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जयपुर. राजस्थान के अजमेर जिले के नसीराबाद सदर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक ने रविवार शाम को तीन कांवड़ियों को कुचल दिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि हादसे में दो कावंडियों की मौत हो गई जबकि एक अन्य उपचाराधीन है।
थानाधिकारी रोशनलाल सामरिया ने सोमवार को बताया कि झडवासा गांव के पास रविवार शाम को तेज रफ्तार ट्रक ने तीन कावड़ियों को कुचल दिया जिसमें से दो की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान मुकेश (23) और मोहित (24) के रूप में की गई है।
समरिया ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। इस संबंध में ट्रक चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया एवं मामले की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर खेद जताते हुए कहा कि परिजनों की नियमानुसार आर्थिक मदद की जाएगी। गहलोत ने ट्वीट किया,‘‘वाहन दुर्घटना में दो कांवड़ियों की मृत्यु व एक कांवड़िये के घायल होने का दुखद समाचार मिला। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में मृत कांवड़ियों के परिजनों के साथ हमारी गहन संवेदनाएं हैं। घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। दोनों मृतकों के परिजनों को चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना से नियमानुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी। -
जयपुर. जयपुर में निवारू पुलिया पर रविवार देर रात एक सड़क हादसे में एक महिला कांस्टेबल की मौत हो गई और एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) घायल हो गया। पुलिस के अनुसार कांस्टेबल बबीता रविवार को ड्यूटी खत्म होने के बाद घर लौट रही थीं। बबीता के घर के पास ही एसआई सज्जन सिंह का भी घर बन रहा है और वह भी बबीता के साथ उनकी कार में जा रहे थे। कार सज्जन सिंह चला रहे थे। दुर्घटना थाना (पश्चिम) के थानाधिकारी नारायण सिंह ने कहा कि कार एक अज्ञात वाहन से टकरा गई, जिससे बबीता और सज्जन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां बबीता को मृत घोषित कर दिया गया जबकि सज्जन सिंह को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद बबीता का शव उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल बबीता यहां दुर्घटना थाना (पश्चिम) में तैनात थी।
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मुंबई. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक कांस्टेबल ने सोमवार को महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास एक चलती ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर कथित तौर पर हत्या कर दी। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल चेतन कुमार चौधरी ने अपने स्वचालित हथियार से तड़के करीब पांच बजे जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में सवार आरपीएफ के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और तीन अन्य यात्रियों को गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी आरपीएफ जवान मानसिक रूप से परेशान है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से पालघर की दूरी करीब 100 किलोमीटर है। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी चेतन कुमार चौधरी ने अपने एस्कॉर्ट ड्यूटी प्रभारी एएसआई टीका राम मीणा को चलती ट्रेन में गोली मार दी। उन्होंने बताया कि अपने वरिष्ठ अधिकारी को गोली मारने के बाद आरोपी कांस्टेबल एक अन्य बोगी में गया और उसने तीन यात्रियों को गोली मार दी। अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने मीरा रोड और दहिसर के बीच ट्रेन से भागने की कोशिश की, लेकिन राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और उसका हथियार भी जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के हाथरस का रहने वाला आरोपी मीरा रोड रेलवे पुलिस की हिरासत में है। उन्होंने बताया कि बोरीवली रेलवे स्टेशन पर शवों को ट्रेन से बाहर निकाला गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल चौधरी समेत आरपीएफ के चार कर्मी सोमवार को गुजरात में सूरत स्टेशन से रवाना हुई जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में पहरा दे रहे थे। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे एक दिन पहले उन्होंने दादर-पोरबंदर-सौराष्ट्र एक्सप्रेस में सूरत स्टेशन तक पहरा दिया था। वापसी पर वे जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। लंबी दूरी की ट्रेन में पहरा देने की ड्यूटी पर अक्सर जीआरपी और आरपीएफ के चार से पांच कर्मियों को तैनात किया जाता है। वे अपने-अपने रेलवे मंडल में ट्रेनों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं और उसके बाद अन्य मंडलों के उनके समकक्ष सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल यहां लोअर परेल आरपीएफ चौकी में तैनात था जबकि एएसआई टीका राम मीणा दादर आरपीएफ चौकी में तैनात था। जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस रविवार दोपहर दो बजकर एक मिनट पर राजस्थान में जयपुर स्टेशन से रवाना हुई और सूरत स्टेशन पहुंची जहां सुरक्षा दल देर रात करीब दो बजकर 47 मिनट पर ट्रेन में चढ़ा। आधिकारिक सूचना के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजकर 21 मिनट पर मुंबई में बोरीवली स्टेशन पर पहुंचने से पहले ट्रेन गुजरात के वापी में रुकी जहां से वह एक मिनट की देरी से चार बजकर आठ मिनट पर रवाना हुई। ठाकुर ने बताया कि दहीसर स्टेशन के समीप ट्रेन की चेन खींचीं गयी जहां आरोपी कांस्टेबल उतरा और भाग गया लेकिन उसे मीरा रोड पर पकड़ लिया गया। ट्रेन को जंजीर खींचे जाने के बादकरीब एक घंटे तक सुबह छह बजकर 21 मिनट से सवा सात बजे तक बोरीवली स्टेशन पर रोका गया और उसके बाद वह रवाना हुई तथा करीब एक घंटे 12 मिनट की देरी से सुबह आठ बजकर सात मिनट पर अपने गंतव्य मुंबई सेंट्रल स्टेशन पहुंची। पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक एएसआई मीणा के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गयी है। पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने बताया कि मीणा के परिजनों को रेलवे सुरक्षा कल्याण निधि से 15 लाख रुपये दिए जाएंगे तथा इसके अलावा अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 20,000 रुपये दिए जाएंगे। अन्य तीन मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने बताया कि उन्हें भी अनुग्रह राशि दी जाएगी।
