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नयी दिल्ली. विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने नीरज चोपड़ा को ‘उत्कृष्टता का उदाहरण' बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह एथलेटिक्स ही नहीं बल्कि समूचे खेल जगत में अद्वितीय उत्कृष्टता के परिचायक हैं। मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन चोपड़ा ने बुडापेस्ट में चल रही विश्व चैम्पियनशिप में कल देर रात पुरूषों की भालाफेंक स्पर्धा में 88.17 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वह ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण एक समय पर जीतने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा, प्रतिभाशाली नीरज चोपड़ा उत्कृष्टता का उदाहरण हैं । उनकी प्रतिबद्धता, जुनून और जज्बा उन्हें सिर्फ एथलेटिक्स में ही नहीं बल्कि समूचे खेल जगत में अद्वितीय उत्कृष्टता का परिचायक बनाता है । उन्होंने कहा, विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें बधाई।
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जयपुर. राजस्थान के करौली जिले के एक गांव में रविवार को भैंस चराने गये तीन लड़कों की एक तालाब में डूबने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना खरखरी गांव में उस वक्त हुई जब तीनों भैंस चराने के लिए तालाब के पास गए थे। टोडाभीम थाने के प्रभारी बृजेश मीणा के अनुसार, जब उनमें से एक पानी में फिसल गया, तो उसे बचाने के लिए शेष दोनों लड़के भी तालाब में कूद पड़े और अंततः वे सभी डूब गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान रिंकू बैरवा, योगेश बैरवा और मनोज बैरवा के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 15-16 साल के बीच है। थाना प्रभारी ने कहा कि किशोरों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिए गए।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में स्वर्गीय श्री एन.टी. रामाराव के शताब्दी वर्ष पर स्मारक सिक्का जारी किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि स्वर्गीय श्री एन. टी. रामाराव ने तेलुगु फिल्मों के माध्यम से भारतीय सिनेमा और संस्कृति को समृद्ध किया है। उन्होंने अपने अभिनय से रामायण और महाभारत के प्रमुख पात्रों को सजीव बना दिया। उनके द्वारा निभाई गई भगवान राम और भगवान कृष्ण की भूमिकाएं इतनी जीवंत हो गईं कि लोग एनटीआर की पूजा करने लगे। उन्होंने कहा कि एनटीआर ने अपने अभिनय के माध्यम से आम लोगों की पीड़ा को भी अभिव्यक्त किया। उन्होंने अपनी एक फिल्म 'मनुशुलंता ओक्कटे' अर्थात सभी मनुष्य समान हैं, के माध्यम से सामाजिक न्याय और समानता का संदेश फैलाया।राष्ट्रपति ने कहा कि एक लोक सेवक और एक जन नेता के रूप में एनटीआर की लोकप्रियता व्यापक थी। उन्होंने अपने असाधारण व्यक्तित्व और कड़ी मेहनत से भारतीय राजनीति में एक विशेष मुकाम हासिल किया। उन्होंने कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किये, जिन्हें आज भी याद किया जाता है।राष्ट्रपति ने एनटीआर पर स्मारक सिक्का लाने के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका अद्वितीय व्यक्तित्व हमेशा लोगों, खासकर तेलुगु भाषी लोगों के हृदय में अंकित रहेगा। - चाईबासा.सुरक्षा बलों ने रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के एक जंगली इलाके में प्रतिबंधित माओवादी के शिविर का भंडाफोड़ किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष शेखर ने कहा कि वनग्राम, उलीबेरा और गितिलिपि गांवों के पास जंगलों में माओवादी नेताओं की गतिविधियों के बारे में एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने शनिवार को पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिलों के सीमावर्ती इलाकों में एक अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान शिविर का भंडाफोड़ किया गया जहां से चावल, दाल, जूते और बैटरी सहित दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं बरामद की गईं। एसपी ने कहा कि यह अभियान शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद 11 जनवरी से सुरक्षाकर्मियों द्वारा शुरू किए गए व्यापक संयुक्त अभ्यास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मिसिर बेसरा के सिर पर एक करोड़ रूपये का इनाम है।
- नयी दिल्ली. भारत में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होटल उद्योग के लिए राहत लेकर आया है। भारतीय होटल संघ (एचएआई) के महासचिव एम पी बेजबरुआ ने कहा है कि देश में अब होटल कमरों की बुकिंग और किराया महामारी-पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन और महानगरों में पर्यटकों की आवाजाही होटल उद्योग के लिए राहत लेकर आई है। बेजबरुआ ने कहा कि मौजूदा मांग-आपूर्ति की स्थिति के कारण कमरों के किराये कभी-कभी महामारी-पूर्व से थोड़ा अधिक होते हैं। बेजबरुआ ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि इस समय न केवल जी20, बल्कि पर्यटकों और लोगों की ओर से भी बहुत बड़ी मांग है जो शहरों में यह सब देखने के लिए आ रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर कीमतें बाजार में मांग और आपूर्ति की स्थिति की वजह से बढ़ी हैं। उनसे पूछा गया था कि एचएआई को जी20 शिखर सम्मेलन के लिए कमरों की मांग और किराया दरों को लेकर अपने सदस्यों से क्या जानकारी मिली है। ऊंची मांग के कमरों के किराये और बुकिंग पर प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मूल रूप से मैं जो कह सकता हूं वह यह है कि मांग और किराया महामारी-पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है। वास्तव में कई बार किराया महामारी-पूर्व से अधिक भी रहता है। लेकिन यह मांग और आपूर्ति पर आधारित होता है।'' यह पूछे जाने पर कि कमरों का किराया कितना बढ़ा है, उन्होंने कहा कि इस उद्योग में प्रतिशत जैसा कुछ नहीं होता। कुछ होटल अपने द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए विशेष दरें लेते हैं। इसी तरह छोटे और मझोले होटल अपने हिसाब से किराया लेते हैं। जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि महानगरों में प्रमुख ब्रांडेड होटल सरकार के संपर्क में हैं और ठहरने की सभी व्यवस्थाएं सरकार के परामर्श से की गई हैं।