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जाजपुर. ओडिशा के जाजपुर जिले में आठ मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की 123 फुट ऊंची मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मूर्ति बरहा क्षेत्र विकास परियोजना के तहत बैतरणी नदी के तट पर बरहानाथ मंदिर के पास बनाई जा रही है। परियोजना में शामिल एक अधिकारी ने कहा कि आगंतुकों को लिफ्ट या सीढ़ियों का उपयोग करके भगवान शिव की मूर्ति के दर्शन करने और बैतरणी नदी के सामने के विहंगम दृश्य का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। मूर्ति का निर्माण नयी दिल्ली स्थित एक निजी कला संगठन द्वारा किया गया है।
मूर्ति के अलावा पर्यटकों के लिए एक खूबसूरत पार्क और फव्वारा भी बनाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि बरहा क्षेत्र आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मूर्ति के पास एक विश्राम गृह भी बनाया जाएगा। स्थानीय निवासी देबदत्त मिश्रा ने कहा, ‘‘पवित्र बैतरणी नदी के तट पर स्थापित मूर्ति जिले के पर्यटन में इजाफा करेगी।'' जाजपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, दश्वमेध घाट, बरहा मंदिर, बरुनी घाट और मां बिराजा मंदिर जैसे आकर्षण इस क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। -
भुवनेश्वर. संबलपुर में एक मंदिर के पुनर्विकास की परियोजना शुरु होने के अवसर पर शनिवार को ओडिशा में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों को समलेश्वरी मंदिर क्षेत्र प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पहल (एसएएमएएलईआई) परियोजना के उद्घाटन में शामिल होने की सुविधा देने के लिए यह निर्णय लिया गया। 27 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में फैली, 200 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का शुभारंभ करने वाले हैं। परियोजना में मंदिर का सौंदर्यीकरण, आसपास के क्षेत्र का पुनर्विकास, एक हैरिटेज गलियारे का निर्माण और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था करना शामिल है। -
नयी दिल्ली. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने अपने अनुवादक मंच माइक्रोसॉफ्ट ट्रांसलेटर में दो और भारतीय भाषाओं छत्तीसगढ़ी तथा मणिपुरी को शामिल किया है। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ट्रांसलेटर अब कुल 20 आधिकारिक भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने में मदद करेगा। इनमें असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, सिंधी, तमिल, तेलुगु और उर्दू के साथ-साथ दो अन्य स्थानीय भाषाएं भोजपुरी तथा छत्तीसगढ़ी शामिल हैं। यह देश की 95 प्रतिशत से अधिक आबादी द्वारा बोली जाने वाली भाषाएं हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘ आधिकारिक भाषाओं से परे विस्तार प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के प्रति माइक्रोसॉफ्ट के समर्पण को रेखांकित करता है।'' माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ी और मणिपुरी को शामिल करना अपनी नवीन भाषा प्रौद्योगिकियों तथा समाधानों के जरिए भारत की भाषाई विविधता का समर्थन और उन्हें सशक्त बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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नयी दिल्ली. अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को ‘ऐतिहासिक' करार देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भविष्य में जब भी इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा तब इसका मूल्यांकन भारत द्वारा अपनी सभ्यतागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर न केवल जन-जन की आस्था को व्यक्त करता है,बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में देशवासियों की आस्था का प्रमाण भी है। राष्ट्रपति ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि वह दिन गौरव भरा होगा जब भारत ऐसे कुछ देशों में शामिल हो जाएगा जहां शायद ही कोई बेघर हो। राष्ट्रपति ने विश्व के कई देशों के बीच चल रहे संघर्षों व मानवीय त्रासदियों पर चिंता जताई। साथ ही भगवान बुद्ध से लेकर वर्धमान महावीर और सम्राट अशोक से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तक के अहिंसा के मार्ग को अपनाने का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि शांति स्थापित करने के रास्ते खोज लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस सप्ताह हमने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह देखा। भविष्य में जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा, तब इतिहासकार, भारत द्वारा अपनी सभ्यतागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में इसका विवेचन करेंगे। यह मंदिर न केवल जन-जन की आस्था को व्यक्त करता है,बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में हमारे देशवासियों की अगाध आस्था का प्रमाण भी है। मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारे गणतंत्र का 75वां वर्ष, कई अर्थों में, देश की यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। यह उत्सव मनाने का विशेष अवसर है...कल हम संविधान के प्रारंभ का उत्सव मनाएंगे। संविधान की प्रस्तावना "हम, भारत के लोग", इन शब्दों से शुरू होती है। ये शब्द, हमारे संविधान के मूल भाव अर्थात् लोकतंत्र को रेखांकित करते हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था लोकतंत्र की पश्चिमी अवधारणा से कहीं अधिक प्राचीन है, इसीलिए भारत को "लोकतंत्र की जननी" भी कहा जाता है। मुर्मू ने कहा कि संविधान सभा ने सुशासन के सभी पहलुओं पर लगभग तीन वर्ष तक विस्तृत चर्चा की और हमारे राष्ट्र के महान आधारभूत ग्रंथ, यानी भारत के संविधान की रचना की। उन्होंने कहा कि आज हम सब देशवासी उन दूरदर्शी जन-नायकों और अधिकारियों का कृतज्ञता-पूर्वक स्मरण करते हैं जिन्होंने हमारे भव्य और प्रेरक संविधान के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ते हुए अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गुजर रहा है। यह एक युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है। हमें अपने देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सुनहरा अवसर मिला है। इसके लिए मैं सभी देशवासियों से संविधान में निहित हमारे मूल कर्तव्यों का पालन करने का अनुरोध करूंगी।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस, हमारे आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जब हम, उनमें से किसी एक बुनियादी सिद्धान्त पर चिंतन करते हैं, तो स्वाभाविक रूप से अन्य सभी सिद्धांतों पर भी हमारा ध्यान जाता है...बी. आर. आंबेडकर के प्रबुद्ध मार्गदर्शन में प्रवाहित, इन मूलभूत जीवन-मूल्यों और सिद्धांतों में रची-बसी संविधान की भावधारा ने, सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए सामाजिक न्याय के मार्ग पर हमें अडिग बनाए रखा है।'' उन्होंने इस मौके पर दिग्गज समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर का भी जिक्र किया जिन्हें पिछले दिनों ही भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा, ‘‘कर्पूरी ठाकुर जी पिछड़े वर्गों के सबसे महान पक्षकारों में से एक थे जिन्होंने अपना सारा जीवन उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पिछले गणतंत्र दिवस के बाद के एक वर्ष पर नजर डालें तो हमें बहुत प्रसन्नता होती है। भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी।'' उन्होंने कहा कि जब संसद ने ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक पारित किया तो देश, स्त्री-पुरुष समानता के आदर्श की ओर आगे बढ़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम', महिला सशक्तीकरण का एक क्रांतिकारी माध्यम सिद्ध होगा। इससे हमारे शासन की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में भी बहुत सहायता मिलेगी।