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नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के तरीकों पर शोध की जरूरत है, क्योंकि इससे पर्यावरण संबंधी कई समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। गडकरी ने कहा कि शोध कार्यों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन बनाने की भी बहुत बड़ी संभावना है। गडकरी ने ऐजिस ग्राह्म बेल अवॉर्ड्स के 14वें संस्करण में संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें ऐसे अनुसंधान की जरूरत है जो हमारे आयात (ईंधन के) को कम करने के लिए है, जो सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद करने वाला है, और जहां हम पारिस्थितिकी और पर्यावरण की समस्याओं को कम करने के लिए कचरे का उपयोग कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए भारत एक दिन मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा। पांच साल में एक दिन आएगा जब देश जैव-विमानन ईंधन का निर्यातक होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बांस गेहूं के भूसे और चावल के भूसे से बायोमास का उपयोग करके एथनॉल बनाया जा सकता है और एथनॉल से जैव-विमानन ईंधन बनाया जा सकता है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जैन संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर को बुधवार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक प्रेरणा से भरा रहा तथा उसका हर अध्याय अद्भुत ज्ञान, असीम करुणा और मानवता के उत्थान के लिए अटूट प्रतिबद्धता से सुशोभित रहा। जैन संत को श्रद्धांजलि के रूप में लिखे गए एक लेख में, मोदी ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का जाना उस अद्भुत मार्गदर्शक को खोने के समान है, जिन्होंने उनका और अनगिनत लोगों का मार्ग निरंतर प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कई अवसरों पर संत का आशीर्वाद हासिल करने का सम्मान प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य का गहरा विश्वास था कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण उसके नागरिकों के कर्तव्य भाव के साथ ही अपने परिवार, अपने समाज और देश के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की नींव पर होता है। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने लोगों को सदैव ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और आत्मनिर्भरता जैसे गुणों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। ये गुण एक न्यायपूर्ण, करुणामयी और समृद्ध समाज के लिए आवश्यक हैं। आज जब हम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं तो कर्तव्यों की भावना और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जीवन में हम बहुत कम ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिनके निकट जाते ही मन-मस्तिष्क एक सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। ऐसे व्यक्तियों का स्नेह, उनका आशीर्वाद, हमारी बहुत बड़ी पूंजी होता है। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज मेरे लिए ऐसे ही थे।''मोदी ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जैसे संतों को देखकर ये अनुभव होता था कैसे भारत में आध्यात्म किसी अमर और अजस्र जलधारा के समान अविरल प्रवाहित होकर समाज का मंगल करता रहता है। उन्होंने पिछले साल नवंबर में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी जैन मंदिर में उनसे हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि तब उन्हें जरा भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने पितातुल्य भाव से मेरा ख्याल रखा और देश सेवा में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुझे आशीर्वाद भी दिया। देश के विकास और विश्व मंच पर भारत को मिल रहे सम्मान पर उन्होंने प्रसन्नता भी व्यक्त की थी।'' उन्होंने कहा, ‘‘उनका जाना उस अद्भुत मार्गदर्शक को खोने के समान है, जिन्होंने मेरा और अनगिनत लोगों का मार्ग निरंतर प्रशस्त किया है।'' उन्होंने कहा कि भारत की पावन धरती ने निरंतर ऐसी महान विभूतियों को जन्म दिया है, जिन्होंने लोगों को दिशा दिखाने के साथ-साथ समाज को भी बेहतर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसी महान परंपरा में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का प्रमुख स्थान है। मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने वर्तमान के साथ ही भविष्य के लिए भी एक नई राह दिखाई है। उनका संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक प्रेरणा से भरा रहा। उनके जीवन का हर अध्याय, अद्भुत ज्ञान, असीम करुणा और मानवता के उत्थान के लिए अटूट प्रतिबद्धता से सुशोभित है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा ही एक न्यायपूर्ण और प्रबुद्ध समाज का आधार है और उन्होंने लोगों को सशक्त बनाने और जीवन के लक्ष्यों को पाने के लिए ज्ञान को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा, ‘‘आचार्य विद्यासागर महाराज की इच्छा थी कि हमारे युवाओं को ऐसी शिक्षा मिले, जो हमारे सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित हो। वह अक्सर कहा करते थे कि चूंकि हम अपने अतीत के ज्ञान से दूर हो गए हैं, इसलिए वर्तमान में हम अनेक बड़ी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। अतीत के ज्ञान में वो आज की अनेक चुनौतियों का समाधान देखते थे।'' स्वास्थ्य के क्षेत्र में आचार्य विद्यासागर के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य को आध्यात्मिक चेतना के साथ जोड़ने पर बल दिया ताकि लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें। उन्होंने युवा पीढ़ी से आचार्य विद्यासागर की प्रतिबद्धता के बारे में व्यापक अध्ययन करने का आग्रह करते हुए कहा कि वे मतदान के प्रबल समर्थकों में से एक थे और मानते थे कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति है।
मोदी ने कहा, ‘‘उन्होंने हमेशा स्वस्थ और स्वच्छ राजनीति की पैरवी की। उनका कहना था- ‘लोकनीति लोभसंग्रह नहीं, बल्कि लोकसंग्रह है'। इसलिए नीतियों का निर्माण निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कालखंड में जब दुनियाभर में पर्यावरण पर कई तरह के संकट मंडरा रहे हैं, तब आचार्य विद्यासागर ने एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जो प्रकृति को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हो। मोदी ने कहा कि इसी तरह उन्होंने अर्थव्यवस्था में कृषि को सर्वोच्च महत्त्व दिया और इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि वह नमो ड्रोन दीदी अभियान की सफलता से बहुत खुश होते। उन्होंने कहा, ‘‘आचार्य विद्यासागर देशवासियों के हृदय और मन-मस्तिष्क में सदैव जीवंत रहेंगे। उनके संदेश उन्हें सदैव प्रेरित और आलोकित करते रहेंगे। उनकी अविस्मरणीय स्मृति का सम्मान करते हुए हम उनके मूल्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ना सिर्फ उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि होगी, बल्कि उनके बताए रास्ते पर चलकर राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