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने पर एचएस प्रणय की सराहना करते हुए रविवार को यहां कहा कि वह बैडमिंटन पसंद करने वाले सभी लोगों के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं। प्रणय का विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में स्वप्निल सफर पुरुष एकल सेमीफाइनल में विश्व रैंकिंग के तीसरे स्थान के थाईलैंड के खिलाड़ी कुनलावुत वितिदसर्ण से तीन गेम में हारकर समाप्त हो गया था। जिससे उन्होंने कांस्य पदक से अपना अभियान खत्म किया। भारत ने इस तरह 2011 के बाद से विश्व चैम्पियनशिप में कम से कम एक पदक जीतने का रिकॉर्ड बरकरार रखा।मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रणय को टैग करते हुए लिखा, ‘‘ बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2023 में प्रणय ने क्या शानदार उपलब्धि हासिल की है! कांस्य पदक जीतने पर उन्हें बधाई।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उनके कौशल और कड़ी मेहनत पूरे टूर्नामेंट में चमक बिखेरी। वह सभी बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं।'' प्रणय (31 वर्ष) दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी के खिलाफ शुरुआती गेम की बढ़त गंवा बैठे। दूसरे गेम में वह 5-1 से बढ़त बनाये थे लेकिन तीन बार के पूर्व विश्व जूनियर चैम्पियन ने बेहतर ‘डिफेंस और अटैक' के बूते 18-21 21-13 21-14 से जीत हासिल कर लगातार दूसरे फाइनल में प्रवेश किया। इस हार के बावजूद प्रणय के लिए यह शानदार उपलब्धि रही क्योंकि वह विश्व चैम्पियनशिप का पदक जीतने वाले पांचवें भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गये। किदाम्बी श्रीकांत (रजत), लक्ष्य सेन (कांस्य), बी साई प्रणीत (कांस्य) और प्रकाश पादुकोण (कांस्य) पुरुष एकल में पदक जीत चुके हैं।
- जयपुर. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि युवा पीढ़ी की ‘‘प्रतिबद्धता, दिशात्मक दृष्टिकोण और समाज के प्रति सेवा भाव'' के परिणामस्वरूप भारत 2047 तक दुनिया में शीर्ष पर होगा। झुंझुनू जिले के सैनिक स्कूल में एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2047 में जब देश स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष मनाएगा तो वह दुनिया का नेतृत्व कर रहा होगा। धनखड़ ने कहा, ‘‘आप देश का भविष्य हैं, आप इस देश को आकार देंगे, लेकिन बच्चों आप भाग्यशाली हैं। आप भाग्यशाली हैं कि आप ऐसे समय में यहां हैं जब भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है, भारत का उत्थान अजेय है, जब हम 2047 में अपनी आजादी के सौ साल पूरे करेंगे तो हम दुनिया में पहले स्थान पर होंगे।'' उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘और यह संभव कैसे होगा? आप लोग इसे संभव बनाएंगे। आपकी प्रतिबद्धता, आपका दिशात्मक दृष्टिकोण, समाज के प्रति आपकी सेवा भारत को हमेशा गौरवान्वित करेगी।'' चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग का हवाला देते हुए धनखड़ ने कहा कि ‘‘इतिहास रचा गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग हुई। सफल लैंडिंग। इतिहास रचा गया! भारत यह गौरव हासिल करने वाले दुनिया के चार देशों में से एक बन गया, लेकिन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का सम्मान पाने वाला दुनिया का एकमात्र देश है।'' धनखड़ ने विद्यार्थियों से कहा कि वे असफलताओं से कभी न डरें।पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान चन्द्रयान-2 की विफलता का उदाहरण देते हुए धनखड़ ने कहा कि तब लैंडिंग सही नहीं थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन में 96 प्रतिशत सफलता के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘असफलता से कभी न डरें। असफलता का डर आपकी ताकत को काफी कम कर देता है। कभी भी तनाव मत लो... तुम बहुत बेहतर प्रदर्शन कर पाओगे। सैनिक स्कूल में, मैं हमेशा कक्षा में अव्वल रहता था, लेकिन मुझे हमेशा डर लगा रहता था कि अगर मैं प्रथम नहीं आ सका तो क्या होगा? मैं स्कूल से टॉपर बनकर निकला।'' उन्होंने कहा, ‘‘बाद में, मुझे एहसास हुआ कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप शीर्ष पर हैं या दूसरे स्थान पर हैं। इसलिए अपने व्यक्तित्व को अच्छे से विकसित करें।” उपराष्ट्रपति ने सात बैच में सभी छात्रों को संसद के कामकाज की झलक देखने के लिए अपने अतिथि के रूप में दिल्ली आमंत्रित किया। उपराष्ट्रपति ने अपनी पत्नी सुदेश धनखड़ के साथ दिन में लोहार्गल में श्री सूर्य मंदिर और झुंझुनू में रानी शक्ति मंदिर में पूजा-अर्चना की। उपराष्ट्रपति ने बाद में यहां राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से आयुर्वेद जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यद्यपि एलोपैथिक दवाएं त्वरित लाभ देती हैं, लेकिन उनके कुछ दुष्प्रभाव भी होते हैं।उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान आयुर्वेद के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आयुर्वेद की दवाएं बहुत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि योग विश्व को भारत का अद्वितीय उपहार है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले नौ साल के कार्यकाल में रोजगार बढ़े हैं और इस दौरान देश के युवाओं को नौ लाख नौकरियां दी गईं। उन्होंने यहां रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी गई हैं।सिंह ने मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘न केवल नौकरियां पैदा हुई हैं, बल्कि आपने (प्रधानमंत्री) युवाओं में जागरूकता पैदा की है कि रोजगार केवल सरकारी नौकरियों के बारे में नहीं है।’’उन्होंने कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) और भाजपा के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन के दौरान हुए रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कई बार सवाल उठते हैं कि तब और अब में क्या अंतर है।’’सिंह ने कहा कि संप्रग के पहले नौ साल यानी 2004 से 2013 के दौरान छह लाख नौकरियां दी गईं जबकि वर्तमान सरकार के तहत नौ लाख नौकरियां दी गई हैं जो 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि है।उन्होंने संप्रग और राजग शासन के दौरान भारत सरकार की तीन मुख्य भर्ती एजेंसियों – कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा की गई भर्तियों की तुलना की।उन्होंने कहा कि एसएससी ने संप्रग के नौ साल के शासन के दौरान दो लाख लोगों की भर्ती की थी जबकि राजग के शासनकाल में उसने चार लाख से अधिक लोगों की भर्ती की।