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- नयी दिल्ली. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक ‘‘शहर सौंदर्य प्रतिस्पर्धा'' की शुरुआत की है जिसका मकसद सुंदर, अभिनव और समावेशी सार्वजनिक स्थान बनाने की दिशा में शहरों और वार्डों द्वारा किये गये परिवर्तनकारी प्रयासाों को मान्यता देना और प्रोत्साहित करना है। मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा गया कि इस प्रतिस्पर्धा के तहत शहरों के वार्ड और सार्वजनिक स्थानों का आकलन पांच मुख्य बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा जिसमें पहुंच, सुविधाएं, गतिविधियां, सौंदर्य और पारिस्थितिकी शामिल है। इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।मंत्रालय ने कहा कि ‘‘चयनित वार्डों का शहर और राज्य स्तर पर सम्मान किया जाएगा, लेकिन चार वर्गों जल, हरित स्थल, पर्यटन/विरासत स्थल और बाजार/कारोबारी स्थल के तहत शहरों के सर्वाधिक सुंदर सार्वजनिक स्थलों को पहले राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद चुनिंदा स्थलों को राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार देने पर विचार किया जाएगा।'' मंत्रालय ने बुधवार को शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक पोर्टल शुरू किया ताकि वे इस प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के लिए अपने दस्तावेज सौंप सकें जिसमें तस्वीरें, वीडियो, प्रस्तुति और खुद की ओर से दी गई मूल सूचनाएं शामिल होंगी।
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नागपुर. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की बृहस्पतिवार को प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने और कई अन्य लोगों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि भागवत समाज में अच्छा काम करने वाले लोगों का समर्थन करते रहते हैं।
शिंदे नागपुर में ‘डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्थान' द्वारा संचालित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्योगपति गौतम अडाणी और अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा, ‘‘मोहन भागवत जी हमारे और अन्य सभी के लिए प्रेरणा और ऊर्जा के स्रोत हैं। वह हमेशा अच्छे काम करने वाले लोगों का समर्थन करते हैं। इसलिए, देवेंद्र जी (फडणवीस) ने भी कहा कि एनसीआई के निर्माण में संघ एक प्रेरणा के रूप में खड़ा था। जब आरएसएस और उसके प्रमुख समर्थन देते हैं, तो बड़ी परियोजनाओं का निर्माण संभव हो जाता है।'' मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आरएसएस के दिवंगत विचारक डॉ. आबाजी थत्ते की भी प्रशंसा की।उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली और कैंसर सभी के लिए चुनौती है... उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रतिवर्ष 1.25 लाख लोगों में कैंसर का निदान किया जाता है, जिनमें से 30 से 40 प्रतिशत लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हो जाती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार प्रदान करना सभी के सामने एक चुनौती है और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।'' ठाणे जिले में कोपरी-पचपखड़ी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शिंदे ने कहा कि ठाणे में जल्द ही एक कैंसर अस्पताल बनेगा। इस मौके पर भागवत ने अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ एनसीआई के निर्माण में प्रयास करने के लिए आरएसएस के स्वयंसेवकों की प्रशंसा की। भागवत ने कहा, ‘‘एनसीआई के कर्मचारी मरीजों को स्नेहपूर्ण तरीके से सेवा प्रदान करते हैं।''उन्होंने लोगों से समाज की सेवा के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा बुनियादी जरूरतें हैं, और समाज अब इसके बारे में जागरूक हो गया है। हर कोई अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा चाहता है, और वे इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।'' भागवत ने कहा कि सरकार और प्रशासन अपने-अपने तरीके से इस लक्ष्य को हासिल करने में अपना योगदान दे रहे हैं।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘लेकिन केवल उनका प्रयास ही काफी नहीं है। समाज के प्रयासों की भी जरूरत है क्योंकि यह देश के 148 करोड़ लोगों की जरूरत है।'' फडणवीस ने कहा कि कैंसर के कारण उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। साथ ही उन्होंने कैंसर रोगियों और उनके परिवारों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बात की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी टीम मध्य भारत के लोगों के लिए एक विश्व स्तरीय और किफायती कैंसर उपचार सुविधा का निर्माण करना चाहती है। फडणवीस ने भागवत और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भैयाजी जोशी के मार्गदर्शन के लिए उनकी सराहना करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह संघ की प्रेरणा ही है कि हम सभी इतने अच्छे अस्पताल का निर्माण कर सके।'' इस मौके पर गडकरी ने कहा कि अमेरिका में कैंसर के मरीजों की संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भारत में कैंसर के कारण मरने वाले रोगियों की संख्या बढ़ रही है और इस बीमारी का प्रसार बढ़ रहा है।'' गडकरी ने कैंसर के उचित निदान और उपचार की आवश्यकता पर बल दिया और उम्मीद जताई की कि एनसीआई विदर्भ और मध्य भारत में कैंसर रोगियों की सेवा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर में रेडियो प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्धाटन किया। 100 वॉट के इन ट्रांसमीटरों का शुभारंभ वीडियो क्रॉफ्रेंस के माध्यम से किया गया। ये ट्रांसमीटर 18 राज्यों, 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 84 जिलों में स्थापित किए गए हैं । इनमें दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला और बालोद जिले के दल्लीराजहरा में संस्थापित 100 वॉट क्षमता वाले एफ.एम ट्रांसमीटर भी शामिल है।
प्रधानमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि रेडियो जनता तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री ने व्यापक रूप से श्रोताओं तक पहुंचने के लिए रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम शुरू किया था। अब रविवार 30 अप्रैल को इस कार्यक्रम की ऐतिहासिक 100वीं कड़ी का प्रसारण होना है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 84 जिलों में 91 एफएम ट्रांसमीटर्स के उद्घाटन किए । पीएम मोदी ने कहा, ‘जब रेडियो और एफएम की बात आती है तो इसके साथ मेरा रिश्ता एक भावुक श्रोता के साथ-साथ एक मेजबान का भी है. ।’उन्होंने कहा, ‘आज ऑल इंडिया रेडियो की (एआईआर) एफएम सेवा का विस्तार अखिल भारतीय एफएम बनने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है ।. ऑल इंडिया एफएम के 91 एफएम ट्रांसमीटर्स की शुरुआत देश के 85 जिलों 2 करोड़ लोगों के लिए उपहार है ।’इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘यह एक ऐतिहासिक कदम है।. यह स्थानीय निवासियों के लिए मनोरंजन, खेल और खेती से जुड़ी सूचनाओं को प्रसारित करने में बहुत मददगार होगा. ‘मन की बात’ ने रेडियो की लोकप्रियता बढ़ाई है।. ’प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक देश के 18 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 84 जिलों में 91 नये 100 वाट वाले एफएफ ट्रांसमीटर्स लगाए गए हैं।.बयान के मुताबिक इस विस्तार का विशेष ध्यान आकांक्षी जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में कवरेज बढ़ाने पर है।पीएमओ ने कहा है, ‘बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, लद्दाख और अंडमान निकोबार द्वीप समूह समेत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश इसमें शामिल हैं।. ’पीएमओ ने कहा, ‘एआईआर की एफएम सेवा का विस्तार, जिसमें कि 2 करोड़ लोग शामिल होंगे, जिनके पास इस मीडियम तक पहुंच नहीं है, अब उनकी पहुंच हो सकेगी. इसके परिणामस्वरूप लगभग 35,000 वर्ग किमी क्षेत्र में कवरेज का विस्तार होगा.’ प्रधानमंत्री का दृण विश्वास है कि रेडियों जन तक पहुंचने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.’बयान में कहा गया है कि बड़े स्तर पर संभव ऑडियंस तक पहुंचने के लिए इस अद्वितीय मीडियम की ताकत का इस्तेमाल करने के लिए प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम शुरू की, जो को यह अब 100वे एपिसोड के करीब पहुंच रही है।. -
