- Home
- देश
-
तिरुचिरापल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पारंपरिक तमिल परिधान पहनकर यहां श्री रंगम में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के दौरान ‘वेष्टि' (धोती) और ‘अंगवस्त्रम' (शॉल) पहना था। उन्होंने भगवान विष्णु के मंदिर में पूजा-अर्चना की और हाथी को भोजन देकर आशीर्वाद लिया। मोदी ने इस दौरान श्री रंगनाथस्वामी के दर्शन किए। उन्हें मंदिर के पुजारियों ने 'सदरी' प्रदान की।
प्रधानमंत्री ने वैष्णव संत-गुरु श्री रामानुजाचार्य और श्री चक्रथाझवार को समर्पित कई 'सन्नाधि' (देवताओं के लिए अलग-अलग पूजास्थल) में प्रार्थना की। तमिल में इष्टदेव को रंगनाथर के नाम से जाना जाता है। श्रीरंगम मंदिर तमिलनाडु का एक प्राचीन वैष्णव मंदिर है और यह संगम युग का है। विभिन्न राजवंशों ने इस मंदिर का निर्माण और विस्तार किया। इस मंदिर के निर्माण में चोल, पांड्या, होयसाल और विजयनगर साम्राज्य के राजाओं ने योगदान दिया है। श्रीरंगम मंदिर कावेरी और कोल्लीदम नदियों के संगम पर एक द्वीप पर स्थित है। श्रीरंगम मंदिर को 'बोलोगा वैकुंठम' या 'पृथ्वी पर वैकुंठम' के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री शनिवार को चेन्नई से यहां पहुंचे और मंदिर जाते समय अपनी कार के पायदान पर खड़े होकर उन्होंने लोगों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की ओर हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया। -
नयी दिल्ली. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग में एक अज्ञात व्यक्ति दीवार में सेंध लगाकर आभूषणों की एक दुकान में घुस गया और लगभग एक किलोग्राम आभूषण लेकर फरार हो गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। आभूषणों की दुकान के मालिक शादाब ने शनिवार सुबह जब अपनी दुकान खोली तो उसे पता चला कि उसकी दुकान में चोरी हुई है। शादाब 2002 से यह दुकान चला रहा है।
उसने ‘ बताया कि उसकी दुकान से लगभग एक किलोग्राम आभूषण चोरी हो गए हैं।
शादाब ने कहा, ‘‘हमने सीसीटीवी फुटेज (पुलिस को) दी है, जिसमें संदिग्ध दिख रहा है। वह हाथ में गैस कटर और अन्य उपकरण लेकर आधी रात के आसपास बगल की बेकरी से मेरी दुकान में घुसा।'' उसने कहा कि संदिग्ध को बेकरी का शटर खोलने और उसमें घुसने में कोई दिक्कत नहीं हुई होगी।
शादाब ने कहा कि चोर ने बेकरी में जाकर उसकी दीवार में एक चौकोर छेद किया जिससे वह मेरी दुकान में घुस गया और फिर गैस कटर से उसने संदूक का ताला पिघलाया और आभूषण चुरा लिए। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। उन्होंने कहा कि बेकरी दुकान के मालिक और अन्य दुकानदारों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि चोर ने वही तरीका अपनाया जो पिछले साल जंगपुरा में चोरी के दौरान इस्तेमाल किया गया था। चोरों का एक गिरोह सितंबर 2023 को जंगपुरा में आभूषणों की एक दुकान की दीवार में छेद करके घुस गया था और 20 करोड़ रुपये से अधिक के गहने चुरा लिए थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि वे रोगियों को एंटीबायोटिक दवा लिखने को न्यायोचित ठहराने के लिए पर्चे पर इसके इस्तेमाल के कारण और जरूरत का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें। संक्रामक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल एंटीबायोटिक के उपयोग को तर्कसंगत बनाने और इन दवाओं के अंधांधुंध इस्तेमाल पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरीके की पहल रोगी की हालत में सुधार से जुड़े परिणामों, उपचार पर खर्च होने वाले धन और अनुचित दुष्प्रभावों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ चिकित्सा में साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भी मदद कर सकती है। कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में संक्रामक रोग विशेषज्ञ और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. छवि गुप्ता ने बताया, ''चिकितस्कों को एंटीबायोटिक लिखने से पहले सोचना होगा और इसकी जरूरत के बारे में बताना होगा। एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत इस्तेमाल के लिहाज से ऐसा करना मददगार होगा। इसके अलावा इससे एंटीबायोटिक के अविवेकपूर्ण और अंधाधुंध इस्तेमाल पर अंकुश लगेगा।'' स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने एक जनवरी को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सक संघों के सभी चिकित्सकों को लिखे एक पत्र में आग्रह किया कि वे एंटीबायोटिक लिखते समय उसकी जरूरत और कारण या औचित्य को अनिवार्य रूप से लिखें। उन्होंने सभी फार्मासिस्टों से औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों की अनुसूची एच और एच1 को सख्ती से लागू करने और लोगों के मांगने पर एंटीबायोटिक दवाएं न देने और केवल एक योग्य चिकित्सक के पर्चे पर ही इस तरह की दवाओं की बिक्री की अपील की।
-
नयी दिल्ली. सरकार ने शनिवार को मीडिया घरानों और सोशल मीडिया मंचों को परामर्श जारी करके अयोध्या में 22 जनवरी को राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से संबंधित कोई भी गलत या हेरफेर की गई सामग्री के प्रकाशन के प्रति आगाह किया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किये गए परामर्श में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कुछ असत्यापित, भड़काऊ और फर्जी संदेश फैलाए जा रहे हैं, विशेष तौर पर सोशल मीडिया पर, जो सांप्रदायिक सद्भाव और लोक व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। अयोध्या में रामलला के विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होंगे। परामर्श में समाचार पत्रों, निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनल और डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों से ऐसी किसी भी सामग्री को प्रकाशित और प्रसारित करने से परहेज करने को कहा गया है जो झूठी या हेरफेर की गई हो सकती है या जिससे देश में सांप्रदायिक सद्भाव या लोक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। परामर्श में कहा गया है, "इसके अलावा, सोशल मीडिया मंचों को उनके संबंधित दायित्वों के तहत, सलाह दी जाती है कि वे ऊपर उल्लिखित प्रकृति की सामग्री की जानकारी प्रदर्शित या प्रकाशित नहीं करने के लिए उचित प्रयास करें।