सिंह ने कहा कि इसी तरह, आरआरबी द्वारा संप्रग के शासन के दौरान 3,47,291 भर्तियों के मुकाबले, राजग के शासन में 4.2 लाख से अधिक भर्तियां की गईं। सिंह ने कहा कि यूपीएससी ने संप्रग के कार्यकाल में 45,431 युवाओं की भर्ती की जबकि वर्तमान सरकार के नौ साल के कार्यकाल में 50,906 युवाओं की भर्ती की गई।सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर पदोन्नति भी दी गई है।उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) अधिकारियों के लिए संप्रग शासन के नौ वर्षों में संयुक्त सचिव स्तर पर 40 पदोन्नतियां दी गईं जबकि, आपके (मोदी के) नेतृत्व में इस तरह की 107 पदोन्नतियां दी गई हैं।’’केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसी तरह निदेशक स्तर पर संप्रग शासन के दौरान 349 पदोन्नतियों की तुलना में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 791 पदोन्नतियां दी गई हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी पदोन्नतियों ने रोजगार सृजन की संभावनाओं को और खोल दिया है। यह भ्रष्टाचार के प्रति सरकार के ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ (जीरो टॉलरेंस) के निरंतर दृष्टिकोण के कारण संभव हुआ है, जिसने सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।’’
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के कारण हुए डिजिटल बदलाव से पिछले नौ वर्षों में देश में वित्तीय समावेशन में आमूल परिवर्तन देखने को मिला है। वित्तीय समावेशन के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना के नौ वर्ष पूरे होने पर श्रीमती सीतारामन ने कहा कि पचास करोड़ से अधिक लोगों को जनधन खाते खोलकर औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाया गया है।
इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 28 अगस्त 2014 में किया गया था। इन नौ वर्षों के दौरान इस योजना में नए बैंक खातों को खोलने में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार इस योजना के शुभारंभ के बाद पचास करोड़ से अधिक नए बैंक खाते खोले गए हैं। लगभग 56 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं। लगभग 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत खातों में कुल जमा धनराशि दो लाख तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक है। इसका कहना है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना खाताधारकों को 33 करोड़ से अधिक रूपे कार्ड जारी किए गए हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि लगभग छह करोड़ 26 लाख खाताधारकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सरकार से प्रत्यक्ष लाभ अंतरित किए गए हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 51 हजार से अधिक नव नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह रोज़गार मेले का आठवां संस्करण था, जो देश भर में 45 विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया। इस रोजगार मेले के माध्यम से गृह मंत्रालय ने विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस में कर्मियों की भर्तियां की।
नव नियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं के लिए नए रास्ते खोलने के लिए अर्धसैनिक बलों की भर्ती प्रक्रिया में कई बडे बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जो इस दशक में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी। श्री मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल, फार्मा सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और आने वाले दिनों में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फूड से लेकर फार्मा, अंतरिक्ष से लेकर स्टार्टअप तक, किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए सभी क्षेत्रों का प्रगति करना आवश्यक है।श्री मोदी ने कहा कि भारत का खाद्य प्रसंस्करण बाजार पिछले साल 26 लाख करोड़ रुपये का था जो अगले 3 साल में यह क्षेत्र 35 लाख करोड़ रुपये का हो जायेगा। प्रधान मंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र 2030 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा और यह 13-14 करोड़ नई नौकरियों का सृजन करेगा। श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार वोकल फॉर लोकल मंत्र के साथ मेड-इन-इंडिया लैपटॉप, कंप्यूटर की खरीद पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे विनिर्माण और नौकरियों को बढ़ावा मिलेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के निर्यात में व्यापक रूप से वृद्धि हुई है, जो यह दर्शाता है कि देश का औद्योगिक क्षेत्र पिछले नौ वर्षों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि नौ साल पहले शुरू की गई जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय लाभ के अलावा, इस योजना ने विशेष रूप से पूरे भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री मोदी ने कहा कि लगभग 21 लाख बैंक मित्र लोगों के घर-घर जाकर बैंक खाते खोलने और अन्य वित्तीय सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।नव नियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद वे इस अमृत काल में भारत के लोगों के 'अमृत रक्षक' बन जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार रोजगार मेला ऐसे समय में आयोजित किया जा रहा है, जब देश गौरव और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 और उसका रोवर प्रज्ञान चंद्रमा से लगातार ऐतिहासिक तस्वीरें भेज रहा है। यह रोजगार मेला प्रधानमंत्री की रोजगार सृजन की प्रतिबद्धता को प्राथमिकता देने की दिशा में एक कदम है। इससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी तथा उनको सशक्तिकरण का अवसर मिलने की संभावना है। -
मुंबई. मुंबई के सांताक्रूज इलाके में रविवार दोपहर एक होटल में आग लग जाने से तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि दो अन्य को अस्पताल में भर्ती किया गया है। एक नगर निगम अधिकारी ने यह जानकारी दी। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि दोपहर एक बजकर 10 मिनट पर प्रभात कॉलोनी स्थित चार मंजिला गैलेक्सी होटल की तीसरी मंजिल पर आग लगी जिससे कुछ कमरों तथा सीढी, लॉबी जैसी जगहों पर बिजली के तार, अन्य उपकरण, एसी, पर्दे, गद्दे, लकड़ी के फर्नीचर आदि जल गये। उन्होंने कहा, ‘‘रूपल कांजी (25), किशन (28) और कांतिलाल गोरधन वारा (48) को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अल्फा वखारिया (19) और मंजूला वखारिया (49) जख्मी हैं और उनका इलाज चल रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कमरा नंबर 103 और 203 में आग से बिजली के तार, फर्नीचर, वातानुकूलित प्रणाली और गद्दे जल गये तथा सीढ़ी एवं लॉबी में भी लॉड्री के कपड़े, कंबल एवं पहले से तीसरे तल के मार्ग में तार जलकर नष्ट हो गये।'' अधिकारी ने कहा कि यह प्रथम स्तर की आग थी जिसे तीन बजकर 20 मिनट पर बुझाया गया। उन्होंने बताया कि आग बुझाने में चार दमकल गाड़ियां, इतने ही पानी के टैंकर और अन्य सहायता ली गयी।
