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- -सर्पदंश पीड़ित बालक का जिला चिकित्सालय कबीरधाम में सफल उपचार, 8 दिन बाद स्वस्थ होकर लौटा घर-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गंभीर मामले का लिया तत्काल संज्ञान, बेहतर उपचार के दिए निर्देश-विशेषज्ञ चिकित्सकों, एंटी स्नेक वेनम और सतत निगरानी से मिला नया जीवनरायपुर। संवेदनशील प्रशासन, समय पर चिकित्सा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता ने सर्पदंश से जूझ रहे चार वर्षीय मासूम को नया जीवन दिया। जिला चिकित्सालय कबीरधाम में सर्पदंश से पीड़ित बालक का सफल उपचार कर उसे पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप आठ दिनों के गहन उपचार के बाद बालक पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट सका।ग्राम कुकरापानी, विकासखंड बोड़ला निवासी चार वर्षीय महेश बैगा को 20 जुलाई को सर्पदंश के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव से गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय कवर्धा रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने पर उसके पूरे चेहरे पर अत्यधिक सूजन (फेशियल स्वेलिंग) तथा आंखों में सब-कंजंक्टाइवल हेमरेज पाया गया। चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उपचार प्रारंभ किया।मामले की जानकारी मिलते ही उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बालक के बेहतर एवं त्वरित उपचार के निर्देश दिए। उनके निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उपचार प्रारंभ किया तथा लगातार आठ दिनों तक बालक की गहन चिकित्सकीय निगरानी की गई।उपचार के दौरान बालक को आवश्यक दवाइयों के साथ समय पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया। विभिन्न आवश्यक जांचें नियमित रूप से की गईं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उसके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग की गई। उपचार का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगा और धीरे-धीरे उसकी स्थिति में निरंतर सुधार होता गया। अंततः चिकित्सकों ने उसे पूर्णतः स्वस्थ एवं स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इस सफल उपचार में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा, फैमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. हर्षित टुवानी, डॉ. आशुतोष कुमार सहित जिला चिकित्सालय के नर्सिंग एवं सहयोगी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चिकित्सकों की विशेषज्ञता, समय पर उपलब्ध उपचार और समर्पित सेवाओं से एक मासूम का जीवन सुरक्षित हो सका।फैमिली मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. हर्षित टुवानी ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक अथवा घरेलू उपचार में समय व्यर्थ नहीं करना चाहिए। मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें और बिना विलंब किए निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचाएं। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने कहा कि बच्चों में सर्पदंश तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा लेना अत्यंत आवश्यक है। समय पर एंटी स्नेक वेनम और उचित उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है तथा मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. केशव ध्रुव ने बताया कि जिला चिकित्सालय कबीरधाम में सर्पदंश के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम, आवश्यक दवाइयां तथा प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध है। उन्होंने वर्षा ऋतु में खेतों, जंगलों एवं घास वाले क्षेत्रों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की किसी भी घटना में बिना समय गंवाए तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार ही जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति है। ऐसी स्थिति में घबराने या झाड़-फूंक का सहारा लेने के बजाय तुरंत निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचकर वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपचार प्राप्त करें। समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित उपचार मिलने से अधिकांश मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट, जनजातीय संस्कृति और परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहेंगे प्रतिनिधिमंडल में शामिलरायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनप्रतिनिधियों का 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेगा।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी किया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करेगा तथा नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का अवलोकन भी करेगा। यह अवसर बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वाेच्च संवैधानिक मंच पर मिल रहे सम्मान का ऐतिहासिक प्रतीक होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और परंपरागत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज केवल छत्तीसगढ़ का नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। लोककलाओं को मंच उपलब्ध कराने, कलाकारों को सम्मान दिलाने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में इस महोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस वर्ष इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया।जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक अवसर भी प्राप्त हुए। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने जा रही बस्तर की यह गौरवगाथा न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) में महिला 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतने पर खेलो इंडिया की होनहार एथलीट एवं छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कड़े मुकाबले के बीच ज्ञानेश्वरी यादव ने अद्भुत साहस, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक जीतकर पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए भी अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने आज यूरोप के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर प्रदेश के तीन करोड़ छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि राज्य की खेल प्रतिभाओं के लिए नई प्रेरणा लेकर आई है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहल से देश और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है तथा ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका समर्पण, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प देशभर के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ज्ञानेश्वरी यादव को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अनंत शुभकामनाएं दीं।
- -अब आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ कर सकेंगे दैनिक कार्यरायपुर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायत भागुटोला अंतर्गत ग्राम चिमागोंदी निवासी दिव्यांग श्री समझराम साहू के जीवन में भी ऐसा ही बदलाव आया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की संवेदनशील पहल से उन्हें बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल उपलब्ध कराई गई, जिससे अब उनका आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो गया है।श्री समझराम साहू लंबे समय से दिव्यांगता के कारण आने-जाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। दैनिक कार्यों के लिए भी उन्हें परिजनों अथवा अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से उनके कार्यालय में मुलाकात कर बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल उपलब्ध कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुरूप समाज कल्याण विभाग ने त्वरित पहल करते हुए विधायक कार्यालय कवर्धा में समझराम साहू को आज बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की।मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्राप्त करने के बाद श्री समझराम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें घर से बाहर निकलने में काफी कठिनाई होती थी। अब बैटरी चलित ट्रायसायकल मिलने से वे स्वयं अपने कार्यों के लिए आसानी से आना जाना कर सकेंगे। इससे उनके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। यह सहायता उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का माध्यम है। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, श्री मंजीत बैरागी, श्री ओमकार साहू, श्री विनायक सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सौजन्य भेंट की।इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका और उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा के बीच प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।राज्यपाल श्री डेका ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन तथा नवाचार को बढ़ावा देने के संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री से चर्चा की। इस दौरान प्रदेश के विश्वविद्यालयों की विभिन्न समस्याओं और उनके निराकरण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई।
- रायपुर:। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक युगदृष्टा आचार्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आत्मकल्याण एवं समाज परिष्करण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिये संकल्पित गायत्री परिजनों द्वारा रायपुर के समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में 28 एवं 29 जुलाई को आध्यात्मिक उल्लास के साथ ’’गुरु पूर्णिमा एवं व्यास पूजा’’ पर्व का भव्य आयोजन किया जा रहा है। गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्री श्याम बैस ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत 28 जुलाई (मंगलवार) को सायं 4ः00 बजे से सामूहिक जप/भजन एवं दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा एवं इसके अगले दिन 29 जुलाई (बुधवार) को ब्रम्हमुहूर्त में मां गायत्री को दस पवित्र सामग्रियों - भस्म, शुद्ध मिट्टी, गोबर, गोमूत्र, दूध, दही, घी, हल्दी, कुश के जल एवं शहद से दसविध स्नान कराया जायेगा। प्रातः 9ः00 बजे गुरु चरण पादुका पूजन एवं इसके पश्चात 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ किया जायेगा जिसकी पूर्णाहुति दोपहर 1ः00 बजे होगी। इस दौरान विषेष रुप से गुरु दीक्षा व विद्यारंभ संस्कार के साथ-साथ अन्य विभिन्न संस्कार - पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, कर्णक्षेदन, यज्ञोपवित, इत्यादि भी कराये जायेंगे। पूर्णाहुति के पश्चात भोग प्रसाद वितरण होगा।गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने बताया कि गुरु पूर्णिमा उत्सव की तैयारी के लिये विगत दिनों मंदिर परिसर में ट्रस्ट मण्डल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य रुप से गायत्री परिवार छ.ग. की जोन समन्वयक श्रीमती आदर्श वर्मा के साथ सर्वश्री सदाशिव हथमल, हनुमान प्रसाद अग्रवाल, दीनानाथ शर्मा, शैलेश वर्मा, राजेन्द्र स्वर्णकार उपस्थित थे।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पुरुष 65 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर राजा मुथुपांडी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राजा मुथुपांडी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर राजा मुथुपांडी ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और समर्पण के दम पर विश्व स्तर पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उनकी सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।5783 ने राजा मुथुपांडी को इस शानदार उपलब्धि के लिए पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करते रहेंगे।
- रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी वीर जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिवारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत प्रहरी है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने में सीआरपीएफ के जवान अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वाेच्च समर्पण के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सीआरपीएफ के वीर जवान मातृभूमि की रक्षा, आतंकवाद एवं नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। उनका शौर्य और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ नमन करता है।
- रायपुर । राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन के माध्यम से शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंच रही है। कोण्डागांव जिले के जनपद पंचायत केशकाल के ग्राम खुटपदर निवासी मेहतरीन नेताम और उनके पति मुकेश कुमार नेताम के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं आवश्यक दस्तावेजी कार्यों में इसकी जरूरत पड़ती है, लेकिन पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था और कई बार कार्यालयों के चक्कर भी लगाने पड़ते थे।सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने पर उन्होंने विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का निर्णय लिया। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पोर्टल पर जमा किया गया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होने के कारण आवेदन बिना किसी परेशानी के पूर्ण हो गया। आवेदन के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा में उनका विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे उन्हें न केवल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली, बल्कि समय और अनावश्यक खर्च की भी बचत हुई। मुकेश नेताम ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुलभ हो गई हैं। अब वे बिना किसी परेशानी के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर सका, जिससे उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा मिल रही है। उन्होंने जिले के नागरिकों से सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
- -वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की पहल, आय बढ़ाने और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि पर जोररायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित स्पॉन संवर्धन योजना के तहत प्रदेश में आदिवासी मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी एवं प्रतापपुर के चार अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को निःशुल्क गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज (स्पॉन) एवं नर्सरी जाल वितरित किए गए।मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदेई में तैयार उच्च गुणवत्ता वाले स्पॉन को सुरक्षित ऑक्सीजन पैकिंग के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाया गया, जिससे परिवहन के दौरान मत्स्य बीज की गुणवत्ता और जीवित रहने की क्षमता बनी रहे। स्पॉन के बेहतर संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रत्येक हितग्राही को नर्सरी जाल भी उपलब्ध कराया गया।इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने हितग्राहियों को तालाब की वैज्ञानिक तैयारी, स्पॉन संचयन, नर्सरी प्रबंधन, जल गुणवत्ता संरक्षण तथा आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इससे मत्स्य कृषकों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।मत्स्य पालन विभाग का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज, आवश्यक संसाधन एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। विभाग की यह पहल ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । जिले में आमजन को सुगम एवं सहज शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मरवाही निवासी पक्षाघात से पीड़ित श्रीमती रामकली गुप्ता को उनके घर पहुंचकर आधार संबंधी आवश्यक सेवा प्रदान की गई। इस पहल से गंभीर रूप से बीमार एवं दिव्यांग नागरिकों के प्रति प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का परिचय मिला। जानकारी के अनुसार श्रीमती रामकली गुप्ता के परिवार द्वारा आधार संबंधी सेवा की आवश्यकता व्यक्त की गई थी। मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनका आधार सेवा केंद्र तक पहुंच पाना संभव नहीं था। ऐसे में आधार ऑपरेटर श्री अंशु गुप्ता ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्वयं उनके निवास पहुंचकर आवश्यक आधार संबंधी प्रक्रिया पूर्ण कराने में सहयोग किया।इस पहल से न केवल मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली, बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ कि आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ किसी भी नागरिक से केवल शारीरिक असमर्थता के कारण वंचित नहीं रहे। जिला प्रशासन का प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी सेवाएं प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर और सहज रूप से पहुंचें। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल सेवा, संवेदनशीलता और सुशासन के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का एक प्रेरक उदाहरण है।