-
अयोध्या. राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भारतीय उद्योग जगत के जिन लोगों को आमंत्रण मिला है, उनमें अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी और उनका परिवार, प्रसिद्ध भारतीय उद्यमी रतन टाटा और उद्योगपति गौतम अडाणी शामिल हैं। इन लोगों को सोमवार को यहां राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है . भारतीय उद्योग जगत के साथ ही मनोरंजन, खेल, संगीत और अन्य क्षेत्रों के दिग्गज भी आमंत्रितों की सूची में शामिल हैं। इस सूची में अरबपति मुकेश अंबानी, उनकी मां कोकिलाबेन, पत्नी नीता, बेटे आकाश और अनंत, बहू श्लोका और होने वाली बहू राधिका मर्चेंट शामिल हैं। टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन एन टाटा, टाटा संस के चेयरपर्सन एन चंद्रशेखरन और पत्नी ललिता भी आमंत्रित लोगों की सूची में हैं। कारोबारी दिग्गज गौतम अडाणी और खनन कारोबारी अनिल अग्रवाल भी इस सूची में हैं। इसके अलावा हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा, विप्रो के अजीम प्रेमजी, बॉम्बे डाइंग के नुस्ली वाडिया, टोरेंट समूह के सुधीर मेहता, जीएमआर समूह के जी एम आर राव और रियल एस्टेट कारोबारी निरंजन हीरानंदानी को भी आमंत्रण मिला है।
आमंत्रण पाने वाले अन्य प्रमुख उद्योगपतियों में आदित्य बिड़ला समूह के चेयरपर्सन कुमार मंगलम बिड़ला और उनकी पत्नी नीरजा, पिरामल समूह के अजय पिरामल, महिंद्रा एंड महिंद्रा के आनंद महिंद्रा, डीसीएम श्रीराम के अजय श्रीराम और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ के कृतिवासन शामिल हैं। एचडीएफसी के पूर्व चेयरपर्सन दीपक पारेख, डॉ रेड्डीज फार्मास्यूटिकल्स के के सतीश रेड्डी, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के सीईओ पुनीत गोयनका, एलएंडटी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रमण्यन और उनकी पत्नी, इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति, जिंदल स्टील एंड पावर के प्रमुख नवीन जिंदल और मेदांता समूह के नरेश त्रेहन को भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आमंत्रण मिला है। इस सूची में कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक, इंफोसिस के प्रमुख नंदन नीलेकणि और कंपनी के सह-संस्थापक टी वी मोहनदास पई, इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला, एचडीएफसी के आदित्य पुरी, गोदरेज समूह के चेयरपर्सन आदि गोदरेज, भारत बायोटेक के संस्थापक और चेयरपर्सन कृष्णा इला भी शामिल हैं। इसरो के चेयरपर्सन एस सोमनाथ, डीएमआरसी के प्रधान सलाहकार ई श्रीधरन और एनआईटीआई सदस्य वी के सारस्वत भी सूची में हैं। इनके अलावा भी उद्योग जगत की कई दिग्गज हस्तियां इस सूची में शामिल हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोग वास्तव में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे।
-
अयोध्या. अयोध्या पूरी तरह से धार्मिक उत्साह में डूबी हुई है और हर ओर 'सीता राम' और 'जय हनुमान' के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। लोग 'जय श्री राम' लिखे वस्त्र धारण किए दिखाई दे रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद से साइकिल चलाकर 63 वर्षीय नेमाराम प्रजापति भगवान राम की भूमि यानी अयोध्या पहुंचे हैं। प्रजापति ने कहा,''मैंने 1992 से जूते नहीं पहने हैं और मेरा संकल्प था कि मैं जूते तभी पहनूंगा जब अयोध्या में राम मंदिर बन जाएगा। मैं प्रभु राम के दर्शन के लिए अहमदाबाद से नंगे पैर साइकिल चलाकर अयोध्या पहुंचा हूं।'' अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले पोस्टर लगाए गए हैं जिनपर "शुभ घड़ी आई", "तैयार है अयोध्या धाम, विराजेंगे श्री राम" और "राम फिर लौटेंगे" जैसे नारे लिखे हैं। नगर में राम मार्ग, सरयू नदी तट और लता मंगेशकर चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर पोस्टरों पर रामायण के विभिन्न श्लोक भी छापे गए हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, " सभी प्रकार के पोस्टर और होर्डिंग निर्दिष्ट स्थानों पर लगाए गए हैं चाहे वह किसी न्यास, राजनीतिक संगठन या किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए हों।'' प्रजापति की साइकिल के सामने एक बोर्ड पर लिखा है कि उनकी अहमदाबाद-अयोध्या यात्रा पिछले साल दो दिसंबर को शुरू हुई और वह इस दौरान राजस्थान के पवित्र स्थलों पर भी गए। ओम भगत(47) जो अब खुद को 'बुद्ध अंकल' कहते हैं। वह भी अखिल भारतीय साइकिल यात्रा पर हैं और बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे। भगत ने कहा, '' मैंने 20,000 किलोमीटर की दूरी तय की है और अबतक तय किए गए राज्यों में उत्तर प्रदेश मेरा 16वां राज्य है। मुझे सभी 4,000 शहरों, 741 जिलों की यात्रा करनी है। मैं प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या में रहना चाहता था इसलिए मैंने इसके अनुसार अपनी यात्रा बनाई।