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नयी दिल्ली. सरकार ने ‘पीएम विश्वकर्मा' योजना को लागू करने के लिए सोमवार को राज्यों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस योजना का मकसद पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की मदद करना है और इसकी कुल राशि 13,000 करोड़ रुपये है। यह योजना 17 सितंबर को पेश होगी और इसे तीन मंत्रालयों - एमएसएमई, कौशल विकास और वित्त मंत्रालय द्वारा लागू किया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में तीन लाख से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, ‘‘कौशल मंत्रालय ने 28 अगस्त को एक बैठक बुलाई है। इसमें राज्यों के प्रमुख सचिवों, बैंकों के प्रबंध निदेशकों और एसएलबीसी प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करने के मसौदे और योजना के लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।'' योजना के तहत कुशल कामगारों को उनका कौशल बढ़ाने के लिए 4-5 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे कर्ज लेने के पात्र होंगे। अधिकारी ने कहा, चालू वित्त वर्ष में हमने तीन लाख लाभार्थियों को कर्ज देने का लक्ष्य रखा है।'' योजना के तहत विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।
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शिलांग. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेघालय में 1700 से अधिक गुफाओं की खोज करने को लेकर वहां के निवासी के ब्रियान डी खरप्राण और उनकी टीम की रविवार को तारीफ की। मोदी ने लोगों से मेघालय की गुफाओं की यात्रा करने की भी अपील की जिनमें से कुछ देश की सबसे लंबी और गहरी गुफाओं में शामिल हैं। अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, 1964 में स्कूली बच्चे के तौर पर उन्होंने (ब्रियान ने) अपनी पहली खोज की। 1990 में उन्होंने अपने मित्र के साथ मिलकर एक एसोसिएशन स्थापित की तथा उसके माध्यम से मेघालय की अज्ञात गुफाओं को खोजना शुरू किया।'' मोदी ने कहा, खरप्राण ने अपनी टीम के साथ मिलकर मेघालय में 1700 से अधिक गुफाओं की खोज की और राज्य को विश्व गुफा मानचित्र पर स्थान दिलाया। भारत की कुछ सबसे लंबी और गहरी गुफाएं मेघालय में हैं।'' खरप्राण की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से मेघालय की इन गुफाओं की यात्रा की योजना बनाने की अपील की। मेघालय एडवेंचर्स एसोसिएशन के संस्थापक सचिव खरप्राण अब तक राज्य में 537.6 किलोमीटर गुफा क्षेत्रों का पता लगा चुके हैं।
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नयी दिल्ली/श्रीनगर. मौजूदा विश्व सुंदरी कैरोलिना बिलावस्का एक कार्यक्रम के लिए सोमवार को कश्मीर की एक दिवसीय यात्रा पर आएंगी। महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली मुंबई की एक संस्था की अध्यक्ष रुबल नेगी के अनुसार, बिलावस्का, मिस वर्ल्ड इंडिया सिनी शेट्टी और मिस वर्ल्ड कैरेबियन एमी पेना सहित अन्य विजेताओं के साथ यहां आएंगी। नेगी ने कहा, अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यह यहीं है...। और यह कैसे संभव है कि मिस वर्ल्ड यहां आने चूक जाएं।'' नेगी, रुबल नेगी आर्ट फाउंडेशन एंड स्टूडियो सक्षम की प्रमुख हैं। यह आयोजन भारत में पीएमई मनोरंजन के अध्यक्ष जमील सईदी और जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। बिलावस्का की जम्मू-कश्मीर यात्रा इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाली मिस वर्ल्ड 2023 प्रतिस्पर्धा के 71वें संस्करण से पहले हो रही है। भारत ने छह बार यह प्रतिष्ठित ताज अपने नाम किया है। भारत लगभग तीन दशकों के बाद इस प्रतिस्पर्धा की मेजबानी करने जा रहा है। इसने पिछली बार 1996 में इस कार्यक्रम की मेजबानी की थी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन में पर्यटन सचिव सैयद आबिद रशीद शाह ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि कार्यक्रम से पहले मिस वर्ल्ड प्रतिस्पर्धा की विजेता का यह दौरा उस क्षेत्र में हो रहा है, जहां कुछ महीने पहले जी20 पर्यटन कार्यकारी समूह की बैठक हुई थी। शाह ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र में आयोजित जी20 कार्यक्रम से एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व रखने वाले प्रमुख कार्यक्रम का आयोजन यहां किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा कि इस साल के रुझानों को देखते हुए हम रिकॉर्ड संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। दिन भर की अपनी यात्रा के दौरान, मिस वर्ल्ड और मिस वर्ल्ड अमेरिका श्री सैनी, मिस वर्ल्ड इंग्लैंड जेसिका गागेन, और मिस एशिया प्रीसिलिया कार्ला एस युल्स डल झील में नौका विहार भी करेंगी। वे प्रेस से मिलेंगी और बाद में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करेंगी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योग जगत से उपभोक्ता अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने साल में एक दिन ‘अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता सेवा' दिवस के रूप में मनाने का सुझाव देते हुए कहा है कि उद्योग जगत को उपभोक्ता अधिकारों का जश्न मनाने के बजाय उपभोक्ता केंद्रित बनने पर ध्यान देना चाहिए। मोदी ने रविवार को यहां बी20 (बिजनेस20) भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में त्योहारों का मौसम चंद्रयान-3 के चांद पर पहुंचने के साथ 23 अगस्त को ही शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने टीकों का उत्पादन बढ़ाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान करीब 13.