चंडीगढ. एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज कौर सिंह का कुरूक्षेत्र के एक अस्पताल में बृहस्पतिवार को निधन हो गया । वह 74 वर्ष के थे और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे ।
उन्होंने जनवरी 1980 में एक नुमाइशी मैच में महान मुक्केबाज मुहम्मद अली का सामना किया था । उन्होंने दिल्ली में 1982 एशियाई खेलों में हैवीवेट मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता था । कौर को 1982 में अर्जुन पुरस्कार और 1983 में पद्मश्री से नवाजा गया था ।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व ओलंपियन और अनुभवी मुक्केबाज कौर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है ।'' इससे पहले पंजाब सरकार ने इस महीने स्कूली पाठ्य पुस्तकों में पंजाब के चार महान खिलाड़ियों की जीवनी शामिल करने की घोषणा की थी जिनमें महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर, एथलीट मिल्खा सिंह, ओलंपियन गुरबचन सिंह रंधावा और कौर सिंह शामिल हैं । -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और भारत के चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और निर्यात करने में अग्रणी बनने के प्रयासों को बल मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 157 नए नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी देने का मंत्रिमंडल का निर्णय भारत के इच्छुक नर्सिंग पेशेवरों के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ इन नर्सिंग महाविद्यालयों का बनना संसाधनों के ईष्टतम उपयोग को दर्शाता है।'' केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 1,570 करोड़ रुपये की लागत से 157 नर्सिंग महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी। एक अन्य फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2023 को मंजूरी दे दी ताकि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके और उभरते क्षेत्र को अगले पांच वर्षों में मौजूदा 11 अरब डॉलर (100 करोड़) से बढ़कर 50 अरब डॉलर करने में मदद मिल सके। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा देगा और भारत को चिकित्सा उपकरणों के निर्माण व निर्यात में अग्रणी बनाने के हमारे प्रयासों को आगे बढ़ाएगा।''
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘डबल इंजन' की सरकार होने का सीधा मतलब राज्यों में विकास की दोगुनी रफ्तार से है और इसके ना होने से जनता पर ‘डबल मार' पड़ती है। चुनावी राज्य कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से डिजिटल माध्यम से संवाद करते हुए मोदी ने आग्रह किया कि वे जनता के बीच जाएं और बताएं कि ‘डबल इंजन' सरकार के क्या फायदे हैं। केंद्र व राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने को भाजपा ‘डबल इंजन' की सरकार कहती है। हाल के वर्षों में विधानसभा चुनावों में पार्टी ने इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया है। मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता को समझाएं कि स्थिर सरकार होने के फायदे होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मतदाताओं को बताएं कि कर्नाटक में स्थिरता ना होने की वजह से कितना नुकसान हुआ है और दिल्ली में (केंद्र में) एक स्थिर सरकार होने की वजह से कितना काम हो रहा है। इस बार यहां भी मजबूत और स्थिर सरकार बनाइए।'' मोदी ने कहा, ‘‘डबल इंजन सरकार का सीधा और साधारण मतलब है कि विकास की रफ्तार डबल। बीते नौ वर्षों का यही अनुभव रहा है। जहां-जहां भाजपा की डबल इंजन की सरकार है, वहां-वहां गरीब कल्याण की योजनाएं तेजी से जमीन पर उतरी हैं।'' उन्होंने कहा कि हर घर जल योजना में कर्नाटक सबसे आगे है और यह इसलिए संभव हुआ है कि क्योंकि वहां डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा सरकार नहीं है, वहां वह (सत्ताधारी दल) कोशिश करते हैं कि केंद्र सरकार की कोई भी योजना सफल न हो जबकि कुछ राज्य तो योजना से जुड़ते ही नहीं हैं और कुछ राज्य ऐसे हैं जो योजना का नाम तक बदल देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर यहां ऐसी सरकार आएगी जो बात-बात पर केंद्र सरकार से लड़ती रहेगी, योजनाओं को रोकती रहेगी... अवसंरचना से जुड़ी सारी परियोजनाओं को अटकाती रहेगी... हम सड़कें बनाना चाहेंगे तो जमीन का काम ही धीरे-धीरे करेंगे... तो कैसे निवेश आएगा? निवेश नहीं आएगा तो कर्नाटक में नए रोजगार कैसे सृजित हो पाएंगे? यानी डबल इंजन की सरकार के ना रहने पर जनता पर डबल मार पड़ती है।'' प्रधानमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर ट्रैक्टर के एक पहिये की जगह उसमें मारुति कार का पहिया लगा दें तो वह क्या किसी के काम आएगा? उन्होंने कहा, ‘‘क्या वह खुद ही अपनी बर्बादी करेगा कि नहीं करेगा?'' उन्होंने कहा कि जैसे एक ही प्रकार की व्यवस्था तेज गति देती है, वैसे ही डबल इंजन की सरकार तेज गति देती है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जाकर मतदाताओं को इसके फायदे बताएं। मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा सत्ता हथियाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा एजेंडा 25 साल में देश को विकसित बनाना है, गरीबी से मुक्त बनाना है, नौजवानों के सामर्थ्य को सबसे आगे बढ़ाना है। आने वाले 25 साल में कर्नाटक की विकास यात्रा को नेतृत्व देने के लिए भाजपा एक युवा टीम का निर्माण कर रही है। हमारी कोशिश है कि कर्नाटक में बेंगलुरु जैसे अनेक वैश्विक केंद्र बनें।'' प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पहली बार के मतदाताओं से जरूर मिलें और उन्हें भाजपा को वोट देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, ‘‘लंबे अरसे से कर्नाटक में भाजपा का बड़ा जनाधार रहा है। आप पूर्ण बहुमत की स्थिर भाजपा सरकार के लिए वोट मांगेंगे तो जनता जरूर आशीर्वाद देगी।'' कर्नाटक में 10 मई को मतदान होना है और मतगणना 13 मई को होनी है। -