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नयी दिल्ली. मेडिकल के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) पांच मई को 14 विदेशी शहरों के परीक्षा केंद्रों पर भी आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बुधवार को यह घोषणा की। यह कदम एनटीए को उम्मीदवारों से अनुरोध मिलने के बाद उठाया गया है, क्योंकि इस महीने की शुरुआत में परीक्षा के संबंध में जारी सूचना बुलेटिन में परीक्षा देने के लिए भारत के बाहर केंद्रों का कोई उल्लेख नहीं था। एनटीए की वरिष्ठ निदेशक (परीक्षा) साधना पाराशर ने कहा, ‘‘यह निर्णय लिया गया है कि परीक्षा 12 देशों के 14 विदेशी शहरों में भी आयोजित की जाएगी।'' जिन 14 विदेशी शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनमें दुबई, अबू धाबी, शारजाह (यूएई), कुवैत शहर (कुवैत), बैंकॉक (थाईलैंड), कोलंबो (श्रीलंका), दोहा (कतर), काठमांडू (नेपाल), कुआलालंपुर (मलेशिया), लागोस(नाइजीरिया), मनामा (बहरीन), मस्कट (ओमान), रियाद (सऊदी अरब) और सिंगापुर शामिल हैं। नीट-यूजी परीक्षा पूरे भारत में 554 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
पाराशर ने कहा, ‘‘जिन अभ्यर्थियों ने पहले ही भारत में केंद्रों का चयन कर लिया है और विदेशी केंद्रों के विकल्प के बिना शुल्क का भुगतान कर दिया है, लेकिन वे भारत के बाहर के केंद्रों पर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें पंजीकरण खिड़की पर सेवा समाप्त होने के बाद केंद्र और देश की पसंद में बदलाव करने का अवसर मिलेगा।'' नीट-यूजी आयुर्विज्ञान तथा शल्य-चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस), दंत चिकित्सा स्नातक (बीडीएस), आयुर्वेद, औषधि एंव शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएएमएस), सिद्ध औषधि एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएसएमएस) और यूनानी औषधि एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीयूएमएस) समेत अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि नौ मार्च है जबकि परीक्षा का परिणाम 14 जून को घोषित किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. कानून विशेषज्ञ एवं दिग्गज अधिवक्ता फली एस नरीमन का बुधवार को 95 वर्ष की आयु में यहां निधन हो गया। वह हृदय संबंधित परेशानियों सहित कई बीमारियों से जूझ रहे थे।
नरीमन का जन्म 10 जनवरी 1929 को हुआ था। नवंबर 1950 में उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय से वकालत शुरु की और 1961 में उन्हें वरिष्ठ वकील का दर्जा हासिल हुआ। नरीमन का जन्म रंगून (अब यांगून) में एक संपन्न कारोबारी परिवार में हुआ था। वर्ष 1942 में जापान की ओर से आक्रमण किये जाने के बाद उनका परिवार भारत आ गया। उस समय नरीमन 12 साल के थे। उन्होंने 70 वर्षों से अधिक समय तक वकालत की। शुरुआत बंबई उच्च न्यायालय से हुई और फिर 1972 से उच्चतम न्यायालय में उन्होंने लंबा सफर तय किया। नरीमन को मई 1972 में भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 26 जून 1975 को आपातकाल लागू होने के एक दिन बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने लंबे और शानदार कानूनी करियर में नरीमन ने कई ऐतिहासिक मामलों में पैरवी की। इनमें भोपाल गैस त्रासदी, ‘टीएमए पाई फाउंडेशन' और जयललिता का आय से अधिक संपत्ति जैसे मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के चर्चित मामले से भी जुड़े रहे। इस आयोग को उच्चतम न्यायालय ने भंग कर दिया था। भारतीय न्यायपालिक के ‘भीष्म पितामह' कहे जाने वाले नरीमन ने ‘बिफोर द मेमोरी फेड्स', ‘द स्टेट ऑफ द नेशन', ‘इंडियाज लीगल सिस्टम: कैन इट बी सेव्ड?' और ‘गॉड सेव द ऑनर्बेल सुप्रीम कोर्ट' जैसी किताबें भी लिखीं। नरीमन को जनवरी 1991 में पद्म भूषण और 2007 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। नवंबर 1999 में उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी मनोनित किया गया था।
उनके निधन की खबर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘ फली नरीमन का निधन एक युग का अंत है। एक दिग्गज, जो कानून और सार्वजनिक जीवन में हमेशा लोगों के दिलों-दिमाग में जीवित रहेंगे। अपनी सभी उपलब्धियों के अलावा, वह अपने सिद्धांतों पर अटल रहे और बिना लाग लपेट हर बात कहते थे। यही गुण उनके प्रतिभाशाली बेटे रोहिंटन में भी है।'' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उनके निधन से ना सिर्फ कानून जगत ने बल्कि देश ने एक ऐसी विशाल शख्सियत को खो दिया है, जिसकी बुद्धिमत्ता का हर कोई लोहा मानता था। उन्होंने कहा, ‘‘देश ने धार्मिकता के एक प्रतीक को खो दिया। एक अग्रणी, आदर्श और एक दिग्गज हमें छोड़कर चले गये। उन्होंने न्यायशास्त्र को अपने अहम योगदान से समृद्ध किया है। मैंने अदालत में उनके खिलाफ जिरह करके भी कुछ नया सीखा।'' अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा, ‘‘बेहद दुखद समाचार। प्रख्यात न्यायविद् फली एस नरीमन का निधन। उन्हें वकील समुदाय का ‘भीष्म पितामह' भी माना जाता था। वह एक महान अधिवक्ता और हमारे परिवार के करीबी दोस्त थे। उनका निधन हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।'' नरीमन के बेटे रोहिंटन नरीमन उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश रहे। -
91 की उम्र में आया हार्ट अटैक
42 साल तक सुपरहिट शो गीतमाला को किया होस्ट
मुंबई . जाने माने रेडियो प्रस्तोता अमीन सयानी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके बेटे राजिल सयानी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सयानी को मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। राजिल ने बताया कल रात दिल का दौरा पड़ने से एच एन रिलायंस अस्पताल में उनका निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें कल शाम लगभग छह बजे अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें बचाने की कोशिश की गई लेकिन लगभग सात बजे उनका निधन हो गया।" राजिल ने कहा कि उनके पिता का अंतिम संस्कार कल किया जाएगा और परिवार जल्द ही एक बयान जारी करेगा।
रेडियो सुनने का शौक रखने वालों के कानों में आज भी सयानी की आवाज में 'नमस्कार बहनों और भाइयो, मैं आपका दोस्त अमीन सयानी बोल रहा हूं' गूंजता है। कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला' ने उन्हें काफी लोकप्रियता दिलाई। उनका जन्म 21 दिसंबर, 1932 को मुंबई में हुआ था। उन्हें बचपन से ही लिखने का शौक था और महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी मां की पाक्षिक पत्रिका 'रहबर' के लिए लिखना शुरू कर दिया था। यही वह उम्र थी जब वह अंग्रेजी भाषा में एक कुशल प्रस्तोता बन गए थे और उन्होंने आकाशवाणी मुंबई की अंग्रेजी सेवा में बच्चों के कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। हालांकि जब सयानी ने ‘हिंदुस्तानी' में प्रस्तुति देने के लिए ऑडिशन दिया तो उनकी आवाज़ में हल्का गुजराती लहजा होने के कारण उनका चयन नहीं किया गया। जब तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री बी वी केसकर ने आकाशवाणी से हिंदी गानों पर प्रतिबंध लगा दिया तो रेडियो सीलोन लोकप्रिय होने लगा। सयानी को दिसंबर 1952 में रेडियो सीलोन पर 'बिनाका गीतमाला' पेश करने का मौका मिला और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह शो 1952 से 1994 तक 42 वर्षों तक भारी लोकप्रियता हासिल करता रहा।