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमने अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनने का न्योता दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम हरित हाइड्रोजन में सौर ऊर्जा की सफलता को दोहराने का प्रयास कर रहे हैं। बी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन 25 से 27 अगस्त तक किया गया है। इस शिखर सम्मेलन का विषय आर.ए.आई.एस.ई. - जिम्मेदार, त्वरित, अभिनव, दीर्घकालीन और न्यायसंगत कारोबार है। इसमें लगभग 55 देशों के 1,500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन में संपन्न ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स' के विजेता खिलाड़ियों की सफलता को रेखांकित हुए रविवार को कहा कि हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो जैसे धरती से जुड़े हुए खेलों में भारत को कभी पीछे नहीं रहना चाहिए। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 104वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलकूद को लेकर देश के युवाओं और परिवारों में पहले जो धारणा थी वह अब बदली है और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता उन्हें प्रेरित कर रही है। ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स' में इस साल देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण सहित 26 पदक जीतकर इन खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। मोदी ने कहा कि 1959 से लेकर अब तक जितने भी ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स' हुए हैं, उनमें जीते सभी पदकों को जोड़ दें तो भी यह संख्या 18 तक ही पहुंचती है। उन्होंने कहा, ‘‘इतने दशकों में सिर्फ 18, जबकि इस बार हमारे खिलाड़ियों ने 26 पदक जीत लिए। प्रधानमंत्री ने इन खेलों के पदक विजेताओं में से कुछ के साथ बातचीत की और उन्हें सफलता पर बधाई दी।
इस संवाद के दौरान असम के एथलीट अमलान ने प्रधानमंत्री से पूछा कि उन्हें कौन सा खेल सबसे अच्छा लगता है। इसके जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘खेल की दुनिया में भारत को बहुत खिलना चाहिए और इसलिए मैं इन चीजों को बहुत बढ़ावा दे रहा हूं। लेकिन हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो ये हमारी धरती से जुड़े हुए खेल हैं। इनमें तो हमें, कभी, पीछे नहीं रहना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि इनके अलावा तीरंदाजी और निशानेबाजी में देश के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं देख रहा हूं कि हमारे युवाओं में और यहां तक कि परिवारों में भी खेल के प्रति पहले जो भाव था, वह अब नहीं है। पहले तो बच्चा खेलने जाता था तो रोकते थे और अब बहुत बड़ा वक्त बदला है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता युवाओं और परिवारों को प्रेरित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हर खेल में जहां भी हमारे बच्चे जा रहे हैं, कुछ न कुछ देश के लिए करके आते हैं। और ये ख़बरें आज देश में प्रमुखता से दिखाई भी जाती हैं, बताई जाती हैं और स्कूल व कॉलेजों में भी चर्चा में रहती हैं।'' तीरंदाजी में पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की प्रगति से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित किया है। इस पर प्रगति ने कहा कि वह स्वयं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। उत्तर प्रदेश की पैदल चाल खिलाड़ी प्रियंका ने खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की और कहा कि पहले ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स' जैसी स्पर्धाओं की देश में इतनी पूछ नहीं थी लेकिन अब इसे समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इतने पदक जीते हैं तो काफी अच्छा लग रहा है कि ओलंपिक की तरह, इसको भी इतना बढ़ावा मिल रहा है।'' इस संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष की कहानियां बताईं और अनुभव भी प्रधानमंत्री से साझा किए। -
बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रमा की सतह पर तापमान भिन्नता का एक ग्राफ रविवार को जारी किया और अंतरिक्ष एजेंसी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने चंद्रमा पर दर्ज किए गए उच्च तापमान को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, ‘चंद्र सर्फेस थर्मो फिजिकल एक्सपेरिमेंट' (चेस्ट) ने चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने के लिए, दक्षिणी ध्रुव के आसपास चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी का ‘तापमान प्रालेख' मापा। इसरो ने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यहां विक्रम लैंडर पर चेस्ट पेलोड के पहले अवलोकन हैं। चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने के लिए, चेस्ट ने ध्रुव के चारों ओर चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी के तापमान प्रालेख को मापा।'' ग्राफिक चित्रण के बारे में इसरो वैज्ञानिक बी. एच. एम. दारुकेशा ने कहा, ‘‘हम सभी मानते थे कि सतह पर तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेड से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास हो सकता है, लेकिन यह 70 डिग्री सेंटीग्रेड है। यह आश्चर्यजनक रूप से हमारी अपेक्षा से अधिक है।'' अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि पेलोड में तापमान को मापने का एक यंत्र लगा है जो सतह के नीचे 10 सेंटीमीटर की गहराई तक पहुंचने में सक्षम है। इसरो ने एक बयान में कहा, ‘‘इसमें 10 तापमान सेंसर लगे हैं। प्रस्तुत ग्राफ विभिन्न गहराइयों पर चंद्र सतह/करीबी-सतह की तापमान भिन्नता को दर्शाता है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के लिए ये पहले ऐसे प्रालेख हैं। विस्तृत अवलोकन जारी है।'' वैज्ञानिक दारुकेशा ने कहा, ‘‘जब हम पृथ्वी के अंदर दो से तीन सेंटीमीटर जाते हैं, तो हमें मुश्किल से दो से तीन डिग्री सेंटीग्रेड भिन्नता दिखाई देती है, जबकि वहां (चंद्रमा) यह लगभग 50 डिग्री सेंटीग्रेड भिन्नता है। यह दिलचस्प बात है।'' वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि चंद्रमा की सतह से नीचे तापमान शून्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर जाता है। उन्होंने कहा कि भिन्नता 70 डिग्री सेल्सियस से शून्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे तक है। इसरो ने कहा कि ‘चेस्ट' पेलोड को भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल), अहमदाबाद के सहयोग से इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) की अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला (एसपीएल) के नेतृत्व वाली एक टीम द्वारा विकसित किया गया था। अंतरिक्ष अभियान में बड़ी छलांग लगाते हुए 23 अगस्त को भारत का चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3' चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा, जिससे देश चांद के इस क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला तथा चंद्र सतह पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की थी कि चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का नाम ‘शिवशक्ति' प्वाइंट रखा जाएगा और 23 अगस्त का दिन 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। मोदी ने कहा था कि चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने 2019 में अपने पदचिह्न छोड़े थे, उसे ‘तिरंगा' प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मिशन चन्द्रयान नए भारत की ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है और यह भी जानता है कि यह जीत कैसे प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि आज देश के स्वप्न बहुत बडे हैं और प्रयास भी बड़े हैं। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने चन्द्रयान-3 के सफल मिशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस महीने की 23 तारीख को भारत ने साबित कर दिया है कि संकल्प के सूर्य, चांद पर भी उदित होते हैं।
महिला नीत विकास पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां महिलाओं की क्षमता और शक्ति जुड़ती है असंभव भी संभव बन सकता है। श्री मोदी ने कहा कि मिशन चन्द्रयान भी महिला शक्ति का जीवंत उदाहरण है, क्योंकि अनेक महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर भी सीधे इस मिशन से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब देश की बेटियां इतनी महत्वकांक्षी हों तो उस देश को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने चन्द्रयान-3 की सफलता में अन्य क्षेत्रों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि इस मिशन की सफलता में अनेक देशवासियों का योगदान रहा है। उन्होंने कामना की कि देश का अंतरिक्ष क्षेत्र सामूहिक प्रयासों से भविष्य में असंख्य सफलताएं प्राप्त करे।अगले महीने की 9 और 10 तारीख को नई दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शिखर सम्मेलन के लिए पूरी तरह तैयार है। चालीस देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अनेक वैश्विक संगठन इस आयोजन में भाग लेंगे, जो जी-20 के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता में जी-20 को अधिक समावेशी बनाया है। अब अफ्रीकी संघ भी इस मंच से जुड गया है और अफ्रीका के लोगों की आवाज पूरे विश्व तक पहुंच रही है। जी-20 के आयोजनों की सफलता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता और इसके ऊर्जावान लोकतंत्र को देखकर सम्मेलन के प्रतिभागी बहुत ही प्रभावित हुए हैं।भारत की जी-20 अध्यक्षता को जन-अध्यक्षता बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि जनता की भागीदारी शिखर सम्मेलन में सबसे अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ पचास लाख से भी अधिक लोग देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों से जुडे हैं। उन्होंने वाराणसी में जी-20 क्विज और सूरत में साड़ी वॉकेथॉन की सफलता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर में आयोजित जी-20 बैठक के बाद वहां पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर जी-20 शिखर सम्मेलन को सफल बनाने का आग्रह किया।भारत की युवा पीढी की अपार क्षमता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने खेलों में युवाओं की सफलता की बात की। चीन में सम्पन्न विश्व विश्वविद्यालय खेलों के दौरान भारतीय खिलाडियों की सफलता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे खिलाडियों ने 11 स्वर्ण सहित 26 पदक जीतकर इन खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।प्रधानमंत्री ने इन खेलों के पदक विजेताओं में से कुछ के साथ फोन पर बातचीत की और उन्हें सफलता पर बधाई दी। तीरंदाजी में पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की प्रगति से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने देश को गौरवान्वित किया है। इस पर प्रगति ने कहा कि वे स्वयं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने असम में रहने वाले अम्लान से भी बातचीत की जिन्होंने एथलेटिक्स में अपनी गहरी रूचि का उल्लेख किया।मन की बात कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान को, हर मन तिरंगा अभियान बनाने में देशवासियों के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान अनेक रिकॉर्ड स्थापित हुए। इस बार देशवासियों ने तिरंगे के साथ सेल्फी पोस्ट करने में भी नया रिकॉर्ड बनाया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मेरी माटी, मेरा देश अभियान की भी बात की। उन्होंने कहा कि अगले महीने देश के प्रत्येक गांव में, प्रत्येक घर से मिट्टी एकत्रित करने का अभियान चलेगा और देश की पवित्र माटी हजारों अमृत कलशों में एकत्रित की जाएगी। इस मिट्टी से दिल्ली में अमृत वाटिका का निर्माण होगा।प्रधानमंत्री ने विश्व संस्कृत दिवस पर भी शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने कहा कि इस बार उन्हें कई पत्र संस्कृत भाषा में मिले हैं और इसका कारण है कि सावन महीने की पूर्णिमा को विश्व में संस्कृत दिवस मनाया जा रहा है। संस्कृत को अनेक आधुनिक भाषाओं की जननी बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि हजारों वर्षों से भारत का प्राचीनतम ज्ञान इस भाषा में संरक्षित है और लोग अब अधिक रूचि से संस्कृत सीख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस महीने की 29 तारीख को मनाये जाने वाले तेलुगु दिवस की भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनेक अमूल्य रत्न तेलुगु भाषा और साहित्य में निहित हैं।मन की बात में प्रधानमंत्री ने लोगों के जीवन में पर्यटन के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्थलों को साक्षात देखने, समझने और कुछ पल के लिए इनके सौन्दर्य और महत्व को जीने का अवसर एक अलग और अनूठा अनुभव देता है। श्री मोदी ने बंगलुरू के धनपाल का उल्लेख किया, जो पर्यटकों को शहर के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक ले जाया करते थे। श्री मोदी ने मेघालय निवासी ब्रायन डी. खारप्रन का भी जिक्र किया, जिनकी गुफाओं के अध्ययन में गहरी रूचि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री खारप्रन ने अपने टीम के साथ मेघालय में 17 सौ से अधिक गुफाओं का पता लगाया है और राज्य को विश्व गुफा मानचित्र में पहुंचा दिया है।