात्र 10 मिनट के भीतर मेरा राशन कार्ड प्रदान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर. बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट, चकरभाठा में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (घरेलू एयरपोर्ट) के अंतर्गत स्वीकृत संविदा लेखापाल पद की भर्ती प्रक्रिया के तहत आज साक्षात्कार आयोजित किया गया। साक्षात्कार के उपरांत चयन समिति द्वारा अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। जारी चयन सूची के अनुसार श्री नवल किशोर सिंह का संविदा लेखापाल पद के लिए चयन किया गया है। वहीं श्रीमती पलक लांबा को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट में विभिन्न सेवाओं के सुदृढ़ संचालन के लिए संविदा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है, जिससे एयरपोर्ट की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
- 0- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण, 9 जून को जिले भर में विशेष आयोजनबिलासपुर. गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं निःशुल्क प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने पर जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वर्ष 2016 से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी अभियान ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बिलासपुर जिले में अब तक 1 लाख 3 हजार 147 गर्भवती महिलाओं को अभियान के तहत निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाता है।इस अवसर पर 09 जून को जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष पीएमएसएमए दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान, आवश्यक प्रयोगशाला जांच, अल्ट्रासोनोग्राफी, चिकित्सकीय परामर्श तथा मातृ स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत गर्भावस्था की द्वितीय एवं तृतीय तिमाही की महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा व्यापक प्रसवपूर्व जांच, परामर्श एवं निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन है। इससे जटिलताओं को कम करने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली है। गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप जांच, हीमोग्लोबिन एवं रक्त शर्करा परीक्षण, आवश्यक दवाइयां तथा पोषण संबंधी परामर्श भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। जिले में पीएमएसएमए दिवस के सफल संचालन में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। रोस्टर के अनुसार 24 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा 16 रेडियोलॉजिस्ट/सोनोलॉजिस्ट निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर अभियान को सशक्त बना रहे हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को अपने निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित पीएमएसएमए सत्र में शामिल होकर निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व सेवाओं का लाभ उठाएं तथा सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सहभागी बनें। दस वर्षों की इस सफल यात्रा ने यह सिद्ध किया है कि समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है। पीएमएसएमए आज सुरक्षित मातृत्व के संकल्प को साकार करने वाला एक प्रभावी जनस्वास्थ्य अभियान बन चुका है।
- 0- कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून, परीक्षा 5 जुलाई कोबिलासपुर। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पुनः प्रारंभ कर दी गई है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा इस संबंध में संशोधित सूचना जारी की गई है।विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार पूर्व में कक्षा छठवीं में प्रवेश के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों को स्थगित किया गया था। अब नए निर्णय के तहत प्रवेश प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। जिन विद्यार्थियों ने पहले ही आवेदन पत्र जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र संबंधित विद्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून 2026 (शनिवार) निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक किया जाएगा।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि योजना के अंतर्गत प्रवेश परीक्षा के आयोजन से संबंधित संशोधित दिशा-निर्देश एवं अन्य आवश्यक जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभिभावक एवं विद्यार्थी निर्धारित समयावधि में आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से निर्धारित तिथि तक आवेदन जमा करने की अपील की है, ताकि प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिल सके।