पीएम मोदी बोले- अमीन सयानी भारतीय ब्रॉडकास्टिंग में क्रांति लाए
पीएम मोदी ने अमीन सयानी के निधन पर शाेक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- अमीन सयानी जी की सुनहरी आवाज में वो खूबसूरती और गर्मजोशी थी, जिसने उन्हें कई पीढ़ियों के लोगों से जोड़े रखा। अपने काम के जरिए वे भारतीय ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में क्रांति लाए और अपने श्रोताओं के साथ खास बॉन्ड बनाया। उनके जाने से दुखी हूं। उनके परिवार, चाहने वालों और सभी रेडियो प्रेमियों को सांत्वनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले। -
नयी दिल्ली. ‘स्काईरूट एयरोस्पेस' ने मंगलवार को ‘कल्पना फेलोशिप' शुरू करने की घोषणा की। यह भारत का अपनी तरह का पहला फेलोशिप कार्यक्रम है जो विशेष रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र की महिला इंजीनियरों को समर्पित है। हैदराबाद की ‘स्टार्ट-अप' कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘कल्पना फेलोशिप' अंतरिक्ष उद्योग में नयी ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए महिला इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने, प्रोत्साहित करने और सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। बयान के अनुसार, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की विरासत से प्रेरित फेलोशिप एक सर्वव्यापी कार्यक्रम प्रदान करती है जिसमें मासिक राशि, प्रायोगिक ज्ञान, अनुभवी पेशेवरों से मार्गदर्शन, स्काईरूट एयरोस्पेस में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और नवीन प्रौद्योगिकियों तक पहुंच शामिल है। वर्ष 2024 के लिए फेलोशिप पंजीकरण वर्तमान में जारी है।
बयान में कहा गया कि एक साल की फेलोशिप पूरी करने वाली उत्कृष्ट अभ्यर्थियों को ‘स्काईरूट एयरोस्पेस' में पूर्णकालिक भूमिकाओं में स्थानांतरित होने का अवसर मिलेगा। - नयी दिल्ली। जाने-माने लेखक और राजनयिक से नेता बने शशि थरूर को मंगलवार को यहां एक समारोह में फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' से नवाजा गया। कई पुस्तकों के लेखक और तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर को फ्रांसीसी सीनेट के स्पीकर जेरार्ड लार्चर ने फ्रांसीसी दूतावास में इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। फ्रांस सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर के लिए इस पुरस्कार की घोषणा अगस्त 2022 में की थी, लेकिन उन्हें यह पुरस्कार मंगलवार को दिया गया। फ्रांसीसी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘सर्वोच्च फ्रांसीसी नागरिक पुरस्कार, भारत-फ्रांस संबंधों को गहरा करने, अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता के लिए और फ्रांस के लंबे समय से मित्र के रूप में डॉ. थरूर के अथक प्रयासों के लिए दिया गया है।'' थरूर ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा कि वह ‘शेवेलियर डे ला लेगियन डी'होनूर' (नाइट ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर) स्वीकार करके बेहद सम्मानित महसूस'' कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फ्रांस, उसके लोगों, उनकी भाषा और उनकी संस्कृति, विशेष रूप से उनके साहित्य और सिनेमा की प्रशंसा करने वाले व्यक्ति के रूप में, मैं आपके देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने को लेकर आभारी हूं।''
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नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि सरकार इस वर्ष जुलाई तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- एआई के लिए विनियामक ढांचे का मसौदा जारी करेगी।
मुंबई में दो दिन की नैसकॉम लीडरशिप समिट के आरंभिक सत्र में श्री चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार इस मसौदे पर कार्य कर रही है जो जून या जुलाई तक जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताओं का उपयोग करना और जोखिम तथा हानि की आशंका को कम करना है। श्री चन्द्रशेखर ने कहा कि सरकार एआई कुशल व्यक्ति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ऐसी वैश्विक शासन रुप रेखा के महत्व पर बल दिया जो सुरक्षा और विश्वास के साथ एआई का उपयोग कर सके। -
नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ शंभू बॉर्डर पर बैठे प्रदर्शनकारी किसानों की निंदा की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति लपीता बनर्जी की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रदर्शनकारी सार्वजनिक जीवन को बाधित नहीं कर सकते।
न्यायालय ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार राजमार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीठ ने किसानों की बड़ी सभा की अनुमति देने के लिए पंजाब सरकार से भी सवाल किया।उच्च न्यायालय पंचकूला निवासी वकील उदय प्रताप सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाकर्ता ने बताया कि इससे लोगों को असुविधा हो रही है और 13 फरवरी से एम्बुलेंस, स्कूल बसों और पैदल यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड रहा है। इस बीच, पंजाब और हरियाणा सरकार ने सुनवाई के दौरान मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट पेश की। - नयी दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित ‘डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर' को हल्के लड़ाकू विमान तेजस में एकीकृत किया गया है जो एक "महत्वपूर्ण घटनाक्रम" है। स्वदेश निर्मित तेजस एकल इंजन वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है जो उच्च खतरे वाले हवाई क्षेत्र में काम करने में सक्षम है। इसे हवाई रक्षा, समुद्री टोही और हमले की भूमिका निभाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, "तेजस एमके1ए कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ‘डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर' (डीएफसीसी) को प्रोटोटाइप एलएसपी7 में एकीकृत किया गया और 19 फरवरी को सफलतापूर्वक उड़ान संचालन किया गया।" ‘तेजस-एमके1ए' संस्करण के लिए डीएफसीसी को वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई), बेंगलुरु द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उड़ान नियंत्रण के सभी महत्वपूर्ण मानक और प्रदर्शन संतोषजनक पाए गए। इसने कहा कि पहली उड़ान का संचालन राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र से संबद्ध विंग कमांडर सिद्धार्थ सिंह केएमजे (सेवानिवृत्त) ने किया। भारतीय वायुसेना पहले ही ‘तेजस एलसीए एमके1' का संचालन शुरू उकर चुकी है।विमान के उन्नत संस्करण ‘तेजस एमके1ए' में उन्नत मिशन कंप्यूटर और उच्च-प्रदर्शन डिजिटल उड़ान नियंत्रण कंप्यूटर (डीएफसीसी एमके1ए) सहित कई आधुनिक प्रणालियां हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस एमके1ए के लिए इस महत्वपूर्ण प्रणाली के विकास एवं सफल उड़ान परीक्षण में शामिल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), वायुसेना, एडीए और उद्यमों की की सराहना की। सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।तेजस विमान भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार बनने के लिए तैयार है जिसमें शुरुआती संस्करण के लगभग 40 तेजस पहले ही शामिल किए जा चुके हैं।