-
तेजपुर (असम). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि देश अगले तीन साल में नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो जाएगा। शाह ने यहां सलोनीबारी में सशस्त्र सीमा बल के 60वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक एसएसबी ‘‘संस्कृति, इतिहास, भौगोलिक स्थिति और भाषा को बारीकी से एकीकृत करने'' और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को देश के बाकी हिस्सों के करीब लाने में एक अद्वितीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा के अलावा एसएसबी के साथ ही अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी रूप से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अगले तीन साल में देश नक्सली समस्या से 100 फीसदी मुक्त हो जाएगा।'' गृह मंत्री ने एसएसबी के छह कर्मियों के साथ तीन बटालियन को उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए पुरस्कार दिए और इस मौके पर एक डाक टिकट भी जारी की। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि शाह का ढेकियाजुली में अखिल बाथौ महासभा के 13वें त्रिवार्षिक सम्मेलन में भी भाग लेने का कार्यक्रम है। उन्होंने गुवाहाटी में पुनर्निमित ब्रह्मपुत्र रीवर फ्रंट का उद्घाटन किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 की घोषणा कर दी गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के अरमान उभरानी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-असाधारण योग्यताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बच्चों को दिया जाता है। राष्ट्रीय स्तर के ये पुरस्कार 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को बहादुरी, कला और संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसी सात श्रेणियों में उनकी उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं। पीएमआरबीपी के प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और एक प्रशस्ति पुस्तिका दी जाती है।22 जनवरी, 2024 को विज्ञान भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए, देश के सभी क्षेत्रों से असाधारण उपलब्धियों के लिए 19 बच्चों का चयन किया गया है। 23 जनवरी, 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से मुलाकात करेंगे। बच्चे 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेंगे।
बहादुरी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार की प्रत्येक श्रेणी में से चयनित सूची में एक बच्चा शामिल है; समाज सेवा की श्रेणी में चार बच्चे; खेल की श्रेणी में पांच बच्चे और कला एवं संस्कृति की श्रेणी में सात बच्चे शामिल हैं। सूची में 9 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं, जो 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। सूची इस प्रकार है:प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-20241. -आदित्य विजय ब्रम्हणे (मरणोपरांत)- महाराष्ट्र-वीरता2. अनुष्का पाठक- उत्तर प्रदेश-कला एवं संस्कृति3. अरिजीत बनर्जी-पश्चिम बंगाल-कला एवं संस्कृति4. अरमान उभरानी -छत्तीसगढ़-कला एवं संस्कृति5. हेतवी कांतिभाई खिमसूरिया-गुजरात-कला एवं संस्कृति6. इशफाक हामिद-जम्मू एवं कश्मीर-कला एवं संस्कृति7. एमडी हुसैन-बिहार-कला एवं संस्कृति8. पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया -तेलंगाना-कला एवं संस्कृति9. सुहानी चौहान-दिल्ली-नवाचार10. आर्यन सिंह-राजस्थान -विज्ञान प्रौद्योगिकी11. अवनीश तिवारी-मध्य प्रदेश-सामाजिक सेवा12. गरिमा-हरियाणा-सामाजिक सेवा13. ज्योत्सना अख्तर-त्रिपुरा-सामाजिक सेवा14. संयम मजूमदार-असम-सामाजिक सेवा15. आदित्य यादव-उत्तर प्रदेश-खेल16. चार्वी ए-कर्नाटक- खेल17. जेसिका नेयी सरिंग-अरुणाचल प्रदेश-खेल18. लिन्थोई चनांबम-मणिपुर-खेल19. आर सूर्य प्रसाद-आंध्र प्रदेश-खेल -
नई दिल्ली। देशभर में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से पहले जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। 22 जनवरी को होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिन का विशेष अनुष्ठान मना रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी भगवान राम से जुड़े देश में अलग-अलग मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा, पीएम यम-नियम का पालन भी कर रहे हैं।
बता दें कि 11 दिन का अनुष्ठान पालन करते हुए पीएम मोदी ने बीते आठ दिनों से अन्न भी नहीं ग्रहण किया है।आइए, जानते है यम-नियम के बारे में-पीएम मोदी रामलला की मूर्ति के लिए मुख्य यजमान बने हैं। शास्त्रों में दिए गए नियमों के अनुसार, मूर्ति स्थापना के लिए जो शख्स मुख्य यजमान होता है उसे कठोर नियमों का पालन करना होता है, जिसे ‘यम नियम’ कहा जाता है। पीएम मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन और रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले यम नियम पालन करने का संकल्प लिया है। वह इस नियम का पालन 12 जनवरी 2024 से कर रहे हैं।फर्श पर सो रहे हैं पीएम मोदीपीएम मोदी द्वारा संकल्प में लिए गए यम-नियम अनुष्ठान का आज आठवां दिन है। यम नियमों का पालन करते हुए, पीएम मोदी फर्श पर केवल एक कंबल बिछा कर सो रहे हैं और अन्न त्याग कर सिर्फ नारियल पानी पी रहे हैं। बता दें कि यम नियम में प्रतिदिन स्नान, अन्न का त्याग और बिस्तर पर सोने का त्याग आदि जैसे कठोर नियमों का पालन करना होता है। इसके अलावा, पीएम मोदी 11 दिवसीय अनुष्ठान के हिस्से के रूप में जल्दी उठकर भगवान से प्रार्थना करेंगे,व्यायाम करेंगे, दिन के कुछ समय मौन रहेंगे, थोड़ा और केवल सात्विक भोजन करेंगे, धार्मिक ग्रंथ पढ़ेंगे, साफ-सफाई रखेंगे और अपना काम खुद करेंगे।पीएम मोदी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक,इस भव्य समारोह में देश के राजनेता, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत समेत 7,000 से ज्यादा लोग शामिल होंगे। -