- -वन्यजीव संरक्षण के लिए बलौदाबाजार वनमंडल की अभिनव पहल-वन अमले और युवाओं को विषैले-अविषैले सांपों की पहचान तथा सुरक्षित रेस्क्यू का दिया गया प्रशिक्षणरायपुर । सांपों के साथ सह-अस्तित्व का अर्थ है उनके प्राकृतिक व्यवहार को समझना, डर को कम करना और सुरक्षित तरीके अपनाना। सांप पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी हैं क्योंकि वे चूहों और कीटों की संख्या को नियंत्रित रखते हैं। घर के आसपास घास, लकड़ी के ढेर या कबाड़ न जमा होने दें ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले। घर के आसपास चूहों व अन्य कृन्तकों को न पनपने दें, क्योंकि भोजन की तलाश में ही सांप घरों का रुख करते हैं। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के वन्यजीव संरक्षण के व्यापक विजन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के मार्गदर्शन में बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में अभिनव पहल की गई। वनमंडल द्वारा सोनबरसा वन विहार में ‘सांपों के साथ सह-अस्तित्व : स्नेक रेस्क्यू एंड अवेयरनेस वर्कशॉप-2026’ का सफल आयोजन किया गया।कार्यशाला का उद्देश्य वन विभाग के मैदानी अमले और युवाओं में सांपों को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना तथा उनके प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करना था। कार्यशाला में विषैले और अविषैले सांपों की पहचान, उनके व्यवहार, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका और सुरक्षित रेस्क्यू के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यशाला के पहले सत्र का आयोजन वनमंडल कार्यालय, बलौदाबाजार में किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और पर्यावरण संतुलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। सर्पदंश से जुड़ी भ्रांतियों, आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार, रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा मानव-सर्प संघर्ष को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।कार्यशाला के दूसरे सत्र का आयोजन सोनबरसा वन विहार में किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने सर्प रेस्क्यू का लाइव प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को रेस्क्यू उपकरणों के सुरक्षित उपयोग और सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यशाला में फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) छत्तीसगढ़ की स्टेट लीड डॉ. मंजीत कौर बाल, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बेरला, बेमेतरा के मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. जगपाल सिंह बाल तथा FES के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री नरेंद्र कुमार यादव, श्री अंचल ठाकुर और श्री मानव राज ने विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों के रूप में प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से सर्प रेस्क्यू की नवीन तकनीकों की जानकारी दी।कार्यशाला में बलौदाबाजार वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों से वन अधिकारी, कर्मचारी, सुरक्षा श्रमिक और ‘युवान (YUVAN)’ वॉलंटियर्स शामिल हुए। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया और वन्यजीव संरक्षण में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि सांप प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके प्रति वैज्ञानिक समझ और जागरूकता विकसित कर ही मानव-सर्प संघर्ष को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम वन अमले की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ समाज में वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यशाला के सफल आयोजन में वन विभाग और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के बीच प्रभावी समन्वय रहा। आयोजन में वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार सुश्री एकता कर और उनके समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
- -2047 के स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम-दुर्गम चोटियों से लेकर डिजिटल दुनिया तक, सुरक्षा और सजगता ही सच्ची राष्ट्रभक्तिरायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
- -सोलर ऊर्जा, रात्रि विश्राम, भोजन एवं मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित होंगे श्रद्धालुओं के नए पड़ाव-रायपुर /उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर पंचायत विभाग द्वारा सुदूर वनांचल के ग्राम लमनी और खुड़िया में 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण कराया गया है।श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर पदयात्रा करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस वर्ष बड़ी राहत मिली है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में विश्राम, पेयजल, प्रकाश और भोजन बनाने जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करने वाले कांवड़ियों के लिए अब सुरक्षित और सुविधायुक्त विश्राम स्थल उपलब्ध हो गए हैं। ये नवनिर्मित प्रतीक्षालय कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में विकसित किए गए हैं। यहां रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी। ग्राम लमनी कांवड़ियों का पहला प्रमुख पड़ाव माना जाता है। अब तक यहां सीमित संसाधनों के बीच श्रद्धालुओं को खुले स्थानों पर रात्रि विश्राम करना पड़ता था। बरसात, अंधेरा और घने जंगलों के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को देखते हुए लमनी बैरियर के समीप निर्मित नए प्रतीक्षालय शेड में सुरक्षित रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से यहां सोलर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध रहेगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इसी प्रकार ग्राम खुड़िया में भी 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतीक्षालय शेड कांवड़ियों के लिए राहत का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। अब यात्रा के दौरान दोनों स्थान श्रद्धालुओं के प्रमुख विश्राम स्थलों के रूप में उपयोगी साबित होंगे।