- जम्मू.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के साथ उनका संबंध 40 साल से भी अधिक पुराना है और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद दूर-दराज के स्थानों से बड़ी संख्या में लोगों का उनकी रैली में आना उनके प्रति प्रेम का प्रमाण है। उन्होंने यहां मौलाना आज़ाद स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "लोगों का प्यार हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है।" मोदी ने कहा, "जम्मू और कश्मीर के साथ मेरा संबंध 40 साल से अधिक पुराना है क्योंकि मैंने एक कार्यकर्ता के रूप में यहां बहुत सारे कार्यक्रम और दौरे किए हैं। बारिश और ठंड की स्थिति के बावजूद भारी भीड़ एवं उत्साह तथा हर किसी का ध्यान से सुनना लोगों के प्यार को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि विकसित भारत को समर्पित कार्यक्रम का जम्मू-कश्मीर के 285 ब्लॉक और देश के विभिन्न स्थानों पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है, जहां लाखों लोग इसे देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "इतना बड़ा कार्यक्रम और वह भी जम्मू-कश्मीर में, जहां प्रकृति हमें हर पल चुनौती देती है। इतनी धूमधाम से यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए जम्मू-कश्मीर के लोग वास्तव में बधाई के पात्र हैं।" उन्होंने पद्दारी जनजाति, पहाड़ी जातीय समूह, गड्डा ब्राह्मण और कोली समुदायों को अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने, अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा में सीट आरक्षण, स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्गों के आरक्षण के लिए बधाई दी। मोदी ने कहा, "मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी का पूरा होना है।" उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' विकसित जम्मू-कश्मीर की आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि 'नया भारत' छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए अधिक खर्च कर रहा है और पिछले 10 वर्षों में शिक्षा एवं कौशल विकास उनकी सरकार का केंद्रबिंदु रहा है। मोदी ने कहा कि सरकार देश भर में महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने की योजना बना रही है ताकि वे कृषि गतिविधियों के लिए उनका उपयोग कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, रेल, सड़क, विमानन, पेट्रोलियम और निकाय बुनियादी ढांचा क्षेत्रों से संबंधित 32,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देश के हर कोने में लोगों तक पहुंचा है क्योंकि "हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए"। मोदी ने कहा, ''यह मोदी की गारंटी है और यह कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) का जादू है।''‘नमो ड्रोन दीदी' योजना के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की गारंटी है कि महिलाओं को ड्रोन पायलट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं कल एक बहन का इंटरव्यू देख रहा था, जो बता रही थीं कि उन्हें साइकिल का पैडल चलाना नहीं आता था, लेकिन ट्रेनिंग के बाद वह 'ड्रोन पायलट' बनकर घर लौट रही हैं। बड़ी संख्या में बहनों की ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। देश और हमने हजारों स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन प्रदान करने का निर्णय लिया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के अलावा कृषि गतिविधियों में फायदेमंद हो सकते हैं। मोदी ने कहा, ''पिछले 10 साल में भारत 11वें से पांचवें नंबर की आर्थिक शक्ति बन गया है।''तीसरे कार्यकाल के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में लोगों से समर्थन मांगते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा ने पार्टी के लिए 370 सीट का लक्ष्य रखा है।
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जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं जब कश्मीर रेल मार्ग से कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा। उन्होंने उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के नवनिर्मित 48.1 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। प्रधानमंत्री ने यहां एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न विकास कार्य एक साथ हो रहे हैं जबकि अतीत में शेष भारत में तो काम होते थे लेकिन इसका लाभ या तो जम्मू-कश्मीर के लोगों को नहीं मिलता था या बहुत देर से उपलब्ध कराया जाता था। मोदी ने कहा, ‘‘आज देशभर में नये हवाई अड्डे बनाये जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर भी पीछे नहीं है। आज जम्मू हवाई अड्डे के विस्तार का काम शुरू हो गया है। बारामूला और संगलदान के बीच (48.1 किलोमीटर) खंड के चालू होने के साथ ही कश्मीर को कन्याकुमारी से रेल मार्ग से जोड़ने का सपना भी आज आगे बढ़ गया है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘वह दिन दूर नहीं जब लोग कश्मीर से ट्रेन पकड़कर पूरे देश में यात्रा कर सकेंगे।'' प्रधानमंत्री मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 के बारे में एक आगामी फिल्म का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि शायद इस सप्ताह अनुच्छेद 370 पर एक फिल्म रिलीज होने वाली है। मुझे लगता है कि आपकी ‘जय जयकार' पूरे देश में सुनाई देगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि फिल्म किस बारे में है लेकिन कल मैंने टीवी पर सुना कि अनुच्छेद 370 पर एक फिल्म आ रही है। अच्छा है, यह लोगों को सही जानकारी देने में उपयोगी साबित होगी।'' फिल्म ‘‘आर्टिकल 370'' का निर्माण आदित्य धर द्वारा किया गया है। धर ‘‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'' के निर्देशन के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भू-राजनीति और भू-रणनीति पर भारत के प्रमुख सम्मेलन ‘रायसीना डायलॉग' का बुधवार को उद्घाटन करेंगे। यह तीन दिवसीय आयोजन विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन' (ओआरएफ) के सहयोग से किया जा रहा है। रायसीना डायलॉग का नौवां संस्करण 23 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 फरवरी को ‘डायलॉग' का उद्घाटन करेंगे। यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे और मुख्य भाषण देंगे।'' रायसीना डायलॉग में मंत्रियों, पूर्व राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार के प्रमुखों, सैन्य कमांडरों, उद्योग जगत एवं प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों, शिक्षाविदों और रणनीतिक मामलों के विद्वानों सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रायसीना डायलॉग के 2024 संस्करण का विषय ‘चतुरंग: संघर्ष, प्रतियोगिता, सहयोग, निर्माण' है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि तीन दिन की अवधि में दुनिया भर के निर्णय लेने वाले दिग्गज और विचारक विभिन्न प्रारूपों में एक-दूसरे से बातचीत करेंगे। इस सम्मेलन के छह विषयगत स्तंभ हैं: प्रौद्योगिकी के दिग्गज- विनियम और वास्तविकताएं, ग्रह के संबंध में शांति- निवेश और नवोन्मेष, युद्ध और शांति- शस्त्रागार और विषमताएं, बहुपक्षवाद को उपनिवेशवाद से मुक्त करना- संस्थाएं और समावेशन, 2030 के बाद का एजेंडा- लोग एवं प्रगति तथा लोकतंत्र की रक्षा- समाज और संप्रभुता। -
जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन करते हुए कहा कि जम्मू के लोगों को अब विशेष चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के किनारे 226.84 एकड़ में फैले इस अस्पताल की स्थापना क्षेत्रीय स्वास्थ्य देखभाल जरूरतों को पूरा करने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा शिक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत की गई है। यहां 32,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास करने के बाद एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेज की संख्या चार से बढ़कर 12 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी समयावधि में, जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस सीटें 500 से बढ़कर 1300 हो गई हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘2014 से पहले जम्मू-कश्मीर में कोई पीजी मेडिकल सीटें नहीं थीं और आज केंद्र शासित प्रदेश में 650 पीजी मेडिकल सीटें हैं।'' उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 35 नए नर्सिंग और पैरामेडिक कॉलेज भी खुल रहे हैं जिससे नर्सिंग सीटों में भी काफी वृद्धि होगी। एम्स-जम्मू के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 15 नए एम्स जोड़े हैं, जिनमें अकेले जम्मू-कश्मीर में दो एम्स शामिल हैं। वहीं, एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि एम्स-जम्मू व्यापक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार है, जिसमें बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन 2000-3000 रोगियों के आने की उम्मीद है। प्रवक्ता ने कहा कि पहले चरण में 750 बिस्तरों की व्यवस्था की जानी है, जिसमें ट्रॉमा देखभाल, सामान्य देखभाल और सुपर-स्पेशलिटी के लिए 193 आईसीयू बिस्तर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एम्स जम्मू में लगभग 50 विभाग बनाने की योजना है, जिसमें सामान्य और विशेष देखभाल दोनों शामिल होंगे। प्रवक्ता ने कहा कि 20 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, चौबीसों घंटे उपलब्ध होने वाली एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी कि मरीजों को निरंतर देखभाल मिल सके। -
अयोध्या (उप्र) .उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन किये और कहा कि आज हम गौरवान्वित हो रहे हैं कि फिर से राम युग शुरू हो रहा है। पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल के पांच सहयोगी- वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज, रेखा आर्य, धन सिंह रावत, प्रेमचंद अग्रवाल और सुबोध उनियाल, के साथ यहां पहुंचे। इनके अलावा राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल भी मौजूद रहे। धामी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ श्रीराम का उत्तराखंड से अटूट संबंध है। सरयू नदी का उद्गम स्थल जिसके तट पर श्रीराम के पिता एवं महाराज दशरथ ने संतान प्राप्ति के लिए अनुष्ठान किया था, वह बागेश्वर जिले में है। हमारा गहरा संबंध है और उत्तराखंड के लोग हमेशा यहां आएंगे।'' पुरानी स्मृतियों को ताजा करते हुए धामी ने कहा, ‘‘ लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र रहते हुए बहुत बार अयोध्या आया और तब भगवान रामलला को टेंट में देखकर उस समय मन भावुक हो जाता था, लेकिन आज हम गौरवान्वित हो रहे हैं कि फिर से राम युग शुरू हो रहा है।'' अयोध्या में उत्तराखंड सदन की स्थापना को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उप्र सरकार से अनुरोध किया गया है और जमीन मिलने पर राज्य का एक सदन यहां पर बन जाएगा। लोकसभा चुनाव में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के प्रभाव के बारे में पूछ जाने पर सीधा जवाब न देते हुए धामी ने कहा, ‘‘ राम यत्र, तत्र और सर्वत्र हैं।'' एक आधिकारिक जानकारी में कहा गया है कि उत्तराखंड के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से सीधे अयोध्या पहुंचे धामी और उनके सहयोगी भगवान राम की पूजा-अर्चना करने के बाद देर शाम देहरादून लौटेंगे।
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जम्मू . चार साल से अधिक के इंतजार को खत्म करते हुए जम्मू कश्मीर गृह विभाग ने पुलिस कांस्टेबल के 4,000 से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए सेवा चयन बोर्ड से कहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल के पदों पर भर्ती के लिये पिछली बार 2019 में विज्ञापन दिया गया था। अब लगभग 4,022 पदों का विज्ञापन दिया जा रहा है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा "इससे विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने और शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन की क्षमता को मजबूत करने में काफी मदद मिलेगी।" उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल जम्मू-कश्मीर के समग्र सुरक्षा तंत्र को बढ़ाने में योगदान देगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। प्रवक्ता ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- नई दिल्ली।उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को छात्रों को आगाह किया कि कोचिंग कक्षाएं वास्तविक बौद्धिक प्रदर्शन के बजाय 'जड़ता' की प्रतीक हैं और उन्हें याद दिलाया कि नवाचार अलग तरीके से सोचने से संभव होता है। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाएं के जरिये सरकारी पद पाने से इतर अन्य अवसरों की तलाश करने के बारे में अवश्य सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल ये अवसर आसानी से उपलब्ध हैं।राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने युवाओं को सलाह दी कि वे संदेह और असुरक्षा की भावनाओं को दूर करें तथा इसके बजाय महान विचारों को सहेजने के लिए अपने मस्तिष्क का इस्तेमाल करें। उपराष्ट्रपति ने छात्रों को नकारात्मकता को दूर करने और बिना किसी डर के अच्छे विचारों को क्रियान्वित करने के महत्व पर जोर दिया। धनखड़ ने छात्रों से कहा कि अक्सर नवाचार अलग तरह से सोचने और कोचिंग कक्षाओं की 'जड़ता' को चुनौती देने से आता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोचिंग कक्षाएं वास्तविक बौद्धिक प्रदर्शन या ज्ञान के मंदिरों के बजाय 'जड़ता' की प्रतीक हैं। उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि कैसे सिविल सेवा क्षेत्र के लोग अपना स्टार्ट-अप स्थापित कर रहे हैं तथा कृषि एवं विपणन जैसे नये क्षेत्र तलाश रहे हैं।