- बिलासपुर. कार्यालय क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केंद्र, बिलासपुर में पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्वच्छता एवं पंचायत उन्नति सूचकांक विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में स्वच्छ गांव-स्वच्छ जलवायु अभियान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्राम पंचायत विकास योजना तथा पंचायत उन्नति सूचकांक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता और सतत विकास केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनसहभागिता से ही इनके स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हुए अपने ग्रामों को स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक ग्राम पंचायतों के कार्यों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, जनभागीदारी और नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्वच्छता प्रबंधन के नवीन प्रावधानों, कचरा पृथक्करण, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्राम पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी। साथ ही पंचायत विकास योजनाओं के प्रभावी निर्माण, जनभागीदारी बढ़ाने तथा स्वच्छता गतिविधियों को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पंचायत उन्नति सूचकांक ग्राम पंचायतों के समग्र विकास का आकलन करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं निगरानी में सहायता मिलती है। प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा ग्राम स्तर पर बेहतर कार्यान्वयन के लिए सुझाव भी दिए।कार्यक्रम में विभिन्न जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि, सरपंच, सचिव, स्वच्छता कर्मी एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने ग्रामों में स्वच्छता एवं सतत विकास गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।
- 0- जल जीवन मिशन के तहत अधिकांश कार्य पूर्ण, समूह जल प्रदाय योजना से जुड़ने पर होगी नियमित जलापूर्तिबिलासपुर. जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ठाकुरदेवा में ग्रामीणों को दीर्घकालिक एवं स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। गांव में स्वीकृत एकल ग्राम जल प्रदाय योजना के अधिकांश निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और अब इसे हरदी-भटचौरा समूह जल प्रदाय योजना से जोड़कर नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम ठाकुरदेवा की आबादी लगभग 1840 है तथा वर्तमान में गांव में 16 हैंडपंप संचालित हैं, जिनसे पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत लगभग 76.32 लाख रुपये की लागत से ग्राम जल प्रदाय योजना स्वीकृत की गई थी। इसके अंतर्गत 95 किलो लीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार, पाइपलाइन विस्तार, बाउंड्रीवाल निर्माण तथा 330 घरेलू नल कनेक्शन सहित विभिन्न निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।पीएचई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में डायरेक्ट पंपिंग के माध्यम से आंशिक जलापूर्ति की जा रही थी, लेकिन पर्याप्त जल क्षमता वाले स्रोत की अनुपलब्धता तथा तकनीकी कारणों से नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए गांव को हरदी-भटचौरा समूह जल प्रदाय योजना में शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में स्थायी और निर्बाध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। समूह जल प्रदाय योजना के हेडवर्क्स संबंधी कार्य वर्तमान में निविदा प्रक्रिया में हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम ठाकुरदेवा के सभी परिवारों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को लंबे समय तक सुरक्षित और नियमित जलापूर्ति का लाभ मिलेगा।जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को साकार किया जा सके।
- बिलासपुर. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में 10 जून 2026 को सवेरे 11 बजे से शाम 4 बजे तक रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा। मेले में 5 निजी नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जाएगी, जिसमें सेविंग मशीन ऑपरेटर, लोन ऑफिसर, सुपरवाइजर, असिस्टेंट, हाउस कीपिंग स्टाफ, फार्मेसी असिस्टेंट जैसे कुल 653 पद शामिल हैं।रोजगार मेले में 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड तथा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं छायाप्रति लानी होगी। मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को ई रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से पंजीयन कर एवं रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी, बिलासपुर से प्राप्त की जा सकती है।
- बालोद. राज्य के उत्कृष्ठ शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा 6वीं में निःशुल्क अध्ययन एवं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन 05 जुलाई को 2026 को आयोजित किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को वर्तमान में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत् होना तथा कक्षा 4थीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त किया होना अनिवार्य है।ऐसे विद्यार्थी उक्त योजना के तहत् आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने के पात्र होगें। उन्होंने बताया कि चयन परीक्षा के प्राप्ताकों की मेरिट के आधार पर कक्षा 6वीं के लिये अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आबंटित किए गए राज्य में स्थित उत्कृष्ठ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही योजनांतर्गत विद्यार्थियों का चयन पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र अर्थात् ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित शालाओं के कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थी योजना का लाभ लेने हेतु पात्र नहीं होंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाने हेतु आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए कक्षा 5वीं में अध्ययनरत् विद्यार्थी अपने आवेदन पत्र के साथ कक्षा 4थीं की अंक सूची, जाति प्रमाण-पत्र, पालक का आयकरदाता नहीं होने प्रमाण-पत्र संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण-पत्र अपने शाला में 20 जुलाई 2026 तक जमा कर सकते है।--