नयी दिल्ली. संकटग्रस्त सूडान से निकाले जाने के बाद सऊदी अरब से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे हरियाणा के सुखविंदर सिंह ने राहत की सांस लेते हुए कहा, सूडान में ऐसा लग रहा था मानो हम मृत्युशय्या पर थे। पेशे से इंजीनियर सुखविंदर (40) उन 360 भारतीय नागरिकों के पहले जत्थे में शामिल थे, जो भारत के ‘ऑपरेशन कावेरी' निकासी मिशन के तहत बुधवार रात स्वदेश लौटे। हरियाणा के फरीदाबाद के निवासी सुखविंदर ने सूडान में अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि वह ‘‘अब भी बहुत डरे हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम एक इलाके तक सिमटकर रह गए थे। हम एक कमरे तक ही सीमित थे। यह ऐसा था, मानो हम मृत्युशय्या पर हों।'' भारत ने हिंसाग्रस्त सूडान से अपने निकासी अभियान के तहत कम से कम 670 नागरिकों को बाहर निकाला है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले एक फैक्टरी के कर्मचारी छोटू ने यहां पहुंचते ही चिल्लाते हुए कहा, ‘‘मरकर वापस आ गया।'' छोटू ने कहा, ‘‘अब कभी सूडान वापस नहीं जाऊंगा। मैं अपने देश में कुछ भी कर लूंगा, लेकिन वापस नहीं जाऊंगा। '' विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूडान से वापस लौटे भारतीयों की कुछ तस्वीरें ट्विटर पर भी साझा कीं।
उन्होंने लिखा, ‘‘भारत अपनों का स्वागत करता है। ऑपरेशन कावेरी के तहत पहली उड़ान नयी दिल्ली पहुंची और 360 भारतीय नागरिक अपनी सरजमीं पर उतरे।'' पंजाब के होशियारपुर के निवासी तसमेर सिंह (60) ने सूडान में चल रहे संघर्ष के दौरान अपने अनुभव को भयावह बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक शव की तरह थे, एक छोटे-से घर में बिना बिजली, बिना पानी के रह रहे थे। हमने कभी नहीं सोचा था कि जीवन में इस तरह की स्थिति का सामना करेंगे, लेकिन भगवान का शुक्र है कि हम जीवित हैं।'' सूडान में पिछले 12 दिन से देश की सेना और एक अर्धसैनिक बल (रैपिड सपोर्ट फोर्सज) के बीच घातक संघर्ष जारी है, जिसमें कथित तौर पर 400 से अधिक लोग मारे गए हैं। सूडान की सेना और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच गहन बातचीत के बाद 72 घंटे के युद्धविराम पर सहमति बनने के मद्देनजर भारत ने सूडान से भारतीयों को निकालने के अपने प्रयास तेज किए। 'ऑपरेशन कावेरी' के तहत भारत शरणार्थियों को सऊदी अरब के जेद्दा शहर ले जा रहा है, जहां से उन्हें देश वापस लाया जा रहा है। इस बीच, विमानन कंपनी ‘इंडिगो' ने कहा कि उसने 'ऑपरेशन कावेरी' के तहत जेद्दा के लिए चार्टर उड़ान सेवाओं की पेशकश की है। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘हम अब भी यह उड़ान सेवा शुरू करने के लिए मंत्रालय से ब्योरे का इंतजार कर रहे हैं, अभी तक किसी चीज की पुष्टि नहीं हुई है।'' कई राज्यों ने ‘हेल्प डेस्क' खोले हैं और देश में आने के बाद सूडान से निकाले गए भारतीयों के लिए मुफ्त यात्रा और आवास जैसी सहायता की घोषणा की है। - नबरंगपुर (ओडिशा) दी। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर मुठभेड़ के बाद पुलिस ने माओवादियों के एक ठिकाने से कंडोम, गर्भ निरोधक गोलियां और गर्भावस्था जांच किट बरामद किये। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को यहां यह जानकारी दी। माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के बारे में नबरंगपुर की पुलिस अधीक्षक एस सुश्री ने बताया कि ओडिशा पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे नबरंगपुर जिले के रायघर इलाके में माओवादी विरोधी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि बुधवार को सुबह लगभग साढ़े नौ बजे उदंती अभ्यारण्य में सैबिन कछार गांव के पूर्व में पुलिस दलों की 20 से 25 माओवादियों के एक समूह से मुठभेड़ हो गई।उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस दलों को देखते ही माओवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी लगभग आधा घंटे चली। इलाके और घने जंगल का फायदा उठाकर माओवादी शिविर से फरार हो गये।’’ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि माओवादियों के ठिकाने से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि ठिकाने से कंडोम, गर्भ निरोधक गोलियां और गर्भावस्था जांच किट बरामद की गई।उन्होंने बताया कि दो बंदूक भी बरामद की गईं। उन्होंने बताया कि माओवादियों के शिविर से माओवादी पर्चे के अलावा बैनर, डेटोनेटर और खाने का सामान भी मिला है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि माओवादी शिविरों में महिलाओं का यौन शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। इस बीच ओडिशा पुलिस ने छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे मल्कानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। file photo
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नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार गुरुवार को राज्य के मुक्तसर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव में कर दिया गया। पांच बार मुख्यमंत्री रहे दिग्गज अकाली नेता को हजारों गमगीन नागरिकों और नेताओं ने अंतिम विदाई दी। प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया और उनके बेटे तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। बादल का पार्थिव शरीर बुधवार रात मुक्तसर जिले से बादल गांव लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को गांव लाते समय भी राजमार्ग के दोनों ओर लोगों का जमावड़ा नजर आया।
गुरुवार को बादल के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी ट्रैक्टर ट्रॉली पर रखा गया और उनके आवास से करीब एक किलोमीटर दूर परिवार के खेत में ले जाया गया। उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर हाथ जोड़कर खड़े नजर आए।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बादल गांव पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम दर्शन किये। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुग, हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने भी बादल को श्रद्धांजलि दी।पजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा की पंजाब इकाई के प्रमुख अश्विनी शर्मा, कांग्रेस की पंजाब इकाई केप्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पंजाब के पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। गांव में सुरक्षा के भारी बंदोबस्त किये गये थे।इससे पहले सुबह बादल के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए कतार में खड़े नजर आए। बादल के बेटे सुखबीर बादल, पुत्रवधू हरसिमरत कौर बादल, उनकी दो बेटियां और एक बेटा अकाली नेता के पार्थिव शरीर के पास खड़े थे।पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, प्रकाश सिंह बादल के परिवार से अलग हुए उनके भतीजे एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बादल पहली बार 1970 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने और गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया, जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई। वह 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-2017 के बीच भी मुख्यमंत्री रहे। वह 11 बार विधानसभा के लिए चुने गए थे। -