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नई दिल्ली। ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कई बार लोग ट्रेन में सफर करने के लिए ऑनलाइन टिकट करवाते हैं लेकिन कई बार टिकट बुक कराने पर कंफर्म टिकट नहीं मिलता है। ऐसे में टिकट के पैसे तो कट जाते हैं लेकिन कंफर्म न होने की स्थिति में रिफंड का प्रोसेस करना पड़ता है। लेकिन अब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (Indian Railway Catering and Tourism Corporation – IRCTC इस समस्या का हल लेकर आ गया है। वेटिंग टिकट होने पर आपके पैसे सिर्फ तभी कटेंगे जब आपका टिकट कंफर्म हो जाएगा। I RCTC अब ऑटो पे फीचर की सुविधा लेकर आया है. इसके जरिए पैसा तभी कटेगा, जब टिकट कंफर्म होगा।अगर आपकी सीट कंफर्म नहीं होती तो आपके पैसे आपके अकाउंट में ही रहेंगे। आईआरसीटीसी के ऐप या वेबसाइट पर पेमेंट गेटवे वाले ऑप्शन में यह फीचर सबसे ऊपर दिखाई देगा।
कैसे काम करता है iPay Autopay फीचरऐप के जरिए टिकट बुक करने पर आपको तुरंत पेमेंट करने की जरूरत नहीं रहती है। इसमें आपके टिकट ते अमाउंट के बराबर पैसे ब्लॉक हो जाते हैं। अगर टिकट कंफर्म हुआ तब आपके अकाउंट से पैसे कट जाएंगे, अगर टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो ऐसे में आपके टिकट के लिए होल्ड पैसे रिलीज हो जाते हैं। और आपको रिफंड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।कैसे होगा फायदाइससे सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ उन लोगों को होगा जो रेलवे ई-टिकट बुक कर रहे हैं या वेटिंग लिस्ट वाले जनरल या तत्काल टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं। वेटलिस्ट वालों को ऑटोपे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। टिकट कंफर्म नहीं होने पर अकाउंट से पैसे कटने का जोखिम खत्म हो जाता है। -
नई दिल्ली। सुलतानपुर जिले की सांसद-विधायक अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने से संबंधित मानहानि मामले में मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को जमानत दे दी। राहुल अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में व्यस्त होने के कारण 18 जनवरी को सांसद-विधायक विशेष अदालत की पिछली सुनवाई में शामिल नहीं हो सके थे।
गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि राहुल सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश योगेश यादव के समक्ष पेश हुए और ‘बेल बॉण्ड’ भरने के बाद 25-25 हजार रुपये के दो मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी गई।शुक्ला ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को होगी। कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के तहत अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी में सोमवार को रात्रि प्रवास के अगले ही दिन राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुलतानपुर की सांसद-विधायक अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि राहुल ठीक 11 बजे अदालत में दाखिल हुए और जमानत मिलने के बाद 11 बजकर 25 मिनट पर बाहर निकले आये जिसके बाद वह रायबरेली की तरफ निकल गए।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय मिश्रा ने राहुल के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर कराया था। इसमें आरोप लगाया कि आठ मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री को हत्या का ‘‘अभियुक्त’’ कहा था।शिकायतकर्ता ने गांधी की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि ईमानदार और स्वच्छ राजनीति में विश्वास करने का दावा करने वाली भाजपा के अध्यक्ष हत्या के एक मामले में ‘‘आरोपी’’ हैं। जब गांधी ने यह टिप्पणी की तब शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।हालांकि, राहुल गांधी की टिप्पणी से लगभग चार साल पहले ही मुंबई की एक विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने वर्ष 2005 के एक फर्जी मुठभेड़ के मामले में शाह को बरी कर दिया था।इसके पहले संवाददाताओं से बातचीत में मंगलवार को भाजपा नेता विजय मिश्रा ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी ने अमित शाह को ‘‘हत्यारा’’ कहा था, तमाम अपशब्द कहे थे, उसे लेकर हमने एक परिवाद दाखिल की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हत्यारा कहा जाना अनुचित है। इससे हमें काफी ठेस पहुंची जिसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं ने दबाव बनाया और हमने परिवाद दाखिल की।’’ मिश्रा ने कहा, ‘‘ न्यायालय ने कई बार उनको समन जारी किया। उन्होंने उसकी अनदेखी की और आज वह उसी मामले में संभवत: अदालत में पहुंच रहे हैं।’’ - संभल (उप्र):। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि समय का चक्र बदल गया है और देश न केवल अपनी प्राचीन मूर्तियों को विदेशों से वापस ला रहा है बल्कि रिकॉर्ड विदेशी निवेश भी प्राप्त कर रहा है।उत्तर प्रदेश के संभल में श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है तो दूसरी तरफ शहरों में अत्याधुनिक अवसरंचनाएं तैयार हो रही हैं।मोदी ने कहा,''आज एक ओर हमारे तीर्थो का विकास हो रहा हैं, तो दूसरी ओर शहरों में हाईटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा हैं । आज अगर मंदिर बन रहे हैं तो देश भर में नये मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं । आज विदेशों से हमारी प्राचीन मूर्तियां भी वापस लाई जा रही हैं, और रिकॉर्ड संख्या में विदेशी निवेश भी आ रहा हैं । यह परिवर्तन, प्रमाण इस बात का है कि समय का चक्र घूम चुका हैं । एक नया दौर आज हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। यह समय है कि हम उस आगमन का दिल खोलकर स्वागत करें।''प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमृत काल में राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी सहजता, शताब्दी का यह संकल्प केवल एक अभिलाषा भर नहीं हैं । उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा संकल्प हैं जिसे हमारी संस्कृति ने हर कालखंड में जी कर दिखाया हैं ।उन्होंने कहा,''पिछले महीने ही देश ने अयोध्या में 500 साल के इंतज़ार को पूरा होते देखा है। रामलला के विराजमान होने का वो अलौकिक अनुभव, वो दिव्य अनुभूति अब भी हमें भावुक कर जाती है। इसी बीच हम देश से सैकड़ों किमी दूर अरब की धरती पर, अबू धाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के साक्षी भी बने हैं।''प्रधानमंत्री ने कहा,'' इसी कालखंड में हमने विश्वनाथ धाम के वैभव को निखरते देखा है। इसी कालखंड में हम काशी का कायाकल्प होते देख रहे हैं। इसी दौर में महाकाल के महालोक की महिमा हमने देखी हैं। हमने सोमनाथ का विकास देखा है, केदार घाटी का पुनर्निर्माण देखा है । हम विकास भी, विरासत भी के मंत्र को आत्मसात करते हुए चल रहे हैं ।'' आज हम देश में जो सांस्कृतिक पुनरोदय देख रहे हैं, आज अपनी पहचान पर गर्व और उसकी स्थापना का जो आत्मविश्वास देख रहे हैं, वो प्रेरणा हमें छत्रपति शिवाजी महाराज से ही मिलती है।प्रधानमंत्री ने कहा,''आज पहली बार भारत उस मुकाम पर है, जहां हम अनुसरण नहीं कर रहे, उदाहरण पेश कर रहे हैं। आज पहली बार भारत को टेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संभावनाओं के केंद्र के रूप में देखा जा रहा हैं । हमारी पहचान इनोवेशन हब के तौर पर हो रही हैं ।''