- 0- शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुए हितग्राही, 5611 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम बघमरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम पंचायत बघमरा सहित बघमरा में शामिल आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शासकीय हाई स्कूल प्रागंण बघमरा में आज आयोजित शिविर में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, एसडीएम श्री नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।ग्राम पंचायत बघमरा में आयोजित शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, दिव्यांग एवं बुजुर्गों को श्रवण यंत्र एवं बैटरी चलित ट्रायसायकल, नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण, वृद्धा पेंशन का स्वीकृति आदेश के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।ग्राम बघमरा में आयोजित शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 3931 आवेदन, श्रम विभाग को 397 आवेदन, खाद्य विभाग को 607, महिला एवं बाल विकास विभाग को 249 आवेदन, विद्युत विभाग को 125, राजस्व विभाग को 117 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 5658 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 5611 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस मौके पर शिविर में शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों ने राज्य शासन के इस सुशासन तिहार 2026 के आयोजन की भूरी-भूरी सराहना भी की।शिविर में सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अतिथियों ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा आम जनता के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान आयोजित होने वाले जनसमसया निवारण शिविरों के पंजीयन काउंटर में आम नागरिक अपने मांगों एवं समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। संबंधित विभागों के द्वारा निर्धारित समयावधि में उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बघमरा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम परसदा, सांकरा ज, द.नवागांव, डेंगरापार, जगन्नाथपुर, घुमका, कोहंगाटोला, मनौद, तरौद, खेरथाडीह, जुंगेरा, भोथली, ओरमा, बघमरा, पड़कीभाट, सिवनी, खैरतराई, उमरादाह, हीरापुर और देवीनवागांव ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जेएस राजपूत सहित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0- जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में की गई विस्तृत चर्चाबालोद. जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में एडीशनल पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने नशापान एवं तेज गति से ड्राइविंग को सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण मानते हुए पुलिस एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती ठाकुर ने पुलिस, यातायात एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से जाँच अभियान चलाकर शराब पीकर एवं तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने वालों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने वाहन चालकों के लायसेंस जांचकर बिना लायसेंस के वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने सड़कों एवं चैक-चैराहों में विचरण करने वाले मवेशियों की रोकथाम के अलावा गुड सेमेरिटन के कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने हेतु सुझाव भी लिया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों के संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के उपायुक्त सह जोन आयुक्त दिनेश कोसरिया ने जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर नाला सफाई कार्यों, निकासी व्यवस्था एवं तालाबों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बरसात से पहले नाला सफाई कार्य समय पर पूर्ण करने तथा तालाबों की विशेष सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त ने सूर्या विहार के सामने तालाब सफाई कार्य हेतु अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देशित किया । उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व नालों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद उन्होंने आमा तालाब और जुनवानी तालाब का निरीक्षण कर साफ-सफाई व्यवस्था एवं आवश्यक संधारण सहित सौन्दर्यीकरण हेतु निर्देश दिये। जोन आयुक्त ने कहा कि तालाबों की नियमित सफाई और गाद-मुक्ति से वर्षाजल का बेहतर संचयन संभव होगा, जिससे तालाबों का जलस्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।जोन आयुक्त, टीम एवं वार्ड पार्षद मुकेश अग्रवाल के साथ जोन के विभिन्न स्थलों में लगातार 2 घंटे तक समस्याग्रस्त स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया । होटल इंपीरियल के पीछे, आनंद नगर, चौहान टाऊन, बी एस बी के एवं अन्य स्थलों के जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। बरसाती पानी निकासी हेतु तात्कालिक व्यवस्था बनाए जाने संबंधी चर्चा की गई है ।जोन आयुक्त ने कहा कि तालाब शहर की जल संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बरसात के दौरान अधिक से अधिक वर्षाजल संग्रहित हो सके, इसके लिए तालाबों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित क्रिस्टोफर पॉल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


























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