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘इसी अवधि में भारत, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के क्षेत्र पर उतरने वाला पहला देश बना। चंद्रयान-3 के बाद इसरो ने एक सौर मिशन भी शुरू किया। वर्ष 2024 के दौरान अन्य कई अंतरिक्ष अभियानों की योजना बनाई गई है। यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा में अनेक नयी उपलब्धियां हासिल की जाने वाली हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का उद्देश्य, संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक विस्तार तथा गहराई प्रदान करना है। उन्होंने कहा, ‘‘ इसरो के कार्यक्रम के प्रति देशवासियों में जो उत्साह दिखाई देता है उससे नयी आशाओं का संचार हो रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धियों ने, युवा पीढ़ी की कल्पना शक्ति को नए पंख दिए हैं। अंतरिक्ष विज्ञान की इन उपलब्धियों से युवाओं, विशेषकर युवा महिलाओं को यह प्रेरणा मिलेगी कि वे, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को अपना कार्यक्षेत्र बनाएं।'' मुर्मू ने कहा कि सभी नागरिकों के जीवन-यापन को सुगम बनाने के लिए अनेक समयबद्ध योजनाएं भी कार्यान्वित की जा रही हैं। घर में सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता से लेकर अपना घर होने के सुरक्षा-जनक अनुभव तक, ये सभी बुनियादी न्यूनतम आवश्यकताएं हैं, न कि विशेष सुविधाएं। उन्होंने कहा, ‘‘ये मुद्दे, किसी भी राजनीतिक या आर्थिक विचारधारा से परे हैं और इन्हें मानवीय दृष्टिकोण से ही देखा जाना चाहिए। सरकार ने, केवल जन-कल्याण योजनाओं का विस्तार और संवर्धन ही नहीं किया है, अपितु जन-कल्याण की अवधारणा को भी नया अर्थ प्रदान किया है। हम सभी उस दिन गर्व का अनुभव करेंगे जब भारत ऐसे कुछ देशों में शामिल हो जाएगा जहां शायद ही कोई बेघर हो। '' रूस-यूक्रेन और हमास-इजराइल के मध्य जारी संघर्षों के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब दो परस्पर विरोधी पक्षों में से प्रत्येक मानता है कि केवल उसी की बात सही है और दूसरे की बात गलत है तो ऐसी स्थिति में समाधान-परक तर्क के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से तर्क के स्थान पर आपसी भय और पूर्वाग्रहों ने भावावेश को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण अनवरत हिंसा हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि बड़े पैमाने पर मानवीय त्रासदियों की अनेक दुखद घटनाएं हुई हैं और पूरा देश इस मानवीय पीड़ा से अत्यंत व्यथित है। उन्होंने भगवान बुद्ध के शब्द ‘न हि वेरेन वेरानि, सम्मन्तीध कुदाचनम्, अवेरेन च सम्मन्ति, एस धम्मो सनन्तनो' का उल्लेख किया जिसका अर्थ है कि यहां कभी भी शत्रुता को शत्रुता के माध्यम से शांत नहीं किया जाता है, बल्कि अ-शत्रुता के माध्यम से शांत किया जाता है। यही शाश्वत नियम है। राष्ट्रपति ने बुद्ध के साथ ही वर्धमान महावीर और सम्राट अशोक से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तक को याद किया और कहा कि भारत ने सदैव एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि अहिंसा केवल एक आदर्श मात्र नहीं है जिसे हासिल करना कठिन हो, बल्कि यह एक स्पष्ट संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘यही नहीं, अपितु अनेक लोगों के लिए यह एक जीवंत यथार्थ है। हम आशा करते हैं कि संघर्षों में उलझे क्षेत्रों में, उन संघर्षों को सुलझाने तथा शांति स्थापित करने के मार्ग खोज लिए जाएंगे।
वैश्विक पर्यावरण संकट का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इस समस्या से निजात पाने में भी भारत का प्राचीन ज्ञान, विश्व-समुदाय का मार्गदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने, पर्यावरण के प्रति सचेत जीवन-शैली अपनाने के लिए, ‘लाइफ मूवमेंट ' शुरू किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे का सामना करने में व्यक्तिगत व्यवहार-परिवर्तन को प्राथमिकता दी जा रही है तथा विश्व समुदाय द्वारा इसकी सराहना की जा रही है। हर स्थान के निवासी अपनी जीवन-शैली को प्रकृति के अनुरूप ढालकर अपना योगदान दे सकते हैं और उन्हें ऐसा करना ही चाहिए। इससे, न केवल भावी पीढ़ियों के लिए पृथ्वी का संरक्षण करने में सहायता मिलेगी बल्कि, जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारी स्वाधीनता के सौ वर्ष पूरे होने तक की, अमृत काल की अवधि के दौरान अभूतपूर्व तकनीकी परिवर्तन भी होने जा रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी बदलाव, असाधारण गति के साथ, हमारे दैनिक जीवन का अंग बन गए हैं। कई क्षेत्रों में भविष्य से जुड़ी आशंकाएं चिंतित करती हैं, लेकिन अनेक उत्साह-जनक अवसर भी दिखाई देते हैं, विशेषकर युवाओं के लिए।'' उन्होंने कहा, ‘हमारे युवा, वर्तमान की सीमाओं से परे जाकर नयी संभावनाएं तलाश रहे हैं। उनके मार्ग से बाधाओं को दूर करने और उन्हें अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने की सुविधा प्रदान करने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना है।'' इसके साथ ही राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं अपने उन किसानों और मजदूर भाई-बहनों के प्रति आभार व्यक्त करती हूं जो, चुपचाप मेहनत करते हैं तथा देश के भविष्य को बेहतर बनाने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर, सभी देशवासी हमारे सशस्त्र बलों, पुलिस और अर्ध-सैन्य बलों का भी कृतज्ञता-पूर्वक अभिनंदन करते हैं। उनकी बहादुरी और सतर्कता के बिना, हम उन प्रभावशाली उपलब्धियों को प्राप्त नहीं कर सकते थे जो हमने हासिल कर ली हैं।'' इस मौके पर उन्होंने आह्वान किया, ‘‘आइए, हम सब यथाशक्ति राष्ट्र और देशवासियों की सेवा में स्वयं को समर्पित करने का संकल्प करें। इस शुभ संकल्प को सिद्ध करने के प्रयास हेतु आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं!''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को पूर्ण बहुमत के साथ स्थिर सरकार चुनने की वकालत की और युवा मतदाताओं से लोकसभा चुनाव में परिवारवादी पार्टियों को हराने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके वोट ही भारत की दशा व दिशा तय करेंगे। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से आयोजित ‘नमो नवमतदाता सम्मेलन' को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवादी पार्टियों की सरकारों के कार्यकाल में भारत के युवाओं का भविष्य ‘अंधकारमय' बना दिया गया था जबकि मौजूदा केंद्र सरकार उन्हें उस स्थिति से बाहर निकाल कर लायी। उन्होंने कहा कि उस समय की युवा पीढ़ी ने अपने भविष्य की संभावनाओं को लेकर सरकार से किसी प्रकार की उम्मीद ही छोड़ दी थी। मोदी ने युवाओं से आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के घोषणापत्र के लिए सुझाव देने का आग्रह किया और कहा कि श्रेष्ठ सुझाव साझा करने वाले चुनिंदा लोगों से वह व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का नाम लिए बिना उनका गंभीर मूल्यांकन प्रस्तुत किया और 2014 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार द्वारा लाए गए बदलावों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि तब भ्रष्टाचार और घोटाले सुर्खियां बनते थे लेकिन इन दिनों विभिन्न क्षेत्रों में विश्वसनीयता और सफलता की कहानियों के बारे में बात की जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मोदी की गारंटी है। आपके सपने मेरा संकल्प हैं।