हैदराबाद। यूरोपीय विमान विनिर्माता एयरबस ने हरियाणा के गुरुग्राम में पायलट प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां 50-50 के अनुपात में एक संयुक्त उद्यम गठित करेंगी। इसके साथ ही एयरबस ने हैदराबाद स्थित अपनी इकाई में विमान रखरखाव इंजीनियरिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जीएमआर एयरो टेक्निक के साथ सहयोग की भी घोषणा की। एयरबस ने कहा कि 3,300 वर्ग मीटर में फैले टाटा एयरबस प्रशिक्षण केंद्र में 10 पूर्ण उड़ान सिम्युलेटर (एफएफएस), उड़ान प्रशिक्षण कक्षाएं और ब्रीफिंग एवं डीब्रीफिंग रूम भी मौजूद होंगे। इस केंद्र के चार ए320 एफएफएस की शुरुआती सिम्युलेटर के साथ अगले साल की शुरुआत से चालू होने की उम्मीद है। इसके जरिये 10 वर्षों में लगभग 5,000 नए पायलटों को ए320 और ए350 उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं जीएमआर एयरो टेक्निक के साथ साझेदारी के तहत एयरबस प्रशिक्षु हैंडबुक, परीक्षा डेटाबेस, एयरबस अनुकूलित प्रशिक्षण मॉड्यूल तक ऑनलाइन पहुंच जैसी प्रशिक्षण सामग्री मुहैया कराएगी। इसके अलावा यह जीएमआर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित भी करेगा और प्रशिक्षण केंद्र का निरंतर मूल्यांकन भी प्रदान करेगा।
-
नयी दिल्ली। भारत ने गुरुवार को लाल सागर में उभरती सुरक्षा स्थिति को ‘‘गंभीर चिंता का विषय'' बताया और कहा कि वह क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब अदन की खाड़ी में मार्शल द्वीप के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर बुधवार रात ड्रोन हमला होने के बाद भारतीय नौसेना का मिसाइल विध्वंसक पोत ‘आईएनएस विशाखापत्तनम' तुरंत मदद के लिए आगे आया, जहाज पर नौ भारतीयों सहित चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हम पूरी स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। यह न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। वह लाल सागर की स्थिति पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। लाल सागर का रणनीतिक महत्व है क्योंकि वैश्विक व्यापार का लगभग 15 प्रतिशत बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के माध्यम से गुजरता है। गाजा में इजराइल के सैन्य हमले के जवाब में हुती आतंकी नवंबर से लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा, ‘‘जो कुछ हो रहा है, सुरक्षा स्थिति में गिरावट को लेकर हम चिंतित हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना प्रमुख समुद्री मार्गों पर गश्त कर रही है।
उन्होंने समुद्री क्षेत्र में नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता के संबंध में भारत के रुख पर जोर देते हुए कहा कि वे (नौसेना) भारतीय नौवहन जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही हैं और दूसरों को भी सहयोग दे रही हैं। -
नयी दिल्ली । दिल्ली में पानी की बाल्टी भरने की 'अपनी बारी' से इनकार करने को लेकर हुए झगड़े के बाद दो लोगों ने अपने ही साथी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मामले को आत्महत्या का रूप देकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। आरोपियों में एक किशोर है, जिसे उत्तर प्रदेश के हरदोई से पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना देने वाले व्यक्ति के बयान के मुताबिक शुरुआत में मामला आत्महत्या का लग रहा था। पुलिस ने बताया, ''चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि मृतक की गर्दन पर कुछ निशान थे और उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।'' पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान रचित के रूप में हुई, जो पेशे से मजदूर था।पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत 16 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया कि एक किशोर को पकड़ लिया गया और एक अन्य आरोपी अभय कांत मिश्रा (27) को गिरफ्तार किया गया।
-
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने पिछले नौ साल में 24.82 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने संबंधी आंकड़े को गलत करार देते हुए गुरुवार को कहा कि नीति आयोग का परिचर्चा पत्र वैश्विक मानकों से हटकर तैयार किया गया है तथा किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि सरकार ने 25 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज और दूसरी योजनाओं से वंचित करने की साजिश रची है। नीति आयोग के परिचर्चा पत्र के अनुसार, देश में बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 29.17 प्रतिशत थी जो 2022-23 में घटकर 11.28 प्रतिशत रही। इसके साथ इस अवधि के दौरान 24.82 करोड़ लोग इस श्रेणी से बाहर आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आंकड़े को उत्साहजनक करार दिया था।