- मेहसाणा। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि उनकी सरकार इस बात का अध्ययन करेगी कि क्या प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य बनाने का प्रावधान संवैधानिक सीमा में रहकर किया जा सकता है। पटेल ने यह टिप्पणी पाटीदार समुदाय के कुछ धड़ों द्वारा प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य बनाने की मांग के जवाब में की।मेहसाणा जिले में पाटीदार समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सरदार पटेल ग्रुप द्वारा रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने उन्हें विवाह के लिए लड़कियों को भगाने की घटनाओं का अध्ययन कराने का सुझाव दिया है, ताकि ऐसी व्यवस्था बनाई जा सके, जिसमें (प्रेम विवाह के लिए) माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो।मुख्यमंत्री ने कहा, “(ऋषिकेश पटेल ने) मुझसे लड़कियों को भगाने की घटनाओं का अध्ययन कराने को कहा है, ताकि यह देखा जा सके कि क्या (प्रेम विवाह के लिए) माता-पिता की सहमति को अनिवार्य बनाया जा सकता है। अगर संविधान समर्थन करता है, तो हम इस संबंध में अध्ययन करेंगे और इसके लिए सर्वोत्तम व्यवस्था लागू करने की कोशिश करेंगे।”कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने कहा कि अगर सरकार विधानसभा में इस संबंध में कोई विधेयक लेकर आती है, तो वह उसका समर्थन करेंगे।उन्होंने कहा, “ऐसा समय जिसमें प्रेम विवाह के दौरान माता-पिता को नजरअंदाज कर दिया जाता है, सरकार प्रेम विवाह के लिए विशेष प्रावधान करने पर विचार कर रही है, जो संवैधानिक हो।”खेड़ावाला ने कहा, “मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि प्रेम विवाह के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य बनाने को लेकर अध्ययन कराया जाएगा। अगर राज्य सरकार विधानसभा सत्र में ऐसा कोई विधेयक लेकर आती है, तो मैं उसका समर्थन करूंगा।”गुजरात सरकार ने 2021 में गुजरात धार्मिक स्वंतत्रता अधिनियम में संशोधन किया था और विवाह के लिए जबरन या फर्जी तरीके से धर्मांतरण को दंडनीय अपराध बनाया था। संशोधित अधिनियम के तहत दोषियों को 10 साल के कारावास की सजा देने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, बाद में गुजरात उच्च न्यायालय ने अधिनियम की विवादित धाराओं के अमल पर रोक लगा दी थी। इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई थी और मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन है।
- नयी दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय ने रविवार को विभिन्न क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों और संस्थानों के साथ 106 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे शिक्षा और उद्योग-अकादमिक संबंधों में सहयोग के एक नए युग की शुरुआत हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2023 के समापन दिवस पर ये हस्ताक्षर किए गये। सहमतिपत्रों पर हस्ताक्षर के माध्यम से अनेक क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक तथा निजी, दोनों तरह के संस्थाओं को साझेदारी को शामिल किया गया है। कौशल विकास व शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के लिए सीबीएसई (केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने विभिन्न संस्थानों तथा क्षेत्र आधारित कौशल प्रदाताओं के साथ 15 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ये साझेदारियां कौशल मूल्यांकन और क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा देंगी।'' इन एमओयू पर अटल इनोवेशन मिशन, आईबीएम, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, अपैरल मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल, ऑटोमोटिव सेक्टर स्किल काउंसिल, स्पोर्ट्स, फिजिकल एजुकेशन, फिटनेस एंड लीजर स्किल्स काउंसिल, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सीएससी), एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस इंडिया, लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल, फर्नीचर और फिटिंग सेक्टर स्किल काउंसिल, लाइफ साइंसेज सेक्टर स्किल काउंसिल, टेक्सटाइल सेक्टर स्किल काउंसिल और हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ सहयोग करने के लक्ष्य के साथ हस्ताक्षर किए गए।
- नोएडा (उप्र) । ग्रेटर नोएडा के दादरी थानाक्षेत्र में पुलिस ने रविवार को दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 40 लाख रुपये का 370 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया । एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दादरी पुलिस और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की नारकोटिक्स टीम ने रविवार को एक संयुक्त अभियान के दौरान एक गाड़ी में गांजा भरकर ले जा रहे दो आरोपियों सोमपाल उर्फ सोनू तथा अर्जुन साहू को गिरफ्तार किया । उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि यह गांजा अन्य प्रदेशों से लाकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बेचा जाता है। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों के पास से पुलिस ने 370 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 40 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि ये लोग गाड़ी के पिछले भाग में एक गुप्त केबिन बनाकर उसमें गांजा भरकर लाते हैं। पुलिस के अनुसार चूंकि तलाशी के दौरान गुप्त केबिन का पुलिस को पता नहीं चलता था, इस वजह से आरोपी आसानी से तस्करी कर लेते थे।
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नई दिल्ली। आयकर विभाग ने 30 जुलाई से अब तक 6 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। वहीं, कल शाम 6.30 बजे तक करीब 26 लाख 76 हजार आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। ई-फाइलिंग पोर्टल पर कल शाम 6.30 बजे तक एक करोड़ 30 लाख से अधिक सफल लॉगिन हुए।
आयकर विभाग कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से 24x7 आईटीआर दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए करदाताओं की सहायता कर रहा है। आकलन वर्ष 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। -
ठाणे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि करुणा भाव से कर्तव्य निभाना ही समाज के प्रति सच्ची सेवा है। भागवत ने यहां धर्मवीर आनंद दिघे कैंसर अस्पताल और एक मंदिर परिसर की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''दुख दूर करने की भावना के साथ और बिना किसी स्वार्थ और अहंकार के मानव जाति की सेवा करना दूसरों के प्रति अपने कर्तव्य को समझना है।'' उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य “रोटी, कपड़ा और मकान” की तरह समान रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन सुविधाएं अपर्याप्त हैं और सस्ती तथा सुलभ स्वास्थ्य संरचना समय की मांग है। भागवत ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित कैंसर अस्पताल से समाज को लाभ होगा क्योंकि यह दुख और कठिनाइयों को दूर करने की वास्तविक भावनाओं के साथ शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जीवन बचाना ईश्वर की सेवा है और इससे लोगों को आशा मिलती है कि वे अकेले नहीं हैं।” उन्होंने अस्पताल परियोजना के लिए आरएसएस की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
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नयी दिल्ली. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रविवार शाम तक छह करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके थे। यह संख्या पिछले साल 31 जुलाई तक दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़े को पार कर गई है। वेतनभोगी वर्ग और ऐसे लोग जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराने की जरूरत नहीं है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। आयकर विभाग ने ट्वीट किया, “30 जुलाई को शाम साढ़े छह बजे तक छह करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे, जिसमें से 26.76 लाख आईटीआर रविवार को दाखिल किए गए।'' विभाग ने कहा कि आईटीआर दाखिल करने के लिए फोन, लाइव चैट और सोशल मीडिया के जरिए करदाताओं की लगातार मदद की जा रही है।