देश में डेयरी क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र ने माताओं और बहनों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश की अनेक डेयरी सामूहिक प्रयासों से आधुनिक सोच के साथ विकसित हो रही हैं। उन्होंने गुजरात की बनास डेयरी, वाराणसी दुग्ध संघ, केरल की मालाबार दुग्ध संघ डेयरी का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में कोटा के डेयरी फार्म मालिक अमनप्रीत सिंह के प्रयासों की भी चर्चा की।प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर वोकल फॉर लोकल का मंत्र अपनाने पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान देशवासियों का अपना अभियान है। उन्होंने लोगों से पावन स्थलों और अपने आस-पास स्वच्छता और सफाई रखने का भी आग्रह किया। -
नयी दिल्ली. सरकार ने उसना चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। इस कदम का मकसद पर्याप्त स्थानीय स्टॉक बनाए रखना और घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखना है। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि 25 अगस्त को लगाया गया निर्यात शुल्क 16 अक्टूबर, 2023 तक प्रभावी रहेगा। सीमा शुल्क बंदरगाहों में पड़े ऐसे उसना चावल पर शुल्क छूट उपलब्ध होगी, जिन्हें एलईओ (लेट एक्सपोर्ट ऑर्डर) नहीं दिया गया है और जो 25 अगस्त, 2023 से पहले वैध एलसी (लेटर ऑफ क्रेडिट) से समर्थित हैं। इन प्रतिबंधों के साथ भारत ने अब गैर-बासमती चावल की सभी किस्मों पर निर्यात प्रतिबंध लगा दिया है। देश से निर्यात होने वाले कुल चावल में गैर-बासमती सफेद चावल की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है।
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कौशांबी (उत्तर प्रदेश). जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में नाराज परिजनों ने झूठी शान की खातिर 17 साल की किशोरी की शनिवार को कुल्हाड़ी से काटकर कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। उन्होंने घटना के संबंध में बताया कि घटना जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर टिकरी गांव की है, जहां की प्रीति पटेल (17) गांव के ही एक युवक से मोबाइल पर बात करती थी। उसने बताया कि परिजनों के मना करने पर भी बात करने का सिलसिला बंद नहीं हुआ तो शनिवार को आक्रोशित होकर प्रीति के पिता आरोपी मनराखन सिंह व दो भाइयों आरोपी राधेश्याम सिंह तथा आरोपी घनश्याम सिंह ने कुल्हाड़ी से काटकर किशोरी की कथित तौर पर हत्या कर दी। घटना की सूचना पाकर सराय अकिल के थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। जिलाधिकारी सुजीत कुमार व पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के आरोपी पिता व दो भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने हत्या का अपराध स्वीकार किया है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र की एनडीए सरकार ने किसानों का जीवन बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं और कई योजनाएं भी शुरू की हैं। श्री शाह शनिवार को गंगापुर सिटी में सहकार किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले किसानों के लिए 22 हजार करोड़ का बजट था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे छह गुणा बढ़ाकर एक लाख 25 हजार करोड़ कर दिया है। किसानों को सात लाख करोड़ का कर्ज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि फसलों का समर्थन मूल्य लगातार बढाया जा रहा है। अनाजों की खरीद भी ज्यादा की जा रही है। प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी (पैक्स) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार 20 से ज्यादा योजनाएं लायी है। देश के किसानों की मांग को मोदी सरकार ने पूरा किया है। किसानों के लिए अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया गया है।चंद्रयान 3 की सफलता पर श्री शाह ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इस उपलब्धि से पूरे देश में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है । बिजली कटौती पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को बिजली नहीं मिल रही। बिजली खरीद में भी धांधली हो रही है।इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने कहा कि सहकारी आंदोलन से किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इससे किसानों को बिना ब्याज के ऋण मिल रहा है और उनकी आर्थिक तरक्की का रास्ता प्रशस्त हुआ है। श्री बिडला ने गांव-गांव में सहकारिता आंदोलन को बढावा देने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि यह समय की मांग है और इससे सभी किसानों को जुड़ना चाहिए। -
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा है कि आदित्य एल-1 उपग्रह तैयार है और श्रीहरिकोटा पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इसका प्रक्षेपण सितम्बर महीने के पहले सप्ताह में होने की आशा है। तय तिथि की घोषणा दो दिन में कर दी जाएगी। कल तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख ने कहा कि आदित्य एल-1 सूर्य के अध्ययन के लिए पहली अंतरिक्ष आधारित भारतीय वेधशाला है। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न ग्रहों पर अन्य मिशन भेजने में सक्षम है और इसरो का उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र के विस्तार से देश की समग्र प्रगति सुनिश्चित करना है। श्री सोमनाथ ने कहा कि देश के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि दीर्घावधि की है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसे साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। चन्द्रयान-3 मिशन की सफलता से उत्साहित सोमनाथ ने कहा कि वे और उनके सहयोगी इसरो की इस महान उपलब्धि पर गौरवान्वित हैं। उन्होंने भविष्य के प्रयासों के लिए भी लोगों से समर्थन बनाए रखने का अनुरोध किया। चन्द्र मिशन की ऐतिहासिक सफलता के बाद श्री सोमनाथ कल रात पहली बार तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे।
