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पिछले एक साल में देशभर में 18,000 रोजगार मेलों के जरिए 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार मिला: सरकार

नयी दिल्ली.  सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित 18,000 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से कुल 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि देश में रोजगार सृजन बढ़ रहा है और बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एकीकृत मंच के रूप में राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल की स्थापना की है। मांडविया ने कहा, "पिछले एक वर्ष में देशभर में 18,000 रोजगार मेले आयोजित किए गए और इस अवधि में कुल 2.22 करोड़ लोगों को रोजगार मिला।" उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में एनसीएस पोर्टल को मजबूत किया गया है और वर्तमान में इससे 55 लाख कंपनियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों के रोजगार मंच भी इस पोर्टल से जोड़े गए हैं। पिछले 10 वर्षों में रोजगार तलाशने वाले छह करोड़ से अधिक युवाओं ने इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा, "एनसीएस पोर्टल को ई-माइग्रेट पोर्टल, युवा-भारत और कौशल विकास मंचों से जोड़ा गया है, ताकि रोजगार के लिए एकल खिड़की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।" मंत्री के अनुसार, बिहार में एनसीएस पोर्टल पर 53 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 39.8 लाख को चुन कर उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित किए गए। उन्होंने बताया कि कुल 4.5 लाख युवाओं ने रोजगार मेलों में भाग लिया, जिनमें से 90,000 को चुना गया और केंद्र व राज्य स्तर की कंपनियों ने 43,000 लोगों को रोजगार दिया। अपने लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकारों, मंत्रालयों और विभागों द्वारा नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय नियोक्ताओं और रोजगार चाहने वालों के बीच संपर्क स्थापित करना है। मंत्री ने बताया कि 20 जनवरी 2026 तक बिहार में एनसीएस परियोजना के तहत 3,280 रोजगार मेले आयोजित किए गए, जिनमें 8,492 नियोक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि एनसीएस पोर्टल पर अंतिम नियुक्ति आंकड़ों की सूचना देना अनिवार्य नहीं है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मांडविया ने बताया कि आरबीआई आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में 17 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि 2004-14 के दौरान जहां रोजगार के अवसर 44.23 करोड़ से बढ़कर 47.15 करोड़ हुए, वहीं 2024 के आंकड़ों के अनुसार देश में 64.33 करोड़ रोजगार अवसर उपलब्ध कराए गए। मंत्री ने कहा, "भारत में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है, जो विकसित देशों से भी कम है।"
''गिग'' श्रमिकों से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह रोजगार का एक नया स्वरूप है और एक अनुमान के मुताबिक, देश में करीब दो करोड़ ''गिग वर्कर'' कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नयी श्रम संहिता (लेबर कोड) से उनकी सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। ''गिग वर्कर'' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्‍थायी होता है।

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