सुप्रिया श्रीनेत का कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रियों और भाजपा नेताओं तक ने नीति आयोग का हवाला देकर जो दावे किए वो खोखले साबित हुए। सरकार ने कहा कि करीब 25 करोड़ लोगों को बहुआयमी निर्धनता से बाहर निकाल दिया गया। अगर सरकार की माने तो सब चंगा सी है, लेकिन जमीनी हकीकत इस तरह के जुमले से बिल्कुल उलट है।'' उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर गरीबों की संख्या कम हो गई है तो खपत कम क्यों हो रही है? अगर ऐसा है तो 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन क्यों देना पड़ा रहा है? नीति आयोग ने किस तीसरे पक्ष से यह आंकलन कराया और क्या किसी वैश्विक संस्थान ने इसकी पुष्टि की? क्या ऐसा नहीं है कि दुनिया भर में जिन मानकों के आधार पर गरीबी का आंकलन किया जाता है उनसे हटकर दूसरे मानकों पर गरीबी का आकलन किया गया?'' सुप्रिया ने दावा किया, ‘‘यह कहीं न कहीं 25 करोड़ लोगों को मुफ्त के राशन से वंचित करने की साजिश है।'' उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दौरान 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया, लेकिन वो रिपोर्ट कमरे में बैठकर नहीं बनाई गई थी। विश्व बैंक ने तीसरे पक्ष की इस रिपोर्ट की पुष्टि की थी।'' -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने आज बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल - एनडीआरएफ इस वर्ष के अंत तक 70 हजार से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित करेगा।
वे आज नई दिल्ली में एनडीआरएफ के 19वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक एनडीआरएफ 13 हजार से अधिक वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षित कर चुका है। एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवल ने बताया कि एनडीआरएफ जल्दी ही आपदा प्रबंधन में ऑनलाइन सामग्री और साथ ही लोगों को आपदा से निपटने में जागरूकता अभियान शुरू करेगा। - नयी दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित नए दिशानिर्देश के मुताबिक कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों को अपने यहां दाखिल नहीं कर सकेंगे और अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी जैसे भ्रामक वादे भी नहीं कर सकेंगे। कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने के लिए दिशानिर्देश एक कानूनी ढांचे की आवश्यकता को पूरा करने और बेतरतीब तरीके से निजी कोचिंग संस्थानों की बढ़ोतरी को रोकने के लिए हैं। मंत्रालय ने यह दिशानिर्देश विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों, आग की घटनाओं, कोचिंग संस्थानों में सुविधाओं की कमी के साथ-साथ उनके द्वारा अपनाई जाने वाली शिक्षण पद्धतियों के बारे में सरकार को मिली शिकायतों के बाद तैयार किए हैं।दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोई भी कोचिंग संस्थान स्नातक से कम योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्त नहीं करेगा। कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों के नामांकन के लिए माता-पिता को भ्रामक वादे या रैंक या अच्छे अंक की गारंटी नहीं दे सकते। संस्थान 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों का नामांकन नहीं कर सकते। विद्यार्थियों का कोचिंग संस्थान में नामांकन माध्यमिक विद्यालय परीक्षा के बाद ही होना चाहिए।'' दिशानिर्देश के मुताबिक, ‘‘कोचिंग संस्थान कोचिंग की गुणवत्ता या उसमें दी जाने वाली सुविधाओं या ऐसे कोचिंग संस्थान या उनके संस्थान में पढ़े छात्र द्वारा प्राप्त परिणाम के बारे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी दावे को लेकर कोई भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकते हैं या प्रकाशित नहीं करवा सकते हैं या प्रकाशन में भाग नहीं ले सकते हैं।''कोचिंग संस्थान किसी भी शिक्षक या ऐसे व्यक्ति की सेवाएं नहीं ले सकते, जो नैतिक कदाचार से जुड़े किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो। कोई भी संस्थान तब तक पंजीकृत नहीं होगा जब तक कि उसके पास इन दिशानिर्देशों की आवश्यकता के अनुसार परामर्श प्रणाली न हो। दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोचिंग संस्थानों की एक वेबसाइट होगी जिसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों (ट्यूटर्स) की योग्यता, पाठ्यक्रम/पाठ्य सामग्री, पूरा होने की अवधि, छात्रावास सुविधाएं और लिए जाने वाले शुल्क का अद्यतन विवरण होगा।'' नए दिशानिर्देशों के अनुसार, विद्यार्थियों पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और शैक्षणिक दबाव के कारण कोचिंग संस्थानों को उन्हें तनाव से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए और उन पर अनावश्यक दबाव डाले बिना कक्षाएं संचालित करनी चाहिए। दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोचिंग संस्थानों को संकट और तनावपूर्ण स्थितियों में छात्रों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए। सक्षम प्राधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा सकता है कि कोचिंग संस्थान द्वारा एक परामर्श प्रणाली विकसित की जाए जो छात्रों और अभिभावकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो।'' दिशानिर्देश में विद्यार्थियों के मानसिक कल्याण को लेकर विस्तृत रूपरेखा पिछले साल कोटा में रिकॉर्ड संख्या में छात्रों की आत्महत्या करने की घटना के बाद आई है। दिशानिर्देश में कहा गया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों का शुल्क पारदर्शी और तार्किक होना चाहिए और वसूले जाने वाले शुल्क की रसीद दी जानी चाहिए। इसमें साफ किया गया है कि अगर छात्र बीच में ही पाठ्यक्रम छोड़ता है तो उसकी बची हुई अवधि की फीस लौटाई जानी चाहिए। नीति को सशक्त बनाते हुए केंद्र ने सुझाव दिया है कि कोचिंग संस्थनों पर दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना चाहिए या अत्यधिक शुल्क वसूलने पर उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाना चाहिए। कोचिंग संस्थानों की उचित निगरानी के लिए सरकार ने दिशानिर्देश के प्रभावी होने के तीन महीने के भीतर नए और मौजूदा कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करने का प्रस्ताव किया है। दिशानिर्देश के मुताबिक राज्य सरकार कोचिंग संस्थान की गतिविधियों की निगरानी के लिए जिम्मेदार होंगे।