नयी दिल्ली. एक नए अध्ययन ने दुनिया भर में भीषण तापमान के विनाशकारी प्रभावों के जोखिम को झेलने वाले क्षेत्रों को उजागर किया है। ब्रिटेन के ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए शोध में दिखाया गया है कि सामाजिक आर्थिक संवेदनशीलता के साथ मिलकर अभूतपूर्व गर्मी अफगानिस्तान, पापुआ न्यू गिनी और मध्य अमेरिका जैसे कुछ क्षेत्रों को सबसे अधिक संकट में डालती है। यह अध्ययन पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित हुआ। इस अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने चरम विचलन आंकड़ों, जलवायु मॉडल और अनुमानों के बड़े आंकड़ों का उपयोग विश्व स्तर पर उन क्षेत्रों को इंगित करने के लिए किया जहां तापमान का रिकॉर्ड जल्द ही टूटने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप लोगों के अत्यधिक गर्मी का सामना करने का सबसे बड़ा खतरा है। शोधकर्ताओं ने इस बात को लेकर भी आगाह किया कि सांख्यिकीय रूप से असंभव नजर आने वाली चरम सीमाएं कहीं भी हो सकती हैं। उस स्थिति में वर्तमान रिकॉर्ड उस अंतर से टूट जाते हैं जो तब तक असंभव लगते थे जब तक वे घटित नहीं होते। यह अध्ययन जिन क्षेत्रों में किया गया उनमें से 31 फीसदी या एक तिहाई में ये असंभावित घटनाएं देखने को मिली। इसमें 1959 से 2021 के बीच के उन आंकड़ों को लिया गया जिन्हें विश्वसनीय माना गया, जैसे कि 2021 पश्चिमी उत्तरी अमेरिका लू। ब्रिस्टल विवि के काबोट इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंट के जलवायु विज्ञानी और शोध के मुख्य लेखक डॉ. विक्की थॉम्पसन ने कहा, “हम उन क्षेत्रों की पहचान करते हैं जो अब तक इस संकट से बचे रहे हैं - इनमें से कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, कुछ विकासशील देश हैं, कुछ पहले से ही बहुत गर्म हैं। हमें यह पूछने की आवश्यकता है कि क्या इन क्षेत्रों के लिए तापमान को लेकर पर्याप्त कार्य योजनाएं हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति को मंजूरी दे दी, जिसका मकसद देश में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को प्रोत्साहित करना एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी। मांडविया ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि इस नीति में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को लेकर छह सूत्री रणनीति तैयार की गई है तथा इसे लागू करने के लिए कार्य योजना भी तैयार की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत में चिकित्सा उपकरण क्षेत्र एक उभरता हुआ क्षेत्र है जो तेज गति से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक चिकित्सा उपकरण बाजार में इसकी हिस्सेदारी 1.5 प्रतिशत होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपकरण का क्षेत्र अगले पांच वर्षों में मौजूदा 11 अरब डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रूपये) से बढ़कर 50 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, ऐसे में यह उम्मीद है कि यह नीति पहुंच, वहनीयता, गुणवत्ता एवं नवोन्मेष के लोक स्वास्थ्य उद्देश्यों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि देश में 75 प्रतिशत चिकित्सा उपकरणों का आयात किया जाता है। ऐसे में, देश में ही चिकित्सा उपकरण बना कर इस जरूरत को पूरा किया जा सकता है और निर्यात भी किया जा सकता है तथा इसके लिए समग्र प्रयास किये जाने की जरूरत महसूस की गई। मांडविया ने कहा कि इससे देश में चिकित्सा उपकरणों का नियमन समग्र दृष्टिकोण के आधार पर करने में मदद मिलेगी। पिछले वर्ष सरकार ने मसौदा राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति 2022 को विचार विमर्श के लिए जारी किया था। सरकारी बयान के अनुसार, सरकार ने हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश राज्यों में 4 चिकित्सा उपकरण पार्क की स्थापना के लिए चिकित्सा उपकरणों और सहायता के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत पहले ही कर दी है। बयान में कहा गया है कि उपकरणों के लिए पीएलआई योजना के तहत, अब तक कुल 26 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें 1206 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और इसमें से अब तक 714 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया जा चुका है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास तथा अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को संसद मार्ग पर स्थित मुख्य डाकघर में 'महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र' खाता खोला। ईरानी ने डाकघर में कतार में लगकर यह खाता खुलवाने की औपचारिकताएं पूरी कीं। डाकघर के काउंटर पर ही उनका महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (एमएसएससी) खाता खोला गया और कंप्यूटर के जरिये निकाली गई पासबुक उन्हें सौंपी गई। इस मौके पर ईरानी ने महिलाओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा। उन्होंने एमएसएससी और सुकन्या स्मृद्धि योजना के कुछ खाताधारकों के अलावा डाकघर के कर्मचारियों से बातचीत भी की।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 157 सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी जिस पर 1570 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को यह जानकारी दी। मांडविया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि इसके तहत देश में 157 सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोले जायेंगे तथा इन्हें अगले 24 महीने में पूरा करके राष्ट्र को समर्पित किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके लिए 1570 करोड़ रुपये मंजूर किये गए हैं। उन्होंने बताया कि इस फैसले का मकसद देश में नर्सिंग क्षेत्र के पेशेवरों की संख्या बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण, वहनीय एवं समावेशी नर्सिंग शिक्षा प्रदान करना है। एक सरकारी बयान के अनुसार, इसके तहत मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग कॉलेजों की मौजूदा अवसंरचना, कौशल प्रयोगशालाओं, नैदानिक सुविधाओं और संकाय का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। इन नर्सिंग कॉलेजों में हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग का भी पता लगाया जाएगा। इसके अनुसार इस कदम से, हर साल लगभग 15,700 नर्सिंग स्नातक कार्यबल में और जुड़ेंगे। यह भारत में, विशेष रूप से इस सुविधा से वंचित जिलों और राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में गुणवत्तापूर्ण, किफायती और न्यायसंगत नर्सिंग शिक्षा सुनिश्चित करेगा। इसमें कहा गया है कि सरकार अगले दो वर्षों में इस परियोजना को पूरा करने की योजना बना रही है और इसके लिए योजना तथा निष्पादन के प्रत्येक चरण के साथ विस्तृत समय-सीमा निर्धारित की गयी है। बयान के अनुसार केंद्र सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और राज्यों में स्वास्थ्य/चिकित्सा शिक्षा विभागों के प्रमुख सचिवों की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त समिति, कार्य की प्रगति की निगरानी करेगी। इसके अनुसार,योजना के तहत राज्य सरकार/संघ शासित प्रदेश नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यों की भौतिक प्रगति के बारे में नियमित आधार पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को जानकारी प्रदान करेंगे। बयान में कहा गया है कि भारतीय नर्सों की सेवाओं की विदेशों में काफी मान्यता है, इसलिए उनकी गतिशीलता और बेहतर रोजगार के अवसरों को सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय नर्सिंग शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाना महत्वपूर्ण है। बयान के अनुसार इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भौगोलिक और ग्रामीण-शहरी असंतुलन को दूर करना है, जिसके कारण नर्सिंग पेशेवरों की उपलब्धता में कमी आती है और इस सुविधा से वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।