उन्होंने कहा कि युवा हमेशा उनकी प्राथमिकता रहे हैं और ‘डिजिटल इंडिया', ‘स्टार्ट-अप इंडिया' जैसी कई विकास योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों के अलावा बुनियादी ढांचे में भारी निवेश ने उनके लिए असीमित अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने युवाओं को पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार होने के फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे अनुच्छेद 370 को निरस्त करने व अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार खत्म होता है और वैश्विक स्तर पर भारत की साख भी बढ़ती है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि उनकी सरकार उनके सपनों को पूरा करने और उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले मतदाता भाजपा के विकास के एजेंडे का समर्थन करते हैं। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि आज भारत का नौजवान देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों को समझ रहा है। इसलिए वह भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वह परिवारवाद के खिलाफ है।'' उन्होंने कहा कि परिवारवाद ऐसी बीमारी है जो देश के युवाओं को आगे बढ़ने से रोकती है। उन्होंने कहा, ‘‘आपने देखा है परिवारवादी पार्टियों में दूसरे युवा कभी आगे नहीं बढ़ पाते। परिवारवादी पार्टियों के नेताओं की सोच युवा विरोधी होती है। इसलिए आपको अपने वोट की ताकत से ऐसी परिवारवादी पार्टियों को हराना है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार होती है तो देश बड़े फैसले लेता है और दशकों से लटकी हुई समस्याओं को सुलझाकर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाकर दशकों का इंतजार खत्म किया। हमारी पूर्ण बहुमत की सरकार ने सेना के जवानों के लिए वन रैंक, वन पेंशन लागू कर देश के पूर्व फौजियों का चार दशक का इंतजार समाप्त किया। यह हमारी सरकार है जिसे अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का साक्षी होने का अवसर मिला। जब पूर्ण बहुमत की सरकार होती है तो नीति और निर्णयों में भी स्पष्टता होती है।'' मोदी ने कहा कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भारत की साख पर भी होता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज दुनिया में भारत की साख नयी ऊंचाई पर है।'' संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि उसने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘10-12 साल पहले भारत में जिस तरह की परिस्थिति थी, उसने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया था। आज देश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं...आज स्थितियां बदली हैं। आज हर दिन एक नई खबर आती है कि आज इस क्षेत्र में भारत ने नया मुकाम हासिल किया। साल 2014 से पहले की पीढ़ी ने तो इसकी उम्मीद भी छोड़ दी थी।'' प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि उस समय के अखबारों में आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें सुर्खियां बनती थीं और हजारों करोड़ रुपये के घोटाले तो सामान्य सी बात थी। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय आए दिन देश के नौजवान सड़कों पर तत्कालीन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते थे। मुझे संतोष है कि हम उस अंधकारमय स्थिति को दूर कर पाए हैं।'' उन्होंने कहा कि उन दिनों भारत दुनिया की पांच सबसे नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था और दुनिया सोचती थी कि भारत खुद भी डूबेगा और हमें भी ले डूबेगा। मोदी ने कहा, ‘‘आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और दुनिया सोचती है कि भारत के विकास से उसका भी विकास होगा। आने वाले कुछ ही वर्षों में भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो जाएगा और भारत की अर्थव्यवस्था सात हजार अरब को पार कर जाएगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका लाभ भारत के युवाओं को ही होगा क्योंकि उनके लिए नए-नए क्षेत्रों में रोजगार के बहुत सारे नए मौके आएंगे। उन्होंने कहा कि आज जब देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य पर काम कर रहा है तो युवा मतदाताओं का वोट तय करेगा कि भारत की दिशा क्या होगी। उन्होंने कहा कि 18 से 25 वर्ष की आयु ऐसी होती है जब किसी का भी जीवन बहुत से बदलावों का साक्षी बनता है और इन्हीं बदलावों के बीच नवमतदाता वर्ग को एक और जिम्मेदारी साथ-साथ निभानी है। भाजयुमो ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में आगामी लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान के पात्र 40 लाख से अधिक युवाओं ने देशभर के 5,800 स्थानों से भाग लिया। -
नयी दिल्ली. गणतंत्र दिवस समारोहों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं और नगर में 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों में से 14,000 की तैनाती गणतंत्र दिवस परेड की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ और उसके आसपास की जाएगी। पुलिस ने दिल्ली में शुक्रवार को सुचारू यातायात के लिए परामर्श जारी किया है जिनमें यातायात व्यवस्था और प्रतिबंधों का जिक्र है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल की परेड को देखने के लिए कर्तव्य पथ पर आने वाले करीब 77,000 आमंत्रित लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) दीपेंद्र पाठक ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर दिल्ली के चारों ओर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पाठक ने कहा कि 26 जनवरी समारोह के लिए सुरक्षा, यातायात और जिला इकाइयां केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर करीब 14,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कमांडो, त्वरित प्रतिक्रिया दल, पीसीआर वैन, तोड़फोड़ रोधी बल और ‘स्वाट' दलों को कर्तव्य पथ और शहर में विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हवाई खतरों से निपटने के लिए भी तैयारी की है। पाठक ने कहा कि पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद दिल्ली के "संवदेनशील" इलाकों में शांति बनी रहे। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था, जोन दो) मधुप तिवारी ने कहा कि परेड में कम से कम 77,000 आमंत्रित लोगों के आने की उम्मीद है। तिवारी ने कहा, "हमने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नयी दिल्ली जिले को, जहां परेड होगी, 28 जोन में बांटा है। प्रत्येक जोन का नेतृत्व डीसीपी या अतिरिक्त डीसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे।" उन्होंने कहा कि लापता व्यक्तियों के लिए बूथ, हेल्पडेस्क, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और अलग सुविधा बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां आगंतुक परेड से पहले अपने वाहन की चाबियां जमा कर सकते हैं। तिवारी ने लोगों से समय से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और गहन जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने का भी अनुरोध किया। प्रवेश द्वार पर जूतों की जांच के सवाल पर तिवारी ने कहा, ''जामा तलाशी'' की जाएगी।
यात्रा परामर्श के मुताबिक, परेड सुबह 10.30 बजे विजय चौक से शुरू होगी और लाल किला मैदान की ओर बढ़ेगी। सुबह 9.30 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इंडिया गेट पर संबंधित समारोह होगा। परामर्श में कहा गया है कि परेड विजय चौक, कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागन, सुभाष चंद्र बोस गोल चक्कर, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग और लाल किले से होकर गुजरेगी। बृहस्पतिवार शाम छह बजे से कर्तव्य पथ पर विजय चौक से इंडिया गेट तक किसी यातायात की अनुमति नहीं होगी। यह रोक परेड खत्म होने तक जारी रहेगी। परामर्श के अनुसार शुक्रवार सुबह 10.30 बजे से तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग और नेताजी सुभाष मार्ग पर यातायात की अनुमति नहीं होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के एक बयान में कहा गया है कि जिन लोगों के पास गणतंत्र दिवस समारोह के लिए वास्तविक ई-निमंत्रण कार्ड या ई-टिकट होंगे, उन्हें सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र दिखाने पर स्टेशनों पर कूपन जारी किए जाएंगे, जो केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन स्टेशन से बाहर निकलने के लिए मान्य होंगे। -