-
नयी दिल्ली। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में चार दिन शेष रहने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए एक समर्पित वेबपेज की शुरुआत की। इस वेबपेज की शुरुआत अयोध्या और आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए की गई है। वेबपेज के जरिए दुनिया भर में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं, जैसे हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, चीनी, फ्रेंच और स्पेनिश में तापमान, वर्षा, आर्द्रता और हवा के पैटर्न सहित सभी मौसम मापदंडों की जानकारी दी जाएगी। अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और नयी दिल्ली सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के लिए मौसम की जानकारी वेबपेज पर उपलब्ध होगी। सात दिनों का पूर्वानुमान और सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय वाला मौसम बुलेटिन भी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा। अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा।
- सतना । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद वह भगवान राम के दर्शन के लिए वहां जाएंगे। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए उनकी पार्टी द्वारा निमंत्रण को अस्वीकार करने के कुछ दिनों बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में ऐसा कहा। कांग्रेस ने भाजपा-आरएसएस पर चुनावी लाभ के लिए इसे "राजनीतिक परियोजना" बनाने का आरोप लगाया है।राज्यसभा सदस्य ने सिंह कहा, "हमें भगवान राम में आस्था है...हमें भगवान राम के दर्शन की कोई जल्दी नहीं है। एक बार (अयोध्या मंदिर का) निर्माण पूरा हो जाए तो फिर हम वहां जाएंगे।" उन्होंने कहा, “सबसे पहले, हमें भगवान राम के दर्शन के लिए निमंत्रण की आवश्यकता नहीं है। दूसरा, हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, किसी निर्माणाधीन मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह नहीं हो सकता।'' उन्होंने आरोप लगाया, "तीसरा, भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे एक इवेंट में बदल दिया है...किसी भी राजनीतिक दल का नाम बताइए जो इसमें भाग ले रहा है? कोई नहीं जा रहा है। कोई शंकराचार्य वहां नहीं जा रहे हैं...कोई संत नहीं जा रहा है। उन्होंने निर्मोही अखाड़े के अधिकार छीन लिए हैं।'' मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की जगह को लेकर सालों तक विवाद चलता रहा, यह 150 साल पुराना विवाद है। उन्होंने कहा, “विवाद का मूल यह था कि मंदिर वहीं बनाया जाना चाहिए जहां भगवान राम का जन्म हुआ था और जहां मस्जिद थी। जब उच्चतम न्यायालय ने फैसला दे दिया है कि विवादित जमीन पर मंदिर बनाया जा सकता है तो वहां क्यों नहीं बनाया गया।'' सिंह ने कहा कि यह मंदिर उस भूमि पर बनाया गया है जिसे पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव ने अधिग्रहित किया था और राम मंदिर निर्माण के लिए आवंटित किया था।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में इस साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगभग 1,500 किसानों और उनकी पत्नियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने को बताया, '' देश भर से लगभग 1,500 किसानों और उनके पत्नियों का चयन किया गया है।'' परेड के बाद कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा किसानों के लिए दोपहर के भोजन की मेजबानी करेंगे।
-
दावोस। विश्व बैंक प्रमुख अजय बंगा ने गुरुवार को कहा कि जलवायु और गरीबी सहित आपस में जुड़े संकट का सामना कर रही दुनिया के लिए इससे निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के एक सत्र में विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमारे सामने जलवायु संकट की समस्या है। यह हमारे अस्तित्व को लेकर संकट है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम जलवायु की परवाह किये बिना गरीबी उन्मूलन के बारे में नहीं सोच सकते। हम स्वास्थ्य देखभाल की परवाह किये बिना गरीबी उन्मूलन के बारे में नहीं सोच सकते। हम खाद्य असुरक्षा की परवाह किये बिना गरीबी उन्मूलन के बारे में नहीं सोच सकते।'' बंगा ने कहा, ‘‘यह वास्तविकता है और हमारे सामने कई तरह के संकट हैं, जो आपस में जुड़े हैं। इससे बचने का एकमात्र तरीका इसके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाना है।'' उनके अनुसार, विश्व बैंक के वित्तपोषण का 45 प्रतिशत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने प्रयासों पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, बैंक ने 2030 तक अफ्रीका में 10 करोड़ लोगों को नवीकरणीय ऊर्जा से जोड़ने, छोटे देशों को जलवायु आपदाओं की लागत को उठाने में मदद करने और कार्बन बाजारों से लाभ सुनिश्चित करने का आदि वादा किया है। उसी सत्र में, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि इस दिशा में तत्काल उठाने की इस भावना को सरकारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को समझना होगा और पहल करनी होगी।