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नयी दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर चुनौती को अवसर में बदलते हैं और यह कोविड-19 महामारी से निपटने में 130 करोड़ देशवासियों के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक प्रदर्शित हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात' आकाशवाणी को युवा पीढ़ी तक ले गई और इस कार्यक्रम की खूबी यह है कि प्रधानमंत्री ने इसकी 99 कड़ियों में एक भी राजनीतिक मुद्दे का जिक्र नहीं किया। शाह ने ‘मन की बात@100' सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जन संवाद के जरिए लोगों तक बराबर ‘मन की बात' पहुंचाई और आकाशवाणी को माध्यम बनाया व लोगों को जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि कई विपक्षी दलों ने महामारी के दौरान लोगों से दीया जलाने और ताली बजाने को लेकर सरकार द्वारा किए गए आह्वान की आलोचना की, लेकिन यह कोविड के खिलाफ लड़ाई में लोगों को जोड़ने का तरीका था।
गृह मंत्री ने कहा, कई विदेशियों ने कोविड-19 महामारी से भारत के सफलतापूर्वक निपटने का राज मुझसे पूछा। मैं आज आपको बताना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर चुनौती को अवसर में बदला। मैंने वर्ष 2001 में गुजरात में भूकंप के दौरान यह देखा था।' उन्होंने कहा, दुनिया के दूसरे हिस्से में कोविड के खिलाफ लड़ाई सरकार लड़ रही थी। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकारों और देश के 130 करोड़ लोगों की सक्रिय सहभागिता से यह लड़ाई सफलतापूर्वक लड़ी गई।'' उन्होंने कहा कि देश की शक्ति को संगठित करने का काम इस मंच (मन की बात) के जरिये किया गया। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात' आकाशवाणी को युवा पीढ़ी तक ले गई और ‘मन की बात' कार्यक्रम की खूबी यह है कि नरेन्द्र मोदी जैसे राजनीतिक व्यक्ति ने इसकी 99 कड़ियों में एक भी राजनीतिक मुद्दे का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा योगदान जाति की राजनीति, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण की समाप्ति और पद्म पुरस्कारों का लोकतंत्रीकरण करना है । शाह ने कहा कि मन की बात' कार्यक्रम की आधे घंटे की कड़ी करोड़ों लोगों को राष्ट्र के प्रति योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि मन की बात लोकतंत्र की बुनियाद पर आधारित है और नेता एवं लोगों के बीच मजबूत संवाद से लोकतंत्र मजबूत होता है। गृह मंत्री ने इस अवसर पर मन की बात की 100वीं कड़ी पर पांच रूपये का डाक टिकट और 100 रूपये का सिक्का जारी किया।
- नोएडा (उप्र) । गौतमबुद्ध नगर जनपद में लोगों को आंगनबाड़ी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे ठगी करने के आरोप में एक महिला के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शोभा ने दादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि तीन अप्रैल को उसके पार्लर और कॉस्मेटिक की दुकान में आरोपी सुनीता नामक एक महिला आई और उसने उससे कहा कि वह आंगनबाड़ी कार्यकत्री है तथा अगर उसे आंगनबाड़ी में नौकरी करनी हो तो कुछ पैसे खर्च करके नौकरी पा सकती है एवं उसे 22 हजार रुपए प्रति महीना वेतन मिलेगा। प्रवक्ता ने बताया कि पीड़िता के अनुसार आरोपी सुनीता ने नौकरी के नाम पर उससे दो बार में 10 हजार रुपए लिये लेकिन बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने जब पता किया तो उसे पता चला कि यह महिला ठग है, तथा वह ऐसा कर दर्जनों लोगों से लाखों रुपए ठग चुकी है। प्रवक्ता ने बताया कि पीड़िता के अनुसार उसके अलावा आरोपी सुनीता ने निधि, सुनील कुमार, लता, सुधा झा, गजराज सिंह, श्रीमती गीता, योगेंद्र यादव, श्रीमती आरती, श्रीमती रानी, श्रीमती मंजू, श्रीमती पूजा, श्रीमती रश्मि, श्रीमती सविता आदि से भी आंगनबाड़ी में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की है। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने बुधवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सरकार की कार्रवाई से कुछ लोग नाराज हैं, लेकिन वह भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ इस लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। मोदी ने रिपब्लिक टीवी के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जो लोग नाराज हैं और शोर मचा रहे हैं, वे पिछले नौ साल में उनकी सरकार द्वारा बनाई गई ईमानदार व्यवस्था को नष्ट करना चाहते हैं, लेकिन वे अपनी साजिशों में सफल नहीं होंगे, क्योंकि विरोधियों की लड़ाई उनके साथ नहीं, बल्कि आम लोगों के खिलाफ है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं और अन्य खर्चों में हजारों करोड़ रुपये की लीकेज खत्म हो गई है, जिससे कुछ लोगों के लिए भ्रष्टाचार का स्रोत रुक गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वे उन्हें गाली नहीं देंगे तो और क्या करेंगे?
यह उल्लेख करते हुए कि उनकी सरकार द्वारा जन धन बैंक खाते, आधार और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 10 करोड़ फर्जी लाभार्थी बाहर हो गए, जिनका अस्तित्व ही नहीं था और जिनकी संख्या दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त आबादी से बड़ी थी। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का स्रोत था और अब इसे रोक दिया गया है।
मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अब कोई आधा उपाय और अलग-थलग दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब इस लड़ाई में एक एकीकृत और संस्थागत तंत्र मौजूद है। उन्होंने कहा, वे (विरोधी) कितना भी बड़ा गठबंधन कर लें, सभी भ्रष्ट लोगों और सभी परिवारवादी को मंच पर आने दें... मोदी अपने रास्ते से पीछे हटने वाला नहीं है। मैंने देश को भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से मुक्त करने का संकल्प लिया है और यह जारी रहेगा। मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने कुछ लोगों के लिए भ्रष्टाचार के जरिये पैसा बनाने के साधन बंद कर दिए हैं, जिससे वे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी उन्हें नष्ट करने में सफल हो भी सकते थे, अगर उनकी लड़ाई केवल उनके साथ होती, लेकिन वे इसलिए सफल नहीं हो रहे हैं, क्योंकि विरोधियों की लड़ाई इस देश के आम लोगों के खिलाफ है। मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने कोविड-19 के प्रकोप के दौरान अपनी 'राजनीतिक पूंजी' को खतरे में डाल दिया, जब उन्होंने वायरस के खिलाफ टीकों के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना। उन्होंने आयात के लिए पैरवी करने वालों पर चुटकी ली और आश्चर्य जताया कि किसके दबाव में उन्होंने ऐसा किया। मोदी ने कहा, मैंने अपनी राजनीतिक पूंजी को बड़े पैमाने पर जोखिम में डाला। मैंने यह केवल देश के लिए किया। उन्होंने कहा कि वह आयात का विकल्प चुनकर खजाना खाली कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा रास्ता नहीं चुना। प्रधानमंत्री ने कहा, गरीब लोगों को अब विश्वास है कि उन्हें उनका सही हिस्सा मिलेगा, यह सही मायने में सामाजिक न्याय है। मोदी ने कहा कि नये भारत की परिवर्तन की कहानी कालातीत और भविष्योन्मुखी दोनों है। उन्होंने कहा, मुद्रा योजना सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को वित्तीय सहायता देने के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 40 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए गए और प्राप्तकर्ताओं में से 70 प्रतिशत महिलाएं थीं।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए 3.75 करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं, जबकि आयुष्मान की स्वास्थ्य बीमा योजना ने गरीबों के 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के लिए भी बड़ा आवंटन किया, पारदर्शिता को बढ़ावा दिया और इसका इस्तेमाल गांवों में स्थायी संपत्ति बनाने के लिए किया। उन्होंने कहा,'पिछले नौ वर्षों में गरीब, वंचित, मध्यम वर्ग, समाज का हर वर्ग अपने जीवन में स्पष्ट बदलाव देख सकता है। आज हम प्रणालीगत दृष्टिकोण के साथ और मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। -
