गुजरात का गरबा नृत्य यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल
नई दिल्ली। यूनेस्को के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए अंतर सरकारी समिति की 18वीं बैठक 5 से 9 दिसम्बर तक बोत्सवाना के कसाने शहर में आयोजित हो रही है। इस दौरान यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में 'गुजरात के गरबा' को शामिल किया है।
गुजरात का गरबा नृत्य इस सूची में शामिल होने वाला भारत का 15वां अमूर्त सांस्कृतिक विरासत है। यह नृत्य सामाजिक और लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। एक नृत्य शैली के रूप में गरबा जन-जन की जड़ों में गहराई से समाया हुआ है जिसमें जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग शामिल हैं जो विभिन्न समुदायों को बिना किसी भेदभाव के एक साथ लाने वाली एक जीवंत परंपरा के रूप में विकसित हो रहा है।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सूची हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के अथक प्रयासों का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि गरबा जीवन, एकता और भारत की गहरी परंपराओं का उत्सव है और अमूर्त विरासत सूची में यह विश्व में भारतीय संस्कृति की सुंदरता को दर्शाता है। श्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सम्मान सभी देशवासियों को भावी पीढ़ियों के लिए देश की विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने इस वैश्विक मान्यता के लिए सभी को बधाई दी।

.jpg)






.jpg)

Leave A Comment