जिले की 297 ग्राम पंचायतों और 10 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त किए जाने दावा-आपत्ति आमंत्रित
दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जिले की ऐसी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को ’बाल विवाह मुक्त’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहाँ पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कुल 300 ग्राम पंचायतों में से केवल 3 पंचायतों (दुर्ग विकासखण्ड की खोपली व डूमरडीह और धमधा विकासखण्ड की नंदनी खुदिनी) को छोड़कर शेष 297 ग्राम पंचायतों ने बाल विवाह मुक्त होने संबंधी दस्तावेज़ प्रस्तुत किए हैं। इसी प्रकार, जिले के 11 नगरीय निकायों में से भिलाई नगर निगम को छोड़कर शेष 10 नगरीय निकायों में भी पिछले दो वर्षों से बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इन सभी निकायों और पंचायतों को आधिकारिक तौर पर बाल विवाह मुक्त घोषित कर प्रमाण पत्र जारी किया जाना प्रस्तावित है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सूचित किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्थान को इस घोषणा के संबंध में कोई आपत्ति हो या किसी बाल विवाह के प्रकरण की जानकारी हो, तो वे विज्ञप्ति प्रकाशित होने के 07 दिनों के भीतर अपने लिखित प्रमाणों के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पांच बिल्डिंग परिसर, दुर्ग में कार्यालयीन समय (पूर्वान्ह 10.00 से शाम 5.30 बजे तक) में अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।













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