नई दिल्ली। भारत ने हिंसाग्रस्त सूडान से अपने निकासी अभियान के तहत कम से कम 534 नागरिकों को बाहर निकाल लिया है और 360 भारतीयों का पहला जत्था बुधवार रात दिल्ली पहुंच गया। यह अभियान सूडान की सेना और अद्र्धसैनिक बलों के बीच कुछ समय के लिए जारी संघर्षविराम के दौरान चलाया जा रहा है। भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमानों के जरिये सूडान से 256 भारतीयों को निकाला गया है। इससे पहले नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा के माध्यम से इस हिंसाग्रस्त अफ्रीकी देश से 278 नागरिकों को निकाला गया था। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सूडान से अब तक निकाले गए भारतीय नागरिकों की संख्या 534 हो गई है। सूडान से भारतीय नागरिकों को निकालने के अभियान 'ऑपरेशन कावेरी के तहत भारत ने जेद्दा में पारगमन सुविधा स्थापित की है जहां से भारतीयों को यहां लाया जाना है। बुधवार रात को एक व्यावसायिक विमान में जेद्दा से पहला जत्था दिल्ली पहुंचा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे भारतीयों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, भारत अपनों का स्वागत करता है। ऑपरेशन कावेरी के तहत पहली उड़ान नयी दिल्ली पहुंची और 360 भारतीय नागरिक अपनी सरजमीं पर उतरे। दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर सऊदी अरब की एयरलाइन सऊदिया से लोग उतरे तो उनके चेहरे पर मुस्कान देखी जा सकती थी। वे पिछले कुछ दिन से तनावपूर्ण हालात में जी रहे थे। कई लोग राहत के साथ हाथ हिलाते हुए देखे गये। इन लोगों में 19 केरल से हैं। केरल सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भारत ने मंगलवार को हिंसाग्रस्त सूडान से अपने 278 नागरिकों के पहले जत्थे को आईएनएस सुमेधा के जरिये निकाला और वहां फंसे शेष भारतीयों के लिए जरूरी राहत सामग्री पहुंचायी। इसके कुछ ही घंटे बाद भारतीय वायु सेना का परिवहन विमान सी130जे पोर्ट सूडान में उतरा ताकि और भारतीय नागरिकों को वहां से निकाला जा सके। इसके बाद अन्य सी130जे विमान से नागरिकों को निकाला गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार, पहले सी130जे विमान के माध्यम से 121 नागरिकों को और दूसरे विमान से 135 लोगों को बाहर निकाला गया। ज्ञात हो कि सूडान में करीब 3000 भारतीयों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
इस बीच इंडिगो ने कहा कि उसने ऑपरेशन कावेरी के तहत जेद्दा तक अपनी चार्टर उड़ानों की सेवाओं की पेशकश की है। उसने बयान में कहा कि अभी तक किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है।
बहरहाल, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन निकासी अभियान पर नजर रखने के लिए जेद्दा पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि सूडान से निकासी अभियान में भारतीय नौसेना का एक और जहाज आईएनएस तेग शामिल हो गया है। प्रवक्ता ने बताया, आईएनएस तेग सूडान के बंदरगाह पर पहुंच गया है। इसमें और अधिकारी तथा वहां फंसे भारतीयों के लिए राहत सामग्री है। इससे सूडान के बंदरगाह पर कैम्प कार्यालय में निकासी प्रयासों को बल मिलेगा।'' ज्ञात हो कि सूडान में सेना और अद्र्धसैनिक समूह के बीच सत्ता हासिल करने के लिए भीषण संघर्ष जारी है। पिछले 12 दिनों से जारी भीषण लड़ाई में 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सूडान में दोनों पक्षों के 72 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमत होने के बाद भारत ने वहां फंसे अपने नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिये हैं। विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने निकासी अभियान के बारे में कहा था कि सूडान के बंदरगाह और जेद्दा में जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूडान से 3000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित रूप से निकालने की आपातकालीन योजनाओं की तैयारी के निर्देश दिये थे। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व एस. जयशंकर ने भारतीयों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र के अपने समकक्षों से बात की थी। बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ बात की थी। -
नर्ई दिल्ली। ऑपरेशन कावेरी के अंतर्गत संघर्ष प्रभावित सूडान से लगभग 11 सौ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि कल एक सौ 28 भारतीय नागरिकों के छठे जत्थे ने सूडान छोड़ा। इसके साथ सूडान छोडने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या लगभग 11 सौ हो गई है। भारतीय नागरिकों को भारतीय नौसैनिक जहाज और भारतीय वायुसेना के विमान के जरिये संघर्ष प्रभावित इस अफ्रीकी देश से निकाला गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरंदिम बागची ने कहा कि वायु सेना के विमान सी-130जे के जरिये सूडान बंदरगाह से कल रात 128 यात्री जेद्दा के लिए रवाना हुए। इससे पहले शाम को लगभग पांच सौ भारतीय नागरिक जेद्दा के लिए सूडान बंदरगाह से दो अलग-अलग जत्थों में रवाना हुए। भारतीय वायुसेना के विमान सी-130जे से सूडान बंदरगाह से 136 भारतीय नागरिकों का अन्य जत्था जेद्दा पहुंचा। आईएनएस तेग के जरिये सूडान बंदरगाह से 297 यात्री भी रवाना हुए। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने जेद्दा हवाई अड्डे पर सूडान से निकाले गये भारतीय नागरिकों का स्वागत किया। कल ऑपरेशन कावेरी के अंतर्गत सूडान से निकाले गये 360 भारतीय नागरिक पहली उड़ान से नई दिल्ली पहुंचे। सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच संघर्ष जारी है।
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नर्ई दिल्ली वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आज 50 लाख पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से विचार विमर्श किया। इस बातचीत के दौरान राज्य में जोर-शोर से चल रहे चुनाव प्रचार के बीच श्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को सुझाव दिये। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में चुनाव प्रचार करने वाले भाजपा नेताओं को वहां के लोगों से भरपूर स्नेह मिला है। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा में लोगों का विश्वास प्रतिबिम्बित होता है। श्री मोदी ने कहा कि वे कर्नाटक में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जल्द मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि जब बूथ में जीत की संभावना है तो चुनाव में जीत निश्चित है। प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि बूथ स्तर पर जीत दर्ज करने का उनका प्रयास ही पार्टी को जीत दिलाएगा।