जम्मू. जम्मू कश्मीर में शांति के एक नये युग की शुरूआत होने का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी घटनाएं 66 फीसदी और नागरिकों की हत्याओं में 81 प्रतिशत की कमी आई है। शाह ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, जम्मू कश्मीर को पर्यटन केंद्र के रूप में तब्दील करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया। शाह ने जम्मू में 100 ई-बसों को हरी झंडी दिखाई और जम्मू कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों तथा अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पाने वालों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद आतंकवाद से जुड़े मामलों में 66 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की हत्याओं में 81 प्रतिशत और सुरक्षा बलों की हत्याओं में 48 प्रतिशत की कमी आई है।'' उन्होंने कहा कि इससे यह प्रदर्शित होता है कि जम्मू कश्मीर में खुशहाली, शांति और सामान्य स्थिति का एक नया युग शुरू हुआ है। केंद्र ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को पांच अगस्त 2019 को रद्द कर दिया था। साथ ही, सरकार ने इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों--जम्मू कश्मीर और लद्दाख-- में विभाजित कर दिया। शाह ने कहा कि 2000 में जम्मू कश्मीर में पथराव की 2,654 घटनाएं हुई थीं लेकिन 2023 में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘2010 में करीब 132 बंद के आयोजन किये गए लेकिन 2023 में एक भी नहीं किया गया। 2010 में करीब 112 नागरिकों की पथराव की घटनाओं में मौत हुई लेकिन 2023 में पथराव में एक भी नागरिक ने जान नहीं गंवाई। करीब 6,235 नागरिक 2010 की अवधि के दौरान घायल हुए।'' मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के वित्तपोषण पर भी नकेल कसी गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘संपत्ति सील और कुर्क की जा रही। उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित किया गया है।'' मोदी की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर को एक पर्यटन केंद्र में बदल दिया है जो कभी आतंकवाद के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा, ‘‘बम विस्फोट, गोलीबारी, पथराव और बंद के युग की जगह शिक्षा, स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, उद्योग और बुनियादी ढांचे ने ले ली है। यह एक बड़ा बदलाव है जो जम्मू कश्मीर में हो रहा है।'' शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में 2019-20 में 297 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था और यह 2022-23 में बढ़ कर 2,153 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने जम्मू कश्मीर के युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और देश के लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘पत्थर की जगह जम्मू कश्मीर के युवाओं के हाथों में अब कंप्यूटर हैं और वे जम्मू कश्मीर की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।''
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नई दिल्ली। 75वें गणतंत्र दिवस समारोह 2024 के अवसर पर, देश के विभिन्न राज्यों के योग शिक्षक/प्रशिक्षक विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे। भारत सरकार ने देश भर में जमीनी स्तर पर योग के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए291 योग शिक्षकों और प्रशिक्षकों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ आमंत्रित किया है। ये योग प्रशिक्षक/शिक्षक आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय आयुष मिशन की प्रमुख योजना के तहत कार्य कर रहे एएचडब्ल्यूसी (आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र) के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल/कल्याण से संबंधित क्षेत्र में संलग्न हैं। गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के बाद सभी विशेष आमंत्रित अतिथिकेन्द्रीय आयुष तथापत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ उनके आवास पर बातचीत भी करेंगे।
एएचडब्ल्यूसी से जुड़े ये योग शिक्षक/प्रशिक्षक आयुष के प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित क्षेत्र में योग के माध्यम से चलने वाले कल्याण अभियान का हिस्सा हैं। ये प्रशिक्षक/शिक्षक न केवल लोगों को आवश्यक योग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों का भी ध्यान रखते हैं। इन सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। गणतंत्र दिवस परेड 2024 देखने के बाद, ये विशेष आमंत्रित अतिथि दिल्ली में विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे और योग के बारे में अपने जमीनी प्रयासों एवं अनुभवों के बारे में केन्द्रीय आयुष तथापत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री के साथ बातचीत भी करेंगे।योग को अब पूरे विश्व में मान्यता मिल गई है। आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण के साथदेशभर के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का सुझाव दिया था। लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। योग के प्राचीन भारतीय दर्शन पर आधारित मन और शरीर को अनुशासितरखने की विधा को यूनेस्को की अमूर्त विश्व विरासत की सूची में भी शामिल किया गया है। केन्द्र सरकार ने योगासन को खेल विधा के रूप में भी मान्यता दी है और इसे प्राथमिकता की श्रेणी में रखा है। योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। कई विश्वविद्यालयों ने योग से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल किए हैं। आयुष मंत्रालय ने वन-स्टॉप स्वास्थ्य समाधान के रूप में नमस्ते योग ऐप की शुरुआत की है, जो लोगों को आसानी से योग से संबंधित जानकारी, योग कार्यक्रमों और योग कक्षाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। इसी तरह, योग का लाभ दुनिया भर में पहुंचाने के लिए वाई-ब्रेक और डब्ल्यूएचओ-एम योगा भी लॉन्च किया गया है।देश भर में एएचडब्ल्यूसी (आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्र) लोगों के स्वास्थ्य संबंधी कल्याण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। योग इन एएचडब्ल्यूसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और शिक्षक/प्रशिक्षक योग को जमीनी स्तर तक ले जाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। file photo -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बल कर्मियों के लिए 84 मेंशन-इन-डिस्पैच को स्वीकृति दी है, जिनमें 10 मरणोपरांत भी शामिल हैं। इनमें सेना के लिए 68-ऑपरेशन रक्षक के लिए 34, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के लिए 16, ऑपरेशन मेघदूत के लिए सात, ऑपरेशन सहायता के लिए तीन, ऑपरेशन सिधरा के लिए दो, ऑपरेशन सीएएस इवैक्यूएशन के लिए तीन, विभिन्न ऑपरेशन के लिए तीन शामिल है। इसमें भारतीय वायु सेना के लिए 16- ऑपरेशन कावेरी के लिए 15 और विभिन्न ऑपरेशन के लिए एक शामिल है।