उन्होंने कहा,''आज हमारी शक्ति भी अनंत है और हमारे लिए संभावनाएं भी अपार हैं। पहली बार भारत का नागरिक, चाहे वह दुनिया के किसी भी देश में हो, अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है । देश में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का यह ज्वार अदभुत है। इसलिए हमारी शक्ति भी अनंत है, और हमारे लिए संभावनाएं भी अपार हैं ।''मोदी ने मंदिर के एक मॉडल का भी अनावरण किया। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम भी उपस्थित रहे।श्री कल्कि धाम का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण न्यास द्वारा किया जा रहा है जिसके अध्यक्ष कृष्णम हैं।इस कार्यक्रम में देशभर से संतों और धार्मिक नेताओं ने भाग लिया।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव की तुलना रविवार को महाभारत के युद्ध से की और कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) देश के विकास के लिए काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नीत ‘इंडिया' गठबंधन परिवारवादी पार्टियों और भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है। भाजपा के दो दिवसीय अधिवेशन के आखिरी दिन ‘भाजपा: देश की आशा, विपक्ष की हताशा' प्रस्ताव पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की कड़ी आलोचना की। शाह ने कहा, ‘‘जैसे महाभारत के युद्ध में दो खेमे थे... कौरव और पांडव थे, वैसे ही चुनाव से पहले अभी दो खेमे हैं।'' उन्होंने कहा कि इनमें से एक खेमा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग है और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया' गठबंधन है। उन्होंने कहा, ‘‘‘इंडिया' गठबंधन सभी वंशवादी पार्टियों का गठबंधन है जो वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की पोषक हैं जबकि भाजपा नीत राजग सभी दलों का गठबंधन है जो राष्ट्र के सिद्धांतों पर चलता है।'' शाह ने कहा कि देश के लोगों को यह तय करना होगा कि वे इस बार दोनों में से किसे जनादेश देना चाहते हैं।उन्होंने इन (वंशवादी) पार्टियों को चलाने वाले परिवारों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष में ‘टू-जी', ‘थ्री-जी' और ‘फोर-जी' पार्टियों की भरमार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है और वैश्विक स्तर पर देश का कद बढ़ाया है। शाह ने कहा कि लोगों के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों की वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और जाति की राजनीति को समाप्त कर विकास की राजनीति को केंद्र में ला दिया। शाह ने देश की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।उन्होंने सोनिया गांधी, शरद पवार, लालू प्रसाद और एम.के. स्टालिन एवं अन्य का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों और देश के विकास के बारे में सोचते हैं जबकि ‘इंडिया' गठबंधन के नेता अपनी संतान को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के शासन के दौरान हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है।'' बैठक में मोदी-मोदी के नारे के बीच उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ परिवारवादी पार्टियों के सभी ‘राजकुमार' एक साथ आ गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल शक्तिशाली परिवार से ही कोई व्यक्ति इस शीर्ष पद पर आसीन हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टियां हैं और दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा है।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हर चीज का विरोध करते हैं, चाहे वह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना हो, तीन तलाक पर प्रतिबंध हो, संशोधित नागरिकता कानून हो या संसद के नए भवन का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राम मंदिर का निमंत्रण ठुकरा दिया।शाह ने कहा कि अगर भाजपा में परिवार द्वारा संचालित राजनीति पार्टी होती तो चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री नहीं बनता। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के 10 वर्षों में आज देश विकसित भारत का स्वप्न लेकर आगे बढ़ रहा है। दूर-दूर तक ‘घमंडिया' गठबंधन को सत्ता प्राप्ति की संभावना नहीं दिखती है। इस वजह से वो आज हर चीज का विरोध करने लगे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज आप सबके माध्यम से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि अगले चुनाव में दो खेमें आमने-सामने हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में राजग है तो दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्व में सारी परिवारवादी पार्टियों का ‘घमंडिया' गठबंधन। ये ‘घमंडिया' गठबंधन भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति का पोषक है और भाजपा एवं राजग राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलने वाला गठबंधन है।'' पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। भाजपा के प्रस्ताव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेताओं की अमर्यादित टिप्पणियों से देश की मौलिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गई है। द्रमुक नेताओं द्वारा सनातन धर्म की आलोचना के मद्देनजर यह उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आप नेताओं की गिरफ्तारी और पश्चिम बंगाल में महिलाओं और अन्य के खिलाफ हिंसा का भी उल्लेख है। पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में शुमार शाह ने अपने संबोधन में जहां एक तरफ मोदी के 'बेदाग' नेतृत्व पर प्रकाश डाला, वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन को 'भ्रष्ट' करार दिया। विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर संस्थाओं को कमजोर करने का अक्सर आरोप लगाये जाने का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संस्थाओं को जितना नुकसान पहुंचाया, उतना कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो न्यायपालिका जैसी संस्थाओं तक को नहीं बख्शा।शाह ने आपातकाल का हवाला देते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि इसने 90 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया, उनमें से 50 बार अकेले इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों ने किया। उन्होंने दावा किया, ''100 साल बाद भी, निर्वाचित सरकारों को गिराने में कांग्रेस के रिकॉर्ड का कोई भी मुकाबला नहीं कर पाएगा। शाह ने कहा कि सरकार ने शहरी और ग्रामीण विकास, विदेश नीति और रक्षा आवश्यकताओं, विकास और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दों के बारे में पहले की भ्रांतियों को पाट दिया है और देश का समग्रता में विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने का काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार के 3.0 के तहत भारत उनसे पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सत्ता हासिल करने के लिए आंदोलन किए हैं, लेकिन भाजपा ने हमेशा देश के लिए ऐसा किया है, चाहे वह अनुच्छेद 370 हटाने का अभियान हो, राम मंदिर निर्माण हो या गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने का अभियान हो।