राज्य में 10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक में कल से चुनाव प्रचार शुरू करेंगे। वे अगले छह दिनों में 15 जनसभाओं को संबोधित करेंगे और रोड शो भी करेंगे। इसके अतिरिक्त कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बहुत से दिग्गज नेता राज्य का दौरा कर रहे हैं और जनसभाओं और रोड शो में भाग ले रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कल बेंगलूरू में रोड शो और जनसभा करेंगे। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह आज राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे। जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को प्रचार में उतरेंगे। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। कांग्रेस जहां सत्ता विरोधी लहर का लाभ उठाने की कोशिश में है, वहीं भारतीय जनता पार्टी को प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और विकास कार्यों से पर्याप्त मदद मिलने की आशा है। आगामी चुनाव में जनता दल सेक्यूलर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य में दो सौ नौ सीटों पर प्रत्याशी उतारने वाली आम आदमी पार्टी भी इस बार राज्य में अपना खाता खोलने की उम्मीद कर रही है। -
नर्ई दिल्ली। उत्तराखंड में श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह सात बजकर दस मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी हुई। इस अवसर पर मंदिरों को फूलों से सजाया गया। मंदिर के पुजारियों ने प्रारंभिक पूजा संपन्न की। कपाट खोले जाने से पहले बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी भी शुरू हो गयी। इस बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान बद्रीनाथ के दर्शन और पूजन के लिए वहां पहुंचे हैं।
कल मंदिर के पुजारी रावल जी के नेतृत्व में शंकराचार्य गद्दी, उद्धव भगवान, कुबेर, गाडू घड़ा और तेल कलश को पांडुकेश्वर से बद्रीनाथ धाम लाया गया। अब उत्तराखंड में चारों धामों के कपाट तीर्थ यात्रियों के लिए खुल चुके हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर खोले गये जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को खोले गये। प्रशासन ने बद्रीनाथ धाम सहित चारों धामों की यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। -
तिरुवनंतपुरम. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान ट्रेन को मिले भव्य स्वागत की सराहना की और इसे ‘शानदार' बताया। मोदी ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम को राज्य के सबसे उत्तरी जिले कासरगोड से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को मंगलवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। त्रिशूर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का पारंपरिक लोक संगीत की धुनों और ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच भव्य स्वागत किया गया था। बड़ी संख्या में लोग इस ट्रेन की फोटो लेने और उसके साथ सेल्फी खींचने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। रेल मंत्रालय ने त्रिशूर में वंदे भारत एक्सप्रेस को मिले भव्य स्वागत का वीडियो ट्वीट किया था, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “टेरिफिक त्रिशूर (शानदार त्रिशूर)।” मोदी ने मलयालम में भी ट्वीट किया और लिखा, ‘गंभीर त्रिशूर', जिसका मतलब भी ‘शानदार त्रिशूर' होता है।
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सोमनाथ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी भारत में कुछ नया करने का साहस है। उन्होंने कहा कि देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है लेकिन कुछ ताकतें ऐसी भी हैं जो रास्ते से भटकाने की कोशिशें करेंगी। ‘सौराष्ट्र तमिल संगमम' के समापन समारोह को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत विविधता को विशेषता के रूप में जीने वाला देश है और ये विविधता ‘हमें बांटती नहीं, बल्कि हमारे बंधन को मजबूत बनाती है'। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत- श्रेष्ठ भारत' की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री की सोच को आगे बढ़ाता है और यह सौराष्ट्र के तमिलों को अपनी जड़ों के साथ फिर से जुड़ने का एक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा ‘‘आज हमारे पास 2047 के भारत का लक्ष्य है। हमारे सामने गुलामी और उसके बाद सात दशकों के कालखंड की चुनौतियां भी हैं। हमें देश को आगे लेकर जाना है, लेकिन रास्ते में तोड़ने वाली ताकतें भी मिलेंगी, भटकाने वाले लोग भी मिलेंगे। लेकिन, भारत कठिन से कठिन हालातों में भी कुछ नया करने की ताकत रखता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि सौराष्ट्र और तमिलनाडु का साझा इतिहास यह भरोसा भी देता है।
उन्होंने कहा कि इस साझा सांस्कृतिक विरोसत को आगे ले जाकर भारत को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत विविधता को विशेषता के रूप में जीने वाला देश है। हम अलग-अलग भाषाओं और बोलियों को, अलग-अलग कलाओं और विधाओं को जीते हैं। हमारी आस्था से ले करके हमारे अध्यात्म तक, हर जगह विविधता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ये विविधता हमें बांटती नहीं, बल्कि हमारे बंधन को, हमारे संबंधों को मजबूत बनाती है। क्योंकि हम जानते हैं, अलग-अलग धाराएं जब एक साथ आती हैं तो संगम का सृजन होता है। इसलिए, हम नदियों के संगम से लेकर कुम्भ जैसे आयोजनों में विचारों के संगम तक, इन परंपराओं को सदियों से पोषित करते आए हैं।'' मोदी ने कहा कि यही संगम की शक्ति है, जिसे सौराष्ट्र तमिल संगमम आज एक नए स्वरूप में आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज जब देश की एकता ऐसे महापर्वों के रूप में आकार ले रही है, तो सरदार पटेल हमें जरूर आशीर्वाद दे रहे होंगे। ये देश के उन हजारों-लाखों स्वतन्त्रता सेनानियों के सपनों की भी पूर्ति है, जिन्होंने अपना बलिदान देकर 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का सपना देखा था।'' आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर ‘विरासत पर गर्व' के ‘पंच प्राण' के अपने आह्वान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी विरासत पर गर्व तब औऱ बढ़ेगा, ‘जब हम उसे जानेंगे, गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर अपने आपको जानने की कोशिश करेंगे'। उन्होंने कहा कि काशी तमिल संगमम हो या सौराष्ट्र तमिल संगमम, ये आयोजन इसके लिए एक प्रभावी अभियान बन रहा है। मोदी ने कहा कि गुजरात और तमिलनाडु के बीच कितना कुछ है जिसे जान-बूझकर जानकारी से बाहर रखा गया।
उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों के दौर में सौराष्ट्र से तमिलनाडु के पलायन की थोड़ी-बहुत चर्चा इतिहास के कुछ जानकारों तक सीमित रही लेकिन उसके भी पहले, इन दोनों राज्यों के बीच पौराणिक काल से एक गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘सौराष्ट्र और तमिलनाडु का, पश्चिम और दक्षिण का ये सांस्कृतिक मेल एक ऐसा प्रवाह है जो हजारों वर्षों से गतिशील है।'' मोदी ने सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं के हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बड़ी संख्या में लोग अपनी आस्था और पहचान की रक्षा के लिए सौराष्ट्र से तमिलनाडु चले गए और तमिलनाडु के लोगों ने उनका खुले दिल से, परिवारभाव से स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत का इससे बड़ा और बुलंद उदाहरण और क्या हो सकता है?''