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नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर शहर में तीन बदमाशों ने बंदूक दिखा कर एक महिला व्यवसायी से कथित तौर पर पांच लाख रुपये का कीमती सामान लूट लिया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। महिला की आभूषण की एक दूकान है । एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शहर के रामेश्वरी इलाके में शनिवार की रात हुई। उन्होंने बताया कि शशि सोनी, रात के करीब नौ बजे अपनी दुकान बंद कर कीमती सामानों का बैग लेकर अपने दुपहिया वाहन से घर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी उसका पीछा करने लगे। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने उसे रोक लिया और पिस्तौल दिखा कर बैग उनके हवाले करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि तीनों बदमाश बैग लेकर फरार हो गए जिसमें 50 ग्राम सोना, छह किलोग्राम चांदी और 30,000 रुपये नगद थे। अधिकारी ने बताया कि पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। -
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) .भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सिंगापुर के सात उपग्रहों को ले जा रहे अपने भरोसेमंद पीएसएलवी रॉकेट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया और इन उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। इसरो ने बताया कि प्रक्षेपण के करीब 23 मिनट बाद प्रमुख उपग्रह रॉकेट से अलग हुआ। इसके बाद छह अन्य उपग्रह भी अलग हुए और अपनी-अपनी निर्धारित कक्षा में स्थापित हुए। इस महीने बहुप्रतीक्षित चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण के बाद यह इसरो का एक और समर्पित मिशन है, जिसकी कमान उसकी वाणिज्यिक इकाई ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड' संभाल रही है। इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा, ‘‘प्रमुख उपग्रह डीएस-एसएआर और छह अन्य उपग्रहों समेत सात उपग्रहों को ले जा रहे पीएसएलवी-सी56 ने इन्हें सफलतापूर्वक निर्दिष्ट कक्षाओं में स्थापित किया।'' शनिवार को शुरू हुई 25 घंटे की उलटी गिनती के बाद 44.4 मीटर लंबे रॉकेट को रविवार सुबह छह बजकर 30 मिनट के निर्धारित समय से एक मिनट बाद सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया। इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि रॉकेट को एक मिनट बाद छह बजकर 31 मिनट पर इसलिए प्रक्षेपित किया गया, क्योंकि इसकी यात्रा के दौरान अंतरिक्ष के मलबे के इसके रास्ते में आने की आशंका थी। सोमनाथ ने मिशन नियंत्रण केंद्र में कहा, ‘‘यह एनएसआईएल के लिए पीएसएलवी का अभियान है। मैं सिंगापुर के उपग्रहों के प्रक्षेपण के वास्ते हमारे पीएसएलवी पर विश्वास जताने के लिए सिंगापुर सरकार द्वारा प्रायोजित ग्राहकों को बधाई देना चाहता हूं।'' सोमनाथ ने कहा, ‘‘मैं आज इतनी सुबह इस मिशन को देखने, हमारा समर्थन करने और हमारा आभार जताने के लिए आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम अगस्त या सितंबर की शुरुआत में एक और पीएसएलवी मिशन के साथ लौटेंगे।'' उपग्रह को निर्धारित कक्षाओं में सफलतापूर्वक स्थापित करने पर इसरो ने ट्वीट किया, ‘‘पीएसएलवी-सी56/डीएस-एसएआर मिशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। पीएसएलवी-सी56 प्रक्षेपण यान ने सातों उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया। इस अनुबंध के लिए न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड और सिंगापुर का शुक्रिया।'' न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डी. राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘पीएसएलवी परियोजना के जरिये हमें ऐसा अद्भुत मिशन देने के लिए विभिन्न केंद्रों में कार्यरत इसरो की टीम को हार्दिक बधाई। मुझे नहीं लगता कि आज के मिशन में जो सफलता मिली, ग्राहक उससे कुछ और बेहतर की उम्मीद कर सकता था।'' राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि पीएसएलवी के इतिहास में, खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए वाणिज्यिक प्रक्षेपण के इतिहास में समर्पित प्रक्षेपण के लिए किसी एक ग्राहक (सिंगापुर सरकार) का लगातार चार बार से आना वास्तव में एक रिकॉर्ड है। यह दिखाता है कि ग्राहक हमारी टीम पर कितना भरोसा करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जानकारी मिली है कि सिंगापुर भविष्य में कई और मिशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि वह हमारी सेवाओं और सबसे भरोसेमंद लॉन्च वाहन पीएसएलवी पर भरोसा करना जारी रखेगा। मुझे यकीन है कि सिंगापुर हमें कई और मौके देगा, ताकि हम उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सबसे उत्कृष्ट प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध करा सकें।'' अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि 360 किलोग्राम वजन वाले डीएस-एसएआर उपग्रह को डीएसटीए (सिंगापुर सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला) और एसटी इंजीनियरिंग सिंगापुर के बीच साझेदारी के तहत विकसित किया गया है। इस उपग्रह का इस्तेमाल सिंगापुर सरकार की विभिन्न एजेंसियों की उपग्रह चित्रण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाएगा। इसरो ने कहा कि उपग्रहों को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करने के लिए उसके विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी ने रविवार को ‘कोर अलोन कॉन्फिगरेशन' के 17वें प्रक्षेपण वाहन की मदद से अपनी 58वीं उड़ान भरी। अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक, ‘कोर अलोन कॉन्फिगरेशन' रॉकेट का अभिप्राय ऐसे रॉकेट से होता है, जो पहले चरण में ठोस ‘स्ट्रैप ऑन मोटर' का इस्तेमाल नहीं करता, जैसा कि इसके अन्य संस्करण पीएसएलवी-एक्सएल, क्यूएल और डीएल करते हैं, जो क्रमश: छह, चार या दो बूस्टर का सहारा लेते हैं। डीएस-एसएआर में इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) लगाया गया है। यह उपग्रह को हर मौसम में दिन-रात तस्वीर लेने में सक्षम बनाता है। पीएसएलवी रॉकेट के जरिये डीएस-एसएआर के अलावा जिन अन्य छह उपग्रहों को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, उनमें वेलोक्स-एएम, एआरसीएडीई (एटमॉस्फेरिक कपलिंग और डायनेमिक्स एक्सप्लोरर), प्रायोगिक उपग्रह स्कूब-2, 3यू नैनोसैटेलाइट, गैलासिया-2 और ओआरबी-12 स्ट्राइडर शामिल हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस से पहले ही शहीदों के सम्मान में मेरी माटी मेरा देश अभियान शुरू किया जाएगा। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव के दौरान कई कार्यक्रम शहीदों की स्मृति में किये जायेंगे और लाखों ग्राम पंचायतों में विशेष शिलालेख भी स्थापित किये जायेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत देशभर में अमृत कलश यात्रा आयोजित की जायेगी। यह यात्रा देश के कोने-कोने से साढ़े सात हजार कलशों में मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से पौधे भी लाये जायेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रीय समर स्मारक के पास अमृत वाटिका बनायी जायेगी जिसमें साढे सात हजार कलशों में देशभर से लाई गई मिट्टी और छोटे पौधों का उपयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह वाटिका एक भारत श्रेष्ठ भारत का भव्य प्रतीक बनेगी। श्री मोदी ने कहा कि मेरी माटी मेरा देश अभियान में शामिल होकर देश अमृतकाल के अगले 25 वर्षों के लिए पंचप्राण यानी पांच संकल्पों को पूरा करने की शपथ भी लेगा। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपील की है कि वे अपने हाथों में मिट्टी लेकर शपथ लेते हुए अपनी सेल्फी युवा डॉट जीओवी डॉट इन पर अपलोड करें।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में हर घर तिरंगा अभियान चलाया गया था और इस वर्ष भी हर घर पर तिरंगा फहराया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि इन प्रयासों से लोग अपने कर्तव्यों, स्वतंत्रता के मूल्य और देश की आजादी के लिए किये गये असंख्य बलिदान का स्मरण कर पायेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों को अपने स्वतंत्रता सेनानियों को सदैव स्मरण रखना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता सेनानियों के स्वप्नो को साकार करने के लिए अनवरत प्रयास करने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ऐसे कठिन परिश्रम और सामूहिक प्रयासों को सामने लाने का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत महोत्सव के दौरान देश में लगभग दो लाख कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग लेखकों के लिए आयोजित लेखक सम्मेलन ऐसा ही एक कार्यक्रम था। श्री मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के तिरूपति में राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन भी आयोजित किया गया।प्रधानमंत्री ने नशीले पदार्थों की समस्या के समाधान के लिए लोगों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में संगीत कार्यक्रमों और बाइक रैलियों के जरिए नशीले पदार्थों के विरूद्ध लोगों को जागरूक बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री मोदी ने चंडीगढ़ की चर्चा भी की जहां नशीले पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता के लिए वादा नाम से क्लब चलाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसे कई खेल समूह बनाये गये हैं जहां फिटनेस पर जोर दिया जा रहा है और नशा मुक्ति अभियान चलाये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इन अभियानों में युवाओं की भागीदारी को बहुत उत्साहवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त भारत अभियान की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को की गई थी। इसका उद्देश्य भावी पीढ़ी को नशीले पदार्थों से दूर रखना था। श्री मोदी ने बताया कि अब तक इस अभियान से 11 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दो सप्ताह पहले एक बड़ी कार्रवाई के तहत, जब्त किये गये डेढ़ लाख किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत ने दस लाख किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट कर एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया है। इन नशीले पदार्थों की कीमत 12 हजार करोड़ रूपये से अधिक थी।प्रधानमंत्री ने नशा-मुक्ति में योगदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सराहना की। उन्होंने मध्य प्रदेश के एक गांव बिचारपुर का उदाहरण दिया जिसे मिनी ब्राजील कहा जाता है क्योंकि यहां के खिलाड़ी फुटबॉल में नाम रोशन कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि बिचारपुर गांव के मिनी ब्राजील बनने की यात्रा लगभग ढाई दशक पहले शुरू हुई थी जब बिचारपुर अवैध शराब और नशे की गिरफ्त के कारण बदनाम था। फुटबॉल के पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच रईस अहमद ने इस गांव के युवाओं की प्रतिभा को पहचाना और उन्होंने उन्हें फुटबॉल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। धीरे धीरे बिचारपुर की पहचान फुटबॉल खिलाडियों के गांव के रूप में होने लगी। इस गांव में फुटबॉल क्रांति नामक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम इतना सफल रहा है कि अब तक बिचारपुर गांव के 40 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। श्री मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्य प्रदेश के शहडोल और आस-पास के इलाकों में 12 सौ से अधिक फुटबॉल क्लब सक्रिय हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान बीते कुछ दिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण परेशानियों का चिंता और परेशानी से भरे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुना सहित कई नदियों में बाढ़ से कई इलाकों के लोगों को तकलीफ उठानी पड़ी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं और देश के पश्चिमी हिस्से में चक्रवात बिपरजॉय भी आया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आपदाओं के बीच देशवासियों ने फिर दिखाया है कि सामूहिक प्रयास की ताकत क्या होती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवानों और स्थानीय प्रशासन ने दिन-रात लगाकर ऐसी आपदाओं का मुकाबला किया है। श्री मोदी ने गर्व व्यक्त किया कि सर्वजन हिताय की यही भावना भारत की पहचान है और भारत की ताकत भी है।प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बारिश का यह समय वृक्षारोपण और जल-संरक्षण के लिए जरूरी होता है। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान साठ हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है और ऐसे पचास हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण कार्य चल रहा है। श्री मोदी ने जल संरक्षण के इन नेक प्रयासों के लिए लोगों की सराहना की। उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल में पकरिया गांव के आदिवासी भाई-बहन की चर्चा की जहां के लोगों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से लगभग सौ कुओं को जल पुनर्भरण प्रणाली में परिवर्तित कर दिया है। अब वर्षा जल इन कुओं से होकर जमीन में प्रवेश कर जाता है इससे धीरे-धीरे इस इलाके का भू-जल स्तर ऊपर उठ जायेगा। श्री मोदी ने कहा कि अब इस इलाके के सभी ग्रामीणों ने पुनर्भरण के लिए पूरे इलाके में लगभग आठ सौ कुओं के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है।प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश का भी उदाहरण दिया जहां कुछ दिन पहले ही एक ही दिन में तीस करोड़ पौधारोपण का रिकॉर्ड बना। इस अभियान की शुरुआत राज्य सरकार ने की और इसे कार्यरूप जनता ने दिया। श्री मोदी ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास जन-भागीदारी के साथ-साथ जन जागरण के भी बडे उदाहरण हैं।