राजनांदगांव जिले में धान खरीदी का महाभियान सफलतापूर्वक संपन्न
-124095 किसानों से खरीदा गया 62.53 लाख क्विंटल धान
-किसानों को 1484 करोड़ रूपए का हुआ भुगतान
-कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास हुआ विफल
-सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई
-अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर दिया गया पहरा
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और शासन के किसान हितैषी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य निर्विवाद और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग और सुदृढ़ व्यवस्था के फलस्वरूप पात्र किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। जिले में 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 30 जनवरी 2026 तक चले इस उपार्जन अभियान में कुल 124095 किसानों ने अपना धान विक्रय किया। इस दौरान कुल 6253504 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जिसका कुल मूल्य 1484.57 करोड़ रूपए है। शासन द्वारा इस राशि का भुगतान किसानों के खातों में सुनिश्चित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों के समस्याओं का त्वरित निराकरण और रकबा समर्पण अभियान के दौरान संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 600 से अधिक ऐसे किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया। इनमें पंजीयन, रकबा या फसल संबंधी तकनीकी दिक्कते थी। इसके साथ ही पारदर्शिता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जिले के 71790 किसानों ने स्वेच्छा से 55790 एकड़ रकबे का समर्पण किया। रकबा समर्पण से कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास विफल हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध जिले में अब तक की सबसे प्रभावी कार्रवाई की गई। अन्य राज्यों से अवैध धान खपाने वालों के खिलाफ कुल 243 प्रकरण दर्ज किए गए, जिसमें 43900 क्विंटल धान, (मूल्य 13.60 करोड़ रूपए) और 50 वाहन जप्त किए गए। इस वर्ष शासन द्वारा उपयोग किए गए सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई।
प्रशासनिक नवाचार -
कलेक्टर द्वारा इस वर्ष धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए कई नवाचार किए गए। अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर पहरा दिया गया। प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी और माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई। 50 सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा प्रति सप्ताह केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारियों, समिति प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों, नोडल अधिकारी की साप्ताहिक बैठके लेकर आगामी कार्ययोजना बनाई गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।

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