- नयी दिल्ली । केंद्र सरकार ने अगले दो वित्त वर्ष में प्रशासनिक सुधार एवं जन सुनवाई विभाग में प्रशासनिक सुधारों की योजना को गति देने के लिए 235 करोड़ रुपये के परिव्यय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया कि यह योजना ‘विकसित भारत' की नयी आकांक्षाओं से मेल खाते हुए अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाएगी। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस संशोधित योजना के दो पहलू हैं - प्रशासनिक सुधार और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली। बयान में कहा गया, ‘‘सरकार ने 15वें वित्त आयोग कार्यकाल के अगले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) में लागू किए जाने वाले प्रशासनिक सुधारों के लिए संशोधित योजना के वास्ते 235 करोड़ रुपये के परिव्यय प्रस्ताव को मंजूरी दी है।'' बयान के मुताबिक यह परियोजना अन्य सभी शिकायत पोर्टल के मौजूदा ऑनलाइन मंच को केंद्रीकृत जनशिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) से एकीकृत करेगी। बयान में कहा गया है कि 2023 में, सीपीजीआरएएमएस को नवंबर के अंत तक 19,45,583 शिकायतें मिली जिनमें से 19,60,021 मामलों का निवारण किया गया। इसमें कहा गया कि पिछले 17 महीनों में केंद्रीय सचिवालय में हर महीने एक लाख शिकायतें आई और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में यह संख्या 50 हजार प्रति महीने से अधिक रही।
- अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले यह नगरी पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो चुकी है और यहां भगवान राम तथा उनके धनुष एवं बाणों को चित्रित करने वाली कलाकृतियों से सुसज्जित फ्लाईओवर पर लगी स्ट्रीटलाइट और पारंपरिक ‘रामानंदी तिलक' विषय पर आधारित डिजाइन वाले सजावटी लैंपपोस्ट चहुंओर छटा बिखेर रहे हैं। राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा समोराह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहेंगी। अयोध्या की ओर जाने वाली सभी सड़कें धार्मिक भावनाओं में रंग गयी हैं। लखनऊ से अयोध्या जाने वाले राजमार्ग पर जब आप यात्रा करेंगे, तो जगह-जगह राम मंदिर के विशाल पोस्टर लगे हुए पाएंगे। इन पोस्टर पर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तिथि के साथ-साथ 'शुभ घड़ी आई, विराजे रघुराई' जैसे नारे छपे हुए हैं और इस तरह के पोस्टर से अयोध्या की सड़कें भी अटी पड़ी हैं।राजमार्ग पर पड़ने वाले ज्यादातर होटल और ढाबों पर अयोध्या आने वाले भक्तों का स्वागत करते हुए बैनर लगे हुए दिखाई दिए, जिनपर भगवान राम की तस्वीर मौजूद थी। इनके अलावा भगवान राम की तस्वीर वाले भगवा झंडों के साथ नये मंदिर की तस्वीरें भी लगी हुई हैं। फैजाबाद शहर से अयोध्या में प्रवेश करने पर आपको अपने आस-पास की फिजा में आध्यात्मिक अनुभूति का अहसास होता है। अयोध्या में भगवान राम तथा उनके धनुष एवं बाणों को चित्रित करने वाली कलाकृतियों से सुसज्जित फ्लाईओवर पर लगी स्ट्रीटलाइट और पारंपरिक ‘रामानंदी तिलक' विषय पर आधारित डिजाइन वाले सजावटी लैंपपोस्ट चहुंओर छटा बिखेर रहे हैं। 'रामानंदी तिलक' माथे पर दो खड़ी सफेद रेखाओं के बीच केंद्र में एक लाल पट्टी बनाकर तैयार किया जाता है और भगवान राम के भक्त आमतौर पर इस प्रकार का तिलक लगाना पसंद करते हैं। कई स्थानीय निवासियों और अन्य स्थानों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के माथे पर यह तिलक लगा हुआ देखा जा सकता है। अयोध्या शहर में राम पथ और धर्म पथ दो मुख्य रास्ते हैं, जो इस वक्त आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, विशेष तौर पर यहां की साजो-सज्जा मनमोहक है। राम पथ, फैजाबाद शहर के सहादतगंज से अयोध्या शहर के नया घाट चौराहे तक 13 किलोमीटर की दूरी वाला मार्ग है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''राम पथ और धर्म पथ दो ऐसे मार्ग हैं, जिन्हें आप कला के बेहतरीन नमूने के तौर पर देख सकते हैं। इन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अच्छी तरह से सजाया गया है। इन दोनों सड़कों के किनारे स्थापित सजावटी लैंप पोस्ट के डिजाइन लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए अयोध्या के विकास को दर्शाते हैं।'' राम पथ और धर्म पथ, ये दोनों मार्ग लता मंगेशकर चौक पर आकर मिलते हैं, जो दिवंगत सुर साम्राज्ञी के नाम पर एक प्रतिष्ठित चौराहा है। यह चौराहा विशाल बैनर और डिजिटल डिस्प्ले से लैस है, जिसपर 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह से जुड़ी जानकारियां और तस्वीरें यहां आने वाले भक्तों का स्वागत करती हैं। इतनी ही नहीं कुछ पोस्टर पर 'राम आएंगे' जैसी पंक्तियां भी लिखी हुई हैं। धर्म पथ के दोनों छोरों पर 'सूर्य स्तंभ' स्थापित किए गए हैं, जो इस मार्ग की भव्यता को बढ़ा रहे हैं, जबकि मार्ग के शुरू और समाप्ति पर 'रामानंदी तिलक' और अन्य प्रतीक वाले डिजाइन वाले सजावटी लैंप पोस्ट इस मार्ग की शोभा बढ़ा रहे हैं, यही वजह है कि यहां आने पर आध्यात्मिक अनुभूति का अहसास होता है। शाम तक, सड़क के दोनों किनारों और धर्म पथ के बीचोबीच (डिवाइडर) स्थित ये अनुकूलित लैंप पोस्ट और सूर्य-थीम वाले स्तंभ, चालू होने पर, एक चमकदार तस्वीर पेश करते हैं। शाम होते-होते सड़क के दोनों किनारों और धर्म पथ के मध्य किनारे पर लगे ये लैंप पोस्ट और सूर्य-थीम वाले खंभे जब रोशनी से जगमगाते हैं तो किसी का भी मनमोह लेते हैं। इस मुख्य सड़क के किनारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरें और उनके 'विकास और विरासत' के संदेश वाले कई पोस्टर भी लगे हुए हैं। राम पथ के किनारे बने बस स्टैंड को भी रामायण पर आधारित कलाकृतियों से सजाया गया है। ये कलाकृतियां राहगीरों का ध्यान आकृष्ट कर रही हैं।