प्रधानमंत्री ने सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सावन के इन दिनों में बारह ज्योतिर्लिंगों में भी खूब श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि बनारस जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी रिकॉर्ड तोड़ रही है। अब हर साल दस करोड़ से अधिक पर्यटक काशी पहुंच रहे हैं। अयोध्या, मथुरा और उज्जैन जाने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा कि इससे लाखों गरीबों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोगों की सामूहिक सांस्कृतिक जन-जागरण का परिणाम है और पूरी दुनिया से लोग भारत के तीर्थों में आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कैलिफोर्निया से अमरनाथ यात्रा पर आए दो अमरीकी नागरिकों की चर्चा की। उन्होंने फ्रांस मूल की एक महिला शारलोट शोपा का भी जिक्र किया जो एक योग शिक्षक है। सुश्री शोपा की उम्र सौ साल से अधिक है और वे पिछले चालीस वर्षों से योगाभ्यास कर रही हैं। उन्होंने अपने स्वास्थ्य का श्रेय योग को दिया है और वे भारतीय योग विज्ञान और इसकी ताकत का एक बड़ा चेहरा बन गयी हैं।प्रधानमंत्री ने उज्जैन का उल्लेख किया जहां देश के 18 चित्रकार पुराणों पर आधारित आकर्षक चित्र -कथाएं बना रहे हैं। ये तस्वीरे अलग-अलग शैलियों की होंगी जिनमें बूंदी शैली, नाथद्वार शैली, पहाड़ी शैली और अपभ्रंश शैली शामिल हैं। ये तस्वीरें उज्जैन के त्रिवेणी संग्रहालय में प्रदर्शित की जायेंगी।प्रधानमंत्री ने राजकोट के कलाकार प्रभात सिंह मोड भाई बरहाट की अनूठी चित्रकारी की चर्चा की जो छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के एक प्रसंग पर आधारित है। श्री मोड भाई ने इस चित्र में दिखाया है कि राज्याभिषेक के बाद शिवाजी जब कुल देवी तुलजा माता के दर्शन करने जा रहे थे, तो उस समय क्या माहौल था।प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के वडवल्ली के सुरेश राघवन का जिक्र किया जिन्होंने अपनी चित्रकारी के माध्यम से पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की जानकारी के संरक्षण का निर्णय लिया है। श्री राघवन इन पौधों और जीव-जंतुओं को अपनी चित्रकारी का विषय बनाते हैं। अब तक वे ऐसे कई पशु-पक्षियों की तस्वीरें बना चुके हैं जो लुप्त होने की कगार पर हैं।प्रधानमंत्री ने अमरीका द्वारा हाल ही में लौटाई गई कई दुलर्भ कलाकृतियों का उल्लेख किया जो ढाई सौ से ढाई हजार वर्ष तक पुराने हैं और अलग - अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये कलाकृतियां टेराकोटा, पत्थर, धातु और लकड़ियों से बनी हैं। श्री मोदी ने कहा कि इनमें से एक मूर्ति 11वीं सदी की है। रेतीले पत्थर से बनी इस कलाकृति में एक अप्सरा नृत्य मुद्रा में है। अमरीका से लौटाई गई मूर्तियों में चोल युग की कई मूर्तियां भी हैं। इनमें देवी और भगवान मुरूगन की मूर्तियां 12वीं सदी की हैं जो तमिलनाडु की वैभवशाली संस्कृति से जुड़े हैं। श्री मोदी ने बताया कि भगवान गणेश की लगभग एक हजार वर्ष पुरानी कांस्य प्रतिमा भी भारत को लौटाई गई है। एक अन्य प्रतिमा उमा-महेश्वर की है जो 11वीं सदी की है और जिसमें दोनों देवता ललितासन में नंदी पर आसीन हैं। लौटाई गई मूर्तियों में जैन तीर्थंकरों की दो प्रस्तर प्रतिमाएं भी हैं। प्रधानमंत्री ने भारत की इन अनमोल धरोहरों को लौटाने के लिए अमरीका सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि 2016 और 2021 की उनकी अमरीका यात्रा के दौरान भी कई कलाकृतियां भारत को लौटाई गई थीं। श्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से देश में सांस्कृतिक धरोहरों की चोरी को रोकने के प्रति जागरूकता बढेगी।प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति-माणा घाटी की माताओं और बहनों के पत्र की चर्चा की जो भोजपत्र के संबंध में है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने उन्हें पिछले वर्ष अक्टूबर में भोजपत्र पर एक अनूठी कलाकारी भेंट की थी। श्री मोदी ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारे शास्त्र और ग्रंथ इन भोजपत्रों में सहेजे जाते रहे हैं। महाभारत की रचना भी भोजपत्र पर ही की गई थी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की ये महिलाएं भोजपत्र पर सुंदर कलाकृतियां और स्मृति-चिन्ह बना रही हैं। प्रधानमंत्री ने माण गांव की यात्रा के दौरान इस अनूठे प्रयास की सराहना की थी और पर्यटकों से स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील की थी। श्री मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त की कि भोजपत्र उत्पादों को तीर्थ यात्री और पर्यटक बहुत पसंद कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि राज्य सरकार भोजपत्र उत्पाद तैयार करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही है।प्रधानमंत्री ने हज यात्रा से हाल ही में लौटी मुस्लिम महिलाओं के पत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चार हजार से अधिक महिलाओं ने बिना किसी महरम यानी किसी पुरुष साथी के बिना ही हज यात्रा पूरी की है। उन्होंने इसे एक बड़ा बदलाव बताया और सऊदी अरब की सरकार का आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा कि महरम के बिना हज पर जाने वाली महिलाओं के लिए महिला समन्वयकर्ताओं की खासतौर से नियुक्ति की गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हज नीति में पिछले कुछ वर्षों में हुए परिवर्तन अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि हज यात्रा से लौटे लोगों की शुभकामनाएं बहुत उत्साहवर्धक हैं। - जयपुर ।भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को विश्वास जताया कि राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता पार्टी को एकतरफा आशीर्वाद को देगी। साथ ही नड्डा ने कहा कि उन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम में फेरबदल समय को ध्यान में रखते हुए किया है।उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘‘मैं आश्वस्त हूं कि निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव में राजस्थान की जनता भाजपा को एकतरफा आशीर्वाद देने वाली है। इसके साथ-साथ 2024 में लोकसभा चुनाव में 'क्लीन स्वीप' के लिए लोग आतुर बैठे हैं। मुझे ऐसा महसूस हो रहा है।'' राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।