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शाहजहांपुर . जिले में बृहस्पतिवार को सुबह घने कोहरे के बीच ऑटोरिक्शा और टैंकर में हुई भीषण टक्कर में 12 लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बरेली-फर्रुखाबाद मार्ग पर अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के तहत सुगसुगी ग्राम के पास जलालाबाद की ओर जा रहे ऑटोरिक्शा को विपरीत दिशा से आ रहे एक टैंकर ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में ऑटो रिक्शा सवार 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मीणा ने बताया कि घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि स्थिर सरकार बड़े निर्णय लेती है। उनकी सरकार ने दशकों से लंबित मुद्दों का समाधान किया है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित नमो नवमतदाता सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बहुमत की सरकार हो तो नीतियों और फैसलों में स्पष्टता दिखती है। उन्होंने कहा कि जब भी वे विश्व के नेताओं से मिलते हैं तो वे ही उनसे अकेले नहीं मिलते हैं बल्कि एक सौ चालीस करोड़ भारतीय भी उनसे मिलते हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज भारतीय पासपोर्ट को विश्वभर में गर्व से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा मतदाता अपने मतों से देश की दिशा और दशा तय करेंगे। मतदाता सूची में उनके नाम पंजीकृत होने से वे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के निर्णायक सदस्य बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे ऐसे समय में मतदाता बने हैं जब अमृतकाल की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि उनके एक वोट में बहुत बड़ी शक्ति है।श्री मोदी ने कहा कि आज लोग विश्वसनीयता की बात करते हैं ना कि भ्रष्टाचार की। लोग सफलता की बात करते हैं, घोटालों की नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्था की सूची में था। पिछले दस से बारह वर्षों के हालात ने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया था। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में होगा। -
जम्मू। अयोध्या स्थित राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कथित रूप से ‘आपत्तिजनक सामग्री' पोस्ट करने के आरोप में जम्मू-कश्मीर के राजौरी और रियासी जिलों में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बीच कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर‘संवेदनशील सामग्री' पोस्ट की जिससे ‘शांतिपूर्ण माहौल खराब' होने की आशंका थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है और इन लोगों के खिलाफ एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि इसी तरह के मामले में रियासी जिले में पुलिस ने एक शख्स के खिलाफ सोशल मीडिया पर‘आपत्तिजनक सामग्री' पोस्ट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित गुप्ता ने लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें जिससे शांति और सौहार्द में बाधा उत्पन्न हो सकती हो। उन्होंने कहा, “सभी सोशल मीडिया मंचों पर नजर रखी जा रही है और सभी पोस्ट तथा टिप्पणियों की निगरानी की जाएगी। भड़काऊ और नफरत फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
- कोलकाता। नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुलरजाक गुरनाह ने कहा कि युवा लेखकों को लिखना जारी रखना चाहिए और अपने विचारों को कलमबद्ध करने की इच्छा होनी चाहिए। तंजानिया में जन्मे प्रसिद्ध ब्रिटिश उपन्यासकार अब्दुलरजाक गुरनाह ने कहा कि एक अकादमिक और एक लेखक की कार्य दिनचर्या के बीच कोई वास्तविक टकराव नहीं होता और इसमें संतुलन बनाया जा सकता है। उन्हें साहित्य के लिए 2021 का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। गुरनाह मंगलवार को यहां 12वें टाटा स्टील कोलकाता साहित्य महोत्सव में सम्मानित अतिथि के रूप में एक परिचर्चा में भाग ले रहे थे। वह केंट विश्वविद्यालय में अंग्रेजी और उत्तर औपनिवेशिक साहित्य के एमिरिटस प्रोफेसर हैं। उन्होंने युवा लेखकों को सलाह देते हुए कहा, ‘‘हिम्मत मत हारिए। बस लिखते रहिए। अपने विचारों को कलमबद्ध करने की इच्छा होनी चाहिए।'' यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें शोध प्रबंध लिखना होता है और किसी साहित्यिक कृति पर काम करना होता है तो क्या दोनों के बीच कोई द्वंद्व होता है तो गुरनाह ने कहा, ‘‘ मुझे नहीं लगता कि अकादमिक जगत और साहित्यिक कार्यों के प्रबंधन के बीच कोई वास्तविक (टकराव) है। दोनों को समायोजित किया जा सकता है। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस समय काम करते हैं।'' गुरनाह ने पैराडाइज (1994), बाय द सी (2001), डेजर्टन (2005), आफ्टरलाइव्स (2020) जैसी युगांतकारी गद्य को लिखा है। पांच दिवसीय साहित्यिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने वहां मौजूद गुरनाह से कहा, ‘‘हम आपका स्वागत करते हैं, हम बंगाल के लोगों की ओर से आपके प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं।'' पांच दिवसीय साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन भव्य विक्टोरिया मेमोरियल के विशाल प्रांगण में हो रहा है जिसकी पृष्ठभूमि में सफेद इमारत है। इस दौरान विश्व भर के साहित्य और कला जगत के प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी बात रखेंगे।
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अयोध्या. अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की पोशाक को डिजाइन करने वाले मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भगवान राम के साथ दिव्य संबंध ने उन्हें इस कार्य को पूरा करने में मदद की। त्रिपाठी ने बुधवार को कहा, ‘‘हमने काशी (वाराणसी) में भगवान के लिए पीतांबरी (पीला) कपड़ा तैयार कराया। इसकी खास बात यह है कि इसे तैयार करने में रेशम के साथ-साथ सोने और चांदी के तार का भी इस्तेमाल किया गया है।'' उन्होंने पोशाक तैयार करने में इस्तेमाल की गई सामग्री और डिजाइन के बारे में कहा, ‘‘हमने पोशाक पर जो कढ़ाई की है, उसमें वैष्णव प्रतीक हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी चुनौती ऐसा कपड़ा तैयार करना था जो बाल स्वरूप और भगवान की भव्यता के अनुरूप हो। मैंने भगवान से मुझे रास्ता दिखाने के लिए प्रार्थना की और उन्होंने मुझे उसके लिए संकेत दिखाए और ज्ञान दिया ताकि मैं ऐसा कपड़ा तैयार कर सकूं।'' लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े युवा डिजाइनर ने कहा कि 500 से अधिक वर्षों से इस आंदोलन का इंतजार कर रहे भक्तों की कल्पना और उम्मीदों पर खरा उतरना भी एक चुनौती थी। त्रिपाठी ने कहा, ‘‘पोशाक को लेकर सभी से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।" उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मेरी मां और मेरी पत्नी से सबसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने अपने चेहरे पर मुस्कान और आंखों में आंसू के साथ पोशाक की सराहना की।''
