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 हेल्थ प्रॉब्लम्स जिन्हें नजरअंदाज करना महिलाओं को पड़ सकता है भारी

अकसर महिलाएं कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानकर नजरअंदाज करती रहती हैं। ऐसी महिलाएं डॉक्टर के पास भी तब जाती हैं, जब समस्या हद से ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी ही समस्याओं का सबसे कॉमन उदाहरण है लगातार महसूस होने वाली थकान है। महिलाएं अक्सर इसे काम का बोझ या व्यस्त दिनचर्या समझकर टाल देती हैं, लेकिन लगातार बनी रहने वाली थकान एनीमिया, थायरॉयड की समस्या, विटामिन की कमी या लंबे समय के तनाव का संकेत भी हो सकती है। रोजवॉक बाय रेनबो हॉस्पिटल्स की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति सिन्हा से जानते हैं सेहत से जुड़ी ऐसी 5 समस्याओं के बारे में जिन्हें महिलाएं अकसर रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा समझकर नजरअंदाज करती रहती हैं।
बहुत दर्द या ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड्स
कई महिलाएं यह मान लेती हैं कि पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द या अधिक ब्लीडिंग होना सामान्य है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह हमेशा सामान्य नहीं होता। डॉ. स्वाति सिन्हा कहती हैं कि बहुत ज्यादा दर्द, अत्यधिक ब्लीडिंग या पीरियड्स का अनियमित होना कई बार एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का भी संकेत हो सकता है। अगर इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है।
बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होना
कुछ महिलाएं बार-बार होने वाले यूरिन इन्फेक्शन या पेशाब के दौरान महसूस होने वाली जलन को हल्की समस्या समझकर खुद ही दवा ले लेती हैं। लेकिन बार-बार होने वाले यूटीआई कई बार किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है।
पाचन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना
लगातार पेट फूलना, कब्ज या पेट में असहजता जैसी समस्याएं भी अक्सर सामान्य मान ली जाती हैं। हालांकि अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो यह सेहत से जुड़ी कई समस्याओं जैसे हार्मोनल बदलाव, गट हेल्थ से जुड़ी समस्या और अन्य मेडिकल कंडीशन का कारण हो सकती है। इसलिए पाचन से जुड़ी समस्याओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य के संकेतों को अनदेखा करना
चिंता, मूड स्विंग्स, नींद की समस्या या भावनात्मक थकान को अक्सर रोजमर्रा के तनाव का हिस्सा मान लिया जाता है। लेकिन कई मामलों में ये लक्षण मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं या हार्मोनल बदलाव का संकेत हो सकते हैं। अगर इन संकेतों पर ध्यान न दिया जाए, तो मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
असामान्य ब्लीडिंग और अन्य निजी समस्याएं
सीके बिड़ला हॉस्पिटल (दिल्ली) की फिजिशियन डॉक्टर मनीषा अरोड़ा कहती हैं कि कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं जिनके बारे में महिलाएं झिझक के कारण डॉक्टर से बात नहीं करतीं। जिसमें पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग, सेक्स के बाद ब्लीडिंग और सेक्स के दौरान दर्द जैसी समस्याएं शामिल हैं। ये लक्षण कई बार सर्विक्स या यूटरस से जुड़ी समस्या, एंडोमेट्रियोसिस या किसी इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
समय पर पहचान और इलाज क्यों जरूरी है
डॉक्टरों की मानें तो शरीर बार-बार संकेत देता है कि कुछ ठीक नहीं है। अगर इन संकेतों को सामान्य मानकर नजरअंदाज किया जाता रहे, तो बीमारी की पहचान और इलाज में देरी हो सकती है। ऐसे में महिलाओं को चाहिए कि अगर कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहे या असामान्य लगे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपने शरीर के संकेतों को समझना और नियमित हेल्थ चेक-अप करवाना लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है।
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