नड्डा ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से कहा, ‘‘सही मायने में राजस्थान की जनता गहलोत सरकार को एक मिनट भी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। जैसी स्थिति हमें दिख रही है, उसके तहत एक तारीख को पार्टी का ‘नहीं सहेगा राजस्थान' अभियान सफल होगा।'' उन्होंने कानून व्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यहां लूट मची हुई और राज्य का किसान बेहाल व ठगा हुआ महसूस कर रहा है। नड्डा ने कहा, ‘‘जिस तरह का मैं वातावरण देख रहा हूं... प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) की नीतियों के कारण, साधारण व्यक्ति का जो सशक्तिकरण हुआ है... गांव, गरीब, वंचित, पीड़ित, शोषित, दलित, हमारे युवा भाई, हमारे किसान भाई, हमारी माताएं बहनें... इनका जो सशक्तिकरण हुआ है उसको भलीभांति राजस्थान की जनता ने समझा भी है और जाना भी है। इसलिए मैं आश्वस्त हूं कि वह आने वाले समय में भाजपा को पूरा आशीर्वाद देकर सफल बनाएगी।'' अपनी नई टीम के बारे में नड्डा ने कहा, ‘‘हमारी टीम हमेशा समय को ध्यान में रखते हुए बनाई जाती है। हम 2024 के लोकसभा चुनाव में जा रहे हैं और हमने फैसला किया है कि लोकसभा चुनाव के लिए हमें टीम को भी 'रद्दोबदल' करने की आवश्यकता थी। इसमें हम जीत हासिल करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में हमारे कई लोकसभा सदस्य पार्टी के पदाधिकारी भी थे। चूंकि वे चुनाव सही से लड़ सकें ऐसे में उन्हें समय देना और नये लोगों को मौका देना भी जरूरी था। हम संगठन को लेकर लचीले हैं और नये लोगों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं और हमारे यहां यह सतत चलता रहता है।'' नड्डा ने शनिवार को अपनी राष्ट्रीय टीम में फेरबदल करते हुए कर्नाटक के सी टी रवि और असम से लोकसभा सदस्य दिलीप सैकिया की राष्ट्रीय महासचिव पद से और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह की उपाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी। पार्टी के एक प्रवक्ता के अनुसार नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा कोर कमेटी बैठक आयोजित हुई जिसमें पार्टी की आगामी योजनाओं और चुनावी रणनीति को लेकर बारीकी से मंथन किया गया। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश चुनाव सह-प्रभारी नितिन पटेल, प्रदेश सह-प्रभारी विजया राहटकर, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी, वसुंधरा राजे सिंधिया, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, सांसद कनकमल कटारा, सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया मौजूद रहे।
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हैदराबाद. तेलंगाना में बीते सप्ताह से हुई भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में बारिश रुकने से शनिवार को राहत कार्य में तेजी आई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार दोपहर तक प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक, बारिश से संबंधित घटनाओं में 18 लोगों की जान चली गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से बारिश कम होने के बावजूद वारंगल के कुछ हिस्सों में जलभराव जारी है। राज्य सरकार ने राहत शिविर स्थापित किए हैं और बारिश प्रभावित क्षेत्रों में बचाव तथा पुनर्वास कार्य तेज कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि वारंगल में भद्रकाली टैंक में दरार आ गई और इसे भरने के प्रयास जारी हैं।
मंदिरों के शहर भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर शनिवार शाम चार बजे 55.40 फुट था और यहां तीसरी और अंतिम चेतावनी लागू की गयी थी। बाढ़ के मद्देजनर इस जिले के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से निकालकर राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई जिलों में कृषि क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। राज्य नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास मंत्री के. टी. रामा राव ने जलजनित बीमारियों को रोकने के उपायों, सुरक्षित पेयजल के प्रावधान, स्वच्छता प्रबंधन और राजमार्गों एवं अन्य मुख्य सड़कों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने भारी बारिश के बाद राहत कार्यों पर एक ‘टेलीकांफ्रेंस' आयोजित की थी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, मंत्री ने अधिकारियों से मौजूदा स्थिति में राहत उपायों को एक चुनौती के रूप में लेने को कहा और उन्हें अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। रामा राव ने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने तेलंगाना की अपनी दैनिक मौसम रिपोर्ट (29 जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे) में कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून तेलंगाना में कमजोर पड़ रहा है और राज्य में छिटपुट बारिश हो रही है। इसमें कहा गया है कि निर्मल जिले के भैंसा में सबसे अधिक तीन सेमी बारिश हुई। विभाग ने तेलंगाना में अगले सात दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक एक अगस्त को आदिलाबाद, कोमाराम भीम आसिफाबाद और अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। - शिमला/रामपुर । लगातार बारिश के कारण शिमला जिले के ननखरी और कोटगढ़ इलाकों की छह पंचायतों के कई घरों पर डूबने का खतरा मंडराने लगा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। कुल्लू जिले के अन्नी क्षेत्र में जाबन के ऊपरी इलाकों में शुक्रवार रात को बादल फटने से देवरी खड्ड में अचानक बाढ़ आ गई। इसके चलते अलर्ट जारी करके आधी रात को नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। अचानक आई बाढ़ से बगीचों को भी नुकसान पहुंचा और कई स्थानों की सड़क पर आवागमन बाधित हो गया। पानी के बहाव में बढ़ोतरी से कोटू नाले में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है।शिमला के उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण कुछ गांवों में जमीन धंस गई है, जिससे कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि भूवैज्ञानिकों से जमीन धंसने के कारण का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करने का अनुरोध किया जाएगा। वहीं, कुल्लू के उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया कि कुछ घरों और अन्य निजी संपत्तियों तथा गौशालाओं को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है, लेकिन अब स्थिति सामान्य है क्योंकि पानी कम हो गया है और कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में शुक्रवार की रात भारी बारिश के कारण न केवल भूस्खलन हुआ, बल्कि संपर्क सड़कों के अलावा बोर्नी नाला और जियोरी सहित कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच (शिमला-किन्नौर) भी अवरुद्ध हो गया। रामपुर के स्थानीय विधायक नंद लाल ने कहा, ‘‘पिछले तीन सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने स्थिति गंभीर बना दी है। राहत और बहाली कार्य जोरों पर हैं। सड़कों को खोलने के लिए भारी मशीनरी का इंतजाम किया गया है और जोखिम वाले घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।'' जनजातीय बहुल किन्नौर जिले में चौरा के पास भारी भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-पांच पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। हिमाचल प्रदेश में 24 जून को मॉनसून के दस्तक देने के बाद से राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में अब तक 184 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग लापता हैं। राज्य में बारिश से करीब 700 घर बह गए हैं, जबकि 7,093 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 28 जुलाई तक राज्य को 5,536 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय मौसम कार्यालय ने येलो अलर्ट जारी करते हुए दो अगस्त को और अधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसने चार अगस्त तक राज्य में बारिश का अनुमान जताया है।