- अयोध्या/लखनऊ (उप्र) । अयोध्या स्थित राम मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार को भी रामलला के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं की भीड़ के बेहतर प्रबंधन के लिये सभी सम्बन्धित विभागों और जिलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिये हैं। दोपहर तक करीब तीन लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किये। मंदिर को उसके अभिषेक समारोह के एक दिन बाद 23 जनवरी को लोगों के लिए खोल दिया गया था। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक दोपहर तक लगभग तीन लाख लोगों ने राम लला के दर्शन किए। भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की देखरेख कर रहे विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने ' बताया, " कल और आज की व्यवस्था में केवल इतना ही परिवर्तन है कि हमने दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के लिए एक बेहतर कतार प्रणाली लागू की है। हमने अलग-अलग कतारों में सुचारू प्रवेश और निकास सुनिश्चित करने के लिए समर्पित चैनल तैनात किए हैं। स्थिति अब पूरी तरह अनुकूल और नियंत्रण में है।” \गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''आप खुद देख सकते हैं, कहीं लम्बी कतारें नहीं हैं। सुबह सात बजे से पहले भी लोग आ गये थे। सब लोग आराम से कतार में लगे हुए थे। उसके बाद से उनका दर्शन अनवरत चल रहा है।''इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक उच्चस्तरीय बैठक में अयोध्या में रामलला के दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग, नगर विकास और पुलिस विभाग के बीच तालमेल और अंतरराज्यीय/अंतर्जनपदीय संवाद और समन्वय बनाये रखने के निर्देश देते हुए अयोध्या आने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन अभी स्थगित रखने की हिदायत दी है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन के साथ परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद बुधवार को अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अयोध्या में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के लिए दर्शन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए हर श्रद्धालु के सहज, सुगम एवं संतोषपूर्ण दर्शन के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि साथ ही अयोध्या की सीमा से सटे जिलों के साथ अयोध्या प्रशासन के अधिकारी अंतरराज्यीय संवाद और सम्पर्क बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किस दिशा से कितने श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, इसका आकलन करते हुए उसके अनुसार जरूरी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह बेहतर होगा कि अति विशिष्ट और अन्य गणमान्य लोग अयोध्या आने का कार्यक्रम बनाने से एक सप्ताह पहले स्थानीय प्रशासन या श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अथवा राज्य सरकार को सूचित कर दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दर्शन-पूजन कर चुके श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की बसों की व्यवस्था हो, विभिन्न नगरों से अयोध्या आने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन अभी स्थगित रखा जाए। उनका कहना था कि दर्शन के बाद जिस मार्ग के श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा हो उस ओर बसें लगाकर श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे रूट चिन्हित कर आवश्यकतानुसार रेलवे से समन्वय करते हुए रेलगाडि़यों के संचालन की भी कोशिश की जाए तथा परिवहन मंत्री खुद इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में पूरे देश से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है जो स्वाभाविक भी है। उनका मानना था कि हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम दर्शन की व्यवस्था करना सरकार का कर्तव्य है। दर्शनार्थियों की भीड़ के प्रबंधन में स्थानीय प्रशासन और मंदिर न्यास के बेहतर समन्वय की भी जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ प्रबंधन के तहत राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ और जन्मभूमि पथ पर, जहां भी दर्शनार्थी हों वे कतारबद्ध खड़े हों, भीड़ न लगे, कतार लगातार चलती रहे। उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं का विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि दर्शनार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रमुख पथों पर कम आवाज में राम भजन बजाये जाएं एवं सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी मर्यादित रहे। उन्होंने कहा कि उल्लास भरे वातावरण में कुछ अराजक तत्व माहौल को खराब करने की कोशिश कर सकते हैं, ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी गीत-संगीत/नारेबाजी अथवा किसी भी अन्य कृत्य से किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान न हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाए तो उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।
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नर्ई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर कल दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे शुरू हो जाएगी ताकि लोग गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए कर्तव्य पथ पर आसानी से पहुंच सके। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अनुसार मेट्रो सेवा सुबह 6 बजे तक 30 मिनट के अंतराल पर और इसके बाद नियमित समय पर उपलब्ध रहेगी। गणतंत्र दिवस परेड के लिए निमंत्रण पत्र और ई-टिकट रखने वाले लोगों को मेट्रो स्टेशन पर वैध फोटो पहचान पत्र दिखाने पर कूपन दिया जाएगा। ये कूपन केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन से निकलने के लिए वैध होंगे। यही कूपन इन दोनों मेट्रो स्टेशनों से वापसी के लिए भी मान्य रहेंगे।
डीएमआरसी ने एनक्लोजर 1 से 9 और वी-1 से वी-2 वाले निमंत्रण पत्र या ई-टिकट वाले यात्रियों को उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन से निकलने की सलाह दी है। एनक्लोजर 10 से 24 और वी एन को केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से निकलने का परामर्श दिया गया है। -
नर्ई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन हिन्दी और अंग्रेजी में आकाशवाणी के समूचे राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर शाम 7 बजे से प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी में प्रसारित होने के बाद राष्ट्रपति का संबोधन दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी अपने क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात साढे नौ बजे से क्षेत्रीय भाषा संस्करण प्रसारित करेगा।
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अमरेली. गुजरात के अमरेली जिले के एक जंगल में चार दिन पहले ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुई शेरनी की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस माह जिले में ट्रेन की चपेट में आने से शेरनी की मौत का यह तीसरा मामला है।
अमरेली जिले के राजुला तालुका के डोलिया गांव के पास 20 जनवरी को एक यात्री ट्रेन की चपेट में आने से शेरनी घायल हो गई थी। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इसे जूनागढ़ जिले के सक्करबाग चिड़ियाघर में भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान बुधवार को इसकी मौत हो गई।- file photo
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नई दिल्ली । नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में श्री राम मंदिर अयोध्या धाम प्राण प्रतिष्ठा पर एक प्रस्ताव पारित किया। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बुधवार को मोदी कैबिनेट की पहली बैठक का नजारा काफी भावुक रहा.। जब मंत्रियों ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया तो पीएम मोदी समेत सभी मंत्री भावुक हो गए।