कांवड़ यात्रा का मार्ग घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचल ग्रामों से होकर गुजरता है। हजारों श्रद्धालु कई दिनों तक पैदल यात्रा कर भगवान शंकर के मंदिरों तक पहुंचते हैं। लंबे समय से इन मार्गों पर सुरक्षित रात्रि विश्राम और मूलभूत सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। श्रद्धालुओं की इस लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत विभाग के माध्यम से लमनी और खुड़िया में आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण सुनिश्चित कराया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सका। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास केवल प्रतीक्षालय निर्माण तक सीमित नहीं हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर अन्य व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। यात्रा के दौरान आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्गों की मरम्मत और आवश्यक रिपेयरिंग कर यात्रा को सुरक्षित बनाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का महापर्व है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के भक्तों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रतीक्षालयों का निर्माण, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सुविधा के साथ अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि पहले वनांचल क्षेत्रों में रात्रि विश्राम के दौरान काफी परेशानियां होती थीं। बारिश और अंधेरे के बीच यात्रा करना तथा सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहद कठिन होता था। लमनी और खुड़िया में बने नए प्रतीक्षालय शेडों से अब बड़ी राहत मिलेगी। रात्रि विश्राम, भोजन बनाने और प्रकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। श्रद्धालुओं ने इन जनहितकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ आने वाले वर्षों तक हजारों कांवड़ यात्रियों को मिलता रहेगा।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह के निर्देशानुसार शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से लगाए गए बैनर एवं पोस्टर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। निगम की टीम द्वारा सड़कों एवं प्रमुख मार्गों पर स्थापित ट्यूबलर तथा विद्युत पोल से अवैध बैनर-पोस्टर को लगातार हटाया जा रहा है।निगम अधिकारियों ने बताया कि विद्युत एवं ट्यूबलर पोल पर लगाए गए बैनर-पोस्टर कई बार सड़क किनारे दृश्यता को प्रभावित करते हैं, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों एवं अन्य बाधाओं को देखने में परेशानी हो सकती है। इससे सड़क दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अनाधिकृत प्रचार सामग्री लगाए जाने से शहर की सुंदरता एवं स्वच्छता प्रभावित होती है। आयुक्त के निर्देश पर निगम द्वारा ऐसे अवैध बैनर एवं पोस्टर को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत निगम अमला विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर विद्युत एवं ट्यूबलर पोल सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए अनाधिकृत बैनर-पोस्टर को हटाने की कार्रवाई कर रहा है। अवैध बैनर पोस्टर हटाए जाने के संबंध में महापौर परिषद से भी संकल्प पारित है।नगर निगम भिलाई ने नागरिकों एवं विभिन्न संस्थानों से अपील की है कि सार्वजनिक संपत्तियों, विद्युत एवं ट्यूबलर पोल तथा अन्य निर्धारित स्थानों पर बिना अनुमति के बैनर-पोस्टर न लगाएं। निगम द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी।
- -नवोदित युवा कवि चित्रेश चंदेल के कविता संग्रह “बिट्स ऑफ इमोशन्स” का विमोचनरायपुर । कविताएं विचारों के संप्रेषण का श्रेष्ठ माध्यम हैं। कविताओं के माध्यम से हम अपनी भावनाओं, संवेदनाओं को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त कर सकते हैं। किसी भी सभ्य समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक विकास का आकलन उस दौर में रचित कविताओं के द्वारा किया जा सकता है। इस आशय के विचार भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर के निदेशक डाॅ. ओ.पी. व्यास ने नवोदित युवा कवि श्री चित्रेश चंदेल के कविता संग्रह “बिट्स ऑफ इमोशन्स” का विमोचन करते हुए व्यक्त किये। डाॅ. व्यास ने कहा कि जेन-जी के एक नवोदित कवि की कविताओं में भावनाओं एवं संवेदनाओं की अभिव्यक्ति की गहराई देखना एक सुखद अनुभव है। सिविल लाइन्स स्थित वृंदावन हाॅल में हाॅली हार्ट्स एजूकेशन एकेडमी द्वारा आयोजित गरिमामय समारोह में श्री चित्रेश चंदेल द्वारा लिखित अंग्रेजी कविताओं के काव्य संग्रह का विमोचन किया गया। विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में हाॅली हार्ट्स एजूकेशन एकेडमी के संस्थापक अध्यक्ष अचार्य सुरेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ नाक,कान,गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. राकेश गुप्ता, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल, समाज सेविका श्रीमति ममता चंदेल भी मौजूद थे। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
- -नागरिक सुविधाओं को नई पहचान दे रहे सेवा सेतु केंद्रबिलासपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’’सेवा सेतु केंद्र’’ संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जाति, निवास, आय, विवाह, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अनेक आवश्यक सेवाओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे आम लोगों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है तथा शासन की सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बन रही है।इसी क्रम में विकासखंड ’’मस्तुरी’’ के सेवा सेतु केंद्र में श्री ’’शुभम यादव’’ ने विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका विवाह प्रमाण पत्र शीघ्र तैयार कर उपलब्ध करा दिया गया। शुभम यादव ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र की व्यवस्था से उन्हें बिना किसी परेशानी के समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन तथा सेवा सेतु केंद्र के कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और सुविधाजनक साबित हो रही है।सेवा सेतु केंद्र शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराकर सुशासन की अवधारणा को मजबूती प्रदान की जा रही है।