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित और जानलेवा चाईनीज़ मांझा के ऑनलाइन ब्रिकी और खरीद के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके पास से 201 रोल चाईनीज़ मांझा बरामद किया। दिल्ली एनसीआर में चाईनीज़ मांझे के कारण हुई घटनों को लेकर पुलिस की अपराध शाखा द्वारा चाईनीज़ मांझो की अवैध ब्रिकी और डीलरों पर कडी नजर रखी जा रही है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस को राजधानी के मदनपुर खादर क्षेत्र में चाईनीज़ मांझे की अवैध खरीद ब्रिकी के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस द्वारा इस मामले में कार्यवाही करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। file photo
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि देशभर में 320 कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों सहित1200 सौ से अधिक बायोगैस संयंत्र गोबरधन पोर्टल पर पंजीकृत किए जा चुके हैं। जलशक्ति मंत्रालय ने कहा कि इस पोर्टल के प्रति राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, बायोगैस ऑपरेटरों और निवेशकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। गोबरधन पहल का उद्देश्य, जैविक और बायोडिग्रेडेबल कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से कचरे को कंचन में बदलना और साथ ही ग्रामीण परिवारों को संसाधन तथा मौद्रिक लाभ प्रदान करना है। देश भर में बायोगैस संयंत्रों और निर्माणाधीन कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों के पंजीकरण की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए इस साल पहली जून को गोबरधन पोर्टल की शुरूआत की गई थी।
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नई दिल्ली। भारत में बाघों की आबादी 6.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ 3925 होने का अनुमान है। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने एक रिपोर्ट जारी की। पिछले साल मैसूर में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाघों की न्यूनतम आबादी 3 हजार 167 घोषित की थी। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा एकत्रित आंकड़ों के अनुसार बाघों की आबादी प्रति वर्ष 6.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। भारत में वर्तमान में बाघों की लगभग 75 प्रतिशत आबादी है।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन - इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने सिंगापुर के सात उपग्रहों के प्रक्षेपण के प्रयोजन से भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान - पीएसएलवी पर विश्वास करने के लिए सभी उपग्रह निर्माता संस्थानों को बधाई दी है। इसरो ने सिंगापुर के डीएस-एसएआर उपग्रह सहित सात उपग्रहों का आज सुबह आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह प्रक्षेपण ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान - पीएसएलवी सी56 से कोर अलोन मोड में किया गया।
डीएस-एसएआर उपग्रह सिंगापुर के न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड का वाणिज्यिक मिशन है। इस उपग्रह में इस्राइल के सिंथेटिक अपर्चर रडार पेलोड का उपयोग किया गया है। इससे खराब मौसम और रात में भी उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें प्राप्त की जा सकती हैं। आज प्रक्षेपित किये गये छह अन्य उपग्रह भी सिंगापुर के हैं। यह पीएसएलवी की कोर अलोन मोड में 17वीं उड़ान है। -
मुंबई. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में शुक्रवार देर रात दो निजी बस की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे मल्कापुर कस्बे के एक फ्लाईओवर पर हुई । अधिकारियों ने बताया कि एक बस अमरनाथ से हिंगोली लौट रही थी जबकि दूसरी बस नासिक की तरफ जा रही थी।
उन्होंने बताया कि नासिक जा रही बस ने एक ट्रक से आगे निकलने की कोशिश की और इसी क्रम में वह सामने से आ रही दूसरी बस से टकरा गई। इस टक्कर में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि हादसे की वजह के कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात बाधित रहा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के जरिये देश की हर भाषा को उचित सम्मान और श्रेय दिया जायेगा और जो लोग अपने स्वार्थ के लिए भाषा का राजनीतिकरण करने की कोशिश करेंगे, उन्हें अपनी दुकानें बंद करनी होंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने एनईपी के तीन साल पूरे होने के अवसर पर ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम' के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि छात्रों के साथ सबसे बड़ा अन्याय उन्हें उनकी क्षमताओं के बजाय उनकी भाषा के आधार पर आंकना है। मोदी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की हर भाषा को उचित सम्मान और श्रेय देगी... जो लोग अपने स्वार्थ के लिए भाषा का राजनीतिकरण करने की कोशिश करते हैं, उन्हें अब अपनी दुकानें बंद करनी होंगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘मातृभाषा में शिक्षा भारत में छात्रों के लिए न्याय के एक नए रूप की शुरुआत कर रही है। यह सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है।'' दुनिया में भाषाओं की अधिक संख्या और उनके महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई विकसित देशों को उनकी स्थानीय भाषाओं के कारण बढ़त मिली है। उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्यादातर देश अपनी मूल भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मोदी ने इस बात पर अफसोस जताया कि भले ही भारत में कई स्थापित भाषाएं हैं, लेकिन इन्हें पिछड़ेपन की निशानी के तौर पर पेश किया जाता है और जो लोग अंग्रेजी नहीं बोल सकते, उनकी उपेक्षा की जाती है और उनकी प्रतिभा को मान्यता नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित रहते हैं। एनईपी को लाये जाने के साथ देश ने अब इस धारणा को त्यागना शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भी, मैं भारतीय भाषा में बोलता हूं।'' मोदी ने कहा कि सामाजिक विज्ञान से लेकर इंजीनियरिंग तक के विषय अब भारतीय भाषाओं में पढ़ाये जायेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘जब छात्र किसी भाषा में आत्मविश्वास रखते हैं, तो उनका कौशल और प्रतिभा बिना किसी पाबंदी के उभर कर सामने आयेगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भारत को नयी संभावनाओं की ‘नर्सरी' के तौर पर देख रही है और कई देश अपने यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के परिसर खोलने के लिए सरकार से संपर्क कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘दुनिया भारत को नयी संभावनाओं की ‘नर्सरी' के तौर पर देख रही है। कई देश अपने यहां आईआईटी परिसर खोलने के लिए हमसे संपर्क कर रहे हैं। दो आईआईटी परिसरों-तंजानिया में एक परिसर और अबू धाबी में एक परिसर-का संचालन शुरू होने वाला है... कई वैश्विक विश्वविद्यालय भी हमसे संपर्क कर रहे हैं। वे भारत में अपने परिसर खोलने में रुचि दिखा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘एनईपी का लक्ष्य भारत को अनुसंधान एवं नवोन्मेष का केंद्र बनाना है। इस नीति में ज्ञान की पारंपरिक प्रणालियों और भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकी को समान महत्व दिया गया है।'' मोदी ने विद्यालयों से छात्रों को आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों के बारे में जागरूक बनाने के लिए कहा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘पीएम श्री' योजना के तहत निधि की पहली किस्त जारी की। इस योजना के तहत स्कूल छात्रों को इस तरह से पोषित करेंगे कि वे एनईपी द्वारा परिकल्पित न्यायसंगत, समावेशी और बहुलवादी समाज के निर्माण के लिए योगदान देने वाले नागरिक बनें। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 12 भारतीय भाषाओं में अनूदित शिक्षा और कौशल पाठ्यक्रम की पुस्तकों का विमोचन भी किया। यह दो दिवसीय समागम यहां प्रगति मैदान के ‘भारत मंडपम' में आयोजित किया जा रहा है। -