प्रस्ताव का मूल पाठ निम्नवत हैप्रधानमंत्री जी सबसे पहले हम सभी आपके नेतृत्व के मंत्रिमंडल के सदस्य आपको रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा पर हार्दिक बधाई देते हैं।भारतीय सभ्यता बीते पांच शताब्दियों से जो स्वप्न देख रही थी, आपने वह सदियों पुराना स्वप्न पूरा किया।प्रधानमंत्री जी, आज की कैबिनेट ऐतिहासिक है।ऐतिहासिक कार्य तो कई बार हुए होंगे, परन्तु जब से यह कैबिनेट व्यवस्था बनी है और यदि ब्रिटिश टाइम से वायसराय की Executive Council का कालखण्ड भी जोड़ लें, तो ऐसा अवसर कभी नहीं आया होगा।क्योंकि 22 जनवरी, 2024 को आपके माध्यम से जो कार्य हुआ है, वह इतिहास में अद्वितीय है।वह इसलिए अद्वितीय है, क्योंकि यह अवसर शताब्दियों बाद आया है। हम कह सकते हैं कि 1947 में इस देश का शरीर स्वतंत्र हुआ था और अब इसमें आत्मा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है। इससे सभी को आत्मिक आनंद की अनुभूति हुई है।आपने अपने उद्बोधन में कहा था कि भगवान राम भारत के प्रभाव भी हैं, और प्रवाह भी हैं, नीति भी हैं और नियति भी हैं।और आज हम राजनैतिक दृष्टि से नहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कह सकते हैं कि भारत के सनातनी प्रवाह और वैश्विक प्रभाव के आधार स्तंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नियति ने आपको चुना है।वास्तव में, प्रभु श्रीराम भारत की नियति हैं और नियति के साथ, वास्तविक मिलन अब हुआ है।वास्तविकता में देखें तो कैबिनेट के सदस्यों के लिए यह अवसर जीवन में एक बार का अवसर नहीं, बल्कि अनेकों जन्मों में एक बार का अवसर कहा जा सकता है।हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि देश की सर्वोच्च समिति, कैबिनेट में इस अवसर पर हम सब विद्यमान हैं।प्रधानमंत्री जी, आपने अपने कार्यों से इस राष्ट्र का मनोबल ऊंचा किया है और सांस्कृतिक आत्मविश्वास मजबूत किया है।प्राण-प्रतिष्ठा में जिस तरह का भावनात्मक जन-सैलाब हमने देशभर में देखा, भावनाओं का ऐसा ज्वार हमने पहले कभी नहीं देखा।हालांकि, जन-आंदोलन के रूप में हमने इमरजेंसी के समय भी लोगों के बीच में एकता देखी थी, लेकिन वह एकता तानाशाही के विरुद्ध, एक प्रतिरोधी आंदोलन के रूप में उभरी थी।भगवान राम के लिए जो जन-आंदोलन हमें देखने को मिला, वह एक नए युग का प्रवर्तन है।देशवासियों ने शताब्दियों तक इसकी प्रतीक्षा की और आज भव्य राम मंदिर में भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ एक नए युग का प्रवर्तन हुआ है। आज यह एक नया नरेटिव सेट करने वाला जन-आंदोलन भी बन चुका है।प्रधानमंत्री जी, इतना बड़ा अनुष्ठान तभी संपन्न हो सकता है, जब अनुष्ठान के कारक पर प्रभु की कृपा हो।जैसा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करै सब कोई।।’ यानि कि जिस पर स्वयं श्रीराम जी की कृपा हो, उस पर सभी की कृपा होती है।प्रधानमंत्री जी, श्रीराम जन्मभूमि का आंदोलन स्वतंत्र भारत का एकमात्र आंदोलन था, जिसमें पूरे देश के लोग एकजुट हुए थे। इससे करोड़ों भारतीयों की वर्षों की प्रतीक्षा और भावनाएं जुड़ी थीं।आपने 11 दिनों का अनुष्ठान रखा और भारत में भगवान श्रीराम से जुड़े तीर्थों में तपस्या भाव से उपासना करके भारत की राष्ट्रीय एकात्मता को ऊर्जा प्रदान की। इस हेतु हम केवल कैबिनेट सदस्य के नाते ही नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक के रूप में भी आपका अभिनन्दन करते हैं।माननीय प्रधानमंत्री जी जनता का जितना स्नेह आपको मिला है उसे देखते हुए आप जननायक तो हैं ही, परन्तु अब इस नए युग के प्रवर्तन के बाद, आप नवयुग प्रवर्तक के रूप में भी सामने आए हैं।आपका कोटिशः साधुवाद, और भविष्य के भारत में हम सब आपके नेतृत्व में आगे बढ़ें, हमारा देश आगे बढ़े, इसके लिए आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।चूंकि यह मंदिर हजारों सालों के लिए बना है, और आपने अपने संबोधन में कहा है, ‘’22 जनवरी का सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है। यह कैलेण्डर पर लिखी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक नए कालचक्र का उद्गम है। गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हो रहा राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेता हुआ राष्ट्र, ऐसे ही नव इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज के इस तारीख को, आज के इस पल को याद करेंगे और चर्चा करेंगे। और यह कितनी बड़ी राम कृपा है कि हम इस पल को जी रहे हैं, इसे साक्षात् घटित होते देख रहे हैं। आज दिन-दिशाएं, दिग-दिगंत... सब दिव्यता से परिपूर्ण हैं। ये समय सामान्य समय नहीं है। ये काल के चक्र पर सर्वकालिक स्याही से अंकित हो रही अमिट स्मृति रेखाएं हैं।’’और इसीलिए आज की इस कैबिनेट को यदि सहस्त्राब्दि की कैबिनेट, यानि कैबिनेट ऑफ मिलेनियम भी कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।इस हेतु हम सब आपका अभिनंदन करते हैं व एक-दूसरे को बधाई देते हैं। -
अयोध्या . अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद मंगलवार को एक वानर गर्भगृह में प्रवेश कर उत्सव मूर्ति तक पहुंच गया । दर्शनार्थियों के बीच यह वानर कौतुहल का विषय बना रहा। मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने इस संबंध में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगा कि मानो हनुमान जी रामलला के दर्शन को आए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर 'श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हुई इस कौतुहलपूर्ण घटना का वर्णन' किया गया। ट्रस्ट द्वारा किये गये पोस्ट में कहा गया, ''आज सायंकाल लगभग 5:50 बजे एक बंदर दक्षिणी द्वार से गूढ़ मंडप से होते हुए गर्भगृह में प्रवेश करके उत्सव मूर्ति के पास तक जा पहुंचा। बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने वानर को वहां पहुंचते हुए देखा।'' पोस्ट में आगे कहा गया,‘‘ सुरक्षाकर्मी बंदर की ओर यह सोच कर भागे कि कहीं वह उत्सव मूर्ति को जमीन पर न गिरा दे। परन्तु जैसे ही पुलिसकर्मी बंदर की ओर दौड़े, वैसे ही बंदर शांतभाव से उत्तरी द्वार की ओर चला गया। द्वार बंद होने के कारण वह पूर्व दिशा की ओर बढ़ा और दर्शनार्थियों के बीच में से होता हुआ बिना किसी को कष्ट पहुंचाए पूर्वी द्वार से बाहर निकल गया।'' इस पोस्ट में आगे कहा गया, ''सुरक्षाकर्मी कहते हैं कि ये हमारे लिए ऐसा ही है, मानो स्वयं हनुमान जी रामलला के दर्शन करने आये हों।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में अयोध्या में गत 22 जनवरी को रामलला के बाल रूप के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की गयी थी। उसके बाद मंगलवार से मंदिर को आम लोगों के दर्शनार्थ खोल दिया गया है, जहां दर्शन करने के लिये भक्तों का लगातार तांता लगा हुए है।
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अयोध्या. अयोध्या में कुबेर टीले के ऊपर स्थापित पौराणिक पक्षी जटायु की 3.5 टन की मूर्ति को बनाने में तीन महीने लगे। इसके लिए दो महीने तक व्यापक शोध किया गया। प्रसिद्ध कलाकार राम सुतार द्वारा बनाई गई यह मूर्ति राम मंदिर परिसर में एक टीले पर आठ फीट के आधार पर भव्य रूप से स्थापित है। सुतार के बेटे अनिल सुतार ने यहां ' बताया, "यह 20 फुट ऊंची है और इसकी लंबाई आठ फुट और चौड़ाई आठ फुट है। इसका वजन 3.5 टन है। यह बहुत खुशी की बात है कि इसे अब अयोध्या में जगह मिल गई है।" मूर्तिकार पिता-पुत्र की जोड़ी 22 जनवरी को राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुई थी।
राम सुतार अगली फरवरी में 99 वर्ष के हो जाएंगे। उन्होंने गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' सहित भारत की कुछ सबसे प्रतिष्ठित मूर्तियां बनाई हैं। अनिल सुतार ने कहा कि उन्होंने नोएडा में अपने स्टूडियो में रामायण के यादगार पात्र जटायु की मूर्ति बनाने में अपने पिता की सहायता की थी तथा वहां से इसे एक ट्रक में अयोध्या लाया गया। उन्होंने बताया, "यह 85 प्रतिशत तांबा, पांच प्रतिशत टिन, इतने ही प्रतिशत जस्ता और सीसा के साथ मिश्रित धातु से बनाई गई है।" रामायण के मुताबिक जटायु को रावण ने तब मार डाला था जब वह देवी सीता को बचाने की कोशिश कर रहा था।
अनिल ने कहा कि प्रतिमा के लिए व्यापक शोध के तहत ग्रंथों में पक्षी का संदर्भ खोजने में दो महीने लगे।