- भिलाई। भिलाई नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह द्वारा शनिवार को मॉर्निंग विजिट के दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में संचालित विकास कार्यों एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।निगम आयुक्त ने नेहरू भवन सुपेला का औचक निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए । सब्जी मंडी में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। चंद्रा मौर्या के सामने निर्माणाधीन हाइजीनिक फूड जोन का अवलोकन कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा। नव निर्मित ई-बस स्टैंड की व्यवस्थाओं और वार्ड 8 गांधी चौक क्षेत्र की सुविधाओं का जायज़ा लिया। स्मृति नगर वार्ड 2 स्थित ड्रेनेज व्यवस्था का निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये । प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासों में हितग्राहियों को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं एवं परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
- -निजी अस्पतालों को 451 करोड़ का भुगतान किया गया, 379 करोड़ भुगतान प्रक्रियाधीन, इसमें 287 करोड़ जारीरायपुर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने रविवार को एक बयान जारी कर आयुष्मान योजना को लेकर कांग्रेस के लगाए आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बुनियाद झूठ की राजनीति पर टिकी हुई है, मुद्दा विहीन कांग्रेस आयुष्मान योजना को लेकर अनर्गल प्रलाप कर रही और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि वास्तविक स्थिति यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य शासन द्वारा योजना के अंतर्गत उपचार प्रदान करने वाले निजी अस्पतालों को 451 करोड़ रुपए राशि का भुगतान किया जा चुका है, वहीं निजी अस्पतालों के 379 करोड़ रुपए के दावों का भुगतान प्रक्रियाधीन है, इसके लिए सरकार ने 287 करोड़ राशि जारी गई है, जिससे भुगतान की कार्यवाही निरन्तर जारी है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि अस्पतालों को दावा राशि का भुगतान एक सतत एवं नियमित प्रक्रिया है, जो उपलब्ध बजटीय संसाधनों एवं स्वीकृत दावों के आधार पर किया जाता है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने यह भी कहा कि राज्य की विष्णुदेव साय सरकार गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों के इलाज के प्रति पूर्णत: संवेदनशील है। स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य नोडल एजेंसी का निरंतर प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण, नि:शुल्क एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों और इसके लिए अस्पतालों को भी नियमानुसार शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. मिश्रा ने यह भी कहा कि कांग्रेस की आदत रही है कि वह जनकल्याणकारी योजनाओं में अड़ंगा लगाए और अफवाह फैलाए, जब राज्य सरकार गरीबों को समय पर इलाज और अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित कर रही है, तब कांग्रेस झूठे और मनगढंत आंकड़े पेश कर प्रदेश जनता को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रही है।
- -पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़, श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकतारायपुर / पवित्र श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक लगभग 120 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा हर वर्ष हजारों शिवभक्तों द्वारा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु अमरकंटक से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।श्रद्धालुओं की इस कठिन लेकिन आस्था से परिपूर्ण यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। विभिन्न विभागों के समन्वय से यात्रा मार्ग पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है, ताकि किसी भी शिवभक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रा के दौरान पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कांवड़ मार्ग में स्थित सभी हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया है। साथ ही जो हैंडपंप खराब या बंद पाए गए थे, उनका तत्काल सुधार एवं मरम्मत कर उन्हें सुचारु रूप से चालू कराया गया है।इसके अतिरिक्त, भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में भी पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किए गए हैं। पानी की गुणवत्ता एवं उपलब्धता बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की जल संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। आयोजन समिति, संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे यात्रा अवधि के दौरान पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि श्रावण माह में भोरमदेव आने वाले प्रत्येक शिवभक्त की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, ‘मिसाइल मैन’ एवं ‘भारत रत्न’ से अलंकृत डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी का जीवन ज्ञान, विज्ञान, राष्ट्रसेवा और सादगी का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अपने वैज्ञानिक योगदान, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रेरक व्यक्तित्व से भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम जी का यह प्रेरक विचारकृ जीवन में सफलता का आनंद तभी आता है, जब वह सफलता कठिनाई से प्राप्त की जाती है। प्रत्येक युवा को कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी के आदर्श, उनके विचार और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उनका समर्पण सदैव देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनका प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।