-
नई दिल्ली। अयोध्या में रामलला विराजमान के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अब केवल तीन दिन रह गए है। कार्यक्रम की सभी तैयारियां अपने अंतिम दौर में हैं। अयोध्या में गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ के निरीक्षण में प्राण प्रतिष्ठा से पहले के अनुष्ठान चल रहे है जो 21 जनवरी तक जारी रहेंगे।
देशभर से अयोध्या पहुंचे भक्तों के लिए यह रामलाल का अस्थाई मंदिर में दर्शन करने के लिए आज आखिरी दिन है क्योंकि कल से 22 तारीख तक भक्तों के लिए दर्शन बंद रहेंगे। इस मौके पर अयोध्या की सड़कों पर सैकड़ो की संख्या में राम भक्त श्रद्धालु नजर आ रहे हैं जो भगवान का दर्शन करने के लिए दूर-दूर से पहुंचे हैं और चारों तरफ जय श्री राम के नारे गूंज रहे हैं।प्रशासन की ओर से इनके रहने आने- जाने और तमाम सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वहीं आज भी कई प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व संपन्न होने वाले अनुष्ठान किए जाएंगे जिनमें देव प्रबोधन, औषधि अधिवास, घृत अधिवास, कुंड पूजन और अग्निकुंड स्थापना शामिल है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज अयोध्या आएंगे। - इंदौर .डाक टिकटों के संग्रह को लेकर गजब का जुनून रखने वाले इंदौर के 72-वर्षीय एक व्यक्ति ने रामायण पर आधारित सैकड़ों डाक टिकट दुनिया भर से जुटाए हैं। ओमप्रकाश केडिया ने बुधवार को बताया कि वह पिछले 60 साल से डाक टिकट जुटा रहे हैं और उन्होंने पिछले दो-तीन बरस से वैसे डाक टिकट का संग्रहण शुरू किया, जो अलग-अलग देशों ने रामायण की पृष्ठभूमि पर जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके इस संग्रह में भारत के अलावा इंडोनेशिया, नेपाल, लाओस, म्यांमा, थाईलैंड और कम्बोडिया के डाक टिकट शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2018 में आसियान-भारत मैत्री रजत जयंती शिखर सम्मेलन के मौके पर जारी खास डाक टिकट भी उनके संग्रह की शोभा बढ़ा रहे हैं। केडिया ने बताया, ‘‘दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में रामायण की कहानी बहुत मशहूर है और इसे वहां अलग-अलग तरह से प्रस्तुत किया जाता है। इन देशों ने राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान और जटायु सरीखे पात्रों से जुड़ी घटनाओं पर डाक टिकट जारी किए हैं।'' उन्होंने बताया कि ब्रितानी शासनकाल में भारतीय नागरिक पोस्ट कार्ड पर रामायण के दृश्य छपवाते थे और उनके संग्रह में ऐसे दुर्लभ पोस्टकार्ड भी शामिल हैं। डाक विभाग ने केडिया के संग्रह पर यहां एक प्रदर्शनी लगाई है, जो 22 जनवरी तक चलेगी। अयोध्या में भगवान राम के नवनिर्मित मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर लगाई गई यह प्रदर्शनी लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रही है। इंदौर परिक्षेत्र की पोस्टमास्टर जनरल प्रीति अग्रवाल ने बताया,‘‘हम 22 जनवरी को इस प्रदर्शनी के समापन पर राम मंदिर को लेकर विशेष आवरण जारी करेंगे।''
-
पुरी. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को पुरी में ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के आसपास 800 करोड़ रुपये की गलियारा परियोजना का उद्घाटन किया। पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव और लगभग 90 मंदिरों के प्रतिनिधियों एवं हजारों भक्तों की उपस्थिति में पटनायक ने श्री मंदिर परिक्रमा प्रकल्प का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा,''यह परियोजना भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ही पूरी हो पाई।''
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में पार्किंग क्षेत्र, एक नया पुल, तीर्थयात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए एक सड़क, एक तीर्थस्थल केंद्र, प्रसाधन कक्ष की सुविधाएं, क्लॉकरूम, शौचालय और जगन्नाथ मंदिर के आसपास भक्तों के लिए अन्य सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर के लिए तीर्थ नगरी पुरी को फूलों, रंग बिरंगी रोशनी और भित्तिचित्रों से सजाया गया है। -
रामगढ़, झारखंड के रामगढ़ जिले में एक दंपति को अपनी नाबालिग बेटी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नाबालिग ने अपने माता-पिता को अपने बैंक खाते से पैसे देने से इनकार कर दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 वर्षीय नाबालिग 13 जनवरी को अपने कमरे में फंदे से लटकी पाई गई थी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि लड़की के भाई ने भदानीनगर पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके पिता और सौतेली मां ने पैसे देने से इनकार करने पर उसकी बहन की हत्या कर दी और उसके शव को फंदे से लटका दिया। नाबालिग के बैंक खाते में छह लाख सावधि जमा थे और यह अवधि पूरी होने वाली थी।
उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बीरेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि पुलिस ने नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में उसके पिता आरोपी सुनील महतो और उसकी आरोपी पत्नी पूनम देवी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले सोमवार को सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने दंपति को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग को लेकर थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।








.jpg)
.jpg)
.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)



.jpeg)
.jpeg)