- नयी दिल्ली। मुगल शासक बहादुर शाह जफर और ‘चाट' के बीच संबंध या ‘लड्डुओं' के औषधीय उद्देश्यों को बयां करने वाली एक नयी पुस्तक, ‘इंडिया अनबॉक्स्ड: वी आर लाइक दिस ओनली' में राष्ट्र को परिभाषित करने वाले करीब 75 पहलुओं को शामिल किया गया है। बौद्धिक संपदा अधिकार मामलों के अधिवक्ता सफीर आनंद ने यह पुस्तक लिखी है जो सांस्कृतिक धरोहर और बहुआयामी भारतीय अस्मिता को परिभाषित करने वाली परंपरा का उल्लेख करती है। हाल में संपन्न हुए जयपुर साहित्य महोत्सव में नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत ने इसका आधिकारिक रूप से विमोचन किया था। आनंद ने एक बयान में कहा, ‘‘यह पुस्तक उन कई चीजों का उल्लेख करती है जो हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा हैं और भारत का निर्माण करती हैं जो भावनाओं, मनोरंजन और समावेशिता से भरा हुआ है।''
- बेंगलुरु। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय लक्षद्वीप को विकसित करने के लिए एक स्थायी पर्यटन विकास मॉडल अपनाएगा, हालांकि इस दौरान इसकी पारिस्थितिकी और पर्यावरण का खास ध्यान रखा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पर्यटन मंत्रालय, बेंगलुरु कार्यालय के निदेशक, मोहम्मद फारूक ने कहा कि घरेलू द्वीपों को बढ़ावा देने के अलावा, पर्यटन को विकसित करने के लिए भारत में कम लोकप्रिय स्थानों की पहचान की जा रही है और छोटे प्रचार कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय कम से कम कुछ समय के लिए इन कम ज्ञात गंतव्यों में बड़े पैमाने पर पर्यटन को प्रोत्साहित नहीं करना चाहता है, ताकि स्थानों की सुंदरता और पारिस्थितिक संवेदनशीलता बनी रहे। फारूक ने कहा, "हाल ही में, हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप का दौरा किया था। वह सबसे लोकप्रिय द्वीपों में शुमार है और वहां के समुद्र तट सुंदर हैं। यह (लक्षद्वीप) सबसे अच्छे समुद्र तटों वाले द्वीपों में से एक है। इसलिए हम लक्षद्वीप को बढ़ावा दे रहे हैं। एक पर्यटन स्थल के रूप में लक्षद्वीप के बारे में बहुत गहन अध्ययन हो रहा है। हम बहुत जल्द लक्षद्वीप में अच्छे होटल खोलेंगे।” उन्होंने कहा, "ताज होटल समूह वहां होटल बना रहा है। उन्होंने पहले ही काम शुरू कर दिया है और मुझे यकीन है कि एक या दो साल में समूह पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करेगा।
- नोएडा (उप्र) ।. ‘पीएम युवा' योजना के लिए इस साल देशभर से चुने गए 30 साल से कम उम्र के 41 लेखकों में शामिल लेखक यशवर्धन शुक्ला इस बात से खुश हैं कि आखिरकार लोग लेखन में करियर की बेहतर संभावनाएं देख रहे हैं और अच्छे लेखन को महत्व दिया जाता है। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले 23 वर्षीय शुक्ला को शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा कार्यान्वित इस वर्ष की ‘पीएम युवा' योजना के लिए सैकड़ों आवेदकों में से चुना गया है। इस योजना के तहत युवा लेखकों को प्रोत्साहन दिया जाता है।शुक्ला की दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उन्हें ‘‘दो बीघा डेमोक्रेसी: ए स्टडी ऑफ डेमोक्रेसी इन हिंदी सिनेमा'' नामक उनके प्रस्ताव के लिए चुना गया, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास और 20 वीं सदी के आरंभ से ही भारतीय समाज के बदलाव में उनकी रुचि को दर्शाता है। एनबीटी ने कहा कि इस प्रस्ताव को अब ‘पीएम युवा मेंटरशिप' कार्यक्रम के तहत एक पूर्ण पुस्तक के रूप में विकसित किया जाएगा। यशवर्धन शुक्ला ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में अपने चयन से खुश हूं और मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर है। एक लेखक के रूप में मैंने अभी तक केवल फंतासी पर काम किया है। हालांकि, इस वर्ष प्रविष्टियां गैर-फंतासी के लिए होनी थीं, इसलिए यह मेरे लिए पहली बार था।'' शुक्ला ने बताया, ‘‘मेरी मां (एक स्कूल शिक्षिका) वास्तव में बहुत खुश हैं। आखिरकार उन्हें यह लगा कि करियर के रूप में लेखन में बहुत संभावनाएं हैं और अच्छे लेखन को महत्व दिया जाता है। यह देखकर मुझे खुशी होती है।''
- नयी दिल्ली। लाखों पाठकों और हजारों प्रकाशकों की भागीदारी के साथ भाषायी विविधता का जश्न मनाते हुए नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हो गया। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से बताया गया कि वर्ष 2025 में यह मेला एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। ‘नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया' के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे ने विश्व पुस्तक मेला-2024 के आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि अगले वर्ष विश्व के श्रेष्ठ पुस्तक मेला आयोजकों के एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा और अतिथि देश के साथ-साथ एक फोकस राज्य अथवा केंद्र-शासित प्रदेश के साहित्य का भी विशेष प्रदर्शन किया जाएगा।‘नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), इंडिया' के निदेशक युवराज मलिक ने मेले के अंतिम दिन कहा, ‘‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2024 भारतीय प्रकाशन उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सफल रहा। इस मेले में जहां एक ओर विश्व के सभी शीर्ष पुस्तक मेलों- फ्रेंकफर्ट (जर्मनी), बोलोनिया (इटली), अबूधाबी, लंदन, तुर्की, शारजाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया, वहीं आम जनता की भी भरपूर भागीदारी रही।'' उन्होंने यह भी बताया कि अगले विश्व पुस्तक मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं और इसे वर्ष 2025 में एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पुस्तक मेले के समापन पर एनबीटी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नौ दिवसीय नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में इस बार 700 से अधिक साहित्यिक और रचनात्मक कार्यक्रम हुए। नई दिल्ली राइट्स टेबल 2024 (एनडीआरटी) के 10वें संस्करण का आयोजन भी इस मेले के दौरान हुआ, जिसमें ‘बी2बी प्लेटफॉर्म' के जरिये प्रकाशकों को विचारों के आदान-प्रदान, कॉपीराइट पर विचार-विमर्श और अपनी प्रकाशन सामग्री के अधिकार को हस्तांतरित करने का अवसर दिया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, 10वें संस्करण की बैठक में अंग्रेजी, हिंदी सहित सभी भारतीय और विदेशी भाषाओं की पुस्तकों के 60 से अधिक प्रकाशक शामिल थे। ‘सीईओ स्पीक' में बहुभाषी परिदृश्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की ओर से एक तरफ जहां 'बुक्स फॉर ऑल' अभियान के तहत यूडीआईडी धारक दिव्यांग बच्चों को ब्रेल पुस्तकें वितरित करने की पहल दिखी, वहीं विभिन्न सरकारी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों की ओर से किए गए सामाजिक जागरूकता अभियान भी विश्व पुस्तक मेले का हिस्सा बने। मेले के आखिरी दिन साहित्यकार राम दरश मिश्र, पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार माधव कौशिक, लेखक अशोक वाजपेयी, लेखक ओम निश्चल, कवयित्री सविता सिंह, तुबिंगन विश्वविद्यालय, जर्मनी के प्राध्यापक दिव्यराज अमिय और उपन्यासकार प्रियंवद समेत सैकड़ों लेखकों और विचारकों ने मेले में शिरकत की। file photo

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