- रायपुर । महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के कोटा स्थित सेवा भारती संचालित ‘मातृछाया‘ के 20वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान द्वारा नवजात, परित्यक्त एवं बेसहारा शिशुओं के संरक्षण, पालन-पोषण, शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे सेवा और संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर कहा कि मातृछाया ऐसे बच्चों को सुरक्षित आश्रय, स्नेह और बेहतर भविष्य देने का सराहनीय कार्य कर रही है। यहां बच्चों की देखभाल के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें निःसंतान दंपतियों को दत्तक दिए जाने की व्यवस्था भी की जाती है। सेवा भारती खोए हुए बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उन्होंने कहा कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा‘ की भावना के साथ कार्य कर रहे संस्थान के कार्यकर्ता समाज के लिए प्रेरणा हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सेवा भारती ‘मातृछाया‘ परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संस्था के सेवा कार्यों के निरंतर विस्तार की कामना की
- रायपुर । सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम पर 1 अगस्त से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू किए जाने संबंधी एक भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है।वास्तविक स्थिति यह है कि प्रीपेड व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों पर लागू करने की योजना पर काम किया जा रहा है ।*आम घरेलू, व्यावसायिक एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है ।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के कार्यालय उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) से जारी विज्ञप्ति में आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बिजली संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एवं आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
- - ग्रामों से उठ रही सौहार्द, संवाद और सामाजिक समरसता की नई अलख : पति-पत्नी की प्रेरणादायी सहभागिता बनी आकर्षण का केंद्रदुर्ग / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2026 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे प्रतिभागियों द्वारा अभूतपूर्व उत्साह, सीखने की जिज्ञासा एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रति समर्पण इस अभिनव पहल की सार्थकता को सुदृढ़ कर रहे हैं।उद्घाटन समारोह में उपस्थित सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा यह अवलोकन किया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" के निर्माण के संकल्प के साथ जिले के पाँच चयनित ग्राम—घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल—से चयनित कम्यूनिटी मीडियेटर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मीडिया प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, संवादात्मक शिक्षण पद्धति एवं ग्राम स्तर पर शांति, सामाजिक समरसता एवं वाद-मुक्त ग्रामीण भारत के निर्माण के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को भी निकटता से देखा एवं सराहा।प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत निकुम से माधव प्रसाद देशमुख, भागवत राम पटेल एवं श्रीमती मंजुषा मेश्राम, ग्राम पंचायत घुघसीडीह से मोहन सोनी, गोवर्धन बारले एवं श्रीमती ललिता बारले; ग्राम पंचायत कुथरेल से श्रीमती गीता गजपाल एवं डॉ. लोकनाथ साहू; ग्राम पंचायत अरसनारा से श्रीमती राधा निषाद एवं बरातूराम निषाद तथा ग्राम पंचायत ननकट्ठी से रवि साहू एवं बुद्धि सागर वर्मा सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं। इन्हें Potential Trainers द्वारा व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं उल्लेखनीय विशेषता यह भी है कि ग्राम पंचायत घुघसीडीह से गोवर्धन बारले एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ललिता बारले पति-पत्नी के रूप में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता कर रहे हैं। अपनी पारिवारिक एवं सांसारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए दोनों ने कम्यूनिटी मीडियेशन के माध्यम से समाज सेवा के इस शुभ अवसर के महत्व को आत्मसात किया है। प्रशिक्षण के दौरान दोनों एक-दूसरे का सहयोग एवं ध्यान रखते हुए अत्यंत उत्साह एवं समर्पण के साथ सहभागिता निभा रहे हैं। उनकी यह सहभागिता न केवल पारिवारिक सामंजस्य एवं आपसी सम्मान का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब परिवार संवाद एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तब वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बन सकता है। उनकी प्रेरणादायी उपस्थिति कम्यूनिटी मीडियेशन की मूल भावना "संवाद, सहमति और सौहार्द" को साकार रूप प्रदान करती है तथा समाज के लिए एक अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत करती है।
- -नीट में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसारायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसरदूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री यशवंत जैन, श्री टेकेश्वर जैन, श्री संतोष गुप्ता, श्री दीपेश अरोरा, श्री मुकेश शर्मा, श्री सत्यजीत चौहान, श्री जय भंसाली, श्री कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।इस अवसर पर डीएफओ श्री कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।


























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