मुजफ्फरपुर. बिहार में अवकाश लेकर मुजफ्फरपुर जिला स्थित अपने गांव पहुंचे एक पुलिसकर्मी की जमीन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर पीट पीटकर शनिवार को हत्या कर दी गई। घटना मुजफ्फरपुर जिले के यदु छपरा गांव की है। पटना में हवलदार के पद पर तैनात 53 साल के दीपेंद्र कुमार सिंह अवकाश लेकर अपने गांव यदु छपरा पहुंचे थे। मुजफ्फरपुर के उपाधीक्षक (पश्चिम) अभिषेक आनंद के मुताबिक, सुबह सूचना मिली कि सिंह का शव उनके घर के पास पड़ा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हमने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है, जिन्होंने कहा है कि परिवार का पड़ोसी परिवार के साथ जमीन के एक टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी माप बमुश्किल कुछ वर्ग इंच थी। उन्होंने कहा, ‘‘परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि हत्या से पहले पुलिसकर्मी कुछ दिनों से टेलीफोन पर स्थानीय पुलिस से मदद मांग रहा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। हम आरोप की जांच कर रहे हैं और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में एक व्यक्ति को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत दायर आवेदन पर जानकारी 40 हजार पन्नों में मिली, जिन्हें वह अपने एसयूवी वाहन में भरकर घर ले गया। इस जानकारी के लिए आवेदक धर्मेंद्र शुक्ला को प्रति पृष्ठ निर्धारित दो रुपये का भुगतान भी नहीं करना पड़ा, क्योंकि उसके आवेदन का एक महीने के भीतर जवाब नहीं दिया गया था। शुक्ला ने शनिवार को कहा, “मैंने इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के पास एक आरटीआई आवेदन दायर कर कोरोनाकाल के दौरान दवाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और अन्य सामग्री की खरीद से संबंधित निविदाओं एवं बिल भुगतान का विवरण मांगा था।” उन्होंने बताया, “चूंकि, मुझे एक महीने के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई, इसलिए मैंने प्रथम अपीलीय अधिकारी डॉ. शरद गुप्ता से संपर्क किया, जिन्होंने अर्जी स्वीकार कर ली और निर्देश दिया कि मुझे सूचना निशुल्क उपलब्ध कराई जाए।” शुक्ला ने कहा, “मेरी पूरी एसयूवी दस्तावेजों से भर गई थी। केवल चालक की सीट खाली थी।”
संपर्क करने पर अपीलीय अधिकारी और राज्य स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक डॉ. शरद गुप्ता ने कहा कि उन्होंने आदेश दिया है कि जानकारी मुफ्त दी जाए। गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सीएमएचओ को उन कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जिनके कारण समय पर जानकारी नहीं दिेए जाने की वजह से सरकारी खजाने को 80,000 रुपये का नुकसान हुआ। -
फिरोजाबाद . आगरा में कोचिंग सेंटर चलाने वाले एक युवक का शव शनिवार की सुबह नगला सिंघी थाना क्षेत्र के टूंडला-आगरा मार्ग पर एक गांव के पास से मिली। पुलिस ने बताया कि शव पर गोली लगने के निशान हैं। पुलिस ने बताया कि टूंडला-आगरा मार्ग पर ग्रामीणों ने जंगल में लावारिस खड़ी एक थार जीप के भीतर शव पड़ा हुआ देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस दल ने बताया कि मृतक की पहचान आगरा निवासी धर्मवीर यादव (18) के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक (नगर) सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि युवक के सिर में गोली मारी गई है। उन्होंने बताया कि जांच में कुछ साक्ष्य मिले हैं और जल्दी ही इसका खुलासा किया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगरा जिले के ताजगंज क्षेत्र के गांव महुआ खेड़ा निवासी धर्मवीर यादव (18) आगरा में भगवान टॉकीज पर कोचिंग क्लास चलाता था और शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे थार जीप से वह घर से कोचिंग सेंटर के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे उसकी बहन ने उसे फोन किया तो उसने कहीं व्यस्त होने की बात बताकर फोन काट दिया। उसके बाद देर रात 1:00 बजे उसका कॉल घर वालों के मोबाइल पर पहुंचा, जिस पर बात नहीं हो पायी। मिश्रा ने बताया कि प्रातः सड़क किनारे लावारिस अवस्था में गाड़ी में शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने उसकी शिनाख्त की। घटनास्थल का मौका मुआयना के साथ डॉग स्क्वाड व फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
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रामेश्वरम (तमिलनाडु) .केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऊंची छलांग लगा रहा है जिसका सपना दिवंगत राष्ट्रपति एवं प्रख्यात वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम ने देखा था। शाह ने ‘डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, मेरोरीज नेवर डाई' नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान यह बात कही और साथ ही उन्होंने भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अमूल्य योगदान के लिए कलाम की सराहना भी की। शाह ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छात्रों, युवाओं तथा उनके स्टार्टअप के लिए अंतरिक्ष विज्ञान में अवसर खुले हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में उपब्धियों का स्वप्न प्रधानमंत्री मोदी के नवाचार तथा नयी पहलों से पूरा होगा और मेरा मानना है कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अग्रणी होगा।'' उन्होंने कहा कि दिवंगत राष्ट्रपति के पदचिह्नों पर चलकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने 55 अंतरिक्ष यान, 50 प्रक्षेपण यान अभियान शुरू किए तथा 11 छात्र उपग्रह प्रक्षेपित किए। शाह ने यहां शुक्रवार को एक रैली को भी संबोधित किया और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई की राज्य भर के लिए पदयात्रा ‘मेरी जमीन, मेरे लोग' को रवाना किया। रामेश्वरम दिवंगत राष्ट्रपति कलाम (1931--2015) का गृह स्थान है। उन्होंने कलाम की जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआत ‘समाचार पत्र' बेचने से की थी, लेकिन बाद में अपने कार्यों से उन्होंने प्रसिद्धि प्राप्त की और देश में सर्वोच्च पद भी पहुंचे। कलाम के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि जब कलाम राष्ट्रपति थे तब एक बार कुछ लोग नौ दिन तक राष्ट्रपति भवन में रुके थे, राष्ट्रपति ने उनके रुकने के खर्च के एवज में सरकार को 9.52 लाख रुपये दिए थे। हालांकि नियम के मुताबिक वे लोग सरकारी अतिथि थे।




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