उन्होंने कहा, "हमने गिद्ध की शारीरिक रचना का अध्ययन किया और पहले छोटे मॉडल तैयार किए और आखिरकार पिछले महीने इस काम को अंजाम दिया।" अनिल ने कहा कि अयोध्या भेजे जाने से पहले मूर्तिकला के विभिन्न टुकड़ों को "एक साथ वेल्ड" किया गया था। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने 26 दिसंबर को पत्रकारों को बताया था कि अयोध्या में राम मंदिर परिसर में कुबेर टीला पर जटायु की मूर्ति स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अनुष्ठानों में भाग लेने के बाद कुबेर टीले का दौरा किया और वहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। मोदी ने कहा कि जटायु का कर्तव्य भाव ही समर्थ और दिव्य भारत का आधार है। अनिल ने कहा, "जब प्रधानमंत्री ने जटायु की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए तो हमें बहुत अच्छा लगा।"
उन्होंने कहा कि महान अहोम जनरल लाचित बरफुकन की 85 फीट की प्रतिमा भी उनके पिता द्वारा "पूरी" की गई है, और अगले महीने असम में इसका अनावरण होने की उम्मीद है। बरफुकन पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य में एक कमांडर थे और उन्हें 1671 में सरायघाट की लड़ाई में उनके नेतृत्व के लिए जाना जाता है। उन्होंने मुगलों के असम पर कब्जा करने के प्रयास को विफल कर दिया था। 'सरायघाट का युद्ध' गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र के तट पर लड़ा गया था। -
नई दिल्ली। . सरकार ने वर्ष 2030 तक सौ मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड को, दो कोयला गैसीकरण संयंत्र की स्थापना की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सोनपुर बाजारी क्षेत्र में कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना पर 13 हजार 52 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। श्री जोशी ने बताया कि ओडिसा के झारसुगडा जिले में महानदी कोलफील्डस लिमिटेड में अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना पर 11 हजार 782 करोड रुपये का निवेश होगा। यह कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। उन्होंने कहा कि 2028-29 तक यह परियोजनाएं चालू हो जाएंगी। सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है। कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के जरिए कोयले से अमोनियम नाइट्रेट बनाने संबंधी परियोजना की स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई है।श्री जोशी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कोयला तथा लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की संवर्धन योजना को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन के रूप में इस योजना का परिव्यय आठ हजार पांच सौ करोड़ रुपये रखा गया है। -
श्रीनगर। श्रीनगर के बख्शी मैदान सहित समूची कश्मीर घाटी में बुधवार को गणतंत्र दिवस परेड के लिए ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बख्शी मैदान में ही मुख्य समारोह होगा।अधिकारियों ने बताया कि समूची घाटी के जिला मुख्यालयों पर ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' आयोजित की गई।
बख्शी स्टेडियम में मुख्य समारोह के परेड की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' मंडलायुक्त (कश्मीर) वी.के. बिधूड़ी की देखरेख में हुई और इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) वी.के. बिरदी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि उपायुक्तों ने अपने-अपने जिला मुख्यालयों में ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि रिहर्सल के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और बख्शी स्टेडियम को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया था। मंडलायुक्त बिधूड़ी ने जनता से समारोह में भाग लेने की अपील की और कहा, ‘‘लोगों ने इस समारोह के लिए बहुत मेहनत की है और हम आप सभी से इसमें शामिल होने का अनुरोध करते हैं।'' बिरदी ने रिहर्सल से इतर संवाददताओं से कहा कि श्रीनगर और अन्य जिलों में सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस अन्य बलों के साथ भी समन्वय स्थापित कर रही है। सुरक्षा बल सतर्क और सक्रिय हैं।'' उन्होंने कहा कि यद्यपि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है, लेकिन सुरक्षा बलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि समारोह में आने वाले आम लोगों को कोई असुविधा न हो। यह पूछे जाने पर कि क्या मोबाइल इंटरनेट पर या कोई अन्य प्रतिबंध होगा, घाटी के पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि ऐसे हालात बनेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह 26 जनवरी है, इसलिए सभी को आमंत्रित किया गया है और लोग स्वतंत्र रूप से समारोह में भाग लेने आ सकते हैं।'' समारोहों को बाधित करने की कोशिश कर रहे देश-विरोधी तत्वों के बारे में किसी विशेष जानकारी होने के एक सवाल पर बिरदी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हमेशा ऐसी स्थितियों की बारीकी से जांच करती रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। -
मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के सदस्य फरवरी के पहले हफ्ते में अयोध्या की यात्रा करेंगे और वहां के नव निर्मित राम मंदिर में प्रार्थना करेंगे। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पांच फरवरी को होने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिपरिषद में कुल मंत्रियों की संख्या 29 है जिनमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शामिल हैं। अयोध्या स्थित मंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा गत सोमवार को की गई थी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। प्राण प्रतिष्ठा के एक दिन बाद भव्य मंदिर के कपाट जनता के लिए खोल दिये गये।
इसके पहले शिंदे ने रविवार को कहा था कि उनकी योजना अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों, राज्य के विधायकों और लोकसभा सांसदों को दर्शन के लिए अयोध्या स्थित राम मंदिर ले जाने की है। उन्होंने कहा था कि इसलिए वह 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे। फडणवीस ने भी संवाददाताओं से कहा था कि वह फरवरी में राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे।
- लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को केंद्र सरकार द्वारा ‘भारत रत्न’ दिए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए बसपा संस्थापक काशीराम को भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने की मांग की है।मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में यह मांग रखी।उन्होंने कहा, ‘देश में खासकर अति-पिछड़ों को उनके संवैधानिक हक के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष करके उन्हें सामाजिक न्याय एवं समानता का जीवन दिलाने वाले जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जी को आज उनकी 100 वीं जयंती पर अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।’बसपा प्रमुख ने इसी सिलसिले में एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे देश के ऐसे महान व्यक्तित्व श्री कर्पूरी ठाकुर जी को देर से ही सही, अब भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करने के केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत है।’उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम को भी भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते हुए एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘इसी प्रकार, दलितों एवं अन्य उपेक्षितों को आत्म-सम्मान के साथ जीने एवं उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बसपा के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी का योगदान ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय है, जिन्हें करोड़ों लोगों की चाहत अनुसार भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित करना जरूरी है।’ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बिहार के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।













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