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सौराष्ट्र तमिल संगमम' का ये आयोजन केवल गुजरात और तमिलनाडु का संगम नहीं है बल्कि यह देवी मीनाक्षी और देवी पार्वती के रूप में ‘एक शक्ति' की उपासना का उत्सव भी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सरदार पटेल और सुब्रमण्यम भारती के राष्ट्र-प्रथम से ओतप्रोत संकल्प का भी संगम है। हमें इन संकल्पों को लेकर आगे बढ़ना है। हमें इस सांस्कृतिक विरासत को लेकर राष्ट्र निर्माण के लिए आगे बढ़ना है।''
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धार. मध्यप्रदेश के धार शहर में बुधवार को 22 वर्षीय युवती की उसके ठुकराए हुए प्रेमी ने उसके घर के बाहर कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना सुबह करीब 11:30 बजे बसंत विहार कॉलोनी में हुई, जब महिला अपनी बहन के साथ स्कूटर स्टार्ट कर रही थी। धार के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कहा, "शुरुआत में हमें सूचना मिली कि एक अज्ञात व्यक्ति ने एक महिला को गोली मार दी है। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में आरोपी की पहचान दीपक राठौर के रूप में हुई।" उन्होंने बताया कि फरार चल रहे आरोपी राठौड़ पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
सिंह ने कहा कि आरोपी राठौड़ महिला से प्यार करता था और उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था लेकिन उसने उसे ठुकरा दिया। एसपी ने कहा कि 2020 में महिला ने आरोपी राठौड़ के खिलाफ भादंवि की धारा 354 (हमला या किसी भी महिला पर आपराधिक बल का प्रयोग, उसकी लज्जा भंग करने का इरादा) के तहत एक शिकायत दर्ज की इसके बाद 2021 में उसने आरोपी राठौड़ के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज की थी। आरोपी राठौर की मां द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद आरोपी राठौर ने महिला और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी ने दावा किया था कि उसकी मां ने अपनी जान ले ली क्योंकि महिला ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया और उसके परिजनों ने उसका समर्थन किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने महिला को तब गोली मारी बुधवार को जब वह आरोपी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में अदालत जाने की तैयारी कर रही थी। अधिकारी ने कहा कि पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी राठौर की तलाश कर रही है।-file photo
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तराखंड के परिवहन और समाज कल्याण मंत्री चंदन रामदास के निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्होंने इस पहाड़ी राज्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। रामदास का दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को बागेश्वर में निधन हो गया। वह 65 वर्ष के थे।
मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उत्तराखंड सरकार में मंत्री चंदन रामदास के निधन से दुखी हूं। उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया और बड़ी लगन से लोगों की सेवा की। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना।'' बागेश्वर से 2007 से भाजपा के टिकट पर लगातार चार बार विधायक रहे रामदास को पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के लिए एकीकृत, समावेशी और संस्थागत वैश्विक प्रतिक्रिया का आह्वान किया और कहा कि कोविड महामारी ने दिखाया है कि गहराई से आपस में जुड़ी दुनिया में सीमाएं स्वास्थ्य से जुड़े खतरों को रोक नहीं सकती हैं। ‘वन अर्थ, वन हेल्थ- एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023' को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की मौजूदा जी-20 अध्यक्षता के दौरान स्वास्थ्य सेवा के मुद्दों पर सामूहिक प्रतिक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य न केवल हमारे नागरिकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाना है।'' संस्कृत के एक प्राचीन श्लोक का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हर किसी के खुश रहने और बीमारियों से मुक्त होने के समावेशी दृष्टिकोण में विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले भी, जब कोई वैश्विक महामारी नहीं थी, तब भी स्वास्थ्य के लिए भारत का दृष्टिकोण सार्वभौमिक ही था। उन्होंने कहा, ‘‘आज जब हम ‘वन अर्थ, वन हेल्थ' की बात करते हैं तो यह हमारे काम में भी झलकता है। इसके अलावा, हमारी दृष्टि केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है। यह हमारे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र तक फैला हुआ है। पौधों से लेकर जानवरों तक, मिट्टी से लेकर नदियों तक, जब हमारे आसपास सब कुछ स्वस्थ होगा, तभी हम भी स्वस्थ हो सकते हैं।'' यह उल्लेख करते हुए कि भारत ने ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' विषय के साथ अपनी जी-20 अध्यक्षता की यात्रा शुरू की थी, उन्होंने कहा कि वह इस दृष्टिकोण को पूरा करने में लचीली वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के महत्व को समझता है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य न केवल अपने नागरिकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाना है। उन्होंने कहा कि असमानता को कम करना भारत की प्राथमिकता है और वंचितों की सेवा करना उसके लिए आस्था का विषय है। इस सम्मेलन में पश्चिम एशिया, सार्क, आसियान और अफ्रीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के अलावा कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बैठक भारत की जी-20 की अध्यक्षता की थीम से मेल खाती है और कई देशों के सैकड़ों प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, पेशेवर और अकादमिक क्षेत्रों के हितधारकों का होना बहुत अच्छा है। यह वसुधैव कुटुम्बकम के भारतीय दर्शन का प्रतीक है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है।'' मोदी ने कहा, ‘‘सदी में एक बार आने वाली महामारी ने दुनिया को कई सच्चाइयों की याद दिला दी। इसने हमें दिखाया कि गहराई से जुड़ी दुनिया में, सीमाएं स्वास्थ्य से जुड़े खतरों को रोक नहीं सकती हैं। संकट के समय, दुनिया ने यह भी देखा कि कैसे वैश्विक दक्षिण के देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और यहां तक कि संसाधनों तक से वंचित होना पड़ा।'' उन्होंने कहा कि सच्ची प्रगति जन केंद्रित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में चाहे कितनी भी प्रगति की जाए, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान कैसे कई देशों ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के महत्व को महसूस किया। मोदी ने कहा कि भारत को टीकों और दवाओं के माध्यम से जीवन बचाने के महान मिशन में कई देशों का भागीदार होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि मेड-इन-इंडिया टीके भारत के जीवंत विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र द्वारा विकसित किए गए थे और भारत में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेजा कोविड -19 टीकाकरण अभियान चलाया गया। भारत ने अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए 100 से अधिक देशों को टीकों की 30 करोड़ खुराक भी भेजीं। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर उस देश के लिए एक विश्वसनीय मित्र बने रहेंगे जो अपने नागरिकों के लिए अच्छा स्वास्थ्य चाहता है।'' उन्होंने कहा कि बीमारी से मुक्ति को अक्सर अच्छे स्वास्थ्य के बराबर माना जाता है, लेकिन स्वास्थ्य के बारे में भारत का दृष्टिकोण बीमारी से मुक्ति पर नहीं रुकता है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से मुक्त होना कल्याण के रास्ते पर सिर्फ एक चरण है और हमारा लक्ष्य सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण है... हमारा लक्ष्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण है। मोदी ने कहा कि जब समग्र स्वास्थ्य सेवा की बात आती है, तो भारत में प्रतिभा, प्रौद्योगिकी, ट्रैक रिकॉर्ड और परंपरा जैसी कई महत्वपूर्ण ताकतें हैं। उन्होंने देश की नर्सों और अन्य देखभाल करने वालों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया ने भारतीय डॉक्टरों के प्रभाव को देखा है क्योंकि उनकी क्षमता और प्रतिबद्धता के लिए उनका व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर में कई स्वास्थ्य प्रणालियां हैं जो भारतीय पेशेवरों की प्रतिभा से लाभान्वित होती हैं। भारत में संस्कृति, जलवायु और सामाजिक गतिशीलता में जबरदस्त विविधता है। भारत में प्रशिक्षित हेल्थकेयर पेशेवरों को विविध अनुभवों से अवगत कराया जाता है। यह उन्हें कौशल विकसित करने में मदद करता है जो विभिन्न स्थितियों की जरूरतों को पूरा कर सकता है। यही कारण है कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रतिभाओं ने दुनिया का विश्वास जीता है।'' उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति भारत का दृष्टिकोण प्राचीन काल से समग्र रहा है और इसमें निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य की एक महान परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि योग और ध्यान अब ‘वैश्विक आंदोलन' बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि वे आधुनिक दुनिया के लिए प्राचीन भारत के उपहार हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी आयुर्वेद प्रणाली भी स्वास्थ्य के शारीरिक और मानसिक पहलुओं का ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य का एक पूर्ण अनुशासन है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया तनाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के समाधान की तलाश कर रही है। भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में बहुत सारे जवाब हैं। हमारा पारंपरिक आहार जिसमें बाजरा शामिल है, खाद्य सुरक्षा और पोषण में भी मदद कर सकता है।'' मोदी ने कहा कि प्रतिभा, प्रौद्योगिकी, ट्रैक रिकॉर्ड और परंपरा के अलावा भारत में एक ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली है जो सस्ती और सुलभ है। उन्होंने कहा, ‘‘यह घर में हमारे प्रयासों में देखा जा सकता है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा कवरेज योजना है। आयुष्मान भारत पहल में 500 मिलियन से अधिक लोगों को मुफ्त चिकित्सा उपचार के साथ कवर किया गया है। 40 मिलियन से अधिक लोग पहले ही कैशलेस और पेपरलेस तरीके से सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। इससे हमारे नागरिकों के लिए पहले ही लगभग 7 अरब डॉलर की बचत हुई है।
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