- फूलबनी (ओडिशा)। ओडिशा के कंधमाल जिले के बालीगुडा में 127 सीआरपीएफ बटालियन में तैनात एक सिपाही ने कथित तौर पर अपने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। बालीगुडा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक बाबा शंकर सराफ के मुताबिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के मृतक सिपाही की पहचान रमेश सी.एल (48) के रूप में की गई है। रमेश पिछले कुछ महीनों से बैरक में रह रहा था। वह केरल के कटाकडा गांव का रहने वाला था।पुलिस अधिकारी ने बताया कि रमेश का शव स्नान कक्ष में लटका पाया गया। पुलिस ने बताया कि उसके सहकर्मी उसे स्थानीय उपमंडलीय अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके पैतृक गांव भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। प्रभारी निरीक्षक बाबा शंकर सराफ के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि वह कुछ समय से मानसिक अवसाद से ग्रस्त था।(सांकेतिक फोटो)
- नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2013-14 से 2017-18 के बीच लगभग 14.2 लाख सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं बढ़ी हैं। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। लघु सिंचाई (एमआई) योजनाओं की छठी गणना के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर भूजल और सतही जल, दोनों योजनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार 2.31 करोड़ एमआई योजनाओं में 2.19 करोड़ (94.8 प्रतिशत) भूजल योजनाएं हैं, जबकि 12.1 लाख (5.2 प्रतिशत) को सतही जल योजनाओं के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह सिंचाई आवश्यकताओं के लिए भूजल संसाधनों पर पर्याप्त निर्भरता को दर्शाता है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण छठी गणना को जारी करने में देरी हुई और सातवीं गणना पर काम शुरू किया जा चुका है। आंकड़ों से पता चला कि एमआई योजनाओं में सबसे बड़ी हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है, जिसके बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु हैं। नवीनतम गणना के अनुसार इन लघु सिंचाई योजनाओं में लगभग 14.2 लाख की वृद्धि हुई है। पांचवीं गणना में 2.17 करोड़ की तुलना में छठी जनगणना में कुल 2.31 करोड़ योजनाएं दर्ज की गईं। भूजल योजनाओं में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों का दबदबा है, जबकि सतही जल योजनाओं में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
- भोपाल। केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आठ साल में जो कर दिखाया है वह उसने पहले 60 साल में नहीं हो सका। वह चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग और केन्द्र की विभिन्न योजनाओं के संदर्भ में बोल रहे थे। ठाकुर ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश को तुष्टीकरण और वंशवाद की राजनीति ने घेर रखा था लेकिन प्रधानमंत्री ने तुष्टिकरण और वंशवाद से बाहर निकालकर देश को विकासवाद से जोड़ा है। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण, खेल एवं युवा मामले के मंत्री ठाकुर ने और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल के जून 2020 से मई 2021 और जून 2021 से मई 2022 तक की अवधि में उनके द्वारा दिए गए भाषणों और संबोधनों में से संकलित कर दो खंडों में रचित पुस्तकों ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' लोकार्पण किया। इन पुस्तकों का प्रकाशन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा किया गया है।ठाकुर ने कहा, ‘‘हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यान उतारने वाले दुनिया के पहले देश हैं। यह हमारे लिए गौरव का पल है। जो 60 साल में नहीं हुआ वह मोदी जी ने सिर्फ आठ साल में कर दिखाया।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 75 साल में देश की लंबी यात्रा को देखें तो तुष्टीकरण और वंशवाद की राजनीति ने घेर रखा था, लेकिन तुष्टीकरण और वंशवाद से बाहर निकालकर देश को विकासवाद की ओर किसी ने जोड़ा है तो प्रधानमंत्री मोदी ने।'' उन्होंने कहा कि चार करोड़ गरीबों को पक्के मकान बनाकर दे दिए और 12 करोड़ बहनों और परिवारों को शौचालय बनाकर दे दिए। हर गांव तक बिजली पहुंचा दी है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘80 करोड़ गरीबों को कोविड महामारी के दौरान ढाई साल तक डबल राशन मिला। 12 करोड़ घरों को नल से जल देने का काम मात्र तीन साल में कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले नौ साल में आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये का मुफ्त इलाज देने का काम मोदी जी ने किया है।” उन्होंने यूपीआई और भीम ऐप जैसे ऐप का जिक्र करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान की दुनिया में अब सर्वाधिक लेन-देन 46 प्रतिशत भारत में होते हैं। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में 45 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं और अब हितग्राहियों को राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचती है। युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए ठाकुर ने कहा, ‘‘भारत का युवा अब रोजगार देने वाला बन गया है। दुनिया की तुलना में सर्वाधिक एक लाख से अधिक स्टार्टअप भारत में हैं। इनमें से 107 यूनिकार्न बन गए हैं।'' उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे सस्ता डेटा अब भारत में मिलने के साथ ही देश ने अपनी 5जी तकनीक बना ली है और भविष्य में 6जी तकनीक बनाने वाला है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।केन्द्रीय मंत्री ठाकुर ने मध्य प्रदेश द्वारा की गई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि पहले इसे 'बीमारू' (पिछड़ा) राज्य कहा जाता था, लेकिन ‘‘(भाजपा) सरकार के गठन'' के बाद, यह देश के अग्रणी और प्रगतिशील राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा, ''हमने अपनी मातृभाषा में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है और केवल मध्य प्रदेश में ही मेडिकल की पढ़ाई का पाठ्यक्रम हिंदी में तैयार किया गया है।'' इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संपूर्ण विश्व इस बात पर एकमत है कि ‘‘यह भारत का दौर है। समस्या कोई भी हो, सारा विश्व समाधान के लिए भारत की ओर देखने लगा है। यह प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता से संभव हुआ है।



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